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आयोग सदस्य ने किया गोशाला का निरीक्षण

August 12, 2026

आयोग सदस्य ने किया गोशाला का निरीक्षण

शाहजहांपुर , गौ सेवा आयोग के सदस्य (दर्जा राज्य मंत्री) रमाकांत उपाध्याय का शाहजहाँपुर दौरा: कई गौशालाओं का किया औचक निरीक्षण, बदहाली पर अधिकारियों को लगाई फटकार
​शाहजहाँपुर। ( संजीव गुप्त द्वारा ) उत्तर प्रदेश सरकार के गौ सेवा आयोग के सम्मानित सदस्य एवं दर्जा प्राप्त राज्य मंत्री रमाकांत उपाध्याय ने बुधवार को जनपद शाहजहाँपुर का सघन दौरा कर विभिन्न गौशालाओं का औचक निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने गौवंश के रख-रखाव, चारे-पानी की व्यवस्था तथा स्वास्थ्य सुविधाओं का जायजा लिया। जहाँ एक ओर अव्यवस्थाओं पर उन्होंने संबंधित अधिकारियों को कड़े निर्देश दिए, वहीं दूसरी ओर गौ-आधारित प्राकृतिक खेती के सफल मॉडल की सराहना की।
​कांट और मदनापुर ब्लॉक की गौशालाओं से की शुरुआत
​शाहजहाँपुर सीमा में प्रवेश करते ही राज्य मंत्री रमाकांत उपाध्याय सबसे पहले कांट स्थित गौशाला पहुँचे और वहाँ का निरीक्षण किया। तत्पश्चात वे मदनापुर ब्लॉक के ग्राम चन्दोखा स्थित गौशाला पहुँचे। चन्दोखा गौशाला में निरीक्षण के दौरान जब उन्होंने गौवंश को शारीरिक रूप से कमजोर और कुपोषित देखा, तो उन्होंने कड़ी नाराजगी व्यक्त की।
​राज्य मंत्री ने मौके से ही खंड विकास अधिकारी और ग्राम प्रधान को फोन करके सख्त चेतावनी देते हुए निर्देश दिए कि गौवंश को पर्याप्त मात्रा में हरा चारा, भूसा और पौष्टिक पशु आहार नियमित रूप से उपलब्ध कराया जाए। उन्होंने स्पष्ट किया कि गौ सेवा में किसी भी प्रकार की लापरवाही या लापरवाही बरतने वाले अधिकारियों के खिलाफ सख्त दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी।
​ग्राम ढका में देखी गौ-आधारित खेती, राजवीर सिंह के प्रयासों को सराहा
​इसके बाद राज्य मंत्री ग्राम ढका पहुँचे, जहाँ उन्होंने समाजसेवी राजवीर सिंह द्वारा संचालित गौशाला का भ्रमण किया। यहाँ गौवंश को स्वस्थ और उन्नत स्थिति में देखकर उन्होंने संतोष व्यक्त किया। इस दौरान उन्होंने राजवीर सिंह द्वारा की जा रही गौ-आधारित (जैविक व प्राकृतिक) खेती का बारीक निरीक्षण किया।
​उन्नत खेती की तकनीकों पर विस्तृत चर्चा करते हुए राज्य मंत्री ने कहा कि गौ-आधारित खेती न केवल मिट्टी की उर्वरता बढ़ाती है, बल्कि नागरिकों के स्वास्थ्य के लिए भी अत्यंत लाभदायक है। उन्होंने उपस्थित ग्रामीणों और किसानों से अपील की कि वे रासायनिक खादों का त्याग कर गौ-आधारित प्राकृतिक खेती को अपनाएँ।
​कटरा, तिलहर और निगोही का निरीक्षण कर पीलीभीत रवाना
​दौरे के अंतिम चरण में राज्य मंत्री ने कटरा, तिलहर और निगोही क्षेत्र की गौशालाओं का सिलसिलेवार औचक निरीक्षण किया। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि भीषण गर्मी व बदलते मौसम को देखते हुए गौशालाओं में स्वच्छता, शीतल पेयजल और छाया की समुचित व्यवस्था सुनिश्चित की जाए। शाहजहाँपुर की सभी प्रमुख गौशालाओं का जायजा लेने के उपरांत वे पड़ोसी जनपद पीलीभीत के लिए प्रस्थान कर गए।
​जिले के वरिष्ठ अधिकारी और संघ कार्यकर्ता रहे मौजूद
​निरीक्षण के दौरान प्रशासनिक और पुलिस महकमे के साथ-साथ राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) के गौ सेवा कार्यकर्ता भी प्रमुख रूप से मौजूद रहे। इस मौके पर मुख्य रूप से:
​मुख्य जिला पशु चिकित्सा अधिकारी एवं विभागीय टीम
​संघ गौ सेवा कार्यकर्ता: दिलीप शर्मा, संतोष कुमार, सजीव सिंह
​क्षेत्र के संबंधित खंड विकास अधिकारी, ग्राम प्रधान एवं पर्याप्त पुलिस बल उपस्थित रहा।

यूं ही नहीं पूर्व जिपं अध्यक्ष वीरेंद्र पाल सिंह यादव जिले के बने रहे कद्दावर नेता…


शाहजहांपुर —-( संजीव गुप्त द्वारा )
एक छोटे से गांव नियामतपुर से आने वाले 63 वर्षीय वीरेंद्र पाल सिंह यादव ने अपना राजनीतिक सफर की शुरुआत 1987 में अपनी ग्राम पंचायत निमायतपुर से निर्विरोध प्रधान पद का चुनाव जीतकथ की। उन्होंने शहर विधायक सुरेश कुमार खन्ना को गुरु बनाया। 1988 में भाजपा की पदयात्रा निकाली। 1990 में 13 दिन में पूरे जिले की पदयात्रा की। राम जन्मभूमि आंदोलन के दाैरान सक्रिय भूमिका निभायी। वह 18 दिन बरेली जेल में भी रहे। 1995 में जिला पंचायत सदस्य निर्वावित हुए थे। इसके बाद भावलखेड़ा मंडल अध्यक्ष बने। 1997 में भारतीय जनता युवा मोर्चा के जिलाध्यक्ष बने। इसके बाद भाजपा किसान मोर्चा में प्रदेश उपाध्यक्ष, पंचायत प्रकोष्ठ के प्रदेश सह संयोजक रहे। संगठन में विभिन्न पदों पर काम करने के बाद वर्ष 2000 में जिला पंचायत अध्यक्ष बने।वर्ष 2015 में पार्टी के जिलाध्यक्ष बनाए गए।

– वर्ष 2006 में फिर जिला पंचायत सदस्य बने
– वर्ष 2007में विधानसभा जलालाबाद से प्रत्याशी बनाए गए
– वर्ष 2010 भाजपा पंचायत राज के प्रदेश सह संयोजक बने।
– वर्ष 2010 में पत्नी लज्जावती दूसरी बार जिला पंचायत सदस्य बनी
– वर्ष 2010 में ही भाजपा पंचायत प्रकोष्ठ के प्रदेश महामंत्री बने।
– वर्ष 2016 में सपा सरकार होने के बाद भी अपने राजनैतिक गुरु सुरेश खन्ना के प्रयासों से बेटे अजय प्रताप सिंह यादव को सबसे कम उम्र में जिला पंचायत अध्यक्ष बनवा दिया।
– वर्तमान में पुत्रवधु ममता यादव जिला पंचायत अध्यक्ष हैं जबकि छोटे बेटे अभय प्रताप सिंह यादव प्रधान है।

वित्त मंत्री सुरेश खन्ना ने मित्र वीरेंद्र पाक यादव को दी अश्रुपूरित श्रद्धांजलि

शाहजहांपुर —-( संजीव गुप्त द्वारा ) अपने सखा…अनुज…शिष्य की अर्थी को कंधा देते हुए दर्द…का गुबार झलक आया

वित्त/संसदीय कार्य मंत्री सुरेश खन्ना ने वीरेंद्र पल सिंह यादव के आवास पर श्रद्धांजलि अर्पित करते वक्त आँखें डबडबा गई….बोले विश्वास पात्र मित्र…छोटा भाई…शिष्य को श्रद्धांजलि देनी होगी…सोचा न था

भाजपा नेता वीरेंद्र पल सिंह यादव को उनके पुत्र अजय प्रताप सिंह यादव द्वारा मुखाग्नि दी गई

नियामतपुर में दी गई हजारों नम आंखों से अंतिम विदाई l

शाहजहांपुर जिले में भाजपा को अंकुरित कराने के सारथी के रूप में जाने जाते वीरेंद्र पाल सिंह यादव वर्तमान में उरूज पर थे। श्री यादव का नियामतपुर से शाहजहांपुर आना फिर सुरेश खन्ना को गुरु बनाकर राजनीति का ककहरा सीखते हुए भाजपा की अलख जगाने को वर्ष 1988 में सुरेश खन्ना के साथ जिले भर में पैदल यात्रा की थी। ऐसे समय वीरेंद्र पाल सिंह अपने गुरु सुरेश खन्ना की अंगुली पकड़कर जिले भर की पैदल यात्रा कर राजनैतिक माहौल बनाने में सफल रहे थे। तमाम भाजपा के संगठनात्मक पदों पर रहकर संगठन को मजबूत किया था। वर्तमान में भी पर्दे के पीछे से भाजपा संगठन को खाद पानी उन्हीं के माध्यम से डाली जा रही थी। बीते वर्ष से वीरेंद्र पाल सिंह यादव को बीमारियों ने घेर लिया था। दिल्ली से इलाज चल रहा था। बीते कुछ माह पूर्व कई दिनों तक दिल्ली में इलाज कराकर जनपद वापस आए लेकिन इलाज लगातार चलता ही रहा था। बीते 4 माह से बेहद गम्भीर अवस्था में बीमारी ने जकड़ लिया था। परिजनों द्वारा उन्हें दिल्ली शिफ्ट कर समुचित इलाज कराया जा रहा था। बीती 11 अगस्त 2026 को अपरान्ह को इलाज के दौरान दिल्ली में ही निधन हो गया था। हालांकि निधन से पूर्व तमाम घनिष्ट मित्र सहित नेताध्य दिल्ली में मिलकर उनका कुशलक्षेम लेते रहे थे। श्री यादव के निधन की सूचना से उनके परिवार इष्ट मित्रों में शोक की लहर दौड़ गई थी। बीते 11 अगस्त 2026 की देर रात्रि करीब साढ़े 10 बजे एंबुलेंस से पार्थिव शरीर उनके महानगर स्थित आवास पर लाया गया था। इस दौरान उनके पुत्र सहित धीरू खन्ना साये की भांति साथ रहे थे। आवास पर लोगों का आना जाना बीती रात से ही शुरू हो गया था। अंतिम संस्कार ग्राम नियामतपुर में आज करीब साढ़े 12 बजे उनके सुपुत्र अजय प्रताप सिंह यादव द्वारा मुखाग्नि दी गई थी।

आज सुरेश खन्ना को सुबह से दोपहर तक गम और दर्द अपनी जद में लेता रहा था। पहले श्रद्धांजलि अर्पित करते वक्त श्री खन्ना की आंखे नम हो गई थी। दूसरी बार अपने सबसे खास शिष्य को अर्थी को कंधा देते वक्त दर्द चरम सीमा पर देखा गया था।

नियामतपुर पहुंची भीड़ को नियंत्रित करने को पुलिस की समुचित व्यवस्था लगाई गई थी। पुलिस द्वारा बेहद करीने से सभी प्वाइंट्स पर अपनी जिम्मेदारी निभाते हुए सभी को अंतिम दर्शन का मौका दिया था।

अंतिम संस्कार में वित्तमंत्री सुरेश खन्ना सहकारिता मंत्री जेपीएस राठौर सांसद अरुण सागर भाजपा जिलाध्यक्ष केसी मिश्र विधायक चेतराम पासी हरिप्रकाश वर्मा अरविंद सिंह वीर विक्रम सिंह सलोना कुशवाहा शिक्षक एमएलसी सहित तमाम भाजपा नेता मौजूद रहे थे। इसके अलावा जिलाधिकारी धर्मेंद्र प्रताप सिंह पुलिस अधीक्षक सौरभ दीक्षित सहित बड़ी संख्या में प्रशासनिक अधिकारी मौजूद रहे l

वीरेंद्र पाल सिंह यादव ने वर्ष 1988 में निर्विरोध प्रधान के रूप में अपना राजनीतिक सफर शुरू किया था। इसके बाद उनका राजनीतिक जीवन की यात्रा लगातार आगे बढ़ती रही थी। वह अपने सरल स्वभाव विवादों से दूर रहने और हर वर्ग के लोगों के साथ अच्छे व्यवहार के लिए जाने जाते थे। श्री यादव की पुत्रवधू ममता यादव वर्तमान में जिला पंचायत अध्यक्ष हैं। श्री यादव के सुपुत्र अजय प्रताप यादव भी पूर्व में जिला पंचायत अध्यक्ष रह चुके हैं। नियामतपुर गांव की प्रधानी लगभग तीन दशक से ज्यादा समय से उनके ही परिवार में है। बहरहाल आज सबसे ज्यादा दर्द अगर किसी को हुआ तो वह उनके गुरु सुरेश खन्ना को हुआ है। यह दर्द उन्हें कई महीनों तक सालता रहेगा।

पीड़ित व्यक्ति ने पूर्व चेयरमैन पर लगाया जमीन कब्जा करने का आरोप

रिपोर्ट – संजय कुमार तिवाती
स्थान – बलिया यूपी
डेट – 12/08/2026

बलिया , सिकंदरपुर में भू माफियाओं का बोल बाला सिर चढ़कर बोल रहा है। जहां आज एक पीड़ित व्यक्ति अरविंद कुमार वर्मा ने जिलाधिकारी कार्यालय पहुंचकर भू माफियाओं से अपनी जमीन को बचाने के लिए न्याय की गुहार लगाई है। लेकिन पीड़ित व्यक्ति अरविंद कुमार वर्मा ने आरोप लगाया है कि जब मैने जिलाधिकारी कार्यालय में पत्र दिया तो मौके पर एडीएम बैठे थे मैने उनको पत्र दिया तो उन्होंने कहा कि पहले आप मारपीट करके आईए तो हम रोकेंगे नही तो हम नही रोकेंगे।मेरा बपौती जमीन है और कोर्ट से उसपर स्थगन आदेश है और कोर्ट के आदेश के बावजूद प्रशासन रोक नही लगा रही है कह रहे है कि आप लोग मारपीट करके आईए।जो भू माफिया है वह पहले बीजेपी के पूर्व चेयरमैन रह चुके है रविंद्र वर्मा और साथी है जो भू माफिया है और हमको बार बार जान से मारने की धमकी दे रहे है और स्थगन आदेश के बावजूद भी माफिया मेरे जमीन पर कब्जा कर रहे है सिकंदरपुर एसडीएम, थानाध्यक्ष सिकंदरपुर,चौकी इंचार्ज तक मेरा कागज तक नही देखे है और कह रहे थे कि पहले मारपीट करके आईए तभी हम मुकदमा लिखेंगे।पुलिस पैसा लेकर काम करा रही है भू माफिया अभी घूम रहे है जेल में नही गए है।अधिकारी से हमे उम्मीद नहीं है कि मुझे न्याय मिलेगा।

लखनऊ में नकली दवाओं के संगठित नेटवर्क पर एफएसडीए की बड़ी कार्रवाई, चार के खिलाफ एफआईआर

बिना दवा सप्लाई के करोड़ों की फर्जी बिलिंग का आरोप

*39.20 लाख Zoryl M1 टैबलेट का हिसाब नहीं मिला, बंद फर्म के जरिए भी कागजी लेनदेन*

*एफएसडीए आयुक्त के निर्देश पर राजधानी लखनऊ के अमीनाबाद थाने में दर्ज की गई एफआईआर*

*लखनऊ, 12 अगस्त।* नकली और संदिग्ध दवाओं की सप्लाई चेन के खिलाफ योगी सरकार सख्ती से निपट रही है। इसी क्रम में उत्तर प्रदेश खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन (एफएसडीए) ने बुधवार को लखनऊ में एक और बड़े नेटवर्क का खुलासा करते हुए बड़ी कार्रवाई को अंजाम दिया है। विभाग के अनुसार, अमीनाबाद में बिना वास्तविक दवा की आपूर्ति किए फर्जी बिलिंग, क्रॉस-बिलिंग और कागजी लेनदेन के जरिए नकली एवं काउंटरफिट दवाओं को बाजार में खपाने का खेल चल रहा था। मामले में चार आरोपियों के खिलाफ थाना अमीनाबाद में भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की विभिन्न धाराओं के तहत एफआईआर दर्ज कराई गई है।

एफआईआर में अंकुर अवस्थी, प्रोपराइटर हेल्थ प्लस, मनीष बाजपेयी, संचालक एमके फार्मा, गोविंद शुक्ला, संचालक राम फार्मा और ऐजाज अहमद, संचालक पैशन्ट केयर सर्जिकल हाउस, सहारनपुर को आरोपी बनाया गया है। आरोप है कि इन फर्मों के बीच बिना वास्तविक दवा सप्लाई के आपस में बिलिंग की गई और कागजों पर लेनदेन दिखाकर दवाओं की खरीद-बिक्री का रिकॉर्ड तैयार किया गया।

*बिना लाइसेंस दवाओं का कारोबार करने का आरोप*
विभाग के मुताबिक अमीनाबाद स्थित हेल्थ प्लस के प्रोपराइटर अंकुर अवस्थी ने वैध औषधि लाइसेंस के बिना बड़े पैमाने पर दवाओं के भंडारण और लेनदेन का रिकॉर्ड तैयार किया। जांच में गोविंद शुक्ला की भूमिका भी सामने आई, जिन्हें विभाग ने फर्म के मुख्य कर्ताधर्ताओं में शामिल बताया है। जांच के अनुसार, हेल्थ प्लस और राम फार्मा एक ही फ्लोर पर संचालित हो रहे थे और इनके माध्यम से कथित तौर पर दवाओं के अवैध डायवर्जन और कागजी लेनदेन का नेटवर्क चलाया जा रहा था। सहारनपुर की पैशन्ट केयर सर्जिकल हाउस नामक फर्म, जो पिछले करीब दो वर्षों से बंद बताई गई है, का इस्तेमाल भी कथित तौर पर फर्जी खरीद और कागजी रोटेशन के लिए किया गया।

*8.87 करोड़ रुपये की खरीद दिखाने का दावा*
मामले में एमके फार्मा की भूमिका भी जांच के घेरे में है। विभाग के अनुसार, फर्म के संचालक मनीष बाजपेयी ने वित्तीय वर्ष 2026 में करीब 8.87 करोड़ रुपये की दवाओं की खरीद दिखाई। जांच के दौरान विभाग को कथित तौर पर ऐसे दस्तावेज मिले, जिनमें अन्य फर्मों के नाम पर Zoryl M1, Augmentin और Dexorange Syrup की खरीद दर्शाई गई थी।
विभाग का कहना है कि साक्ष्य छिपाने के लिए लैपटॉप का पुराना डेटा भी डिलीट किया गया। दवाओं के निर्माताओं और संबंधित फर्मों से सत्यापन कराया गया तो उन्होंने इन दवाओं की बिक्री से इनकार किया और संबंधित बैचों को काउंटरफिट बताया।

*39.20 लाख Zoryl M1 का नहीं मिला हिसाब*
जांच में एमके फार्मा से Zoryl M1 की करीब 39.20 लाख दवाओं का हिसाब नहीं मिलने की बात सामने आई है। विभाग का आरोप है कि इन दवाओं को अवैध तरीके से बाजार में खपाया गया, जिससे लोगों के स्वास्थ्य और जान को गंभीर खतरा पैदा हो सकता था। एफएसडीए के अधिकारियों के मुताबिक, पूरे मामले में फर्जी रिकॉर्ड तैयार करने, कूटरचना, नकली दवाओं के कारोबार और अवैध धन अर्जित करने की आशंका की जांच की जा रही है। इसी आधार पर चारों आरोपियों के खिलाफ बीएनएस की धारा 111, 276, 277, 278, 318, 319, 336 और 338 के तहत कार्रवाई की गई है।

*लखनऊ में पहले भी सामने आ चुके हैं कई मामले*
नकली दवाओं और फर्जी बिलिंग के खिलाफ चल रहे अभियान में लखनऊ में इससे पहले भी कई बड़ी कार्रवाई की जा चुकी हैं। विभाग के अनुसार, अमीनाबाद की आठ फर्मों और एक सॉफ्टवेयर डिस्ट्रीब्यूटर के खिलाफ फर्जी बिलिंग और सॉफ्टवेयर में हेरफेर के आरोप में एफआईआर दर्ज कराई गई थी। इनमें महाराजा इंटरप्राइजेज, शिव शक्ति फार्मा, श्री अशोक फार्मास्युटिकल्स, अपोलो फार्मेसी, शिव शक्ति मेडिकल, मीत इंटरप्राइजेज, विद्या फार्म और आरएन फार्मा के साथ मार्ग सॉफ्टवेयर के डिस्ट्रीब्यूटर आबिद अली शामिल हैं।

जुलाई 2026 में अमीनाबाद के एक कथित अवैध गोदाम से करीब 21 लाख रुपये की नकली दवाएं बरामद की गई थीं। इसी तरह आलमबाग मेट्रो स्टेशन के पास करीब 1.60 लाख रुपये की संदिग्ध दवाएं जब्त की गईं। बख्शी का तालाब क्षेत्र में भी अवैध भंडारण और परिवहन के मामले में कार्रवाई की गई।

*आगरा में भी सामने आया बड़ा नेटवर्क*
एफएसडीए के अभियान के दौरान आगरा में भी नकली, री-लेबल की गई और सरकारी सप्लाई की दवाओं के अवैध कारोबार के कई मामले सामने आए हैं। विभाग के अनुसार, कम्बूटोला, मुबारक महल, शू मार्केट और नवबिया मार्केट में की गई कार्रवाई में 15 से अधिक संचालकों के खिलाफ नौ एफआईआर दर्ज कराई गईं।
जांच में कथित तौर पर फर्जी बिलों के जरिए टोरेंट फार्मा की नकली Chymoral Forte और Aciloc जैसी दवाओं की बिक्री तथा ESI और सरकारी कोटे की दवाओं की कालाबाजारी का मामला सामने आया। इसके अलावा अस्पतालों और सरकारी संस्थानों के लिए भेजी गई दवाओं के मूल लेबल हटाकर नए लेबल और मनमानी एमआरपी लगाकर खुले बाजार में बेचने का मामला भी पकड़ा गया।

आगरा में एक अन्य कार्रवाई में Telma-H और Jardiance जैसी दवाओं की कथित री-लेबलिंग तथा निरस्त या कागजी फर्मों के जरिए करीब 1.88 करोड़ रुपये की फर्जी बिलिंग का खुलासा हुआ।

विभाग के अनुसार, आगरा में अब तक 3.63 करोड़ रुपये से अधिक मूल्य की अवैध, नकली तथा सरकारी/डिफेंस सप्लाई की दवाएं जब्त की जा चुकी हैं। मई 2026 में एक अवैध गोदाम से करीब 2.5 करोड़ रुपये मूल्य की इंसुलिन, वैक्सीन और डिफेंस/ईएसआई
सप्लाई की दवाएं बिना आवश्यक कोल्ड-चेन के रखी मिली थीं। वहीं, करीब 50 लाख रुपये की नकली Oxalgin DP भी जब्त की गई थी।

*दूसरे राज्यों तक फैले नेटवर्क की जांच*
एफएसडीए अब नकली दवाओं के इस नेटवर्क के अंतरराज्यीय कनेक्शन की भी जांच कर रहा है। विभाग के मुताबिक लखनऊ के अमीनाबाद में एक अवैध गोदाम से बरामद नकली दवाओं के स्रोत की जांच राजस्थान तक पहुंची है। इस मामले में भूपेंद्र शर्मा और ट्रांसपोर्टर सतेन्द्र गुज्जर के खिलाफ भी एफआईआर दर्ज कराई गई है। देहरादून में कथित तौर पर विभिन्न ब्रांड की नकली दवाएं तैयार करने वाली एक अवैध निर्माण इकाई के खिलाफ भी विभागीय कार्रवाई की गई है। मामले में राजेंद्र सिंह उर्फ अरुण टुंडा, विनय भटनागर, गौरव त्यागी और विनय चन्द्र के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई गई है।

*लाइसेंस निरस्तीकरण और एजेंटों पर भी होगी कार्रवाई*
विभाग ने नकली और काउंटरफिट दवाओं की सप्लाई चेन तोड़ने के लिए प्रदेशभर में निगरानी बढ़ाने के निर्देश दिए हैं। आयुक्त खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन, उत्तर प्रदेश डॉ रोशन जैकब ने सभी जिलों के औषधि निरीक्षकों को अंतरराज्यीय नेटवर्क से जुड़े कारोबारियों, स्थानीय थोक फर्मों और एजेंटों पर लगातार निगरानी रखने को कहा है। उनके अनुसार, जांच में दोषी पाए जाने वाले कारोबारियों के लाइसेंस निरस्त करने के साथ उनके खिलाफ आपराधिक कार्रवाई भी की जाएगी। उद्देश्य नकली, अमानक, री-लेबल और अवैध दवाओं की सप्लाई चेन को उसके स्रोत तक पहुंचकर समाप्त करना है।

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