Web News

www.upwebnews.com

राष्ट्रीय शैक्षिक महासंघ का वार्षिक चुनाव सम्पन्न

February 16, 2026

राष्ट्रीय शैक्षिक महासंघ का वार्षिक चुनाव सम्पन्न

अशोक सोलंकी निर्विरोध अध्यक्ष और राजकुमार बने मंत्री
मथुरा (​चौमुहाँ)। बढ़ौता रोड स्थित सीएसआरवी विद्या आश्रम में राष्ट्रीय शैक्षिक महासंघ की ब्लॉक इकाई का त्रिवार्षिक निर्वाचन एवं शैक्षिक संगोष्ठी हर्षोल्लास के साथ संपन्न हुई। चुनाव में लोकतांत्रिक प्रक्रिया का पालन करते हुए अशोक कुमार सोलंकी को निर्विरोध अध्यक्ष और राजकुमार सिंह को मंत्री चुना गया।
​चुनाव अधिकारी गोविंद सिंह चौहान और पर्यवेक्षक वीरेंद्र शर्मा की देखरेख में दोपहर 2 बजे मतदान प्रक्रिया शुरू हुई। अध्यक्ष और मंत्री पद के लिए एक-एक नामांकन आने के कारण दोनों को निर्विरोध निर्वाचित घोषित किया गया। इसके साथ ही कार्यकारिणी के अन्य महत्वपूर्ण पदों पर भी नियुक्तियां की गई। हरिओम शर्मा को संरक्षक, हरनारायण सिंह को ​वरिष्ठ उपाध्यक्ष, पृथ्वीराज पोइया को कोषाध्यक्ष चुना गया।
​नवनिर्वाचित अध्यक्ष अशोक सोलंकी ने पदभार ग्रहण करते हुए कहा, “संगठन ने मुझ पर जो भरोसा जताया है, मैं उस पर खरा उतरने का प्रयास करूँगा। शिक्षकों के मान-सम्मान से कोई समझौता नहीं होगा और उनके हितों के लिए पूरी निष्ठा से संघर्ष किया जाएगा।”
​कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित खंड शिक्षा अधिकारी कैलाश प्रसाद शुक्ला ने पदाधिकारियों को आशीर्वाद दिया और संगठन को भरोसा दिलाया कि शिक्षकों की विभागीय समस्याओं का त्वरित निराकरण किया जाएगा। हिंदू इंटर कॉलेज के प्रधानाचार्य डॉ. गिर्राज सिंह ने भी नई टीम को शुभकामनाएं दीं। इस अवसर पर जिलाध्यक्ष अंजना शर्मा, हेमराज, जिला महामंत्री इंद्रपाल सिंह, मनोज रावत, गोवर्धन दास गुप्ता, राजेश वर्मा, ऊषा पचौरी, वर्षा बघेल, रेखा दीक्षित, और लोकेश शर्मा सहित भारी संख्या में शिक्षक-शिक्षिकाएं मौजूद रहे

मथुरा रामघाट से निकली 5वीं डांक कांवड़ यात्रा श्रद्धा और उल्लास के साथ संपन्न

मथुरा। श्याम सुंदर कॉलोनी निवासी संजय चौधरी एवं तरुण वर्मा के संयोजन में आयोजित 5वीं डांक कांवड़ यात्रा इस वर्ष भी गहन आस्था, उत्साह और धार्मिक गरिमा के साथ संपन्न हुई। पावन तीर्थस्थल रामघाट से कांवड़ियों ने विधि-विधान के साथ पवित्र जल भरकर भगवान शिव के जयघोष के बीच पदयात्रा प्रारंभ की। यात्रा के शुभारंभ से पूर्व विधिवत पूजा-अर्चना की गई तथा समस्त श्रद्धालुओं ने क्षेत्र की सुख-समृद्धि और शांति की कामना की।
‘बोल बम’ और ‘हर-हर महादेव’ के उद्घोष से संपूर्ण वातावरण शिवमय हो उठा। यात्रा मार्ग में विभिन्न स्थानों पर श्रद्धालुओं एवं सामाजिक संगठनों द्वारा कांवड़ियों का पुष्पवर्षा कर भव्य स्वागत किया गया। कई स्थानों पर शीतल पेयजल, फल एवं प्रसाद की व्यवस्था भी की गई, जिससे कांवड़ियों को विशेष सहयोग मिला। महिलाओं और युवाओं की सहभागिता ने यात्रा में अलग ही उत्साह भर दिया।
मथुरा पहुंचने पर कांवड़ियों ने विधिवत जलाभिषेक कर भगवान शिव का रुद्राभिषेक एवं विशेष पूजन किया। श्रद्धालुओं ने परिवार और समाज की उन्नति की कामना करते हुए भक्ति भाव से आराधना की। संपूर्ण यात्रा अनुशासन, एकता और सौहार्द का प्रतीक बनी रही।
यात्रा में संजय चौधरी, तरुण वर्मा, लोकेश वर्मा, विराट सोनी, बंटी वर्मा, यशवीर वर्मा, प्रिंस सोनी, वंशिका सोनी, प्रियंका सोनी, कृष्णा चौधरी, योगेश, योगेंद्र चौधरी, पवन वर्मा, जीतू वर्मा, मयंक वर्मा, करन चौधरी, कान्हा चौधरी, शैलेश सारस्वत एवं केशव वर्मा सहित बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने सक्रिय भागीदारी निभाई।
स्थानीय प्रशासन द्वारा यात्रा को सकुशल संपन्न कराने हेतु व्यापक सुरक्षा व्यवस्था की गई थी। पुलिस बल यात्रा मार्ग पर तैनात रहा और यातायात व्यवस्था को सुचारु बनाए रखा गया। शांतिपूर्ण और भक्तिमय वातावरण में संपन्न हुई इस कांवड़ यात्रा ने क्षेत्र में धार्मिक आस्था और सामाजिक एकता का संदेश दिया।

अलीगढ़ कोर्ट में बम सूचना के बाद हाथरस न्यायालय में बढ़ी सतर्कता

हाथरस। जिला एवं सत्र न्यायालय अलीगढ़ में बम की सूचना मिलने के बाद जिला एवं सत्र न्यायालय हाथरस परिसर में भी अफरा-तफरी का माहौल बन गया। सूचना मिलते ही अलीगढ़ में पुलिस प्रशासन ने एहतियातन कोर्ट परिसर खाली करा दिया। घटना की जानकारी हाथरस पहुंचते ही यहां के अधिवक्ताओं में सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ गई।
हाथरस के अधिवक्ताओं ने मोबाइल के माध्यम से अलीगढ़ के अपने संपर्की अधिवक्ताओं से कुशल-क्षेम पूछी और स्थिति की जानकारी ली। साथ ही पुलिस-प्रशासन से हाथरस न्यायालय में सुरक्षा के कड़े इंतजाम करने की मांग की।
अधिवक्ताओं ने याद दिलाया कि 21 फरवरी 2008 को हाथरस न्यायालय परिसर में दिन-दहाड़े पांच हत्याएं हुई थीं। इससे पूर्व एक बम कांड में साइकिल स्टैंड कर्मी सहित दो लोगों की मौत हो चुकी है। इसके अलावा भी न्यायालय परिसर में कई गंभीर घटनाएं और सुरक्षा चूक की घटनाएं सामने आ चुकी हैं। एक मामले में आरोपी पर हमला करने आए व्यक्ति को रंगे हाथ पकड़ लिया गया था।
अलीगढ़ की घटना के बाद अधिवक्ताओं ने कहा कि पूर्व की घटनाओं को देखते हुए सुरक्षा व्यवस्था मजबूत किया जाना बेहद आवश्यक है। उनका कहना है कि पहले भी पुलिस-प्रशासन को ज्ञापन दिया जा चुका है और अब पुनः अधिकारियों से मिलकर न्यायालय परिसर की सुरक्षा दुरुस्त करने की मांग की जाएगी।

बलदेव नगर में सूने घर से सात लाख की चोरी

हाथरस। शहर के बलदेव नगर, कोटा रोड क्षेत्र में सूने मकान को निशाना बनाते हुए अज्ञात चोर करीब सात लाख रुपये मूल्य के जेवरात और नकदी चोरी कर ले गए। घटना के समय परिवार गांव गया हुआ था, जिसका फायदा उठाकर चोरों ने वारदात को अंजाम दिया।
पीड़ित वीरेंद्र पाराशर पुत्र विनोद पाराशर ने बताया कि उनका मूल निवास दाऊजी के पास अतरौली क्षेत्र में है। शनिवार 14 तारीख को शाम लगभग पांच बजे वह परिवार सहित गांव गए थे। रविवार रात करीब 8 से 8:30 बजे के बीच लौटने पर देखा कि घर का मुख्य गेट खुला था और ताला गायब था। अंदर जाने पर ऊपर के कमरे का ताला टूटा मिला और सामान बिखरा पड़ा था।
जांच में पता चला कि दो अंगूठियां, एक पेंडेंट, एक मंगलसूत्र, कान के झाले, दो जोड़ी पाजेब सहित कीमती जेवरात चोरी हो गए। एक गुल्लक भी नहीं मिली, जिसमें करीब चार से छह हजार रुपये नकद रखे थे। चोरी गए सामान की कुल कीमत लगभग सात लाख रुपये बताई गई है।
सूचना पर पुलिस मौके पर पहुंची और घटनास्थल का निरीक्षण किया। आसपास के लोगों से पूछताछ कर साक्ष्य जुटाए गए हैं। तहरीर के आधार पर मामले की जांच शुरू कर दी गई है। घटना के बाद क्षेत्र में दहशत का माहौल है और लोग रिहायशी इलाकों में बढ़ती चोरी की घटनाओं को लेकर चिंता जता रहे हैं।

संघ की दृष्टि पूर्णतया भारतीय चिंतन पर आधारित है – डॉ. मोहन भागवत जी

गोरखपुर, 15 फरवरी 2026। संघ शताब्दी वर्ष के निमित्त राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ गोरक्ष प्रांत की ओर से तारामंडल स्थित बाबा गम्भीरनाथ प्रेक्षागृह में आयोजित प्रमुख जन गोष्ठी में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के सरसंघचालक डॉ. मोहन भागवत जी ने कहा कि संघ की दृष्टि पूर्णतया भारतीय चिंतन पद्धति से ही विकसित हुई है। आज समाज में संघ से अपेक्षाएँ बढ़ी हैं। विश्व के पास ऐसा कोई तरीका नहीं है जो समाज को सुख और शांति दे सके। इसलिए वह भी हमारी तरफ आशा भरी नजरों से देख रहा है। उन्होंने कहा कि भारतवर्ष में पाश्चात्य चिंतन का प्रभाव पड़‌ने लगा था, जिसने भारतीय ज्ञान परम्परा को खण्डित करने का प्रयत्न किया और अपने चिंतन को स्थापित करने का प्रयास किया। किन्तु उनकी चिंतन पद्धति अधूरी थी। भारतीय ज्ञान परम्परा पर आधारित हमारी चिंतन पद्धति ही समाज में उत्पन्न शंकाओं का समाधान कर सकती है।

« Newer PostsOlder Posts »