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कुटी में कुकर्म, आरोपी को भीड़ ने पीटा

March 10, 2026

कुटी में कुकर्म, आरोपी को भीड़ ने पीटा

भजन कुटी में मासूम से कुकर्म का आरोप, वीडियो वायरल होने पर मचा हड़कंप
पुलिस के सामने ग्रामीणों ने आरोपी बाबा की पिटाई की, पिता की तहरीर पर जांच शुरू
मथुरा। जैंत थाना क्षेत्र के एक गांव में मानवता को शर्मसार करने वाली घटना सामने आई है। यहां भजन कुटी में रहने वाले एक व्यक्ति पर एक मासूम बच्चे के साथ कुकर्म करने का गंभीर आरोप लगा है। घटना से जुड़ा वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद इलाके में हड़कंप मच गया। पीड़ित के पिता ने आरोपी के खिलाफ थाना जैंत में तहरीर देकर न्याय की गुहार लगाई है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार पीड़ित के पिता ने पुलिस को दी शिकायत में बताया कि 6 मार्च 2026 को उनका नाबालिग पुत्र घर के पास खेल रहा था। आरोप है कि गांव की लाठी वाली मढ़ी स्थित साधू बाबा भजन कुटी में रहने वाले कृष्ण दास नामक व्यक्ति ने बच्चे को सामान मंगाने के बहाने कुटी के अंदर बुला लिया। पीड़ित पक्ष का आरोप है कि आरोपी ने बच्चे को डरा-धमकाकर कुटी के अंदर बंद कर दिया और उसके साथ कुकर्म किया। साथ ही बच्चे को धमकी दी कि यदि उसने किसी को इस बारे में बताया तो उसे जान से मार देगा।
बताया गया कि डर के कारण मासूम ने कई दिनों तक घर में इस घटना का जिक्र नहीं किया। लेकिन उसके व्यवहार में आए बदलाव और घबराहट को देखकर परिजनों को शक हुआ। जब परिवार वालों ने बच्चे से सख्ती से पूछताछ की तो उसने पूरी घटना बता दी।
बताया जा रहा है कि घटना का किसी ने वीडियो भी बना लिया था, जो बाद में सोशल मीडिया पर वायरल हो गया। जब यह वीडियो पीड़ित परिवार तक पहुंचा तो परिवार के होश उड़ गए। इसके बाद 9 मार्च को पीड़ित पिता ने थाना जैंत पहुंचकर आरोपी कृष्ण दास के खिलाफ नामजद तहरीर दी।
सूचना मिलने के बाद पुलिस ने आरोपी को हिरासत में ले लिया। बताया जाता है कि जब उत्तर प्रदेश पुलिस की टीम आरोपी को पकड़कर ले जा रही थी, उसी दौरान आक्रोशित ग्रामीणों ने उसे घेर लिया और पुलिस के सामने ही उसकी जमकर पिटाई कर दी। पुलिस ने किसी तरह आरोपी को ग्रामीणों से बचाकर अपने कब्जे में लिया।
फिलहाल पुलिस ने मामले की गंभीरता को देखते हुए जांच शुरू कर दी है। घटना के बाद गांव में भारी आक्रोश व्याप्त है और ग्रामीण आरोपी के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग कर रहे हैं।

अब रात में भी होंगें प्रदेश भर में पोस्टमार्टम

उप्रससे,अजय बरया
ललितपुर- सरकार ने एक बहुत ही संवेदनशील और मानवीय कदम उठाते हुए अब प्रदेश भर के पोस्टमार्टम हाउस में रात के समय भी पोस्टमार्टम करने की अनुमति दे दी है। यह फैसला मुख्य रूप से उन शोकाकुल परिवारों के दर्द को देखते हुए लिया गया है, जिन्हें अपने प्रियजन का पार्थिव शरीर पाने के लिए पूरी रात और अगला दिन तक पोस्टमार्टम हाउस के बाहर लंबा इंतजार करना पड़ता था। इस नए शासनादेश के तहत यह स्पष्ट किया गया है कि जिन पोस्टमार्टम हाउस के पास पर्याप्त रोशनी और आधुनिक सुविधाएं मौजूद हैं, वे सूर्यास्त के बाद भी यह प्रक्रिया पूरी कर सकते हैं। हालांकि इस व्यवस्था के साथ कुछ विशेष सावधानियां भी रखी गई हैं ताकि न्याय प्रक्रिया में कोई बाधा न आए। उदाहरण के तौर पर हत्या, आत्महत्या, बलात्कार जैसे संदिग्ध मामलों में पूरी तरह से खराब हो चुके शवों का पोस्टमार्टम रात में नहीं किया जाएगा, जब तक कि कानून-व्यवस्था की कोई बहुत बड़ी मजबूरी न हो। इन संवेदनशील मामलों को दिन की रोशनी में ही पूरा किया जाएगा ताकि जांच में कोई सूक्ष्म चूक न रह जाए। पूरा सिस्टम अधिक जिम्मेदार और आम आदमी के प्रति उत्तरदायी बन गया है। उपरोक्त जानकारी मुख्य चिकित्सा अधिकारी ललितपुर द्वारा दी गई

एटा में शिक्षा क्षेत्र में हो रही लूट पर नेशनल मानवाधिकार चेतना ने अतिरिक्त एसडीएम को सौंपा ज्ञापन

एटा 10 मार्च उप्रससे। मुख्यालय स्थित कलेक्ट्रेट पर नेशनल मानवाधिकार चेतना संगठन के दर्जनों कार्यकर्ता एकत्रित हुए। उन्होंने जिले में शिक्षा के क्षेत्र में हो रही कथित लूट को लेकर जिलाधिकारी प्रेमरंजन सिंह के कार्यालय में अतिरिक्त उपजिलाधिकारी पीयूष रावत को एक लिखित ज्ञापन सौंपा।

यह ज्ञापन संगठन के प्रदेश अध्यक्ष अश्वनी यादव के नेतृत्व में सौंपा गया। इसमें शिक्षा के क्षेत्र में निजी संस्थानों की मनमानी पर रोक लगाने और अभिभावकों के शोषण को बंद करने की मांग की गई है। संगठन ने प्रशासन के समक्ष कई प्रमुख मांगें रखीं। इनमें एनसीईआरटी/सरकारी मानक से अलग महंगी किताबें अनिवार्य करने पर तत्काल रोक लगाना शामिल है। साथ ही, हर वर्ष ड्रेस बदलने की प्रथा पर पूर्ण प्रतिबंध लगाने और न्यूनतम 3-5 वर्ष तक एक ही ड्रेस अनिवार्य करने की मांग की गई।
ज्ञापन में यह भी कहा गया कि किताबों व ड्रेस को किसी एक दुकान से खरीदने की बाध्यता समाप्त की जाए। सभी विद्यालयों द्वारा किताबों एवं ड्रेस से संबंधित स्पष्ट लिखित आदेश व सूची सार्वजनिक की जानी चाहिए। इसके अतिरिक्त, जिला स्तर पर एक जांच समिति के गठन की मांग की गई, जिसमें अभिभावक प्रतिनिधि भी शामिल हों। नियमों का उल्लंघन करने वाले विद्यालयों पर दंडात्मक कार्यवाही सुनिश्चित करने और अभिभावकों के लिए गोपनीय शिकायत तंत्र लागू करने की भी मांग की गई है।

संगठन के सचिव पुष्पेंद्र यादव ने बताया कि यह ज्ञापन निजी विद्यालयों की मनमानी के विरुद्ध सौंपा गया है। उन्होंने आरोप लगाया कि निजी विद्यालय मनमाने ढंग से फीस वसूल रहे हैं, कोर्स लगा रहे हैं और यूनिफॉर्म बदल रहे हैं।
चेतावनी देते हुए पुष्पेंद्र यादव ने कहा यदि उनकी मांगों पर सुनवाई नहीं होती है, तो संगठन आंदोलन करेगा। मनमानी फीस वसूली के कारण गरीब और मध्यम वर्ग के लोग अपने बच्चों को अच्छी शिक्षा नहीं दिलवा पा रहे हैं, इसलिए इन पर लगाम लगाना आवश्यक है।

मंडलायुक्त अनिल ढींगरा ने किया कार्यालय का औचक निरीक्षण

Santosh Kumar Singh
Gorakhpur
10/03/2026

*रिकॉर्ड रूम, अपर आयुक्त न्यायालय व विभिन्न शाखाओं में फाइलों के रखरखाव और सफाई व्यवस्था पर दिया विशेष जोर*

गोरखपुर। गोरखपुर के मंडलायुक्त अनिल ढींगरा ने मंगलवार को मंडलायुक्त कार्यालय के विभिन्न संभागों, केंद्रीय रिकॉर्ड रूम, अपर आयुक्त न्यायालय तथा संयुक्त कार्यालय का औचक निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान उन्होंने कार्यालय की कार्यप्रणाली, फाइलों के रखरखाव तथा साफ-सफाई की व्यवस्था का गहन जायजा लिया और अधिकारियों एवं कर्मचारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।
मंडलायुक्त ने निरीक्षण के दौरान विभिन्न शाखाओं में रखी फाइलों के संधारण और रिकॉर्ड के रखरखाव की स्थिति को देखा। उन्होंने निर्देश दिया कि सभी महत्वपूर्ण अभिलेखों को व्यवस्थित ढंग से सुरक्षित रखा जाए ताकि आवश्यकता पड़ने पर संबंधित फाइलें आसानी से उपलब्ध हो सकें। उन्होंने कहा कि कार्यालयों में रिकॉर्ड प्रबंधन की बेहतर व्यवस्था प्रशासनिक कार्यों की गति को तेज और पारदर्शी बनाती है।
निरीक्षण के दौरान मंडलायुक्त ने केंद्रीय रिकॉर्ड रूम का भी बारीकी से निरीक्षण किया। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि पुराने अभिलेखों को सुरक्षित और व्यवस्थित तरीके से रखा जाए तथा रिकॉर्ड रूम में साफ-सफाई और सुरक्षा व्यवस्था पर विशेष ध्यान दिया जाए। उन्होंने कहा कि सरकारी अभिलेख महत्वपूर्ण दस्तावेज होते हैं, इसलिए इनके संरक्षण में किसी प्रकार की लापरवाही नहीं होनी चाहिए।
मंडलायुक्त ने अपर आयुक्त न्यायालय और संयुक्त कार्यालय का भी निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने लंबित मामलों के निस्तारण की स्थिति की जानकारी ली और संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिया कि न्यायालय से जुड़े मामलों का समयबद्ध और प्रभावी निस्तारण सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने कहा कि न्यायिक मामलों में अनावश्यक विलंब से आम जनता को परेशानी होती है, इसलिए सभी अधिकारी जिम्मेदारी के साथ कार्य करें।
उन्होंने कार्यालय परिसर की साफ-सफाई की व्यवस्था को भी देखा और कर्मचारियों को निर्देश दिया कि कार्यालय परिसर को स्वच्छ और व्यवस्थित रखा जाए। उन्होंने कहा कि स्वच्छ और व्यवस्थित कार्यस्थल से कर्मचारियों की कार्यक्षमता भी बढ़ती है और आम जनता पर भी सकारात्मक प्रभाव पड़ता है।
मंडलायुक्त अनिल ढींगरा ने अधिकारियों और कर्मचारियों को यह भी निर्देश दिया कि कार्यालयों में अनुशासन और समयबद्धता का विशेष ध्यान रखा जाए। सभी कर्मचारी अपने दायित्वों का निर्वहन पूरी जिम्मेदारी और ईमानदारी के साथ करें ताकि प्रशासनिक कार्यों में किसी प्रकार की बाधा न आए।
निरीक्षण के दौरान अपर आयुक्त प्रशासन जय प्रकाश, अपर आयुक्त न्यायिक अजय राय तथा अपर आयुक्त न्यायिक राजेश श्रीवास्तव भी मौजूद रहे। सभी अधिकारियों ने मंडलायुक्त को संबंधित शाखाओं की कार्यप्रणाली और अभिलेखों के रखरखाव के बारे में जानकारी दी।
मंडलायुक्त ने अंत में अधिकारियों को निर्देश दिया कि कार्यालय की व्यवस्थाओं को और बेहतर बनाने के लिए समय-समय पर आंतरिक समीक्षा भी की जाए, ताकि प्रशासनिक कार्यों में पारदर्शिता और दक्षता बनी रहे तथा आम जनता को बेहतर सेवाएं मिल सकें।

लोक अदालत आज से, आपसी सहमति से निस्तारित होंगे केस

-राष्ट्रीय लोक अदालत 14 मार्च को
Post on 10.3.26
Tuesday, Moradabad
Rajesh Bhatia

मुरादाबाद।(उप्र समाचार सेवा)
जिले में लोक अदालत की बुधवार से शुरुआत होगी। तीन दिन चलने वाली लोक अदालत में आपसी सहमति से केसों का निस्तारण होने लगेगा। जबकि 14 मार्च राष्ट्रीय लोक अदालत आयोजित की जाएगी। इस दौरान विभिन्न अदालतों में लंबित मामलों का निस्तारण किया जाएगा।
जिला विधिक सेवा प्राधिकरण की सचिव तपस्या त्रिपाठी ने बताया कि मुरादाबाद जिले में 11 से 13 मार्च तक विशेष लोक अदालत लगाईं जा रही है।प्राधिकरण सचिव ने बताया कि मुरादाबाद जिले में राष्ट्रीय लोक अदालत से पहले तीन दिवसीय विशेष लोक अदालत का आयोजन किया जा रहा है। इसमें लघु आपराधिक वादों के निस्तारण पर जोर है। सभी अदालतों में लघु आपराधिक मामलों के निस्तारण के लिए वादों का चयन किया गया है। इनका सफल निस्तारण किया जाएगा।
प्राधिकरण सचिव ने अपील की कि इस विशेष लोक अदालत व राष्ट्रीय लोक अदालत में अधिक से अधिक संख्या में उपस्थित होकर अपने वादों का निस्तारण कराएं।

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