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एनसीआर में मौसम का बड़ा बदलाव: तेज आंधी, बारिश, बिजली और ओलावृष्टि का अलर्ट, पूरे हफ्ते असर

April 3, 2026

एनसीआर में मौसम का बड़ा बदलाव: तेज आंधी, बारिश, बिजली और ओलावृष्टि का अलर्ट, पूरे हफ्ते असर

नई दिल्ली। भारतीय मौसम विभाग के ताज़ा पूर्वानुमान के अनुसार दिल्ली-एनसीआर समेत उत्तर प्रदेश के कई जिलों में एक बार फिर मौसम का मिज़ाज तेजी से बदलने वाला है। पश्चिमी विक्षोभ के सक्रिय होने से पूरे सप्ताह आंधी, बारिश, बिजली गिरने और कहीं-कहीं ओलावृष्टि की संभावना जताई गई है।

मौसम विभाग के अनुसार, आज के दिन अधिकतम तापमान करीब 33 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 21 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जबकि आर्द्रता (ह्यूमिडिटी) 80 से 45 प्रतिशत के बीच रही। आज का पूर्वानुमान “थंडरस्टोर्म विथ रेन,” यानी गरज-चमक के साथ बारिश का है, हालांकि फिलहाल किसी तरह की औपचारिक चेतावनी जारी नहीं की गई है। 4 अप्रैल को भी मौसम का यही रुख जारी रहेगा। अधिकतम तापमान 31 डिग्री और न्यूनतम 20 डिग्री रहने की संभावना है। मौसम विभाग ने विशेष रूप से दोपहर और शाम के समय के लिए अलर्ट जारी किया है।

दोपहर में 30 से 40 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चल सकती हैं, साथ ही बिजली चमकने और गरज के साथ बारिश होने की संभावना है। शाम के समय भी यही स्थिति बनी रहेगी, जिससे लोगों को सावधान रहने की सलाह दी गई है। 5 अप्रैल को भी गरज-चमक के साथ बारिश का सिलसिला जारी रहेगा। तापमान 31 डिग्री (अधिकतम) और 18 डिग्री (न्यूनतम) रहने की संभावना है, जबकि ह्यूमिडिटी 85 से 45 प्रतिशत के बीच रहेगी। 6 अप्रैल को मौसम में थोड़ी राहत देखने को मिलेगी। इस दिन आसमान आंशिक रूप से बादलों से घिरा रहेगा। तापमान 31 डिग्री/17 डिग्री रहने की संभावना है। इस दिन कोई चेतावनी जारी नहीं की गई है। 7 अप्रैल को फिर से मौसम करवट लेगा और गरज-चमक के साथ बारिश की संभावना है।
तापमान 33 डिग्री/18 डिग्री रहेगा। वहीं 8 अप्रैल को तापमान 31 डिग्री/17 डिग्री रहने की उम्मीद है। मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि पश्चिमी विक्षोभ के कारण उत्तर भारत के मैदानी इलाकों में यह बदलाव देखने को मिल रहा है। इसका असर दिल्ली-एनसीआर के साथ-साथ पश्चिमी उत्तर प्रदेश के कई जिलों में भी पड़ेगा। मौसम विभाग ने लोगों को सलाह दी है कि तेज आंधी और बिजली के दौरान खुले स्थानों से दूर रहें, पेड़ों के नीचे खड़े न हों और अनावश्यक यात्रा से बचें। किसानों को भी फसलों की सुरक्षा के लिए आवश्यक कदम उठाने की सलाह दी गई है। आने वाला सप्ताह एनसीआर के लिए मौसम के लिहाज से काफी उतार-चढ़ाव भरा रहने वाला है, जहां गर्मी के बीच बारिश और तेज हवाएं लोगों को राहत भी देंगी और सतर्क भी रखेंगी।

March 30, 2026

नवीन और नीतीश के विधान सभा, विधान परिषद से इस्तीफे

Neetish Kumar

पटना, 30 अप्रैल 26, राज्य सभा के सदस्य के रूप में निर्वाचन के भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष nitin नवीन और मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने राज्य विधान मंडल के सदनों से त्यागपत्र दे दिया है। दोनों ही 16 मार्च को राज्यसभा के निर्विरोध सदस्य निर्वाचित हुए।

आज नीतीश कुमार ने विधान परिषद से त्यागपत्र दिया तो नितिन नबीन ने विधानसभा से त्यागपत्र दे दिया।

March 29, 2026

श्रीकृष्ण जन्मभूमि और ईदगाह मामले की सुनवाई अब 10 अप्रैल को

Allahabad High Court

प्रयागराज, इलाहाबाद हाईकोर्ट में मथुरा स्थित श्रीकृष्ण जन्मभूमि और शाही ईदगाह मस्जिद मामले की सुनवाई अब अगली तारीख पर होगी। यह तारीख 10 अप्रैल निर्धारित की गई है। इसि मामले की सुनवाई शनिवार को होनी थी। संबंधित पक्षों की ओर से समय पर जवाब दाखिल नहीं हो सके। इस कारण सुनवाई टल गई। कोर्ट ने अब 10 अप्रैल की तारीख निर्धारित की है।

March 23, 2026

पीएम मोदी ने की सुरक्षा समिति की बैठक

नई दिल्ली 23 मार्च 26,प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने पश्चिम एशिया में वर्तमान संघर्ष के संदर्भ में स्थिति और चल रहे तथा प्रस्तावित राहत उपायों की समीक्षा के लिए मंत्रिमंडल की सुरक्षा मामलों की समिति (सीसीएस) की बैठक की अध्यक्षता की। श्री मोदी ने कहा कि यह संघर्ष लगातार बदलती हुई स्थिति है और इससे पूरी दुनिया किसी न किसी रूप में प्रभावित है।

उन्होंने कहा कि ऐसी स्थिति में नागरिकों को इस संघर्ष के प्रभाव से बचाने के लिए हर संभव प्रयास किए जाने चाहिए। प्रधानमंत्री ने निर्देश दिया कि सरकार के सभी अंग मिलकर काम करें ताकि नागरिकों को कम से कम परेशानी हो।

उन्‍होंने राज्य सरकारों के साथ उचित समन्वय सुनिश्चित करने के लिए भी कहा ताकि यह सुनिश्चित हो सके कि आवश्यक वस्तुओं की कालाबाज़ारी और जमाखोरी न हो। प्रधानमंत्री ने मंत्रियों और सचिवों के एक समूह के गठन का निर्देश दिया जो समग्र सरकारी दृष्टिकोण के साथ समर्पित रूप से काम करेगा। उन्होंने क्षेत्रीय समूहों को सभी हितधारकों के साथ परामर्श करके काम करने का भी निर्देश दिया।

प्रधानमंत्री कार्यालय के बयान के अनुसार बैठक के दौरान कैबिनेट सचिव डॉ. टी.वी. सोमनाथन ने वैश्विक स्थिति और भारत सरकार के सभी संबंधित मंत्रालयों और विभागों द्वारा अब तक उठाए गए तथा नियोजित राहत उपायों पर विस्तृत प्रस्तुति दी।

बैठक के दौरान कृषि, उर्वरक, खाद्य सुरक्षा, पेट्रोलियम, बिजली, निर्यातक, शिपिंग, व्यापार, वित्त, सूक्ष्‍म-लघु और मध्‍यम उद्यम, आपूर्ति श्रृंखला और अन्य सभी प्रभावित क्षेत्रों में अपेक्षित प्रभाव और उससे निपटने के लिए उठाए गए उपायों पर चर्चा की गई। देश में समग्र वृहद-आर्थिक परिदृश्य और आगे किए जाने वाले उपायों पर भी चर्चा हुई।

भोजन, ऊर्जा और ईंधन सुरक्षा सहित आम आदमी के लिए आवश्यक वस्तुओं की उपलब्धता का विस्तृत आकलन किया गया। आवश्यक वस्तुओं की लगातार उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए अल्पकालिक, मध्यमकालिक और दीर्घकालिक उपायों पर विस्तार से चर्चा की गई।

बैठक में रसायन, फार्मास्यूटिकल्स, पेट्रोकेमिकल्स और अन्य औद्योगिक क्षेत्रों के लिए ज़रूरी आयात के स्रोतों में विविधता लाने के लिए कई उपायों पर चर्चा की गई तथा भारतीय सामानों को बढ़ावा देने के लिए निकट भविष्य में निर्यात के नए गंतव्य विकसित किए जाएंगे। विज्ञप्ति में कहा गया है कि विभिन्न मंत्रालयों द्वारा प्रस्तावित कई उपायों को सभी हितधारकों से परामर्श के बाद आने वाले दिनों में तैयार और लागू किया जाएगा।

पश्चिम एशिया संकट: मोदी कैबिनेट की बैठक

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने पश्चिम एशिया में वर्तमान संघर्ष के संदर्भ में स्थिति और चल रहे तथा प्रस्तावित राहत उपायों की समीक्षा के लिए मंत्रिमंडल की सुरक्षा मामलों की समिति (सीसीएस) की बैठक की अध्यक्षता की। श्री मोदी ने कहा कि यह संघर्ष लगातार बदलती हुई स्थिति है और इससे पूरी दुनिया किसी न किसी रूप में प्रभावित है।

उन्होंने कहा कि ऐसी स्थिति में नागरिकों को इस संघर्ष के प्रभाव से बचाने के लिए हर संभव प्रयास किए जाने चाहिए। प्रधानमंत्री ने निर्देश दिया कि सरकार के सभी अंग मिलकर काम करें ताकि नागरिकों को कम से कम परेशानी हो।

उन्‍होंने राज्य सरकारों के साथ उचित समन्वय सुनिश्चित करने के लिए भी कहा ताकि यह सुनिश्चित हो सके कि आवश्यक वस्तुओं की कालाबाज़ारी और जमाखोरी न हो। प्रधानमंत्री ने मंत्रियों और सचिवों के एक समूह के गठन का निर्देश दिया जो समग्र सरकारी दृष्टिकोण के साथ समर्पित रूप से काम करेगा। उन्होंने क्षेत्रीय समूहों को सभी हितधारकों के साथ परामर्श करके काम करने का भी निर्देश दिया।

प्रधानमंत्री कार्यालय के बयान के अनुसार बैठक के दौरान कैबिनेट सचिव डॉ. टी.वी. सोमनाथन ने वैश्विक स्थिति और भारत सरकार के सभी संबंधित मंत्रालयों और विभागों द्वारा अब तक उठाए गए तथा नियोजित राहत उपायों पर विस्तृत प्रस्तुति दी।

बैठक के दौरान कृषि, उर्वरक, खाद्य सुरक्षा, पेट्रोलियम, बिजली, निर्यातक, शिपिंग, व्यापार, वित्त, सूक्ष्‍म-लघु और मध्‍यम उद्यम, आपूर्ति श्रृंखला और अन्य सभी प्रभावित क्षेत्रों में अपेक्षित प्रभाव और उससे निपटने के लिए उठाए गए उपायों पर चर्चा की गई। देश में समग्र वृहद-आर्थिक परिदृश्य और आगे किए जाने वाले उपायों पर भी चर्चा हुई।

भोजन, ऊर्जा और ईंधन सुरक्षा सहित आम आदमी के लिए आवश्यक वस्तुओं की उपलब्धता का विस्तृत आकलन किया गया। आवश्यक वस्तुओं की लगातार उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए अल्पकालिक, मध्यमकालिक और दीर्घकालिक उपायों पर विस्तार से चर्चा की गई।

बैठक में रसायन, फार्मास्यूटिकल्स, पेट्रोकेमिकल्स और अन्य औद्योगिक क्षेत्रों के लिए ज़रूरी आयात के स्रोतों में विविधता लाने के लिए कई उपायों पर चर्चा की गई तथा भारतीय सामानों को बढ़ावा देने के लिए निकट भविष्य में निर्यात के नए गंतव्य विकसित किए जाएंगे। विज्ञप्ति में कहा गया है कि विभिन्न मंत्रालयों द्वारा प्रस्तावित कई उपायों को सभी हितधारकों से परामर्श के बाद आने वाले दिनों में तैयार और लागू किया जाएगा।

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