Web News

www.upwebnews.com

Vrandavan वृंदावन में रंगभरनी एकादशी पर उमड़ा आस्था का सैलाब

February 27, 2026

Vrandavan वृंदावन में रंगभरनी एकादशी पर उमड़ा आस्था का सैलाब

Vrandavan Rang Ekadashi Posted on 27.02.2026 Friday Time 09.18 PM Holi Mathura Vrandavan, Report by :Atul Kumar Jindal, Senior Correspondent of UP Samachar Sewa, UP Web News
Atul Kumar Jindal Senior Correspondent of UP Samachar Sewa , Mathura Vrandavan

अतुल कुमार जिंदल, मथुरा

भक्ति के गुलाल से सतरंगी हुई कान्हा की नगरी, परिक्रमा मार्ग और मंदिरों में जनसैलाब
मथुरा/वृंदावन। धर्म नगरी वृंदावन में बसंत पंचमी से आरंभ हुआ होली का उल्लास शुक्रवार को रंगभरनी एकादशी के अवसर पर चरम पर पहुंच गया। ठाकुरजी के संग होली खेलने और पुण्य लाभ कमाने की कामना लेकर देश-विदेश से आए लाखों श्रद्धालुओं ने पूरी नगरी को भक्ति के रंग में सराबोर कर दिया।
होली के इस उत्सव का मुख्य केंद्र विश्व प्रसिद्ध ठाकुर बांके बिहारी मंदिर रहा। भोर होते ही मंदिर के बाहर श्रद्धालुओं की लंबी कतारें लग गईं। जैसे ही मंदिर के पट खुले, सेवायत गोस्वामियों ने ठाकुरजी की ओर से भक्तों पर अबीर-गुलाल की वर्षा शुरू कर दी। अपने आराध्य की प्रसादी स्वरूप गुलाल में भीगने के लिए श्रद्धालु उत्साहित नजर आए। “बांके बिहारी लाल की जय” के जयघोष और सतरंगी गुलाल की छटा से पूरा मंदिर परिसर गुंजायमान हो उठा।
श्रद्धालुओं की सुविधा को ध्यान में रखते हुए मंदिर के निकास द्वार संख्या-1 पर विशाल एलईडी स्क्रीन लगाई गई, जिसके माध्यम से मंदिर के भीतर हो रहे कार्यक्रमों का लाइव प्रसारण किया गया। इससे बाहर खड़े श्रद्धालु भी ठाकुरजी के दर्शन और होली उत्सव का आनंद ले सके।
पंचकोसीय परिक्रमा मार्ग पर उमड़ा जनसैलाब
मंदिरों के साथ-साथ वृंदावन की पंचकोसीय परिक्रमा मार्ग पर भी आस्था का अद्भुत संगम देखने को मिला। सुबह से ही श्रद्धालुओं की टोलियां राधा-कृष्ण के जयकारे लगाते और होली के रसिया गाते हुए परिक्रमा के लिए निकल पड़ीं। उड़ते अबीर-गुलाल और एक-दूसरे को प्रेम पर्व की बधाई देते भक्तों के उत्साह ने पूरे वातावरण को भक्तिमय बना दिया।
प्रशासन रहा सतर्क
भीड़ के भारी दबाव को देखते हुए जिला प्रशासन पूरी तरह मुस्तैद रहा। प्रमुख चौराहों, मंदिर क्षेत्र और परिक्रमा मार्ग पर भारी पुलिस बल तैनात किया गया। जिलाधिकारी चंद्र प्रकाश सिंह एवं एसएसपी श्लोक कुमार ने स्वयं स्थलीय निरीक्षण कर सुरक्षा और यातायात व्यवस्थाओं का जायजा लिया, ताकि श्रद्धालुओं को सुगम और सुरक्षित दर्शन मिल सकें।
रंगभरनी एकादशी के अवसर पर वृंदावन में उमड़ा यह जनसैलाब एक बार फिर साबित कर गया कि ब्रज की होली केवल रंगों का उत्सव नहीं, बल्कि भक्ति, प्रेम और आस्था का अद्वितीय संगम है।
A wave of faith surged in Vrindavan on Rangbhari Ekadashi.
The city of Kanha is filled with the colours of devotion, and the Parikrama route and temples are filled with people.
Mathura/Vrindavan. The joy of Holi, which began on Basant Panchami in the holy city of Vrindavan, reached its peak on Friday, the occasion of Rangbhari Ekadashi. Millions of devotees from India and abroad, seeking to play Holi with Thakurji and earn merit, drenched the entire city in the colors of devotion.
The world-famous Thakur Banke Bihari Temple was the central focus of this Holi celebration. As soon as dawn broke, long queues of devotees formed outside the temple. As soon as the temple doors opened, the sevayat Goswamis began showering devotees with abir and gulal on behalf of Thakurji. Devotees seemed excited to be drenched in the gulal, a prasad from their deity. The entire temple complex reverberated with chants of “Banke Bihari Lal ki Jai” and the splashes of rainbow-colored gulal.
For the convenience of devotees, a large LED screen was installed at the temple’s exit gate number 1, broadcasting live events inside the temple. This allowed devotees standing outside to also have darshan of Thakurji and enjoy the Holi celebrations.
Crowds gathered on the Panchkosi Parikrama route
Along with the temples, Vrindavan’s Panchkosi Parikrama route also witnessed a remarkable confluence of faith. From early morning, groups of devotees set out on the Parikrama, chanting Radha-Krishna’s praises and singing Holi songs. The flying colours of abir and gulal and the enthusiasm of devotees greeting each other on the festival of love filled the entire atmosphere with devotion.
Administration remained alert
In view of the massive crowd pressure, the district administration remained fully alert. A large police force was deployed at major intersections, the temple area, and the circumambulation route. District Magistrate Chandra Prakash Singh and SSP Shlok Kumar personally inspected the site and reviewed security and traffic arrangements to ensure easy and safe darshan for devotees.
This huge crowd that gathered in Vrindavan on the occasion of Rangbhari Ekadashi once again proved that Holi of Braj is not just a festival of colours, but a unique confluence of devotion, love and faith.

Journalism is going through a challenging phase – Chinmay Pandya

Posted on 27.02.2026 Friday Time 08.20 PM Report by our Correspondent Ram Chandra Kannojia, Hardwar, Uttarakhand 

Haridwar, 27 February. As part of the Hindi Journalism Dishatabdi celebrations being held at the Press Club to commemorate two hundred years of Hindi journalism, a lecture series was held at the Press Club auditorium on Friday. The programme was inaugurated by the Chief Guest, Dr. Chinmoy Pandya, Chief Speaker National Union of Journalists India National General Secretary Pradeep Kumar Tiwari, Niranjani Akhara Secretary Shri Mahant Ramratan Giri, Press Club President Dharmendra Chaudhary and General Secretary Deepak Mishra lit the lamp. Senior journalists Kaushal Sikola, Rajnikant Shukla, Sanjay Arya, Sandeep Rawat welcomed the guests by presenting mementos, garlands of Rudraksh and Gangajali. Chief Guest Dev Sanskriti Vishwavidyalaya Shantikunj Pratikul

February 25, 2026

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने जापान में भारतीय मूल के लोगों को सम्बोधित किया

  • जापान ‘Land of Sun’ और भारत ‘Son of Sun’ : मुख्यमंत्री
  • हम लोगों को मिलकर प्रधानमंत्री जी के ‘एक भारत-श्रेष्ठ भारत’, ‘आत्मनिर्भर और विकसित भारत’ के संकल्प को आगे बढ़ाने में अपना योगदान देना होगा
  • उ0प्र0 में सेमीकण्डक्टर, डेटा सेण्टर, लॉजिस्टिक्स पार्क, बड़े-बड़े एयरपोर्ट बन रहे
  • मुख्यमंत्री ने जापान में रह रहे भारतीय मूल के लोगों को होली की शुभकामनाएं दीं
लखनऊ : 25 फरवरी, 2026 उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ जी ने कहा कि जापान ‘Land of Sun’ और भारत ‘Son of Sun’ है। इस प्रकार भारत और जापान एक-दूसरे को जोड़ते हैं। हम यहां दो दर्जन से अधिक डेलीगेशन से मिले हैं, जिनमें राजनेता, मंत्री, गवर्नर व उद्योगपति शामिल थे। सभी लोग भारत और उत्तर प्रदेश की तारीफ कर रहे थे। हर डेलीगेशन बहुत सकारात्मक भाव के साथ भारत में निवेश करने को इच्छुक है। उन्हें उत्तर प्रदेश में ‘ट्रस्ट, टेक्नोलॉजी एण्ड ट्रांसफॉर्मेशन’ की त्रिवेणी देखने को मिल रही है। यह चीजें दिखाती हैं कि हमारी दिशा एकदम सही है। हमें अपनी स्पीड को और बढ़ाना होगा। उस स्पीड को निरन्तरता देने के लिए हमें आपके सकारात्मक सहयोग की भी अपेक्षा रहेगी।
मुख्यमंत्री जी आज टोक्यो, जापान में भारतीय मूल के लोगों के साथ ‘संवाद कार्यक्रम’ को सम्बोधित कर रहे थे। इस अवसर पर मुख्यमंत्री जी ने जापान में रह रहे भारतीय मूल के लोगों को होली की शुभकामनाएं दीं। उन्होंने बेटियों द्वारा प्रस्तुत सांस्कृतिक कार्यक्रम की सराहना भी की। सांस्कृतिक कार्यक्रम में काशी के शास्त्रीय संगीत व उत्तराखण्ड के जागर का प्रस्तुतिकरण किया गया।
मुख्यमंत्री जी ने कहा कि इस समय दुनिया के अंदर आर्थिक क्षेत्र में काफी उथल-पुथल मची हुई है, जो बहुत दिनों तक नहीं रहेगी। धैर्य के साथ पूरी दुनिया इसे देख रही है। हम लोगों को भी इन स्थितियों में जिस देश में रह रहे हैं, वहां का संबल बनना होगा, लेकिन साथ-साथ अपने देश के बारे में भी सोचना है और उसे आगे बढ़ाने में अपना योगदान देना है।

जापान में भारतीय मूल के लगभग 55 हजार लोग रहते हैं। हमें अलग-अलग समूह बनाने के बजाय यहां की सरकार के साथ मिलकर जापान के विकास में योगदान देने के साथ-साथ भारत के विकास कार्यक्रमों को मजबूती से आगे बढ़ाना होगा। यद्यपि हमारे प्रवासी भारतीय इन कार्यक्रमों को आगे बढ़ा रहे हैं। हम लोगों को मिलकर इन विकास कार्यक्रमों को और मजबूती देनी होगी और प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी के ‘एक भारत-श्रेष्ठ भारत’, ‘आत्मनिर्भर और विकसित भारत’ के संकल्प को आगे बढ़ाने में अपना योगदान देना होगा।
मुख्यमंत्री जी ने कहा कि दुनिया में जब भी भारतीय मूल के लोगों या किसी देश पर कोई संकट आता है, तो भारत द्वारा सहायता पहुंचती है। प्रधानमंत्री जी स्वयं फ्रण्ट फुट पर रहकर अपने लोगों को वहां से सुरक्षित निकालने में योगदान देते हैं। भारत कभी भी अपने नागरिकों के हितों, उनकी सुरक्षा में सेंध नहीं लगाने देता, हमेशा उनके साथ खड़ा रहता है। भारतीय मूल के लोगों को अपने देश की उन्नति और समृद्धि के लिए अपना योगदान देना चाहिए। ‘सर्वे भवन्तु सुखिनः सर्वे सन्तु निरामया’ के भाव के साथ हमें कार्य करना चाहिए।

मुख्यमंत्री जी ने कहा कि भगवान श्रीराम सूर्यवंश परम्परा में पैदा हुए थे। महात्मा बुद्ध ने भी उसी कड़ी को आगे बढ़ाया। अलग-अलग समय में अवतारों ने अपनी भूमिका का निर्वहन करते हुए उस समय की मानवता का मार्ग प्रशस्त किया। यह सभी अवतार मानव जाति के विकास की क्रमिक यात्रा का प्रतिनिधित्व और उसके मार्ग प्रदाता रहे हैं।
भारतीय सनातन धर्म परम्परा ने धर्म को केवल उपासना विधि से ही नहीं जोड़ा है, बल्कि कर्तव्यों के साथ भी जोड़ा है। सनातन परम्परा को जीवन पद्धति के रूप में अंगीकार किया है। इसको ‘वे ऑफ लाइफ’ माना गया है, जो आपको नैतिक मूल्यों के साथ आगे बढ़ने, अपने से बड़ों के प्रति और धरती के प्रति कृतज्ञता ज्ञापित करने की प्रेरणा प्रदान करती है। हम सभी अपने कर्तव्यों का पालन करें। यही हमारा धर्म है और भारतीय जहां भी रहते हैं, वह अपने धर्म का पालन करते हैं।
मुख्यमंत्री जी ने कहा कि भारत से हजारों किलोमीटर दूर जापान में भारतीय मूल के रह रहे लोग यहां के विकास में योगदान दे रहे हैं। आप सभी ने अपनी आध्यात्मिक व सांस्कृतिक विरासत को संजो कर रखा है। विभिन्न पर्व और त्योहारों में आप सभी की एकजुटता इस बात को प्रदर्शित करती है। प्रधानमंत्री जी की प्रेरणा से विगत 24 जनवरी को यहां भी ‘उत्तर प्रदेश स्थापना दिवस’ मनाया गया। इस प्रकार के क्षण हमें अपने राज्य व राष्ट्र के प्रति अपने दायित्वों व नये संकल्पों के निर्वहन का अवसर प्रदान करते हैं। पर्व और त्योहार इन्हीं संकल्पों के प्रतीक हैं।
उत्तर प्रदेश में हमारी सरकार ने दीपोत्सव, देव दीपावली व रंगोत्सव के भव्य कार्यक्रम शुरू किए। दीपोत्सव कार्यक्रम के आरम्भ वर्ष में हमने प्रदेशभर से 51,000 दीपक इकट्ठे किए थे और आज हम अयोध्या में बने 25 से 30 लाख दीपक वहां एक साथ प्रज्ज्वलित करते हैं। आज बरसाना, मथुरा में लोगों ने लठ्ठमार होली खेली। कल बरसाना में 05 लाख लोग थे और आज नंद गांव में उससे भी ज्यादा भीड़ है। लोगों में उत्साह व उमंग है। जीवन की इस आपाधापी में कुछ समय अपने मूल्यों, आदर्शों के साथ बिना किसी भय, तनाव से मुक्त होकर व्यक्ति जी सके, यही जीने का आनन्द है। डर की वजह से व्यक्ति कब तक जिएगा, उसे बेहतर वातावरण प्रदान करना लोकप्रिय सरकार का धर्म है और हमारी सरकार ने अपने इस धर्म का निर्वहन किया है।
मुख्यमंत्री जी ने कहा कि आज लोगों में विकास की स्वस्थ प्रतिस्पर्धा आगे बढ़ी है। विकास और उन्नति का भाव लोगों के मन में एक नया आकर्षण पैदा कर रहा है। प्रयागराज महाकुम्भ-2025 में 66 करोड़ से अधिक श्रद्धालु आए थे। दुनिया के कई देशों की तो इतनी आबादी भी नहीं है। वर्षभर में उत्तर प्रदेश में 156 करोड़ टूरिस्ट विभिन्न तीर्थ स्थलों व पर्यटन स्थलों पर आए हैं। प्रदेश सरकार ने इन स्थलों के विकास के लिए कार्ययोजना बनायी है, ताकि हम अपनी विरासत पर गौरव की अनुभूति कर सकें, क्योंकि विरासत पर गौरव की अनुभूति करके ही कोई समाज आगे बढ़ सकता है। विरासत पर गौरव की अनुभूति ही कृतज्ञता का ज्ञापन है।
हम भारतीयों के मन में सदैव अपनी मातृभूमि के प्रति कृतज्ञता का भाव रहता है। ‘कृते च प्रति कर्तव्यं एष धर्मः सनातनः’ अर्थात किए गए उपकार के बदले में उपकार करना ही सनातन धर्म है। इस प्रेरणा से ओतप्रोत होकर जब हम कार्य करते हैं, तो यह कर्तव्यबोध हम सभी भारतीयों को जीवन के हर क्षेत्र में एक नई ऊंचाई प्रदान करता है। दुनिया में भारतीयों ने विभिन्न क्षेत्रों में अच्छी प्रगति की है। कुछ नया करके दिखाया है। लोगों के लिए एक नई प्रेरणा प्रदान की है।

मुख्यमंत्री जी ने कहा कि आज भारत प्रधानमंत्री जी के नेतृत्व में विकास की नई ऊंचाईयां प्राप्त कर रहा है। देश व दुनिया को एक ‘नये भारत’ के दर्शन हो रहे हैं। हम ‘विकसित भारत की संकल्पना’ को साकार होते देख रहे हैं। हमारी पीढ़ी इस बात पर गौरव की अनुभूति कर सकती है कि हमने अपनी विरासत को प्रभावी ढंग से आगे बढ़ाया और विकसित भारत के सभी आयामों को छूने का प्रयास किया है। आज भारत हर क्षेत्र में प्रगति कर रहा है। समग्र विकास के साथ अच्छा इंफ्रास्ट्रक्चर विकसित हो रहा है। अच्छी कनेक्टिविटी के साथ सुरक्षा का बेहतरीन वातावरण है। उत्तर प्रदेश में भारत की सर्वाधिक आबादी निवास करती है। उत्तर प्रदेश ने भी विकास के नए आयाम छूने के कार्य किए हैं। अब आप लोगों को उत्तर प्रदेश से कर्फ्यू, दंगों, उपद्रव के समाचार नहीं, बल्कि उत्सव के समाचार आते होंगे।
मुख्यमंत्री जी ने कहा कि उत्तर प्रदेश में सेमीकण्डक्टर, डेटा सेण्टर, लॉजिस्टिक्स पार्क, बड़े-बड़े एयरपोर्ट बन रहे हैं। दुनिया के निवेशक भारत के सामर्थ्य व सम्भावनाओं को समझ रहे हैं और इसकी सराहना भी कर रहे हैं। हम देश के हित व विकास तथा मानवता के कल्याण के लिए भरसक प्रयास कर रहे हैं। हमारी ताकत दुनिया को मैत्री और करुणा के पथ पर अग्रसर करने के लिए है। किसी को डराने या किसी पर जबरन शासन करने के लिए नहीं। भगवान श्रीराम ने हम सबको यही प्रेरणा दी है कि ‘अपि स्वर्णमयी लंका न मे लक्ष्मण रोचते, जननी जन्मभूमिश्च स्वर्गादपि गरीयसी’। प्रधानमंत्री जी के आह्वान पर हम सबको मिलकर ‘विकसित भारत’ बनाने की दिशा में कार्य करना होगा।
इस अवसर पर उत्तर प्रदेश के वित्त एवं संसदीय कार्य मंत्री  सुरेश कुमार खन्ना, औद्योगिक विकास मंत्री  नन्द गोपाल गुप्ता ‘नन्दी’, जापान में भारत की राजदूत सुश्री नगमा एम0 मलिक, सलाहकार मुख्यमंत्री  अवनीश कुमार अवस्थी, अपर मुख्य सचिव वित्त दीपक कुमार, सचिव मुख्यमंत्री अमित सिंह तथा भारतीय मूल के गणमान्य व्यक्ति उपस्थित थे।

बीमार बसपा विधायक के घर आयकर छापेमारी से मंत्री दिनेश प्रताप सिंह नाराज

लखनऊ। उत्तर प्रदेश सरकार के उद्यान मंत्री दिनेश प्रताप सिंह ने बहुजन समाज पार्टी (BSP) के रसड़ा विधायक उमाशंकर सिंह के आवास पर पड़े आयकर छापों को लेकर कड़ा विरोध दर्ज कराया है। उमाशंकर सिंह मंत्री दिनेश प्रताप सिंह के समधी हैं। मंत्री ने सोशल मीडिया के माध्यम से इस कार्रवाई को असंवेदनशील और अमानवीय बताया।
जानकारी के अनुसार, आयकर विभाग ने बुधवार को विधायक उमाशंकर सिंह के बलिया जनपद स्थित विभिन्न ठिकानों पर छापेमारी की। इस कार्रवाई से नाराज़ दिनेश प्रताप सिंह ने सवाल उठाया कि जब उमाशंकर सिंह पिछले दो वर्षों से जीवन और मृत्यु के बीच संघर्ष कर रहे हैं, तब इस तरह की कार्रवाई का औचित्य क्या है। दिनेश प्रताप सिंह ने लिखा कि उमाशंकर सिंह इस समय गंभीर रूप से बीमार हैं, आइसोलेशन में रह रहे हैं और उनका अधिकांश समय व धन इलाज में खर्च हो रहा है। उन्होंने बताया कि विधायक न तो विधानसभा सत्र में भाग ले पा रहे हैं और न ही उनके आवास पर नर्स या डॉक्टर को आसानी से जाने दिया जा रहा है।

मंत्री ने यह भी कहा कि उमाशंकर सिंह बहुजन समाज पार्टी सुप्रीमो मायावती के करीबी माने जाते हैं और हाल के दिनों में बसपा द्वारा ब्राह्मण राजनीति को लेकर सक्रियता बढ़ाई गई है, जिससे सत्तारूढ़ भारतीय जनता पार्टी पर राजनीतिक दबाव है। ऐसे में आयकर छापे को राजनीतिक प्रतिशोध से जोड़कर भी देखा जा रहा है।
दिनेश प्रताप सिंह ने चेतावनी भरे शब्दों में कहा कि यदि इस दौरान उमाशंकर सिंह के जीवन को कोई क्षति होती है, तो इसके लिए संबंधित संस्थाएं जिम्मेदार होंगी। उन्होंने इसे दुर्लभतम अपराधों में भी न्यायालय द्वारा दिखाई जाने वाली मानवीय संवेदना के विपरीत बताया और ईश्वर से ऐसी सोच रखने वाले लोगों व संस्थाओं को सद्बुद्धि देने की कामना की। इस पूरे घटनाक्रम ने प्रदेश की राजनीति में हलचल मचा दी है, क्योंकि बयान एक ऐसे मंत्री की ओर से आया है जो मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के करीबी माने जाते हैं।

February 23, 2026

Gorakhpur AIIMS की नागालैंड की रहने वाली महिला डॉक्टर से छेड़खानी,

Santosh Kumar Singh
Gorakhpur
23/02/2026

*बैड टच, लगभग 1.5km तक किया पीछा , गंदे कमेंट किए और लड़के ने शर्ट उतारकर डराया*

गोरखपुर। 22 फरवरी की देर शाम गोरखपुर AIIMS की महिला डॉक्टर के साथ छेड़खानी और बैडटच का मामला सामने आया है। शहर के मोहद्दीपुर स्थित ओरियन मॉल से लौटते समय बाइक सवार 3 लोगों ने महिला डॉक्टर का पीछा किया। एम्स गेट नo 2 तक लगभग डेढ़ किलोमीटर तक पीछा करते हुए गंदे कमेंट करते रहे।
एक युवक ने लेडी डॉक्टर को डराते हुए अपनी शर्ट उतार दी। एम्स के गेट नंबर 2 के करीब पहुंचने पर युवक ने लेडी डॉक्टर को बैड टच किया। पीड़िता के चिल्लाने पर आरोपी भागे। घटना 22 फरवरी को रात 8 बजे की है।

कैंपस पहुंचने के बाद डॉक्टर ने नॉर्थ ईस्ट फेडरेशन ऑफ ऑल इंडिया रेजिडेंट डॉक्टर्स (नाफोर्ड) में इसकी शिकायत की। इसके बाद नाफोर्डएम्स ने मुख्यमंत्री कार्यालय सहित स्थानीय प्रशासन को टैग करते हुए X हैंडल पर पोस्ट किया।

नाफोर्डएम्स ने X पर लिखा- “एम्स गोरखपुर में तीसरे साल की प्रसूति और स्त्रीरोग विशेषज्ञ के साथ गंभीर नस्लीय उत्पीड़न और यौन हमला हुआ। 22 फरवरी की रात तकरीबन 8 बजे गोरखपुर में ओरियन मॉल से बाहर निकलते समय, तीन पुरुषों ने उसे घूरते रहे और अभद्र टिप्पणियां कीं।”

देश के पूर्वोत्तर इलाके की रहने वाली डॉक्टर पर नस्लीय टिप्पणियां भी कीं गई। तीनों अपराधी एम्स के गेट नंबर दो की ओर जाने वाली सड़क पर उसका पीछा करते रहे। इस दौरान वे सभी गालियां देते रहे। उनमें से एक ने महिला डॉक्टर को डराने के लिए जानबूझकर अपनी शर्ट उतार दी।

गेट नंबर दो पर सेना शिविर के पास एक आदमी ने महिला डॉक्टर को गलत तरीके से छुआ। इससे महिला रेजिडेंट डाक्टर को गहरा सदमा और आघात पहुंचा।

गोरखपुर एसएसपी डॉ कौस्तुभ ने बताया कि पूरे मामले का सज्ञान लेते हुए तत्काल जांच शुरु कर दिया गया है और सीसीटीवी की मदद से अभियुक्तों की पहचान कर ली गई है। पुलिस की चार टीम बना कर अभियुक्तों की गिरफ्तारी का प्रयास किया जा रहा है।

« Newer PostsOlder Posts »