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ललितपुर में दुर्लभ चिकित्सीय उपलब्धि–डा कौर

February 21, 2026

ललितपुर में दुर्लभ चिकित्सीय उपलब्धि–डा कौर

35 सप्ताह की गर्भवती में प्लेसेंटा से निकला दुर्लभ ट्यूमर

उप्रससे अजय बरया

ललितपुर- गुरु नानक हॉस्पिटल में एक अत्यंत दुर्लभ और असामान्य प्रसूति संबंधी मामला सामने आया है। 35 सप्ताह की गर्भवती महिला, जिनका पूर्व में एक सीज़ेरियन ऑपरेशन हो चुका था, प्रसव पीड़ा एवं स्कार टेंडरनेस के साथ अस्पताल में भर्ती हुईं। स्थिति को देखते हुए आपातकालीन सीज़ेरियन सेक्शन करने का निर्णय लिया गया।

ऑपरेशन वरिष्ठ स्त्री एवं प्रसूति रोग विशेषज्ञ डॉ. कौर के मार्गदर्शन में डॉ. आकांक्षा सिंघई (एम.एस., स्त्री एवं प्रसूति रोग) द्वारा सफलतापूर्वक संपन्न किया गया।

ऑपरेशन के दौरान 2.5 किलोग्राम वजन का स्वस्थ शिशु (पुरुष) जन्मा, जिसने जन्म के तुरंत बाद रोना शुरू कर दिया। शिशु पूर्णतः स्वस्थ पाया गया।

हालांकि, प्लेसेंटा निकालने के बाद चिकित्सकों को एक अप्रत्याशित खोज मिली। प्लेसेंटा से जुड़ा हुआ लगभग 7 × 6 × 4.5 सेमी आकार एवं लगभग 230 ग्राम वजन का एक स्पष्ट सीमांकित मास पाया गया।

यह मास पतली झिल्ली से ढका हुआ था। कट सेक्शन पर निरीक्षण करने पर उसमें त्वचा, बाल, वसायुक्त ऊतक तथा उपास्थि/हड्डी जैसे कठोर भाग दिखाई दिए। महत्वपूर्ण बात यह रही कि:

• किसी भी प्रकार के भ्रूण अंगों की पहचान नहीं हुई
• यह मास शिशु एवं नाल से पूर्णतः अलग था
• नवजात शिशु पूरी तरह सामान्य था

प्रारंभिक निरीक्षण के आधार पर इसे प्लेसेंटल टेराटोमा होने की संभावना व्यक्त की गई है। पुष्टि हेतु प्लेसेंटा सहित मास को हिस्टोपैथोलॉजिकल परीक्षण के लिए भेजा गया है।

चिकित्सकों के अनुसार प्लेसेंटल टेराटोमा अत्यंत दुर्लभ एवं सामान्यतः सौम्य (benign) प्रकृति का ट्यूमर होता है, जो प्लेसेंटा के ऊतकों से उत्पन्न होता है। अधिकांश मामलों में इसका माँ या शिशु के भविष्य के स्वास्थ्य पर प्रतिकूल प्रभाव नहीं पड़ता।

ऑपरेशन के पश्चात माँ और शिशु दोनों स्वस्थ एवं स्थिर हैं।

यह मामला ललितपुर में चिकित्सा क्षेत्र की एक उल्लेखनीय उपलब्धि के रूप में देखा जा रहा है।

February 17, 2026

विधानसभा में गूंजा बुंदेलखंड — विधायक रामरतन कुशवाहा का दमदार भाषण

उप्रससे अजय बरया ललितपुर- उत्तर प्रदेश विधानसभा के बजट सत्र में सदर ललितपुर के विधायक रामरतन कुशवाहा ने प्रभावशाली और राजनीतिक रूप से महत्वपूर्ण वक्तव्य देते हुए ललितपुर एवं बुंदेलखंड क्षेत्र के विकास से जुड़े मुद्दों को मजबूती के साथ सदन के केंद्र में ला दिया। उनके भाषण ने यह स्पष्ट कर दिया कि अब सीमावर्ती क्षेत्रों की आवाज विधानसभा में और अधिक ताकत के साथ गूंज रही है।
विधायक ने कहा कि बजट केवल आंकड़ों का दस्तावेज नहीं, बल्कि जनता की उम्मीदों और विकास का संकल्प है। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी , मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ तथा वित्त मंत्री सुरेश खन्ना का आभार व्यक्त करते हुए बजट को समग्र विकास का रोडमैप बताया।
बड़ा राजनीतिक संदेश: ललितपुर आखिरी जिला नहीं, उत्तर प्रदेश का मुख्य प्रवेश द्वार
सदन में बोलते हुए विधायक ने कहा कि ललितपुर को सीमावर्ती नहीं, बल्कि रणनीतिक दृष्टि से महत्वपूर्ण जनपद के रूप में देखा जाना चाहिए। मध्यप्रदेश से लगी सीमाओं का उल्लेख करते हुए उन्होंने क्षेत्रीय विकास को प्रदेश की प्रगति से सीधे जोड़कर प्रस्तुत किया।
वही विधायक ने विकास का मजबूत एजेंडा — सड़क, सेतु और कनेक्टिविटी पर फोकस करते हुए
विधायक ने बजट में सड़क एवं सेतु निर्माण के लिए हुई बड़ी वित्तीय व्यवस्था का स्वागत करते हुए सदन में कई महत्वपूर्ण मांगें रखीं—
• जखौरा–तालबेहट संपर्क मार्ग का उच्चीकरण
• दैलवारा से अमरपुर मंडी तक हाईवे कनेक्टिविटी
• रेलवे स्टेशन दैलवारा पर रेलवे ओवरब्रिज का निर्माण
• ललितपुर नगर में इनर रिंग रोड का निर्माण, जिससे देवगढ़, राजघाट एवं जखौरा मार्ग सीधे राष्ट्रीय राजमार्ग–44 से जुड़ सकें
• शहजाद नदी पर पंचमुखी हनुमान मंदिर, बार बांसी मार्ग और पारौन हज़ारिया मार्ग (किमी-3) पर तीन दीर्घ सेतुओं का निर्माण
सदन में क्षेत्रीय सम्मान और गौरव को ध्यान में रखते हुए विधायक ने महत्वपूर्ण प्रस्ताव रखे—
• देवगढ़ मार्ग पर सेतु निगम द्वारा निर्मित रेलवे ओवरब्रिज का नाम “महाराजा छत्रसाल सेतु” रखा जाए।
• शहजाद नदी पर निर्माणाधीन दीर्घ सेतु का नाम भारत रत्न अटल बिहारी वाजपेयी सेतु रखा जाए।
इन प्रस्तावों को क्षेत्रीय इतिहास और राष्ट्रीय नेतृत्व को सम्मान देने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम बताया गया।
शिक्षा, तकनीकी संस्थान और युवाओं पर विशेष जोर
विधायक ने कहा कि सीमावर्ती ग्रामीण क्षेत्र की बेटियों की शिक्षा को ध्यान में रखते हुए विकासखंड तालबेहट की ग्राम पंचायत पूरा कला में राजकीय इंटर कॉलेज की स्थापना अत्यंत आवश्यक है।
साथ ही उन्होंने मांग रखी—
• ललितपुर में इंजीनियरिंग कॉलेज की स्थापना
• युवाओं की खेल प्रतिभा को बढ़ावा देने हेतु स्पोर्ट्स कॉलेज की स्थापना
अपने संबोधन में विधायक ने करकरावल कॉरिडोर, देवगढ़ किला, दशावतार मंदिर, बेतवा तट, गोविंद सागर बांध, राजघाट बांध क्षेत्र एवं पंचमुखी हनुमान मंदिर को जोड़कर बुंदेलखंड धार्मिक एवं विरासत पर्यटन सर्किट विकसित करने का प्रस्ताव रखा।
राजनीतिक विश्लेषकों के अनुसार, यह प्रस्ताव क्षेत्रीय अर्थव्यवस्था को नई दिशा देने वाला साबित हो सकता है।
फुलावन, पठारी एवं रमपुरा कठवर सहित लगभग 20 ग्रामों के पास भव्य राज्य प्रवेश द्वार बनाए जाने की मांग रखते हुए विधायक ने कहा कि यह उत्तर प्रदेश की सांस्कृतिक पहचान और गौरव का प्रतीक बनेगा।
विधायक ने विश्वास व्यक्त किया कि प्रधानमंत्री जी के निर्देशन और मुख्यमंत्री जी के नेतृत्व में बुंदेलखंड अब विकास और समृद्धि की नई पहचान बनेगा।
ललितपुर सीमा नहीं, प्रदेश का गौरव और उत्तर प्रदेश का मुख्य प्रवेश द्वार है।

February 16, 2026

डीएम ने दलहन क्रय केन्द्र खुलवाने के लिए शासन स्तर पर फोन पर वार्ताकर लिखा पत्र

उप्रससे अजय बरया
ललितपुर। जनपद के किसानों के हितों के प्रति संवेदनशीलता दिखाते हुए जिलाधिकारी सत्य प्रकाश ने एक महत्वपूर्ण पहल की है, उन्होंने किसान संगठनों व किसानों की माँग पर दलहन फसलों की शीघ्र खरीद सुनिश्चित कराने के उद्देश्य से शासन स्तर पर दूरभाष पर सीधे वार्ता की और पत्र लिखा।
जिलाधिकारी ने वार्ता के दौरान शासन को अवगत कराया कि जनपद ललितपुर में बड़ी संख्या में किसान आर्थिक रुप से कमजोर वर्ग से हैं, फसल तैयार होते ही उन्हें घरेलू एवं कृषि सम्बंधी आवश्यकताओं की पूर्ति हेतु तत्काल धन की जरूरत पड़ती है, ऐसे में यदि क्रय केन्द्र समय पर संचालित न हों तो किसान मजबूरन अपनी उपज को बिचौलियों को ओने-पोने दामों पर बेंच देते हैं। बाद में यही बिचौलिये सरकारी खरीद प्रारंभ होने पर उसी उपज को समर्थन मूल्य पर बेंच कर अनुचित लाभ अर्जित करते हैं, जिससे मूल किसानों को आर्थिक नुकसान उठाना पड़ता है।
जिलाधिकारी ने शासन से आग्रह किया कि जनपद की परिस्थितियों को दृष्टिगत रखते हुए जनपद में मध्य मार्च से पूर्व ही दलहन क्रय केन्द्रों के संचालन की अनुमति प्रदान की जाए, ताकि किसानों को उनकी उपज का उचित मूल्य सीधे किसानों को प्राप्त हो सके और बिचौलियों की भूमिका समाप्त हो।
जिलाधिकारी की इस पहल को शासन स्तर पर सकारात्मक रूप से लिया गया है, सब ठीक रहा तो मार्च में ही क्रय केन्द्र खोले जाने की अनुमति मिल सकती है। जिलाधिकारी सत्य प्रकाश ने कहा है कि जिला प्रशासन जनपद के किसानों के हितों की रक्षा के लिए पूर्णतः प्रतिबद्ध है। यह सुनिश्चित किया जाएगा कि प्रत्येक पात्र किसानों को उसकी उपज का समर्थन मूल्य समय पर प्राप्त हो तथा किसी भी प्रकार की शोषणकारी गतिविधि पर प्रभावी नियंत्रण रखा जाए।’ जनपद के किसान भाईयों से अपील की जाती है कि वे अपनी दलहन उपज को अधिकृत क्रय केन्द्रों पर ही विक्रय करें और किसी प्रकार की समस्या होने पर तत्काल जिला प्रशासन को अवगत करायें। जिला प्रशासन हर संभव किसानों की मदद के लिए तत्पर है।
जिलाधिकारी ने इससे पूर्व भी किसान हितों में संवेदनशीलता दिखाते हुए विगत वर्षों की फसल बीमा योजना के तहत किसानों को 60 करोड़ से अधिक का भुगतान भी कराया है और आगे भी किसानों के शेष भुगतान के लिए लगातार प्रयासरत हैं।

February 6, 2026

डीएम ने शुरु की अभिनव पहल, जनजाति वाहुल्य ग्रामों में लोगों के जन्म प्रमाण पत्र जारी करने हेतु लगाये जायेंगे कैम्प

उप्रससे अजय बरया
ललितपुर। सरकार की अन्त्योदय की भावना को साकार रुप देते हुए जिलाधिकारी सत्य प्रकाश नियमित अपने कार्यालय कक्ष में जनसुनवाई कर प्रभावी रुप से समस्याओं का निस्तारण करा रहे हैं और साथ ही जरुरतमंदों को सरकारी योजनाओं का भी लाभ दिला रहे है। इसी के क्रम में उन्होंने शुक्रवार को अपने कार्यालय कक्ष में जनसुनवाई के दौरान फरियादियों को सुना और पूरी संवेदनशीलता के साथ सम्बंधित अधिकारियों से दूरभाष पर निर्देशित कर समस्याओं का निस्तारण कराया।
इसी दौरान जिलाधिकारी ने अभिनव शुरु पहल करते हुए जिले के जनजाति बाहुल्य ग्राम मादौन, कपासी, धौजरी, धौर्रा, पिपरई व भाटौन में ग्रामीणों के जन्म प्रमाण पत्र बनाये जाने हेतु आगामी बुधवार को कैम्प आयोजित कराने के निर्देश दिये, उन्होंने कहा कि जन्म प्रमाण पत्र बन जाने से इन ग्रामीणों का आधार कार्ड भी बन सकेगा और सरकारी की जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ भी मिल सकेगा।
इसी प्रकार उन्होंने जल जीवन मिशन अन्तर्गत खोदी गई सड़कों की मरम्मत के लिए नगर पालिका, जल निगम और जल संस्थान के अधिकारियों को रोडवाइज सूची उपलब्ध कराने के निर्देश दिये, ताकि विभागवार सड़कों का आवंटन कर त्वरित गति से उनकी मरम्मत करायी जा सके।
इस दौरान महरौनी निवासी एक वृद्ध फरियादी ने उनका मकान गिर जाने के कारण आर्थिक सहायता की मांग की, जिस पर जिलाधिकारी ने तत्काल शिकायती पत्र को उप जिलाधिकारी महरौनी को पृष्ठाकिंत करते हुए आवश्यक कार्यवाही करने के निर्देश दिये।
शिकायतकर्ता मदनलाल द्वारा विद्युत बिल में सुधार न किये जाने की शिकायत की, जिस पर जिलाधिकारी ने दूरभाष पर अधीक्षण अभियन्ता विद्युत से वार्ता कर शिकायतकर्ता के बिल में संशोधन कराते हुए उसे एकमुश्त समाधान योजना का लाभ दिलाये जाने के निर्देश दिये।
ग्राम दैलवारा निवासी किसान ने ग्रामीण बैंक दैलवारा में उसके जमा धन की निकासी पर बैंक द्वारा प्रतिबंध लगाने की शिकायत की, इस पर जिलाधिकारी ने एलडीएम का लाइन पर लेकर कहा कि आये दिन बैंकों की मनमानी की शिकायतें आ रहीं हैं, ऐसे बैंकों पर तत्काल कोई कार्यवाही करें, अन्यथा मैं स्वयं दोषियों पर कठोर कार्यवाही करुॅगा। साथ ही पीढ़ित किसान का पैसा निकलवाने के भी निर्देश दिये।
इसी प्रकार उन्होंने अन्य फरियादियों की समस्याओं का भी सम्बंधित अधिकारियों से वार्ता कर निस्तारण कराया। जिलाधिकारी ने कहा कि जनसुनवाई का उद्देश्य केवल शिकायत सुनना नहीं, बल्कि जनसमस्याओं का समयबद्ध और गुणवत्तापूर्ण निस्तारण सुनिश्चित कराकर जनता को राहत देना है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि जनसामान्य की शिकायतों के प्रति संवेदनशील रहते हुए प्राथमिकता के आधार पर निस्तारण कराया जाए, ताकि शासन की योजनाओं का वास्तविक लाभ जनता तक पहुंच सके।

February 2, 2026

सेलिब्रेटिंग कल्चरल हेरिटेज की थीम पर नेचर एण्ड बर्ड फेस्टिवल हुआ आयोजन

UP Tourism Minister Jayveer Singh

पर्यटन मंत्री जयवीर सिंह

उप्रससे अजय बरया

ललितपुर। सोमवार को विश्व आर्द्रभूमि दिवस के अवसर पर ललितपुर के देवगढ़ स्थित महावीर स्वामी वन्यजीव अभ्यरण में नेचर एण्ड वर्ड फेस्टिवल का आयोजन किया गया, जहां उ0प्र0 शासन के मंत्री, पर्यटन एवं संस्कृति जयवीर सिंह, वन एवं पर्यावरण राज्य मंत्री अरुण कुमार सक्सेना एवं राज्यमंत्री मनोहर लाल पंथ ने फीता काटकर कार्यक्रम का शुभारंभ किया और झांसी-ललितपुर क्षेत्र में 24 करोड़ से अधिक की पर्यटन विकास परियोजनाओं का लोकार्पण किया।
कार्यक्रम की शुरुआत में सभी अतिथियों ने आयोजन स्थल से पहले बनाये गए बर्ड विलेज में ठहरकर प्रकृति के लुभावने दृश्यों का आनन्द लिया, इसके बाद मुख्य आयोजन स्थल की ओर रवाना हुए। यहां पर उन्होंने सर्वप्रथम फीता काटकर कार्यक्रम का शुभारंभ किया और 24 करोड़ से अधिक की परियोजनाओं का पट्टिकाओं का अनावरण कर लोकार्पण किया। उन्होंने परिसर में लगाये गए फोटो गैलरी, चित्र प्रदर्शनी व स्टॉलों का निरीक्षण कर सराहना की। उन्होंने मंच पर पहुंचकर मॉ सरस्वती जी की प्रतिमा पर माल्यार्पण व दीप प्रज्वलन किया तत्तपश्चात प्रधान मुख्य वन संरक्षक/विभागाध्यक्ष सुनील कुमार चौधरी, मण्डलायुक्त बिमल कुमार दुबे, जिलाधिकारी सत्य प्रकाश, पुलिस अधीक्षक मो0 मुश्ताक, डीएफओ नवीन शाक्य सहित अन्य अधिकारीगणों ने मंत्रीगणों का बुके भेंट कर स्वागत किया।
कार्यक्रम में राज्यमंत्री श्रम एवं सेवायोजन विभाग उ0प्र0 मनोहर लाल पंथ, सदर विधायक रामरतन कुश्वाहा, जिलाध्यक्ष भाजपा हरीशचन्द्र रावत, प्रमुख सचिव पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन अनिल कुमार सहित जिले के अन्य जनप्रतिनिधिगण, निदेशक इको पुष्प कुमार के० सहित इको टूरिज्म डेवलपमेंट बोर्ड, पर्यटन विभाग एवं वन विभाग के अधिकारी-कर्मचारी, प्रकृति प्रेमी, स्थानीय नागरिक, बर्डिंग एवं ट्रैकिंग से जुड़े विशेषज्ञ एवं सांस्कृतिक कार्यक्रमों के कलाकार उपस्थित रहे। राजकीय बालिका इण्टर कॉलेज सहित अन्य कॉलेजों की छात्राओं के द्वारा स्वागत गीत व सरस्वती वंदना की प्रस्तुति दी।
इसके उपरान्त कार्यक्रम में सारस गणना 2025 कॉफी टेबिल बुक व डॉक्यूमेन्ट्री का विमोचन किया गया, इसके बाद फोटोग्राफी, स्लोगन व चित्रकला प्रतियोगिता के विजेताओं को पुरस्कार वितरित किये गए।
कार्यक्रम को सम्बोधित करते हुए मंत्री जयवीर सिंह ने कहा कि पर्यटन विभाग और वन विभाग संयुक्त रूप से उत्तर प्रदेश में ईको टूरिज्म को शिखर पर पहुंचाने के लिए कटिबद्ध है। हमारा प्रयास है कि वैश्विक इको पर्यटन मानचित्र पर बुंदेलखंड को विशिष्ट स्थान प्राप्त हो, बर्ड फेस्टिवल इसकी आधारशिला है।
मंत्री जयवीर सिंह ने आगे कहा कि श्ललितपुर का देवगढ़ क्षेत्र ऐतिहासिक, धार्मिक एवं सांस्कृतिक रूप से अत्यंत समृद्ध है। यहां प्राचीन काल के जैन मंदिर, बौद्ध गुफाएं, दशावतार मंदिर के साथ-साथ बेतवा नदी के किनारे जैव-विविधता और वन्यजीवों के सरंक्षण का अद्भुत केंद्र है। केवल देवगढ़ ही नहीं पूरा ललितपुर पर्यटन आकर्षणों से भरा है। नेचर एंड बर्ड फेस्टिवल के दौरान आमलोग पक्षियों को देख सकते हैं, प्रकृति के बीच भ्रमण कर सकते हैं तथा आर्द्रभूमि संरक्षण से संबंधित विभिन्न गतिविधियों का हिस्सा बन सकते हैं।
वन डिस्ट्रिक्ट, वन वेटलैंडश् की दिशा में बढ़ रहे
पर्यटन मंत्री ने कहा कि इंटरनेशनल वेटलैंड डे पर जानकारी देते हुए हर्ष हो रहा है कि केंद्र सरकार की एक जनपद, एक उत्पाद (ओडीओपी) योजना और राज्य सरकार की वन डिस्ट्रिक्ट, वन क्यूज़ीन योजना के बाद हम वन डिस्ट्रिक्ट, वन वेटलैंड की दिशा में आगे बढ़ रहे हैं। उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश ईको टूरिज्म विकास बोर्ड भविष्य के ब्रांड अंबेसडर भी तैयार कर रहा है। युवा टूरिज्म क्लबों के सदस्यों को विभिन्न अवसरों पर विस्टाडोम कोच, विभिन्न पक्षी विहारों सहित नजदीक प्राकृतिक स्थलों का भ्रमण कराया जाता है। विद्यालयों में प्रतियोगिताओं के माध्यम से बच्चों में प्रारंभिक स्तर से ही पर्यावरण संरक्षण और ईको टूरिज्म के प्रति जागरूकता विकसित की जा रही है। हमारा प्रयास है कि प्रत्येक जनपद के अल्पज्ञात पर्यटन स्थलों का भी विकास किया जाए।
रामसर साइट्स-टाइगर रिजर्व के पास पर्यटन विकास
पर्यटन मंत्री ने कहा कि पिछले दिनों हुई संयुक्त बैठक में वन विभाग ने बताया कि अब तक 52 वेटलैंड सूचीबद्ध किए जा चुके हैं। यहां पर्यटन सुविधाओं के विकास पर सहमति बनी है। इस प्रदेश के प्रत्येक जिले पर्यटकों को आकर्षित करेंगे। दोनों विभागों के बीच प्रदेश की 11 रामसर साइट्स और 04 टाइगर रिजर्वों के आसपास पर्यटन सुविधाओं के विकास पर सहमति बनी है। उत्तर प्रदेश की प्राकृतिक धरोहर को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहचान दिलाने के लिए विभिन्न राज्यों और देशों के टूर ऑपरेटरों एवं यात्रा व्यवसायियों की फैम ट्रिप आयोजित की जा रही है। हाल में ही यूके, जर्मनी, ऑस्ट्रेलिया और अमेरिका से आए प्रतिनिधि न केवल राज्य के सौंदर्य से आकर्षित हुए, बल्कि उत्तर प्रदेश के डेस्टिनेशन को अपनी आइटनरी में शामिल भी कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि बुंदेलखंड घरेलू और विदेशी पर्यटकों की पहली पसंद बने। पर्यटन स्थलों और पर्यटकों की सुविधाओं पर तीव्र गति से कार्य किया जा रहा है।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए अरुण सक्सेना, राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार), पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन विभाग ने कहा, नेचर एंड बर्ड फेस्टिवल-2026 उत्तर प्रदेश की समृद्ध जैव-विविधता, पक्षी संरक्षण और पर्यावरणीय संतुलन के प्रति हमारी प्रतिबद्धता का उदाहरण प्रस्तुत करता है। यह उत्सव न केवल प्रदेश के वेटलैंड्स, वन क्षेत्रों और प्रवासी पक्षियों की महत्ता को रेखांकित करता है, बल्कि नागरिकों विशेषकर युवाओं को प्रकृति के संरक्षण के लिए जागरूक और प्रेरित भी करता है, ताकि आने वाली पीढ़ियों को समृद्ध प्राकृतिक विरासत मिल सके।
नदियां, वेटलैंड्स, प्रवासी पक्षी हमारी धरोहर
वन मंत्री अरुण सक्सेना ने कहा कि उत्तर प्रदेश की नदियां, वेटलैंड्स, वन क्षेत्र और प्रवासी पक्षी हमारी प्राकृतिक धरोहर हैं, जिनका संरक्षण आवश्यक है। नेचर एंड बर्ड फेस्टिवल-2026 यह संदेश देता है कि विकास तभी सार्थक है जब वह प्रकृति के संतुलन के साथ हो। प्रदेश सरकार जैव-विविधता संरक्षण, पक्षी आवासों के संरक्षण और हरित भविष्य के निर्माण के लिए पूरी प्रतिबद्धता के साथ निरंतर कार्य कर रही है।
इसके अलावा कार्यक्रम में राज्यमंत्री, सदर विधायक, जिलाध्यक्ष भाजपा सहित अन्य जनप्रतिनिधिगणों व अधिकारियों ने अपने सम्बोधन में जिले के पर्यटन स्थलों को बढ़ावा देने, रोजगार सृजन व भावी पीढ़ी को पर्यावरण संरक्षण की महत्ता पर प्रकाश डाला। इसके उपरान्त मंचासीन अतिथियों को स्मृति चिन्ह भेंट कर सम्मानित किया गया।

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