एटा 31 मार्च उप्रससे। जनपद में डीपीआरओ मोहम्मद राशिद को शासन के कार्यों में लापरवाही और उच्चाधिकारियों के आदेशों की अवहेलना के आरोप में निलंबित कर दिया गया है। उत्तर प्रदेश पंचायती राज विभाग ने यह कार्रवाई की है।
शासन ने डीपीआरओ के निलंबन के संबंध में एक पत्र जारी कर जानकारी दी। इस कार्रवाई के बाद प्रशासनिक अमले में हड़कंप मच गया है। राशिद पर माननीय समिति के निर्देशों के बावजूद कार्य में लापरवाही बरतने और उच्चाधिकारियों के आदेशों की अवहेलना करने का आरोप है। यह मामला सेवानिवृत्त सहायक विकास अधिकारी रूपलाल के वेतन से जुड़ा है। पदोन्नति के बाद उनके वेतन निर्धारण का मामला लंबे समय से लंबित था, जिसकी शिकायत उन्होंने विभाग के आलाधिकारियों से की थी। यह प्रकरण उत्तर प्रदेश विधान परिषद की वित्तीय एवं प्रशासनिक विलंब समिति की साक्ष्य बैठक में उठा था। समिति ने वेतन निर्धारण संबंधी मामले में आवश्यक दिशा-निर्देश जारी किए थे। हालांकि, शासन के स्पष्ट निर्देशों के बावजूद डीपीआरओ एटा द्वारा इस मामले में कोई कार्रवाई नहीं की गई। उत्तर प्रदेश शासन ने इस प्रकरण का संज्ञान लिया और मोहम्मद राशिद को तत्काल प्रभाव से निलंबित करने का आदेश दिया।
निदेशक, पंचायती राज विभाग, एटा द्वारा निलंबन का आदेश जारी किया गया है। डीपीआरओ के निलंबित होने के बाद जिलाधिकारी प्रेमरंजन सिंह ने अतिरिक्त उपजिलाधिकारी पीयूष रावत को एटा का नया जिला पंचायत राज अधिकारी का अतिरिक्त प्रभार सौंपा है।

