Santosh Kumar Singh Gorakhpur
23/04/2026
बहला-फुसलाकर ले जाई गई अपहृताओं को खोजकर परिजनों से कराया मिलान, परिवारों में लौटी खुशियां
गोरखपुर। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक डॉ. कोस्तुभ के निर्देशन में गोरखपुर पुलिस द्वारा चलाया जा रहा “ऑपरेशन मिलाप” मानवीय संवेदनाओं का एक सशक्त उदाहरण बनकर सामने आया है। इस अभियान के तहत वर्ष 2026 में अब तक 313 अपहृत/लापता लड़कियों को सकुशल बरामद कर उनके परिजनों से मिलाया गया है, जिससे सैकड़ों परिवारों में फिर से खुशियां लौट आई हैं।
पुलिस अधिकारियों के अनुसार, इन मामलों में अधिकांश लड़कियों को बहला-फुसलाकर या झांसा देकर घर से दूर ले जाया गया था। कई मामलों में उन्हें अन्य जनपदों या राज्यों तक पहुंचा दिया गया था। ऐसे मामलों को गंभीरता से लेते हुए गोरखपुर पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए विशेष टीमों का गठन किया और खोजबीन अभियान शुरू किया।
ऑपरेशन मिलाप के तहत पुलिस ने तकनीकी साक्ष्यों, मोबाइल सर्विलांस, सीसीटीवी फुटेज और मुखबिर तंत्र का सहारा लेकर लापता लड़कियों का पता लगाया। टीमों ने लगातार संभावित स्थानों पर दबिश दी और कई जटिल मामलों का सफलतापूर्वक खुलासा किया।
एसएसपी डॉ. कोस्तुभ ने सभी थाना प्रभारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि अपहरण एवं गुमशुदगी के मामलों में तत्काल मुकदमा दर्ज कर तेजी से कार्रवाई की जाए। साथ ही पीड़ित परिवारों से नियमित संवाद बनाए रखते हुए उन्हें प्रगति की जानकारी दी जाए।
पुलिस की तत्परता और सक्रियता का ही परिणाम है कि बड़ी संख्या में लड़कियों को सकुशल बरामद कर उनके परिजनों को सौंपा गया। कई मामलों में परिजनों ने अपनी बेटियों के सुरक्षित वापस मिलने पर भावुक होकर पुलिस का आभार व्यक्त किया।
इस अभियान के तहत न केवल अपराधियों पर प्रभावी कार्रवाई की गई, बल्कि समाज में सुरक्षा और विश्वास का माहौल भी मजबूत हुआ है। पुलिस द्वारा लगातार यह संदेश दिया जा रहा है कि महिलाओं और बेटियों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है और ऐसे मामलों में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
गोरखपुर पुलिस का “ऑपरेशन मिलाप” आगे भी इसी तरह जारी रहेगा, ताकि हर लापता बेटी को सुरक्षित उसके परिवार तक पहुंचाया जा सके और समाज में कानून व्यवस्था के प्रति विश्वास और अधिक मजबूत हो।

