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राष्ट्रपति 19 को अयोधा और मथुरा जाएंगी

March 18, 2026

राष्ट्रपति 19 को अयोधा और मथुरा जाएंगी

नई दिल्ली 18 मार्च 2026, राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु कल से उत्तर प्रदेश के तीन दिन के दौरे पर रहेंगी। वे अयोध और मथुरा जाएंगी। राष्ट्रपति कल अयोध्या पहुंचेंगी और श्री राम जन्मभूमि मंदिर का दर्शन करेंगी। इसके बाद वे मथुरा-वृंदावन के लिए रवाना होंगी। राष्ट्रपति शुक्रवार को वृंदावन स्थित रामकृष्ण मिशन सेवाश्रम के नंद किशोर सोमानी ऑन्कोलॉजी ब्लॉक का उद्घाटन करेंगी। वे इस्कॉन मंदिर भी जाएंगी।

उनके अयोध्या और मथुरा दौरे के लिए व्यापक प्रबंध किए गए हैं।

मथुरा में चलती स्कूली बस बनी आग का गोला,

दारोगा की सूझबूझ से टला बड़ा हादसा
मथुरा।
मथुरा में एक बड़ा हादसा उस समय टल गया, जब चलती स्कूली बस अचानक आग का गोला बन गई। यह घटना बरेली हाईवे पर बाद क्षेत्र से करीब तीन किलोमीटर आगे की बताई जा रही है। बस में करीब एक दर्जन स्कूली बच्चे सवार थे, जिससे मौके पर अफरा-तफरी मच गई।
इसी दौरान वीआईपी ड्यूटी से लौट रहे मांट थाने के एसआई सतेंद्र सिंह की नजर बस से उठते धुएं पर पड़ी। उन्होंने तत्परता दिखाते हुए अपनी गाड़ी बस के आगे लगाकर उसे रुकवाया और स्थिति की गंभीरता को भांपते हुए बिना समय गंवाए सभी बच्चों को सुरक्षित बाहर निकलवाया।
कुछ ही पलों में आग ने विकराल रूप ले लिया, लेकिन समय रहते बच्चों को बाहर निकाल लेने से बड़ा हादसा टल गया। स्थानीय लोगों की मदद से आग पर काबू पाने का प्रयास किया गया।
दारोगा सतेंद्र सिंह की सूझबूझ और बहादुरी से दर्जनों बच्चों की जान बच गई। घटना के बाद क्षेत्र में हड़कंप मच गया, जबकि अभिभावकों ने राहत की सांस ली।

March 17, 2026

श्रीकृष्ण जन्मभूमि के गर्भगृह की सच्चाई जनता के सामने लाएंगे : महेंद्र प्रताप

वृंदावन। प्रज्ञान मिशन के तत्वावधान में फोगला आश्रम में आयोजित धार्मिक कार्यक्रम में महेंद्र प्रताप सिंह ने श्रीकृष्ण जन्मभूमि प्रकरण को लेकर अपने विचार व्यक्त किए। कार्यक्रम में एच.एच. परमहंस प्रज्ञानंद जी महाराज का सानिध्य प्राप्त हुआ।
महेंद्र प्रताप सिंह ने कहा कि श्रीकृष्ण जन्मभूमि का वास्तविक गर्भगृह स्थल अपने मूल स्वरूप में वापस आएगा और वहां भगवान का भव्य मंदिर स्थापित होगा। उन्होंने स्पष्ट किया कि यह आंदोलन किसी प्रकार के टकराव का नहीं, बल्कि संवैधानिक एवं कानूनी प्रक्रिया के माध्यम से सत्य की स्थापना का प्रयास है।
उन्होंने कहा कि यह संघर्ष न्यायालय से लेकर जमीन तक शांतिपूर्ण तरीके से लड़ा जा रहा है और इसका उद्देश्य समाज में जागरूकता फैलाना है। “चलो गांव की ओर” एवं “श्रीकृष्ण जन्मभूमि मुक्ति ज्योति यात्रा” जैसे अभियानों के माध्यम से इस विषय को देश-विदेश तक पहुंचाया जा रहा है।
महेंद्र प्रताप सिंह ने ऐतिहासिक संदर्भों का उल्लेख करते हुए वैज्ञानिक एवं पुरातात्विक जांच की आवश्यकता पर भी बल दिया, ताकि तथ्यों को और स्पष्ट किया जा सके। कार्यक्रम के अंत में उन्होंने उपस्थित श्रद्धालुओं को जन्मभूमि के वास्तविक गर्भगृह स्थल पर मंदिर निर्माण के समर्थन में संकल्प दिलाया और शांतिपूर्ण तरीके से अभियान को आगे बढ़ाने का आह्वान किया।
इस अवसर पर संत स्वामी ब्रह्मानंद, स्वामी कृष्णानंद गिरी, भास्कर शास्त्री, कुसुम मिश्रा, रीना मुखर्जी, देवाशीष, भूषण पाटिल सहित देश-विदेश से आए श्रद्धालु बड़ी संख्या में उपस्थित रहे। संत प्रज्ञानंद जी महाराज ने भी इस मांग का समर्थन करते हुए कहा कि वे इस विषय को अपने कार्यक्रमों में प्रमुखता से उठाएंगे।

सच्ची भक्ति के लिए आत्मा की शुद्धि जरूरी : गोविंदानंद

Posted on 17.03.2026 Tuesday, Time 07.19 PM, Mathura Vrandavan, Atul Kumar
मथुरा। बलदेव कस्बा स्थित रीढ़ा में चल रही श्री मद्भागवत कथा में भागवत प्रवक्ता आचार्य मनीष गर्गाचार्य ने गोवर्धन पूजा की दिव्य कथा विस्तार पूर्वक सुनाई । इस अवसर पर भगवान गिरिराज जी महाराज के समक्ष सुंदर छप्पन भोग के दर्शन कराये गये।कथा में छठवें दिन रुक्मणी विवाह प्रसंग का भावपूर्ण वर्णन किया गया।
इस अवसर पर रमणरेती आश्रम से आए  गोविंदानंद महाराज ने कहा कि भगवान की सच्ची भक्ति के लिए आत्मा की शुद्धि जरूरी है। उन्होंने बताया कि संत के पास जाने का उद्देश्य केवल आत्म कल्याण और ईश्वर प्राप्ति होना चाहिए। सांसारिक चर्चाओं से बचना चाहिए।
इस अवसर पर परीक्षित श्याम सुन्दर अग्रवाल,रेखा अग्रवाल,थाना प्रभारी पुष्पेंद्र सिंह,बंटी पहलवान,अजीत पहलवान,नीरज चौधरी,शैलेंद्र चौधरी,पप्पू सिकरवार,सुदीप बंसल,विकास अग्रवाल,सुनील गर्ग,रवि गर्गाचार्य,शुभम अग्रवाल,देवेंद्र तिवारी,छैलबिहारी,बांकेलाल,धर्मेंद्र उपाध्याय,रवेंद्र सिंह, डॉ.दिलीप,अनिल सोनी, नीटू सोनी,बलदेव सेठ, लक्ष्मण सैनी,शिवम गोस्वामी,बलदेव सेठ,देव अग्रवाल, डॉ.देव परिहार,गुलबीर सिंह,अजय सिकरवार,ओमप्रकाश भगत जी,विष्णु तेहरिया,प्रतीक,अवधेश दुबे,अखिलेश पाठक,अनुज उपमन्यु,राजेश पाठक, डॉ. नत्थी सिंह,प्रदीप कुंतल,हरपाल सिंह,सतेंद्र पहलवान,सुरेन्द्र चौधरी,विनय अग्रवाल,शिवा उपाध्याय,युवा समाजसेवी सुजीत वर्मा आदि प्रमुख रूप से उपस्थित रहे।

March 16, 2026

संघ के विस्तार का अर्थ राष्ट्रीय विचार का विस्तार- दत्तात्रेय होसबाले,

  • देश के नागरिकों का औपनिवेशिक मानसिकता से मुक्त होना आवश्यक
  • भारतीय विमर्श समस्त विश्व के कल्याण का विचार
  • महापुरुष हम सबके हैं उनके योगदान और मार्गदर्शन पर हो बात
  • संघ में सबका स्वागत, राष्ट्र और समाज के लिए अच्छा काम करने वाले सभी लोगों को संघ का ही मानते हैं

किसी के विरोध के लिए संघ की स्थापना नहीं
कार्य विस्तार के कारण से होगा विकेंद्रीकरण

समालखा(पानीपत) 15 मार्च 26, राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ RSS की तीन दिवसीय अखिल भारतीय प्रतिनिधि सभा की बैठक संगठन कार्य में विस्तार, राष्ट्रहित में समाज की सज्जन शक्ति की अधिक सक्रियता और सामाजिक समरसता के संकल्प के साथ सम्पन्न हो गई। बैठक के अंतिम दिन संघ के सरकार्यवाह श्री दत्तात्रेय होसबाले ने पत्रकारों से संवाद किया। श्री होसबाले ने बताया कि पिछले वर्ष में संगठन कार्य का उल्लेखनीय विस्तार हुआ है। संघ की शाखाएं पहले लगभग छह हजार की वृद्धि के साथ 88 हजार से अधिक हो गई है तथा स्थान भी बढ़कर 55 हजार से अधिक हो गए हैं। इसके साथ ही साप्ताहिक मिलन और मंडली की संख्या भी बढ़ी है। संगठन कार्य में विस्तार को इस प्रकार देखना भी आवश्यक है कि अंडमान, अरुणाचल प्रदेश, लेह और दुर्गम जनजातीय क्षेत्रों में भी संघ की शाखाएं संचालित हो रही हैं। संघ के शताब्दी वर्ष के कार्यक्रमों में भी इस सांगठनिक विस्तार को स्पष्टता से देखा जा सकता है। अंडमान में हिंदू सम्मेलन में 9 द्वीपों से 13 हजार से अधिक लोग सम्मिलित हुए जिसमें सरसंघचालक जी की उपस्थिति रही। इसी प्रकार अरुणाचल प्रदेश जैसे कम जनसंख्या घनत्व वाले प्रदेश में भी 21 स्वधर्म सम्मेलनों में 37 हजार से अधिक लोगों ने सहभागिता की।

श्री दत्तात्रेय होसबाले के अनुसार सांगठनिक विस्तार के साथ संघ समाज में गुणवत्ता संवर्धन के लिए भी निरंतर कार्य कर रहा है। पंच परिवर्तन के माध्यम से समाज को सकारात्मक परिवर्तन के लिए प्रेरित करना महत्वपूर्ण है। भारतीय अथवा हिंदुत्व केवल एक विचार नहीं बल्कि जीवन शैली है और इसके माध्यम से समाज में गुणवत्ता का विस्तार होना चाहिए। इसी उद्देश्य से समाज की सज्जन शक्ति को एकत्र करना और Power of Good का राष्ट्रहित में प्रवृत्त होना आवश्यक है।

सरकार्यवाह श्री दत्तात्रेय ने कहा कि समाज में महापुरुषों के कार्यों को जाति, पंथ के भेद से ऊपर उठकर स्वीकार करना चाहिए और उनके माध्यम से समाज को सकारात्मक परिवर्तन के लिए आगे बढ़ना चाहिए। संघ के स्वयंसेवकों ने इसी दिशा में नवम गुरु श्री तेग बहादुर जी के बलिदान के 350 वें वर्ष के अवसर पर देशभर में 2 हजार से अधिक कार्यक्रम किए जिनमें 7 लाख से अधिक लोग सम्मिलित हुए। इसी प्रकार राष्ट्रगीत वंदेमातरम की 150 वर्षगांठ भी उत्साहपूर्वक मनाई गई। उन्होने कहा कि आगामी वर्ष में संत शिरोमणि रविदास जी महाराज के 650 वें प्राकट्य वर्ष पर कार्यक्रमों की योजना बनी है।

संघ के आगामी वर्ष के नियमित प्रशिक्षण वर्गों की जानकारी देते हुए दत्तात्रेय जी ने बताया कि 11 क्षेत्र के वर्ग तथा एक नागपुर के वर्ग को मिलाकर कुल 96 प्रशिक्षण वर्ग संचालित किए जाएंगे। इस प्रतिनिधि सभा में गौसेवा और ग्रामविकास की भी योजनाओं पर विचार किया गया है। नागरिकों को प्रेरित किया जाएगा कि वे घर की छत पर सब्जी गार्डन बनाएं उसमें देसी गोबर और गौमूत्र की खाद का उपयोग करें जिससे गौसंवर्धन में सभी सहयोग कर सकते हैं। इसी तरह हरित घर बनाने का भी संकल्प नागरिक ले सकते हैं जिससे घर में पॉलीथीन न्यूनतम उपयोग, जल संरक्षण आदि प्रयास किए जा सकते हैं।

संघ की संगठनात्मक संरचना में परिवर्तन संबंधित प्रश्न का उत्तर देते हुए श्री होसबाले ने कहा कि संरचना में विकेन्द्रीकरण पर विचार हुआ है जिसमें प्रांत के स्थान पर छोटी इकाई संभाग बनाने का प्रस्ताव है जिसके लागू होने पर 46 प्रांत के स्थान पर 80 से अधिक संभाग होंगे।

एक प्रश्न के उत्तर में सरकार्यवाह जी ने कहा कि समाज में जातिगत आधार पर विभेद को समाप्त करने के लिए मीडिया को भी आगे आना चाहिए और किसी भी चुनाव में मतदाताओं की संख्या का जाति आधारित आकलन बंद करना चाहिए। उन्होने वर्तमान अंतर्राष्ट्रीय परिस्थितियों में देश की सरकार द्वारा राष्ट्रहित में किए जा रहे कूटनीतिक प्रयासों की सराहना की और कहा कि संघ विश्व में शांति और विकास का पक्षधर है। एक अन्य प्रश्न के उत्तर में श्री दत्तात्रेय होसबाले ने कहा कि डॉ. हेडगेवार ने किसी समुदाय और पंथ-पूजा पद्धति के विरोध के लिए संघ की स्थापना नहीं की। संघ के दूसरे सरसंघचालक श्री गुरुजी ने भी कहा कि हम सबके पूर्वज एक हैं और पूजा-पाठ की पद्धति की भिन्नता से कोई अंतर नहीं आता, इसमें डीएनए शब्द नहीं था किंतु अभिप्राय यही था। तीसरे सरसंघचालक बालासाहब देवरस ने भी कहा कि भारत को अपनी मातृभूमि व अपना राष्ट्र मानने वाले और भारतीयता को जीने वाले सभी हिंदू हैं। संघ में सबका स्वागत है, जो भी समाज के लिए अच्छा कार्य कर रहा है हम उसको संघ का स्वयंसेवक ही मानते हैं।

अंडमान, अरुणाचल सहित पूरे देश में संघ के लिए समाज में उत्साह

अंडमान में प्रमुख 9 द्वीपों से 13 हजार से अधिक लोग सरसंघचालक जी की उपस्थिति में हुए हिंदू सम्मेलन में सम्मिलित हुए। इसी प्रकार अरुणाचल प्रदेश जैसे कम जनसंख्या घनत्व वाले प्रदेश में भी 21 स्वधर्म सम्मेलनों में 37 हजार से अधिक लोगों ने सहभागिता की।

जाति-पंथ के भेद से ऊपर उठकर हो महापुरुषों का सम्मान एवं अनुकरण

समाज में महापुरुषों के कार्यों को जाति, पंथ के भेद से ऊपर उठकर स्वीकार करना चाहिए और उनके माध्यम से समाज को सकारात्मक परिवर्तन के लिए आगे बढ़ना चाहिए। संघ के स्वयंसेवकों ने इसी दिशा में नवम गुरु श्री तेगबहादुर जी के बलिदान के 350 वें वर्ष पर देशभर में 2 हजार से अधिक कार्यक्रम किए जिनमें 7 लाख से अधिक लोग सम्मिलित हुए।

संघ की संगठनात्मक संरचना में विकेन्द्रीकरण की योजना

अखिल भारतीय प्रतिनिधि सभा की बैठक में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के विस्तार के साथ-साथ कार्य में गुणवत्ता तथा सुगमता की दृष्टि से संगठनात्मक संरचना के विकेन्द्रीकरण पर भी चर्चा हुई। आने वाली प्रतिनिधि सभा की बैठक तक प्रांत के स्थान पर संभाग बनाने का विचार हुआ है। इसके क्रियान्वयन के बाद वर्तमान में जो 46 प्रांत हैं उनके स्थान पर 80 से अधिक संभाग बनने की संभावना है।

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