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चकबंदी प्रक्रिया रद्द करने की मांग

May 15, 2026

चकबंदी प्रक्रिया रद्द करने की मांग

एटा में चकबंदी अनियमितता पर ग्रामीणों ने कलेक्ट्रेट पहुंचकर डीएम से लगाई गुहार,

एटा 15 मई उप्रससे। जनपद में अखतौली गांव के सैकड़ों ग्रामीण शुक्रवार को जिलाधिकारी कार्यालय पहुंचे, जहां उन्होंने चकबंदी कार्य में गंभीर अनियमितताओं का आरोप लगाते हुए लिखित ज्ञापन सौंपा।

ज्ञापन में ग्रामीणों ने चकबंदी अधिकारी और कर्मचारियों पर मनमानी करने का आरोप लगाते हुए पूरी चकबंदी प्रक्रिया को तत्काल रद्द करने की मांग की। ग्रामीणों ने बताया कि जांच अधिकारी ने मौके पर पहुंचकर स्थलीय निरीक्षण नहीं किया, जबकि वास्तविक स्थिति जानने के लिए यह जरूरी था। और प्रभावित किसानों के बिना बयान किए गए पूरी जांच केवल अधूरे अभिलेखों के आधार पर पूरी कर दी गई।

ग्रामीणों ने लगाया प्रभावशाली लोगों को लाभ पहुंचाने का आरोप

ग्रामीणों ने बताया कि सहायक चकबंदी अधिकारी द्वारा की गई अनियमितताओं को अप्रत्यक्ष रूप से सही ठहराने और उनका बचाव करने का प्रयास किया गया। उन्होंने कहा कि जांच अधिकारी को इस मामले में जिम्मेदारी तय करनी चाहिए थी, लेकिन ऐसा नहीं किया गया। चकबंदी योजना के तहत प्रभावशाली लोगों को अनुचित लाभ पहुंचाया गया। इसके लिए गरीब और कमजोर वर्ग के किसानों की सड़क किनारे स्थित तथा आबादी से लगी बेशकीमती मूल जोतों पर जानबूझकर चक प्रस्तावित किए गए। बंदोबस्त अधिकारी ने अपनी रिपोर्ट में प्रस्तावित चकबंदी योजना को त्रुटिपूर्ण मानते हुए सहायक चकबंदी अधिकारी को दोबारा चक निर्माण के लिए वापस भेजने का उल्लेख किया था। बावजूद इसके, रिपोर्ट के अंत में परिवाद को निस्तारित करने योग्य बताते हुए मामले को समाप्त करने का प्रयास किया गया, जिसे ग्रामीणों ने भ्रामक बताया।
जांच अधिकारी ने ग्राम प्रधान द्वारा पूर्व में चकबंदी समाप्त कराए जाने के तथ्य को भी दर्ज किया, लेकिन इस पर कोई आगे की कार्रवाई की सिफारिश नहीं की गई।
ग्रामीणों ने आरोप लगाते हुए कहा चकबंदी अधिकारी द्वारा तैयार और बंदोबस्त अधिकारी द्वारा भेजी गई रिपोर्ट पूरी तरह सतही, अस्पष्ट और अधूरी है। इसमें वास्तविक तथ्यों की अनदेखी की गई है। ग्रामीणों ने जिलाधिकारी से निष्पक्ष जांच कर दोषियों के खिलाफ कार्रवाई और चकबंदी प्रक्रिया निरस्त करने की मांग की है।