लापरवाही के आरोपों के बीच चौकी इंचार्ज व बीट सिपाही निलंबित, कोतवाल पर जांच; आरोपियों की गिरफ्तारी तक आंदोलन की चेतावनी
फोटो —– 1 — प्रदर्शन करते जनपद के पत्रकार
फोटो —– 2 — प्रदर्शनकारी पत्रकारों से वार्ता करते पुलिस अधीक्षक चिरंजीव नाथ सिन्हा
हाथरस। सादाबाद तहसील के सहपऊ क्षेत्र में मंगलवार सुबह पत्रकार वेद प्रकाश शर्मा उर्फ सोनू पंडित का शव संदिग्ध परिस्थितियों में नाले में मिलने से पूरे जनपद में सनसनी फैल गई। इस निर्मम हत्या से पत्रकारों में भारी आक्रोश व्याप्त हो गया और पुलिस की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े हो गए।घटना के विरोध में बुधवार सुबह जिले भर के सैकड़ों पत्रकार मेंडू रोड स्थित पुलिस अधीक्षक कार्यालय पहुंचकर धरने पर बैठ गए और जोरदार प्रदर्शन किया। पत्रकारों ने आरोप लगाया कि मृतक ने घटना से चार-पांच दिन पूर्व ही कोतवाली में तहरीर देकर कुछ नामजद लोगों से अपनी जान का खतरा बताया था, लेकिन पुलिस ने मामले को गंभीरता से नहीं लिया।पोस्टमार्टम रिपोर्ट में सामने आया है कि हत्या से पहले पत्रकार को करीब चार से पांच घंटे तक बेरहमी से पीटा गया, जिससे उनके शरीर की सात हड्डियां टूट गईं। इस खुलासे के बाद पत्रकारों का आक्रोश और बढ़ गया।प्रदर्शन के दौरान पत्रकारों ने हत्यारों की शीघ्र गिरफ्तारी, कड़ी सजा की मांग उठाई। साथ ही लापरवाही बरतने वाले पुलिसकर्मियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की गई।मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस अधीक्षक चिरंजीव नाथ सिन्हा ने तत्काल प्रभाव से संबंधित चौकी इंचार्ज और बीट आरक्षी को निलंबित कर दिया, जबकि सदर कोतवाली प्रभारी के खिलाफ विभागीय जांच के आदेश जारी किए हैं। उन्होंने बताया कि आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए कई टीमें गठित कर दी गई हैं और जल्द ही पूरे मामले का खुलासा किया जाएगा।आश्वासन मिलने के बाद पत्रकारों ने फिलहाल धरना समाप्त कर दिया, लेकिन चेतावनी दी है कि यदि शीघ्र ठोस कार्रवाई नहीं हुई तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा तथा मामला शासन स्तर तक उठाया जाएगा।पत्रकारों ने यह भी मांग की कि जिले में कार्यरत पत्रकारों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए ठोस नीति बनाई जाए, जिससे भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो सके।इस अवसर पर जनपद के सैकड़ो पत्रकार उपस्थित थे।

