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20 हजार की रिश्वत लेते मिश्रिख तहसीलदार के पेशकार और प्राइवेट कर्मी गिरफ्तार

May 19, 2026

20 हजार की रिश्वत लेते मिश्रिख तहसीलदार के पेशकार और प्राइवेट कर्मी गिरफ्तार

सीतापुर(उ. प्र. समाचार सेवा)। मिश्रिख तहसील मंगलवार दोपहर उस समय हड़कंप से गूंज उठी, जब एंटी करप्शन टीम ने न्यायायिक तहसीलदार के पेशकार और एक प्राइवेट कर्मी को रिश्वत लेते हुए रंगे हाथ दबोच लिया। तहसील परिसर में हुई इस कार्रवाई को देखने के लिए लोगों की भारी भीड़ जमा हो गई। टीम दोनों आरोपियों को पकड़कर सीधे अपने वाहन तक ले गई, जिससे पूरे परिसर में अफरा-तफरी का माहौल बन गया।

जानकारी के अनुसार दाखिल-खारिज के एक मामले में पीड़ित पक्ष से 20 हजार रुपये की रिश्वत मांगी गई थी। शिकायत मिलने के बाद एंटी करप्शन टीम ने पूरे मामले की गोपनीय जांच की और फिर तहसील परिसर में ही बेछाकर कार्रवाई को अंजाम दिया। जैसे ही रिश्वत की रकम आरोपियों तक पहुंची, टीम ने तत्काल दबिश देकर दोनों को पकड़ लिया।

गिरफ्तार आरोपियों में न्यायायिक तहसीलदार अतुल सेन सिंह के पेशकार अनीस अहमद और कोर्ट में कार्यरत प्राइवेट कर्मी रोहित सिंह शामिल हैं। बताया जा रहा है कि अनीस अहमद के पास नाजिर पद का अतिरिक्त प्रभार भी था।

कार्रवाई के बाद तहसील प्रशासन में खलबली मच गई है। एंटी करप्शन टीम दोनों आरोपियों से पूछताछ कर रही है और मामले में आगे की विधिक कार्रवाई जारी है।
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तहसीलों में भ्रष्टाचार का जालः रिश्वतखोरी पर नहीं लग पा रहा लगाम सीतापुर जिले की तहसीलों में भ्रष्टाचार अब कोई छिपी हुई कहानी नहीं रह गई है, बल्कि खुलेआम चल रही व्यवस्था बनता जा रहा है। मिश्रिख तहसील में पेशकार और प्राइवेट कर्मी की रिश्वत लेते गिरफ्तारी ने एक बार फिर साबित कर दिया कि आम आदमी को अपने ही हक के काम के लिए “सिस्टम” को पैसा खिलाना पड़ रहा है। सबसे बड़ा सवाल यह है कि आखिर तहसीलों में रिश्वतखोरी का यह खेल कब रुकेगा?

हैरानी की बात यह है कि यह कोई पहला मामला नहीं है। अभी कुछ दिन पहले ही सिधौली तहसील में एसडीएम के पेशकार को एंटी करप्शन टीम ने रिश्वत लेते हुए गिरफ्तार किया था। वहीं बिसवां तहसील में भी एंटी करप्शन टीम ने जाल बिछाया था, लेकिन भनक लगने से पूरा ऑपरेशन फेल हो गया था। अब मिश्रिख तहसील में हुई कार्रवाई ने साफ कर दिया है कि तहसीलों में भ्रष्टाचार की जड़ें कितनी गहरी हो चुकी हैं।