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खेत पर सो रहे वृद्ध की हत्या, पुलिस जांच में जुटी

April 20, 2026

खेत पर सो रहे वृद्ध की हत्या, पुलिस जांच में जुटी


फिरोजाबाद। थाना शिकोहाबाद क्षेत्र अन्तर्गत नगला सुन्दर में एक वृद्ध की खेत पर सोते समय प्रहार कर हत्या कर दी। सोमवार सुबह उनका शव चारपाई पर मिलने से परिजनों में कोहराम मच गया। पुलिस शव को पोस्टमार्टम के लिए जिला अस्पताल लाई है।
थाना शिकोहाबाद क्षेत्र के गांव बढ़ईपुरा निवासी बुजुर्ग सुघर सिंह (80) रोजाना की तरह रविवार रात भी गांव सुंदरपुर स्थित खेतों पर बने घर के बाहर चारपाई पर सोए हुए थे। तभी रात्रि में किन्हीं लोगों ने उनकी सिर पर प्रहार कर हत्या कर दी। सोमवार सुबह घटना की जानकारी मिलते ही इलाके में हड़कंप मच गया। सूचना पर शिकोहाबाद और आसपास के दो थानों की पुलिस मौके पर पहुंची और जांच शुरू की।
प्रारंभिक जांच में जमीन विवाद की बात सामने आ रही है। परिजनों के अनुसार, करीब 5 वर्ष पहले मृतक ने अपने बड़े बेटे के नाम दो बीघा जमीन कर दी थी, जिसके चलते विवाद की आशंका जताई जा रही है। पुलिस भी इस एंगल पर जांच कर रही है और बेटे पर शक जताया जा रहा है।
घटना की सूचना मिलते ही फोरेंसिक टीम ने मौके पर पहुंचकर साक्ष्य जुटाए। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है।
इस संबंध में क्षेत्राधिकारी सिरसागंज अनिवेश कुमार ने बताया कि नगला सुन्दर में एक वृद्ध व्यक्ति की संदिग्ध परिस्थितियों में मृत्यु हुई है। प्रथम दृष्टया सिर में चोट लगने से मौत प्रतीत हो रही है। शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है और फील्ड यूनिट टीम द्वारा साक्ष्य संकलन किया जा रहा है। मामले में सभी पहलुओं पर जांच कर विधिक कार्रवाई की जा रही है।

गर्मी के दृष्टिगत प्राइमरी और जूनियर स्कूलों का समय बदला

लखनऊ, 20 अप्रैल 26, गर्मी बढ़ने और लू की आशंका के मद्देनजर शिक्षा विभाग ने प्राइमरी और जूनियर हाई स्कूलों के पठन पठान के समय में परिवर्तन किया है। सभी सरकारी विद्यालय प्रात: 7 बजकर 30 मिनट से दोपहर 1 बजकर 30 मिनट तक खुलेंगे। शिक्षण कार्य 12 बजकर 30 मिनट तक होगा और शिक्षक और शिक्षणेत्तर कर्मचारी डेढ़ बजे तक रहेंगे। मान्यता प्राप्त प्राइवेट स्कूल की प्रबंध समितियों को भी निर्णय लेने के लिए कहा गया है। यह आदेश बेसिक शिक्षा निदेशक ने जारी किया है

सीनियर डीसीएम महेश यादव ने कार्यभार संभाला


Post on 20.4.26
Monday Moradabad
Rajesh Bhatia

मुरादाबाद।(उप्र समाचार सेवा)।
सोमवार को मुरादाबाद मंडल में सीनियर डीसीएम महेश यादव ने कार्यभार ग्रहणकर लिया। वर्ष 2013के बैच के आईआईटीएस
(IRTS)के अधिकारी महेश यादव उत्तर रेलवे में डिप्टी चीफ आपरेशंस के पद पर तैनात थे। इससे पहले वे नई दिल्ली में स्टेशन डायरेक्टर, एफओआई एस (FOIS) और डिप्टी चीफ आपरेशंस (ट्रेन टाइम टेबल) के पद पर भी रहे।इस दौरान निवर्तमान सीनियर डीसीएम आदित्य गुप्ता ने कार्यभार उन्हें सौंपा।

केंद्र सरकार ने हर वर्ग को प्रतिनिधित्व दिया: पंकज चौधरी

महराजगंज 20 अप्रैल 2026 | भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष एवं केंद्रीय वित्त राज्य मंत्री पंकज चौधरी ने सोमवार को महराजगंज में आयोजित पत्रकार वार्ता में कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी के नेतृत्व में देश में सर्वसमावेशी लोकतंत्र का निरंतर विस्तार हो रहा है। केंद्र सरकार ने समाज के हर वर्ग को प्रतिनिधित्व देने का कार्य किया है। इसका प्रमाण यह है कि आज केंद्रीय मंत्रिमंडल में लगभग 40 प्रतिशत मंत्री अन्य पिछड़ा वर्ग (ओबीसी) से हैं, जो सामाजिक न्याय और समान अवसर की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।
श्री चौधरी ने कहा कि इसी समावेशी सोच के तहत देश की आधी आबादी—माताओं और बहनों—को नीति निर्धारण में उनका अधिकार देने के उद्देश्य से मोदी सरकार ने 33 प्रतिशत महिला आरक्षण का ऐतिहासिक विधेयक प्रस्तुत किया। लेकिन कांग्रेस, समाजवादी पार्टी और इंडी एलायंस के अन्य सहयोगी दलों ने इस महत्वपूर्ण विधेयक को पारित नहीं होने देकर अपनी वास्तविक मंशा उजागर कर दी।
उन्होंने कहा कि इंडी एलायंस के दल महिला आरक्षण का समर्थन करने का केवल ढोंग करते हैं, जबकि सच्चाई यह है कि वे महिलाओं को उनका अधिकार देने के पक्ष में नहीं हैं। समाजवादी पार्टी, कांग्रेस और उनके सहयोगियों ने एक बार फिर अपनी महिला विरोधी मानसिकता को सामने ला दिया है। ये दल भली-भांति जानते हैं कि जब घर की महिलाएं आगे बढ़ेंगी, तो उनका परिवारवाद और वंशवाद स्वतः कमजोर हो जाएगा।
श्री चौधरी ने कहा कि समाजवादी पार्टी ने अपनी महिला विरोधी सोच को छुपाने के लिए “नकाब का सहारा” लिया, लेकिन अब देश की आधी आबादी के सामने उनका यह नकाब उतर चुका है। उन्होंने आरोप लगाया कि तुष्टिकरण की राजनीति करते हुए इन दलों ने देश में केवल लगभग 20 प्रतिशत मुस्लिम महिलाओं का बहाना बनाकर शेष 80 प्रतिशत महिलाओं के अधिकारों के साथ अन्याय किया है। विपक्षी दलों ने मुस्लिम महिलाओं के साथ भी अन्याय ही किया है क्योंकि इस विधेयक का लाभ तो समाज के सभी वर्गों की महिलाओं को मिलता और उनमें मुस्लिम वर्ग की महिलाएं भी सम्मिलित हैं ।
उन्होंने स्पष्ट किया कि धर्म के आधार पर आरक्षण संविधान की मूल भावना के विरुद्ध है और भारतीय जनता पार्टी सदैव संविधान की मर्यादा और मूल सिद्धांतों का पालन करती रही है।
श्री चौधरी ने कहा कि मोदी सरकार की महिला सशक्तिकरण के प्रति प्रतिबद्धता अत्यंत मजबूत है। माननीय गृहमंत्री द्वारा सदन के पटल पर पूरे देश में 50 प्रतिशत सीटें बढ़ाने की गारंटी देना इस बात का प्रमाण है कि सरकार महिलाओं को अधिक से अधिक अवसर देने के लिए संकल्पित है।
उन्होंने इंडी एलायंस को “एंटी वूमेन एलायंस” बताते हुए कहा कि यह गठबंधन रूढ़िवादी सोच से ग्रसित है और चाहता है कि महिलाएं घर की चारदीवारी तक सीमित रहें। इन दलों ने हमेशा महिला आरक्षण को रोकने, टोकने, अटकाने और भटकाने का कार्य किया है।
श्री चौधरी ने कहा कि देश का विकास बिना आधी आबादी के सशक्तिकरण के संभव नहीं है और देश की नारी शक्ति ऐसे महिला विरोधी गठबंधन को कभी माफ नहीं करेगी।

संस्कृत भारत की प्राण है: डा मोहन भागवत

नई दिल्ली। दिल्ली स्थित दीनदयाल मार्ग पर संस्कृत भारती के नव निर्मित कार्यालय का उद्घाटन राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के सरसंघचालक डॉ. मोहन भागवत जी ने किया।

उपस्थित जनजमूह को सम्बोधित करते हुए सरसंघचालक जी ने कहा कि, अक्षय तृतीया जैसे शुभ मुहूर्त पर ‘प्रणव’ कार्यालय का लोकार्पण अत्यन्त आनन्ददायक और शुभ संकेत है। यह सत्य संकल्प है। ‘प्रणव’ सृष्टि के मूल नाद का प्रतीक है और इस नाम के साथ आरंभ हुआ यह कार्य पूर्णता की ओर अग्रसर होगा। उन्होंने संस्कृत को भारत का प्राण बताते हुए कहा कि यह केवल भाषा नहीं, अपितु भारत की संस्कृति, परंपरा और जीवन-दृष्टि की आधारशिला है। भारत को समझने के लिए संस्कृत को समझना अनिवार्य है, क्योंकि इसी में हमारी ज्ञान-परंपरा, दर्शन और जीवन-मूल्य निहित हैं। संस्कृत केवल एक भाषा नहीं, अपितु भारत का प्राण है। यह हमारे विचारों, संस्कृति और ज्ञान का वह सार है जिसे पूरी दुनिया को देने की आवश्यकता है।

उन्होंने कहा कि संस्कृत सभी भारतीय भाषाओं को जोड़ने वाली कड़ी है और इसके माध्यम से अन्य भाषाओं को भी सहजता से सीखा जा सकता है। संस्कृत में निहित ज्ञान-विज्ञान का व्यापक भंडार सम्पूर्ण मानवता के लिए उपयोगी है। किसी भी कार्य में केवल रुचि नहीं, अपितु उसके उद्देश्य की स्पष्ट समझ, धैर्य और निरन्तरता आवश्यक है। जैसे श्वास-प्रश्वास निरन्तर चलता है और उसमें कोई ऊब नहीं होती, उसी प्रकार संस्कृत के कार्य को भी बिना उबते हुए निरंतर आगे बढ़ाना चाहिए।

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