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86वां अखिल भारतीय पीठासीन अधिकारी सम्मेलन (AIPOC) 19 जनवरी से लखनऊ में होगा

January 18, 2026

86वां अखिल भारतीय पीठासीन अधिकारी सम्मेलन (AIPOC) 19 जनवरी से लखनऊ में होगा

नई दिल्ली; 18 जनवरी, 2026:, 86वां अखिल भारतीय पीठासीन अधिकारी सम्मेलन (AIPOC) सोमवार, 19 जनवरी को उत्तर प्रदेश विधान सभा, लखनऊ में उत्तर प्रदेश की राज्यपाल श्रीमती आनंदीबेन पटेल के उद्घाटन भाषण के साथ प्रारंभ होगा। लोक सभा अध्यक्ष ओम बिरला उद्घाटन सत्र को संबोधित करेंगे। विधान सभा के अध्यक्ष सतीश महाना स्वागत भाषण देंगे। विधान परिषद के सभापति कुंवर मानवेंद्र सिंह उद्घाटन सत्र में धन्यवाद ज्ञापन प्रस्तुत करेंगे।

इस अवसर पर राज्य सभा के उपसभापति  हरिवंश तथा उत्तर प्रदेश विधान सभा में नेता प्रतिपक्ष माता प्रसाद पांडेय भी विशिष्ट जनसमूह को संबोधित करेंगे। उत्तर प्रदेश सरकार के मंत्रीगण, उत्तर प्रदेश विधान परिषद एवं उत्तर प्रदेश विधान सभा के सदस्य तथा अन्य गणमान्य अतिथि भी कार्यक्रम की शोभा बढ़ाएंगे।

विश्व में लहरा रही सनातन की पताकाः ब्रजेश पाठक

Hindu Sammelan

RSS: Hindu Sammelan Lucknow

  • डिप्टी सीएम ने विराट हिंदू सम्मेलन को किया संबोधित, एकता ही शक्ति के मूल मंत्र पर चलने का किया आह्वान
  • राष्ट्रीय स्वंयसेवक संघ के 100वें वर्ष की यात्रा के तहत आयोजित हुआ समारोह, देश के विभिन्न क्षेत्रों से आए संत

लखनऊ। 18 जनवरी , पूरे विश्व में शान के साथ सनातन धर्म की पताका लहरा रही है। यह मेरा सौभाग्य है कि देश भर से आए संतजनों के दर्शन करने का पुण्य लाभ प्राप्त हो रहा है। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के 100वें वर्ष की यात्रा अंतर्गत आयोजित “विराट हिंदू सम्मेलन” को संबोधित करते हुए डिप्टी सीएम ब्रजेश पाठक ने सभी से राष्ट्र निर्माण, सामाजिक सद्भाव और शक्ति के लिए “एकता ही शक्ति है” के मूलमंत्र पर चलने का आह्वान किया।
आलमबाग स्थित सेन्ट्रल पार्क, समर विहार कॉलोनी में आयोजित समारोह को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि कैंट विधानसभा में आयोजित हो रहे इस पावन समारोह के आयोजकों का ह्रदय से आभार है। देश भर से आए संतजनों के विशेष दर्शन करने का पुण्यलाभ हम सभी को प्राप्त हो रहा है। उन्होंने कहा कि सनातन धर्म की पताका आज शान के साथ पूरी दुनिया में लहरा रही है।
उन्होंने विशेषकर सिख समुदाय का उल्लेख करते हुए कहा कि सिख समाज के शूरवीरों के बलिदानों के कारण ही आज सनातन की ध्वजा शान से लहरा रही है। डिप्टी सीएम ब्रजेश पाठक ने कहा कि इस तरह के आयोजन एक-दूसरे के प्रति सद्भाव को बढ़ाती हैं। उन्होंने कहा कि आज सोमवती अमावस्या भी है। गुरुजनों का हमें आशीर्वाद प्राप्त हो रहा है। उन्होंने उपस्थित सभी महानुभावों का आभार भी व्यक्त किया।
इस अवसर पर समारोह के मुख्य वक्ता राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ, अवध प्रांत के सह प्रांत प्रचारक संजय जी, पूज्य महंत श्री राजीव लोचन शरण जी, श्रीअयोध्या धाम से पधारे पूज्य महंत श्री मनी दास जी, महान संत असूदाराम आश्रम, लखनऊ से पधारे संत शिरोमणि श्री साईं हरीश लाल जी, आर्य समाज मंदिर से श्री रूपचंद दीपक जी, डॉ० भीमराव अंबेडकर विश्वविद्यालय के प्रोफेसर डॉ० वी०वी० मलिक, अंतर्राष्ट्रीय बौद्ध शोध संस्थान से पधारे भंते श्री शीलरत्न जी, श्रीगुरु सिंह सभा, आलमबाग से पधारे निर्मल सिंह, पूर्व महापौर, लखनऊ, नगर निगम संयुक्ता भाटिया, गिरीश मिश्रा, मान सिंह एवं अन्य गणमान्यजन उपस्थित रहे।

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शक्ति तीर्थ पत्रिका का हुआ विमोचन

Shakti Teerth Patrika

शक्ति तीर्थ पत्रिका का विमोचन करते हुए डॉ विद्या बिंदु सिंह

लखनऊ : 18 जनवरी l मां दुर्गा उत्थान समिति , लखनऊ द्वारा आयोजित काव्य समारोह के अवसर पर शक्ति तीर्थ पत्रिका के 17 वे अंक का विमोचन एवं काव्य समारोह संपन्न हुआ l
समारोह की अध्यक्षता पद्मश्री डॉ विद्या बिंदु सिंह तथा रूप शर्मा के मुख्य अतिथि में सुनील कुमार बाजपेई ने कुशल संचालन में शशांक पांडे ने वाणी वंदना से समारोह का शुभारंभ हुआ l महामंत्री जे बी सिंह ने संस्था का परिचय कराते हुए सभी का स्वागत अभिनंदन किया l
काव्य पाठ करने वाले डॉक्टर अनुराधा पांडे ,डॉक्टर उषा बाजपेई, डॉक्टर संगीता शुक्ला, राम सिंह, डॉक्टर रश्मि , इंद्रासन सिंह , संजय समर्थ ,डॉ अर्चना श्रीवास्तव, आर्यमन शुक्ला , शशांक पांडे अशोक शुक्ला ,अनजान ,दिलीप शुक्ला ,सपना श्रीवास्तव ,आशा सिंह ,रेखा शर्मा ,रूप शर्मा आदि ने काव्य पाठ किया । संस्था के संरक्षक शिवशरण दीक्षित के मार्गदर्शन में संस्था के अध्यक्ष डॉ राजकुमार सिंह ने धन्यवाद ज्ञापन किया l

January 17, 2026

देश के सामने दो ही विकल्प मोदी के नेतृत्व में विकास या बिखरा हुआ इंडी गठबंधनः सुधांशु त्रिवेदी

लखनऊ 17 जनवरी 2026। भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय प्रवक्ता एवं राज्यसभा सांसद डॉ. सुधांशु त्रिवेदी ने आज शनिवार को लखनऊ स्थित भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश कार्यालय में प्रेसवार्ता को संबोधित किया। डॉ. सुधांशु त्रिवेदी ने बताया कि भाजपा ने दिल्ली, केरल और महाराष्ट्र के नगर निगम चुनावों में मजबूत उपस्थिति दर्ज की, तिरुवनंतपुरम में पहली बार मेयर बनाया और 40 वर्षों के कम्युनिस्ट शासन को हटाया। भाजपा सांसद ने इंडी गठबंधन की विफलता, पश्चिम बंगाल में बीएलओ अशोक चंद्र दास की आत्महत्या, पंजाब में मीडिया पर दमन और तमिलनाडु में न्यायालयिक हस्तक्षेप की घटनाओं को लोकतंत्र के लिए खतरे के रूप में बताया। डॉ. त्रिवेदी ने यह स्पष्ट किया कि देश के सामने दो विकल्प हैं, एक ओर माननीय प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी के नेतृत्व में विकास और सामाजिक समरसता और दूसरी ओर बिखरी हुई, असंगठित विपक्षी दलों का इंडी गठबंधन।

डॉ. सुधांशु त्रिवेदी ने कहा कि विगत वर्ष में दिल्ली और उसके बाद केरल के नगर निगम चुनावों में भारतीय जनता पार्टी ने अपनी महत्वपूर्ण उपस्थिति दर्ज कराई। तिरुवनंतपुरम में पहली बार भाजपा का मेयर बना है और 40 वर्षों से कम्युनिस्टों के शासन को हटाया गया। इसके साथ ही, महाराष्ट्र नगर निगम चुनावों में शानदार सफलता हासिल करते हुए भारतीय जनता पार्टी जिस स्थिति में पहुंची है, उससे एक बात स्पष्ट है कि विपक्षी दल, जो लगातार हार से कुंठित हैं और वोटों के लालच में घुसपैठिया परस्त हैं, अब निरंतर ध्वस्त होते चले जा रहे हैं। परंतु इसके साथ ही, इंडी गठबंधन की सरकारों का रवैया घनघोर लोकतांत्रिक विरोधी है।

भाजपा के राष्ट्रीय प्रवक्ता ने कहा कि एसआईआर की प्रक्रिया इस समय पूरे देश में चल रही है और आज पश्चिम बंगाल से एक दुखद खबर आई कि वहां के बीएलओ अशोक चंद्र दास जी ने आत्महत्या की। उनकी पत्नी द्वारा दर्ज कराई गई शिकायत के अनुसार उनके ऊपर भारी दबाव था कि किसी का भी नाम न काटा जाए। अर्थात्, जो संदिग्ध मतदाता हैं और जिनके पास आधिकारिक और औपचारिक दस्तावेज नहीं हैं, उनके नाम भी न काटे जाएं। पश्चिम बंगाल की सरकार द्वारा दी गई मानसिक प्रताड़ना के कारण यह घटना हुई। यह दर्शाता है कि स्वस्थ और पारदर्शी लोकतांत्रिक प्रक्रिया में विपक्षी दलों की आस्था नहीं है। दूसरी ओर, पंजाब में यदि मीडिया ने कोई प्रतिकूल खबर प्रकाशित की, तो वहां के न्यूज़पेपर और मीडिया संस्थानों पर जिस तरह रेड की गई, लोगों पर एफआईआर दर्ज की गई और कार्रवाई की गई, वह अपने आप में लोकतंत्र के लिए गंभीर खतरे का संकेत है। आज देश में यह स्पष्ट है कि संविधान खतरे में है। उत्तर प्रदेश में 1994 में, आज से लगभग 30-32 साल पहले, जब समाजवादी पार्टी की सरकार थी, तब यहां के दो बड़े समाचार पत्रों के कार्यालयों पर विधिवत हमला किया गया था। इसका कारण केवल यह था कि उन समाचार पत्रों में प्रकाशित कुछ समाचार उस समय की मुलायम सिंह की सरकार को अच्छे नहीं लगे थे। वही प्रवृत्ति और वही फितरत आज 30-32 साल बाद भी यथावत दिखाई पड़ती है। जहां एक ओर तमिलनाडु में कोर्ट के निर्णय के बावजूद, केवल एक स्तंभ के पास दीप जलाने की अनुमति देने में वहां की सरकार असमर्थ थी और न्यायाधीश को आतंकित करने के लिए उनके विरुद्ध महाभियोग लाने का नोटिस तक दे दिया गया। वहीं पश्चिम बंगाल में कोर्ट की सुनवाई के दौरान इतना उपद्रव किया गया कि उच्च न्यायालय को अपनी कार्रवाई स्थगित करनी पड़ी और उसने कहा कि ‘ऐसे वातावरण में न्यायालय की प्रक्रिया नहीं चल सकती। आज पंजाब में आम आदमी पार्टी की सरकार ने वही रवैया अपनाया है। इससे एक बात बहुत स्पष्ट है कि हार की खिसियाहट और बौखलाहट में संवैधानिक व्यवस्थाओं को तार-तार करते हुए विपक्षी दल सामने आ रहे हैं। यह पूरी तरह सत्य है कि ये लोग संविधान को अपनी जेब में ही रखते हैं और उसे उसी भाव से रखते हैं।

भाजपा सांसद ने कहा कि विपक्षी दलों बताएं कि 2024 के बाद जितने भी चुनाव हुए हैं, यह तथाकथित इंडी गठबंधन एक के बाद एक बिखरता जा रहा है। लोकसभा और राज्यसभा में इंडी गठबंधन नाम की कोई भी चीज फ्लोर ऑफ द हाउस पर मौजूद नहीं है। हमारे एनडीए के नेता, माननीय प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी हैं और सभी एनडीए सहयोगी दलों ने बाकायदा मीटिंग करके नेता चुनकर लोकसभा अध्यक्ष और राज्यसभा के सभापति को दे रखा है। मगर इंडी गठबंधन ने कोई पत्र राज्यसभा के सभापति या लोकसभा अध्यक्ष को नहीं दिया है कि सदन के पटल पर यह एक गठबंधन है और इसका नेता कोई व्यक्ति है। यानी यह गठबंधन वैसे ही हवा में निराधार था। 2025 में पहले दिल्ली में आम आदमी पार्टी अलग हुई, केरल के स्थानीय निकाय चुनावों में कांग्रेस और कम्युनिस्ट अलग-अलग लड़े और महाराष्ट्र के चुनावों में शिवसेना उबाठा (यानी उद्धव ठाकरे जी की शिवसेना) और कांग्रेस भी अलग हो गए। यह तय माना जाए कि बंगाल के चुनाव में टीएमसी कांग्रेस को कोई सीट नहीं देने जा रही है। तमिलनाडु के चुनाव में डीएमके, जो उनकी सबसे बड़ी सहयोगी दल है और जो इरेडिकेशन ऑफ सनातन धर्म यानी हिंदू धर्म को समूल नाश करने के संकल्प के लिए मशहूर है, वह 239 में से एक चौथाई सीट भी कांग्रेस को देने के लिए तैयार नहीं है। आम बोलचाल की भाषा में कहें तो, ‘रुपये में चवन्नी’ कहते हैं ना, वह चवन्नी लायक भी कांग्रेस की स्थिति नहीं समझी जा रही है।

डॉ. सुधांशु त्रिवेदी ने कहा कि उत्तर प्रदेश की सबसे मुख्य विपक्षी दल, समाजवादी पार्टी पर बृहन्मुंबई म्युनिसिपल कॉरपोरेशन के चुनावों में, उनके अरमानों पर जो गाज गिरी है। समाजवादी पार्टी केवल एक सीट जीत पाई है, जबकि भारतीय जनता पार्टी पहली बार मुंबई में मेयर बनाने जा रही है। एआई एमआईएम ने चार सीटें जीती हैं। सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव से भी यह प्रश्न किया जाना चाहिए कि अब उत्तर प्रदेश में इंडी गठबंधन का अस्तित्व है या नहीं? क्योंकि सपा ने उपचुनावों में कांग्रेस को कोई सीट नहीं दी थी और कांग्रेस ने भी आम आदमी पार्टी को दिल्ली के चुनाव में कोई सीट नहीं दी थी। दिल्ली, मुंबई और पटना के अनुभव के बाद लखनऊ में अखिलेश यादव का क्या विचार है? यह देश की जनता जानना चाहती है कि इंडी गठबंधन अभी भी मौजूद है या अब समाप्त हो चुका है। आने वाले 2026 के चुनावों में भी इसकी गति दुर्गति की ओर बढ़ती दिखाई पड़ रही है। अब इन विपक्षी दलों को इस तथाकथित इंडी गठबंधन के नाम पर देश की जनता को मूर्ख बनाने का भ्रामक प्रचार छोड़ देना चाहिए।

भाजपा के राष्ट्रीय प्रवक्ता ने कहा कि एसआईआर को लेकर अखिलेश यादव के स्वयं के बयान बड़े विचित्र और विडंबनापूर्ण हैं। जब उन्हें लगता है कि उनके वोटर एसआईआर में जुड़ गए हैं, तो वह बड़े खुश हो जाते हैं और कहते हैं कि ‘भाजपा के वोटर कट गए हैं’। फिर उन्हें लगता है कि ‘नहीं, अब उनके वोट कट रहे हैं और भाजपा के वोट जुड़ रहे हैं’। ऐसी में अखिलेश यादव बताएं कि ‘कटे’ में भी आप हैं और ‘जुड़े’ में भी आप हैं, यह समझ ही नहीं आ रहा है कि वह कहाँ खड़े हैं? आज देश की जनता बहुत स्पष्ट रूप से देख चुकी है कि दो विकल्पों के बीच में चुनाव है। एक विकल्प, माननीय प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी के नेतृत्व में सामाजिक समरसता, सौहार्द, सांस्कृतिक गौरव के साथ विकास के पथ पर बढ़ता हुआ ‘एक भारत श्रेष्ठ भारत’ है। दूसरी ओर, वर्ग और प्रांत में बटा हुआ, उत्तर और दक्षिण में बटा हुआ, जातियों में बंटा हुआ और आपस में लड़ता हुआ गठबंधन है, जो ‘भारत तेरे टुकड़े होंगे इंशाल्लाह’ का समर्थन करता है और ऐसे लोगों को ‘भटके नौजवान’ कहने वाला बिखरा हुआ विकल्प है।

भाजपा सांसद ने कहा कि आज देश की जनता को तय करना है कि वह निखरता हुआ भारत देखना चाहती है या बिखरता हुआ भारत। उत्तर प्रदेश में अखिलेश यादव बताएं कि क्या बिहार में तेजस्वी यादव के अनुभव से कोई सबक लेना चाहेंगे या कांग्रेस की नाकाम सियासी हसरतों का जनाजा अपने कंधे पर यूपी में भी ढोने के लिए तैयार रहेंगे? उत्तर प्रदेश में एक ओर मुख्यमंत्री श्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में उभरता हुआ उत्तर प्रदेश है, जो विकास के मार्ग पर बढ़ रहा है और जहाँ अनुशासन और कानून व्यवस्था एक महत्वपूर्ण मुकाम पर है। दूसरी ओर समाजवादी पार्टी के जमाने का उत्तर प्रदेश था, जिसके लिए हमें बोलने की जरूरत नहीं है, 2007 का बहुजन समाज पार्टी का नारा ही पर्याप्त है। इसलिए भाजपा राष्ट्रीय स्तर पर इंडी गठबंधन से पूछना चाहती है कि पश्चिम बंगाल में बीएलओ को आत्महत्या के लिए प्रताड़ित करना, पंजाब में मीडिया पर अटैक करना, तमिलनाडु में न्यायालय के आदेश का उल्लंघन कर न्यायाधीशों को आतंकित करने का प्रयास करना, क्या इसे नहीं माना जाएगा कि इंडी गठबंधन के हाथ में लोकतंत्र खतरे में है? नाम रख लेने से किसी का काम नहीं बदल जाता। विपक्षी दलों ने नाम ‘इंडिया’ रखा था और जब इंडिया की टीम ने वर्ल्ड कप जीता, तब बधाई देना भी उचित नहीं समझा गया। अखिलेश यादव ने भी भारतीय टीम के कप्तान सूर्यकुमार यादव को बधाई देना उचित नहीं समझा। इसलिए प्रदेश स्तर पर भाजपा अखिलेश यादव से पूछना चाहती है कि अब इंडी गठबंधन का उत्तर प्रदेश में अस्तित्व है या वह कुंठाग्रस्त, घुसपैठिया परस्त होकर ध्वस्त हो चुका है?

 

January 16, 2026

मतदाता सूची के विशेष प्रगाढ़ पुनरीक्षण हेतु चार विशेष अभियान तिथियां निर्धारित

  • मतदाता सूची के विशेष प्रगाढ़ पुनरीक्षण हेतु 18, 31 जनवरी व 1 फरवरी सहित जनपद स्तर पर जिला निर्वाचन अधिकारी द्वारा निर्धारित अन्य तिथि को चलेगा विशेष अभियान: मुख्य निर्वाचन अधिकारी नवदीप रिणवा
  • विशेष अभियान तिथियों में आलेख्य मतदाता सूची, गणना अवधि के दौरान अप्राप्त श्रेणी में चिन्हित मतदाता सूची तथा अनुपस्थित, शिफ्टेड, मृतक, डुप्लीकेट की सूची रहेगी बूथ पर उपलब्ध
  • विशेष अभियान में हर मतदान केन्द्र पर बनेगी हेल्प डेस्क, फार्म भरने में मिलेगी सहायता
  • मतदाता सूची को शुद्ध और अद्यतन बनाने के लिए विशेष अभियान दिवसों की होगी निगरानी : मुख्य निर्वाचन अधिकारी

लखनऊ, 16 जनवरी, उत्तर प्रदेश के मुख्य निर्वाचन अधिकारी नवदीप रिणवा ने बताया कि भारत निर्वाचन आयोग द्वारा अर्हता तिथि 01 जनवरी, 2026 के आधार पर विधानसभा निर्वाचन क्षेत्रों की निर्वाचक नामावलियों के विशेष प्रगाढ़ पुनरीक्षण कार्यक्रम के अंतर्गत दावे एवं आपत्तियां प्राप्त करने की अवधि 06 जनवरी, 2026 से 06 फरवरी, 2026 तक निर्धारित की गई है। इस अवधि में मतदाताओं की सुविधा के लिए विशेष अभियान तिथियां 18 जनवरी, 2026 (रविवार), 31 जनवरी, 2026 (शनिवार) एवं 01 फरवरी, 2026 (रविवार) तय की गई हैं। इसके अतिरिक्त, एक चौथी विशेष अभियान तिथि जिला निर्वाचन अधिकारियों द्वारा जनपद स्तर पर सुविधानुसार निर्धारित की जाएगी।

मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने बताया कि विशेष अभियान तिथियों के दौरान प्रदेश के सभी मतदान केन्द्रों पर संबंधित बूथ लेवल अधिकारी (बीएलओ), सहायक स्टाफ सहित निर्धारित समय पर उपस्थित रहेंगे। बीएलओ के पास 06 जनवरी, 2026 को प्रकाशित आलेख्य मतदाता सूची, गणना अवधि के दौरान अप्राप्य (Uncollectable) श्रेणी में चिन्हित मतदाताओं की सूची तथा अनुपस्थित, स्थानांतरित, मृतक व डुप्लीकेट मतदाताओं की सूची के साथ-साथ दावे एवं आपत्तियों से संबंधित सभी आवश्यक फार्म-6 (घोषणा-पत्र सहित), 6ए, 7 एवं 8 (घोषणा-पत्र सहित) पर्याप्त मात्रा में उपलब्ध रहेंगे।

उन्होंने बताया कि विशेष अभियान के दौरान प्रत्येक मतदान केन्द्र पर एक हेल्प डेस्क स्थापित की जाएगी, जहां मतदाताओं को फार्म भरने में आवश्यक सहायता प्रदान की जाएगी। इसके साथ ही मान्यता प्राप्त राष्ट्रीय एवं राज्य स्तरीय राजनीतिक दलों द्वारा नियुक्त बूथ लेवल एजेंट (बीएलए) को अभियान तिथियों की जानकारी देते हुए उनसे सहयोग प्राप्त करने के निर्देश दिए गए हैं। सभासदों, ग्राम प्रधानों एवं स्वयंसेवकों का भी नियमानुसार सहयोग लिया जाएगा।

उन्होंने बताया कि विशेष अभियान दिवसों के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए जिला निर्वाचन अधिकारी, उप जिला निर्वाचन अधिकारी, निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारी एवं सहायक निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारी द्वारा अपने क्षेत्रों में भ्रमण कर व्यवस्थाओं की निगरानी की जाएगी। जिला निर्वाचन अधिकारियों को यह भी निर्देश दिए गए हैं कि स्वंय एवं निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारी द्वारा प्रतिदिन पुनरीक्षण कार्यक्रम की गहन समीक्षा सुनिश्चित की जाए।

उन्होंने प्रदेश के सभी मतदाताओं से अपील की है कि निर्धारित विशेष अभियान तिथियों पर अपने संबंधित बूथों पर जाकर मतदाता सूची में अपना नाम अवश्य जांच लें तथा आवश्यक होने पर फार्म-6, 6ए, 7 एवं 8 ऑनलाइन अथवा ऑफलाइन माध्यम से भरकर दावे एवं आपत्तियां समय से दर्ज कराएं, ताकि मतदाता सूची शुद्ध, अद्यतन और त्रुटिरहित बनाई जा सके।

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