एटा 06 अप्रैल उप्रससे। जनपद में अचानक बदले मौसम ने किसानों की मेहनत पर पानी फेर दिया। तेज हवाओं और ओलावृष्टि से गेहूं, मक्का, तम्बाकू सहित कई फसलें चौपट हो गईं।
एटा जनपद में मौसम ने अचानक करवट बदल ली। तेज हवाओं के साथ हुई ओलावृष्टि ने किसानों की चिंता बढ़ा दी। अचानक तेज हवाओं के हुई बारिश में ओले गिरने लगे, जिससे खेतों में खड़ी गेहूं, मक्का, तम्बाकू और अन्य फसलें बुरी तरह प्रभावित हो गईं। मौसम के इस बदले मिजाज से किसान खासे परेशान नजर आए। जिन फसलों की कटाई का समय नजदीक था, वे ओलों की मार से झुक गईं या गिर गईं। कई जगहों पर गेहूं की बालियां जमीन पर बिछ गईं, जिससे उत्पादन पर असर पड़ने की आशंका है। इससे पहले अलीगढ़ और कासगंज में भी इसी तरह की ओलावृष्टि की खबरें सामने आई थीं, और अब एटा में भी किसानों को नुकसान झेलना पड़ा है।
गांव के किसान रामपाल ने बताया, “हम लोग कई महीनों से मेहनत कर रहे थे, फसल तैयार खड़ी थी। अचानक आए ओलों ने सब बर्बाद कर दिया। अब समझ नहीं आ रहा कि लागत भी निकल पाएगी या नहीं। सरकार से मदद की उम्मीद है, नहीं तो बहुत दिक्कत हो जाएगी।”
किसानों का कहना है कि अगर जल्द ही सर्वे कराकर मुआवजा नहीं दिया गया तो उन्हें आर्थिक संकट का सामना करना पड़ेगा। प्रशासन से भी मांग की जा रही है कि प्रभावित क्षेत्रों का निरीक्षण कर नुकसान का आकलन कराया जाए।
वर्जन
एसडीएम सदर श्रवेता सिंह ने बताया कि ओले गिरने से किसानों के नुकसान की जांच कराई जाएगी।
मौसम विभाग ने आने वाले दिनों में भी मौसम के अस्थिर बने रहने की संभावना जताई है, जिससे किसानों की चिंता और बढ़ गई है।
