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दिल्ली में बहुमंजिला इमारत में आग, 9 की मृत्यु

March 18, 2026

दिल्ली में बहुमंजिला इमारत में आग, 9 की मृत्यु

नई दिल्ली।राष्ट्रीय राजधानी के पालम इलाके में एक बहुमंजिला इमारत में आग लग गई। दिल्ली अग्निशमन सेवा विभाग ने बताया कि आज सुबह 7 बजे सूचना मिलने के बाद 31 दमकल गाड़ियां मौके पर पहुंचीं।

उन्होंने बताया कि विभाग द्वारा चलाये गए बचाव अभियान की कारण आग पर काबू पा लिया गया। विभाग ने कहा कि स्थिति नियंत्रण में है।

मीडिया से बातचीत में दिल्ली पुलिस उपायुक्त अभिमन्यु पोसवाल ने कहा कि घटनास्थल से 12 लोगों को अस्पताल ले जाया गया जिसमें 9 लोगों को मृत बताया गया।

March 17, 2026

भारत ने अफगानिस्तान के नशामुक्ति केंद्र पर हमले की निंदा की

नई दिल्ली 17 मार्च 26,भारत ने कल रात काबुल के ओमिद नशा मुक्ति अस्पताल पर पाकिस्तान के हवाई हमले की स्पष्ट रूप से निंदा की है। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने एक बयान में कहा कि हिंसा का यह कायरतापूर्ण और अमानवीय कृत्य, किसी भी तरह से सैन्य कार्रवाई के रूप में उचित नहीं ठहराया जा सकता। उन्होंने कहा कि पाकिस्तान, इस नरसंहार को सैन्य अभियान का नाम देने की कोशिश कर रहा है। उन्होंने कहा कि पाकिस्तान की आक्रामकता, अफगानिस्तान की संप्रभुता पर स्पष्ट हमला है और क्षेत्रीय शांति और स्थिरता के लिए सीधा खतरा है।

श्री जायसवाल ने कहा कि यह हमला रमजान के पवित्र महीने के दौरान किया गया, जो दुनिया भर में मुस्लिम समुदाय के लिए शांति, चिंतन और दया का समय होता है। यह इसे और निंदनीय बनाता है। उन्होंने जोर दिया कि कोई भी धर्म या कोई भी कानून, किसी अस्पताल और मरीजों पर किए गए हमले को उचित नहीं ठहरा सकता। उन्होंने अंतरराष्ट्रीय समुदाय से इस आपराधिक कृत्य के दोषियों को जवाबदेह ठहराने और अफगानिस्तान में पाकिस्तान द्वारा नागरिकों पर किए जा रहे हमलों को तत्काल बंद करने का आह्वान किया।

भारत ने अफगानिस्तान की संप्रभुता और क्षेत्रीय अखंडता के प्रति अपने अटूट समर्थन को दोहराते हुए हमले में मारे गए लोगों के परिवारों के प्रति गहरी संवेदना व्यक्त की है और घायलों के शीघ्र स्वस्थ होने की कामना की है।

March 16, 2026

उड़ीसा के मेडिकल कालेज आईसीयू में आग, 10 मरीजों की मृत्यु, 11 गंभीर

भुवनेश्वर 16 मार्च 26, ओडिशा में कटक स्थित एससीबी मेडिकल कॉलेज और अस्‍पताल के आईसीयू में आज सुबह आग लगने से दस मरीजों की मौत हो गई। मरीजों को बचाने में अस्पताल के लगभग ग्यारह कर्मचारी भी झुलस गए। आग आज सुबह करीब तीन बजे ट्रॉमा केयर विभाग की पहली मंजिल पर लगी। आग लगने का कारण शॉर्ट सर्किट बताया जा रहा है।

मुख्यमंत्री मोहन चरण मांझी और ओडिशा के स्वास्थ्य मंत्री मुकेश महालिंग घटनास्थल पर पहुंचे और स्थिति का जायजा लिया। प्रत्येक मृतक के परिजनों को 25-25 लाख रुपये की अनुग्रह राशि देने की घोषणा की गई है। मुख्यमंत्री ने  घायलों का समुचित उपचार करने का निर्देश दिया है।

March 15, 2026

सरकार ने बढ़ाया वार्षिक फास्टेग शुल्क

नई दिल्ली 15 मार्च 26 (पीबी) भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचएआई) ने वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए फास्टैग वार्षिक पास के लागू शुल्क को मौजूदा तीन हजार रुपये से बढ़ाकर तीन हजार 75 रुपये करने का निर्णय लिया है। सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय ने कहा कि 75 रुपये की बढ़ी हुई फीस अगले महीने की पहली तारीख से लागू होगी।

संशोधित दर वैध फास्टैग वाले पात्र गैर-व्यावसायिक वाहनों पर लागू होगी जो राष्ट्रीय राजमार्गों और राष्ट्रीय एक्सप्रेसवे पर एक हजार से अधिक टोल प्लाजा पर वार्षिक पास सुविधा का लाभ उठाना चाहते हैं। फास्टैग वार्षिक पास एक साल की वैधता या 200 टोल प्लाजा क्रॉसिंग के लिए एकमुश्त शुल्क भुगतान के माध्यम से फास्टैग को बार-बार रिचार्ज करने की आवश्यकता को समाप्त करता है। यह पास वैध फास्टैग वाले सभी गैर-व्यावसायिक वाहनों के लिए लागू है।

New Delhi, March 15: The National Highways Authority of India (NHAI) has decided to increase the applicable fee of FASTag annual pass for the financial year 2026-27 from the existing Rs. The Ministry of Road Transport and Highways said that the increased fee of ₹75 will be effective from the first of next month. The revised rate will be applicable to eligible non-commercial vehicles with valid FASTag who wish to avail the annual pass facility at more than a thousand toll plazas on National Highways and National Expressways. The FASTag annual pass eliminates the need to recharge FASTag frequently through one-year validity or one-time fee payment for 200 toll plaza crossings. This pass is applicable for all non-commercial vehicles with a valid FASTag.

महंत पीर गणेश नाथ के स्मृति समारोह में शामिल हुए यूपी सीएम योगी आदित्यनाथ

कैथल (हरियाणा) : 14 मार्च, 2026 , मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ आज ब्रह्मलीन श्री मंहत पीर गणेश नाथ जी के आठ मान भण्डारा, देशमेल एवं शंखाढाल कार्यक्रम में सम्मिलित हुए। मुख्यमंत्री जी ने कहा कि यह कार्यक्रम पूज्य श्री महंत पीर गणेश नाथ जी महाराज के शिष्य महंत देवनाथ जी महाराज द्वारा अपने गुरु की स्मृति में आयोजित किया गया है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि जीते जी सम्मान प्रदान करने के साथ ही भौतिक रूप से अपने मध्य न रहने के बाद भी अपने गुरुओं और पूर्वजों के प्रति कृतज्ञता का भाव व्यक्त करना सनातन परम्परा का हिस्सा है। इसी भाव के तहत हम सब यहां एकत्रित हैं। ‘कृते च प्रति कर्तव्यम् एष धर्मः सनातनः’ अर्थात यदि किसी ने हमारे प्रति कोई योगदान दिया है, तो उस योगदान के प्रति कृतज्ञता ज्ञापित करना वास्तविक सनातन धर्म की पहचान है। हम सनातनी इसलिए हैं, क्योंकि हम बड़ों का सम्मान करते हैं।
मुख्यमंत्री जी ने कहा कि पंजाब और हरियाणा की भूमि वीरता  और भक्ति की भूमि रही है। इसके रज-रज में सिक्खों का प्रभाव देखने को मिलता है। कहा जाता है कि जब सिकन्दर विश्व विजेता बनने का सपना लेकर भारत पर हमला करने आया, उस समय उसके मन में यह अहंकार था कि वह विश्व विजेता बन जाएगा। वह जिस देश में जाता था, उस देश का शासक उसके समक्ष नत्मस्तक हो जाता था। इसी गलत फहमी में उसने भारत पर हमला करने का दुस्साहस किया।
मुख्यमंत्री  ने कहा कि जब सिकन्दर के सैनिक हमला करने के लिए भारत में घुसे तो उसको बताया गया कि यहां एक चमत्कारिक सिद्ध योगी है। वह जो बोल देता है, वह सिद्ध हो जाता है। सिकन्दर ने कहा कि उस योगी को बुलाकर लाओ। उसके सिपहसालारों ने योगी के समक्ष जाकर कहा कि आपको विश्व विजेता सिकन्दर ने बुलाया है। उस योगी ने कहा कि कौन सिकन्दर। विश्व विजेता मनुष्य नहीं हो सकता है। गलत फहमी मत पालो। हम किसी सिकन्दर को नहीं मानते। सिकन्दर के सिपहसालारों ने वापस जाकर बताया कि यह योगी चमत्कारिक है, लेकिन कहते हैं कि वह सिकन्दर को नहीं मानते। यदि आपका आदेश हो तो बल प्रयोग से उस योगी को लाया जाए। सिकन्दर ने मना किया और कहा कि वह स्वयं जाएगा।
मुख्यमंत्री ने कहा कि सिकन्दर यह मानता था कि जिस प्रकार अनेक राजाओं ने उसके समक्ष नतमस्तक होकर उसकी अधीनता स्वीकार की, उसी प्रकार यह योगी भी करेगा। सिकन्दर के उस योगी के सामने आने पर सिपहसालार उस योगी को बताते हैं कि सिकन्दर आए हैं। उन्हें सम्मान मिलना चाहिए। योगेश्वर अपने आसन पर जमे रहे। सिकन्दर को लगा कि वह योगी उनका अपमान कर रहा है। तो उन्होंने पूछा कि मैं सिकन्दर हूं, क्या आप मुझे नहीं पहचानते। योगेश्वर ने जवाब दिया कि वह केवल मनुष्य को पहचानते हैं। ईश्वर के अलावा वह किसी को नहीं मानते हैं। ईश्वर सबसे महान है। वह अपनी कृपा सब पर समान रूप से बरसाता है। आप ईश्वर से बड़े नहीं हो सकते हैं और जो ईश्वर से बड़ा नहीं हो सकता उसे मैं महान नहीं मानता। सिकन्दर को पूरी सेना के सामने उस योगी के समक्ष नत्मस्तक होना पड़ा।
मुख्यमंत्री जी ने कहा कि सन्यासी ने सिकन्दर से कहा कि यह भारत भूमि है। अभी तो यह पहला मुकाबला है, आगे बढ़ोगे, तो वापस नहीं जा पाओगे। अच्छा होगा कि वापस चले जाओ, नहीं तो वापस जाने का मौका भी नहीं मिलेगा। यह भारत के संतो व सन्यासियों की वह परम्परा है, जिसने सदैव सदाचार व कर्तव्य को राष्ट्र के प्रति समर्पण के भाव को सर्वोच्च मान्यता दी तथा स्वयं के अहंकार से ऊपर उठकर समाज और राष्ट्र के लिए अपने आपको समर्पित किया है। इसीलिए गांव या शहर में रहने वाला भारत का प्रत्येक सनातन धर्मावलम्बी आज भी  सन्यासियों के प्रति आदर का भाव रखता है। यही आदर का भाव उसकी ताकत व संस्कार बनता है। यही संस्कार हम सभी को आगे बढ़ने तथा फलने-फूलने का अवसर उपलब्ध कराता है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि भारत का प्रत्येक सनातन धर्मावलम्बी चाहता था कि अयोध्या में भगवान श्रीराम का भव्य मन्दिर का निर्माण हो तथा गुलामी की बेड़ियां टूटें। करोड़ों लोग अयोध्या नहीं गये होंगे, लेकिन उनके मन में भाव था कि भगवान श्रीराम भारत के सनातन के प्रतीक व आधार स्तम्भ हैं। 500 वर्ष पूर्व एक विदेशी आक्रांता ने श्रीराम जन्मभूमि पर प्रभु श्रीराम मन्दिर को अपवित्र करते हुए क्षतिग्रस्त कर दिया था। दिन व वर्ष बीतते रहे तथा हिन्दू संघर्ष करता रहा। कोई भी हिन्दू की बात को सुनने वाला नहीं था।
भगवान श्रीराम के भव्य मन्दिर के निर्माण की पहल को उस समय नई ऊंचाइयां प्राप्त हुईं, जब श्री नरेन्द्र मोदी जी देश के प्रधानमंत्री बने। आज उत्तर प्रदेश के अयोध्या में भगवान श्रीराम मन्दिर मुक्त ही नहीं हुआ, बल्कि दुनिया का सबसे भव्यतम मन्दिर बनकर तैयार हो गया तथा रामलला विराजमान हो गये।
आजादी के उपरान्त अनेक सरकारें आयीं और गयीं। लेकिन किसी ने लोगों की आस्था के बारे में नहीं सोचा। उनके पास तुष्टीकरण और वोट बैंक की राजनीति से फुर्सत नहीं थी। केन्द्र व प्रदेश में एक जैसी सरकार होने से राम मन्दिर का निर्माण हुआ। आज उत्तर प्रदेशवासियों को सुरक्षा की गारण्टी मिली है तथा अयोध्या ने देशवासियों को आस्था की गारण्टी दी है। इसी प्रकार काशी में श्री काशी विश्वनाथ धाम तथा महाकाल में महालोक का निर्माण हुआ है। उत्तराखण्ड के बद्रीनाथ धाम और केदारनाथ धाम में भव्य मन्दिर का निर्माण हो चुका है। यह तब सम्भव होता है, जब उसके बारे में सोचने वाली सरकारें होती हैं। सनातन विरोधी सरकारें रहेंगी, तो वह तुष्टीकरण करेंगी।
मुख्यमंत्री जी ने कहा कि भारत का दुश्मन हमेशा इस फिराक में रहता है कि कैसे हम इस देश को कमजोर करें। दुश्मन पाकिस्तान भारत में नशे कारोबार को बढ़ाने का प्रयास कर रहा है। हम अपनी युवा पीढ़ी व समाज को जागरूक करें। नशे के खिलाफ अभियान चलायें, क्योंकि नशा नाश का कारण है। नशे के खिलाफ हमारे द्वारा किये गये प्रयास, देश की सेवा है। हमें नशे के खिलाफ एक आन्दोलन को आगे बढ़ाना होगा। नशे के सौदागर देश के दुश्मन हैं, इन्हें किसी भी परिस्थिति में प्रश्रय नहीं देना चाहिये। यह मौत के सौदागर देश की सुरक्षा से भी खिलवाड़ कर रहे हैं।
मुख्यमंत्री जी ने कहा कि भारत की युवा पीढ़ी ऊर्जा और क्षमता से भरपूर है। अवसर मिलने पर युवा पीढ़ी ने देश व दुनिया के सामने अपनी प्रतिभा व ऊर्जा का उदाहरण प्रस्तुत किया है। इस युवा पीढ़ी से किसी को भी खिलवाड़ नहीं करने देना चाहिये। धर्मसभाओं के माध्यम से हमें आम जनमानस को जागरूक करने की दिशा में आगे बढ़ना चाहिये। प्रत्येक सनातन धर्मावलम्बी को सनातन धर्म स्थलां पर जाकर बिना भेद-भाव के दर्शन-पूजन व अन्य अनुष्ठान करने चाहिये। भारत को नयी ऊंचाईयां तक पहुंचाने में योगदान देने के लिये सभी को एक साथ मिलकर इन स्थलों पर आना होगा।
मुख्यमंत्री जी ने कहा कि हमारे धर्म स्थल पूजा मात्र के स्थल नहीं हैं, बल्कि राष्ट्र की चेतना के भी केन्द्र होते हैं। यह केन्द्र आस्था के साथ-साथ समरसता के प्रतिनिधि भी बनने चाहिए। प्रत्येक व्यक्ति को बिना भेद-भाव अपनी आस्था व्यक्त करने की स्वतंत्रता मिलनी चाहिये। यह देश उस समय कमजोर हो गया था, जब यह जातियों के नाम पर बंटा हुआ था। आपसी मतभेदों में उलझा हुआ था। एक-दूसरे को नीचा दिखाने की दुष्प्रवृत्ति हावी हो रही थी। जब यह देश कमजोर हुआ, तो विदेशी आक्रान्ताओं ने यहा आकर धर्म स्थलों को नष्ट किया। बहन-बेटियों की इज्जत से खिलवाड़ किया।
मुख्यमंत्री जी ने कहा कि स्वतंत्र भारत में आज किसी प्रकार की अराजकता नहीं है। हम सभी को नये भारत का दर्शन हो रहा है। वर्तमान भारत पर हम सभी को गौरव की अनुभूति करनी चाहिये। यह देश दुनिया की सबसे बड़ी ताकत बनने की ओर अग्रसर है। आज यहां इतना बड़ा आयोजन चल रहा है। दुनिया में अन्यत्र इतना बड़ा आयोजन सम्भव नहीं है।
मुख्यमंत्री जी ने कहा कि आप सभी को पता होगा कि खाड़ी देशों में युद्ध चल रहा है। दुनिया में अराजकता है, लेकिन भारत अन्नदाता किसानों के पुरुषार्थ व देश के यशस्वी नेतृत्व के मार्ग-दर्शन में विकास की यात्रा में निरन्तर आगे बढ़ रहा है। यह समय है, जब 145 करोड़ देशवासी अपने नेतृत्व पर विश्वास जताकर मजबूती से देश के साथ खड़े हों। देश के नेतृत्व का जो भी आदेश हो, उसका पालन करें। कुछ लोग अफवाह के नाम पर अराजकता फैला रहे हैं। जनता जिन लोगों पर अपना विश्वास खो चुकी है, वह लोग अफवाह का सहारा ले रहे हैं।
मुख्यमंत्री जी ने कहा कि हमें मिलकर कार्य करना होगा। अव्यवस्था व अफवाह पर अंकुश लगाना होगा। ‘एक भारत-श्रेष्ठ भारत’ के निर्माण में हम सबको मजबूती के साथ कार्य करना होगा। देश सुरक्षित रहेगा, तो सनातन भी सुरक्षित रहेगा। यदि सनातन सुरक्षित रहेगा, देश भी सुरक्षित रहेगा। यह दोनों एक दूसरे के पूरक हैं।
इस अवसर पर सन्तगण तथा अन्य गणमान्य व्यक्ति उपस्थित थे
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