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एटा में 251 मीटर लंबी हनुमान पूंछ वाली कांवड़ बनी आकर्षण का केंद्र

August 25, 2026

एटा में 251 मीटर लंबी हनुमान पूंछ वाली कांवड़ बनी आकर्षण का केंद्र

एटा 24 अगस्त उप्रससे। जनपद में सावन के पावन महीने में आज सोमवार को आस्था, भक्ति और धार्मिक कल्पना का अनोखा संगम देखने को मिला। 251 मीटर लंबी हनुमान की पूंछ वाली विशाल कांवड़ लोगों के आकर्षण का केंद्र बनी रही। इस अनूठी कांवड़ को लेकर रविवार को फिरोजाबाद जिले के गांव नाउआ से करीब 40 शिवभक्त सोरोंजी के लहरा गंगाघाट पहुंचे। यहां श्रद्धालुओं ने गंगा स्नान कर विधि-विधान से पूजा-अर्चना की और कांवड़ में पवित्र गंगाजल भरा।
कांवड़ में शामिल बॉबी निंगुआ हनुमान के स्वरूप में नजर आए। उनके स्वरूप से जुड़ी करीब 251 मीटर लंबी पूंछ में गंगाजल भरा गया, जिसे करीब 40 शिवभक्त वानर का स्वरूप धारण कर उठाकर चल रहे थे। वहीं नथुनी प्रसाद भगवान शिव और उदय जामवंत के स्वरूप में यात्रा में शामिल हुए। धार्मिक पात्रों के इन अनोखे रूपों ने कांवड़ यात्रा को बेहद खास बना दिया। रास्ते से गुजरती इस विशाल कांवड़ को देखने के लिए जगह-जगह लोगों की भीड़ जुटती रही।
लहरा गंगा घाट से गंगाजल लेकर शिवभक्तों का जत्था सोरों जी, प्रहलादपुर, गोराहा, भिटौना और कासगंज होते हुए नदरई मिरहची सिरसा टिप्पू एटा से फिरोजाबाद की ओर रवाना हुआ। विशाल कांवड़ जैसे ही रास्तों से गुजरी, लोग इसे देखने के लिए सड़कों के किनारे खड़े नजर आए। यात्रा के दौरान शिवभक्तों में जबरदस्त उत्साह देखने को मिला। बम भोले और हर-हर महादेव के जयकारों से पूरा यात्रा मार्ग गूंजता रहा। स्थानीय लोगों ने भी जगह-जगह कांवड़ियों का स्वागत किया।

हनुमान स्वरूप बॉबी निंगुआ ने बताया कि वे पहली बार सोरों जी के लहरा गंगाघाट से गंगाजल लेने पहुंचे हैं। उनका उद्देश्य था कि इस बार ऐसी कांवड़ तैयार की जाए, जो सबसे अलग और अनूठी हो। इसी विचार के साथ हनुमान जी की थीम पर 251 मीटर लंबी पूंछ वाली कांवड़ तैयार की गई।
शिवभक्तों के मुताबिक कांवड़ यात्रा सिर्फ धार्मिक आस्था का प्रतीक नहीं, बल्कि भगवान शिव और हनुमान के प्रति उनकी श्रद्धा को भी दर्शाती है। यही वजह रही कि इस अनोखी कांवड़ ने पूरे रास्ते लोगों का ध्यान अपनी ओर खींचा।
अनोखी थीम, विशाल आकार और धार्मिक पात्रों के रूप में शामिल शिवभक्तों ने इस कांवड़ यात्रा को यादगार बना दिया। रास्ते भर उमड़ी भीड़ और गूंजते भोले के जयकारों ने माहौल को पूरी तरह भक्तिमय बना दिया।

रक्षाबंधन पर महिलाओं को मुफ्त बस यात्रा, गोरखपुर डिपो से चलेंगी करीब 800 बसें

Posted on 24/08/2026
Time 12:55 P.M
Santosh Kumar Singh
Gorakhpur

27 अगस्त की मध्यरात्रि से 29 अगस्त की मध्यरात्रि तक मिलेगी सुविधा, 40 एसी और 20 इलेक्ट्रिक एसी बसें भी शामिल

गोरखपुर ( उप्र समाचार सेवा ) । उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने रक्षाबंधन के अवसर पर महिलाओं को बड़ी सौगात दी है। मुख्यमंत्री ने राज्य में महिलाओं के लिए निशुल्क बस यात्रा की अवधि बढ़ाने की घोषणा की है। अब महिला यात्री 27 अगस्त की मध्यरात्रि से 29 अगस्त की मध्यरात्रि तक उत्तर प्रदेश राज्य सड़क परिवहन निगम (रोडवेज) की बसों में निशुल्क यात्रा कर सकेंगी।
इस दौरान महिला यात्री एक सहयोगी के साथ भी निशुल्क यात्रा का लाभ ले सकेंगी। मुख्यमंत्री की घोषणा के बाद गोरखपुर डिपो ने भी विशेष तैयारी शुरू कर दी है।
गोरखपुर डिपो के स्टेशन प्रभारी नीरज कुमार मणि ने बताया कि रक्षाबंधन के मद्देनजर गोरखपुर डिपो से लगभग 800 बसों का संचालन किया जाएगा। इनमें 40 एसी बसें और 20 एसी इलेक्ट्रिक बसें भी शामिल हैं।
उन्होंने बताया कि स्थानीय रूटों पर बसें यात्रियों की बढ़ती संख्या को देखते हुए दो से तीन फेरे लगाएंगी। वहीं दिल्ली, कानपुर, लखनऊ, प्रयागराज और वाराणसी समेत लंबी दूरी के सभी प्रमुख रूटों पर भी महिलाओं के लिए निशुल्क यात्रा की सुविधा उपलब्ध रहेगी।
रक्षाबंधन पर बड़ी संख्या में महिलाओं के अपने मायके और रिश्तेदारों के घर जाने की संभावना को देखते हुए रोडवेज प्रशासन ने बसों के संचालन और यात्रियों की सुविधा के लिए आवश्यक तैयारियां शुरू कर दी हैं। निशुल्क यात्रा की इस सुविधा से गोरखपुर और आसपास के जिलों की महिला यात्रियों को विशेष राहत मिलने की उम्मीद है।

बाढ़ से पांच हजार की आबादी हुई प्रभावित

बाढ़ पीढ़ियों के लिए अब तक नही हुई नाव की व्यवस्था,बाढ़ पीड़ितों से मिलने नही पहुंचा जिला प्रशासन।
रिपोर्ट – संजय कुमार तिवारी
स्थान – बलिया यूपी
डेट – 24/08/2026

एंकर – बलिया के बैरिया तहसील क्षेत्र के चांद दियर में घाघरा नदी के बढ़ते जलस्तर के बीच लोगों की मुश्किलें बढ़ा दी है।घाघरा नदी के जलस्तर बढ़ने से लगभग पांच हजार की आबादी बाढ़ से प्रभावित हो गई है पांच हजार की आबादी में घाघरा नदी का पानी चारो तरफ गांवों में घुस गई है लोगों के आने जाने के लिए कोई साधन नहीं है एक प्राइवेट नाव है जिससे लोग आ जा रहे है।वही प्राथमिक विद्यालय पलटू नगर ब्लॉक मुरली छपरा में चारों तरफ पानी ही पानी दिखाई दे रहा है विद्यालय परिसर में पानी ही पानी है विद्यालय में पानी होने से बच्चो की पढ़ाई बाधित हो गई है।पानी बढ़ने के बाद विद्यालय को बंद कर दिया गया है।वही चांद दियर का पूरा इलाका पानी पानी दिखाई दे रहा है लेकिन सांसे बड़ी बात तो यह है कि यहां अभी तक जिला प्रशासन के लोग देखने तक नही आए की घाघरा नदी का जलस्तर बढ़ने के बाद गांवों की हालत क्या है और बाढ़ से कितने गांव प्रभावित हो गए है। बाढ़ पीढ़ियों का आरोप है कि यहां प्रशासन के लोग नही आए है और नही कोई नाव व्यवस्था की गई है एक प्राइवेट नाव है जिससे लोग अपने संसाधन जुटाने के लिए आ रहे और जा रहे है। नाव वाले पिछले साल बाढ़ आई थी तो नाव लेकर आए थे लेकिन इस बार कोई नाव नही ला रहा है क्योंकि अब तक उन नाविकों का भुगतान तक नही किया गया है।

बाइट – लालमती बाढ़ पीड़ित।

विद्यार्थियों को मिला एक और अवसर

विश्वविद्यालय में प्रवेश प्रक्रिया की तिथियां बढ़ीं*
शाहजहांपुर। ( संजीव गुप्त)
स्वामी शुकदेवानंद विश्वविद्यालय ने समर्थ पोर्टल के माध्यम से स्नातक एवं स्नातकोत्तर स्तर के विभिन्न पाठ्यक्रमों में प्रवेश प्रक्रिया की तिथियों में विस्तार किया है। विश्वविद्यालय प्रशासन ने यह निर्णय छात्रहित में लिया है। जिन विषयों एवं पाठ्यक्रमों में सीटें रिक्त रह गई हैं, उनमें प्रवेश के लिए ऑनलाइन पंजीकरण एवं आवेदन का अवसर पुनः प्रदान किया गया है।
प्रवेश समन्वयक प्रो आदित्य कुमार सिंह ने बताया कि समर्थ पोर्टल पर 200 रुपये प्रति छात्र की दर से शुल्क जमा कर स्नातक एवं स्नातकोत्तर स्तर पर पुनः प्रवेश के लिए आवेदन करने की प्रक्रिया 25 अगस्त 2026 से शुरू होगी। ऑनलाइन आवेदन करने की अंतिम तिथि 26 अगस्त 2026 निर्धारित की गई है। आवेदन पत्र में सुधार करने के बाद संबंधित महाविद्यालय में उसकी प्रिंटआउट (हार्ड कॉपी) जमा करने की अंतिम अवधि 25 से 27 अगस्त 2026 तक निर्धारित की गई है। वहीं विश्वविद्यालय परिसर एवं संबंधित महाविद्यालयों में प्रवेश सुनिश्चित कर शुल्क जमा करने की अंतिम तिथि 29 अगस्त 2026 निर्धारित की गई है।
विश्वविद्यालय प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि यह अवसर केवल उन विषयों एवं पाठ्यक्रमों के लिए है, जिनमें सीटें अभी रिक्त हैं। विश्वविद्यालय की ओर से जारी पत्र में कहा गया है कि प्रवेश प्रक्रिया में विस्तार छात्रहित को ध्यान में रखते हुए किया गया है। साथ ही शासन द्वारा घोषित शैक्षणिक कैलेंडर के अनुसार विषम सेमेस्टर की परीक्षाएं नवंबर माह के प्रथम सप्ताह से प्रस्तावित हैं। ऐसे में निर्धारित शैक्षणिक मानक पूरे करने के लिए आवश्यकता के अनुसार अतिरिक्त कक्षाओं का संचालन किया जाएगा। विश्वविद्यालय प्रशासन ने प्रवेश के इच्छुक विद्यार्थियों से निर्धारित तिथियों के भीतर ऑनलाइन आवेदन की प्रक्रिया पूरी करने तथा संबंधित महाविद्यालय में आवश्यक दस्तावेज जमा कर प्रवेश सुनिश्चित कराने की अपील की है। विश्वविद्यालय ने यह भी स्पष्ट किया है कि सुधार विंडो रजिस्ट्रेशन के समानांतर खुली रहेगी।
कुलपति ने किया पुस्तक का विमोचन*
शाहजहांपुर। ( संजीव गुप्त)
स्वामी शुकदेवानंद विश्वविद्यालय में कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) के सामाजिक विज्ञान अनुसंधान में बढ़ते उपयोग और उसकी संभावनाओं पर केंद्रित पुस्तक “आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस इन सोशल साइंस रिसर्च : मेथड्स, एप्लीकेशंस एंड चैलेंजेज” का विमोचन कुलपति प्रो. पुष्पेंद्र बहादुर सिंह ने किया। पुस्तक का संपादन नेहरू मेमोरियल शिवनारायण दास कॉलेज, बदायूं के व्यवसाय प्रशासन विभाग के डॉ. प्रवेंद्र दीक्षित एवं समाजशास्त्र विभाग के अध्यक्ष कैप्टन (डॉ.) संतोष कुमार सिंह ने संयुक्त रूप से किया है। पुस्तक में कृत्रिम बुद्धिमत्ता और सामाजिक विज्ञान अनुसंधान से जुड़े विभिन्न आयामों पर विद्वानों द्वारा प्रस्तुत शोध कार्यों को शामिल किया गया है। प्राप्त 27 शोध पत्रों में से विषय की प्रासंगिकता, गुणवत्ता और शोधपरक महत्त्व के आधार पर 10 शोध पत्रों का चयन कर उन्हें पुस्तक में प्रकाशित किया गया है।
इस अवसर पर कुलपति ने कहा कि वर्तमान समय में कृत्रिम बुद्धिमत्ता केवल तकनीकी क्षेत्र तक सीमित नहीं है, बल्कि शिक्षा, अनुसंधान और सामाजिक विज्ञान सहित प्रत्येक क्षेत्र में नए अवसरों के द्वार खोल रही है। उन्होंने कहा कि शोध की गुणवत्ता, उसकी गति और विश्लेषण की क्षमता को बढ़ाने में एआई महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है। हालांकि शोधकर्ताओं को इसके उपयोग के साथ अकादमिक नैतिकता, मौलिकता, तथ्यपरकता और मानवीय विवेक का विशेष ध्यान रखना होगा। एआई शोधकर्ता का विकल्प नहीं, बल्कि उसकी क्षमताओं को विस्तार देने वाला प्रभावी उपकरण है। सामाजिक विज्ञान के शोध में इसका जिम्मेदारीपूर्ण उपयोग समाज की जटिल समस्याओं को समझने और उनके समाधान खोजने में उपयोगी सिद्ध हो सकता है।विश्वविद्यालय के वरिष्ठ प्रोफेसर डॉ अनुराग अग्रवाल ने पुस्तक के संपादकों को बधाई देते हुए कहा कि कृत्रिम बुद्धिमत्ता के दौर में शोध की पारंपरिक पद्धतियों के साथ आधुनिक तकनीकी साधनों का समन्वय समय की आवश्यकता है। सामाजिक विज्ञान में एआई के प्रयोग पर केंद्रित यह पुस्तक निस्संदेह शोधार्थियों, शिक्षकों और विषय के अध्येताओं के लिए उपयोगी संदर्भ सामग्री के रूप में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।

जिलाधिकारी ने गंगा एक्सप्रेसवे के निकटवर्ती ग्रामों में गौशालाओं हेतु भूमि की उपलब्धता हेतु समीक्षा बैठक सम्पन्न

शाहजहांपुर / ( संजीव गुप्त) जिलाधिकारी धर्मेन्द्र प्रताप सिंह की अध्यक्षता में आज गंगा एक्सप्रेसवे के निकटवर्ती ग्रामों में गौशालाओं की स्थापना हेतु भूमि की उपलब्धता के संबंध में समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में अपर जिलाधिकारी रजनीश कुमार मिश्र, उप जिलाधिकारी तिलहर, उप जिलाधिकारी जलालाबाद, पशु चिकित्साधिकारी, ग्राम विकास अधिकारी, संबंधित लेखपाल संबंधित अधिकारी उपस्थित रहे।

जिलाधिकारी ने बैठक में गंगा एक्सप्रेसवे के निकटवर्ती ग्रामों में गौशालाओं की स्थापना के लिए उपयुक्त भूमि की उपलब्धता की ग्रामवार समीक्षा की। जिलाधिकारी ने संबंधित अधिकारियों एवं लेखपालों को उपलब्ध भूमि का सत्यापन कर आवश्यक कार्यवाही सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।

समीक्षा के दौरान ग्राम गड़िया रंगीन में 25 एकड़ भूमि उपलब्ध पाई गई, जिस पर गौशाला का निर्माण कराए जाने के निर्देश जिलाधिकारी द्वारा दिए गए। वहीं ग्राम बामियान में 3 हेक्टेयर भूमि गौशाला के लिए उपलब्ध पाई गई। जिलाधिकारी ने उक्त भूमि पर अस्थायी गौशाला का निर्माण कराए जाने तथा उसमें 100 से अधिक गोवंश रखे जाने की व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने यह भी निर्देशित किया कि बामियान में प्रस्तावित गौशाला में न्यूनतम तीन शेड बनाए जाएं। शेड निर्माण के लिए आवश्यक धनराशि की व्यवस्था सुनिश्चित की जाएगी।

इसी क्रम में ग्राम शंकरपुर पिडराई में 4.5 हेक्टेयर चरागाह भूमि उपलब्ध पाई गई, जिस पर गौशाला के लिए दो शेड बनाए जाने के निर्देश जिलाधिकारी द्वारा दिए गए।

सिकंदरपुर अफगान में जिलाधिकारी ने संबंधित अधिकारियों को भूमि का चिन्हांकन एवं जांच कराने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि क्षेत्र में उपलब्ध भूमि की जांच कराई जाए तथा श्रेणी-3 एवं श्रेणी-4 में आने वाली भूमि को नियमानुसार खारिज कराने की कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।

जिलाधिकारी ने सभी उप जिलाधिकारियों को निर्देश दिए कि वे अपने-अपने क्षेत्रों में लेखपालों के साथ समन्वय कर भूमि का चिन्हांकन एवं जांच कराएं तथा श्रेणी-3 एवं श्रेणी-4 में आने वाली सभी भूमि को नियमानुसार खारिज कराने की कार्रवाई सुनिश्चित करें।

जिलाधिकारी ने निर्देश दिए कि कल सदर तहसील एवं जलालाबाद तहसील की पुनः बैठक आयोजित कर भूमि की उपलब्धता एवं गौशालाओं के निर्माण से संबंधित प्रगति की समीक्षा की जाए। उन्होंने कहा कि गौशालाओं के निर्माण एवं संचालन के लिए भूमि की उपलब्धता सुनिश्चित करने के साथ-साथ आवश्यक आधारभूत सुविधाओं की व्यवस्था भी प्राथमिकता के आधार पर की जाए, ताकि निराश्रित गोवंश के संरक्षण के लिए पर्याप्त व्यवस्था सुनिश्चित हो सके।
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