Santosh Kumar Singh Gorakhpur
25/03/2026
*पेड़ काटने को लेकर शुरू हुआ विवाद बना हिंसक, लाठी-डंडे व रॉड से किया हमला*
गोरखपुर। जनपद के थाना चिलुआताल क्षेत्र में जमीन विवाद को लेकर शुरू हुआ मामूली विवाद हिंसक रूप ले बैठा, जिसमें वादी पर जानलेवा हमला किए जाने का मामला सामने आया है। पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए इस मामले में पांच अभियुक्तों को गिरफ्तार कर लिया है।
वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक द्वारा अपराधों पर नियंत्रण और वांछित अभियुक्तों की गिरफ्तारी के लिए चलाए जा रहे अभियान के तहत यह कार्रवाई की गई। पुलिस अधीक्षक उत्तरी के मार्गदर्शन और क्षेत्राधिकारी कैम्पियरगंज के पर्यवेक्षण में थाना चिलुआताल पुलिस ने मुकदमा संख्या 195/26 से संबंधित आरोपियों को दबोचने में सफलता हासिल की।
पुलिस के अनुसार, घटना की जड़ जमीन को लेकर पुराना विवाद और पेड़ काटने का मुद्दा था। इसी बात को लेकर दोनों पक्षों के बीच कहासुनी शुरू हुई, जो जल्द ही उग्र हो गई। आरोप है कि अभियुक्तों ने एकजुट होकर वादी को घेर लिया और गाली-गलौज करते हुए लाठी-डंडों व लोहे की रॉड से हमला कर दिया। हमले में वादी को गंभीर चोटें आईं, जिससे उसकी जान को खतरा उत्पन्न हो गया।
इस घटना के संबंध में वादी द्वारा दी गई तहरीर के आधार पर थाना चिलुआताल में मुकदमा दर्ज किया गया। पुलिस ने तत्परता दिखाते हुए आरोपियों की तलाश शुरू की और दबिश देकर पांचों अभियुक्तों—जाकिर हुसैन, आशिक अली, दानिश खान, अरबाज खान और सलमान खान—को गिरफ्तार कर लिया।
पुलिस का कहना है कि मामले में आगे की विधिक कार्रवाई की जा रही है और घटना से जुड़े अन्य पहलुओं की भी जांच जारी है। इलाके में शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए पुलिस सतर्क है।
Santosh Kumar Singh Gorakhpur
24/03/2026
गोरखपुर: फर्जी आईएएस अधिकारी बनकर लोगों से ठगी करने वाले प्रीतम निषाद को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। आरोपी को कैंट पुलिस ने जालौन से दबोचा। एसपी सिटी ने प्रेस वार्ता के दौरान मामले का खुलासा किया।
पुलिस के अनुसार, प्रीतम निषाद खुद को आईएएस अधिकारी बताकर लोगों को झांसे में लेता था। उसने इंस्टाग्राम पर फर्जी आईएएस के नाम से प्रोफाइल भी बना रखी थी। शॉर्टकट से पैसे कमाने के इरादे से वह जालसाजी करता था।
गिरफ्तारी के दौरान पुलिस ने उसके पास से मोबाइल, टैबलेट और आधार कार्ड बरामद किए हैं। जांच में यह भी सामने आया है कि प्रीतम निषाद ने दो महिलाओं से शादी की है।
पीड़ित परिवार की शिकायत पर फर्जी आईएएस के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया था। केस दर्ज होने के बाद से ही पुलिस उसकी गिरफ्तारी के प्रयास में जुटी थी, जिसके बाद अब उसे गिरफ्तार कर लिया गया है।
Santosh Kumar Singh Gorakhpur
24/03/2026
सीएमओ का दावा—कोई बाउचर नहीं दिखा पाईं आशा कार्यकर्ता, एसीएम के समझाने पर समाप्त हुआ धरना
गोरखपुर। जनपद में बकाया भुगतान की मांग को लेकर आशा बहुओं ने मंगलवार को जिलाधिकारी कार्यालय परिसर में धरना-प्रदर्शन किया। बड़ी संख्या में पहुंचीं आशा कार्यकर्ताओं ने स्वास्थ्य विभाग के खिलाफ नाराजगी जताते हुए आरोप लगाया कि उन्हें लंबे समय से विभिन्न मदों का भुगतान नहीं किया गया है, जिससे उन्हें आर्थिक परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।
धरने के दौरान आशा बहुओं ने नारेबाजी करते हुए कहा कि वे लगातार स्वास्थ्य सेवाओं में अपनी जिम्मेदारियां निभा रही हैं, लेकिन इसके बावजूद उन्हें समय पर मानदेय और अन्य प्रोत्साहन राशि नहीं मिल रही है। उन्होंने प्रशासन से शीघ्र बकाया भुगतान कराने की मांग की।
मामले को लेकर मुख्य चिकित्साधिकारी (सीएमओ) डॉ. राजेश झा ने स्पष्ट रुख अपनाते हुए कहा कि यदि किसी भी आशा कार्यकर्ता का भुगतान वास्तव में लंबित है और उसका संबंधित बाउचर या वैध दस्तावेज उपलब्ध है, तो विभाग तत्काल भुगतान करने के लिए पूरी तरह तैयार है। उन्होंने कहा कि विभाग पारदर्शिता के साथ कार्य कर रहा है और बिना प्रमाण के किसी भी भुगतान का दावा स्वीकार नहीं किया जा सकता।
सीएमओ ने यह भी कहा कि धरना दे रहीं आशा बहुएं अपने बकाया भुगतान से संबंधित कोई ठोस बाउचर या दस्तावेज प्रस्तुत नहीं कर पाईं और केवल मौखिक आरोप लगाती रहीं। उन्होंने आश्वासन दिया कि यदि कोई भी कार्यकर्ता उचित प्रमाण प्रस्तुत करता है, तो उसका भुगतान तत्काल कराया जाएगा।
स्थिति को संभालने के लिए एसीएम द्वितीय राजू कुमार मौके पर पहुंचे और आशा बहुओं से वार्ता की। उन्होंने उन्हें शांतिपूर्वक अपनी बात रखने और आवश्यक दस्तावेज प्रस्तुत करने की सलाह दी। अधिकारियों के समझाने के बाद आशा बहुएं धीरे-धीरे शांत हुईं और अंततः बिना कोई बाउचर प्रस्तुत किए धरना समाप्त कर वहां से लौट गईं।
प्रशासन का कहना है कि स्वास्थ्य सेवाओं में लगे सभी कर्मियों का भुगतान नियमों के तहत सुनिश्चित किया जाता है और यदि कहीं कोई वास्तविक समस्या है तो उसे प्राथमिकता के आधार पर हल किया जाएगा। वहीं, अधिकारियों ने अपील की कि किसी भी प्रकार की समस्या के समाधान के लिए संबंधित दस्तावेजों के साथ विभाग से संपर्क किया जाए, ताकि समयबद्ध तरीके से कार्रवाई की जा सके।
निरंकारी संत समागम ने जगाई मानव एकता व प्रेम की ज्योति
एटा 24 मार्च उप्रससे। भक्ति भावना एवं मानवीय दिव्य गुणों के साथ निरंकारी सतगुरु माता सुदीक्षा के दिव्य आशीर्वाद एवं निरंकारी राजपिता की गरिमामयी उपस्थिति में रेलवे ग्राउंड, पराग डेयरी, कानपुर में उत्तर प्रदेश प्रादेशिक निरंकारी संत समागम का भव्य, सुव्यवस्थित एवं अत्यंत प्रेरणादायी आयोजन संपन्न हुआ। जहाँ भक्तों को आध्यात्म, प्रेम, अनुशासन, श्रद्धा, समर्पण और आध्यात्मिक चेतना का अद्वितीय संगम देखने को मिला।
उक्त जानकरी निरंकारी मिशन क़ी शाखा एटा के मीडिया सहायक अमित कुमार ने बताया कि उत्तर प्रदेश सहित विभिन्न राज्यों एवं शहरों से आए हजारों श्रद्धालुओं में जिला एटा के अनेक क्षेत्रों से भी निरंकारी भक्तों ने सहभागिता कर इस आयोजन को एक विराट आध्यात्मिक पर्व का स्वरूप दिया। समागम स्थल को एक सुव्यवस्थित टेंट नगरी के रूप में विकसित किया गया, जहाँ स्वच्छता, अनुशासन और आध्यात्मिक प्रेम का अद्भुत वातावरण देखने को मिला। श्रद्धालु एक परिवार की भांति आपसी प्रेम, एकत्व, शांति और सद्भावना के साथ एकत्रित हुए। समागम से पूर्व निरंकारी यूथ फोरम (एन.वाई.एफ.) द्वारा खेलकूद एवं सांस्कृतिक कार्यक्रमों का सुंदर आयोजन किया गया। युवाओं ने क्रिकेट, बैडमिंटन, वॉलीबॉल, फुटबॉल आदि खेलों में उत्साहपूर्वक भाग लेकर टीम भावना, अनुशासन और सहयोग जैसे मूल्यों को आत्मसात किया। साथ ही, निरंकारी यूथ सिम्पोजियम (एन.वाई.एस.) के माध्यम से युवाओं को आध्यात्मिक विषयों पर चिंतन एवं अभिव्यक्ति का मंच प्रदान किया गया। समागम के दौरान “छः तत्व” विषय पर आधारित स्किट, गीत एवं पैनल चर्चा के माध्यम से यह संदेश दिया गया कि आध्यात्मिकता केवल विचार नहीं, बल्कि जीवन जीने की एक सार्थक शैली है। गीत, प्रवचन, कविताओं एवं सांस्कृतिक प्रस्तुतियों के माध्यम से श्रद्धालुओं ने अपने भक्ति भाव को व्यक्त किया, जिससे सेवा, प्रेम और मानवीय मूल्यों का संदेश जन-जन तक पहुँचा।
तितली के उदाहरण द्वारा माता ने समझाया कि जैसे तितली परिवर्तन के बाद सुंदर बनती है, वैसे ही मनुष्य को भी अपने जीवन में सकारात्मक परिवर्तन लाकर उसे श्रेष्ठ बनाना चाहिए। उन्होंने प्रेरित किया कि हम बिच्छू की तरह डसने वाले नहीं, बल्कि भलाई करने वाले बनें—हमारे कर्म दिखावे से रहित, सच्चाई और नेकी से भरपूर हों। सच्ची भक्ति और सत्संग से मन की पीड़ा दूर होती है और आत्मा को शांति प्राप्त होती है। जब मनुष्य निराकार को प्राथमिकता देता है, तब वह जीते-जी मुक्ति का अनुभव करता है। सेवा, सुमिरन और सत्संग को जीवन का आधार बताते हुए उन्होंने समर्पण भाव से जीवन जीने की प्रेरणा दी। अंत में निरंकारी मिशन की ओर से प्रशासन एवं सभी विभागों का इस भव्य आयोजन को सफल बनाने में दिए गए सहयोग हेतु हृदय से आभार व्यक्त किया गया।