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म्यूल खातों के जरिए साइबर ठगी करने वाले गिरोह पर शिकंजा, एक और आरोपी गिरफ्तार

April 17, 2026

म्यूल खातों के जरिए साइबर ठगी करने वाले गिरोह पर शिकंजा, एक और आरोपी गिरफ्तार

Santosh Kumar Singh Gorakhpur
17/04/2026

गोरखपुर। कोतवाली थाना पुलिस ने सरकारी योजनाओं का झांसा देकर लोगों के नाम पर बैंक खाते खुलवाकर साइबर ठगी करने वाले गिरोह के एक और वांछित सदस्य को गिरफ्तार किया है। आरोपी के पास से घटना में प्रयुक्त मोबाइल फोन भी बरामद हुआ है।
यह कार्रवाई वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक के निर्देश पर चलाए जा रहे विशेष अभियान के तहत की गई। पुलिस अधीक्षक नगर व अपराध के मार्गदर्शन तथा क्षेत्राधिकारी कोतवाली के पर्यवेक्षण में प्रभारी निरीक्षक के नेतृत्व में पुलिस टीम ने अभियुक्त रवि सिंह उर्फ रामदास को गिरफ्तार किया।
शिकायत के बाद खुला पूरा नेटवर्क
15 अप्रैल 2026 को एक व्यक्ति ने कोतवाली थाने में शिकायत दर्ज कराई थी कि उसके बेटे को सरकारी योजनाओं का लाभ दिलाने का झांसा देकर बैंक खाता खुलवाया गया और उसका एटीएम व चेकबुक ले लिया गया। बाद में उसी खाते का इस्तेमाल साइबर ठगी के पैसे मंगाने और निकालने में किया गया।
गिरोह ऐसे करता था ठगी
पुलिस जांच में सामने आया कि गिरोह के सदस्य भोले-भाले लोगों को सरकारी योजनाओं का लालच देकर उनके नाम पर म्यूल खाते खुलवाते थे। इसके बाद—
एटीएम कार्ड, पासबुक और चेकबुक अपने कब्जे में ले लेते थे
खातों की जानकारी गिरोह के अन्य सदस्यों को दी जाती थी
साइबर ठगी का पैसा इन खातों में ट्रांसफर कर निकाला जाता था
पूरे नेटवर्क का संचालन टेलीग्राम जैसे सोशल प्लेटफॉर्म के जरिए किया जा रहा था, जिससे आरोपी एक-दूसरे के संपर्क में रहते थे।
पहले भी पकड़े जा चुके हैं 6 आरोपी
इस मामले में पुलिस पहले ही 6 आरोपियों—अनुज विश्वकर्मा, ओंमकार अग्रहरि, ऋतुराज यादव, राहुल सिंह, द्विव्यांशु सिंह और आदित्य चौधरी—को गिरफ्तार कर जेल भेज चुकी है। अब इस कड़ी में एक और गिरफ्तारी की गई है।
गिरफ्तार आरोपी का विवरण
गिरफ्तार अभियुक्त रवि सिंह उर्फ रामदास उन्नाव का मूल निवासी है और वर्तमान में लखनऊ में रह रहा था। पुलिस के अनुसार, उसका पहले से भी आपराधिक इतिहास रहा है।
पुलिस की आगे की कार्रवाई
पुलिस का कहना है कि गिरोह से जुड़े अन्य सदस्यों की तलाश की जा रही है। साथ ही साइबर अपराधों पर प्रभावी रोक लगाने के लिए अभियान जारी रहेगा।
पुलिस ने आम जनता से अपील की है कि किसी भी सरकारी योजना के नाम पर अपने बैंक खाते, एटीएम या चेकबुक किसी को न दें, अन्यथा वे भी अनजाने में साइबर अपराध का हिस्सा बन सकते हैं।

किसानों के सम्मान व अधिकार की लड़ाई हर स्तर पर लड़ेगी कांग्रेस: भगवान सिंह वर्मा

मथुरा। बेमौसम बारिश और ओलावृष्टि से फसलों को हुए भारी नुकसान के विरोध में कांग्रेस पार्टी ने कलेक्ट्रेट परिसर में धरना-प्रदर्शन किया और महामहिम राष्ट्रपति के नाम संबोधित ज्ञापन जिलाधिकारी के माध्यम से सौंपा।
इस अवसर पर पूर्व कांग्रेस जिलाध्यक्ष एवं अलीगढ़ कोऑर्डिनेटर भगवान सिंह वर्मा ने कहा कि देश का अन्नदाता किसान आज प्राकृतिक आपदाओं, महंगाई और सरकारी उपेक्षा का शिकार हो रहा है। हाल ही में हुई बारिश और ओलावृष्टि ने किसानों की तैयार फसलों को बर्बाद कर दिया है, जिससे गोवर्धन, छाता, बल्देव और मांट विधानसभा क्षेत्रों के किसानों को सर्वाधिक नुकसान हुआ है।
उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार किसानों की पीड़ा के प्रति संवेदनहीन है और फसल सर्वेक्षण में भेदभाव किया गया है। किसानों को दी जा रही सहायता राशि को उन्होंने अपर्याप्त बताते हुए इसे “भद्दा मजाक” करार दिया। उन्होंने मांग की कि मथुरा के किसानों को 2 लाख रुपये प्रति एकड़ मुआवजा दिया जाए, साथ ही सरकारी ऋण और बिजली बिल माफ किए जाएं तथा किसानों से की जा रही रिकवरी तत्काल रोकी जाए।
भगवान सिंह वर्मा ने चेतावनी दी कि यदि जल्द ही किसानों को उचित मुआवजा नहीं मिला, तो कांग्रेस पार्टी गांव-गांव और सड़क से सदन तक बड़ा जनआंदोलन करने को बाध्य होगी।
धरना-प्रदर्शन में ठाकुर साहब सिंह, दीपक पाठक, नसीर अहमद फारुकी, राजू अब्बासी, ठाकुर बदन सिंह, विनोद आर्य, बृजेश शर्मा, राम भरोसे चौधरी, धर्मबीर सिंह सोलंकी, रामदेव सोलंकी, सोबरन सिंह, सलमान चौधरी, अखलाक चौधरी, शिवराम सिंह, सचेन्द कुमार गौतम, वीरपाल सिंह खरे, विजय सिंह लोधी, चिरागद्दीन, इन्द्रजीत गौतम, नसीरुद्दीन अब्बासी, रोशनलाल, राजेंद्र प्रसाद बाल्मीकि, प्रियपाल सिंह, उमेश चंद्र शर्मा, उमाकांत शर्मा, कपिल शर्मा, अजय रैगर, आजाद रैगर, जगन्नाथ सिंह चौहान, सतपाल चौधरी, अजय रावत, रोहित शैनी, राकेश यादव, लक्ष्मी पहलवान, नीरज पहलवान, बादाम सिंह, पद्म सिंह, उदयवीर सिंह, सुहाग राम, सूरज सिंह, मोहम्मद यासिन, शमीम अब्बासी, मुकेश, शोभाराम सिंह सहित बड़ी संख्या में कांग्रेसजन उपस्थित रहे।

कारब में रागनी महोत्सव का ऐतिहासिक आयोजन

कलाकारों ने बिखेरा सुरों का जादू
कारब, 17 अप्रैल। गाँव कारब में 16 अप्रैल को समाजसेवी चौधरी हरवीर सिंह पहलवान के तत्वावधान में आयोजित भव्य रागनी महोत्सव ने सफलता के नए कीर्तिमान स्थापित किए। इस सांस्कृतिक संध्या में लोक कला, परंपरा और सामाजिक एकता का अद्भुत संगम देखने को मिला।
कार्यक्रम की शुरुआत रागनी जगत के प्रसिद्ध कलाकार नरदेव बेनीवाल और रोहताश धामा की दमदार प्रस्तुतियों से हुई। इसके बाद संजना चौधरी, भावना भाटी और राधा चौधरी ने अपनी मधुर आवाज और शानदार अभिनय से दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया। पूरी रात पंडाल तालियों और जोश से गूंजता रहा।
महोत्सव में क्षेत्र की प्रमुख हस्तियों की उपस्थिति भी आकर्षण का केंद्र रही। आयोजक चौधरी हरवीर सिंह पहलवान ने अतिथियों का पारंपरिक तरीके से पगड़ी पहनाकर और स्मृति चिन्ह भेंट कर सम्मान किया। कार्यक्रम में देव चौधरी, कलेक्टर सिंह, जीतू चौधरी, वीरपाल गंधार, हेमंत चौधरी और अमित ठाकुर सहित अनेक गणमान्य व्यक्ति मौजूद रहे।
कार्यक्रम ने न केवल लोक संस्कृति को जीवंत किया, बल्कि क्षेत्र में आपसी भाईचारे और एकता का भी मजबूत संदेश दिया।

विकृत जिहादी मानसिकता हिंदू समाज के लिए खतरा -गजेंद्र

*जिहादी मानसिकता से देश की सुरक्षा को खतरा, राष्ट्रव्यापी कठोर कानून जरूरी: विजय प्रताप*

लखनऊ। विकृत जिहादी मानसिकता के विरुद्ध विश्व हिंदू परिषद एवं युवा इकाई बजरंग दल लखनऊ विभाग का विशाल विरोध धरना प्रदर्शन राजधानी लखनऊ की पटेल प्रतिमा पर किया गया कार्यक्रम का नेतृत्व कर रहे विश्व हिंदू परिषद के प्रांत संगठन मंत्री विजय प्रताप एवं प्रांत मंत्री देवेंद्र और मुख्य वक्ता के तौर पर क्षेत्र संगठन मंत्री गजेंद्र ने जिहादी मानसिकता के विरुद्ध उग्रता से प्रदर्शन कर रहे कार्यकर्ताओं को अपने उद्बोधन में बताया मुस्लिम युवक युवतियों के माध्यम से टीसीएस जैसी अनेक बहुराष्ट्रीय कंपनियों तक फैले धर्मांतरण व लव जिहाद की अनवरत कि टीसीएस नासिक में षड्यंत्र के उजागर होने के बाद पूरी दुनिया अचंभित है। उच्च पद पर एक मुसलमान के बैठते ही किस प्रकार वह अधिक से अधिक संख्या में अपने मुस्लिम सहयोगियों को भर्ती कर लेता है और उसके बाद बीसियों हिंदू लड़के और लड़कियों को अपने षड्यंत्र का शिकार बनाता है, यह अत्यंत गंभीर व आश्चर्यजनक है। उनको मुस्लिम तौर तरीका सिखाना, नमाज पढ़ने के लिए मजबूर करना, गौ मांस खिलाना और जबरन धर्मांतरण करना घोर आपत्तिजनक है।
विश्व हिंदू परिषद बधाई देता है उन सात महिला पुलिसकर्मियों को जिन्होंने टीसीएस में ज्वाइन करके इस षड्यंत्र का पता लगाया और अधिक युवाओं को इस षड्यंत्र का शिकार होने से रोका।
जैसे ही यह षड्यंत्र उजागर होता है, ध्यान में आता है कि यह षड्यंत्र टीसीएस तक सीमित नहीं है अपितु, टेक महिंद्रा गोरेगांव जैसी दर्जनों अन्य बहुराष्ट्रीय कंपनियों में भी जिहादी षड्यंत्र का एक व्यापक जाल फैला हुआ है।
हिंदू परिषद के प्रांत संगठन मंत्री विजय प्रताप ने भी अपने वक्तव्य में कहा जिम जिहाद, थूक जिहाद, सैलून जिहाद कोरियोग्राफर जिहाद आदि ही सामने आते थे और लगता था कम पढ़े लिखे लोग ही इस षड्यंत्र में शामिल हैं, लेकिन अलफलाह व केजीएमयू विश्वविद्यालय और उसके बाद इन बहुराष्ट्रीय कंपनियों के अंदर काम करने वाले लोगों की इस धर्मांतरण के षड्यंत्र में संलिप्तता बताती है कि जिहादी षड्यंत्र केवल कम पढ़े लिखे लोगों के दिमाग की ही विकृति नहीं है अपितु, ज्यादा पढ़े लिखे लोगों के दिमाग में भी जिहादी कीड़ा उतना ही काम करता है और वे भी सभ्यता के सभी दायरे को तोड़कर जबरन धर्मांतरण करते हैं। व्यापारिक जगत का एक और षड्यंत्र सामने आया। मलेशिया स्थित एक कंपनी के मालिक संपूर्ण विश्व के व्यापारिक जगत में इस्लामी आधिपत्य स्थापित करना चाहते हैं।
आज संपूर्ण विश्व त्रस्त है और इससे मुक्ति का उपाय चाहता है। पत्रकार जगत में भी इस प्रकार के षड्यंत्र सामने आ रहे हैं । अगर कोई इन विषयों को रोक लगाना चाहता है और जिहादियों से कोई संबंध नहीं रखना चाहता तो अब उसे इस्लामिक फोबिया से त्रस्त नहीं कहा जा सकता। संपूर्ण विश्व का सभ्य समाज इस जिहादी षड्यंत्र से बचने के लिए छटपटा रहा है और इसके लिए उपाय भी कर रहा है। भारत में भी जिन राज्यों में सख्त कानून बने हैं और प्रभावी रूप से लागू हो रहे हैं, वहां इन षड्यंत्रों पर रोक लगी है।

देशव्यापी आंदोलन के माध्यम से विश्व हिंदू परिषद की मांग है भारत के सभी राज्यों में अवैध धर्मांतरण को रोकने के लिए सख्त कानून बने। सभी राजनीतिक दल अपने राजनीतिक दायरे से ऊपर उठकर राष्ट्रीय हितों की चिंता करें । टीसीएस षड्यंत्र की जांच एनआईए कर रहा है, इससे स्पष्ट है कि अब यह एक राज्य का विषय नहीं है अपितु, एक राष्ट्रव्यापी षड्यंत्र बन चुका है। इसको रोकने के लिए अब केंद्र सरकार को भी आगे आकर सख्त से सख्त कदम बढ़ाना चाहिए।
उन्होंने कहा कि अवैध धर्मांतरण विरोधी राष्ट्रव्यापी कानून बनाना चाहिए और राष्ट्रीय सुरक्षा तथा देश के समक्ष उपस्थिति इस चुनौती का प्रभावी मुकाबला करना चाहिए। प्रदर्शन में प्रमुख रूप से संगठन मंत्री समरेंद्र, प्रांत प्रचार प्रमुख नृपेंद्र ,प्रांत सेवा प्रमुख धर्मेंद्र लखनऊ विभाग मंत्री योगेश विभाग संयोजक विजय बजरंगी सहित विश्व हिंदू परिषद एवं बजरंग दल के जिला एवं विभाग के अन्य पदाधिकारी भी मौजूद रहे।

203 संविदाकारों के लाइसेंस निरस्तीकरण की कार्रवाई

*योगी सरकार का बड़ा एक्शन, श्रम कानून उल्लंघन पर

*गौतमबुद्धनगर में श्रमिक हितों की अनदेखी पर बड़ा एक्शन, 1.16 करोड़ की पेनल्टी का नोटिस*

*24 कारखानों के 203 संविदाकारों पर कार्रवाई, ब्लैकलिस्टिंग की प्रक्रिया शुरू*

*श्रमिकों को देय भुगतान न करने पर वसूली और मुकदमे की तैयारी*

*21% वेतन वृद्धि लागू, अप्रैल से प्रभावी दरों का मई में होगा भुगतान*

*गौतमबुद्धनगर, 17 अप्रैल।* उत्तर प्रदेश में योगी आदित्यनाथ सरकार श्रमिकों के हितों को लेकर सख्त रुख अपनाते हुए बड़े पैमाने पर कार्रवाई कर रही है। इसी क्रम में गौतमबुद्ध नगर में श्रम कानूनों का उल्लंघन करने वाले 24 कारखानों से जुड़े 203 संविदाकारों के लाइसेंस निरस्त करने, धनराशि की वसूली करने और संबंधित एजेंसियों को ब्लैकलिस्ट करने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है।

अपर श्रमायुक्त गौतमबुद्धनगर राकेश द्विवेदी के अनुसार, जिन संविदाकारों के श्रमिकों द्वारा हालिया आंदोलन में तोड़फोड़ की घटनाएं सामने आईं, उनमें कई संविदाकारों की भूमिका संदिग्ध पाई गई है। साथ ही जिन संविदाकारों ने श्रम कानूनों का पालन नहीं करते हुए श्रमिकों को उनके देय हित लाभों से वंचित रखा, उनके विरुद्ध 1 करोड़ 16 लाख 5 हजार 67 रुपये की पेनल्टी का नोटिस जारी किया गया है, जिसे श्रमिकों को भुगतान करने के निर्देश दिए गए हैं।

उन्होंने बताया कि शेष संविदाकारों की भी पहचान की जा रही है और उनके विरुद्ध भी कठोर कार्रवाई की जाएगी। सरकार की मंशा स्पष्ट है कि श्रमिकों के अधिकारों के साथ किसी भी प्रकार की लापरवाही या अनदेखी बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

अपर श्रमायुक्त ने यह भी जानकारी दी कि श्रमिकों की वेतन वृद्धि को लेकर उत्पन्न असंतोष के बाद शासन स्तर पर गठित उच्च स्तरीय समिति की संस्तुति के आधार पर गौतमबुद्धनगर और गाजियाबाद में 74 अनुसूचित नियोजनों के श्रमिकों के वेतन में 21 प्रतिशत की वृद्धि की गई है। यह वृद्धि 1 अप्रैल 2026 से प्रभावी होगी, जिसका भुगतान मई माह की 7 से 10 तारीख के बीच किया जाएगा। नई दरें संविदा और स्थायी दोनों प्रकार के श्रमिकों पर समान रूप से लागू होंगी।

साथ ही स्पष्ट किया गया है कि कर्मचारियों के वेतन से ईपीएफ और ईएसआई के अतिरिक्त कोई अन्य कटौती अनुमन्य नहीं होगी। यदि ऐसा कोई मामला सामने आता है तो संबंधित के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी। श्रम विभाग ने यह भी स्पष्ट किया है कि श्रमिकों को ओवरटाइम का भुगतान दोगुनी दर से, साथ ही बोनस और ग्रेच्युटी जैसे सभी वैधानिक लाभ सुनिश्चित किए जाएंगे। वेतन भुगतान में देरी या कम भुगतान की स्थिति में संविदाकारों के साथ-साथ उनके प्रधान सेवायोजकों की भी जवाबदेही तय की जाएगी।

बॉक्स
*उद्यमी संगठन औद्योगिक इकाइयों से न्यूनतम वेतन वृद्धि का अनुपालन करने हेतु लगातार कर रहे अपील*

प्रदेश सरकार द्वारा जारी गाइडलाइंस एवं श्रमिकों के लिए निर्धारित न्यूनतम वेतन वृद्धि का अनुपालन जनपद की औद्योगिक इकाइयों द्वारा किया जाना प्रारंभ कर दिया गया है। जनपद के विभिन्न उद्यमी संगठन शत प्रतिशत अनुपालन सुनिश्चित कराने में सक्रिय भूमिका का निर्वहन कर रहे हैं। संगठनों द्वारा औद्योगिकी इकाइयों से व्हाट्सएप ग्रुप्स के माध्यम से संदेश, ऑडियो एवं वीडियो प्रसारित कर शासन की गाइडलाइंस तथा न्यूनतम वेतन वृद्धि के अनुपालन को सुनिश्चित करने की अपील की जा रही है। उद्यमी संगठनों द्वारा किया जा रहा यह प्रयास अत्यंत सराहनीय है, जो जनपद में औद्योगिक सौहार्द एवं शांति बनाए रखने में महत्वपूर्ण योगदान प्रदान कर रहा है।

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