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मथुरा में चलती स्कूली बस बनी आग का गोला,

March 18, 2026

मथुरा में चलती स्कूली बस बनी आग का गोला,

दारोगा की सूझबूझ से टला बड़ा हादसा
मथुरा।
मथुरा में एक बड़ा हादसा उस समय टल गया, जब चलती स्कूली बस अचानक आग का गोला बन गई। यह घटना बरेली हाईवे पर बाद क्षेत्र से करीब तीन किलोमीटर आगे की बताई जा रही है। बस में करीब एक दर्जन स्कूली बच्चे सवार थे, जिससे मौके पर अफरा-तफरी मच गई।
इसी दौरान वीआईपी ड्यूटी से लौट रहे मांट थाने के एसआई सतेंद्र सिंह की नजर बस से उठते धुएं पर पड़ी। उन्होंने तत्परता दिखाते हुए अपनी गाड़ी बस के आगे लगाकर उसे रुकवाया और स्थिति की गंभीरता को भांपते हुए बिना समय गंवाए सभी बच्चों को सुरक्षित बाहर निकलवाया।
कुछ ही पलों में आग ने विकराल रूप ले लिया, लेकिन समय रहते बच्चों को बाहर निकाल लेने से बड़ा हादसा टल गया। स्थानीय लोगों की मदद से आग पर काबू पाने का प्रयास किया गया।
दारोगा सतेंद्र सिंह की सूझबूझ और बहादुरी से दर्जनों बच्चों की जान बच गई। घटना के बाद क्षेत्र में हड़कंप मच गया, जबकि अभिभावकों ने राहत की सांस ली।

सोशल मीडिया पर स्टंटबाजी पड़ी भारी, दो युवक पुलिस की गिरफ्त में

Santosh Kumar Singh Gorakhpur
18/03/2026

पीपीगंज पुलिस की कार्रवाई—मोटरसाइकिल सीज, आरोपियों पर निरोधात्मक कार्रवाई*

गोरखपुर। सोशल मीडिया पर बाइक स्टंट का वीडियो पोस्ट करना दो युवकों को महंगा पड़ गया। थाना पीपीगंज पुलिस ने वायरल वीडियो का संज्ञान लेते हुए त्वरित कार्रवाई की और स्टंट कर रहे दोनों युवकों की पहचान कर उनके खिलाफ निरोधात्मक कार्रवाई करते हुए संबंधित मोटरसाइकिल को सीज कर दिया।
यह कार्रवाई वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक गोरखपुर द्वारा अपराधों पर अंकुश लगाने एवं अपराधियों की गिरफ्तारी के लिए चलाए जा रहे अभियान के तहत की गई। पुलिस अधीक्षक उत्तरी के मार्गदर्शन, क्षेत्राधिकारी कैंपियरगंज के पर्यवेक्षण और थानाध्यक्ष पीपीगंज के नेतृत्व में पुलिस टीम ने इस पूरे प्रकरण में सक्रिय भूमिका निभाई।
पुलिस के अनुसार सोशल मीडिया पर एक वीडियो वायरल हो रहा था, जिसमें दो युवक सड़क पर मोटरसाइकिल से खतरनाक स्टंट करते नजर आ रहे थे। यह न केवल उनकी अपनी जान के लिए खतरा था, बल्कि सड़क पर चलने वाले अन्य लोगों के लिए भी गंभीर जोखिम पैदा कर रहा था। वीडियो सामने आने के बाद पुलिस ने तत्काल जांच शुरू की और तकनीकी व स्थानीय जानकारी के आधार पर दोनों युवकों की पहचान कर ली।
पहचाने गए आरोपियों में दीपू दुबे पुत्र विक्रम प्रसाद दुबे निवासी ग्राम ताजडीह, पोस्ट जगतबेला थाना चिलुआताल जनपद गोरखपुर तथा अंश कुमार श्रीवास्तव पुत्र दिनेश कुमार श्रीवास्तव निवासी ग्राम राजाबारी थाना पीपीगंज जनपद गोरखपुर शामिल हैं। पुलिस ने दोनों को हिरासत में लेकर उनके विरुद्ध निरोधात्मक कार्रवाई की है।
इसके साथ ही जिस मोटरसाइकिल से स्टंट किया जा रहा था, उसे भी पुलिस ने सीज कर दिया है। पुलिस का कहना है कि इस प्रकार की लापरवाही और कानून उल्लंघन को किसी भी हाल में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। सड़क पर स्टंट करना न सिर्फ ट्रैफिक नियमों का उल्लंघन है, बल्कि यह एक गंभीर अपराध की श्रेणी में आता है, जिससे किसी भी समय बड़ा हादसा हो सकता है।
पुलिस ने युवाओं से अपील की है कि वे सोशल मीडिया पर लाइक्स और व्यूज के लिए अपनी और दूसरों की जान जोखिम में न डालें। कानून का पालन करते हुए सुरक्षित तरीके से वाहन चलाना ही जिम्मेदार नागरिक होने की पहचान है।
इस कार्रवाई में उपनिरीक्षक गौरव तिवारी, उपनिरीक्षक मनीष राज और कांस्टेबल गोविंद कुमार यादव की टीम शामिल रही, जिन्होंने तत्परता दिखाते हुए पूरे मामले का खुलासा किया।
पुलिस ने स्पष्ट किया है कि आगे भी इस तरह की गतिविधियों पर नजर रखी जाएगी और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई जारी

राष्ट्रीय सुरक्षा सप्ताह: सड़क सुरक्षा के लिए बढ़ा जागरूकता अभियान

Santosh Kumar Singh Gorakhpur
18/03/2026

शास्त्री चौराहे पर 500 से अधिक हेलमेट वितरित, ट्रैफिक नियमों के पालन की अपील*

गोरखपुर। राष्ट्रीय सुरक्षा सप्ताह के तहत सड़क सुरक्षा को मजबूत बनाने के उद्देश्य से शहर में जागरूकता अभियान को तेज किया गया है। इसी क्रम में गैलेंट ग्रुप की ओर से शास्त्री चौराहे पर एक विशेष कार्यक्रम आयोजित कर ट्रैफिक पुलिसकर्मियों और आम नागरिकों के बीच 500 से अधिक हेलमेट वितरित किए गए। कार्यक्रम में एडीएम सिटी अंजनी कुमार सिंह और एसपी ट्रैफिक राजकुमार पांडेय मुख्य रूप से मौजूद रहे।
शहर के व्यस्ततम चौराहों में शामिल शास्त्री चौराहे पर आयोजित इस अभियान का उद्देश्य सड़क पर सुरक्षा के प्रति लोगों को जागरूक करना रहा। इस दौरान अधिकारियों ने बताया कि ट्रैफिक पुलिसकर्मी रोजाना तेज रफ्तार और भारी वाहनों के बीच घंटों ड्यूटी करते हैं, जिससे उनके सामने दुर्घटना का खतरा बना रहता है। ऐसे में उन्हें हेलमेट उपलब्ध कराना उनकी सुरक्षा सुनिश्चित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है।
एसपी ट्रैफिक राजकुमार पांडेय ने कहा कि सड़क सुरक्षा केवल आम नागरिकों तक सीमित नहीं है, बल्कि ड्यूटी पर तैनात पुलिसकर्मियों के लिए भी उतनी ही आवश्यक है। उन्होंने कहा कि हेलमेट पहनना जीवन बचाने का सबसे सरल और प्रभावी उपाय है। साथ ही उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि ट्रैफिक नियमों की अनदेखी करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई आगे भी जारी रहेगी।
एडीएम सिटी अंजनी कुमार सिंह ने कहा कि सड़क दुर्घटनाओं में गंभीर चोट का सबसे बड़ा कारण सिर पर लगने वाली चोट होती है, जिसे हेलमेट पहनकर काफी हद तक टाला जा सकता है। उन्होंने दोपहिया वाहन चालकों और सवारों से अपील की कि वे हेलमेट को अपनी आदत बनाएं और सुरक्षा नियमों का पालन करें।
कार्यक्रम के दौरान शहरवासियों को भी जागरूक करते हुए ट्रैफिक नियमों का पालन करने की अपील की गई। लोगों से कहा गया कि वे तेज रफ्तार से बचें, वाहन चलाते समय मोबाइल फोन का प्रयोग न करें और ट्रैफिक संकेतों का पालन करें। अधिकारियों ने कहा कि जागरूकता और अनुशासन ही सड़क दुर्घटनाओं को कम करने का सबसे कारगर तरीका है।
गैलेंट ग्रुप के प्रतिनिधियों ने बताया कि राष्ट्रीय सुरक्षा सप्ताह के दौरान शहर के अन्य प्रमुख चौराहों और सार्वजनिक स्थानों पर भी इसी प्रकार के जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। उनका उद्देश्य अधिक से अधिक लोगों को सड़क सुरक्षा के प्रति सचेत करना और दुर्घटनाओं को कम करना है।
इस पहल को स्थानीय लोगों ने सराहा और इसे सड़क सुरक्षा की दिशा में एक सकारात्मक कदम बताया। कार्यक्रम के माध्यम से यह संदेश देने का प्रयास किया गया कि हेलमेट सिर्फ एक नियम नहीं, बल्कि जीवन की सुरक्षा का जरूरी साधन है।

मुख्यमंत्री ने नवरात्र मेला व्यवस्थाओं की समीक्षा की

मिर्जापुर 17 मार्च, 2026 मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ  ने जनप्रतिनिधियों व अधिकारियों के साथ चैत्र नवरात्रि मेले की तैयारियों तथा जनपद के विकास कार्यां की समीक्षा की।
इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने कहा कि नवरात्रि व रामनवमी पर्व पर सभी मन्दिरों में श्रद्धालुओं के लिए सुगम दर्शन की व्यवस्था की जाए। मेला क्षेत्र में सामान्य नागरिकों के साथ ही महिलाआें की सुरक्षा के बेहतर प्रबन्ध किए जाएं। सुरक्षा के दृष्टिगत पर्याप्त सी0सी0टी0वी0 कैमरे लगवाए जाएं। पुलिस कर्मियों द्वारा श्रद्धालुआें के साथ अच्छा व्यवहार किया जाए।
मुख्यमंत्री CM Yogi Adityanath ने कहा कि यात्रियां की सुविधा के दृष्टिगत मन्दिरों, घाटों एवं सम्पूर्ण मेला क्षेत्र में स्वच्छता पर विशेष ध्यान दिया जाए। गर्मी के दृष्टिगत शुद्ध पेयजल और आवश्यकतानुसार मोबाइल टॉयलेट की व्यवस्था की जाए। स्नान घाटों पर पर्याप्त बैरीकेडिंग, प्रकाश व्यवस्था सुनिश्चित करायी जाए। मेला क्षेत्र सहित सम्पूर्ण मीरजापुर नगर को सिंगल यूज प्लास्टिक मुक्त बनाया जाए। मन्दिर मार्गां की मरम्मत आदि सभी कार्य ससमय पूर्ण कराए जाएं। निर्बाध विद्युत आपूर्ति सुनिश्चित की जाए। सफाई व्यवस्था को बेहतर बनाने के लिए डोर-टू-डोर कूड़ा कलेक्शन किया जाए। दुकानों में श्रद्धालुआें के सामान को सुरक्षित रखने की व्यवस्था की जाए।
मुख्यमंत्री जी ने कहा कि गंगा किनारे एन0डी0आर0एफ0, एस0डी0आर0एफ0, गोताखोर व जल पुलिस की तैनाती की जाए। नाविकों को लाइफ जैकेट उपलब्ध करायी जाए। सुरक्षा कार्यां में स्वंयसेवी संगठनों एवं सिविल डिफेन्स के सदस्यों का सहयोग लिया जाए। वाहन पार्किंग की पर्याप्त व्यवस्था की जाए। पार्किंग चिन्हित करते समय ध्यान रखा जाए कि श्रद्धालुओं को अधिक दूरी तक पैदल न चलना पड़े। पार्किंग स्थल पर वाहनों की सुरक्षा के साथ शौचालय व पेयजल की व्यवस्था भी रहे। सभी ई-रिक्शा व आटो का सत्यापन कराते हुए यथासम्भव उनके चालकों को आई0डी0 कार्ड जारी किये जाएं। बस स्टेशनां, रेलवे स्टेशनों, रैन बसेरां व प्रमुख स्थानों पर जन सुविधाओं की उपलब्धता सुनिश्चित की जाए। स्वास्थ्य शिविरां में चिकित्सकों, दवाईयों, एम्बुलेंस आदि की समुचित व्यवस्था रहे।
मुख्यमंत्री जी ने विकास कार्यां की समीक्षा के दौरान कहा कि विकास योजनाओं एवं निमार्णाधीन परियोजनाओं हेतु प्राप्त धनराशि का समय से सदुपयोग करते हुए कार्य गुणवत्तापूर्ण एवं तय समय में पूरे कराए जाएं। लम्बित राजस्व वादों का निस्तारण प्राथमिकता पर कराया जाए। फार्मर रजिस्ट्री को शत प्रतिशत पूर्ण करने के साथ चकबन्दी के कार्य में समय-सीमा तय करते हुए कार्यां को निस्तारित किया जाए तथा कार्य में अनावश्यक विलम्ब करने वाले कार्मिकों की जबावदेही भी तय की जाए। निराश्रित गौ आश्रय स्थलों में सभी व्यवस्थाएं बेहतर ढंग से संचालित हों।
मुख्यमंत्री जी ने जल जीवन मिशन ग्रामीण व शहरी के अधिकारियों को निर्देश दिए कि अन्तिम घर तक जलापूर्ति सुनिश्चित की जाए। मरम्मत कार्य हेतु प्लम्बरों को प्रशिक्षित भी कराएं। परियोजना हैण्डओवर के समय से 10 वर्ष तक ठेकेदारों के द्वारा मरम्मत के लिए एग्रीमेंट किया गया है, यदि किसी के द्वारा लापरवाही बरती जाती है, तो कार्यवाही सुनिश्चित करें। पेयजल योजनाआें के सत्यापन के लिए सम्बन्धित अधिकारी अपने क्षेत्र के जनप्रतिनिधि के साथ जाकर कार्यां का सत्यापन करें।
मुख्यमंत्री जी ने कहा कि अधिकारीगण जनप्रतिनिधियों एवं उद्यमियों के साथ नियमित संवाद करें तथा समस्याओं का निराकरण करें। इससे स्थानीय स्तर पर बहुत सी समस्याओं का समाधान हो जाएगा। एन0आर0एल0एम0 द्वारा गठित महिला स्वयं सहायता समूहों को सक्रिय करते हुए उनके उत्पादों को बढ़ावा दिया जाए। जनपद में आने वाले निवेशकों के लिए समय से भूमि की उपलब्धता सुनिश्चित की जाए, ताकि उद्यम स्थापित होने से युवाओं को रोजगार उपलब्ध हो सकें।
मुख्यमंत्री जी ने कहा कि प्रत्येक जनपद में 100 एकड़ भूमि में सरदार वल्लभ भाई पटेल इम्प्लायमेण्ट एण्ड इण्डस्ट्रियल जोन स्थापित किये जाने हैं। इसके लिए जिलाधिकारी भूमि चिहिन्त कर शासन को अवगत कराएं। इन जोन की स्थापना से युवाओं को स्थायी रोजगार के अवसर प्राप्त होंगे और स्थानीय अर्थव्यवस्था भी मजबूत होगी। कानून व्यवस्था की समीक्षा करते हुए उन्होंने कहा कि गौ-तस्करी व गौकशी करने वालों पर प्रभावी कार्यवाही की जाए।
मुख्यमंत्री जी ने जनपद भ्रमण के दौरान आदि शक्ति माँ विन्ध्यवासिनी देवी मन्दिर में दर्शन पूजन किया और सुखी, स्वस्थ एवं समृद्ध उत्तर प्रदेश की कामना की। तत्पश्चात उन्होंने माँ विन्ध्यवासिनी कॉरिडोर का अवलोकन और स्टालों का निरीक्षण भी किया।

सीएम ने बांटे तीर्थ यात्रियों को एक एक लाख के चेक

लखनऊ 17 मार्च, 2026, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ  ने कहा कि प्रदेश सरकार श्रद्धालुओं की सुविधाओं को बढ़ाने के लिए पूरी तरह संवेदनशील व प्रतिबद्ध है। श्री कैलाश मानसरोवर यात्रा प्राचीन काल से ही भारतीय सनातन धर्म की परम्परा, समाज तथा राष्ट्र की एकता व एकात्मता को सशक्त रूप से जोड़ने का माध्यम रही है। सुखद संयोग है कि ऋषि-मुनियों ने जिस भाव के साथ हमें जोड़ने का कार्य किया, आज हम सभी उसे बनाये रखने के दायित्व का निर्वहन कर रहे हैं।
मुख्यमंत्री यहां लोक भवन सभागार में श्री कैलाश मानसरोवर यात्रा करने वाले श्रद्धालुओं को अनुदान राशि वितरण कार्यक्रम में अपने विचार व्यक्त कर रहे थे। उन्होंने श्रद्धालुओं को एक एक लाख रुपये की अनुदान राशि के प्रतीकात्मक चेक प्रदान किये। ज्ञातव्य है कि राज्य सरकार द्वारा प्रदेश के 555 तीर्थ यात्रियों को एक लाख रुपये प्रति व्यक्ति यात्रा अनुदान राशि प्रदान की गयी है।
मुख्यमंत्री जी ने कहा कि पहले तीर्थाटन जीवन का हिस्सा माना जाता था। लोग अपनी सामान्य दिनचर्या में से कुछ समय निकालकर यात्रा पर निकलते थे। लोगों के पास संग्रह की वृत्ति नहीं थी, बल्कि अपनी मेहनत व पुरूषार्थ से जो कुछ अर्जित करते थे, उससे किसी न किसी धार्मिक यात्रा पर निकलकर जरूरतमन्दों की सहायता करते थे। उस यात्रा के माध्यम से पुण्य के भागीदार बनने के साथ समाज को जोड़ने, समझने का कार्य करते थे। यह भाव आदिकाल से बना हुआ है। जब आदि शंकर ने केरल से निकलकर देश के चारों कोनों में चार पीठों की स्थापना की थी, तब देश में कोई सरकार नहीं थी। राजा-रजवाड़ों का शासन था। राजनीतिक इकाईयां अलग-अलग थीं, लेकिन सांस्कृतिक रूप से सम्पूर्ण भारत एक था। आज भी वह भाव प्रत्येक सनातन धर्मावलम्बी के मन में रहता है।
मुख्यमंत्री जी ने कहा कि श्रद्धालुओं ने श्री कैलाश मानसरोवर यात्रा की कठिनाईयों, चुनौतियों और आपदाओं का मुकाबला करते हुए गत वर्ष इस यात्रा को सकुशल पूर्ण किया।  प्रदेश के श्रद्धालुजनों को कोई समस्या न हो, इसके लिए प्रदेश सरकार ने वर्ष 2017-18 में गाजियाबाद में कैलाश मानसरोवर यात्रा भवन का निर्माण कराया है, जो निर्धारित समय-सीमा में पूर्ण हुआ। विदेश मंत्रालय की औपचारिकताएं पूर्ण करने के दौरान यह भवन श्रद्धालुओं के ठहराव का प्रथम पड़ाव होता है। शेष समय इस यात्रा भवन का उपयोग अन्य धार्मिक यात्रा से सम्बन्धित श्रद्धालुओं के लिए भी सुनिश्चित किया जाए। कैलाश मानसरोवर यात्रा भवन के उपयोग के साथ-साथ इसका संरक्षण व बेहतर रख-रखाव भी किया जाए, क्योंकि अपनी परम्परा व धार्मिक स्थलों के प्रति यही हमारी कृतज्ञता है।
मुख्यमंत्री जी ने कहा कि श्री कैलाश मानसरोवर की यात्रा में राज्य सरकार प्रदेश के अन्दर तथा भारत सरकार सम्पूर्ण भारत में अच्छी सुविधाएं उपलब्ध कराती है। लेकिन यात्रा के दौरान श्रद्धालुओं को दूसरे देशों से भी जुड़ना होता है और उनका व्यवहार जगजाहिर है। लेकिन उस असुविधा में भी हमारी आस्था भारी पड़ती है और लोग देवाधिदेव महादेव का दर्शन करते हैं। जब भाव होता है, तो व्यक्ति प्रत्येक कठिन चुनौती का सामना करते हुए भी मंजिल को प्राप्त कर लेता है। हमारी सरकार विदेश मंत्रालय के साथ समन्वय कर आने वाले समय में गाजियाबाद में ही श्रद्धालुओं के लिए सुविधाओं में और वृद्धि करने का प्रयास करेगी। पासपोर्ट कार्यालय जनपदों में बनाये जा रहे हैं। कई सुविधाएं ऑनलाईन उपलब्ध हैं।
मुख्यमंत्री जी ने कहा कि धार्मिक पर्यटन की मर्यादा को श्रद्धापूर्वक आगे बढ़ाने का दायित्व हम सबका होना चाहिए। धार्मिक यात्रा श्रद्धा भाव के साथ करनी चाहिए, पर्यटन व मनोरंजन गौण होना चाहिए। इससे हम धार्मिक स्थलों की पवित्रता, मर्यादा और गरिमा को बनाये रख सकेंगे। इन धार्मिक स्थलों की गरिमा के अनुरूप हमारा आचरण आगे आने वाली पीढ़ी को संस्कारित करने में भी सहायक होगा। प्रदेश सरकार का प्रयास रहा है कि प्रत्येक तीर्थस्थल पर श्रद्धालुओं को आज के समय के अनुरूप अच्छी सुविधाएं प्राप्त हों। डबल इंजन सरकार का इस पर विशेष फोकस है।
वर्ष 2025 में प्रदेश में 164 करोड़ श्रद्धालु अलग-अलग धर्मस्थलों व तीर्थ स्थलों पर आए। इसमें 66 करोड़ श्रद्धालु केवल प्रयागराज महाकुम्भ-2025 में ही आए थे। काशी में श्री काशी विश्वनाथ धाम, अयोध्या में प्रभु श्रीराम जन्मभूमि, मथुरा-वृन्दावन सहित अलग-अलग क्षेत्रों में करोड़ों श्रद्धालुओं का आगमन हुआ। यह चुनौती होने के साथ-साथ एक अवसर भी है। सरकार अपने स्तर पर आवागमन व जनसुविधाओं से सम्बन्धित अच्छी व्यवस्था देने का लगातार प्रयास कर रही है। पर्यटन क्षेत्र की सम्भावनाओं को तेजी से आगे बढ़ाया जाए। उन सम्भावनाओं के माध्यम से प्रदेश के विकास व रोजगार के नये अवसर भी उपलब्ध कराए जाएं। प्रदेश सरकार ने विगत 09 वर्षों में लखनऊ, काशी, अयोध्या, प्रयागराज, चित्रकूट, माँ विन्ध्यवासिनी धाम, नैमिषारण्य, मथुरा-वृन्दावन, शुकतीर्थ, बौद्ध व जैन पर्यटन से सम्बन्धित केन्द्रों व अन्य तीर्थ स्थलों पर पर्यटकों के लिए अच्छी जनसुविधाएं उपलब्ध कराई हैं। इन सुविधाओं को और बेहतर करने का प्रयास किया जा रहा है।
मुख्यमंत्री जी ने कहा कि उत्तराखण्ड में चार धाम हैं। इसके साथ देश में भी चार धाम हैं। प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी ने उत्तर-दक्षिण को जोड़ने के अनेक प्रयास किये हैं। विगत 04-05 वर्षों से काशी में काशी-तमिल संगमम् का कार्यक्रम चल रहा है। यह कार्यक्रम तमिलनाडु और उत्तर प्रदेश को जोड़ने का बेहतरीन माध्यम बना है। उत्तर प्रदेश में श्री काशी विश्वनाथ धाम है, तो तमिलनाडु में श्री रामेश्वरम धाम है। हमारा प्रयास होगा कि प्रदेश के श्रद्धालु काशी से गंगा जल लेकर बाबा विश्वनाथ का दर्शन कर रामेश्वरम की यात्रा पर जाएं। इस यात्रा को सुगम बनाने के लिए रेल मंत्रालय द्वारा अनेक सुविधाएं दी जाती हैं। उत्तर-दक्षिण के जुड़ने से ‘एक भारत-श्रेष्ठ भारत’ के निर्माण में सहायता प्राप्त होगी।
मुख्यमंत्री जी ने कहा कि पर्यटन, संस्कृति एवं धर्मार्थ कार्य विभाग का प्रयास होना चाहिए कि श्री कैलाश मानसरोवर यात्रा का सोशल, डिजिटल, विजुअल एवं प्रिण्ट मीडिया के माध्यम से व्यापक प्रचार-प्रसार किया जाए। यात्रा के समय हमारे पास एक ऐप हो। ऐसे नवाचारों से धार्मिक यात्राओं एवं प्रदेश के पर्यटन को एक नई पहचान प्राप्त होगी तथा अर्थव्यवस्था और मजबूत होगी।
वित्त एवं संसदीय कार्य मंत्री श्री सुरेश कुमार खन्ना ने कहा कि डबल इंजन सरकार ने देश व प्रदेश के गौरव को लौटाया है। मुख्यमंत्री जी ने प्रदेश में सनातन संस्कृति को मजबूत किया है। उन्होंने एक शायर की पंक्तियों को उद्धृत करते हुए कि ‘काबिले तारीफ है अन्दाज़ एक-एक काम का, और गा रहा है गीत यू0पी0 योगी जी के नाम का’।
पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री श्री जयवीर सिंह ने कहा कि देश और प्रदेश के श्रद्धालु श्री कैलाश मानसरोवर भवन के निर्माण के लिए मुख्यमंत्री जी के प्रति आभारी है। प्रदेश विरासत के सम्मान के साथ विकास की यात्रा को आगे बढ़ा रहा है।
इस अवसर पर प्रदेश की धार्मिक यात्रा वृत्तान्त पर आधारित लघु फिल्म प्रदर्शित की गयी।
कार्यक्रम को कैलाश मानसरोवर सेवा समिति, लखनऊ के अध्यक्ष के0के0 सिंह ने भी सम्बोधित किया।
इस अवसर पर विधायक ओ0पी0 श्रीवास्तव, विधान परिषद सदस्य  मुकेश शर्मा व रामचन्द्र प्रधान, शासन-प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारी एवं अन्य गणमान्य व्यक्ति उपस्थित थे।

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