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राजकुमार चौहान हत्याकांड का खुलासा और तेज, दो और आरोपी गिरफ्तार

March 27, 2026

राजकुमार चौहान हत्याकांड का खुलासा और तेज, दो और आरोपी गिरफ्तार

Santosh Kumar Singh
Gorakhpur
26/03/2026

*अवैध असलहे, कारतूस, चाकू व मोबाइल बरामद; साजिश में सहयोग और हथियार उपलब्ध कराने का खुलासा*

गोरखपुर। चिलुआताल थाना क्षेत्र में 17 मार्च को हुए बहुचर्चित राजकुमार चौहान हत्याकांड में पुलिस ने कार्रवाई को आगे बढ़ाते हुए दो और अभियुक्तों को गिरफ्तार कर लिया है। इस गिरफ्तारी के साथ ही पुलिस ने हत्या की साजिश में सहयोग और हथियारों की सप्लाई से जुड़े अहम तथ्यों का खुलासा किया है। गिरफ्तार अभियुक्तों के कब्जे से घटना में प्रयुक्त अवैध पिस्टल, जिंदा कारतूस, आलाकत्ल चाकू और मोबाइल फोन बरामद किए गए हैं।
पुलिस के मुताबिक, इस पूरे मामले में वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक के निर्देशन में अपराधियों की धरपकड़ के लिए विशेष अभियान चलाया जा रहा है। इसी क्रम में पुलिस अधीक्षक उत्तरी के मार्गदर्शन और क्षेत्राधिकारी कैम्पियरगंज के पर्यवेक्षण में चिलुआताल थाना पुलिस, एसओजी और स्वाट टीम ने संयुक्त कार्रवाई करते हुए दोनों आरोपियों को गिरफ्तार किया।
गिरफ्तार अभियुक्तों में मनीष यादव पुत्र सदानन्द यादव निवासी बरगदवां थाना चिलुआताल तथा सचिन यादव पुत्र सुबाष यादव निवासी लक्षीपुर यादव टोला थाना गोरखनाथ शामिल हैं। पुलिस ने मनीष यादव के पास से .32 बोर की पिस्टल, मैगजीन, दो जिंदा कारतूस और एक मोबाइल बरामद किया है। वहीं सचिन यादव की निशानदेही पर घटना में प्रयुक्त अवैध पिस्टल, दो मैगजीन, दो जिंदा कारतूस, आलाकत्ल चाकू और मोबाइल फोन बरामद किया गया।
साजिश में भूमिका और हथियारों का कनेक्शन
विवेचना के दौरान पुलिस को जानकारी मिली कि हत्या में प्रयुक्त पिस्टल मनीष यादव द्वारा कुछ माह पूर्व मुख्य आरोपी राज चौहान उर्फ निरहू को उपलब्ध कराई गई थी। मनीष यादव का आपराधिक इतिहास भी सामने आया है, जिसमें वह हरियाणा में अवैध असलहा तस्करी के मामले में पहले गिरफ्तार होकर जेल जा चुका है। इससे यह स्पष्ट हुआ कि वह असलहों की आपूर्ति में संलिप्त रहा है।
वहीं, पहले से गिरफ्तार अभियुक्त राज चौहान उर्फ निरहू और विपिन यादव से पूछताछ में खुलासा हुआ कि वारदात को अंजाम देने के बाद उन्होंने पिस्टल और चाकू को छिपाने के लिए अपने साथी सचिन यादव को सौंप दिया था। इसके बाद पुलिस ने सचिन यादव को हिरासत में लेकर उसकी निशानदेही पर हथियारों की बरामदगी की।
जांच में यह भी सामने आया कि राज चौहान, विपिन यादव और सचिन यादव आपस में परिचित थे और सभी एक ही व्यक्ति अंकित यादव के डंपर पर चालक के रूप में काम करते थे। इसी दौरान इनके बीच घनिष्ठता बढ़ी और आपराधिक साजिश को अंजाम दिया गया।
17 मार्च 2026 की सुबह करीब 6:15 बजे पुलिस को सूचना मिली थी कि अज्ञात हमलावरों ने राजकुमार चौहान को गोली मार दी है। उन्हें गंभीर हालत में बीआरडी मेडिकल कॉलेज ले जाया गया, जहां इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई। इस घटना के बाद इलाके में सनसनी फैल गई थी।
मृतक के परिजनों की तहरीर के आधार पर पुलिस ने नामजद और अज्ञात आरोपियों के खिलाफ हत्या समेत विभिन्न धाराओं में मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू की थी। घटनास्थल का निरीक्षण, सीसीटीवी फुटेज की जांच, कॉल डिटेल रिकॉर्ड (CDR) विश्लेषण और अन्य तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर पुलिस ने लगातार कार्रवाई करते हुए पहले ही कई अभियुक्तों को गिरफ्तार कर न्यायिक अभिरक्षा में भेज दिया है, जबकि एक बाल अपचारी को भी अभिरक्षा में लिया गया है।
आपराधिक इतिहास और आगे की कार्रवाई
गिरफ्तार अभियुक्त मनीष यादव के खिलाफ गोरखपुर और हरियाणा में मारपीट, धमकी और आर्म्स एक्ट के तहत कई मुकदमे दर्ज हैं। वहीं सचिन यादव के खिलाफ भी इस हत्याकांड में मुकदमा दर्ज है।
पुलिस का कहना है कि मामले में अभी भी अन्य फरार आरोपियों की तलाश जारी है और उन्हें जल्द गिरफ्तार करने के लिए टीमें लगी हुई हैं। साथ ही, पूरे नेटवर्क और साजिश के अन्य पहलुओं की गहन जांच की जा रही है।
पुलिस अधिकारियों ने बताया कि इस हत्याकांड के सभी आरोपियों को कानून के दायरे में लाकर कड़ी कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।

एटा में ऑयल इंडिया कर रही है तेल-गैस की खोज

एटा 26 मार्च उप्रससे। जनपद में अलीगंज तहसील क्षेत्र के लाडमपुर कटारा गांव के पास ऑयल इंडिया ने पेट्रोल, डीजल और प्राकृतिक गैसों की खोज करना शुरू कर दी है। यह खोज अल्फा जीरो कंपनी के अधिकारियों की देखरेख में भारी ड्रिलिंग मशीनों के साथ की जा रही है।

कंपनी के अधिकारी भूमिराज कॉलेज के समीप जमीन के अंदर कच्चे तेल और प्राकृतिक गैसों की खोज कर रहे हैं। खुदाई का कार्य शुरू हो चुका है, जिसमें जमीन के अंदर 80 फुट तक और 60-60 मीटर की दूरी पर खुदाई की जाएगी।
यह तलाश केवल एटा तक सीमित नहीं है, बल्कि प्रदेश भर के 44 जिलों में चल रही है। फील्ड इंचार्ज संतोष मौर्य और अल्फा जीरो कंपनी के अधिकारी प्रवीण के नेतृत्व में एक टीम इस कार्य में जुटी है।

कंपनी के अधिकारी संतोष मौर्य ने बताया कि बोरिंग मशीनों और मैग्नेट मशीनों का उपयोग कर पाताल में पत्थरों को तोड़कर जांच की जा रही है। यह तलाश नया गांव क्षेत्र से लेकर मैनपुरी और शिकोहाबाद तक जारी है। जांच टीम के गांव पहुंचने पर शुरुआत में अफरा-तफरी का माहौल देखा गया। ग्रामीणों में भी क्षेत्र में कच्चे तेल मिलने की संभावना बढ़ गई है। हालांकि, ऑयल इंडिया इस क्षेत्र में कितने दिनों तक जांच करेगी, यह अभी स्पष्ट नहीं है।

एटा में प्रशासन ने पेट्रोल-डीजल, गैस की कमी की अफवाह फैलाने वालों पर कार्रवाई की दी चेतावनी

एटा में पेट्रोल के लिए भीड़ बढ़ रही है

एटा 26 मार्च उप्रससे। जिला प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि जनपद में पेट्रोल, डीजल और घरेलू रसोई गैस की आपूर्ति सामान्य है। सभी ईंधन पदार्थ पर्याप्त मात्रा में उपलब्ध हैं और उनका सुरक्षित भंडार भी मौजूद है। ऐसे में आम नागरिकों को किसी भी प्रकार की चिंता करने की आवश्यकता नहीं है।

जिला पूर्ति अधिकारी कमलेश कुमार गुप्ता ने बताया कि जनपद में पेट्रोल, डीजल, सीएनजी और घरेलू गैस की आपूर्ति पूरी तरह सामान्य बनी हुई है। आमजन से अपील है कि सोशल मीडिया या अन्य माध्यमों से फैल रही किसी भी अफवाह पर ध्यान न दें और अनावश्यक रूप से पेट्रोल पंपों व गैस एजेंसियों पर भीड़ न लगाएं।

जिलाधिकारी प्रेम रंजन सिंह के निर्देश पर प्रशासन पूरी तरह सतर्क है। ईंधन पदार्थों की जमाखोरी, कालाबाजारी और अफवाह फैलाने वालों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई के लिए सभी उपजिलाधिकारियों के नेतृत्व में पुलिस प्रशासन और पूर्ति विभाग की संयुक्त टीमें लगातार निगरानी कर रही हैं।
उपजिलाधिकारी सदर श्वेता सिंह ने पूर्ति विभाग की टीम के साथ विभिन्न गैस एजेंसियों- फौजी गैस एजेंसी, सरदार गैस एजेंसी और दीपक गैस सर्विस-का औचक निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान स्टॉक और वितरण व्यवस्था संतोषजनक पाई गई। वहीं, जलेसर तहसील में उपजिलाधिकारी भावना विमल ने भी गैस एजेंसियों के गोदामों और कार्यालयों का निरीक्षण कर आपूर्ति व्यवस्था का जायजा लिया।

जिला पूर्ति अधिकारी ने स्वयं पेट्रोल पंपों का निरीक्षण कर बताया कि वाहनों के संचालन के लिए पर्याप्त मात्रा में पेट्रोल, डीजल और सीएनजी उपलब्ध है। उन्होंने आश्वस्त किया कि किसी भी प्रकार की आपूर्ति बाधित नहीं है और व्यवस्था सुचारु रूप से चल रही है। जनता की सुविधा के लिए जिला स्तर पर एक कंट्रोल रूम भी स्थापित किया गया है, जिसका दूरभाष नंबर 05742-234254 है। इसके अतिरिक्त, गैस बुकिंग से संबंधित समस्याओं के समाधान हेतु संबंधित कंपनियों के सेल्स ऑफिसर्स से भी संपर्क किया जा सकता है।

March 26, 2026

मैनपुरी में दबंगों का तांडव, घर में घुसकर मारपीट व फायरिंग

मैनपुरी। कोतवाली क्षेत्र के ग्राम रूपपुर भरतपुर में दबंगई का मामला सामने आया है, जहां एक महिला ने गांव के ही कई लोगों पर घर में घुसकर मारपीट, तोड़फोड़ और फायरिंग करने का गंभीर आरोप लगाया है। पीड़िता विनीता देवी पत्नी पुष्पेंद्र सिंह ने पुलिस अधीक्षक को प्रार्थना पत्र देकर न्याय की गुहार लगाई है।
एसपी गणेश प्रसाद साहा को दिये गये प्रार्थना पत्र में पीड़िता के अनुसार बीते 25 मार्च 2026 को सुबह करीब 5:35 बजे गांव के ही सत्यभान, अरविंद, शीलेंद्र, पुत्रगण रामसनेही, विजय सिंह, रामसेवक, राजीव, अमन पुत्रगण शीलेन्द्र, हिमांशु पुत्र अरविंद व फूलनश्री पत्नी अरविंद, अमिशा व जूली पुत्री अरविंद, अंकित पुत्र सत्यभान, आरजू पुत्र सत्यभान सहित कई लोग एकराय होकर लाठी-डंडे, सरिया और लाइसेंसी बंदूक लेकर उसके घर में घुस आए। आरोप है कि दबंगों ने घर में जमकर तोड़फोड़ की और लगे सीसीटीवी कैमरे भी तोड़ दिए। विरोध करने पर पीड़िता के साथ मारपीट की गई। प्रार्थना पत्र में यह भी आरोप लगाया गया है कि हिमांशु ने अपनी लाइसेंसी बंदूक से जान से मारने की नीयत से फायर किया, जिससे पीड़िता जमीन पर गिर गई और बाल-बाल बच गई। शोर सुनकर आसपास के लोग मौके पर पहुंचे तो आरोपी जान से मारने की धमकी देते हुए फरार हो गए। घटना में घायल पीड़िता की भतीजी अनामिका को एंबुलेंस के जरिए जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया। पीड़िता का कहना है कि उसने 112 नंबर पर कॉल कर पुलिस को सूचना दी, लेकिन थाने पर तहरीर देने के बावजूद रिपोर्ट दर्ज नहीं की गई। पीड़िता ने पुलिस अधीक्षक से मामले में निष्पक्ष जांच कर आरोपियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की मांग की है। मैनपुरी पुलिस का कहना है कि मामले को लेकर कोतवाली इंस्पेक्टर को जांच कर आवश्यक कार्यवाही करने के निर्देश दिये गये है।

केएम विश्वविद्यालय में भव्य शास्त्रीय संगीत कार्यक्रम में गायिका सुनंदा ने बांधा समां

ध्यान केन्द्रित करने से तन, मन के साथ शरीर हो जाता है तरोताजा

कुलसचिव ने प्रख्यात शास्त्रीय संगीत गायिका के जीवन चरित्र से कराया छात्र-छात्राओं को अवगत

मथुरा। केएम विश्वविद्यालय में आज दुर्गा अष्टमी के पावन अवसर पर भव्य शास्त्रीय संगीत की सुरमयी महफिल सजी। जिसका शुभारंभ मुख्य अतिथि जिला पंचायत अध्यक्ष के प्रतिनिधि देवी सिंह भारतीय शास्त्रीय गायन की दिग्गज और पदम विभूषण से सम्मानित डा. विदुषी गिरिजा देवी की शिष्या सुनंदा शर्मा, विवि के कुलपति डा. एनसी प्रजापति, कुलसचिव डा. पूरन सिंह, परीक्षा नियंत्रक समीक्षा भारद्वाज, मेडीकल प्राचार्य डा. पीएन भिसे ने संयुक्त रूप से ज्ञान व संगीत की अधिष्ठात्री देवी सरस्वती के समक्ष दीप प्रज्जवलित करके की।
कार्यक्रम का संचालन करते हुए विवि के रजिस्ट्रार पूरन सिंह ने शास्त्रीय संगीत की प्रख्यात गायिका सुनंदा शर्मा के जीवन पर प्रकाश डालते हुए कहा हिमाचल प्रदेश के पठानकोट के पास स्थित गांव दाह के शांत वातावरण में उनका जन्म हुआ और पांच वर्ष की आयु में अपने पिता पंडित सुदर्शन शर्मा के मार्गदर्शन में संगीत का प्रशिक्षण शुरू किया। संगीत में स्नातक करते हुए पंजाब विश्वविद्यालय से भारतीय शास्त्रीय गायन में स्वर्ण पदक के साथ मास्टर की उपाधि प्राप्त की। हरिवल्लभ संगीत सम्मेलन में उनकी प्रतिभा को देखकर पदम विभूषण से सम्मानित डा. विदुषी गिरिजा देवी ने उन्हें शिष्या के रूप में स्वीकार की और उन्हें पंडित किशन महाराज और उस्ताद बिस्मिल्लाह खान जैसे दिग्गजों का आशीर्वाद प्राप्त हुआ। सुनंदा शर्माजी नौ वर्षों तक बनारस और कोलकाता में अपनी गुरु के साथ रहीं और संगीत की उन बारीकियों को आत्मसात किया जो आज उनके गायन की पहचान बन चुकी है। हालाँकि उनकी मुख्य विशेषज्ञता ’ख्याल’, ’टप्पा’, ’ठुमरी’, ’दादरा’ और ’चैती’ गायन में है, लेकिन उन्होंने पंजाब और हिमाचल की लोक-परंपराओं, भक्ति संगीत और विभिन्न संस्कृतियों के मेल से बनी संगीत-शैलियों को भी अपनाया है। उन्होंने कई प्रतिष्ठित संगीत समारोहों में अपनी प्रस्तुतियाँ दी हैं, जिनमें ’तानसेन संगीत सम्मेलन’, ’सप्तक महोत्सव’, ’ठुमरी महोत्सव’ और ’स्पिक मैके’ के कार्यक्रम शामिल हैं। इसके अलावा, उन्होंने लंदन, पेरिस, ब्रसेल्स, दक्षिण अफ्रीका, दक्षिण कोरिया और इटली जैसे देशों के अंतर्राष्ट्रीय मंचों पर भी अपनी कला का प्रदर्शन किया है।
गायिका के जीवन वक्तत्व को सुनकर तालियों की गड़गड़ाहट के बीच सुनंदा शर्माजी ने सभागार में मौजूद सभी को नमस्कार करके संबोधन किया, उन्होंने कहा गुरु गिरिजा देवी के साथ रहना केवल संगीत सीखना ही नहीं था, बल्कि यह जीवन जीने का एक सलीका सीखना था, उन्होंने संगीत के हर सुर में अनुशासन के साथ-साथ भाव भी होना चाहिए, उन्होंने विश्वविद्यालय के छात्र-छात्राओं से कहा शिक्षा हो या किसी भी मैदान में ध्यान होना अहम बात है, ध्यान केन्द्रित करने से तन, मन के साथ शरीर भी ताजा हो जाता है, उन्हीं में से एक क्षण संगीत सुनना भी है। आपकी शिक्षा यात्रा में जिम्मेदारी है, जिसमें ड्रिप्रेशन होना संभव है, जिसे संगीत दूर कर सकता है, संगीत ईश्वर की देन है। प्रख्यात गायिका सुनंदा शर्मा ने स्वर विस्तार और तानों की सधी हुई प्रस्तुती देते हुए देशी राग, भजन में पायो जी मैंने (राम भजन) और रघुपति राघव राजा राम….’ के भजनों का रसापान कराया। राग में श्रृंगार और विरह के भावों का सुंदर संगम देखने को मिला। गायिका ने राग की प्रकृति के अनुरूप भावों का संतुलित संप्रेषण किया, जिस पर सभागार तालियों से गूंज उठा। सुनंदा शर्मा ने अपनी प्रभावशाली प्रस्तुती से श्रोताओं को मंत्रमग्ध कर दिया और भक्ति के रंगों से सराबोर कर दिया। हारमोनियम पर पंडित सुमित मिश्रा, तबले पर पंडित गोपाल मिश्रा की संगत ने प्रस्तुति को सशक्त आधार दिया। कार्यक्रम के अंत में केएम विश्वविद्यालय के कुलपति, कुलसचिव ने प्रसिद्ध गायिका सुनंदा शर्मा को सम्मानित किया और उन्हें पारंपरिक अंगवस्त्र तथा स्मृति चिन्ह भेंट किए। विवि के कुलपति डा. एनसी प्रजापति ने कहा भारतीय शास्त्रीय संगीत की समृद्ध परंपराओं को संरक्षित करने का यह प्रयास है, ऐसे आयोजन हमारी संस्कृति की कालजयी विरासत के और करीब लाने का प्रयास है, ऐसे आयोजन विश्वविद्यालय में भविष्य में भी होते रहेंगे, जिससे छात्र-छात्राएं भारतीय संस्कृति को जान सकें। इस दौरान कार्यक्रम में ’स्पिक मैके’ की शैफाली मल्हौत्रा, केएम पशु चिकित्सालय के डीन डा. अजय प्रकाश, एसोसिएट डीन डा. पीताम्बर सिंह, प्रोफेसर डा. अशोक कुमार, खेल निदेशक आरके शर्मा, डिप्टी रजिस्ट्रार सुनील अग्रवाल सहित विवि के सभी संकायों के डीन-प्रोफेसरों सहित सैकड़ों की संख्या में छात्र-छात्राएं मौजूद रहीं।

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