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वंदे मातरम’ चौराहे की मांग कर मुख्यमंत्री के नाम सौंपा ज्ञापन

March 23, 2026

वंदे मातरम’ चौराहे की मांग कर मुख्यमंत्री के नाम सौंपा ज्ञापन

एटा में शहीद दिवस पर विश्व हिंदू महासंघ

एटा 23 मार्च उप्रससे। जनपद में विश्व हिंदू महासंघ के पदाधिकारियों ने एटा कलेक्ट्रेट पहुंचकर उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री के नाम एक लिखित ज्ञापन सौंपा है। संगठन ने जिले के प्रत्येक चौराहे को ‘वंदे मातरम चौराहा’ घोषित करने की मांग उठाई है। यह मांग शहीद भगत सिंह, सुखदेव और राजगुरु के शहादत दिवस के अवसर पर की गई।

संगठन के जिलाध्यक्ष उपेंद्र सिंह जादौन के नेतृत्व में ज्ञापन सौंपा गया। इसे जिलाधिकारी कार्यालय में अतिरिक्त एसडीएम राजकुमार मौर्य को दिया गया। ज्ञापन में जिले के सभी चौराहों को ‘वंदे मातरम चौराहा’ नाम देने की अपील की गई है।

जिलाध्यक्ष उपेंद्र सिंह जादौन ने बताया कि 23 मार्च 1931 को अंग्रेजों ने शहीद भगत सिंह, सुखदेव और राजगुरु को फांसी दी थी। आज सोमवार को उनका 95वां शहादत दिवस है, जिसे शहीद दिवस के रूप में मनाया जाता है। उन्होंने कहा कि ‘वंदे मातरम’ से देश भावना जागृत होती है, इसलिए चौराहों को यह नाम दिया जाना चाहिए।
ज्ञापन सौंपने वालों में अनिल कुमार, साहब की तस्वीर सिंह राजपूत, निशांत गौरव सिंह सिकरवार, कमलेश सिंह, अजय शर्मा, विवेक कुमार, अमन, बृजेश बर्थडे, आकाश कश्यप, जितेंद्र, विवेक गुप्ता, अजय गुप्ता और अनुराग कुमार सहित दर्जनों संगठन कार्यकर्ता मौजूद रहे।

औरैया कोतवाली में शक्तिकेन्द्र को उद्घाटित करते अपर महानिदेशक आलोक सिंह


औरैया, अपर पुलिस महानिदेशक कानपुर जोन आलोक सिंह, पुलिस उप महानिरीक्षक कानपुर परिक्षेत्र हरीश चंद्र तथा पुलिस अधीक्षक औरैया अभिषेक भारती ने थाना कोतवाली औरैया परिसर में नवनिर्मित मिशन शक्ति केन्द्र और साइबर हेल्प डेस्क का उद्घाटन किया। इसके बाद अधिकारियों ने निरीक्षण कर तैनात पुलिसकर्मियों को दिशा-निर्देश दिए। कार्यक्रम मिशन शक्ति अभियान 5.0 के द्वितीय चरण के अंतर्गत आयोजित हुआ।
इसके उपरांत अपर पुलिस महानिदेशक आलोक सिंह, पुलिस उप महानिरीक्षक हरीश चंद्र तथा पुलिस अधीक्षक अभिषेक भारती ने कोतवाली परिसर में नवनिर्मित भोजनालय का उद्घाटन किया और निरीक्षण किया। “बड़ा खाना” कार्यक्रम में अधिकारियों ने पुलिसकर्मियों को भोजन परोसा।
सदर तहसील में आयोजित संपूर्ण समाधान दिवस में जिलाधिकारी औरैया नेहा जैन तथा पुलिस अधीक्षक अभिषेक भारती की अध्यक्षता में जनसुनवाई हुई। अधिकारियों ने विभागीय अधिकारियों को निर्देश दिए कि शिकायतों का समय सीमा में निस्तारण किया जाए। कार्यक्रम में मुख्य चिकित्सा अधिकारी, उपजिलाधिकारी सदर तथा अन्य अधिकारी उपस्थित रहे।

ट्रेलर की चपेट में आने से महिला की मौत, बेटे के साथ जा रही थी बाजार

देवरिया,23 मार्च।गौरी बाजार थाना क्षेत्र के खैरा बलुआ निवासी 45 वर्षीय रीता देवी की सड़क हादसे में दर्दनाक मौत हो गई। वह अपने बेटे के साथ बाइक से बाजार जा रही थीं, तभी रुद्रपुर रोड पर एक ट्रेलर की चपेट में आ गईं।
बताया जा रहा है कि हादसा उस समय हुआ जब रीता देवी अपने बेटे के साथ गौरी बाजार की ओर जा रही थीं। इसी दौरान तेज रफ्तार ट्रेलर ने उन्हें टक्कर मार दी, जिससे वह गंभीर रूप से घायल हो गईं। घटना के बाद मौके पर अफरा-तफरी मच गई और स्थानीय लोगों ने तुरंत उन्हें सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र गौरी बाजार पहुंचाया।
जहां चिकित्सकों ने प्राथमिक उपचार के बाद हालत नाजुक देखते हुए उन्हें मेडिकल कॉलेज देवरिया रेफर कर दिया। मेडिकल कॉलेज पहुंचने पर डॉक्टरों ने जांच के बाद उन्हें मृत घोषित कर दिया।
घटना की सूचना मिलते ही परिवार में कोहराम मच गया। मृतका के परिवार में एक बेटा हितेश और एक बेटी सरस्वती हैं, जिनका रो-रोकर बुरा हाल है।
पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है और मामले की जांच में जुट गई है। वहीं, इस घटना से क्षेत्र में शोक की लहर है।

स्कूल व घरों में चोरी करने वाले गिरोह का खुलासा, भारी सामान बरामद

UP Web News
तरकुलवा पुलिस ने चोरी की 2 घटनाओं का किया खुलासा, 5 आरोपी गिरफ्तार

देवरिया,23 मार्च।देवरिया जनपद के थाना तरकुलवा पुलिस ने बड़ी सफलता हासिल करते हुए चोरी की दो घटनाओं का खुलासा किया है। पुलिस ने एक विधि विरुद्ध बालक सहित कुल 5 अभियुक्तों को गिरफ्तार कर उनके कब्जे से चोरी का भारी सामान बरामद किया है।
पुलिस अधीक्षक देवरिया संजीव सुमन के निर्देशन में चलाए जा रहे अपराध नियंत्रण अभियान के तहत अपर पुलिस अधीक्षक उत्तरी आनंद कुमार पाण्डेय व क्षेत्राधिकारी नगर संजय कुमार रेड्डी के पर्यवेक्षण में यह कार्रवाई की गई। पुलिस टीम ने 22 मार्च 2026 की रात मलघोल विरैचा गांव के बाहर स्थित बाग से अभियुक्तों को गिरफ्तार किया।
गिरफ्तार अभियुक्तों में विशाल शाह, प्रेमकुमार, उपेंद्र उर्फ गुच्चू, रोहित और एक विधि विरुद्ध बालक शामिल हैं। मौके से चोरी में प्रयुक्त औजार भी बरामद किए गए।
पूछताछ में आरोपियों ने बताया कि वे दिन में कबाड़ बीनने के बहाने गांव-गांव घूमते थे और सुनसान घर या स्कूल को चिन्हित कर रात में ताला तोड़कर चोरी की घटनाओं को अंजाम देते थे। चोरी के सामान को बेचकर आपस में पैसा बांट लेते थे।
अभियुक्तों की निशानदेही पर पुलिस ने उनके ठिकानों से 5 बैटरी, एक इनवर्टर, एक टुल्लू मोटर, दो एलईडी टीवी, एक हैंडपंप, चांदी के आभूषण (पाजेब, पायल, बिछिया) सहित अन्य सामान बरामद किया है।
यह कार्रवाई थाना तरकुलवा में दर्ज दो मामलों—7 फरवरी को सिधावे गांव में हुई चोरी और 14 मार्च को पिपरा बघरा महुआरी स्थित एक स्कूल में हुई चोरी—के संबंध में की गई है।
पुलिस के अनुसार, चोरी का कुछ सामान अभियुक्तों ने लाहिलपार निवासी एक व्यक्ति को बेच दिया था, जिसकी गिरफ्तारी के लिए पुलिस टीम लगी हुई है।
गिरफ्तार अभियुक्तों में से कुछ के खिलाफ पूर्व में भी कई आपराधिक मामले दर्ज हैं। फिलहाल पुलिस ने सभी आरोपियों के खिलाफ विधिक कार्रवाई शुरू कर दी है और फरार आरोपी की तलाश जारी है।

मैनाठेर में डीआईजी पर जानलेवा हमले में 16 दोषी करार, 27 को सजा पर फैसला

Moradabad Samachar

मुरादाबाद समाचार

सोमवार को एडीजे-2 कोर्ट का फैसला
कोर्ट के दोषी मानते ही 14 लोगों को हिरासत में जेल भेजा

-मुरादाबाद में मैनाठेर थाने में डींगरपुर की 6 जुलाई, 2011 की घटना

-कोर्ट में पच्चीस आरोपियों के खिलाफ आरोप पत्र दाखिल

-हिंसक भीड़ से घिर गए थे डीआईजी अशोक कुमार सिंह
हमले से मरणासन्न अवस्था में
पहुंचे तत्कालीन डीआईजी

-उनके साथ मौजूद तत्कालीन डीएम राज शेखर व डीआईजी के हमराह भी वापस लौट गए

Post on 23.3.29
Monday, Moradabad
Rajesh Bhatia

मुरादाबाद।(उप्र समाचार सेवा)।
15 साल पहले मैनाठेर क्षेत्र में डीआईजी अशोक कुमार सिंह पर जानलेवा हमले, बवाल केस में 16 लोगों को दोषी ठहराया गया है। अदालत ने डीआईजी की बेदर्दी से पिटाई, आगजनी में सभी को दोषी करार दिया। अदालत 27 मार्च को सजा पर फैसला सुनाएगी। निर्णय के बाद पुलिस ने सभी चौदह लोगों को हिरासत में लेकर जेल भेज दिया। फैसले के दौरान दो दोषी अदालत में हाजिर नहीं हुए।

मुरादाबाद जिले में 2011 में हुआ मैनाठेर बवाल कांड खासी सुर्खियों में रहा। मैनाठेर में डींगरपुर रोड पर चल रहे बवाल को शांत कराने तत्कालीन डीएम राजशेखर और डीआईजी अशोक कुमार सिंह गए थे। पर हंगामे के बीच आक्रामक हुईं भीड़ ने बचाव के लिए आगे बढ़े डीआईजी को घेर लिया। हमला बोल दिया। भीड़ ने डीआईजी की पिस्टल भी छीनकर वर्दी भी फाड़ डाली बुरी तरह पिटाई से डीआईजी लहूलुहान होकर मरणासन्न अवस्था में पहुंच गए। शरीर पर कई जगहों पर फ्रेक्चर हुए। इस दौरान मौजूद तत्कालीन डीएम व डीआईजी के हमराह हमले से बचने को वहां से लौट गए।उत्तेजित भीड़ ने पेट्रोल पंप आदि पर आग लगाई।
पुलिस ने बवाल मामले में 25 लोगों के खिलाफ मुकदमा कायम किया। इस केस की सुनवाई मुरादाबाद में एडीजे-2 कृष्ण कुमार की अदालत में हुईं।
डीजीसी नितिन गुप्ता व कोर्ट में एडीजीसी ब्रजराज सिंह ने बताया कि मैनाठेर बवाल केस में आज 16 लोगों को साक्ष्य के आधार पर दोषी ठहराया गया। इनमें से कोर्ट में मौजूद 14 लोगों को न्यायालय के आदेश के बाद हिरासत में लेकर जेल भेज दिया गया। मामले में कोर्ट 27 मार्च को सजा पर फैसला सुनाएगी।

*बवाल केस में 25 के खिलाफ आरोपपत्र*

तीन आरोपितों की सुनवाई के दौरान मौत, छह का मामला किशोर न्यायालय में पेश
मुरादाबाद।
बवाल केस में पुलिस ने परवेज आलम समेत 25 के खिलाफ आरोपपत्र पत्र दाखिल किया गया। एडीजीसी ब्रजराज सिंह का कहना है कि सोमवार को केस की सुनवाई के बाद अदालत ने 16 लोगों को दोषी करार दिया। हालांकि इनमें तीन आरोपियों की सुनवाई के दौरान मौत हो गई। जबकि बाकी छह की कम उम्र के चलते किशोर न्यायालय बोर्ड(Juvenile Justice Board) में रखा गया। सोमवार को अदालत ने 16 को दोषी करार दिया। कोर्ट में सुनवाई के दौरान हाजिर 14 को हिरासत में लेकर जेल भेज दिया गया। जेल जाने से पहले पुलिस ने उनका मेडिकल भी कराया।

*बवाल कांड में ये दोषी*
-परवेज आलम पुत्र आसिफ
-मंजूर अहमद पुत्र मो युनूस
-मो अली पुत्र अफसर
-हाशिम पुत्र हाजी भोलू
-मो कमरूल पुत्र बाबू
-मो नाजिम पुत्र मो हुसैन
-मो मुजीफ पुत्र नन्हें
-मो युनूस पुत्र मो युसुफ
अंबरीष पुत्र अनवार मिस्त्री
-कासिम पुत्र इकबाल
-मो मोबीन उर्फ मो मोहसिन पुत्र शौकत
-मो मुजीब पुत्र बाबू जमील उर्फ जमीर अहमद
-तहजीब आलम पुत्र हाजी जमील
-जाने आलम पुत्र जुम्मा

इन धाराओं में दर्ज हुआ मुकदमा
धारा – 147,148,307, 149,336,353,436,427
395,397
आपराधिक विधि संशोधन, लोक संपत्ति क्षति निवारण अधिनियम

*तत्कालीन डीआईजी, डीएम समेत 24 के हुए बयान*
मुरादाबाद।
15 साल पहले मुरादाबाद के इतिहास में सनसनी मचाने वाले मैनाठेर प्रकरण में कोर्ट में 24 गवाहों ने बयान दर्ज कराएं। 51 लोगों को बयान के लिए लिस्ट बनाईं गई थी। पर जरुरत के हिसाब से कोर्ट में कम के बयान हुए।
एडीजीसी ब्रजराज सिंह का कहना है कि मामले की गंभीरता को देखते हुए कोर्ट में ज्यादा लोगों को बुलाया जाना था पर साक्ष्यों के आधार पर कोर्ट में तत्कालीन डीएम और अब जल निगम ग्रामीण के प्रबंध निदेशक राज शेखर, डीआईजी कोर्ट में पेश हुए और बयान दर्ज कराएं।
बवाल केस में डीआईजी की पिस्टल बरामद करने वाले एसएसआई जसवीर सिंह के अलावा हिंसक भीड़ के निशाने पर आया पेट्रोल पंप में तब सेल्समैन संतराम सिंह ने भी बयान दिए। एडीजीसी का कहना है कि भीड़ द्वारा छीनी गई डीआईजी की पिस्टल जंगल में एक गड्ढे में दबी मिलीं।आरोपियों की पूछताछ के बाद पिस्टल को तलाशा गया। कोर्ट में केस में वादी एसआई रवि कुमार के बयान अहम रहें।
इसके अलावा पुलिस की ओर से सिपाही राकेश कुमार, मो हुसैन, कौशलेंद्र , सुनील कुमार, सतीश चंद्र, राम निवास के बयान भी दर्ज हुए।

यह था मामला।
जिले में इतिहास बनी घटना 6 जुलाई वर्ष 2011 की है।मैनाठेर पुलिस ने छेड़छाड़ के एक केस में आरोपी की गिरफ्तारी को क्षेत्र के ही गांव में दबिश दी थी। पर अभियुक्त के परिजनों ने दबिश के दौरान पुलिस पर धार्मिक पुस्तक के अपमान का आरोप लगाया था। पुस्तक के अपमान से लोगों में गुस्सा भड़क गया। एक वर्ग के लोगों ने मुरादाबाद -संभल रोड को तीन जगहों पर जाम कर मैनाठेर थाने पर आग लगा दी। डींगरपुर में हिंसक भीड़ ने पुलिस चौकी व पीएसी के वाहनों में आगजनी की। बवाल पर काबू पाने के तब डीएम राजशेखर व डीआईजी अशोक कुमार सिंह संग मय फोर्स के मौके पर रवाना हुए थे। दोनों अफसर एक ही कार में सवार थे। डींगरपुर तिराहे पर भीड़ के पीएसी वाहन को फूंकता देख दोनों अधिकारी भीड़ को समझाने के लिए रुके थे। पर हिंसक भीड़ ने उनपर हमला बोल दिया। बताते हैं कि
तत्कालीन डीएम राजशेखर व डीआईजी के हमराह पुलिस कर्मी वाले भी हिंसक भीड़ के बीच डीआईजी को अकेला छोड़कर वापस लौट गए। भीड़ ने डीआईजी को बुरी तरह से पीटकर मरणासन्न हालत में छोड़ दिया। भीड़ ने डीआईजी पर फायर झोंके थे। और उनकी पिस्टल छीन ली। बुरी तरह से घायल डीआईजी को तीन महीने तक बिस्तर पर रहना पड़ा था।

*प्रकरण में आईपीएस अधिकारियों ने की थीं सीएम से शिकायत*

मैनाठेर कांड में डीआईजी को हिंसक भीड़ में अकेला छोड़ने से आईपीएस अधिकारी भी खुश नहीं थे। प्रकरण लंबे समय तक लगातार सुर्खियों में बना रहा।

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