Web News

www.upwebnews.com

कमलकांत बुद्धकर के नाम से जाना जाएगा प्रेस क्लब सभागार

February 19, 2026

कमलकांत बुद्धकर के नाम से जाना जाएगा प्रेस क्लब सभागार

वरिष्ठ पत्रकारों ने किया प्रेस क्लब अध्यक्षों के चित्रों का लोकार्पण
हरिद्वार, 17 फरवरी। प्रेस क्लब एवं भारतीय संवाद परिषद के तत्वाधान में प्रेस क्लब की कार्यकारिणी द्वारा 1986 से 2025 तक के अध्यक्षों के सभागार में लगाए गए चित्रों का लोकार्पण वरिष्ठ पत्रकार डा.शिवशंकर जायसवाल, कौशल सिखौला एवं गोपाल रावत ने संयुक्त रूप से किया। प्रेस क्लब की कार्यकारिणी द्वारा यह भी निर्णय लिया गया कि पत्रकारिता के क्षेत्र में अनुकरणीय योगदान देने वाले स्वर्गीय वरिष्ठ पत्रकार डा.कमलकांत बुधकर की स्मृति में प्रेस क्लब सभागार का नामकरण बुद्धकर भवन के रूप में किया जाएगा। प्रेस क्लब अध्यक्ष धर्मेंद्र चौधरी एवं महामंत्री दीपक मिश्रा ने कहा कि पत्रकारिता में स्वर्गीय कमलकांत बुधकर के अनुकरणीय योगदान को भुलाया नहीं जा सकता है। उनके आदर्शों पर चलकर पत्रकारिता मिशन को अच्छे से निभाएं। उन्होंने कहा कि प्रेस क्लब में होली मिलन कार्यक्रम भी उत्साह पूर्वक मनाया जाएगा। वरिष्ठ पत्रकार डा.शिवशंकर जायसवाल एवं आदेश त्यागी ने प्रेस क्लब के पूर्व अध्यक्षों के चित्र भवन में लगाने के निर्णय का स्वागत करते हुए कहा कि प्रेस क्लब के माध्यम से पत्रकारों के हितों में निर्णायक निर्णय लिए जाते हैं। स्वर्गीय कमलकांत बुधकर की स्मृति में प्रेस क्लब सभागार का नाम बुद्धकर भवन किया जाना सराहनीय है। इस दौरान कोषाध्यक्ष काशीराम सैनी, कौशल सिखौला, गोपाल रावत, रमेश खन्ना, रजनीकांत शुक्ला, सुभाष कपिल, बालकृष्ण शास्त्री, बृजेंद्र हर्ष, अविक्षित रमन, प्रदीप गर्ग, आदेश त्यागी, दीपक नौटियाल, संजय आर्य, अमित शर्मा, अमित गुप्ता, आदि मौजूद रहे।

February 15, 2026

कांग्रेस के खिलाफ हुए विरोध प्रदर्शन की कांग्रेस नेताओं ने की कड़ी आलोचना

हरिद्वार, 15 फरवरी। राजधानी देहरादून में कांग्रेस के खिलाफ किए गए विरोध प्रदर्शन की कांग्रेस नेताओं ने कड़ी आलोचना की है। प्रैस क्लब में पत्रकारों से वार्ता करते हुए कांग्रेस जिलाध्यक्ष बालेश्वर सिंह एवं कांग्रेस अनुसूचित विभाग के जिलाध्यक्ष तीर्थपाल रवि ने कहा कि सत्ता के इशारे पर प्रदेश में सशक्त विपक्ष की भूमिका निभा रही कांग्रेस के खिलाफ प्रदर्शन किया गया। विरोध प्रदर्शन में शामिल हुए लोगों को किन मुद्दों लेकर विरोध किया जा रहा है। इसकी जानकारी तक नहीं थी। सोची समझी नीयत से दलित समाज को इस्तेमाल किया गया। बालेश्वर सिंह एवं तीर्थपाल रवि ने कहा कि प्रदर्शन में दलित समाज के वह लोग भी शामिल थे। जिन्होंने समाज के साथ अत्याचार और शोषण के खिलाफ कभी आवाज नहीं उठायी। उन्होंने कहा कि बेलड़ा प्रकरण, शांतरशाह में दलित बेटी के साथ बलात्कार और हत्या, वंदना कटारिया स्टेडियम का नाम बदलने, पंचायत चुनाव में वरिष्ठ कांग्रेस नेता यशपाल आर्य के अभद्रता, ओवरलोडिंग वाहनों से होने वाली दुर्घटनाएं, नशे का कारोबार आदि मुद्दों पर इन नेताओं ने हमेशा चुप्पी साधे रखी। तीर्थपाल रवि ने कहा कि समरसता भवन एवं सामुदायिक भवन की घोषणा आज तक पूरी नहीं की गई है। जात-पात धर्म के नाम पर राजनीतिक रोटियां सेकी जा रही हैं। ऐसे लोगों से सावधान रहने की आवश्यकता है। महानगर कांग्रेस अध्यक्ष अमन गर्ग एवं वरिष्ठ कांग्रेस नेता मुरली मनोहर, सीपी सिंह, वेदपाल तेजियान, अजय दास महाराज ने प्रदर्शन पर गहरी नाराजगी जताते हुए कहा कि समाज को जात-पात धर्म के नाम पर बांटने का काम किया जा रहा है। धर्म की राजनीति को बढ़ावा दिया जा रहा है। प्रैसवार्ता के दौरान मनोज सैनी, दिनेश कुमार, प्रियव्रत सिंह, राजेंद्र कुमार, विक्रम तेजयान, कैलाश प्रधान, अक्षय नागपाल, झंडा सिंह, सत्यपाल शास्त्री, सतीश दुबे, वीरेंद्र श्रमिक आदि मौजूद रहे।

February 8, 2026

महामंडलेश्वर यतींद्रानंद गिरि महाराज की जूना अखाड़े में वापिसी, निष्कासन रद्द

Letter Juna akhada

जूना अखाड़ा ने महामंडलेश्वर यतींद्रानंद गिरि का निष्कासन रद्द किया

Posted on 08.02.2026, Time 07.39 PM,, Haridwar, Juna akhada 
( गोपाल रावत)
हरिद्वार, 08 फरवरी। श्री पंच दशनाम जूना अखाड़े के महामंडलेश्वर श्री महंत यतींद्रानंद गिरि महाराज का निष्कासन समाप्त कर दिया गया है। जूना अखाड़े के अंतरराष्ट्रीय अध्यक्ष श्री महंत मोहन भारती महाराज ने बताया कि विगत दिनों कतिपय अखाड़ा विरोधी गतिविधियों तथा बयान बाजी के चलते महामंडलेश्वर यतींद्रानंद गिरि महाराज को अखाड़े से निष्कासित कर दिया गया था ।इस प्रकरण की जांच हेतु अंतरराष्ट्रीय संरक्षक श्री महंत हरी गिरी महाराज के निर्देश पर वरिष्ठ सभापति श्री महंत प्रेमगिरी महाराज की अध्यक्षता में एक समिति का गठन किया गया जिसमें वरिष्ठ सभापति श्री महंत उमाशंकर भारती, महामंत्री श्री महंत महेश पुरी, राष्ट्रीय प्रवक्ता श्री महंत नारायण गिरी तथा श्री महंत निरंजन भारती को शामिल किया गया ।
जांच समिति ने इस पूरे प्रकरण की गहराई से जांच करने पर पाया कि उनके विरुद्ध लगाए गए कतिपय आरोप भ्रामक तथा तथ्यहीन है। जांच समिति की संस्तुति के आधार पर अंतरराष्ट्रीय संरक्षक श्री महंत हरी गिरी महाराज के निर्देश पर महा मंडलेश्वर यतींद्रानंद गिरि महाराज का निष्कासन समाप्त कर उन्हें सम्मान पूर्वक अखाड़े में शामिल कर लिया गया है ।
श्रीमंत मोहन भारती महाराज ने बताया कि महामंडलेश्वर यतींद्रानंद गिरि महाराज के प्रति खेद व्यक्त करते हुए अखाड़े में उनकी प्रतिष्ठा व सम्मान के अनुरूप वापिसी की गई है।

लोकमाता देवी अहिल्याबाई होल्कर महामंच ने की मणिकर्णिका घाट का स्वरूप नहीं बदलने की मांग

हरिद्वार, 8 फरवरी। लोकमाता देवी अहिल्याबाई होल्कर महामंच ने मणिकर्णिका घाट का मूल स्वरूप नहीं बदलने की मांग की है। लोकमाता देवी अहिल्याबाई होल्कर महामंच के राष्ट्रीय अध्यक्ष तेलूराम प्रधान ने प्रैस क्लब में आयोजित पत्रकार वार्ता के दौरान कहा कि उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा वाराणसी में स्थित मणिकर्णिका घाट का पुनः निर्माण कराया जा रहा है। पुनः निर्माण के दौरान देवी अहिल्याबाई होल्कर की व उनके द्वारा निर्मित मूर्तियों और मंदिरों को तोड़ दिया गया। पुनः निर्माण की प्रक्रिया में मणिकर्णिका घाट के मूल स्वरूप को भी बिगाड़ा जा रहा है। जिससे पूरे समाज की आस्था को गहरा आघात पहुंचा है। तेलूराम प्रधान ने कहा कि सोशल मीडिया में वायरल हो रहे एक वीडियो में देवी अहिल्याबाई होल्कर की टूटी हुई मूर्तियों को दिखाया गया है। वीडियो को यूपी सरकार द्वारा एआई निर्मित बताया गया है। वीडियो एआई निर्मित है तो वीडियो बनाने वालों पर कार्रवाई की जाए और यदि वीडियो वास्तविक है तो मुख्यमंत्री को सार्वजनिक रूप से माफी मांगनी चाहिए तथा अपने पद से इस्तीफा दे देना चाहिए। उन्होंने कहा कि पूरे भारत में लोकमाता देवी अहिल्याबाई होल्कर द्वारा निर्मित एवं जीर्णोद्धार किए गए मंदिरों, घाटों, प्याऊ, धर्मशाला, विद्यालय, गौशाला आदि का मूल स्वरूप और नाम ना हटाया जाए और ना बिगाड़ा ना जाए। तेलूराम प्रधान ने कहा कि इस संबंध में मंच की और से राष्ट्रपति को ज्ञापन भी प्रेषित किया जाएगा। प्रैसवार्ता के दौरान कृष्णपाल धनगर, अमित धनगर, सतीशचंद्र, नकली सिंह, विकास धनगर,़ उमेश पाल, राधेश्याम पाल, प्रदीप पाल, शिवचरण पाल, पंकज पाल, भूषण पाल, संजय पाल, सत्यपाल, नरेशपाल, गुलाब सिंह, तेजपाल, देवेंद्र धनगर, स्वामी सुशांत पुरी, राजेश कुमार पाल, सुनील, ओमपाल, नेपाल, जितेंद्र पाल, मोहित पाल, सतिंदर पाल, सुरेंद्र सिंह, रोहित पाल, अनिकेत पाल, कालूराम, सचिन पाल, सुलेख पाल सहित हरियाणा एवं उत्तर प्रदेश से आए पदाधिकारियों का फूलमाला पहनाकर स्वागत किया गया।

बाल्टिक देशों में सनातन संस्कृति का हो रहा विस्तार

डॉ. चिन्मय पंड्या के संचालन में विलनियस के बैलेंस सेंटर में गायत्री यज्ञ का आयोजन

Haridwar Samachar

हरिद्वार समाचार सेवा

हरिद्वार 8 फरवरी। अपने विदेश प्रवास के दौरान अखिल विश्व गायत्री परिवार के युवा प्रतिनिधि डॉ. चिन्मय पंड्या लिथुआनिया की राजधानी विलनियस पहुँचे। इस अवसर पर उन्होंने राजधानी स्थित प्रसिद्ध बैलेंस सेंटर में वैदिक विधि-विधान के साथ गायत्री यज्ञ सम्पन्न कराया। यज्ञ में स्थानीय लिथुआनियाई नागरिकों, भारतीय समुदाय तथा गायत्री परिवार से जुड़े अनेक लोगों की भावपूर्ण सहभागिता रही, जिससे वातावरण शांति, सकारात्मक ऊर्जा और पवित्र चेतना से ओतप्रोत हो गया।
गायत्री यज्ञ के दौरान वैदिक मंत्रों के उच्चारण एवं पवित्र अग्नि में आहुतियों के माध्यम से सर्वे भवन्तु सुखिन: तथा प्रकृति के साथ सामंजस्य तथा मानवीय चेतना के उत्थान की कामना की गई। उपस्थित जनसमूह ने इस आध्यात्मिक अनुष्ठान को केवल एक धार्मिक कर्मकांड के रूप में नहीं, बल्कि आंतरिक संतुलन और सामूहिक चेतना को जाग्रत करने वाली प्रक्रिया के रूप में अनुभव किया।
इस अवसर पर लिथुआनियाई नागरिकों एवं युवाओं को संबोधित करते हुए देवसंस्कृति विश्वविद्यालय के प्रतिकुलपति युवा आइकॉन डॉ. चिन्मय पंड्या ने कहा कि प्राचीन भारतीय वैदिक साधनाएँ आज भी आधुनिक वैश्विक समाज में संतुलन, शांति, नैतिक मूल्यों और एकता की स्थापना में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही हैं। उन्होंने कहा कि इस प्रकार के आयोजन पूर्व और पश्चिम के बीच सांस्कृतिक एवं आध्यात्मिक सेतु को और अधिक सुदृढ़ करने की दिशा में एक प्रेरणादायी कदम सिद्ध हो रहे हैं।
यह आयोजन बाल्टिक क्षेत्र में वैदिक परंपराओं के प्रति बढ़ती जागरूकता और रुचि का सजीव प्रमाण बना। विशेष रूप से लिथुआनियाई प्रतिभागियों ने यज्ञ के प्रतीकात्मक अर्थ, पंचतत्त्वों के साथ मानव के संबंध तथा प्रकृति-सम्मान की भारतीय दृष्टि के प्रति गहरी जिज्ञासा और सराहना व्यक्त की। यह कार्यक्रम अखिल विश्व गायत्री परिवार के मुख्यालय शांतिकुंज, हरिद्वार तथा देव संस्कृति विश्वविद्यालय के वैश्विक दृष्टिकोण को भी रेखांकित करता है, जिसके अंतर्गत एशिया का प्रथम एवं विश्व का सबसे बड़ा बाल्टिक सेंटर हरिद्वार स्थित देवसंस्कृति विश्वविद्यालय द्वारा संचालित किया जा रहा है। यह केंद्र भारत और बाल्टिक देशों के मध्य अकादमिक सहयोग, सांस्कृतिक संवाद और आध्यात्मिक आदान-प्रदान का एक सशक्त मंच बनकर उभर रहा है। इस अवसर पर लिथुआनियाई नागरिकों ने सनातन संस्कृति के प्रति अपनी रुझान को व्यक्त करते हुए भविष्य में ऐसे आयोजनों की निरंतरता की अपेक्षा भी प्रकट की।

« Newer PostsOlder Posts »