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यूपी में 5 पीसीएस का तबादला

February 28, 2026

यूपी में 5 पीसीएस का तबादला

लखनऊ: यूपी में 5 अफसरों का तबादला, सभी को विशेष सचिव बनाया गया।
प्रभाकर मिश्रा बने विशेष सचिव, प्राविधिक शिक्षा विभाग में नई नियुक्ति। धर्मेंद्र कुमार पाठक को PWD में विशेष सचिव का पद मिला। रविंद्र प्रताप सिंह पशुधन विभाग के नए विशेष सचिव बने।
धर्मराज को खाद्य एवं रसद विभाग में विशेष सचिव की जिम्मेदारी। देवेंद्र सिंह चौहान बने गृह विभाग के विशेष सचिव।

February 27, 2026

आंगनबाड़ी केन्द्र केवल भवन नहीं, बल्कि भावी पीढ़ियों की बुनियाद : मुख्यमंत्री

  • सभी आंगनबाड़ी केन्द्रों को उनके स्वयं के भवनों में संचालित करने हेतु विस्तृत कार्ययोजना तैयार की जाए
  • आंगनबाड़ी केन्द्रों के लिए प्री-फैब्रिकेटेड मॉडल तैयार कर विस्तृत कार्ययोजना प्रस्तुत की जाए
  • जहाँ भी सम्भव हो, प्राथमिक विद्यालयों के प्रांगण में ही बाल-मित्र आंगनबाड़ी भवनों का निर्माण किया जाए
  • आंगनबाड़ी केन्द्रों के भवन के निर्माण में सी0एस0आर0 का सहयोग लिया जाए, राज्य सरकार आवश्यकतानुसार वित्तीय सहयोग प्रदान करेगी

लखनऊ : 27 फरवरी, 2026 उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ जी ने आज यहां अपने सरकारी आवास पर आहूत एक उच्चस्तरीय बैठक में आंगनबाड़ी केन्द्रों के सम्बन्ध में समीक्षा की। उन्होंने निर्देश दिए कि सभी आंगनबाड़ी केन्द्रों को उनके स्वयं के भवनों में संचालित करने हेतु विस्तृत कार्ययोजना तैयार की जाए। उन्होंने कहा कि आंगनबाड़ी केन्द्रों में 03 से 06 वर्ष आयु के बच्चे आते हैं। यह केन्द्र प्री-प्राइमरी के रूप में भी उपयोगी हैं। ऐसे में बच्चों की सुविधा, पठन-पाठन की उत्कृष्ट व्यवस्था तथा भवनों का आकर्षक स्वरूप सुनिश्चित किया जाना आवश्यक है।
मुख्यमंत्री जी को अवगत कराया गया कि प्रदेश में 1.89 लाख से अधिक आंगनबाड़ी केन्द्र संचालित हैं, जिनमें से लगभग 76 हजार केन्द्र अभी अपने स्वयं के भवनों में नहीं चल रहे हैं। मुख्यमंत्री जी ने कहा कि इन भवनों के निर्माण में कॉरपोरेट-सोशल रिस्पांसिबिलिटी (सी0एस0आर0) का सहयोग लिया जा सकता है और आवश्यकतानुसार राज्य सरकार भी वित्तीय सहयोग प्रदान करेगी।
मुख्यमंत्री जी ने सुझाव दिया कि आंगनबाड़ी केन्द्रों के लिए प्री-फैब्रिकेटेड मॉडल अपनाया जा सकता है। उन्होंने एक मानक मॉडल तैयार कर विस्तृत कार्ययोजना प्रस्तुत करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि जहाँ भी सम्भव हो, प्राथमिक विद्यालयों के प्रांगण में ही बाल-मित्र आंगनबाड़ी भवनों का निर्माण किया जाए, ताकि शिक्षा, पोषण और स्वास्थ्य से संबंधित एकीकृत सेवाएँ एक ही स्थान पर सहजता से उपलब्ध हो सकें।
मुख्यमंत्री जी ने कहा कि बच्चों, गर्भवती माताओं और समुदाय को सुरक्षित, स्वच्छ तथा आधुनिक सुविधाएँ उपलब्ध कराना सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। आंगनबाड़ी केन्द्र केवल भवन नहीं, बल्कि भावी पीढ़ियों की बुनियाद हैं। राज्य सरकार आंगनबाड़ी ढाँचे को पूरी तरह रूपांतरित करने के संकल्प के साथ आगे बढ़ रही है। यह मिशन ‘स्वस्थ बचपन, समर्थ उत्तर प्रदेश’ को नई गति देगा।
बैठक में मुख्यमंत्री जी को अवगत कराया गया कि प्रस्तावित नए आंगनबाड़ी भवनों का मॉडल समावेशी एवं आधुनिक सुविधाओं से युक्त होगा। इसमें पेयजल सुविधा, विद्युत व्यवस्था, शौचालय, खेल-आधारित गतिविधियों हेतु पर्याप्त ‘प्ले एरिया’, किचन शेड, हॉट-कुक्ड मील की व्यवस्था, लो-हाइट वॉश यूनिट, बाल-मित्र शौचालय, गर्भवती महिलाओं के स्वास्थ्य परीक्षण हेतु पृथक कक्ष तथा रेनवॉटर हार्वेस्टिंग सहित पोषण वाटिका जैसी व्यवस्थाएँ शामिल होंगी।

February 26, 2026

ग्रीन हाइड्रोजन तकनीक पर यूपी और जापान में समझौता

  • मुख्यमंत्री ने जापान के यामानाशी प्रान्त में आयोजित ‘उ0प्र0 इन्वेस्टमेण्ट रोड शो’ कार्यक्रम को सम्बोधित किया
  • ग्रीन हाइड्रोजन तकनीक से सम्बन्धित उ0प्र0 और यामानाशी के बीच ऐतिहासिक समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर हुए
  • प्रधानमंत्री जी के नेतृत्व एवं मार्गदर्शन में उ0प्र0 विकास की नई ऊंचाइयों को प्राप्त कर रहा: मुख्यमंत्री
  • Chief Minister addresses’ UP Investment Road Show ‘event in Yamanashi prefecture,
  • Japan Historic MoU signed between UP and Yamanashi on Green Hydrogen technology
  • Uttar Pradesh is scaling new heights of development under the leadership and guidance of the Prime Minister: CM

Posted on 26.02.2026 Time 09.40 PM Thursday, Yamanashi (Japan), UP CM Yogi Adityanath, UP News

यामानाशी/लखनऊ: 26 फरवरी, 2026 मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ जी ने आज जापान के यामानाशी प्रान्त में आयोजित ‘उत्तर प्रदेश इन्वेस्टमेण्ट रोड शो’ कार्यक्रम को सम्बोधित किया। इस अवसर पर उन्होेंने वहां के उद्योगपतियों और निवेशकों को उत्तर प्रदेश में निवेश करने के लिए आमंत्रित किया। उन्होंने कहा कि भारत के प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी के नेतृत्व एवं मार्गदर्शन में उत्तर प्रदेश विकास की नई ऊंचाइयों को प्राप्त कर रहा है। हमने उत्तर प्रदेश की नीतियों को रिएक्टिव के स्थान पर प्रोएक्टिव बनाया है। परिणामस्वरूप, विगत 09 वर्षों में प्रदेश की प्रति व्यक्ति आय तथा अर्थव्यवस्था को तीन गुना करने में सफलता प्राप्त हुई है।
मुख्यमंत्री जी ने कहा उत्तर प्रदेश भारत में सर्वाधिक आबादी वाला राज्य है, जहां 25 करोड़ आबादी निवास करती है। जिस प्रकार प्रकृति की असीम कृपा जापान के यामानाशी प्रान्त पर है, इसी प्रकार उत्तर प्रदेश पर भी है। प्रदेश में भारत की सबसे उर्वरा भूमि तथा सर्वाधिक समृद्ध जल संसाधन है। उत्तर प्रदेश आध्यात्मिक और सांस्कृतिक विरासत की भूमि भी है।
मुख्यमंत्री जी ने कहा कि उत्तर प्रदेश ने स्वयं को प्रत्येक क्षेत्र में भारत की सबसे तेज अर्थव्यवस्था वाले राज्य के रूप में स्थापित किया है। यह जितना बड़ा राज्य है, इसमें जितनी सम्भावनाएं हैं, उतनी ही चुनौतियां भी सामने आती हैं। उन चुनौतियों से सफलतापूर्वक निपटने की दिशा में हम लोग एक बड़े डेलीगेशन के साथ जापान की यात्रा पर आए हैं। दिसम्बर, 2024 में यामानाशी के राज्यपाल उत्तर प्रदेश की यात्रा पर आए थे। उस समय उन्होंने जो बातें हमारे सामने रखी थी, लगातार उसका फॉलो-अप किया, इसके दृष्टिगत पत्र भेजे। उस पहल को आगे बढ़ाने के लिए उन्होंने यहां के उपराज्यपाल को उत्तर प्रदेश की यात्रा पर भेजा।


मुख्यमंत्री जी ने कहा कि उत्तर प्रदेश का एक उच्च स्तरीय बिजनेस डेलीगेशन यहां की यात्रा पर आया था। डेलीगेशन ने वस्तुस्थिति का अवलोकन करने के पश्चात  उस सम्बन्ध में पूरी रिपोर्ट हम सबके सामने प्रस्तुत की थी। परिणामस्वरूप, यामानाशी के राज्यपाल के आमन्त्रण पर हम सभी ने आज यहां पहुंचकर वस्तुस्थिति का अवलोकन किया। ग्रीन हाइड्रोजन के प्रोडक्शन प्रोसेस को देखा। इस तकनीक के बारे में उत्तर प्रदेश और यामानाशी के बीच ऐतिहासिक समझौता ज्ञापन पर भी हस्ताक्षर हुए हैं। उत्तर प्रदेश के उच्च तकनीकी संस्थान के विद्यार्थी यहां पर इस तकनीक का प्रशिक्षण प्राप्त करेंगे। प्रशिक्षण के उपरान्त उत्तर प्रदेश की इण्डस्ट्री, पब्लिक ट्रान्सपोर्ट, ऊर्जा आदि क्षेत्रों में आत्मनिर्भरता को आगे बढ़ाने में इस तकनीक का सफलतापूर्वक उपयोग कर पाएंगे। यह तकनीक प्रधानमंत्री जी के मार्गदर्शन में नेट जीरो के लक्ष्य को प्राप्त करने में महत्वपूर्ण पहल हो सकती है।
मुख्यमंत्री जी ने कहा कि कल हमने टोक्यो में अनेक जी-टू-बी मीटिंग्स की। भारत के राजदूत ने भी जी-टू-जी स्तर पर अनेक बैठकों का आयोजन कराया। अनेक बिजनेस डेलीगेशन के साथ हमारी मुलाकात हुई। यामानाशी के राज्यपाल ने भी अनेक जी-टू-बी और जी-टू-जी स्तर की बैठकों का आयोजन किया है। तिथि का महत्व होता है। आज का दिन अत्यन्त महत्वपूर्ण है। आज 26 फरवरी की तिथि और वर्ष का दूसरा महीना है। यदि आप इन दोनों को जोड़ कर देखेंगे, तो आठ का अंक प्राप्त होता है। यह दोनों चीजें दिखाती है कि हमारी पहल सकारात्मक दिशा में आगे बढ़ रही है।
मुख्यमंत्री जी ने कहा कि उत्तर प्रदेश और यामानाशी प्रान्त भारत और जापान के सम्बन्धों को नई ऊंचाई तक पहुंचाएंगे। इस कार्यक्रम के उपरान्त हमारे डेलीगेशन को यहां की सेमी स्पीड ट्रेन की राइडिंग का अवसर प्राप्त होगा। इस ट्रेन की गति 500 से 600 किलोमीटर प्रति घण्टा है। हमें यहां के रोबोटिक सेंटर को भी देखने का अवसर प्राप्त होगा। रोबोटिक्स आज की इमर्जिंग टेक्नोलॉजी है। इस वर्ष उत्तर प्रदेश सरकार ने अपने बजट में रोबोटिक्स के सेण्टर ऑफ एक्सीलेंस के लिए धनराशि की व्यवस्था की है। इस दिशा में हम तेजी के साथ आगे बढ़ेंगे। हमें यहां एग्रो ग्रीन से जुड़े अन्य प्रोजेक्ट्स को भी देखने का अवसर प्राप्त होगा।
मुख्यमंत्री जी ने विश्वास व्यक्त किया कि जापान को विकसित जापान बनाने की पहल, न केवल जापान की दृष्टि से, बल्कि विश्व मानवता के कल्याण की दृष्टि से महत्वपूर्ण साबित हो सकती है। यह पहल ऊर्जा में आत्मनिर्भरता के लक्ष्य को प्राप्त करने और इस तकनीक को सर्वसामान्य तक पहुंचाने के अभियान में महत्वपूर्ण भूमिका का निर्वहन कर सकती है।
इस अवसर पर यामानाशी प्रान्त के राज्यपाल श्री कोटारो नागासाकी, उप राज्यपाल श्री जुनिची इशिदेरा, उत्तर प्रदेश के वित्त मंत्री श्री सुरेश कुमार खन्ना, औद्योगिक विकास मंत्री श्री नन्द गोपाल गुप्ता ‘नन्दी’, जापान में भारत की राजदूत सुश्री नगमा एम0 मलिक सहित जापान के उद्योग जगत के प्रतिनिधि उपस्थित रहे।

#UP Breaking

UP, Japan sign pact on green hydrogen technology

नरसी का भात प्रसंग सुन श्रोताओं के नेत्र हुए अश्रुपूरित

बाबा भोलेनाथ मेरी नैया तो उबारो…
( संजीव गुप्ता द्वारा )
श्रीरामकथा के तीसरे दिन मुमुक्षु आश्रम परिसर उस वक़्त भक्ति, संवेदना और आध्यात्मिक ऊष्मा से आलोकित हो उठा, जब कथाव्यास संत विजय कौशल जी महाराज ने ‘नरसी का भात’ प्रसंग का हृदयस्पर्शी वर्णन किया। उनके मधुर और भावपूर्ण कथन ने श्रोताओं को ऐसी भावावस्था में पहुँचा दिया कि अनेक लोग अश्रुपूरित नेत्रों से कथा का रसास्वादन करते रहे। कथाव्यास ने सुनाया कि कृष्णभक्त नरसी मेहता अत्यंत दरिद्र थे और अपनी बेटी नानीबाई का भात भरने में असमर्थ थे। नानीबाई के ससुराल वालों ने व्यंग्य में बहुत लंबी सूची (मायरा) भेजी थी। जब उनकी पुत्री के ससुराल पक्ष में ‘भात’ (एक पारंपरिक सामाजिक रीति) देने का अवसर आया, तब समाज के सामने उनकी गरीबी उपहास का कारण बन गई। लोग ताने कसने लगे कि निर्धन नरसी अपनी पुत्री की लाज कैसे रख पाएंगे। संत विजय कौशल जी ने उस दृश्य का ऐसा जीवंत चित्र खींचा कि श्रोता मानो उसी युग में पहुँच गए। उन्होंने भावपूर्ण स्वर में कहा कि जब संसार साथ छोड़ देता है, तब सच्चा भक्त अपने आराध्य के चरणों में सिर रख देता है। नरसी ने भी यही किया। उन्होंने पूरी निष्ठा से भगवान श्रीकृष्ण का स्मरण किया। नरसी की अटूट भक्ति से विवश होकर श्री कृष्ण स्वयं एक धनी सेठ के रूप में आए और अद्भुत मायरा भरा। भगवान कृष्ण के द्वारा साक्षात उपस्थित होकर नगरवासियों के सामने नरसी की लाज रखने का पूरा प्रसंग सुनकर श्रोतागण भावविभोर हो गए।
इसके आगे कथा व्यास ने देवर्षि नारद एवं भगवान विष्णु की कथा का प्रसंग सुनाया। नारद की कठिन तपस्या से भयभीत होकर इंद्रदेव ने कामदेव को उनकी तपस्या भंग करने के लिए भेजा। कामदेव तमाम प्रयासों के बावजूद भी उनकी तपस्या नहीं भंग कर पाए और अंतत: उन्होंने नारद से क्षमा मांगी। नारद को यह अहंकार उत्पन्न हो गया कि उन्होंने कामदेव को जीत लिया है एवं वे इस अहंकार का प्रदर्शन भगवान शिव के समक्ष करने लगे। इस पर भगवान शिव ने विष्णु से नारद का अहंकार तोड़ने का अनुरोध किया। भगवान विष्णु ने नारद के मार्ग में एक सुंदर नगर बसाया। वहां के राजा की सुंदर कन्या विश्वमोहिनी के स्वयंवर में जब नारद पहुंचे तो वे उसका सौंदर्य देखकर मोहित हो उठे एवं उन्होंने भगवान विष्णु का आह्वान किया। भगवान विष्णु ने उन्हें वानर का रूप दे दिया। स्वयंवर में अंतत: विश्वमोहिनी ने भगवान विष्णु को वरमाला पहनाई। सरोवर में अपना मुख देखकर नारद ने क्रोधित होकर भगवान विष्णु को श्राप दिया कि जिस प्रकार मैंने नारी का वियोग सहन किया है, उसी तरह आपको भी पत्नी का वियोग सहना करना पड़ेगा। कालांतर में भगवान विष्णु ने प्रभु श्रीराम के रूप में पृथ्वी पर अवतार लिया और नारद के श्राप के कारण ही उन्हें माता सीता का वियोग सहना पड़ा। कथा के अंत में “बाबा भोलेनाथ मेरी नैया तो उबारो..” भजन पर भक्त आह्लादित होकर नृत्य करने लगे।
*पूजन, आरती एवं प्रसाद वितरण*
तीसरे दिन के मुख्य यजमान डॉ के. के. शुक्ला एवं श्रीमती मधुरानी शुक्ला थे। कथा का समापन प्रभु श्रीराम की आरती से हुआ। प्रसाद वितरण श्री कमलेश त्रिवेदी एवं श्रीमती मधुलिका त्रिवेदी की तरफ से हुआ।

*ये रहे उपस्थित*
इस अवसर पर मुमुक्षु शिक्षा संकुल के मुख्य अधिष्ठाता स्वामी चिन्मयानंद सरस्वती, महामंडलेश्वर स्वामी हरिहरानंद, अनंत श्री स्वामी सर्वेश्वरानंद, अनंत श्री स्वामी अभेदानन्द, स्वामी गंगेश्वरानंद, श्री राजीव कृष्ण अग्रवाल, श्री ए बी सिंह, श्री अशोक अग्रवाल, रुद्रपुर से श्री विष्णु बंसल एवं श्री राजेन्द्र गोयल, श्री वेद प्रकाश गुप्ता, श्री रामचंद्र सिंघल, डॉ अमीर सिंह यादव, प्रबंध समिति के सचिव प्रो अवनीश मिश्र, प्राचार्य प्रो आर के आजाद, उपप्राचार्य प्रो अनुराग अग्रवाल, श्री हरीश चंद्र श्रीवास्तव, मेजर अनिल मालवीय, प्रो देवेंद्र सिंह, डॉ आदर्श पांडेय, डॉ रमेश चंद्रा, डॉ प्रतिभा सक्सेना, डॉ पवन गुप्ता, शिवओम शर्मा सहित भक्तों की भारी भीड़ उपस्थित रही।

February 25, 2026

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने जापान में भारतीय मूल के लोगों को सम्बोधित किया

  • जापान ‘Land of Sun’ और भारत ‘Son of Sun’ : मुख्यमंत्री
  • हम लोगों को मिलकर प्रधानमंत्री जी के ‘एक भारत-श्रेष्ठ भारत’, ‘आत्मनिर्भर और विकसित भारत’ के संकल्प को आगे बढ़ाने में अपना योगदान देना होगा
  • उ0प्र0 में सेमीकण्डक्टर, डेटा सेण्टर, लॉजिस्टिक्स पार्क, बड़े-बड़े एयरपोर्ट बन रहे
  • मुख्यमंत्री ने जापान में रह रहे भारतीय मूल के लोगों को होली की शुभकामनाएं दीं
लखनऊ : 25 फरवरी, 2026 उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ जी ने कहा कि जापान ‘Land of Sun’ और भारत ‘Son of Sun’ है। इस प्रकार भारत और जापान एक-दूसरे को जोड़ते हैं। हम यहां दो दर्जन से अधिक डेलीगेशन से मिले हैं, जिनमें राजनेता, मंत्री, गवर्नर व उद्योगपति शामिल थे। सभी लोग भारत और उत्तर प्रदेश की तारीफ कर रहे थे। हर डेलीगेशन बहुत सकारात्मक भाव के साथ भारत में निवेश करने को इच्छुक है। उन्हें उत्तर प्रदेश में ‘ट्रस्ट, टेक्नोलॉजी एण्ड ट्रांसफॉर्मेशन’ की त्रिवेणी देखने को मिल रही है। यह चीजें दिखाती हैं कि हमारी दिशा एकदम सही है। हमें अपनी स्पीड को और बढ़ाना होगा। उस स्पीड को निरन्तरता देने के लिए हमें आपके सकारात्मक सहयोग की भी अपेक्षा रहेगी।
मुख्यमंत्री जी आज टोक्यो, जापान में भारतीय मूल के लोगों के साथ ‘संवाद कार्यक्रम’ को सम्बोधित कर रहे थे। इस अवसर पर मुख्यमंत्री जी ने जापान में रह रहे भारतीय मूल के लोगों को होली की शुभकामनाएं दीं। उन्होंने बेटियों द्वारा प्रस्तुत सांस्कृतिक कार्यक्रम की सराहना भी की। सांस्कृतिक कार्यक्रम में काशी के शास्त्रीय संगीत व उत्तराखण्ड के जागर का प्रस्तुतिकरण किया गया।
मुख्यमंत्री जी ने कहा कि इस समय दुनिया के अंदर आर्थिक क्षेत्र में काफी उथल-पुथल मची हुई है, जो बहुत दिनों तक नहीं रहेगी। धैर्य के साथ पूरी दुनिया इसे देख रही है। हम लोगों को भी इन स्थितियों में जिस देश में रह रहे हैं, वहां का संबल बनना होगा, लेकिन साथ-साथ अपने देश के बारे में भी सोचना है और उसे आगे बढ़ाने में अपना योगदान देना है।

जापान में भारतीय मूल के लगभग 55 हजार लोग रहते हैं। हमें अलग-अलग समूह बनाने के बजाय यहां की सरकार के साथ मिलकर जापान के विकास में योगदान देने के साथ-साथ भारत के विकास कार्यक्रमों को मजबूती से आगे बढ़ाना होगा। यद्यपि हमारे प्रवासी भारतीय इन कार्यक्रमों को आगे बढ़ा रहे हैं। हम लोगों को मिलकर इन विकास कार्यक्रमों को और मजबूती देनी होगी और प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी के ‘एक भारत-श्रेष्ठ भारत’, ‘आत्मनिर्भर और विकसित भारत’ के संकल्प को आगे बढ़ाने में अपना योगदान देना होगा।
मुख्यमंत्री जी ने कहा कि दुनिया में जब भी भारतीय मूल के लोगों या किसी देश पर कोई संकट आता है, तो भारत द्वारा सहायता पहुंचती है। प्रधानमंत्री जी स्वयं फ्रण्ट फुट पर रहकर अपने लोगों को वहां से सुरक्षित निकालने में योगदान देते हैं। भारत कभी भी अपने नागरिकों के हितों, उनकी सुरक्षा में सेंध नहीं लगाने देता, हमेशा उनके साथ खड़ा रहता है। भारतीय मूल के लोगों को अपने देश की उन्नति और समृद्धि के लिए अपना योगदान देना चाहिए। ‘सर्वे भवन्तु सुखिनः सर्वे सन्तु निरामया’ के भाव के साथ हमें कार्य करना चाहिए।

मुख्यमंत्री जी ने कहा कि भगवान श्रीराम सूर्यवंश परम्परा में पैदा हुए थे। महात्मा बुद्ध ने भी उसी कड़ी को आगे बढ़ाया। अलग-अलग समय में अवतारों ने अपनी भूमिका का निर्वहन करते हुए उस समय की मानवता का मार्ग प्रशस्त किया। यह सभी अवतार मानव जाति के विकास की क्रमिक यात्रा का प्रतिनिधित्व और उसके मार्ग प्रदाता रहे हैं।
भारतीय सनातन धर्म परम्परा ने धर्म को केवल उपासना विधि से ही नहीं जोड़ा है, बल्कि कर्तव्यों के साथ भी जोड़ा है। सनातन परम्परा को जीवन पद्धति के रूप में अंगीकार किया है। इसको ‘वे ऑफ लाइफ’ माना गया है, जो आपको नैतिक मूल्यों के साथ आगे बढ़ने, अपने से बड़ों के प्रति और धरती के प्रति कृतज्ञता ज्ञापित करने की प्रेरणा प्रदान करती है। हम सभी अपने कर्तव्यों का पालन करें। यही हमारा धर्म है और भारतीय जहां भी रहते हैं, वह अपने धर्म का पालन करते हैं।
मुख्यमंत्री जी ने कहा कि भारत से हजारों किलोमीटर दूर जापान में भारतीय मूल के रह रहे लोग यहां के विकास में योगदान दे रहे हैं। आप सभी ने अपनी आध्यात्मिक व सांस्कृतिक विरासत को संजो कर रखा है। विभिन्न पर्व और त्योहारों में आप सभी की एकजुटता इस बात को प्रदर्शित करती है। प्रधानमंत्री जी की प्रेरणा से विगत 24 जनवरी को यहां भी ‘उत्तर प्रदेश स्थापना दिवस’ मनाया गया। इस प्रकार के क्षण हमें अपने राज्य व राष्ट्र के प्रति अपने दायित्वों व नये संकल्पों के निर्वहन का अवसर प्रदान करते हैं। पर्व और त्योहार इन्हीं संकल्पों के प्रतीक हैं।
उत्तर प्रदेश में हमारी सरकार ने दीपोत्सव, देव दीपावली व रंगोत्सव के भव्य कार्यक्रम शुरू किए। दीपोत्सव कार्यक्रम के आरम्भ वर्ष में हमने प्रदेशभर से 51,000 दीपक इकट्ठे किए थे और आज हम अयोध्या में बने 25 से 30 लाख दीपक वहां एक साथ प्रज्ज्वलित करते हैं। आज बरसाना, मथुरा में लोगों ने लठ्ठमार होली खेली। कल बरसाना में 05 लाख लोग थे और आज नंद गांव में उससे भी ज्यादा भीड़ है। लोगों में उत्साह व उमंग है। जीवन की इस आपाधापी में कुछ समय अपने मूल्यों, आदर्शों के साथ बिना किसी भय, तनाव से मुक्त होकर व्यक्ति जी सके, यही जीने का आनन्द है। डर की वजह से व्यक्ति कब तक जिएगा, उसे बेहतर वातावरण प्रदान करना लोकप्रिय सरकार का धर्म है और हमारी सरकार ने अपने इस धर्म का निर्वहन किया है।
मुख्यमंत्री जी ने कहा कि आज लोगों में विकास की स्वस्थ प्रतिस्पर्धा आगे बढ़ी है। विकास और उन्नति का भाव लोगों के मन में एक नया आकर्षण पैदा कर रहा है। प्रयागराज महाकुम्भ-2025 में 66 करोड़ से अधिक श्रद्धालु आए थे। दुनिया के कई देशों की तो इतनी आबादी भी नहीं है। वर्षभर में उत्तर प्रदेश में 156 करोड़ टूरिस्ट विभिन्न तीर्थ स्थलों व पर्यटन स्थलों पर आए हैं। प्रदेश सरकार ने इन स्थलों के विकास के लिए कार्ययोजना बनायी है, ताकि हम अपनी विरासत पर गौरव की अनुभूति कर सकें, क्योंकि विरासत पर गौरव की अनुभूति करके ही कोई समाज आगे बढ़ सकता है। विरासत पर गौरव की अनुभूति ही कृतज्ञता का ज्ञापन है।
हम भारतीयों के मन में सदैव अपनी मातृभूमि के प्रति कृतज्ञता का भाव रहता है। ‘कृते च प्रति कर्तव्यं एष धर्मः सनातनः’ अर्थात किए गए उपकार के बदले में उपकार करना ही सनातन धर्म है। इस प्रेरणा से ओतप्रोत होकर जब हम कार्य करते हैं, तो यह कर्तव्यबोध हम सभी भारतीयों को जीवन के हर क्षेत्र में एक नई ऊंचाई प्रदान करता है। दुनिया में भारतीयों ने विभिन्न क्षेत्रों में अच्छी प्रगति की है। कुछ नया करके दिखाया है। लोगों के लिए एक नई प्रेरणा प्रदान की है।

मुख्यमंत्री जी ने कहा कि आज भारत प्रधानमंत्री जी के नेतृत्व में विकास की नई ऊंचाईयां प्राप्त कर रहा है। देश व दुनिया को एक ‘नये भारत’ के दर्शन हो रहे हैं। हम ‘विकसित भारत की संकल्पना’ को साकार होते देख रहे हैं। हमारी पीढ़ी इस बात पर गौरव की अनुभूति कर सकती है कि हमने अपनी विरासत को प्रभावी ढंग से आगे बढ़ाया और विकसित भारत के सभी आयामों को छूने का प्रयास किया है। आज भारत हर क्षेत्र में प्रगति कर रहा है। समग्र विकास के साथ अच्छा इंफ्रास्ट्रक्चर विकसित हो रहा है। अच्छी कनेक्टिविटी के साथ सुरक्षा का बेहतरीन वातावरण है। उत्तर प्रदेश में भारत की सर्वाधिक आबादी निवास करती है। उत्तर प्रदेश ने भी विकास के नए आयाम छूने के कार्य किए हैं। अब आप लोगों को उत्तर प्रदेश से कर्फ्यू, दंगों, उपद्रव के समाचार नहीं, बल्कि उत्सव के समाचार आते होंगे।
मुख्यमंत्री जी ने कहा कि उत्तर प्रदेश में सेमीकण्डक्टर, डेटा सेण्टर, लॉजिस्टिक्स पार्क, बड़े-बड़े एयरपोर्ट बन रहे हैं। दुनिया के निवेशक भारत के सामर्थ्य व सम्भावनाओं को समझ रहे हैं और इसकी सराहना भी कर रहे हैं। हम देश के हित व विकास तथा मानवता के कल्याण के लिए भरसक प्रयास कर रहे हैं। हमारी ताकत दुनिया को मैत्री और करुणा के पथ पर अग्रसर करने के लिए है। किसी को डराने या किसी पर जबरन शासन करने के लिए नहीं। भगवान श्रीराम ने हम सबको यही प्रेरणा दी है कि ‘अपि स्वर्णमयी लंका न मे लक्ष्मण रोचते, जननी जन्मभूमिश्च स्वर्गादपि गरीयसी’। प्रधानमंत्री जी के आह्वान पर हम सबको मिलकर ‘विकसित भारत’ बनाने की दिशा में कार्य करना होगा।
इस अवसर पर उत्तर प्रदेश के वित्त एवं संसदीय कार्य मंत्री  सुरेश कुमार खन्ना, औद्योगिक विकास मंत्री  नन्द गोपाल गुप्ता ‘नन्दी’, जापान में भारत की राजदूत सुश्री नगमा एम0 मलिक, सलाहकार मुख्यमंत्री  अवनीश कुमार अवस्थी, अपर मुख्य सचिव वित्त दीपक कुमार, सचिव मुख्यमंत्री अमित सिंह तथा भारतीय मूल के गणमान्य व्यक्ति उपस्थित थे।
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