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बार एसोसिएशन ने हाईकोर्ट न्यायमूर्ति का किया स्वागत

March 9, 2026

बार एसोसिएशन ने हाईकोर्ट न्यायमूर्ति का किया स्वागत

न्यायमूर्ति को प्रतीक चिन्ह भेंट किया

Post on 9.3.26
Monday, 9.30 pm
Moradabad, Rajesh Bhatia

मुरादाबाद। उप्र समाचार सेवा।
सोमवार को इलाहाबाद में
हाईकोर्ट के न्यायमूर्ति अरुण कुमार देशवाल मुरादाबाद पहुंचे। उनके आगमन की खबर पाकर बार एसोसिएशन ने भेंट की।
दि बार एसोसिएशन एंड लाइब्रेरी ने हाईकोर्ट न्यायमूर्ति का स्वागत किया। इस मौके पर
माननीय न्यायमूर्ति को पुष्प गुच्छ एवं स्मृति चिन्ह देकर सम्मानित किया।‌ स्वागत के दौरान बार एसोसिएशन के अध्यक्ष आनंद मोहन गुप्ता, महासचिव कपिल गुप्ता के अलावा पूर्व अध्यक्ष प्रभात गोयल, आदेश श्रीवास्तव, सुरबेन्द्र पाल सिंह, विनय खन्ना, अकरम, शादाब,अमरदीप सिंह, शुभम, पुष्प कुमार यादव, रफीक़ अहमद, मुसतर समेत अन्य अधिवक्ता रहे।

सतर्क होमगार्ड ने नाकाम की किडनैपिंग की साजिश

Santosh Kumar Singh
Gorakhpur
09/03/2026

संदिग्ध ऑटो रोकते ही भागे युवक, SSP ने होमगार्ड को दिया ₹10 हजार इनाम

गोरखपुर। ड्यूटी के दौरान एक होमगार्ड की सतर्कता और सूझबूझ से अपहरण की संभावित घटना टल गई। संदिग्ध गतिविधि देख होमगार्ड ने ऑटो रोकने की कोशिश की तो उसमें सवार दो युवक मौके से भाग निकले। बाद में पुलिस ने कार्रवाई करते हुए दोनों को हिरासत में ले लिया।
घटना 09 मार्च 2026 की है। ड्यूटी पर तैनात होमगार्ड विजय प्रताप सिंह को एक ऑटो में सवार लोगों का आचरण संदिग्ध लगा। शक होने पर उन्होंने ऑटो को रोकने का प्रयास किया। इसी दौरान ऑटो में बैठे दो युवक अचानक भाग निकले।
होमगार्ड विजय प्रताप सिंह ने तत्काल इसकी सूचना अपने उच्चाधिकारियों को दी। सूचना मिलते ही पुलिस ने तेजी से कार्रवाई करते हुए ऑटो चालक और ऑटो को हिरासत में ले लिया। इसके बाद सीसीटीवी फुटेज और अन्य माध्यमों की मदद से फरार हुए दोनों युवकों को भी पकड़ लिया गया।
पुलिस के अनुसार होमगार्ड की सतर्कता और तत्परता के कारण अपहरण की घटना को समय रहते रोक लिया गया। इस सराहनीय कार्य के लिए वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक डॉ कौस्तुभ ने होमगार्ड विजय प्रताप सिंह को ₹10,000 के नगद पुरस्कार से सम्मानित किया है। इस मौके पर एसपी सिटी अभिनव त्यागी भी मौजूद रहे।

तहसील प्रशासन की कार्यशैली पर उठे सवाल

Santosh Kumar Singh
Gorakhpur
09/03/2026

चौरीचौरा-खजनी एसडीएम पर आदेश न मानने का आरोप, डीएम से शिकायत

गोरखपुर। जिलाधिकारी दीपक मीणा अपने कार्यालय में आने वाले फरियादियों की समस्याएं सुनकर उनका त्वरित समाधान कर रहे थे। इसी दौरान चौरीचौरा तहसील क्षेत्र की एक गंभीर समस्या को लेकर वरिष्ठ अधिवक्ता मुन्नीलाल यादव ग्राम प्रधानों और ग्रामीणों के साथ जिलाधिकारी कार्यालय पहुंचे। उन्होंने चौरीचौरा तहसील प्रशासन की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते हुए आरोप लगाया कि शासन और जिलाधिकारी के स्पष्ट निर्देशों के बावजूद संबंधित अधिकारी आदेशों का पालन नहीं कर रहे हैं, जिससे ग्रामीणों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।
वरिष्ठ अधिवक्ता मुन्नीलाल यादव ने जिलाधिकारी को अवगत कराया कि गोरखपुर जनपद के 43 गांवों को लेकर शासन द्वारा पहले नोटिफिकेशन जारी किया गया था और बाद में इन गांवों को सर्वे से तहसील में आने के लिए डी-नोटिफिकेशन करते हुए संबंधित तहसीलों को भेज दिया गया। शासन की ओर से स्पष्ट निर्देश दिया गया था कि सर्वे के दौरान जिन मुकदमों में जो भी आदेश और निर्णय दर्ज किए गए हैं, उन्हें संबंधित तहसीलों की कंप्यूटराइज्ड खतौनी में दर्ज किया जाए, ताकि राजस्व अभिलेखों में वास्तविक स्थिति परिलक्षित हो सके।
उन्होंने बताया कि तत्कालीन जिलाधिकारी कृष्ण करुणेश ने शासन के आदेशों का पालन करते हुए जनपद की सभी तहसीलों को इस संबंध में लिखित निर्देश जारी किए थे। इसके बाद जनपद की अधिकांश तहसीलों—सदर, गोला, कैंपियरगंज, खजनी, सहजनवा और बांसगांव—ने सर्वे के दौरान चले मुकदमों में दिए गए आदेशों और निर्णयों को कंप्यूटराइज्ड खतौनी में दर्ज करने का कार्य पूरा कर लिया।
लेकिन चौरीचौरा तहसील प्रशासन पर आरोप लगाते हुए मुन्नीलाल यादव ने कहा कि वहां के एसडीएम शासन और जिलाधिकारी के आदेशों का अनुपालन नहीं कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि डी-नोटिफिकेशन की प्रक्रिया पूरी होने के बाद भी संबंधित मुकदमों के आदेश और निर्णय खतौनी में दर्ज नहीं किए जा रहे हैं, जिससे ग्रामीणों को लगातार परेशान होना पड़ रहा है।
उन्होंने कहा कि चौरीचौरा तहसील के अंतर्गत आने वाले कई गांवों के लोग इस समस्या से जूझ रहे हैं। विशेष रूप से ग्राम खैरजुटा, सरार, मझगांवा, सिहोड़वा, सेमरोना और बौठा सहित कई गांवों के ग्रामीण सालों से तहसील के चक्कर लगाने को मजबूर हैं, लेकिन उनकी समस्याओं का समाधान नहीं हो पा रहा है। इससे ग्रामीणों में प्रशासन के प्रति नाराजगी भी बढ़ती जा रही है।
मुन्नीलाल यादव ने जिलाधिकारी से मांग करते हुए कहा कि जब जनपद की अन्य तहसीलों में शासन के निर्देशों का पालन हो चुका है तो चौरीचौरा तहसील में इस कार्य को लंबित रखना समझ से परे है। उन्होंने कहा कि इस मामले की जांच कर दोषी अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की जाए और शासन के आदेशों का तत्काल पालन सुनिश्चित कराया जाए।
इसी दौरान जिलाधिकारी कार्यालय में एक अन्य मामला भी सामने आया। खजनी तहसील क्षेत्र की एक महिला निवास प्रमाण पत्र बनवाने के लिए जिलाधिकारी से मिलने पहुंची थी। महिला ने बताया कि उसने कई बार आवेदन किया, लेकिन अभी तक उसका निवास प्रमाण पत्र नहीं बन पाया है।
महिला की शिकायत सुनते ही जिलाधिकारी दीपक मीणा ने इस मामले को गंभीरता से लेते हुए खजनी के एसडीएम को फोन पर कड़ी फटकार लगाई। उन्होंने निर्देश देते हुए कहा कि संबंधित महिला का निवास प्रमाण पत्र आज शाम तक बनाकर उपलब्ध कराया जाए और इसकी सूचना उन्हें मोबाइल पर भेजी जाए।
इसके अलावा जिलाधिकारी कार्यालय में मृतक आश्रित से जुड़ा एक मामला सामने आया। मृतक युवक की माता और भाई जिलाधिकारी से मिलने पहुंचे और उन्होंने बताया कि उनके बेटे की शादी नहीं हुई थी, लेकिन एक महिला खुद को मृतक की पत्नी बताकर नौकरी पाने की कोशिश कर चुकी है।
परिजनों की शिकायत को गंभीरता से लेते हुए जिलाधिकारी दीपक मीणा ने इस पूरे मामले की जांच मुख्य राजस्व अधिकारी को सौंप दी और निर्देश दिया कि मामले की निष्पक्ष जांच कर जल्द रिपोर्ट प्रस्तुत की जाए।
जिलाधिकारी कार्यालय में आयोजित जनसुनवाई के दौरान कई अन्य फरियादी भी अपनी समस्याओं को लेकर पहुंचे। जिलाधिकारी ने सभी मामलों को गंभीरता से सुनते हुए संबंधित अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए और स्पष्ट कहा कि आम जनता की समस्याओं के समाधान में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
इस दौरान वरिष्ठ अधिवक्ता मुन्नीलाल यादव ने कहा कि शासन के आदेशों का समयबद्ध तरीके से पालन करना प्रशासनिक अधिकारियों की जिम्मेदारी है। यदि अधिकारी ही आदेशों की अनदेखी करेंगे तो आम जनता को न्याय मिलने में कठिनाई होगी। उन्होंने उम्मीद जताई कि जिलाधिकारी के हस्तक्षेप के बाद ग्रामीणों की समस्याओं का शीघ्र समाधान होगा।

एटा में तीसरी मंजिल से गिरी महिला, अस्पताल ले जाते समय तोड़ा दम

एटा 09 मार्च उप्रससे। कोतवाली नगर क्षेत्र में एक 28 वर्षीय महिला की तीसरी मंजिल से गिरने के बाद अस्पताल ले जाते समय मौत हो गई। महिला गंभीर रूप से घायल हो गई थी, जिसे परिजन वीरांगना अवंती बाई मेडिकल कॉलेज ले गए थे।

काशीराम कॉलोनी निवासी मीना (28 वर्ष), पत्नी सत्यवीर, अपनी छत से कपड़े उतारकर ला रही थीं। इसी दौरान उन्हें अचानक चक्कर आ गया और वह तीसरी मंजिल से नीचे गिर गईं, जिससे वह गंभीर रूप से घायल हो गईं। घायल मीना को तुरंत एटा के वीरांगना अवंती बाई मेडिकल कॉलेज ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने प्राथमिक उपचार के बाद उन्हें हायर सेंटर रेफर कर दिया। आगरा ले जाते समय रास्ते में ही मीना ने दम तोड़ दिया। इसके बाद परिजन शव को वापस एटा ले आए।

घटना की सूचना मिलने पर कोतवाली नगर पुलिस ने मौके पर पहुंचकर मृतका के शव को कब्जे में लेकर पंचनामा की प्रक्रिया पूरी कर पोस्टमार्टम कराया।

चौकी प्रभारी मंडी मोहित शर्मा ने बताया कि काशीराम कॉलोनी में एक महिला तीसरी मंजिल से गिर गई थी जिसे उसके परिजन मेडिकल कॉलेज ले गए वहां डॉक्टरों ने उपचार देकर आगरा हायर सेंटर रेफर कर दिया जिसकी रास्ते में ही मौत हो गई। उसके बाद परिजनों से घर वापस ले आए जिसकी सूचना मिलने पर तुरंत पुलिस को मौके पर भेज कर निरीक्षण किया और उसका पोस्टमार्टम कराया।

मुख्यमंत्री योगी की मां पर अभद्र टिप्पणी करने वाले मौलाना के खिलाफ गोरखपुर में आक्रोश

Santosh Kumar Singh
Girakhpur
09/03/2026

वकीलों की एफआईआर दर्ज कर कार्रवाई करने की मांग*

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की माता पर टिप्पणी करने वाले मौलाना के खिलाफ देशभर में आक्रोश का माहौल है। वहीं गोरखपुर में भी लोग अक्रोशित है इस संदर्भ में कैंट थाने में दीवानी कचहरी के वकीलों ने मौलाना अब्दुल सलीम के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर कार्रवाई करने की मांग की है, वकीलों का कहना है कि यदि फिर दर्ज कर कार्रवाई नहीं की गई तो वकील सड़क पर उतरने के लिए भी मजबूर होंगे क्योंकि मां, मां होती है, चाहे वह किसी आमजन की हो या मुख्यमंत्री की।

रविवार को सोशल मीडिया पर एक वीडियो तेजी से वायरल होने लगा, जिसमें बिहार का एक मौलाना अब्दुल सलीम किसी धार्मिक जलसे में उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की माताजी पर टिप्पणी करते हुए गलत भाषा का इस्तेमाल करता नजर आ रहा है, जैसे ही वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ, लोग मौलाना के खिलाफ अक्रोषित हो गए और विरोध में जगह-जगह प्रदर्शन करते हुए स्थानीय थाने में मुकदमा भी दर्ज कराया गया है, लखनऊ में इस मामले को लेकर जमकर प्रदर्शन हुआ और आरोपी मौलाना के खिलाफ वहां भी मुकदमा दर्ज कराया गया है। इसी कड़ी में गोरखपुर दीवानी कचहरी के वकीलों ने भी सोमवार को कैंट थाने पहुंचकर आरोपी मौलाना के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर कार्यवाही करने की मांग की है। वकीलों का कहना है कि मां किसी की भी हो, चाहे वह आमजन की हो या किसी मुख्यमंत्री की मा, मां ही होती है यदि किसी की भी मां के खिलाफ इस तरह की अभद्र टिप्पणी की जाएगी तो उसका विरोध निश्चित रूप से होगा। इस बारे में अधिवक्ता अवनीश कुमार सिंह का कहना है कि आज हम लोग कैंट थाने पहुंचकर sho से मुलाकात की और एक पत्रक देकर आरोपी अब्दुल्ला सलीम के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराने और सख्त कार्रवाई की मांग की है। यदि कार्यावाई नहीं होती है, तो फिर हम लोग सड़कों पर उतर कर प्रदर्शन करने के लिए मजबूर होंगे, यह सिर्फ राजनीतिक मामला नहीं आमजन से जुड़ा हुआ मामला है। सोशल मीडिया पर यदि कोई व्यक्ति किसी के खिलाफ गलत बोलता है,तो उसके खिलाफ सूटसंगत धाराओं में मुकदमा दर्ज कर कार्रवाई निश्चित रूप से होने चाहिए।

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