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प्रेमिका के विछोह में बहन पर चाकू के 80 वार

March 8, 2026

प्रेमिका के विछोह में बहन पर चाकू के 80 वार

गर्लफ्रेंड से ब्रेकअप से अवसादग्रस्त इंजीनियर भाई ने जुड़वा बहन की कर दी बेदर्दी से हत्या(Murder)

-बहन का कसूर यह कि वह भाई को युवती को लेकर लगातार समझातीं। होली पर मुरादाबाद आए युवक को बहन की सलाह नागवार गुजरी
-उसे घर की रसोई में रखे चाकू से उसे गोदा

मुरादाबाद। (उप्र समाचार सेवा)।
मझोला में सगी बहन को ताबड़तोड़ चाकू से गोदने वाले कलयुगी भाई हर्षित को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया। आरोपी ने हत्या की बात स्वीकार की है। माना जा रहा है कि पुणे में एक युवती के प्रेम में ब्रेकअप के बाद अवसादग्रस्त हो गया। सगी बहन का कसूर यह कि वह युवती को लेकर भाई को समझातीं। पर शुक्रवार को समझाने को लेकर आक्रामक हुए इंजीनियर भाई हार्दिक ने बहन हिमशिखा को घर में रखे चाकू से ही बुरी तरह गोद दिया। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में महिला के शरीर में अस्सी से ज्यादा जख्म उभरे है।चाकू से किडनी समेत पूरा शरीर छलनी हो गया। हत्या के बाद हार्दिक ने अपनी मां नीलिमा पर जानलेवा हमला किया। हालांकि पड़ोसियों के आने से मां की जान बच गई।
मुरादाबाद में सनसनीखेज मामला शुक्रवार को दिल्ली रोड पर बुद्धि विहार का है। सेक्टर दो में रहने वाली नीलिमा दिल्ली रोड पर एक निजी बीमा कंपनी में असिस्टेंट ब्रांच मैनेजर है।बेटी हिमशिखा गुरुग्राम में एक आई टी कंपनी में असिस्टेंट मैनेजर है। वह इंजीनियर भाई यूट्यूबर हार्दिक के साथ गुरुग्राम में रह रही। हार्दिक ने इंस्टाग्राम पर आईडी बनाईं हुईं हैं। तेरह हजार फालोअर है।
घटना से पहले होली पर दोनों भाई बहन घर आए थे। हार्दिक के व्यवहार में बदलाव था। वजह हार्दिक पुणे की एक युवती के संपर्क में था। बताते है कि कुछ महीने पहले गर्लफ्रेंड से ब्रेकअप से हार्दिक चिड़चिड़ा रहने लगा। बहन उसे लगातार समझातीं। पर उसके समझाने को लेकर वह बहन से झगड़ने लगा। मुरादाबाद में भी घर पर समझने समझाने को लेकर विवाद हुआ। शुक्रवार को जब ये लोग गुरुग्राम जाने की तैयारी में थे तभी बहन ने समझाया तो हार्दिक अपना आपा खो बैठा। अवसादग्रस्त इंजीनियर भाई ने घर की रसोई में रखे चाकू से बहन को चाकू से गोद डाला।
शनिवार की पोस्टमार्टम रिपोर्ट में शरीर पर 80 से ज्यादा घाव है। उसका शरीर बुरी तरह छलनी हो गया। परिवार मूलरूप से बदायूं का रहने वाला है।
एसपी सिटी कुमार रणविजय सिंह ने कहा कि मझोला प्रभारी समेत टीम ने आरोपी को नया मुरादाबाद से गिरफ्तार कर लिया। बाद में कोर्ट में पेश कर जेल भेज दिया गया।

*पूछताछ में कबूला जुर्म*
गिरफ्तार आरोपी ने पूछताछ में बताया कि वह और उसकी बहन जुड़वा थे। दोनों गुडगांव में रहते थे। बहन एक कंपनी में नौकरी करते हुए एमबीए की पढ़ाई कर रही थी। अभियुक्त का एक वर्ष पहले इंस्टाग्राम पर एक लड़की से संबंध करीब 7 माह पहले टूटने से वह अवसाद में रहने लगा।
अभियुक्त के अनुसार उसकी माँ व बहन उसे लड़की को लेकर समझाती। इससे वह बहन पर अक्सर आक्रामक हो जाता । होली पर सभी मुरादाबाद घर आए हुए। छह मार्च को बहन के समझाने पर आरोपी आक्रामक हो गया। रसोई से चाकू लाकर बहन पर ताबड़तोड़ वार किए। जिससे बहन की मौत हो गई। इस दौरान मां ने बचाने की कोशिश की तो उस पर भी खून से सने चाकू से वार किए। शोर-शराबा सुनकर मुहल्ले के लोगों के आने से आरोपी फरार हो गया।

*मामा ने दीं हिमशिखा को मुखाग्नि*
बहन की नृशंस तरीके से हत्या के बाद मां पर भी जानलेवा हमला किया। महिला नीलिमा को घायल हालत में अस्पताल में भर्ती कराया गया है। इस बीच हिमशिखा की हत्या के बाद पोस्टमार्टम हुआ। शव को बदायूं से आए रिश्तेदारों को सौंप दिया गया। मामा दीपू ने हिमशिखा का अंतिम संस्कार किया।

March 7, 2026

रारह गांव में परंपरागत हुरंगे का आयोजन, छड़ी मार होली में उमड़ा उत्साह

मथुरा। मथुरा – भरतपुर बॉर्डर के पास स्थित ग्राम रारह में परंपरागत हुरंगे का भव्य आयोजन किया गया। वर्षों से चली आ रही इस परंपरा के अनुसार होली के अंतिम दिनों में गांव में जोरदार हुरंगे का आयोजन किया जाता है, जिसमें ग्रामीण बड़ी संख्या में भाग लेते हैं।
कार्यक्रम के दौरान विशेष छड़ी मार होली का आयोजन किया गया, जिसमें महिलाओं और पुरुषों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। परंपरा के अनुसार महिलाएं रंग और प्रेम का प्रतीक मानकर छड़ी के रूप में पुरुषों पर हल्की प्रहार करती हैं, जो आपसी प्रेम, सौहार्द और रंगोत्सव का संदेश देता है। इस अनोखी परंपरा को देखने के लिए आसपास के क्षेत्रों से भी लोग बड़ी संख्या में पहुंचे।
ग्रामीणों का कहना है कि रारह गांव में यह परंपरा वर्षों से चली आ रही है और हर वर्ष हजारों की संख्या में लोग इसमें भाग लेकर होली के उत्सव को खास बनाते हैं।
कार्यक्रम का आयोजन रारह गांव की पंचायत द्वारा किया गया। इस अवसर पर खिलना कुंतल, घनश्याम कुंतल, कुलदीप कुंतल, घुरे कुंतल, ऋतिक कुंतल, ऋषि कुंतल, दिनेश कुंतल सहित अनेक ग्रामीण मौजूद रहे।

अन्तर्राष्ट्रीय महिला दिवस के अवसर पर न्यायालय परिसर में सम्मान समारोह आयोजित

Hari Om Gupta

गाजियाबाद 7 मार्च। अन्तर्राष्ट्रीय महिला दिवस के अवसर पर जनपद न्यायालय परिसर में मा0 जनपद न्यायाधीश श्री विनोद सिंह रावत की अध्यक्षता व जिलाधिकारी श्री रविन्द्र कुमार मॉंदड़, सीडीओ श्री अभिनव गोपाल सहित अन्य गणमान्य अतिथियों की गरिमामयी उपस्थिति में महिला सम्मान समारोह कार्यक्रम आयोजित किया गया। मा0अति​थिगणों को पौधा भेंट कर स्वागत किया गया। मा0 जनपद न्यायाधीश श्री विनोद सिंह रावत सहित अन्य गणमान्य अतिथियों ने दीप प्रज्जवलित कर कार्यक्रम का शुभारम्भ किया। कार्यक्रम के दौरान प्रदर्शनी एवं विभागों द्वारा स्टॉल भी लगाये गये, जिसका अतिथिगणों द्वारा अवलोकन किया गया। इसमें आगुन्तकों को सरकार द्वारा संचालित योजनाओं की जानकारी उपलब्ध कराई गयी और आवेदन भी कराये गये। कार्यक्रम में सैकड़ों की संख्या में गणमान्य उपस्थित रहे।

नारी शक्ति: समानता, सम्मान और स्वावलंबन से सशक्त राष्ट्र का आधार

फिरोजाबाद। राज्य महिला आयोग की सदस्या रेनू गौड़ ने कहा कि 8 मार्च को विश्व भर में अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस के रूप में मनाया जाता है। यह दिवस केवल उत्सव का अवसर नहीं, बल्कि समाज में महिलाओं के योगदान, अधिकारों, सम्मान और उनके सशक्तिकरण के संकल्प को पुनः स्मरण करने का महत्वपूर्ण अवसर है।

भारतीय संस्कृति में नारी को सदैव शक्ति, करुणा और सृजन का प्रतीक माना गया है। वह परिवार की आधारशिला होने के साथ-साथ समाज और राष्ट्र के निर्माण में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है। एक माँ के रूप में वह पीढ़ियों को संस्कार देती है, एक शिक्षिका के रूप में ज्ञान का प्रकाश फैलाती है और एक कर्मशील नागरिक के रूप में राष्ट्र के विकास में अपना अमूल्य योगदान देती है।

आज के परिवर्तित समय में महिलाएँ शिक्षा, विज्ञान, प्रशासन, राजनीति, खेल, उद्यमिता और सामाजिक सेवा जैसे प्रत्येक क्षेत्र में अपनी प्रतिभा का परिचय दे रही हैं। यह परिवर्तन केवल महिलाओं की प्रगति नहीं, बल्कि पूरे समाज के विकास का प्रतीक है। जब महिलाएँ सशक्त होती हैं, तब परिवार सशक्त होता है और जब परिवार सशक्त होता है, तब राष्ट्र प्रगति के मार्ग पर अग्रसर होता है।

फिर भी हमें यह स्वीकार करना होगा कि समाज के कुछ हिस्सों में अभी भी महिलाओं को समान अवसर, सुरक्षा और सम्मान प्राप्त करने के लिए संघर्ष करना पड़ता है। बाल विवाह, लैंगिक भेदभाव, शिक्षा से वंचित होना तथा आर्थिक निर्भरता जैसी चुनौतियाँ आज भी अनेक महिलाओं के सामने उपस्थित हैं। इन चुनौतियों का समाधान केवल कानूनों से ही नहीं, बल्कि समाज की सामूहिक सोच और संवेदनशीलता से संभव है।

महिला सशक्तिकरण का वास्तविक अर्थ केवल अधिकार प्रदान करना नहीं, बल्कि महिलाओं को शिक्षा, आत्मनिर्भरता और निर्णय लेने की क्षमता से सशक्त बनाना है। जब समाज महिलाओं को समान अवसर, सम्मान और सुरक्षा प्रदान करता है, तब वे अपनी क्षमता का पूर्ण विकास कर राष्ट्र निर्माण में और अधिक प्रभावी भूमिका निभाती हैं।

इस अवसर पर हम सभी का दायित्व है कि हम नारी सम्मान, सुरक्षा और स्वावलंबन को सुनिश्चित करने के लिए संकल्पित हों। परिवार, समाज और शासन—तीनों स्तरों पर समन्वित प्रयासों से ही एक ऐसा वातावरण निर्मित किया जा सकता है, जहाँ प्रत्येक महिला निर्भीक, आत्मविश्वासी और स्वाभिमानी जीवन जी सके।

अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस हमें यह स्मरण कराता है कि *नारी केवल समाज का एक अंग नहीं, बल्कि उसकी सबसे सशक्त प्रेरणा है।* आइए, इस अवसर पर हम सभी मिलकर ऐसा समाज बनाने का संकल्प लें, जहाँ प्रत्येक महिला को समान अवसर, सम्मान और सुरक्षा प्राप्त हो तथा वह अपने सपनों को साकार कर सके।

*नारी का सम्मान ही राष्ट्र का सम्मान है।*

गोरखपुर की इशिता शर्मा बनीं IAS, चौथे प्रयास में हासिल की 26वीं रैंक*

Santosh Kumar Singh
Gorakhpur
07/03/2026

लगन, मेहनत और बड़े भाई के मार्गदर्शन को दिया सफलता का श्रेय, शिक्षा में सुधार का संकल्प*

गोरखपुर।जनपद के होनहारों ने एक बार फिर संघ लोक सेवा आयोग (UPSC) की परीक्षा में अपनी प्रतिभा का परचम लहराया है। जनपद के राप्तीनगर की रहने वाली इशिता शर्मा ने यूपीएससी परीक्षा में 26वीं रैंक हासिल कर आईएएस बनकर न सिर्फ अपने परिवार बल्कि पूरे जिले और प्रदेश का नाम रोशन किया है।
इशिता शर्मा ने चौथे प्रयास में यह बड़ी सफलता प्राप्त की। इससे पहले अपने तीसरे प्रयास में वह साक्षात्कार (इंटरव्यू) तक पहुंची थीं, लेकिन अंतिम सूची में स्थान नहीं बना सकीं। लगातार मेहनत और दृढ़ संकल्प के साथ उन्होंने प्रयास जारी रखा और आखिरकार चौथे प्रयास में 26वीं रैंक हासिल कर आईएएस बनने का सपना साकार कर लिया।
इशिता ने दिल्ली विश्वविद्यालय से बीकॉम और एमकॉम की पढ़ाई पूरी की है। सिविल सेवा परीक्षा में उन्होंने कॉमर्स को ही वैकल्पिक विषय के रूप में चुना। खास बात यह है कि उन्होंने घर पर रहकर ही सिविल सेवा की तैयारी की। इससे पहले वह पहले ही प्रयास में नेट-जेआरएफ भी उत्तीर्ण कर चुकी हैं, जिसके बाद उन्होंने सिविल सेवा की तैयारी शुरू की।
इशिता के पिता डी.के. शर्मा बैंक मैनेजर हैं, जबकि माता अर्चना शर्मा गृहिणी हैं। अपनी इस उपलब्धि का श्रेय उन्होंने अपने बड़े भाई को दिया है, जिनके मार्गदर्शन और प्रेरणा से वह लगातार आगे बढ़ती रहीं।
अपनी सफलता का मंत्र बताते हुए इशिता ने कहा कि सिविल सेवा परीक्षा के लिए लगन, कड़ी मेहनत और प्रतिबद्धता बेहद जरूरी है। साथ ही उन्होंने अभ्यर्थियों को सलाह दी कि वैकल्पिक विषय का चयन सोच-समझकर करना चाहिए।
इशिता शर्मा ने कहा कि आईएएस बनने के बाद वह शिक्षा व्यवस्था में सुधार के लिए विशेष रूप से कार्य करना चाहती हैं, ताकि समाज के अधिक से अधिक बच्चों को बेहतर शिक्षा मिल सके।

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