Web News

www.upwebnews.com

Gorakhpur कैंप में ऑपरेशन के बाद 9 मरीजों की आंखों की रोशनी गई, डीएम ने दिए जांच के आदेश

February 19, 2026

Gorakhpur कैंप में ऑपरेशन के बाद 9 मरीजों की आंखों की रोशनी गई, डीएम ने दिए जांच के आदेश

Posted on 19.02.2026, Thursday Time 05.50 PM, Santosh Kumar Singh, Gorakhpur संतोष कुमार सिंह , गोरखपुर*मोतियाबिंद ऑपरेशन के बाद 9 मरीजों की आंखें निकालनी पड़ीं, कई की रोशनी गई*

गोरखपुर, 19 फरवरी। जिले के सिकरीगंज स्थित एक निजी अस्पताल में आयोजित मोतियाबिंद ऑपरेशन कैंप के बाद सामने आए गंभीर संक्रमण ने स्वास्थ्य व्यवस्था पर बड़े सवाल खड़े कर दिए हैं। ऑपरेशन के बाद कई मरीजों की हालत बिगड़ गई, जिनमें से नौ मरीजों की आंखें निकालनी पड़ीं, जबकि कई अन्य की आंखों की रोशनी चली गई। यह मामला सामने आते ही प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग में हड़कंप मच गया है।
बताया जा रहा है कि 1 फरवरी को न्यू राजेश हाइटेक हॉस्पिटल में आई कैंप आयोजित किया गया था, जिसमें करीब 30 मरीजों का मोतियाबिंद ऑपरेशन किया गया। परिजनों के अनुसार ऑपरेशन के 24 घंटे के भीतर ही कई मरीजों की आंखों में तेज दर्द, सूजन, खून आना और मवाद जैसी शिकायतें शुरू हो गईं। धीरे-धीरे स्थिति इतनी बिगड़ी कि 18 मरीजों में गंभीर संक्रमण पाया गया।
इन्दारी निवासी संजय सिंह ने बताया कि वे अपने पिता का ऑपरेशन कराने अस्पताल गए थे। ऑपरेशन के बाद आंख से लगातार खून आने लगा। पहले वाराणसी ले जाया गया, फिर दिल्ली तक इलाज कराया गया, लेकिन हालत में सुधार नहीं हुआ। अंततः डॉक्टरों ने आंख निकालने की सलाह दी। संजय सिंह का कहना है कि उनके परिवार के दो लोगों का ऑपरेशन हुआ था और दोनों की स्थिति गंभीर हो गई।
इसी तरह रेखा नामक महिला ने बताया कि उनकी सास का ऑपरेशन भी इसी कैंप में हुआ था। ऑपरेशन के बाद आंख में तेज दर्द और मवाद की शिकायत शुरू हो गई। उन्होंने कहा कि 18 मरीजों की हालत बिगड़ने की जानकारी है और कई लोग अलग-अलग शहरों में इलाज करा रहे हैं।
स्थिति की गंभीरता को देखते हुए कई मरीजों को गोरखपुर से बाहर दिल्ली, लखनऊ और वाराणसी के सुपर स्पेशलिटी अस्पतालों में भर्ती कराया गया। स्वास्थ्य विभाग की प्रारंभिक जांच और कल्चर रिपोर्ट में गंभीर संक्रमण की पुष्टि हुई है।
मामले की जानकारी मिलते ही जिला प्रशासन सक्रिय हुआ। जिलाधिकारी दीपक मीणा ने बताया कि सिकरीगंज के एक निजी अस्पताल में आंख के ऑपरेशन के बाद संक्रमण की बात सामने आई है। पीड़ित मरीजों का अलग-अलग स्थानों पर इलाज चल रहा है। कुछ मरीजों को गंभीर संक्रमण हुआ है। अस्पताल को सील कर दिया गया है और मजिस्ट्रियल जांच के आदेश दिए गए हैं। रिपोर्ट आने के बाद दोषियों के खिलाफ विधिक कार्रवाई और पंजीकरण निरस्तीकरण की प्रक्रिया शुरू की जाएगी।
मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. राजेश झा ने बताया कि 4 फरवरी को जानकारी मिली कि 1 फरवरी को 30 ऑपरेशन किए गए थे। कई मरीजों में संक्रमण की पुष्टि होने के बाद जिला स्तरीय कमेटी गठित कर जांच शुरू की गई। बीआरडी मेडिकल कॉलेज के माइक्रोबायोलॉजी विभाग की टीम ने भी अस्पताल का निरीक्षण किया। प्रथम दृष्टया मामला गंभीर संक्रमण का प्रतीत हो रहा है। एहतियातन अस्पताल के नेत्र विभाग को सील कर दिया गया है और संबंधित ऑपरेशन थिएटर की जांच की जा रही है।
इस घटना ने निजी अस्पतालों की निगरानी व्यवस्था और ऑपरेशन प्रक्रियाओं पर सवाल खड़े कर दिए हैं। परिजनों का आरोप है कि लापरवाही और संक्रमण नियंत्रण में कमी के कारण यह स्थिति बनी। कई परिवारों की जिंदगी में अंधेरा छा गया है।
फिलहाल पूरे मामले की मजिस्ट्रियल जांच जारी है। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि जांच रिपोर्ट के आधार पर दोषी पाए जाने वालों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी। वहीं पीड़ित परिवार न्याय और उचित उपचार की उम्मीद में हैं। यह घटना स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता और निगरानी तंत्र पर गंभीर प्रश्नचिह्न खड़ा कर रही है।

भाजपा प्रदेश अध्यक्ष एवं केंद्रीय वित्त राज्य मंत्री “बजट पर युवा संवाद कार्यक्रम” में हुए शामिल*

*संतोष कुमार सिंह*
*गोरखपुर*

गोरखपुर में भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष एवं केंद्रीय वित्त राज्य मंत्री पंकज चौधरी वे भारतीय जनता युवा मोर्चा द्वारा योगिराज बाबा गंभीर नाथ प्रेक्षागृह में आयोजित “बजट पर युवा संवाद कार्यक्रम” में मुख्य अतिथि के रूप में हिस्सा लिया।आम बजट 2026-27 को लेकर यह विशेष कार्यक्रम आयोजित किया गया जिसमें स्कूल और कॉलेजों से आए हुए छात्रों ने हिस्सा लिया।

केंद्रीय वित्त राज्यमंत्री पंकज चौधरी ने कहा कि स्किल डेवलपमेंट के बजट में बढ़ोतरी की गई है, ताकि हमारे नौजवान देश के विकास में अपना योगदान दे सकें। वर्तमान में एनीमेशन ग्राफिक्स AI का चलन है। कंटेंट क्रिएशन के लिए युवाओं को अवसर मिलेगा। उन्होंने कहा कि कंटेंट क्रिएशन के लिए युवाओं को अवसर मिलेगा। आज युवाओं को इस बजट को समझने की जरूरत है। बजट के विषयों को ठीक से समझें और उसे जन-जन तक पहुंचाएं।

गोरखपुर-अहमदाबाद एक्सप्रेस में युवती से दुष्कर्म के आरोपी टीटीई पर 10 हजार का इनाम घोषित*

 

*संतोष कुमार सिंह*
*गोरखपुर*

गोरखपुर-अहमदाबाद एक्सप्रेस ट्रेन में एक युवती के साथ दुष्कर्म के मामले में आरोपी टीटीई पर 10 हजार रुपये का इनाम रखा गया है। गोरखपुर के रेलवे जीआरपी एसपी लक्ष्मी निवास मिश्र ने जानकारी दी कि आरोपी फरार टीटीई राहुल कुमार, एनईआर के वाराणसी डिवीजन में कार्यरत है।उसे बर्खास्त करने के लिए विभाग को पत्र भेजा गया है, और वह घटना के बाद से फरार है।

जानकारी के अनुसार, टीटीई ने एक एनसीसी कैडेट युवती के साथ दुष्कर्म किया। युवती परीक्षा देने मऊ गई थी और लौटते समय भीड़ के कारण वह टिकट नहीं ले सकी। इस वजह से वह एसी कोच में खड़ी थी। आरोपी ने उसे सीट दिलाने के बहाने अपने केबिन में बुलाया और वहां उसके साथ दुष्कर्म किया। एसपी जीआरपी लक्ष्मी निवास मिश्रा ने बताया कि युवती की शिकायत पर मामला दर्ज कर लिया गया है। आरोपी की तलाश के लिए पुलिस टीम गठित की गई है। यह घटना रविवार को हुई थी। युवती अहमदाबाद-गोरखपुर एक्सप्रेस ट्रेन से मऊ से लौट रही थी। टीटीई ने उसे टिकट बनाने और सीट देने के बहाने केबिन में बुलाया। पहले सामान्य बातचीत की, लेकिन फिर उसने अश्लील हरकतें शुरू कर दीं। जब युवती ने विरोध किया, तो आरोपी ने उसे धमकी दी और दुष्कर्म किया। यह घटना इंदारा और देवरिया के बीच हुई।
घटना के बाद युवती ने 112 पर फोन किया, जिससे टीटीई देवरिया में ट्रेन से उतरकर भाग गया। जीआरपी पुलिस ने बताया कि पीड़ित युवती ने शिकायत दर्ज कराई है। वह गोरखपुर में किराए के कमरे में रहकर भर्ती की तैयारी कर रही थी और एनसीसी ‘सी’ सर्टिफिकेट परीक्षा देने मऊ गई थी। परीक्षा के बाद लौटते समय स्टेशन पर भीड़ के कारण वह टिकट नहीं ले सकी थी।
युवती का आरोप है कि टीटीई ने केबिन में बैठाने के बाद दरवाजा अंदर से बंद कर लिया। सामान्य बातचीत के कुछ समय बाद उसका व्यवहार बदल गया और उसने दुष्कर्म किया। जब युवती ने विरोध किया, तो आरोपी ने बिना टिकट यात्रा का मामला बनाकर कार्रवाई की धमकी दी। पीड़िता ने शोर मचाया और 112 पर कॉल कर पुलिस को सूचित किया। जैसे ही मामला सामने आया, आरोपी टीटीई देवरिया स्टेशन पर ट्रेन से उतरकर भाग गया।

डॉ कोस्तुभ ने सुनी फरियाद मुख्यमंत्री योगी

*”आदित्यनाथ* *लखनऊ से कर रहे सीधी* *निगरानी, संबंधित अधिकारियों को तत्काल निस्तारण के निर्देश*


गोरखपुर। आमजन की शिकायतों के त्वरित समाधान को लेकर गोरखपुर पुलिस प्रशासन पूरी सक्रियता के साथ कार्य करता नजर आया। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (एसएसपी) डॉ. कोस्तुभ ने अपने कार्यालय में पहुंचे फरियादियों की समस्याएं की सुनीं और संबंधित अधिकारियों को मौके पर ही आवश्यक निर्देश दिए। खास बात यह रही कि इस पूरी प्रक्रिया की निगरानी प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ द्वारा लखनऊ से की जा रही थी।
एसएसपी कार्यालय में आयोजित जनसुनवाई के दौरान बड़ी संख्या में लोग विभिन्न समस्याओं को लेकर पहुंचे। इनमें भूमि विवाद से जुड़े पुलिस प्रकरण, मुकदमे में कार्रवाई की मांग, लंबित विवेचना, पारिवारिक विवाद, मारपीट, साइबर अपराध, धोखाधड़ी तथा थाना स्तर पर सुनवाई न होने जैसी शिकायतें प्रमुख रहीं। डॉ. कोस्तुभ ने प्रत्येक फरियादी की बात गंभीरता से सुनी और संबंधित क्षेत्राधिकारी, थाना प्रभारी या विवेचक को फोन पर निर्देशित किया।
जनसुनवाई के दौरान कई मामलों में एसएसपी ने संबंधित अधिकारी को सीधे फोन मिलाकर शिकायतकर्ता से बात कराई, ताकि समस्या की वास्तविक स्थिति स्पष्ट हो सके। इसके बाद उन्होंने स्पष्ट शब्दों में निर्देश दिया कि प्रकरण का निष्पक्ष, पारदर्शी और समयबद्ध निस्तारण सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने यह भी कहा कि किसी भी पीड़ित को अनावश्यक रूप से थाने के चक्कर न लगाने पड़ें।
इस पूरी प्रक्रिया की निगरानी मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ द्वारा लखनऊ से की जा रही थी। मुख्यमंत्री ने कुछ मामलों में स्वयं संबंधित अधिकारियों से बातचीत कर स्थिति की जानकारी ली और आवश्यक निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि कानून-व्यवस्था से जुड़े मामलों में संवेदनशीलता और तत्परता अनिवार्य है। पीड़ित व्यक्ति को न्याय दिलाना पुलिस की प्राथमिक जिम्मेदारी है और इसमें किसी प्रकार की लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी।
मुख्यमंत्री की सीधी निगरानी के चलते पुलिस अधिकारियों में अतिरिक्त सक्रियता देखी गई। जिन मामलों में लापरवाही की आशंका जताई गई, उनमें तत्काल रिपोर्ट तलब की गई। एसएसपी डॉ. कोस्तुभ ने स्पष्ट किया कि प्रत्येक शिकायत का विधिवत पंजीकरण किया जाएगा और उसकी प्रगति की नियमित समीक्षा की जाएगी। उन्होंने सभी थाना प्रभारियों और विवेचकों को निर्देश दिया कि जनसुनवाई से जुड़े मामलों को प्राथमिकता के आधार पर निपटाया जाए।
एसएसपी ने यह भी कहा कि फरियादियों के साथ सम्मानजनक व्यवहार किया जाए और उनकी समस्या को पूरी संवेदनशीलता से सुना जाए। पुलिस का उद्देश्य केवल मुकदमा दर्ज करना नहीं, बल्कि पीड़ित को वास्तविक राहत दिलाना है। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि किसी स्तर पर लापरवाही पाई गई तो संबंधित अधिकारी के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
जनसुनवाई में आए कई फरियादियों ने मौके पर ही अपनी शिकायतों पर कार्रवाई शुरू होने पर संतोष व्यक्त किया। कुछ मामलों में तत्काल निर्देश जारी किए गए, तो कुछ में निर्धारित समयसीमा तय कर रिपोर्ट प्रस्तुत करने को कहा गया।
गोरखपुर एसएसपी कार्यालय में यह जनसुनवाई न केवल शिकायतों के समाधान का माध्यम बनी, बल्कि पुलिस और जनता के बीच विश्वास को भी मजबूत करती नजर आई। मुख्यमंत्री की निगरानी और एसएसपी की सक्रियता से यह स्पष्ट संदेश गया कि शासन और पुलिस प्रशासन आमजन को त्वरित न्याय दिलाने के लिए प्रतिबद्ध है।

February 18, 2026

जीडीए की 16 कालोनियां नगर निगम को हस्तांतरित, बेहतर सुविधाओं व सुदृढ़ प्रबंधन का मार्ग प्रशस्त*

*संतोष कुमार सिंह*
*गोरखपुर*


*महानगर के सुनियोजित विकास की दिशा में बड़ा कदम*

गोरखपुर। महानगर के समग्र और सुनियोजित विकास की दिशा में आज एक महत्वपूर्ण पहल करते हुए गोरखपुर विकास प्राधिकरण (जीडीए) द्वारा निर्मित 16 कालोनियों का औपचारिक रूप से गोरखपुर नगर निगम को हस्तांतरण किया गया। इस निर्णय से संबंधित क्षेत्रों में नागरिक सुविधाओं के विस्तार, नियमित रख-रखाव और प्रभावी शहरी प्रबंधन को नई गति मिलने की उम्मीद है।
हस्तांतरण कार्यक्रम के दौरान महापौर डॉ. मंगलेश श्रीवास्तव, जीडीए के उपाध्यक्ष आनंद वर्धन, नगर आयुक्त गौरव सिंह सोगरवाल, नगर निगम एवं जीडीए के अधिकारीगण तथा जनप्रतिनिधिगण उपस्थित रहे। सभी ने इस पहल को महानगर के सुव्यवस्थित विकास की दिशा में मील का पत्थर बताया।
अधिकारियों ने बताया कि अब इन 16 कालोनियों में सड़क, नाली, स्ट्रीट लाइट, साफ-सफाई, पेयजल, सीवर व्यवस्था और अन्य मूलभूत नागरिक सुविधाओं का संचालन व रख-रखाव नगर निगम द्वारा किया जाएगा। इससे कार्यों में समन्वय बढ़ेगा और शिकायतों के त्वरित निस्तारण में भी आसानी होगी। स्थानीय निवासियों को एक ही निकाय के माध्यम से सभी शहरी सेवाएं उपलब्ध कराई जा सकेंगी, जिससे प्रशासनिक प्रक्रिया अधिक प्रभावी और पारदर्शी बनेगी।
महापौर डॉ. मंगलेश श्रीवास्तव ने कहा कि नगर निगम का उद्देश्य शहर को स्वच्छ, सुंदर और व्यवस्थित बनाना है। नई कालोनियों के जुड़ने से जिम्मेदारियां बढ़ी हैं, लेकिन निगम पूरी प्रतिबद्धता के साथ नागरिकों को बेहतर सेवाएं उपलब्ध कराने के लिए तत्पर है। उन्होंने कहा कि जनसहभागिता के माध्यम से गोरखपुर को आदर्श महानगर बनाने का संकल्प निरंतर आगे बढ़ाया जाएगा।
जीडीए उपाध्यक्ष आनंद वर्धन ने कहा कि प्राधिकरण द्वारा विकसित कालोनियों को नगर निगम को सौंपना एक सुविचारित प्रशासनिक कदम है, जिससे विकास कार्यों में एकरूपता आएगी और संसाधनों का बेहतर उपयोग संभव हो सकेगा।
कार्यक्रम में मौजूद जनप्रतिनिधियों और अधिकारियों ने समन्वय, पारदर्शिता और जवाबदेही के साथ महानगर के विकास को गति देने का संकल्प दोहराया। इस पहल को गोरखपुर के शहरी ढांचे को और अधिक सुदृढ़ एवं व्यवस्थित बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

« Newer PostsOlder Posts »