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अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस पर जिला कारागार में लगा निःशुल्क दंत चिकित्सा शिविर

March 8, 2026

अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस पर जिला कारागार में लगा निःशुल्क दंत चिकित्सा शिविर

Santosh Kumar Singh
Gorakhpur
08/03/2026

*गोरखपुर।* अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस के अवसर पर इंडियन डेंटल एसोसिएशन की टीम द्वारा जिला कारागार गोरखपुर में निरुद्ध महिला बंदियों के लिए एक वृहद निःशुल्क स्वास्थ्य एवं दंत चिकित्सा शिविर का सफलतापूर्वक आयोजन किया गया।

शिविर में जेल में निरुद्ध महिला बंदियों एवं उनके साथ रह रहे बच्चों के दांतों की स्वास्थ्य जांच की गई तथा आवश्यक उपचार के साथ उन्हें दवाइयां और हाइजीन किट भी उपलब्ध कराई गई। शिविर में इंडियन डेंटल एसोसिएशन की टीम ने अपनी सेवाएं देते हुए बंदियों के दांतों का सूक्ष्म परीक्षण किया। इस दौरान डॉ. प्रियंका वर्मा, डॉ. अंकिता श्रीवास्तव, डॉ. मीनाक्षी राय, डॉ. शालिनी शर्मा और डॉ. गरिमा श्रीवास्तव सहित महिला चिकित्सकों की टीम मौजूद रही।

परीक्षण के दौरान जिन महिला बंदियों में पायरिया, कैविटी व अन्य संक्रमण पाए गए, उन्हें मौके पर ही उपचार दिया गया।
इस टीम में डॉ. प्रीति अग्रवाल, डॉ. शिप्रा सिंह, डॉ. मनमीत आनंद, डॉ. शिल्पा सिंह, डॉ. शिवांगी श्रीवास्तव, डॉ. पल्लवी तिवारी एवं डॉ. एच.एन. शर्मा भी सक्रिय रूप से शामिल रहे।
चिकित्सकों ने महिला बंदियों को दांतों की साफ-सफाई के प्रति जागरूक करते हुए बताया कि दांतों की स्वच्छता न केवल चेहरे की सुंदरता बल्कि पूरे शरीर के स्वास्थ्य के लिए भी आवश्यक है। उन्होंने दिन में दो बार ब्रश करने और तंबाकू उत्पादों से दूर रहने की सलाह दी।

जेल अधीक्षक दिलीप कुमार पाण्डेय ने इंडियन डेंटल एसोसिएशन की इस पहल की सराहना करते हुए कहा कि जेल में निरुद्ध बंदियों के लिए समय-समय पर ऐसे स्वास्थ्य शिविरों का आयोजन बेहद जरूरी है, ताकि उन्हें जेल परिसर में ही विशेषज्ञ डॉक्टरों की सेवाएं मिल सकें। उन्होंने इस सराहनीय कार्य के लिए पूरी टीम का आभार भी व्यक्त किया।

इस अवसर पर जेल अधीक्षक दिलीप कुमार पाण्डेय, जेलर अरुण कुमार कुशवाहा, उप जेलर विजय कुमार, श्रीमती कृष्णा कुमारी, श्रीमती अनीता श्रीवास्तव, वरिष्ठ परामर्शदाता डॉ. विनय कुमार, फार्मासिस्ट शेष कुमार शर्मा सहित अन्य कारागार कर्मी उपस्थित

बाढ़ समस्या के स्थायी समाधान हेतु ‘हाइड्रोडायनामिक प्रवाह मॉडलिंग’ का सहारा लेगा प्रशासन

शाहजहाँपुर में गर्रा एवं खन्नौत नदियां
( संजीव गुप्त द्वारा )
राष्ट्रीय जल विज्ञान संस्थान (NIH), रुड़की के वैज्ञानिकों ने जिलाधिकारी के साथ की बैठक; बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों का शुरू हुआ 02 दिवसीय स्थलीय निरीक्षण।

शाहजहाँपुर 06 मार्च। जनपद के शहरी क्षेत्र में गर्रा एवं खन्नौत नदियों से आने वाली बाढ़ की विभीषिका को नियंत्रित करने और भविष्य की योजनाओं के लिए सटीक वैज्ञानिक डेटा तैयार करने हेतु जिला प्रशासन ने बड़ी पहल की है। जिलाधिकारी धर्मेंद्र प्रताप की अध्यक्षता में कैंप कार्यालय में राष्ट्रीय जल विज्ञान संस्थान (NIH), रुड़की के विषय विशेषज्ञ वैज्ञानिकों के साथ एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई।

बैठक में NIH रुड़की से आए वरिष्ठ वैज्ञानिक डॉ. एल. एन. ठकुराल एवं डॉ. पी. सी. नायक द्वारा एक विस्तृत प्रस्तुतीकरण (Presentation) दिया गया। वैज्ञानिकों ने बताया कि: शहरी क्षेत्र में हाइड्रोडायनामिक प्रवाह मॉडलिंग (Hydrodynamic Flow Modeling) के माध्यम से नदियों के जल स्तर, प्रवाह की गति और जल भराव वाले क्षेत्रों का सटीक मानचित्रण किया जाएगा।
डॉ. ठकुराल ने हरिद्वार में की गई सफल केस स्टडी का उदाहरण देते हुए बताया कि किस प्रकार वैज्ञानिक मॉडलिंग से वहाँ बाढ़ प्रबंधन में व्यापक सुधार हुआ है। इसी तर्ज पर शाहजहाँपुर की बाढ़ की समस्या का विश्लेषण कर समाधान निकाला जाएगा।
जिलाधिकारी के निर्देश दिए कि वर्ष 2024 की बाढ़ के कारणों पर विशेष फोकस रहे।
जिलाधिकारी ने बैठक में वैज्ञानिकों और विभागीय अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि: बदले हुए पैटर्न का अध्ययन: वर्ष 2024 से पहले स्थिति सामान्य थी, लेकिन 2024 के बाद बाढ़ की प्रवृत्ति में आए बदलावों का गहन अध्ययन किया जाए।

क्षेत्र विस्तार: अध्ययन का दायरा केवल शहर तक सीमित न रहकर जनपद पीलीभीत के दियूनी डैम से लेकर शाहजहाँपुर के अंतिम छोर तक रखा जाए, ताकि पानी के डिस्चार्ज और रास्ते का सटीक आकलन हो सके।

नदी का सुदृढ़ीकरण: वैज्ञानिक यह भी जांचें कि क्या नदियों में चैनल इक्विपमेंट लगाने या ड्रेजिंग (नदी की खुदाई/सफाई) की तत्काल आवश्यकता है।

विभागीय समन्वय और तत्काल कार्रवाई
सिंचाई विभाग: जिलाधिकारी ने सिंचाई विभाग को निर्देशित किया कि हाइड्रोडायनामिक मॉडलिंग के लिए आवश्यक समस्त तकनीकी डेटा वैज्ञानिकों को तत्काल उपलब्ध कराया जाए।

नगर निगम: काशीराम कॉलोनी और मनफूल कॉलोनी के नालों पर बाढ़ आने से पूर्व गेट (Sluice Gates) लगवाने के निर्देश दिए गए, ताकि नदियों का बढ़ा हुआ पानी बस्तियों में वापस (Backflow) न आ सके।

विकास प्राधिकरण: शाहजहाँपुर विकास प्राधिकरण (SDA) के पुराने मास्टर प्लान का भी अध्ययन करने को कहा गया ताकि शहरी ड्रेनेज और निर्माण कार्यों का तालमेल बिठाया जा सके।

02 दिवसीय स्थलीय निरीक्षण
NIH रुड़की के वैज्ञानिकों की यह टीम 06 से 07 मार्च तक जनपद के विभिन्न बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों का स्थलीय निरीक्षण करेगी। इस दौरान वे नदियों के तटबंधों, शहरी ड्रेनेज आउटलेट्स और संवेदनशील इलाकों का जायजा लेंगे।

बैठक में उपस्थिति:
बैठक में मुख्य विकास अधिकारी (CDO), नगर आयुक्त, अपर जिलाधिकारी (वित्त एवं राजस्व), बरेली से आए सीनियर हाइड्रोलॉजिस्ट, NIH रुड़की के वैज्ञानिकगण एवं सिंचाई व राजस्व विभाग के अन्य संबंधित अधिकारी उपस्थित रहे।
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कार्यशील पूंजी ने छुआ 1000 करोड़ का ऐतिहासिक आंकड़ा: जितिन प्रसाद

जिला सहकारी बैंक शाहजहांपुर की 87वीं वार्षिक बैठक संपन्न,
शाहजहांपुर।( संजीव गुप्त की रिपोर्ट ), 07 मार्च 26,
जिला सहकारी बैंक लिमिटेड, शाहजहांपुर की 87वीं वार्षिक सामान्य निकाय बैठक शनिवार को पूरे हर्षोल्लास के साथ संपन्न हुई। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में पहुंचे भारत सरकार के राज्यमंत्री श्री जितिन प्रसाद ने बैंक की शानदार वित्तीय उपलब्धियों की सराहना करते हुए किसानों से कृषि में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) जैसी आधुनिक तकनीक अपनाने का आह्वान किया। उन्होंने प्रधानमंत्री और सहकारिता मंत्री के ‘सहकार से समृद्धि’ विजन को रेखांकित करते हुए कहा कि केंद्र और प्रदेश की डबल इंजन सरकार सहकारिता आंदोलन को पारदर्शी, जवाबदेह और जीवित बनाने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है।
बैंक के 87 वर्षों के लंबे और सफल सफर को जनता के प्रति अटूट निष्ठा का प्रमाण बताते हुए श्री प्रसाद ने वित्तीय वर्ष 2024-25 के शानदार आंकड़े प्रस्तुत किए। उन्होंने बताया कि यह बैंक और जिले के लिए बड़ी उपलब्धि है कि बैंक की कार्यशील पूंजी ने पहली बार 1000 करोड़ रुपये का ऐतिहासिक आंकड़ा पार कर लिया है और यह 1004.36 करोड़ रुपये तक पहुंच गई है। किसानों और जमाकर्ताओं के बढ़ते विश्वास के चलते बैंक की अंशपूंजी 27.95 करोड़ रुपये से भारी उछाल के साथ 41.48 करोड़ रुपये हो गई है। लाभप्रदता के मोर्चे पर भी बैंक ने उल्लेखनीय प्रदर्शन किया है; बैंक का शुद्ध लाभ पिछले वर्ष के 1.02 करोड़ रुपये से सीधे दोगुना होकर 2.07 करोड़ रुपये हो गया है। इसके अलावा, 75.03% के सुधरे हुए रिकवरी रेट और मात्र 0.84% के नेट एनपीए (NPA) के सुरक्षित स्तर के साथ बैंक ने अपना ‘A’ श्रेणी का ऑडिट वर्गीकरण बरकरार रखा है। वर्तमान में बैंक की 22 में से 20 शाखाएं मुनाफे में संचालित हो रही हैं।
किसानों को संबोधित करते हुए मुख्य अतिथि ने खेती में आधुनिक तकनीक, विशेषकर आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) की बढ़ती उपयोगिता पर विशेष जोर दिया। उन्होंने कहा कि आज के समय में कृषि को केवल पारंपरिक तरीकों तक सीमित नहीं रखा जा सकता। AI तकनीक के माध्यम से मौसम का सटीक पूर्वानुमान, मिट्टी की गुणवत्ता का वैज्ञानिक विश्लेषण, सही समय पर बुवाई और फसल में लगने वाले रोगों की पहले से पहचान करना अब संभव हो गया है। उन्होंने अन्नदाताओं से अपील की कि वे उपज बढ़ाने, लागत कम करने और अपनी आय दोगुनी करने के लिए खेती में इन उन्नत AI तकनीकों और स्मार्ट समाधानों को तेजी से अपनाएं।
उत्तर प्रदेश सहकारिता विभाग की अभिनव पहलों का जिक्र करते हुए राज्यमंत्री ने बताया कि राज्य में समितियों को बहुउद्देशीय (B-PACS) बनाकर उन्हें ‘कॉमन सर्विस सेंटर’ (CSC) के रूप में विकसित किया जा रहा है। अब तक पूरे प्रदेश में 3000 से अधिक बी-पैक्स का कंप्यूटरीकरण किया जा चुका है ताकि किसानों को गांव में ही बैंकिंग और सरकारी सुविधाएं मिल सकें। इसके साथ ही, खाद वितरण में पारदर्शिता लाने और चोरी रोकने के लिए सरकार ने बेहद सख्त नियम लागू किए हैं, जिसके तहत वितरण में खाद की फटी बोरी मिलने पर सीधे ट्रांसपोर्ट फर्म का लाइसेंस रद्द करने का प्रावधान किया गया है।
अपने संबोधन के अंत में श्री प्रसाद ने ऋण की समय पर वापसी को एक ‘संस्कार’ बताते हुए कहा कि इससे बैंक की ऋण देने की क्षमता (Lending Capacity) और बढ़ती है, जिसका सीधा लाभ नए किसानों को मिलता है। उन्होंने बैठक में उपस्थित सभी संचालक मंडल के सदस्यों, पैक्स प्रतिनिधियों, अधिकारियों और किसानों से आह्वान किया कि वे सब मिलकर संकल्प लें कि जिला सहकारी बैंक शाहजहांपुर को पूरे देश में सहकारिता का एक बेहतरीन मॉडल बनाकर उभारेंगे।

कार्यक्रम में विशिष्ट अतिथि के रूप में राज्यसभा सांसद मिथलेश कुमार ने कहा कि यह प्रगति शाहजहांपुर के किसानों के सशक्तिकरण का प्रमाण है। लोकसभा सांसद अरुण कुमार सागर ने कहा कि ‘बी-पैक्स’ के कंप्यूटरीकरण से किसानों को बिचौलियों से मुक्ति मिली है।

जिला सहकारी बैंक के सभापति श्री डी.पी.एस. राठौर ने सभी अतिथियों का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि संचालक मंडल और बैंक के अधिकारी किसानों की सेवा के लिए सदैव तत्पर हैं।
गुरगवाँ पैक्स सभापति आयुष सिंह एवं नियामतपुर पैक्स सभापति तनु यादव ने मुख्य अतिथि को स्मृति चिह्न देकर स्वागत किया ।
आकाशवाणी लखनऊ में कार्यरत बिंदु जैन के संचालन में हुए कार्यक्रम में कटरा विधायक वीर विक्रम सिंह ‘प्रिंस’, तिलहर विधायक सलोना कुशवाहा, ददरौल विधायक अरविंद सिंह, जिला पंचायत अध्यक्ष ममता यादव, महापौर अर्चना वर्मा, जिलाधिकारी धर्मेंद्र प्रताप सिंह, पुलिस अधीक्षक राजेश द्विवेदी, भाजपा जिलाध्यक्ष केसी मिश्रा, भाजपा महानगर अध्यक्ष शिल्पी गुप्ता, पैक्सफ़ेड उपाध्यक्ष आलोक कुमार सिंह, जिला सहकारी संघ अध्यक्ष रमाकांत मिश्रा, केंद्रीय उपभोक्ता भंडार अध्यक्ष मुकेश राठौर, पूर्व उपाध्यक्ष कैंट बोर्ड अवधेश दीक्षित,विनीत मिश्रा, पूर्व अध्यक्ष डीसीबी भूपेन्द्र सिंह भन्नू, सिंधौली ब्लॉक प्रमुख मुनेश्वर सिंह, ब्लॉक प्रमुख कांट श्रीदत्त शुक्ला, खुटार ब्लॉक प्रमुख नामित दीक्षित, मिर्जापुर ब्लॉक प्रमुख प्रियांशु रघुवंशी, ज़लालाबाद ब्लॉक प्रमुख लता सिंह, एआर कोआपरेटिव अखिलेश प्रताप सिंह , मुख्य कार्यपालक अधिकारी डीसीबी सौरभ द्विवेदी आदि उपस्थित रहे ।

प्रेमिका के विछोह में बहन पर चाकू के 80 वार

गर्लफ्रेंड से ब्रेकअप से अवसादग्रस्त इंजीनियर भाई ने जुड़वा बहन की कर दी बेदर्दी से हत्या(Murder)

-बहन का कसूर यह कि वह भाई को युवती को लेकर लगातार समझातीं। होली पर मुरादाबाद आए युवक को बहन की सलाह नागवार गुजरी
-उसे घर की रसोई में रखे चाकू से उसे गोदा

मुरादाबाद। (उप्र समाचार सेवा)।
मझोला में सगी बहन को ताबड़तोड़ चाकू से गोदने वाले कलयुगी भाई हर्षित को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया। आरोपी ने हत्या की बात स्वीकार की है। माना जा रहा है कि पुणे में एक युवती के प्रेम में ब्रेकअप के बाद अवसादग्रस्त हो गया। सगी बहन का कसूर यह कि वह युवती को लेकर भाई को समझातीं। पर शुक्रवार को समझाने को लेकर आक्रामक हुए इंजीनियर भाई हार्दिक ने बहन हिमशिखा को घर में रखे चाकू से ही बुरी तरह गोद दिया। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में महिला के शरीर में अस्सी से ज्यादा जख्म उभरे है।चाकू से किडनी समेत पूरा शरीर छलनी हो गया। हत्या के बाद हार्दिक ने अपनी मां नीलिमा पर जानलेवा हमला किया। हालांकि पड़ोसियों के आने से मां की जान बच गई।
मुरादाबाद में सनसनीखेज मामला शुक्रवार को दिल्ली रोड पर बुद्धि विहार का है। सेक्टर दो में रहने वाली नीलिमा दिल्ली रोड पर एक निजी बीमा कंपनी में असिस्टेंट ब्रांच मैनेजर है।बेटी हिमशिखा गुरुग्राम में एक आई टी कंपनी में असिस्टेंट मैनेजर है। वह इंजीनियर भाई यूट्यूबर हार्दिक के साथ गुरुग्राम में रह रही। हार्दिक ने इंस्टाग्राम पर आईडी बनाईं हुईं हैं। तेरह हजार फालोअर है।
घटना से पहले होली पर दोनों भाई बहन घर आए थे। हार्दिक के व्यवहार में बदलाव था। वजह हार्दिक पुणे की एक युवती के संपर्क में था। बताते है कि कुछ महीने पहले गर्लफ्रेंड से ब्रेकअप से हार्दिक चिड़चिड़ा रहने लगा। बहन उसे लगातार समझातीं। पर उसके समझाने को लेकर वह बहन से झगड़ने लगा। मुरादाबाद में भी घर पर समझने समझाने को लेकर विवाद हुआ। शुक्रवार को जब ये लोग गुरुग्राम जाने की तैयारी में थे तभी बहन ने समझाया तो हार्दिक अपना आपा खो बैठा। अवसादग्रस्त इंजीनियर भाई ने घर की रसोई में रखे चाकू से बहन को चाकू से गोद डाला।
शनिवार की पोस्टमार्टम रिपोर्ट में शरीर पर 80 से ज्यादा घाव है। उसका शरीर बुरी तरह छलनी हो गया। परिवार मूलरूप से बदायूं का रहने वाला है।
एसपी सिटी कुमार रणविजय सिंह ने कहा कि मझोला प्रभारी समेत टीम ने आरोपी को नया मुरादाबाद से गिरफ्तार कर लिया। बाद में कोर्ट में पेश कर जेल भेज दिया गया।

*पूछताछ में कबूला जुर्म*
गिरफ्तार आरोपी ने पूछताछ में बताया कि वह और उसकी बहन जुड़वा थे। दोनों गुडगांव में रहते थे। बहन एक कंपनी में नौकरी करते हुए एमबीए की पढ़ाई कर रही थी। अभियुक्त का एक वर्ष पहले इंस्टाग्राम पर एक लड़की से संबंध करीब 7 माह पहले टूटने से वह अवसाद में रहने लगा।
अभियुक्त के अनुसार उसकी माँ व बहन उसे लड़की को लेकर समझाती। इससे वह बहन पर अक्सर आक्रामक हो जाता । होली पर सभी मुरादाबाद घर आए हुए। छह मार्च को बहन के समझाने पर आरोपी आक्रामक हो गया। रसोई से चाकू लाकर बहन पर ताबड़तोड़ वार किए। जिससे बहन की मौत हो गई। इस दौरान मां ने बचाने की कोशिश की तो उस पर भी खून से सने चाकू से वार किए। शोर-शराबा सुनकर मुहल्ले के लोगों के आने से आरोपी फरार हो गया।

*मामा ने दीं हिमशिखा को मुखाग्नि*
बहन की नृशंस तरीके से हत्या के बाद मां पर भी जानलेवा हमला किया। महिला नीलिमा को घायल हालत में अस्पताल में भर्ती कराया गया है। इस बीच हिमशिखा की हत्या के बाद पोस्टमार्टम हुआ। शव को बदायूं से आए रिश्तेदारों को सौंप दिया गया। मामा दीपू ने हिमशिखा का अंतिम संस्कार किया।

March 7, 2026

ब्रज तीर्थ विकास परिषद की 8वीं बोर्ड बैठक संपन्न, विकास योजनाओं पर हुई व्यापक चर्चा

मथुरा।
योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में उत्तर प्रदेश ब्रज तीर्थ विकास परिषद की आठवीं बोर्ड बैठक शनिवार को वृंदावन स्थित गीता शोध संस्थान एवं रासलीला अकादमी परिसर में आयोजित की गई। बैठक यमुना एक्सप्रेसवे औद्योगिक विकास प्राधिकरण के क्षेत्रीय कार्यालय सभागार में सम्पन्न हुई, जिसमें ब्रज क्षेत्र के विकास, पर्यटन और विरासत संरक्षण से जुड़ी कई महत्वपूर्ण परियोजनाओं पर चर्चा की गई।
बैठक के प्रारंभ में स्वामी हरिदास प्रेक्षागृह, गीता शोध संस्थान, रासलीला अकादमी, मुक्ताकाशीय मंच, मीराबाई अतिथि गृह तथा पर्यटन थाना एवं आवासीय परिसर की प्रगति से संबंधित वीडियो प्रस्तुति दिखाई गई। इसके साथ ही परिषद की 22 अक्टूबर 2024 को हुई सातवीं बोर्ड बैठक के निर्णयों की पुष्टि भी की गई।
मुख्यमंत्री ने मथुरा–वृंदावन रेल मार्ग के 11.80 किलोमीटर लंबे ट्रैक को फोरलेन सड़क के रूप में विकसित करने के प्रस्ताव पर चर्चा करते हुए लोक निर्माण विभाग, परिषद और जिला प्रशासन को रेलवे विभाग से समन्वय स्थापित कर आवश्यक कार्यवाही करने के निर्देश दिए। साथ ही उन्होंने रेपिड ट्रांजिट सिस्टम की व्यवहारिकता का अध्ययन कराने को भी कहा।
बैठक में छाता क्षेत्र के ग्राम अजीजपुर में प्रस्तावित वाटर म्यूजियम के लिए चिन्हित भूमि को सिंचाई विभाग से परिषद को हस्तांतरित करने की प्रक्रिया शीघ्र पूर्ण कराने के निर्देश दिए गए। इसके अलावा ब्रज की प्रसिद्ध 84 कोस परिक्रमा की अंतर्वेदी और बहिर्वेदी परिक्रमा के लिए विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (डीपीआर) तैयार कर कार्य प्रारंभ कराने पर भी जोर दिया गया।
गोवर्धन परिक्रमा क्षेत्र में नौ प्राचीन कुंडों के पुनर्जीवन की परियोजना, ब्रज क्षेत्र के वनों से प्रोसोपिस ज्यूलीफ्लोरा को हटाकर स्थानीय प्रजातियों के वृक्ष लगाने और 36 वनों के इको-रेस्टोरेशन प्रोजेक्ट पर भी चर्चा हुई। मुख्यमंत्री ने आगामी वर्षा ऋतु में वन महोत्सव के दौरान व्यापक वृक्षारोपण अभियान चलाने के निर्देश दिए।
बैठक में मथुरा, वृंदावन और गोवर्धन में मल्टीलेवल कार पार्किंग बनाने, वृंदावन–मथुरा–गोकुल को जोड़ते हुए यमुना नदी पर जलमार्ग विकसित करने, पीपीपी मॉडल पर क्रूज और नौका संचालन शुरू करने तथा वृंदावन के विभिन्न मार्गों पर रोपवे विकसित करने जैसे प्रस्तावों पर भी विचार किया गया।
साथ ही गोवर्धन के परासौली में सूरदास ब्रजभाषा अकादमी की स्थापना, वृंदावन के बेगमपुर क्षेत्र में 12 हेक्टेयर पार्किंग और श्री बांके बिहारी मंदिर तक 1.50 किलोमीटर लंबी एलिवेटेड सड़क के निर्माण की योजना पर भी चर्चा हुई। परिषद द्वारा वित्तीय वर्ष 2026–27 के लिए 259 करोड़ रुपये से अधिक की 15 विकास परियोजनाओं को भी स्वीकृति प्रदान की गई।
मुख्यमंत्री ने परिक्रमा मार्गों पर बेहतर लाइटिंग, स्वच्छता, सुरक्षा और यातायात व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए पर्याप्त पार्किंग, जनसुविधाएं और पुलिस पेट्रोलिंग व्यवस्था को मजबूत किया जाए तथा सीसीटीवी कैमरों से निगरानी बढ़ाई जाए।
बैठक के अंत में परिषद के मुख्य कार्यपालक अधिकारी सूरज पटेल द्वारा प्रस्तुत डोनेशन मैनेजमेंट डिजिटल सिस्टम का मुख्यमंत्री ने शुभारंभ किया।
बैठक में केंद्रीय और प्रदेश स्तर के कई जनप्रतिनिधि एवं अधिकारी उपस्थित रहे, जिनमें हेमा मालिनी, लक्ष्मी नारायण चौधरी, जयवीर सिंह, संदीप सिंह सहित विभिन्न विभागों के वरिष्ठ अधिकारी शामिल थे।
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