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गोरखपुर में उप निरीक्षक भर्ती परीक्षा शांतिपूर्ण संपन्न,

March 15, 2026

गोरखपुर में उप निरीक्षक भर्ती परीक्षा शांतिपूर्ण संपन्न,

Santosh Kumar Singh
Gorakhpur
15/03/2026

24 केंद्रों पर दो दिनों में 36 हजार अभ्यर्थियों ने दी परीक्षा*

*हर दिन दो पालियों में 18 हजार और प्रत्येक पाली में 9 हजार परीक्षार्थी हुए शामिल, वरिष्ठ अधिकारी रहे लगातार भ्रमणशील*

गोरखपुर। उत्तर प्रदेश पुलिस उप निरीक्षक भर्ती परीक्षा 14 और 15 मार्च को गोरखपुर जनपद के 24 परीक्षा केंद्रों पर कड़ी सुरक्षा व्यवस्था और प्रशासनिक निगरानी के बीच सकुशल संपन्न हो गई। दो दिनों तक चली इस परीक्षा में कुल 36 हजार अभ्यर्थियों ने भाग लिया। प्रत्येक दिन दो पालियों में परीक्षा आयोजित की गई, जिसमें हर दिन लगभग 18 हजार अभ्यर्थी शामिल हुए, जबकि प्रत्येक पाली में करीब 9 हजार परीक्षार्थियों ने परीक्षा दी। परीक्षा शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न होने के बाद प्रशासन और पुलिस अधिकारियों ने राहत की सांस ली।
परीक्षा को निष्पक्ष, पारदर्शी और नकलविहीन बनाने के लिए जिला प्रशासन और पुलिस विभाग ने व्यापक तैयारियां की थीं। सभी 24 परीक्षा केंद्रों पर कड़ी निगरानी रखी गई और सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए गए थे। हर परीक्षा केंद्र पर स्टैटिक मजिस्ट्रेट और सेक्टर मजिस्ट्रेट की तैनाती की गई थी, जो परीक्षा के दौरान पूरे समय केंद्रों की गतिविधियों पर नजर बनाए हुए थे।
परीक्षा के दौरान किसी भी प्रकार की गड़बड़ी को रोकने के लिए प्रशासनिक और पुलिस अधिकारी लगातार भ्रमणशील रहे। एडीजी जोन गोरखपुर मुथा अशोक जैन ,डीआईजी रेंज एस. चनप्पा, मंडलायुक्त अनिल कुमार, जिलाधिकारी दीपक मीणा और वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक डॉ कोस्तुभ स्वयं विभिन्न परीक्षा केंद्रों का निरीक्षण करते रहे और व्यवस्थाओं का जायजा लेते रहे। अधिकारियों ने केंद्रों पर पहुंचकर सुरक्षा व्यवस्था, अभ्यर्थियों की जांच प्रक्रिया, सीसीटीवी निगरानी और प्रवेश व्यवस्था का निरीक्षण किया तथा संबंधित अधिकारियों को आवश्यक निर्देश भी दिए।
परीक्षा के नोडल अधिकारी एडीएम सिटी अंजनी कुमार सिंह ने बताया कि परीक्षा को पूरी तरह पारदर्शी और व्यवस्थित तरीके से संपन्न कराने के लिए प्रशासन द्वारा पहले से ही विस्तृत कार्ययोजना तैयार की गई थी। सभी केंद्रों पर मजिस्ट्रेटों की तैनाती के साथ-साथ पुलिस बल को भी सतर्क रखा गया था, जिससे परीक्षा के दौरान किसी प्रकार की अव्यवस्था की स्थिति उत्पन्न न हो।
परीक्षा केंद्रों पर अभ्यर्थियों के प्रवेश से पहले सघन जांच व्यवस्था की गई थी। अभ्यर्थियों के प्रवेश पत्र और पहचान पत्रों की बारीकी से जांच की गई। इसके अलावा मेटल डिटेक्टर और मैन्युअल चेकिंग के माध्यम से भी तलाशी ली गई। परीक्षा केंद्रों के अंदर मोबाइल फोन, स्मार्ट वॉच और अन्य इलेक्ट्रॉनिक उपकरण ले जाने पर पूरी तरह प्रतिबंध लगाया गया था।
पुलिस प्रशासन की ओर से परीक्षा केंद्रों के आसपास भी कड़ी सुरक्षा व्यवस्था की गई थी। प्रत्येक केंद्र पर पर्याप्त संख्या में पुलिस बल की तैनाती की गई थी। संवेदनशील केंद्रों पर अतिरिक्त पुलिस बल लगाया गया था और स्थानीय थानों की पुलिस लगातार गश्त करती रही। इसके अलावा संदिग्ध गतिविधियों पर नजर रखने के लिए खुफिया तंत्र को भी सक्रिय रखा गया था।
अभ्यर्थियों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए परीक्षा केंद्रों के आसपास यातायात व्यवस्था को भी सुचारु रखा गया। ट्रैफिक पुलिस की तैनाती कर यातायात को नियंत्रित किया गया, जिससे बाहर से आने वाले परीक्षार्थियों को अपने केंद्रों तक पहुंचने में किसी प्रकार की परेशानी न हो।
दोनों दिनों में आयोजित परीक्षा के दौरान कहीं से भी किसी प्रकार की गड़बड़ी या अव्यवस्था की सूचना नहीं मिली। परीक्षा केंद्रों पर व्यवस्थाएं संतोषजनक रहीं और अभ्यर्थियों ने शांतिपूर्वक परीक्षा दी।
जिला प्रशासन और पुलिस अधिकारियों ने बताया कि सभी विभागों के बेहतर समन्वय, सतर्कता और कड़ी निगरानी के चलते इतनी बड़ी परीक्षा पूरी तरह शांतिपूर्ण और व्यवस्थित तरीके से संपन्न कराई जा सकी। परीक्षा समाप्त होने के बाद अधिकारियों ने व्यवस्थाओं की समीक्षा करते हुए संबंधित अधिकारियों और कर्मचारियों के सहयोग की सराहना भी की।
प्रशासन का कहना है कि आगे भी इसी प्रकार की पारदर्शी व्यवस्था और कड़ी निगरानी के साथ सभी प्रतियोगी परीक्षाओं को संपन्न कराया जाएगा, ताकि परीक्षाओं की निष्पक्षता और विश्वसनीयता बनी रहे।

ऑनलाइन ट्रेडिंग के नाम पर साइबर ठगी, चिलुआताल पुलिस ने पीड़ित के 57,310 रुपये वापस कराए

Santosh Kumar Singh
Gorakhpur
15/03/2026

गोरखपुर। जिले में बढ़ते साइबर अपराधों के बीच चिलुआताल थाना पुलिस ने तत्परता दिखाते हुए ऑनलाइन ठगी के शिकार युवक की पूरी धनराशि वापस दिलाने में सफलता हासिल की है। पुलिस की त्वरित कार्रवाई के चलते पीड़ित के खाते में 57,310 वापस कराए गए, जिससे उसे बड़ी राहत मिली है।
मिली जानकारी के अनुसार नितेश यादव ने थाना चिलुआताल में प्रार्थना पत्र देकर बताया कि साइबर अपराधियों ने ऑनलाइन ट्रेडिंग का झांसा देकर उसके मोबाइल में एक फर्जी एपीके (APK) एप्लीकेशन इंस्टॉल करा दिया। इसी एप्लीकेशन के माध्यम से उसके बैंक खाते से कुल 57,310 निकाल लिए गए। कुछ समय बाद जब उसे अपने साथ हुई धोखाधड़ी की जानकारी हुई तो उसने तुरंत थाना चिलुआताल पुलिस से संपर्क कर शिकायत दर्ज कराई।
मामले को गंभीरता से लेते हुए चिलुआताल पुलिस ने तत्काल कार्रवाई शुरू की। राष्ट्रीय साइबर अपराध रिपोर्टिंग पोर्टल पर शिकायत दर्ज कराते हुए संबंधित खाते को होल्ड कराया गया, जिससे धनराशि को आगे ट्रांसफर होने से रोका जा सका। इसके बाद आवश्यक विधिक प्रक्रिया पूरी करते हुए न्यायालय से आदेश प्राप्त किया गया और पीड़ित के खाते में पूरी धनराशि वापस करा दी गई।
इस पूरी कार्रवाई का नेतृत्व थानाध्यक्ष सूरज सिंह ने किया। पुलिस की त्वरित कार्रवाई और सक्रियता से पीड़ित को उसकी पूरी रकम वापस मिल सकी।
पुलिस ने आम जनता से अपील की है कि किसी भी अनजान लिंक, एप्लीकेशन या ऑनलाइन ट्रेडिंग के नाम पर आने वाले प्रस्तावों से सावधान रहें। किसी भी संदिग्ध कॉल, मैसेज या एप को डाउनलोड करने से पहले उसकी सत्यता अवश्य जांच लें। यदि किसी के साथ साइबर ठगी होती है तो तुरंत नजदीकी थाने या राष्ट्रीय साइबर अपराध हेल्पलाइन पर शिकायत दर्ज कराएं, ताकि समय रहते कार्रवाई कर धनराशि को बचाया जा सके।

मोबाइल पर बात करने को लेकर पिता ने बेटी को हंसिया से काटा, मौत

Santosh Kumar Singh
Gorakhpur
15/03/2026

*पिपराइच थाना क्षेत्र का मामला, पुलिस ने आरोपी पिता को किया गिरफ्तार*

गोरखपुर। पिपराइच थाना क्षेत्र के सिंहोरिया गांव में 23 वर्षीय युवती की मौत के मामले में चौंकाने वाला खुलासा हुआ है। युवती की मौत हादसा नहीं बल्कि हत्या थी। पुलिस जांच में सामने आया कि युवती के पिता ने ही गुस्से में आकर उस पर हंसिया से हमला कर दिया था, जिससे गंभीर रूप से घायल युवती की इलाज के दौरान मौत हो गई।
पुलिस के अनुसार 13 मार्च को सिंहोरिया गांव की एक युवती के संदिग्ध परिस्थितियों में घायल होने की सूचना मिली थी। परिजनों ने बताया था कि युवती हंसिया पर गिर गई थी, जिससे उसे गंभीर चोट लग गई। उसे इलाज के लिए अस्पताल ले जाया गया, जहां इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई। सूचना के आधार पर पुलिस ने पंचायतनामा और पोस्टमार्टम की कार्रवाई कराई और मामले की जांच शुरू की।
जांच के दौरान पुलिस को कई बातें संदिग्ध लगीं। पूछताछ में यह सामने आया कि युवती किसी युवक से मोबाइल पर बात करती थी, जिसे लेकर उसके पिता से अक्सर विवाद होता था। घटना के दिन भी इसी बात को लेकर दोनों के बीच कहासुनी हो गई। गुस्से में आकर पिता ने बेटी के साथ मारपीट की और घर में रखे हंसिया से उस पर हमला कर दिया, जिससे वह गंभीर रूप से घायल हो गई।
परिजन उसे इलाज के लिए बीआरडी मेडिकल कॉलेज ले गए, जहां इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई। बाद में परिवार ने घटना को हादसा बताने की कोशिश की, लेकिन पुलिस की गहन जांच और पूछताछ में सच्चाई सामने आ गई।
पुलिस ने साक्ष्यों के आधार पर आरोपी पिता कमलेश पुत्र रामबृक्ष निवासी ग्राम सिंहोरिया थाना पिपराइच को गिरफ्तार कर लिया है। उसकी निशानदेही पर घटना में प्रयुक्त हंसिया भी बरामद कर लिया गया है। पुलिस ने संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज कर आगे की विधिक कार्रवाई शुरू कर दी है।

गोरखपुर में गैस वितरण पर उठे सवाल, उपभोक्ता ने CM के IGRS पोर्टल पर दर्ज कराई शिकायत

Santosh Kumar Singh
Gorakhpur
14/03/2026

गोरखपुर में घरेलू गैस वितरण को लेकर एक बार फिर सवाल खड़े हो गए हैं। शहर के एक उपभोक्ता ने गैस एजेंसी पर बिना सिलेंडर दिए वितरण दिखाने का आरोप लगाया है और इसकी शिकायत मुख्यमंत्री के IGRS पोर्टल पर दर्ज कराई है।

दरअसल गोरखपुर के जाफरा बाजार निवासी अहमद हसन ने आरोप लगाया है कि उन्होंने फरवरी 2026 में गैस सिलेंडर बुक कराया था, लेकिन उन्हें सिलेंडर नहीं मिला। जब वे 14 मार्च को गैस लेने के लिए धर्मशाला बाजार स्थित ओम गणपति इंडियन गैस सर्विस एजेंसी पहुंचे तो उन्हें बताया गया कि 23 फरवरी को ही उनके नाम से गैस वितरित कर दी गई है।
उपभोक्ता का कहना है कि उन्होंने 16 नवंबर 2025 के बाद कोई गैस नहीं ली है, इसके बावजूद रिकॉर्ड में सिलेंडर वितरण दिखाया जा रहा है। इसको लेकर उपभोक्ता ने मुख्यमंत्री के IGRS पोर्टल पर शिकायत दर्ज कराते हुए मामले की जांच और दोषियों पर कार्रवाई की मांग की है।
उपभोक्ता ने प्रशासन से मांग की है कि गैस एजेंसी की जांच कराई जाए और उन्हें जल्द से जल्द गैस सिलेंडर उपलब्ध कराया जाए, ताकि आम उपभोक्ताओं को इस तरह की परेशानियों का सामना न करना पड़े।

बरौली में सड़क सीमांकन पर बड़ा खेल!

Santosh Kumar Singh
Gorakhpur
14/03/2026

लेखपाल पर मिलीभगत के आरोप, 40 कड़ी सड़क को दिखाया आधा—अवैध कब्जा बरकरार*

गोरखपुर। सदर तहसील क्षेत्र के ग्राम सभा बरौली में सड़क सीमांकन को लेकर बड़ा खेल सामने आने का आरोप लगा है। ग्रामीणों का कहना है कि राजस्व विभाग की टीम, खासकर स्थानीय लेखपाल की कथित मिलीभगत के कारण 40 कड़ी चौड़ी सड़क पर वर्षों से चला आ रहा अवैध कब्जा आज भी जस का तस बना हुआ है। आरोप है कि रसूखदारों के दबाव में सीमांकन की प्रक्रिया को ही बदल दिया गया, जिससे सरकारी जमीन पर कब्जा करने वालों को सीधा फायदा मिल गया और सड़क का दायरा सिमट कर रह गया।
ग्रामीणों के अनुसार ग्राम सभा बरौली की लगभग 40 कड़ी चौड़ी सड़क पर कई स्थानों पर अवैध कब्जा कर लिया गया है। इससे सड़क संकरी हो गई है और आवागमन में लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ता है। इस मामले को लेकर वर्ष 2025 में ग्रामीणों ने ज्वाइंट मजिस्ट्रेट को प्रार्थना पत्र देकर सड़क का सीमांकन कर अवैध कब्जा हटाने की मांग की थी। शिकायत को गंभीरता से लेते हुए 30 अप्रैल 2025 को राजस्व विभाग की टीम को मौके पर सीमांकन करने का निर्देश दिया गया था।
ग्रामीणों का आरोप है कि 7 मई 2025 को जब राजस्व टीम सीमांकन के लिए गांव पहुंची और पैमाइश की प्रक्रिया शुरू हुई, तभी अवैध कब्जेदार भी मौके पर पहुंच गए। आरोप है कि इसके बाद स्थानीय लेखपाल और टीम के कुछ कर्मियों से उनकी बातचीत हुई और कथित रूप से रसूख के बल पर सीमांकन की दिशा ही बदल दी गई। जहां सड़क की चौड़ाई लगभग 40 कड़ी होनी चाहिए थी, वहां सीमांकन को कम चौड़ाई में दिखाकर ग्रामीणों को गुमराह कर दिया गया।
ग्रामीणों का कहना है कि सीमांकन का दायरा तुर्रा नाला पर बने पुल के एप्रोच मार्ग तक किया जाना था, लेकिन राजस्व टीम अधूरा सीमांकन दिखाकर ही वापस लौट गई। इससे अवैध कब्जेदारों को खुली छूट मिल गई और सड़क के किनारों पर कब्जा बरकरार रहा।
इधर, राजस्व विभाग की अधूरी कार्रवाई का फायदा उठाते हुए लोक निर्माण विभाग द्वारा तुर्रा नाला के पुल से जुड़े एप्रोच मार्ग पर सड़क निर्माण का काम भी करा दिया गया। आरोप है कि सड़क निर्माण में भी मानकों की अनदेखी की गई और पुरानी कच्ची सड़क पर ही गिट्टी डालकर पीचिंग कर दी गई। इससे सड़क की वास्तविक चौड़ाई बढ़ने के बजाय और सिमट गई।
ग्रामीणों का कहना है कि यदि पहले सही तरीके से पैमाइश कर अवैध कब्जा हटाया गया होता, तो सड़क अपने निर्धारित आकार में बन सकती थी। लेकिन सीमांकन में कथित गड़बड़ी के कारण सड़क के दोनों ओर कब्जे बरकरार हैं और आज भी सड़क पतली होकर रह गई है।
स्थानीय लोगों में इस पूरे मामले को लेकर काफी आक्रोश है। ग्रामीणों का आरोप है कि लेखपाल ने उपजिलाधिकारी सदर के निर्देशों की भी अनदेखी की। उनका कहना है कि यदि आदेशों का सही तरीके से पालन किया गया होता तो अब तक सड़क से अवैध कब्जा हट चुका होता।
ग्रामीणों ने जिलाधिकारी से मांग की है कि पूरे प्रकरण की निष्पक्ष जांच कराई जाए, दोबारा राजस्व टीम भेजकर सड़क की सही पैमाइश कराई जाए और सरकारी जमीन पर किए गए सभी अवैध कब्जों को हटाया जाए। ग्रामीणों का कहना है कि जब तक निष्पक्ष कार्रवाई नहीं होगी, तब तक सड़क की समस्या का समाधान संभव नहीं है और लोगों को रोजाना परेशानी झेलनी पड़ेगी।

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