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जिलाधिकारी की अध्यक्षता में गौ सेवकों के साथ गौ संरक्षण के संबंध में बैठक संपन्न

April 8, 2026

जिलाधिकारी की अध्यक्षता में गौ सेवकों के साथ गौ संरक्षण के संबंध में बैठक संपन्न


( संजीव गुप्त द्वारा )
शाहजहांपुर 7 अप्रैल। जिलाधिकारी धर्मेंद्र प्रताप सिंह की अध्यक्षता में गौ सेवकों के साथ गौ संरक्षण के संबंध में बैठक कलेक्ट्रेट स्थित बिस्मिल सभागार में आयोजित की गई‌। बैठक में गौ संरक्षण एवं गौशालाओं को आत्मनिर्भर बनाने पर विचार किया गया। जिलाधिकारी ने बताया कि जनपद में 17 बृहद गौशालाएं संचालित है तथा 14 निर्माणधीन है। गौशालाओं को आत्मनिर्भर बनाने के लिए गोबर गैस, वर्मी कंपोस्ट जैसे अन्य कार्य किए जाए। उन्होंने बताया कि गौशालाओं के देखने के लिए तीन लोगों की कमेटी का गठन किया जाएगा। नैनीताल ढाबा के सामने नेशनल हाईवे पर गोवंशों के लिए ट्रामा सेंटर बनाने की कार्रवाई की जाएगी। गौशालाओं के पास चारागाह की जमीन पर हरा चारा बुवाई की जाएगी। जिलाधिकारी ने बताया कि गोवंश बीमार होने पर या चोट लगने पर एनिमल एंबुलेंस के लिए टोल फ्री नंबर 1962 पर कॉल कर सकते हैं।
इस अवसर पर मुख्य विकास अधिकारी डॉ अपराजिता सिंह, मुख्य पशु चिकित्सा अधिकारी डॉ राजेंद्र प्रताप एवं जिला पंचायत राज अधिकारी प्रमोद यादव सहित गौ संरक्षक मौजूद रहे।

बेमौसम बारिश से हुए फसलों के नुकसान की भरपाई के लिए किसानों को मिले वाजिब मुआवजा : मुख्य सचिव

Santosh Kumar Singh Gorakhpur
08/04/2026

गोरखपुर। 8अप्रैल/ प्रदेश में हाल ही में हुई बेमौसम बारिश और ओलावृष्टि से किसानों की फसलों को हुए व्यापक नुकसान को गंभीरता से लेते हुए उत्तर प्रदेश के मुख्य सचिव एस.पी. गोयल ने सभी जिलाधिकारियों को किसानों को जल्द और वाजिब मुआवजा उपलब्ध कराने के निर्देश दिए हैं। मुख्य सचिव ने वीडियो कांफ्रेंसिंग के जरिए प्रदेश के अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक की, जिसमें गोरखपुर जनपद से जिलाधिकारी दीपक मीणा, मुख्य विकास अधिकारी शाश्वत त्रिपुरारी, मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. राजेश झा, मुख्य राजस्व अधिकारी हिमांशु वर्मा सहित अन्य संबंधित अधिकारी उपस्थित रहे।
वीडियो कांफ्रेंसिंग के दौरान मुख्य सचिव एस.पी. गोयल ने निर्देश दिए कि फसल नुकसान का सर्वेक्षण पूरी पारदर्शिता और तत्परता के साथ कराया जाए। उन्होंने कहा कि किसानों को किसी भी प्रकार की असुविधा नहीं होनी चाहिए और मुआवजा वितरण की प्रक्रिया समयबद्ध तरीके से जल्द पूरी की जाए। उन्होंने यह भी कहा कि राजस्व एवं कृषि विभाग की टीमें संयुक्त रूप से प्रभावित क्षेत्रों का स्थलीय निरीक्षण करें और वास्तविक नुकसान का आंकलन सुनिश्चित करें।
मुख्य सचिव ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि सर्वेक्षण में किसी प्रकार की लापरवाही या अनियमितता पाए जाने पर संबंधित अधिकारियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने कहा कि शासन की प्राथमिकता है कि हर प्रभावित किसान तक राहत पहुंचे और उसे उसकी फसल के अनुरूप उचित मुआवजा मिले। इसके लिए ई-डिस्ट्रिक्ट पोर्टल के माध्यम से भी सभी सूचनाओं को अपडेट रखने के निर्देश दिए गए, ताकि पारदर्शिता बनी रहे और किसी भी स्तर पर गड़बड़ी की गुंजाइश न रहे।
जिलाधिकारी दीपक मीणा ने मुख्य सचिव को अवगत कराया कि गोरखपुर जनपद में प्रभावित क्षेत्रों का सर्वे कार्य तेजी से कराया जा रहा है और संबंधित विभागों की टीमें लगातार फील्ड में कार्य कर रही हैं। उन्होंने बताया कि किसानों से प्राप्त शिकायतों का भी प्राथमिकता के आधार पर निस्तारण किया जा रहा है। डीएम ने आश्वस्त किया कि शासन के निर्देशों के अनुरूप सभी पात्र किसानों को समय से मुआवजा दिलाया जाएगा।
सीडीओ शाश्वत त्रिपुरारी ने बताया कि ग्राम स्तर पर निगरानी के लिए टीमों का गठन किया गया है, जिससे सर्वे कार्य में तेजी लाई जा सके। वहीं सीआरओ हिमांशु वर्मा ने बताया कि राजस्व विभाग द्वारा नुकसान का आंकलन निर्धारित मानकों के अनुसार किया जा रहा है और रिपोर्ट जल्द ही शासन को प्रेषित की जाएगी।
बैठक के दौरान मुख्य सचिव ने स्वास्थ्य विभाग को भी सतर्क रहने के निर्देश दिए, ताकि बेमौसम बारिश के बाद फैलने वाली बीमारियों पर नियंत्रण रखा जा सके। सीएमओ डॉ. राजेश झा को निर्देशित किया गया कि ग्रामीण क्षेत्रों में स्वास्थ्य सेवाओं को और सुदृढ़ किया जाए।
अंत में मुख्य सचिव एस.पी. गोयल ने दोहराया कि किसानों की समस्याओं का त्वरित समाधान सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है और इसमें किसी प्रकार की ढिलाई बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने सभी अधिकारियों से समन्वय के साथ कार्य करने और राहत कार्यों को शीघ्रता से पूरा करने की अपेक्षा जताई।

मुजफ्फरनगर में ट्रांसफार्मर चोरी का मामला डीएम तक पहुंचा, जेई पर गंभीर आरोप

मुजफ्फरनगर। सिसौली से सरकारी ट्रांसफार्मर और बिजली के पोल चुराने के गंभीर आरोपों के साथ-साथ एक कर्मचारी के उत्पीड़न का मामला जिलाधिकारी के दरबार तक पहुँच गया है। चोरी या कथित आरोप विभाग के जे•ई• पर है ।

जनपद के विद्युत विभाग में एक जूनियर इंजीनियर (जेई) की करतूतों ने विभाग की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। सिसौली से सरकारी ट्रांसफार्मर और बिजली के पोल चुराने के गंभीर आरोपों के साथ-साथ एक कर्मचारी के उत्पीड़न का मामला जिलाधिकारी के दरबार तक पहुँच गया है।

ग्राम दिनकरपुर निवासी शिवम त्यागी ने जिलाधिकारी को सौंपे शिकायत पत्र में आरोप लगाया है कि संबंधित जेई ने सिसौली से दो ट्रांसफार्मर और बिजली के लोहे के पोल चोरी किए। इन सामानों को दिनकरपुर क्षेत्र के बिजलीघर के पास एक खेत में छिपाया गया था। आरोप है कि बाद में जेई ने मिलीभगत कर उन दोनों ट्रांसफार्मरों को वहां से भी ‘गायब’ कर दिया। शिवम त्यागी ने दावा किया कि उनके पास इस चोरी के पोल छिपाने का वीडियो और अधिकारियों के साथ हुई बातचीत की कॉल डिटेल मौजूद है, जो इस भ्रष्टाचार की पोल खोलते हैं।

पीड़ित शिवम त्यागी ने बताया कि उनके पिता मांगेराम त्यागी, जो विद्युत विभाग में ही कार्यरत हैं, उन्हें जेई द्वारा लगातार ‘डबल ड्यूटी’ करने के लिए मानसिक रूप से प्रताड़ित किया जा रहा है शिवम त्यागी ने जिलाधिकारी से पूरे मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की है। उन्होंने कहा कि भ्रष्ट जेई के खिलाफ कठोर कानूनी कार्रवाई होनी चाहिए। साथ ही, उन्होंने अपने पिता को डबल ड्यूटी के दबाव से मुक्त कराने और उनका बकाया वेतन दिलाने की भी अपील की है।

इस घटना ने बिजली विभाग में भ्रष्टाचार के एक बड़े रैकेट की आशंका को जन्म दिया है, जिस पर अब प्रशासन क्या कदम उठाता है, यह देखने वाली बात होगी।

एटा में बिजली तार गिरने से खेत में गेहूं की फसल जलकर हुई राख

राजस्व विभाग ने नुकसान का आंकलन कर मुआवजे का दिया आश्वासन

एटा 08 अप्रैल उप्रससे। जनपद में अलीगंज तहसील के ग्राम गुनामई में बुधवार को बिजली का तार टूटकर खेत में गिरने से गेहूं की फसल में आग लग गई। इस घटना में पांच किसानों की लगभग एक एकड़ गेहूं की फसल जलकर राख हो गई।

प्राप्त जानकारी के अनुसार, ग्राम गुनामई निवासी किसान रामपाल, राजीव, हरिओम और मुन्नालाल के खेतों में गेहूं की फसल लहलहा रही थी। बुधवार को बिजली के तार से निकली चिंगारी ने तेजी से फसल को अपनी चपेट में ले लिया। आग की लपटें इतनी तेज थीं कि किसान पास जाने की हिम्मत नहीं जुटा पाए। ग्रामीणों ने इकट्ठा होकर पाइपों की मदद से आग पर काबू पाने का प्रयास किया, लेकिन तब तक लगभग एक एकड़ गेहूं की फसल पूरी तरह जलकर राख हो चुकी थी। ग्रामीणों ने कड़ी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया।
ग्रामीणों ने घटना की सूचना राजस्व विभाग को दी। सूचना मिलते ही लेखपाल राजेश चौधरी मौके पर पहुंचे और घटना का संज्ञान लिया।

तहसीलदार संजय सिंह ने बताया कि राजस्व टीम को मौके पर भेजा गया है और नुकसान का आकलन किया जा रहा है। जांच रिपोर्ट के आधार पर प्रभावित किसानों को सरकारी प्रावधानों के अनुसार उचित मुआवजा देने का प्रयास किया जाएगा। सरकार द्वारा हर संभव मदद मुहैया करवाई जाएगी।

सीतापुर के युवाओं का UPPCS-2024 में जलवा

समाज कल्याण मंत्रालय की कोचिंग से मिली सफलता
निःशुल्क कोचिंग और अभ्युदय योजना से तैयार हुए अभ्यर्थी
सुधांशु सिंह बने असिस्टेंट कमिश्नर (कमर्शियल टैक्स) तो अंशू सिंह बनीं कमर्शियल टैक्स ऑफिसर
विकास कुमार राज ने नायब तहसीलदार बनकर नाम किया रौशन
सीतापुर (उ०प्र० समाचार सेवा)। असीम अरुण, समाज कल्याण राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) ने कहा कि
हमारा लक्ष्य है कि प्रदेश का कोई भी प्रतिभाशाली युवा आर्थिक अभाव के कारण अपने सपनों से वंचित न रहे। मुख्यमंत्री अभ्युदय योजना और निःशुल्क कोचिंग के माध्यम से हम युवाओं को समान अवसर दे रहे हैं। यह सफलता इस बात का प्रमाण है कि सही मार्गदर्शन और संसाधन मिलने पर हमारे युवा किसी भी प्रतियोगिता में उत्कृष्ट प्रदर्शन कर सकते हैं।
आर्थिक और सामाजिक चुनौतियों के बीच भी सफलता हासिल करना आसान नहीं होता, लेकिन समाज कल्याण मंत्रालय की निःशुल्क कोचिंग और मुख्यमंत्री अभ्युदय योजना से जुड़े अभ्यर्थियों ने यह कर दिखाया है। कोचिंग और योजना से मिले मार्गदर्शन, अध्ययन सामग्री और विशेषज्ञ शिक्षकों के सहयोग से सीतापुर के सुधांशु सिंह, अंशू सिंह और विकास कुमार राज ने उत्तर प्रदेश सम्मिलित राज्य/प्रवर अधीनस्थ सेवा परीक्षा UPPCS-2024 परीक्षा में सफलता हासिल कर अपने सपनों को साकार किया।
निःशुल्क कोचिंग से मिली नई दिशा गौरतलब है कि समाज कल्याण मंत्रालय द्वारा गोमती नगर स्थित भागीदारी भवन में संचालित नि:शुल्क आवासीय कोचिंग और मुख्यमंत्री अभ्युदय योजना के अंतर्गत प्रदेश भर में परीक्षा पूर्व प्रशिक्षण केंद्र संचालित किए जा रहे हैं। समाज कल्याण विभाग के राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) श्री असीम अरुण के नेतृत्व में इन केंद्रों ने प्रतिभाशाली युवाओं को वह मंच दिया है, जिससे वे अपने सपने साकार कर रहे हैं।
हॉस्टल से लेकर लाइब्रेरी तक की सुविधा भागीदारी भवन के संयुक्त निदेशक आनंद कुमार सिंह ने बताया कि अनुसूचित जाति, जनजाति और अन्य पिछड़ा वर्ग के प्रतिभावान अभ्यर्थियों को कोचिंग सत्र के दौरान अभ्यर्थियों को नि:शुल्क हॉस्टल, भोजन, लाइब्रेरी और नियमित कक्षाओं की सुविधा बिल्कुल मुफ्त मिलती है। इसके साथ ही विषय विशेषज्ञ नियमित रूप से क्लास लेते हैं और मुख्य परीक्षा पर फोकस करते हुए उत्तर लेखन का अभ्यास, मॉडल टेस्ट करवाए जाते हैं। वहीं अभ्युदय योजना प्रदेश के 75 जिलों में 166 प्रशिक्षण केंद्रों के माध्यम से संचालित की जा रही है, जिसके तहत विद्यार्थियों को यूपीएससी, यूपीपीएससी, जेईई, नीट, एनडीए, सीडीएस जैसी राष्ट्रीय और राज्य स्तरीय परीक्षाओं की तैयारी निःशुल्क करवाई जाती है।

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