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भक्ति के आड़ में शस्त्र लहराकर शक्ति प्रदर्शन का वीडियो वायरल, कानून की जमकर उड़ाई गयी धज्जियां।

April 20, 2026

भक्ति के आड़ में शस्त्र लहराकर शक्ति प्रदर्शन का वीडियो वायरल, कानून की जमकर उड़ाई गयी धज्जियां।

रिपोर्ट – संजय कुमार तिवारी
स्थान – बलिया यूपी
डेट – 20/04/2026

एंकर – उत्तर प्रदेश के बलिया जनपद में एक सार्वजनिक कार्यक्रम का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। वायरल वीडियो में भीड़ के बीच जमकर शस्त्र प्रदर्शन किया जा रहा है। वीडियो में साफ तौर पर देखा जा सकता है कि किस तरीके से तलवार और फरसा जैसे शस्त्र लेकर कुछ युवाओं के द्वारा प्रदर्शन किया जा रहा है। आपको बता दे की शस्त्र का प्रदर्शन करना कानूनन अपराध है।

वायरल वीडियो बलिया शहर कोतवाली क्षेत्र स्थित भृगु मंदिर परिसर का बताया जा रहा है। जहां भगवान परशुराम जन्मोत्सव का आयोजन किया गया था। इस आयोजन में हजारों की संख्या में लोगों की भीड़ उमड़ी थी। कार्यक्रम का मंच राजनीतिक लोगो और वरिष्ठ जनों से भरा पड़ा था। इसी दौरान युवकों का एक झुंड हाथों में तलवार और फरसा लेकर प्रदर्शन करते हुए मंच पर पहुंचे जिसका वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है।

बताया जा रहा है कि कार्यक्रम का आयोजन पूर्व ब्लाक प्रमुख मृत्युंजय तिवारी उर्फ बबलू के द्वारा किया गया था। इस कार्यक्रम में परिवहन मंत्री दयाशंकर सिंह, गोरखपुर के सांसद रवि किशन शुक्ला समेत तमाम दिग्गज नेताओं को आमंत्रित किया गया था। जिनकी उपस्थिति से पहले युवाओं के द्वारा कानून को ताख पर रखकर शस्त्र का प्रदर्शन करते हुए भगवान परशुराम के जयकारे लगाए गए। आपको बता दे कि किसी भी धार्मिक कार्यक्रमों में इस प्रकार से शस्त्र का प्रदर्शन करना वर्जित है जो कानूनन अपराध की श्रेणी में आता है। बरहाल यह वायरल वीडियो चर्चा का विषय बना हुआ है।

आपको बता दे कि सार्वजनिक स्थानों पर बिना उचित अनुमति के शस्त्रों का प्रदर्शन करना कानूनन अपराध की श्रेणी में आता है। भारतीय कानून विशेष रूप से शस्त्र अधिनियम आर्म्स एक्ट और शस्त्र नियम 2016 हथियारों के स्वामित्व और उनके सार्वजनिक प्रदर्शन को नियंत्रित करते हैं। कानून किसी भी व्यक्ति को सार्वजनिक रूप से घातक हथियार प्रदर्शित करने की अनुमति नहीं देता है यदि कोई व्यक्ति बिना वैध लाइसेंस या बिना सरकारी अनुमति के सार्वजनिक स्थान पर हथियार लहराता है तो वह शस्त्र अधिनियम के तहत दण्डनीय अपराध माना जाता है। कई बार लोगों इसे धार्मिक परंपरा मानते हैं लेकिन भारतीय कानून में सार्वजनिक सुरक्षा का नियम किसी भी धार्मिक परंपरा से ऊपर है यदि कोई प्रदर्शन लोक व्यवस्था को बिगाड़ने का जोखिम पैदा करता है तो प्रशासन कार्रवाई करने के लिए स्वतंत्र है।

Muzaffarnagar ड्रग तस्करों से रिश्वत डील मामले में एसओ समेत तीन सस्पेंड

Posted on 20.04.2026 Monday Time 04.58 PM

मुजफ्फरनगर, 20 अप्रैल 2026, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक संजय वर्मा ने रिश्वत की डील का ऑडियो वायरल होने पर तित्तवी के थानाध्यक्ष समेत 3 को निलंबित कर दिया है।

तितावी थाना क्षेत्र से जुड़े कथित रिश्वतकांड मामले में वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक संजय ने देर रात बड़ी कार्रवाई की। करते हुए थानाध्यक्ष समेत तीन पुलिसकर्मियों को निलंबित कर दिया है।  तितावी थानाध्यक्ष पवन चौधरी, हेड कांस्टेबल अनीस खान और सिपाही नवीन को सस्पेंड किया गया है। कार्रवाई वायरल ऑडियो और वीडियो सामने आने के बाद की गई है, इसमें  कथित रूप से ड्रग तस्करी से जुड़े मामले में पैसों के लेनदेन की बात सामने आई थी।

दीवानी पार्किंग में खड़ी कार बनी आग का गोला

मची अफरा-तफरी, तीन गाड़ियां चपेट में

आगरा। आगरा के एमजी रोड स्थित दीवानी परिसर में सोमवार को उस समय हड़कंप मच गया, जब पार्किंग में खड़ी एक कार में अचानक भीषण आग लग गई। तेज गर्मी के बीच लगी इस आग ने कुछ ही मिनटों में विकराल रूप ले लिया और कार से उठती ऊंची-ऊंची लपटों ने पूरे परिसर में अफरा-तफरी मचा दी।

प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, कार से अचानक धुआं उठना शुरू हुआ, जिसके बाद देखते ही देखते आग भड़क उठी। मौके पर मौजूद सुरक्षाकर्मियों ने तत्परता दिखाते हुए पास खड़ी अन्य गाड़ियों को तुरंत हटाना शुरू किया। कई वाहनों को धक्का देकर सुरक्षित दूरी पर ले जाया गया, जिससे बड़ा हादसा टल गया।

हालांकि आग की चपेट में दो अन्य कारें भी आ गईं, लेकिन समय रहते उन्हें बचा लिया गया। इन दोनों गाड़ियों में मामूली नुकसान हुआ है। सूचना मिलते ही दमकल विभाग की टीम मौके पर पहुंची और कड़ी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया। तब तक आग लगने वाली कार पूरी तरह जलकर खाक हो चुकी थी।

फिलहाल आग लगने के कारणों का स्पष्ट पता नहीं चल सका है। शुरुआती अंदेशा तेज गर्मी या शॉर्ट सर्किट की ओर जताया जा रहा है, लेकिन आधिकारिक पुष्टि अभी बाकी है। सबसे हैरान करने वाली बात यह रही कि घटना के समय कार मालिक मौके पर मौजूद नहीं था। देर शाम तक भी वाहन के मालिक की पहचान नहीं हो सकी थी। पुलिस मामले की जांच में जुटी हुई है और आसपास लगे सीसीटीवी फुटेज खंगाले जा रहे हैं।

नमो भारत रैपिड रेल में अधिकारी-कर्मचारी कर सकेंगे सफर

-मंत्रालय ने दिया तोहफा::
–42 सौ ग्रेड पे प्रथम श्रेणी कर्मी भी होंगे ट्रेन के पात्र

Post on 20.4.26
Monday Moradabad
Rajesh Bhatia

मुरादाबाद।(उप्र समाचार सेवा)।
अत्याधुनिक व तेज रफ्तार वीआईपी ट्रेन नमो भारत रैपिड में अब रेल कर्मचारी भी सफर कर सकेंगे। रेल मंत्रालय ने अधिकारियों के अलावा कर्मियों को सुविधा देने का निर्णय लिया है।नमो भारत रैपिड रेल में यात्रा के लिए रेलवे बोर्ड ने आदेश जारी किए हैं।
बोर्ड का कहना है कि नमो भारत में अधिकारी व कर्मियों को भी यात्रा सुविधा सहूलियत मिलेगी। प्रथम श्रेणी व 42 सौ ग्रेड पे पाने वाले रेल कर्मियों को आधुनिक ट्रेन में सफर की सुविधा मिलेगी।

विभागीय जानकारों के अनुसार
प्रथम श्रेणी के अलावा रेल कर्मचारी ट्रेन में यात्राकर पाएंगे।
नमो भारत रैपिड रेल में 42 सौ ग्रेड पे पाने वाले अधिकारी कर्मचारियों को ट्रेन में सफर के पात्र होंगे।
इस आशय का रेलवे बोर्ड में डिप्टी डायरेक्टर की ओर से सर्कुलर जारी किया गया। बोर्ड के इस फैसले का रेल संगठन एआईआरएफ व एनआरएमयू ने स्वागतकिया है। एनआरएमयू के मंडल मंत्री राजेश चौबे और मंडल अध्यक्ष मनोज शर्मा का कहना है कि रेलवे ने कर्मचारियों को ट्रेन में यात्रा करने की नई सौगात दी है।

Moradabad News जवान की हत्या में दो दोस्तों को उम्रकैद

MORADABAD DISTRICT COURT
-बिलारी में 2016 का मामला,
-दो दोस्त ही निकले आर्मी के जवान के हत्यारे
-जिला जज कोर्ट ने दो लोगों को दोषी ठहराया, दोनों पर 51-51 हजार रुपए जुर्माना

मुरादाबाद।(उप्र समाचार सेवा)।
आर्मी में जवान की हत्या में दो दोषियों को उम्रकैद की सजा मिली है। सोमवार को जिला जज की अदालत ने हत्यारों को सजा और 51-51 हजार रुपए का जुर्माना लगाया। शुक्रवार को अदालत ने साक्ष्यों के आधार पर हत्याकांड में दोषी करार दिया था। आज सजा के प्रश्न पर सुनवाई के बाद सजा सुनाई गई।
जिले में बिलारी थानाक्षेत्र में दस साल पहले सेना में जवान अमर जीत सिंह की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। बिलारी में राजा बाग कालोनी निवासी वीरपाल सिंह एडवोकेट के भतीजे अमरजीत सिंह की 27 फरवरी, 2016 की रात हत्या कर दी गई। एडवोकेट चाचा वीरपाल सिंह की ओर से रिपोर्ट दर्ज कराई। बताया कि भतीजा सेना में जवान था। वह एक महीने की छुट्टी लेकर बिलारी में घर आया था। रात नौ बजे अमरजीत सिंह के संग विशाल और विमल घर पर चाय पी। इसके बाद वह विशाल और विमल के कुछ देर में लौटने की बात कह कर चला गया। अमरजीत नहीं आया तो वीरपाल सिंह व अन्य परमजीत सिंह गाड़ी में तलाशने चल पड़े।कुछ दूर जंगल में आवाजें सुनाई दी तो वे उधर बढ़े। देखा कि विशाल व विमल ने अमरजीत को पकड़ा हुआ था।शोर मचाने पर हमलावरों ने अपने तमंचों से अमरजीत को गोली मार दीं।
इस मामले की सुनवाई के बाद शुक्रवार को जिला जज कोर्ट ने विशाल व विमल कोदोषी माना। सजा पर सुनवाई के लिए 20 अप्रैल निर्धारित की।
डीजीसी नितिन गुप्ता व एडीजीसी संजीव अग्रवाल ने बताया कि सनसनीखेज मामले की सुनवाई में दस गवाहों के बयान दर्ज हुए। कोर्ट में बयान और अन्य साक्ष्य भी प्रस्तुत किए गए।
सोमवार को जिला जज सैय्यद माऊज बिन आसिम ने दोनों दोषियों को उम्रकैद की सजा व 51-51 हजार रुपए जुर्माने की सजा सुनाई।

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