Posted on 27.02.2026 Friday Time 09.18 PM Holi Mathura Vrandavan, Report by :Atul Kumar Jindal, Senior Correspondent of UP Samachar Sewa, UP Web News
Posted on 27.02.2026 Friday Time 09.18 PM Holi Mathura Vrandavan, Report by :Atul Kumar Jindal, Senior Correspondent of UP Samachar Sewa, UP Web NewsPosted on 27.02.2026 Friday Time 08.20 PM Report by our Correspondent Ram Chandra Kannojia, Hardwar, Uttarakhand
Haridwar, 27 February. As part of the Hindi Journalism Dishatabdi celebrations being held at the Press Club to commemorate two hundred years of Hindi journalism, a lecture series was held at the Press Club auditorium on Friday. The programme was inaugurated by the Chief Guest, Dr. Chinmoy Pandya, Chief Speaker National Union of Journalists India National General Secretary Pradeep Kumar Tiwari, Niranjani Akhara Secretary Shri Mahant Ramratan Giri, Press Club President Dharmendra Chaudhary and General Secretary Deepak Mishra lit the lamp. Senior journalists Kaushal Sikola, Rajnikant Shukla, Sanjay Arya, Sandeep Rawat welcomed the guests by presenting mementos, garlands of Rudraksh and Gangajali. Chief Guest Dev Sanskriti Vishwavidyalaya Shantikunj Pratikul
लखनऊ। उत्तर प्रदेश सरकार के उद्यान मंत्री दिनेश प्रताप सिंह ने बहुजन समाज पार्टी (BSP) के रसड़ा विधायक उमाशंकर सिंह के आवास पर पड़े आयकर छापों को लेकर कड़ा विरोध दर्ज कराया है। उमाशंकर सिंह मंत्री दिनेश प्रताप सिंह के समधी हैं। मंत्री ने सोशल मीडिया के माध्यम से इस कार्रवाई को असंवेदनशील और अमानवीय बताया।
जानकारी के अनुसार, आयकर विभाग ने बुधवार को विधायक उमाशंकर सिंह के बलिया जनपद स्थित विभिन्न ठिकानों पर छापेमारी की। इस कार्रवाई से नाराज़ दिनेश प्रताप सिंह ने सवाल उठाया कि जब उमाशंकर सिंह पिछले दो वर्षों से जीवन और मृत्यु के बीच संघर्ष कर रहे हैं, तब इस तरह की कार्रवाई का औचित्य क्या है। दिनेश प्रताप सिंह ने लिखा कि उमाशंकर सिंह इस समय गंभीर रूप से बीमार हैं, आइसोलेशन में रह रहे हैं और उनका अधिकांश समय व धन इलाज में खर्च हो रहा है। उन्होंने बताया कि विधायक न तो विधानसभा सत्र में भाग ले पा रहे हैं और न ही उनके आवास पर नर्स या डॉक्टर को आसानी से जाने दिया जा रहा है।
मंत्री ने यह भी कहा कि उमाशंकर सिंह बहुजन समाज पार्टी सुप्रीमो मायावती के करीबी माने जाते हैं और हाल के दिनों में बसपा द्वारा ब्राह्मण राजनीति को लेकर सक्रियता बढ़ाई गई है, जिससे सत्तारूढ़ भारतीय जनता पार्टी पर राजनीतिक दबाव है। ऐसे में आयकर छापे को राजनीतिक प्रतिशोध से जोड़कर भी देखा जा रहा है।
दिनेश प्रताप सिंह ने चेतावनी भरे शब्दों में कहा कि यदि इस दौरान उमाशंकर सिंह के जीवन को कोई क्षति होती है, तो इसके लिए संबंधित संस्थाएं जिम्मेदार होंगी। उन्होंने इसे दुर्लभतम अपराधों में भी न्यायालय द्वारा दिखाई जाने वाली मानवीय संवेदना के विपरीत बताया और ईश्वर से ऐसी सोच रखने वाले लोगों व संस्थाओं को सद्बुद्धि देने की कामना की। इस पूरे घटनाक्रम ने प्रदेश की राजनीति में हलचल मचा दी है, क्योंकि बयान एक ऐसे मंत्री की ओर से आया है जो मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के करीबी माने जाते हैं।
Santosh Kumar Singh
Gorakhpur
23/02/2026
*बैड टच, लगभग 1.5km तक किया पीछा , गंदे कमेंट किए और लड़के ने शर्ट उतारकर डराया*
गोरखपुर। 22 फरवरी की देर शाम गोरखपुर AIIMS की महिला डॉक्टर के साथ छेड़खानी और बैडटच का मामला सामने आया है। शहर के मोहद्दीपुर स्थित ओरियन मॉल से लौटते समय बाइक सवार 3 लोगों ने महिला डॉक्टर का पीछा किया। एम्स गेट नo 2 तक लगभग डेढ़ किलोमीटर तक पीछा करते हुए गंदे कमेंट करते रहे।
एक युवक ने लेडी डॉक्टर को डराते हुए अपनी शर्ट उतार दी। एम्स के गेट नंबर 2 के करीब पहुंचने पर युवक ने लेडी डॉक्टर को बैड टच किया। पीड़िता के चिल्लाने पर आरोपी भागे। घटना 22 फरवरी को रात 8 बजे की है।
कैंपस पहुंचने के बाद डॉक्टर ने नॉर्थ ईस्ट फेडरेशन ऑफ ऑल इंडिया रेजिडेंट डॉक्टर्स (नाफोर्ड) में इसकी शिकायत की। इसके बाद नाफोर्डएम्स ने मुख्यमंत्री कार्यालय सहित स्थानीय प्रशासन को टैग करते हुए X हैंडल पर पोस्ट किया।
नाफोर्डएम्स ने X पर लिखा- “एम्स गोरखपुर में तीसरे साल की प्रसूति और स्त्रीरोग विशेषज्ञ के साथ गंभीर नस्लीय उत्पीड़न और यौन हमला हुआ। 22 फरवरी की रात तकरीबन 8 बजे गोरखपुर में ओरियन मॉल से बाहर निकलते समय, तीन पुरुषों ने उसे घूरते रहे और अभद्र टिप्पणियां कीं।”
देश के पूर्वोत्तर इलाके की रहने वाली डॉक्टर पर नस्लीय टिप्पणियां भी कीं गई। तीनों अपराधी एम्स के गेट नंबर दो की ओर जाने वाली सड़क पर उसका पीछा करते रहे। इस दौरान वे सभी गालियां देते रहे। उनमें से एक ने महिला डॉक्टर को डराने के लिए जानबूझकर अपनी शर्ट उतार दी।
गेट नंबर दो पर सेना शिविर के पास एक आदमी ने महिला डॉक्टर को गलत तरीके से छुआ। इससे महिला रेजिडेंट डाक्टर को गहरा सदमा और आघात पहुंचा।
गोरखपुर एसएसपी डॉ कौस्तुभ ने बताया कि पूरे मामले का सज्ञान लेते हुए तत्काल जांच शुरु कर दिया गया है और सीसीटीवी की मदद से अभियुक्तों की पहचान कर ली गई है। पुलिस की चार टीम बना कर अभियुक्तों की गिरफ्तारी का प्रयास किया जा रहा है।