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अब विधायिका को लेकर धारणा सकारात्मक: सतीश महाना

February 24, 2026

अब विधायिका को लेकर धारणा सकारात्मक: सतीश महाना

Sathish Mahana

Posted on 24.02.2026 Tuesday, Time 07.48 PM, Vidhan Sabha Adhyaksh Satish Mahana
लखनऊ। उत्तर प्रदेश विधानसभा के अध्यक्ष सतीश महाना ने कहा कि पिछले चार वर्षों में प्रदेश की विधायिका को लेकर समाज में बनी नकारात्मक धारणा में उल्लेखनीय सकारात्मक परिवर्तन आया है। श्री महाना ने कहा कि लोकतांत्रिक व्यवस्था में सभी को अपनी सीमाओं में रहकर अपनी भूमिका का निर्वहन करना चाहिए।
उत्तर प्रदेश विधानसभा के बजट सत्र के सफलतापूर्वक संपन्न होने के उपरांत आयोजित प्रेस वार्ता में अध्यक्ष ने सत्र की उपलब्धियों और सदन के बदलते स्वरूप पर विस्तार से प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि एक समय था जब विधानसभा की कार्यवाही को लेकर आमजन के मन में शंका और निराशा का भाव था, किंतु आज वही सदन गंभीर, सार्थक और परिणाममुखी चर्चाओं का केंद्र बन चुका है।
अध्यक्ष ने कहा कि 18वीं विधानसभा ने लोकतांत्रिक मूल्यों को सहेजते हुए नवाचार, पारदर्शिता और आधुनिक तकनीक को अपनाकर कार्यसंस्कृति में व्यापक सुधार किया है। उत्तर प्रदेश विधानसभा अब केवल एक ऐतिहासिक भवन नहीं, बल्कि उत्तरदायित्व, अनुशासन और जन-आकांक्षाओं की अभिव्यक्ति का सशक्त मंच बन चुकी है। इन सुधारात्मक प्रयासों के कारण प्रदेश की विधानसभा को देश की अग्रणी विधानसभाओं में प्रतिष्ठित स्थान प्राप्त हुआ है।


उन्होंने बताया कि बजट सत्र अनेक दृष्टियों से महत्वपूर्ण, विचारोत्तेजक और परिणाममुखी रहा। वित्तीय वर्ष के बजट पर विस्तृत, गंभीर और सारगर्भित चर्चा की गई। विभिन्न विभागों की अनुदान मांगों पर क्रमबद्ध विचार-विमर्श हुआ तथा जनहित से जुड़े अनेक महत्वपूर्ण विधेयकों को सदन की स्वीकृति प्राप्त हुई। प्रश्नकाल के माध्यम से शासन-प्रशासन की जवाबदेही सुनिश्चित की गई, जबकि शून्यकाल में जनसरोकार के विविध विषय प्रभावी ढंग से उठाए गए। इससे स्पष्ट है कि सदन जनता की आवाज को सरकार तक पहुँचाने का सशक्त माध्यम है।
उन्हेंने संतोष व्यक्त किया कि पूरे सत्र के दौरान पक्ष और विपक्ष दोनों ने संसदीय मर्यादाओं का सम्मान किया। मतभेद लोकतंत्र का स्वाभाविक अंग हैं, किंतु संवाद, संयम और शालीनता उसकी मूल आत्मा हैं। इस सत्र में स्वस्थ बहस, तार्किक प्रतिपादन और सकारात्मक सहभागिता देखने को मिली, जो प्रदेश की संसदीय परंपराओं के लिए अत्यंत उत्साहवर्धक है। विभिन्न दलों के सदस्यों द्वारा विधानसभा के बदलते स्वरूप की सराहना भी की गई।
पत्रकारिता को लोकतंत्र का चौथा स्तंभ बताते हुए अध्यक्ष ने मीडिया प्रतिनिधियों का विशेष आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश विधानसभा की सकारात्मक छवि को जन-जन तक पहुँचाने में मीडिया की महत्वपूर्ण भूमिका रही है। अंत में उन्होंने सभी सदस्यों, संसदीय कार्य मंत्री, नेता प्रतिपक्ष तथा विभिन्न दलों के नेताओं का धन्यवाद ज्ञापित करते हुए कहा कि सदन की गरिमा, पारदर्शिता और उत्तरदायित्व को सर्वोपरि रखते हुए भविष्य में भी स्वस्थ और सार्थक संवाद की परंपरा को और सुदृढ़ किया जाएगा।

शाहजहांपुर में कलश-यात्रा से पावन हुई मुमुक्षु धरा

Posted on 24.02.2026 Tuesday, Time 07.22 PM, Shahjahanpur, Mumuksh Mahotsav

रामकथा के शुभारंभ का गूंजा जयघोष*

(संजीव गुप्त)

शाहजहांपुर, 24 फरवरी। संत शुकदेवानंद जी महाराज द्वारा रोपित तथा स्वामी चिन्मयानंद सरस्वती जी द्वारा पुष्पित-पल्लवित पुण्यभूमि मुमुक्षु आश्रम में संत विजय कौशल जी की श्री रामकथा का शुभारंभ भव्य और भावपूर्ण कलश-यात्रा के साथ हुआ।

मुमुक्ष महोत्सव शाहजहांपुर शोभा यात्रा

कथा आयोजन से पूर्व श्रद्धा और सौभाग्य की प्रतीक पीत-वस्त्र धारण किए हुए 51 महिलाओं ने कलश यात्रा प्रभारी डा. कविता भटनागर के नेतृत्व में श्री शंकर मुमुक्षु विद्यापीठ से एस.एस. कॉलेज मैदान में निर्मित कथा-पंडाल तक मंगल कलश-यात्रा निकाली। सिर पर पवित्र जल से भरे कलश, अधरों पर राम-नाम और चरणों में भक्ति की लय—यह यात्रा मानो जनमानस की आस्था का सजीव प्रतीक बन गई।

यात्रा के अग्रभाग में पुरोहितों द्वारा उच्चारित वैदिक मंत्रोच्चार से दिशाएं पवित्र हुईं, तो पीछे पीछे मुख्य कलश लेकर जब डा. कविता भटनागर और श्रद्धालु महिलाओं की कतार चली तो वातावरण को भक्ति-रस से सराबोर कर दिया। रास्ते में मुमुक्षु शिक्षा संकुल के अधिष्ठाता स्वामी चिन्मयानंद सरस्वती,एमएलसी जयपाल सिंह व्यस्त, सचिव प्रो अवनीश मिश्रा, प्राचार्य प्रो आर के आजाद आदि ने कलश यात्रा का पुष्प वर्षा कर स्वागत किया।शंखध्वनि, मंगल गान और एसएसएमवी के बच्चों की मधुर धुन के जयघोष के साथ कलश-यात्रा जब कथा-पंडाल पहुंची, तो सम्पूर्ण परिसर राममय हो उठा। रास्ते में छात्राओं ने कलश यात्रा पर पुष्प वर्षा की।

कलश-यात्रा के समापन के उपरांत विधिवत पूजन-अर्चन के साथ रामकथा का शुभारंभ हुआ। कलश यात्रा में डा. बरखा सक्सेना, डॉ. दीप्ति गंगवार ,डॉ. विनीता राठौर, डॉ.अन्जू लता अग्निहोत्री ,डॉ.पूजा बाजपेई  डॉ.शिवांगी शुक्ला , सीतू शुक्ला ,रश्मि राठौर ,ममता सिंह ,काजल  विभिन्न विद्यालय की शिक्षिकाओं का सहयोग रहा।

आध्यात्मिक ऊर्जा और सांस्कृतिक चेतना का संगम : मुमुक्षु महोत्सव का भव्य शुभारंभ

Mumuksh Mahotsav Shahjahanpur rally

श्रीरूद्रमहायज्ञ एवं सुंदरकांड पाठ

Posted on 24.02.2026 Tuesday, Time 07.22 PM, Shahjahanpur, Mumuksh Mahotsav

(संजीव गुप्ता द्वारा )

शाहजहांपुर, 24 फरवरी। मुमुक्षु महोत्सव का भव्य शुभारंभ श्रद्धा, उल्लास एवं आध्यात्मिक वातावरण के मध्य हुआ। प्रातः 10 बजे मुमुक्षु आश्रम में स्थित यज्ञशाला में मंडप प्रवेश एवं वेदी पूजन से रुद्र महायज्ञ का शुभारंभ हुआ। अरणी मंथन के द्वारा अग्निकुंड में अग्नि को प्रवेश कराया गया। वैदिक मंत्रोच्चार ने परिसर को आध्यात्मिक ऊर्जा से सराबोर कर दिया। इस अवसर पर 16 ब्राह्मणों सहित मुख्य यजमान के रूप में डॉ आदेश पांडेय उपस्थित रहे। यज्ञाचार्य के रूप में जयंत पाठक, ऋषभदेव त्रिपाठी, आचार्य प्रवीण, रामगोपाल जी, विनय पाराशर, दिलीप त्रिवेदी, ललित शुक्ला, संजय पाठक आदि उपस्थित रहे। प्रातः 11 बजे कथा मंडप के समीप स्थापित श्री हनुमान मंदिर पर सुंदरकांड का पाठ हुआ।

रामचंद्र मिशन आश्रम में बसंत उत्सव के चौथे चरण का आध्यात्मिक उद्घोष

Kamlesh D Patel DADA ji RC Mission

शांति, श्रद्धा और साधना का संगम
देश विदेश के हजारों अभ्यासियों ने किया गुरुसत्ता को प्रणाम
( संजीव गुप्त द्वारा )
शाहजहांपुर। श्री राम चन्द्र मिशन के अध्यक्ष एवं हार्टफुलनेस मेडीटेशन के वैश्विक मार्गदर्शक कमलेश डी. पटेल ‘दाजी’ के सान्निध्य और मार्गदर्शन में राम चन्द्र मिशन आश्रम में आयोजित बसंत उत्सव–2026 के चौथे चरण का आज शुभारंभ हुआ।
प्रातःकाल उत्सव का शुभारंभ सामूहिक ध्यान साधना से हुआ। देश–विदेश से पधारे हजारों अभ्यासियों ने एकात्म भाव से ध्यान कर मानव कल्याण और विश्व शांति की मंगल कामना की। आश्रम परिसर शांति, श्रद्धा और साधना से आलोकित हो उठा, मानो प्रकृति स्वयं इस आध्यात्मिक अनुष्ठान की साक्षी बन गई हो।
इस अवसर पर पूज्य दाजी ने अपने संदेश में कहा कि ज्ञानी लोग हमेेशा सेे एक ऐसी बात जानतेे हैंं जिसेे उत्पाादकताा विशेेषज्ञ अक्सर अनदेेखा कर देेतेे हैंं। आप सोच-विचार कर
जड़ता सेे बाहर नहींं निकल सकतेे। इससेे बाहर निकलनेे केे लिए आपको
गतिमान होना होगा। गति का नााटकीय होना ज़रूरी नहींं हैै बस उसका वास्तविक
होना ज़रूरी हैै। बाबूूजी नेे एक बार कहा था कि लोग कोशिश करतेे हैंं लेेकिन प्रयास नहींं करतेे।कोशिश’ करनेे मेंं अपनेे आप मेंं असफल होनेे की अनुुमति छिपी होती हैै। यह एक पैैर सुुरक्षित ज़मीन पर टिकाए रखता हैै। ‘प्रयाास’ पूूरी तरह सेे अलग बात हैै। यह पूूरेे अस्तित्व
को एक ही दिशा मेंं समेेट देेता हैै।
लेेकिन आप तब क्या करतेे हैंं जब पूूरी दूरीू तय करना असंंभव लगता हैै?
आपको पूूरी दूरी को जीतनेे की ज़रूरत नहींं हैै। आपको केेवल पहला कदम उठानेे की ज़रूरत हैै। एक बार जब क्रियाा शुुरू हो जाती हैै, तो इच्छााशक्ति सेे भी बड़ी एक शक्ति कार्ययभार संंभााल लेेती हैै। उस अधूूरी सैैर को छोड़नाा उसेे शुुरू करनेे सेे कहींं ज़्यादा मुश्किल हो जाता हैै जितना उसेे शुुरू करना।बसंत उत्सव के अंतर्गत आश्रम परिसर में श्रद्धा, साधना और शांति का दिव्य वातावरण रहा।
सायंकालीन ध्यान सत्र में भी पूज्य दाजी ने साधकों को ध्यान कराया, जिससे वातावरण और अधिक आध्यात्मिक ऊर्जा से परिपूर्ण हो उठा। आयोजन को सफल बनाने में कान्हा आश्रम प्रबंधक विनीत राणावत, माधो गोपाल अग्रवाल, ए.के. गर्ग, श्री गोपाल अग्रवाल, सुयश सिन्हा, ममता सिंह, राज गोपाल अग्रवाल, प्रमोद कुमार सिंह,दीपक कुमार, सलोनी गुप्ता, सहजा, प्रतिमा राजपूत, अजय चौधरी,डॉ.अनुराधा अग्रवाल, खुशी, नीलम सेठ, अनुष्का सिंंह, राजा गोपाल, मनोहरी, जिज्ञासु, कर्णिका सिंह आदि का विशेष सहयोग रहा।

दाजी और स्वामी चिन्मयानंद सरस्वती के बीच आत्मीय भेंट
( संजीव गुप्त द्वारा )
शाहजहांपुर। श्री रामचन्द्र मिशन आश्रम में इन दिनों बीस दिवसीय आध्यात्मिक महाकुंभ का आयोजन अपनी पूर्ण आभा के साथ प्रवाहित हो रहा है। देश–विदेश से आए हजारों साधक बसंत उत्सव के माध्यम से साधना, सेवा और शांति के त्रिवेणी संगम का अनुभव कर रहे हैं।
इसी पावन अवसर पर आज सायंकाल पूर्व केंद्रीय गृह राज्य मंत्री एवं मुमुक्षु शिक्षा संकुल के मुख्य अधिष्ठाता स्वामी चिन्मयानंद सरस्वती आश्रम पहुंचे और रामचन्द्र मिशन के अध्यक्ष तथा हार्टफुलनेस मेडिटेशन के वैश्विक मार्गदर्शक कमलेश डी पटेल (दाजी) से आत्मीय भेंट की।
स्वामी चिन्मयानंद सरस्वती ने दाजी का कुशलक्षेम जानकर शाहजहांपुर की पुण्यधरा पर उनका हार्दिक स्वागत किया, वहीं दाजी ने स्वामी जी को ध्यान-साधना के लिए आमंत्रित कर इस मिलन को आध्यात्मिक ऊँचाइयों से जोड़ दिया। यह भेंट केवल औपचारिक नहीं, बल्कि विचार, चेतना और साधना के संवाद की सजीव अभिव्यक्ति बन गई।
मुलाकात के दौरान माधो गोपाल अग्रवाल, डॉ. अवनीश मिश्रा, अशोक अग्रवाल, सुयश सिन्हा, राम निवास गुप्ता सहित अनेक गणमान्यजन उपस्थित रहे।

एटा में ऑटो-ट्रैक्टर भिड़ंत में मासूम समेत 6 लोग घायल, जिला मेडिकल कॉलेज में भर्ती

एटा 24 फरवरी उप्रससे। जनपद के मिरहची थाना क्षेत्र में अखतोली गांव के पास एक ऑटो और ट्रैक्टर की टक्कर हो गई। इस हादसे में एक मासूम समेत आधा दर्जन लोग घायल हो गए।

घटना की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और सभी घायलों को तत्काल जिला मेडिकल कॉलेज के इमरजेंसी वार्ड में भर्ती कराया।

घायलों अभिषेक ने बताया कि वह अपनी बहन अंजलि और पड़ोस की महिला सुमन पत्नी बृजेश कुमार के साथ ऑटो में सवार था। ऑटो में कुल आधा दर्जन से अधिक लोग सवार थे, जो अखतोली गांव के पास ट्रैक्टर से टकरा गया। जिसमें अभिषेक पुत्र बृजेश, निवासी ओढ़नी, सुनीता पत्नी सुमित, महक पुत्री सुमित, ज्ञान सिंह पुत्र साहब सिंह, नित्या पुत्री सुमित, सरोज देवी पत्नी बृजेश और अंजलि पुत्री बृजेश घायल हो गए। सूचना पर पहुंची मिरहची पुलिस ने तत्काल घायलों को जिला मेडिकल कॉलेज में भर्ती कराया जहां घायलों का उपचार जारी है।

मिरहची थाना प्रभारी नीतू वर्मा ने बताया कि घटना की सूचना मिलते ही पुलिस बल को मौके पर भेजा गया था। सभी घायलों को अस्पताल में भर्ती कराया गया है और मामले की जांच की जा रही है।

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