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जनहित मुद्दे पर शिव सेना चलाएगी जेल भरो आंदोलन

April 17, 2026

जनहित मुद्दे पर शिव सेना चलाएगी जेल भरो आंदोलन

-पार्टी के चिंतन शिविर में विधानसभा चुनाव को लेकर लिया संकल्प
-बुध बाजार में ग्रांड सांई होटल में हुआ शिविर
Post on 16.4.26
Thursday Moradabad
Rajesh Bhatia

मुरादाबाद।(उप्र समाचार सेवा)
मुरादाबाद में गुरुवार को शिव सेना का चिंतन-शिविर में
विधानसभा चुनाव को लेकर मंथन हुआ। शिविर में पार्टी नेताओं ने संगठन की मजबूती, विस्तार से लेकर आम लोगों के समस्याओं के निदान पर विचार विमर्श किया गया। पार्टी ने लोगों के हित में जेल भरो आंदोलन का भी निर्णय लिया।
गुरुवार को बुध बाजार में ग्रांड सांई होटल में शिव सेना के चिंतन शिविर का शुभारंभ छत्रपति शिवाजी महाराज व बाला साहब ठाकरे के चित्र पर माल्यार्पण कर किया। जय भवानी-जय शिवाजी के जय घोष के साथ ही शिविर शुरू हुआ। पार्टी के जिला प्रमुख वीरेंद्र अरोड़ा ने बताया कि इस शिविर में संगठन की सदस्यता, विस्तार के अलावा आम लोगों के उत्पीड़न,भ्रष्टाचार को लेकर संघर्ष करने का निर्णय लिया गया। संगठन प्रमुख के अनुसार जनहित मुद्दे पर पार्टी जेल भरो आंदोलन भी चलाएगी। जिला प्रमुख वीरेंद्र अरोड़ा ने आगे बताया कि संगठन विस्तार के लिए शिव सैनिक कार्यकर्ता घर घर जाकर जनसंपर्क अभियान चलाएगे। बताया कि आगामी विस चुनाव को लेकर पार्टी नेता गंभीर है। शिव सेना मजबूती से विस चुनाव में उतरेगी।
कार्यक्रम में कमल राव,मुदित उपाध्याय,राजीव राठौर, अरुण ठाकुर, शिबू पांडे, बादाम सिंह, मधुबाला,तिलक राज शर्मा, विनोद, राहुल,सुरेश सैनी, विशाल सैनी, अमित पंकज रहे।

April 16, 2026

इंकलाबी मजदूर केंद्र ने की मजदूरों पर लाठी चार्ज व मुकद्मे दर्ज करने की निंदा

वेतन 30 हजार मासिक करने, गिरफ्तार मजदूरों व यूनियन प्रतिनिधियों को रिहा करने की मांग की
हरिद्वार, 16 अप्रैल। इंकलाबी मजदूर केंद्र ने गुड़गांव, मानेसर, फरीदाबाद व नोएडा में वेतन बढ़ाने की मांग कर रहे मजदूरों पर लाठीचार्ज एवं झूठे मुकद्मे दर्ज किए जाने का आरोप लगाते हुए सरकार से पूरे मामले की निष्पक्ष जांच, सभी मुक्दमे वापस लेने और गिरफ्तार किए गए मजदूर यूनियनों के प्रतिनिधियों को रिहा करने की मांग की है। प्रैस क्लब में पत्रकारों से वार्ता करते हुए इंकलाबी मजदूर केंद्र की हरिद्वार इकाई के सचिव पंकज ने कहा कि मजदूर वेतन बढ़ाने, ओवर टाइम दोगुना करने, श्रम कानूनों का पालन आदि मांगों को लेकर कई दिनों से आंदोलन कर रहे थे। 9 अपैल को कंपनी संचालन से जुड़े लोगों ने बाहरी तत्वों की मदद से तोड़फोड़ और आगजनी कर आंदोलन को कमजोर करने का प्रयास किया। जिस पर पुलिस ने मजदूरों पर लाठीचार्ज किया और 56 मजदूरों जिनमें 20 महिलाएं शामिल हैं को गिरफ्तार कर लिया। मजदूरों पर मुकद्मे दर्ज करने के साथ कई मजदूर यूनियनों के कई प्रतिनिधियों को भी गिरफ्तार कर लिया। पंकज कुमार ने मांग करते हुए कहा कि गिरफ्तार किए गए सभी मजदूरों और मजदूर प्रतिनिधियों को तत्काल रिहा किया जाए। सभी मुकद्मे वापस लिए जाएं। केंद्र व हरियाणा सरकार पूरे मामले की निष्पक्ष न्यायिक जांच कराए। कपंनी प्रबंधकों और लाठीचार्ज के दोषी पुलिस अधिकारियों पर मुकद्मे दर्ज किए जाएं। लाठी चार्ज में घायल मजदूरों का सरकारी खर्च पर इलाज किया जाए और मुआवजा दिया जाए। मजदूर विरोध 4 लेबर कोड रद्द किए जाएं। ठेका प्रथा समाप्त कर स्थाई कार्य के लिए स्थाई नियुक्ति की जाए। महिला मजदूरों के नाइट शिफ्ट में काम करने का कानून रद्द किया जाए। न्यूनतम वेतन 30 हजार घोषित किया जाए। पत्रकारवार्ता में राजकिशोर, सुरेश राम, नीता आदि ने भी कर्मचारियों के हितों में फैसले लेने की मांग की।

एटा में हाइटेंशन लाइन की चिंगारी से 47 बीघा गेहूं की फसल खेत में जलकर राख

एटा 16 अप्रैल उप्रससे। जनपद में जलेसर तहसील क्षेत्र के नीमखेड़ा गांव में हाइटेंशन लाइन की चिंगारी से 47 बीघा गेहूं की खड़ी फसल में भीषण आग लग गई। इस घटना में गेहूं की फसल जलकर राख हो गई, जिससे कई किसानों को भारी नुकसान हुआ है।

हाइटेंशन लाइन की चिंगारी से लगी आग इतनी भयंकर थी कि देखते ही देखते कई खेतों को अपनी चपेट में ले लिया। सैकड़ों की संख्या में ग्रामीण मौके पर पहुंचे और आग बुझाने का प्रयास करते रहे। ग्रामीणों ने आग बुझाने के लिए फायर ब्रिगेड को सूचना दी। सूचना मिलने के बाद फायर ब्रिगेड और स्थानीय पुलिस भी घटनास्थल पर पहुंची। कड़ी मशक्कत के बाद ग्रामीणों और फायर ब्रिगेड की मदद से आग पर काबू पाया गया।
घटना की सूचना मिलने पर उपजिलाधिकारी पीयूष रावत ने घटनास्थल का जायजा लिया। उन्होंने राजस्व टीम को नुकसान का आकलन करने के निर्देश दिए हैं। उपजिलाधिकारी ने प्रभावित किसानों को हर संभव मदद का आश्वासन दिया है।
इस घटना में सुधा देवी पत्नी नरेंद्रपाल सिंह, कमला देवी पत्नी किशन सिंह, अमर सिंह सीताराम, सागर सिंह पुत्र हरिपाल, लाखन सिंह पुत्र गीतम सिंह, किशन पाल सिंह पुत्र श्यामलाल सिंह, राजकुमार पुत्र लीलाधर, राजवती पत्नी राजेंद्र सिंह, सुनीता रानी पत्नी रामपाल सिंह और गीतम सिंह पुत्र राजपाल सिंह की कुल 47 बीघा जमीन जलकर राख हो गई है।

एटा में राज मिस्त्री को दो दिन पहले मिली धमकी के बाद खेत में मिला शव

एटा 16 अप्रैल उप्रससे। जनपद में जैथरा थाना क्षेत्र के छोकरिया गांव में 32 वर्षीय राज मिस्त्री का शव खाली खेत में मिलने से इलाके में सनसनी फैल गई। गुरूवार सुबह करीब 7:30 बजे ग्रामीण गेहूं की कटाई के लिए खेतों में पहुंचे थे, तभी उन्होंने शव पड़ा देखा और तुरंत पुलिस को सूचना दी।

सूचना मिलते ही जैथरा पुलिस के साथ आसपास के थानों की फोर्स मौके पर पहुंच गई। एडिशनल एसपी श्वेताभ पांडेय और एसपी क्राइम योगेंद्र सिंह ने भी घटनास्थल का निरीक्षण किया। फॉरेंसिक टीम को बुलाकर साक्ष्य जुटाए गए।

मृतक जितेंद्र पुत्र सौदान सिंह पेशे से राज मिस्त्री था और अपने पीछे पत्नी बसंती व चार छोटे बच्चों को छोड़ गया है। परिवार में तीन बेटियां सोनम (14), भऊआ (10), रवीना (8) और एक बेटा प्रियांश (10) हैं। घटना के बाद परिवार में कोहराम मचा हुआ है।

मृतक जितेंद्र को दो दिन पहले मिली थी धमकी

मृतक के भाई राम मोहन ने गांव के ही एक व्यक्ति पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उनका कहना है कि दो दिन पहले उस व्यक्ति ने जितेंद्र को धमकी दी थी, जिसके बाद से वह काफी चिंतित था। परिजनों को आशंका है कि उसी ने इस घटना को अंजाम दिया है।

पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पंचनामा भरकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। सीओ सकीट नितेश कुमार गर्ग के नेतृत्व में जांच के लिए टीमों का गठन किया गया है। अधिकारियों का कहना है कि सभी पहलुओं पर जांच की जा रही है और जल्द ही घटना का खुलासा किया जाएगा।

समय पर पुलिस भर्ती, ट्रेनिंग व सुविधाओं से बना सुरक्षा का बेहतर माहौल : सीएम योगी

Santosh Kumar Singh Gorakhpur
16/04/2026

गोरखनाथ मंदिर क्षेत्र की सुरक्षा के लिए बने दो आधुनिक सुरक्षा भवनों का उद्घाटन किया मुख्यमंत्री ने

सुशासन की पहली शर्त होती है सुरक्षा : मुख्यमंत्री

गोरखपुर, 16 अप्रैल। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि वर्ष 2017 के बाद पुलिस विभाग में समय पर भर्ती, समय पर ट्रेनिंग और अवस्थापना सुविधाओं के विकास से पुलिसकर्मियों के कार्य की गति बढ़ी है। इसी का परिणाम है कि प्रदेश में सुरक्षा का बेहतर माहौल बना, और सुशासन का मॉडल खड़ा हुआ।

सीएम योगी गुरुवार सुबह गोरखनाथ मंदिर क्षेत्र की सुरक्षा के लिए बने दो आधुनिक सुरक्षा भवनों के उद्घाटन समारोह को संबोधित कर रहे थे। इन भवनों में मंदिर सुरक्षा से जुड़े अपर पुलिस अधीक्षक, पुलिस उपाधीक्षक कार्यालय, कंट्रोल रूम, पुलिस स्टोर रूम और मेंटिनेंस वर्कशाप बनाए गए हैं। इसके निर्माण पर 9.18 करोड़ रुपये से अधिक की लागत आई है। मुख्यमंत्री ने सुरक्षा भवन का लोकार्पण करने के बाद भ्रमण और निरीक्षण कर भवन में उपलब्ध सुविधाओं का जायजा लिया।

इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने उपस्थित लोगों को संबोधित करते हुए कहा कि सुरक्षा, सुशासन की पहली शर्त होती है। हर व्यक्ति को सुरक्षा चाहिए। इसके लिए सरकार के स्तर पर प्रयास किए जाते हैं। पर, हम उसका एक ही पक्ष देख पाते थे। पुलिस का सामान्य सिपाही हो या सब इंस्पेक्टर व डिप्टी एसपी, यदि उसकी ट्रेनिंग नहीं है तो वह भी एक कॉमन मैन (सामान्य व्यक्ति) ही होगा। सीएम योगी ने कहा कि पहले भर्ती, ट्रेनिंग और अवस्थापना सुविधाओं पर ध्यान नहीं दिया जाता था। इसका परिणाम यह होता था कि बहुत से नौजवान पुलिस भर्ती में नहीं आना चाहते थे।

9 वर्ष में 2 लाख 19 हजार से अधिक पुलिस कार्मिकों की भर्ती

मुख्यमंत्री ने पुलिस महकमे में वर्ष 2017 के बाद आए बदलाव की चर्चा करते हुए कहा कि 9 साल पहले जब उनकी सरकार आई तो उस समय पुलिस बल में आधे से अधिक पद खाली थे। उन्होंने बताया कि बीते 9 वर्ष में 2 लाख 19 हजार से अधिक पुलिस कार्मिकों की भर्ती प्रक्रिया को पूरा किया गया है। उन्होंने बताया कि 2017 के पुलिस की ट्रेनिंग क्षमता एक समय मे 3 हजार से अधिक नहीं थी। जबकि वर्तमान में अवस्थापना सुविधाओं के विकास का परिणाम है कि अब एक समय में 60 हजार पुलिस कार्मिकों की ट्रेनिंग करवाई जाती है। समय पर लिए गए निर्णय, और समय पर दिए गए संसाधनों के परिणामस्वरूप पुलिस को 200 गुना सुविधाओं से सम्पन्न किया गया है।

पहले नहीं थी पुलिसकर्मियों के लिए अच्छी आवासीय सुविधा

सीएम योगी ने कहा कि पहले थाना हो, चौकी हो, पुलिस लाइन हो या पीएसी वाहिनी हो, कहीं पर पुलिसकर्मियों के लिए अच्छी आवासीय सुविधा और अच्छे बैरक नहीं थे। पुलिसकर्मी किराए पर रहकर जैसे-तैसे जीवन व्यतीत करता था। कई बार शिकायत आती थी कि पुलिस वाले ने घर पर कब्जा कर लिया है। वह कब्जा नहीं करता था। पता चलता था कि उसके बच्चे की परीक्षा है और मकान मालिक उससे घर खाली करने को कह देता। इस पर वह झल्ला कर कहता, घर नहीं खाली करेंगे। सीएम ने कहा कि यह सामान्य शिकायत आती थी। आज ये सारी शिकायतें समाप्त हो गई हैं क्योंकि सरकार ने हर पुलिस लाइन में आवासीय सुविधा दी है, बैरक बनवाए गए हैं।

सुरक्षा में सेंध लगाने वाले का काम तमाम कर देंगे मुस्तैद पुलिसकर्मी

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि पहले थाना का भवन बनता था लेकिन उसमें बैरक नहीं बनते थे। वहां अन्य सुविधाएं नहीं उपलब्ध हो पाती थीं। बहुत बार पुलिस किसी अपराधी को पकड़कर लाती थी तो रुकने की व्यवस्था नहीं होती थी। पुलिस कई बार असहाय दिखती थी। अपराधी भाग जाता था। सीएम ने कहा कि पुलिस को अब असहाय बनने की आवश्यकता नहीं है। अब अपराधी भाग नहीं सकता क्योंकि थाने में ही उसे रोके रखने की सुविधाएं दी गई हैं। उन्होंने कहा कि अब कोई थाने पर हमला नहीं कर सकता क्योंकि अब थाने में पुलिस कार्मिकों के लिए अलग से बेहतरीन सुविधाओं से युक्त बैरक बनाए गए हैं। हर समय, हर थाना में पर्याप्त संख्या में पुलिस कार्मिक उपलब्ध होंगे। जो थाने की सुरक्षा में सेंध लगाने का काम करेगा, उसके काम को तमाम करने के लिए पुलिसकर्मी वहां हमेशा मुस्तैद होकर के अपनी जिम्मेदारियों का निर्वहन करता हुआ दिखाई देगा।

इस अवसर पर महापौर डॉ. मंगलेश श्रीवास्तव, एमएलसी एवं भाजपा के प्रदेश उपाध्यक्ष डॉ. धर्मेंद्र सिंह, विधायक विपिन सिंह, महेंद्रपाल सिंह, प्रदीप शुक्ल, सरवन निषाद, प्रदेश सरकार के सलाहकार अवनीश अवस्थी, एडीजी गोरखपुर जोन मुथा अशोक जैन, एडीजी सुरक्षा तरुण गाबा, भाजपा के जिलाध्यक्ष जनार्दन तिवारी, महानगर संयोजक राजेश गुप्ता आदि प्रमुख रूप से उपस्थित रहे।

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