Web News

www.upwebnews.com

February 19, 2026

सरसंघचालक जी का लखनऊ प्रवास क्रम में दूसरे दिन १८/२/२५ को आयोजित प्रथम कार्यक्रम *शोधार्थी संवाद*

राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के सरसंघचालक डॉ मोहन भागवत जी लखनऊ विश्वविद्यालय में शोधार्थी संवाद कार्यक्रम का शुभारंभ करते हुए

शिक्षा और स्वास्थ्य सबको सुलभ होना चाहिए : डॉ. मोहन भागवत

लखनऊ । शिक्षा और स्वास्थ्य मूलभूत आवश्यकता है। यह व्यवसाय नहीं हो सकते। शिक्षा और स्वास्थ्य सबके लिए सुलभ होने चाहिए। ये बातें सरसंघचालक डॉ. मोहन भागवत ने बुधवार को लखनऊ विश्वविद्यालय के मालवीय सभागार में आयोजित शोधार्थी संवाद कार्यक्रम में कहीं। उन्होंने कहा कि पश्चिम के लोगों ने शिक्षा के साथ खिलवाड़ किया। हमारी शिक्षा व्यवस्था हटाकर अपनी थोपी। जिससे उन्हें काम करने के लिए काले अंग्रेज मिल जाए। अंग्रेजों ने जो बिगाड़ा उसको ठीक करना होगा।

संघ का लक्ष्य भारत को परम वैभव सम्पन्न बनाना

उन्होंने कहा कि संघ का कार्य देश को परम वैभव सम्पन्न बनाना है। मैं और मेरा परिवार ही सबकुछ है, यह न सोच कर पूरे देश के लिए सोचना होगा। संघ समाज की एकता और गुणवत्ता की चिंता करता है। संघ को समझना है तो संघ के अंदर आकर कर देखिये। संघ को पढ़ कर नहीं समझा जा सकता है। संघ को सम्पूर्ण हिन्दू समाज को संगठित करने वाला एक ही काम करना है। संघ किसी के विरोध में नहीं है। संघ को लोकप्रियता, प्रभाव और शक्ति नहीं चाहिए।

शोध की बड़ी भूमिका महत्वपूर्ण

सरसंघचालक ने कहा कि भारत की दिशा और दशा बदलने में शोध की बड़ी भूमिका है। सत्य परक बातें सामने आनी चाहिए। अज्ञानता से भारत को हम समझ ही नहीं पाएंगे। उन्होने शोधार्थियों से कहा कि जो भी शोध करें उसे उत्कृष्ट रूप से, प्रामाणिकता पूर्वक, तन-मन-धन से, निःस्वार्थ भाव से देश के लिए करें। उन्होंने कहा कि संघ को लेकर बहुत दुष्प्रचार होता है। शोधार्थियों को सत्य सामने लाना चाहिए।

सभी क्षेत्रों में शक्तिशाली बनाना होगा

वैश्वीकरण पर बात करते हुए उन्होंने कहा कि यह कोई बहुत बड़ी चुनौती नहीं है। आज वैश्वीकरण का मतलब बाजारीकरण से है, जो खतरनाक है। हम वसुधैव कुटुंबकम् की बात करते हैं। यानी पूरे विश्व को अपना परिवार मानते हैं। जब तक सब सुखी नहीं होंगे, एक व्यक्ति सुखी नहीं हो सकता है। इसलिए हमारा जीवन संयमित होना चाहिए, उपभोगवादी नहीं होना चाहिए। संयम, त्याग का जीवन हमारे संस्कृति आत्मबोध में है। पश्चिमी देशों ने जड़वाद फैलाया। उन देशों की सोच है कि बलशाली बनकर खुद जियो और बाकी को छोड़ दो, जो बाधक बने, उन्हें मिटा दो।यही काम आज अमेरिका, चीन कर रहे हैं। लेकिन आज दुनिया भर की समस्याओं के प्रश्नों का उत्तर भारत के पास है। विश्व गुरु बनना है तो सभी क्षेत्रों में शक्तिशाली बनना होगा। दुनिया तभी मानती है जब सत्य के पीछे शक्ति हो।

धर्म का स्वरूप शाश्वत है

उन्होंने कहा कि धर्म का शाश्वत स्वरूप सदैव प्रासंगिक है। सृष्टि जिन नियमों से चलती है, वह धर्म है। धूल का एक भी कण धर्मनिरपेक्ष नहीं हो सकता है। धर्म सबको सुख पहुंचाता है। हमारी सभी बातों में धर्म लागू है। आचरण धर्म, देश, काल के अनुसार बदलता रहता है। धर्म बताता है कि हमें अकेले नहीं सबके साथ जीना है।

पर्यावरण संरक्षण में योगदान दें

संघ प्रमुख ने कहा कि पर्यावरण के प्रति हम लोगों को मित्र भाव से जीवन को जीना चाहिए । पेड़ लगाना, पानी बचाना, एकल प्लास्टिक का प्रयोग न करना जैसे कार्य पर्यावरण संरक्षण में सहायक हो सकते हैं। हमें आधुनिक तकनीक का भी पर्यावरण संरक्षण में उपयोग करना चाहिए।”

अनुज चौधरी हत्याकांड– कोर्ट में बहन और विवेचक के बयान, जिरह पूरी

जिला जज अदालत में चल रहीं सुनवाई, 25 को अगली सुनवाई

मुरादाबाद,18 फरवरी(उप्र समाचार सेवा)।
भाजपा नेता अनुज चौधरी हत्याकांड में बुधवार को सुनवाई हुई। अदालत में अनुज की बहन ने बयान दर्ज कराए। इसके साथ ही शूटरों की गिरफ्तारी के मामले में विवेचक निरीक्षक कोर्ट में पेश हुए और बयान दर्ज कराए। बचाव पक्ष के अधिवक्ता ने बहन और विवेचक से जिरह की। जिरह पूरी हो गई।
मुरादाबाद में चर्चित अनुज चौधरी हत्याकांड की सुनवाई चल रहीं हैं। मझोला के नया मुरादाबाद स्थित पार्श्वनाथ प्रतिभा सोसायटी में भाजपा नेता अनुज चौधरी को 10 अगस्त 2023 को गोली मारकर हत्या की गई। पुलिस ने इस मामले में असमोली की ब्लॉक प्रमुख संतोष देवी के पति प्रभाकर सिंह, बेटा अनिकेत, अमित कुमार, मोहित चौधरी, पुष्पेंद्र सिंह भूरा, नीरज पाल, पूर्व ब्लॉक प्रमुख ललित कौशिक, कमल वीर सिंह , सत्येंद्र सिंह ने साजिश रची।
पुलिस का दावा है कि शूटर
सूर्यकांत शर्मा उर्फ शानू, आकाश उर्फ गटुवा, सुशील शर्मा उर्फ गोलू को सुपारी देकर हत्या कराई। पुलिस ने तीनों शूटरों को गिरफ्तार किया था। मामले की विवेचना उमेश चंद्र गुप्ता ने की।
जिला जज कोर्ट में बुधवार को सुनवाई हुई। निरीक्षक उमेश चंद्र गुप्ता ने कोर्ट में अपने बयान दर्ज कराए। आरोपियों के अधिवक्ता अभिषेक शर्मा ने जिरह की।
इस दौरान कोर्ट में अनुज चौधरी की बहन भी हाजिर हुई और बयान दर्ज कराए।अधिवक्ता का कहना है कि केस में गवाहों से जिरह पूरी हो गई।

होली पर यात्रियों की सुविधा को चलेंगी चार और जोड़ी ट्रेनें

Post on 18.2.26
Wednesday, Time 6.35 pm, Moradabad
Rajesh Bhatia

मुरादाबाद,18 फरवरी(उप्र समाचार सेवा)।
होली का त्योहार करीब है। त्योहार पर होने वाली भीड़ को देखते रेलवे ने चार और जोड़ी स्पेशल ट्रेनें चलाने की तैयारी की है। लंबी दूरी की चलने वाली ट्रेनें राजस्थान से बिहार तक सफर तय करेंगी।ट्रेनों के तीन से पांच फेरे होंगे।
होली चार मार्च को है। पर इससे पहले ट्रेनों में भीड़भाड़ बढ़ने के आसार है। एक मार्च को रविवार और दो मार्च को होलिका दहन।
लिहाजा शनिवार 28 फरवरी से ट्रेनें पैक होने लगेगी। ट्रेनों में भीड़ बढ़ने की संभावनाओं को देखते हुए होली स्पेशल ट्रेनें चला रहा है।
जोधपुर से गोरखपुर के बीच स्पेशल ट्रेन 5 से 26 मार्च तक चलेगी। वीकली चलने वाली ट्रेन के चार फेरे होंगे। श्रीगंगानगर से समस्तीपुर जंक्शन तक स्पेशल ट्रेन एक से 31 मार्च तक चलेगी। ट्रेन के पांच फेरे होंगे। तीसरी ट्रेन श्रीगंगानगर से गोरखपुर के बीच संचालित होगी। 26 फरवरी से 27 मार्च तक ट्रेन के पांच फेरे पूरे करेगी।
इसके अलावा उदयपुर से योगनगरी ऋषिकेश के बीच विशेष ट्रेन 3 मार्च से एक अप्रैल तक चलाईं जाएंगी। ट्रेन का मंडल में हरिद्वार व रुड़की स्टेशनों पर ठहराव रहेगा।
सीनियर डीसीएम का कहना है कि होली पर यात्री सुविधा के लिए विशेष ट्रेनें चलाईं जा रही है।


अवध आसाम, उज्जयिनी के दो अन्य स्टेशनों पर ठहराव बढ़े
मुरादाबाद।
डिब्रूगढ़ से लालगढ़ अवध आसाम एक्सप्रेस का डिगारु और योगनगरी ऋषिकेश से लक्ष्मीबाई नगर उज्जयिनी एक्सप्रेस का सारंगपुर स्टेशन पर रुकेगी। इन ट्रेनों के स्टाँपेज से यात्रियों को ट्रेन में सुविधा मिलेगी।

February 17, 2026

संगठित हो हिंदू समाज : डॉ. मोहन जी भागवत

Dr Mohan Rao BhagwatPosted on 17.02.2026, Tuesday, Time 07.45 PM Lucknow, Dr Mohan Bhagwat

लखनऊ। हिंदू समाज को संगठित औऱ सशक्त होने की आवश्यकता है। हमको किसी से खतरा नहीं है, लेकिन सावधान रहना है। यह बात राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के सरसंघचालक डॉ. मोहन जी भागवत ने लखनऊ के निराला नगर स्थित सरस्वती शिशु मंदिर में सामाजिक सद्भाव बैठक में बोलते हुए कही। हिंदुओं की घटती जनसंख्या पर चिंता जताते हुए उन्होंने लालच और जबरदस्ती हो रहे मतांतरण पर रोक लगाने की बात कही। उन्होंने कहा कि घर वापसी का काम तेज होना चाहिए। जो लोग हिंदू धर्म में लौटें, उनका ध्यान भी हमें रखना होगा। बढ़ती घुसपैठ पर चिंता जताते हुए उन्होंने कहा कि घुसपैठियों को डिटेक्ट, डिलीट और डिपोर्ट करना होगा। उन्हें रोजगार नहीं देना है। उन्होंने कहा कि हिंदुओं के कम से कम तीन बच्चे होने चाहिए। वैज्ञानिकों के हवाले से उन्होंने कहा कि जिस समाज में औसतन तीन से कम बच्चे होते हैं, वह समाज भविष्य में समाप्त हो जाता है। यह बात हमारे परिवारों में नव दंपतियों को बताई जानी चाहिए। डॉ. भागवत ने कहा कि विवाह का उद्देश्य सृष्टि आगे चले, यह होना चाहिए, वासना पूर्ति नहीं। इसी भावना से कर्तव्य बोध आता है।

सद्भाव बढ़ाने की जरूरत

उन्होंने कहा कि सद्भाव ना रहने से भेदभाव होता है। हम सभी एक देश, एक मातृभूमि के पुत्र हैं। मनुष्य होने के नाते हम सब एक हैं। एक समय भेद नहीं था, लेकिन समय चक्र के चलते भेदभाव की आदत पड़ गई है, जिसे दूर करना होगा। उन्होंने कहा कि सनातन विचारधारा सद्भाव की विचारधारा है।
जो विरोधी हैं, उन्हें मिटाना है, ऐसा हम नहीं मानते। एक ही सत्य सर्वत्र है। इस दर्शन को समझ कर आचरण में लाने से भेदभाव समाप्त होगा।

मातृशक्ति परिवार का आधार

सरसंघचालक जी ने कहा कि घर-परिवार का आधार मातृशक्ति है। हमारी परंपरा में कमाई का अधिकार पुरुषों को था, लेकिन खर्च कैसे हो, यह मातायें तय करती थी। मातृशक्ति विवाह के बाद दूसरे घर में आकर सभी को अपना बना लेती है। महिला को हमें अबला नहीं मानना है, वह असुर मर्दिनी है। हमने स्त्री की, प्रकृति की जो कल्पना की, वह बलशाली है। महिलाओं को आत्म संरक्षण का प्रशिक्षण होना चाहिए। पश्चिम में महिलाओं का स्तर पत्नी से है, हमारे यहां उन्हें माता माना जाता है। उनका सौंदर्य नहीं, वात्सल्य देखा जाता है।

कानून सभी को मानना है

यूजीसी गाइडलाइन को लेकर किए गए एक प्रश्न के उत्तर में सरसंघचालक जी ने कहा कि कानून सभी को मानना चाहिए। यदि कानून गलत है तो बदलने का उपाय भी है। जातियां झगड़े का कारण नहीं बनना चाहिए। समाज में अपनेपन का भाव होगा तो इस तरह की समस्या नहीं होगी। जो नीचे गिरे हैं, उन्हें झुक कर ऊपर उठाना पड़ेगा। सभी अपने हैं, यह भाव मन में होना चाहिए। संघर्ष से नहीं, समन्वय से दुनिया आगे बढ़ती है। एक को दबाकर दूसरे को खड़ा करने का भाव नहीं होना चाहिए।

विश्व का मार्गदर्शन करेगा भारत

डॉ. भागवत जी ने कहा कि भारत निकट भविष्य में विश्व को मार्गदर्शन देगा। विश्व की अनेक समस्याओं का समाधान भारत के पास ही है।

नियमित हों समाजिक सद्भाव की बैठकें

डॉ. भागवत ने समाज की सज्जन शक्ति का आह्वान करते हुए कहा कि बस्ती स्तर पर सामाजिक सद्भाव से जुड़ी बैठकें नियमित होनी चाहिए। हम आपस में मिलेंगे तो गलतफहमियां दूर होंगी। इस प्रकार की बैठकों में रूढ़ियों से मुक्त होने पर चर्चा होनी चाहिए। जो समस्याएं सामने आएं, उनको दूर करने का प्रयास होना चाहिए। जो दुर्बल है, उनकी सहायता करना चाहिए।

विदेशी शक्तियों के प्रति चेताया

उन्होंने कहा कि अमेरिका और चीन जैसे देशों में बैठे कुछ लोग हमारी सद्भावना के विरुद्ध योजना बना रहे हैं। इससे हमें सावधान रहना होगा। एक दूसरे के प्रति अविश्वास समाप्त करना होगा। एक दूसरे के दुख दर्द में शामिल होना होगा।

सम्मलित हुए विभिन्न सामाजिक संगठनों के प्रतिनिधि

कार्यक्रम में सिक्ख,बौद्ध,जैन समाज के साथ ही रामकृष्ण मिशन, इस्कॉन, जय गुरुदेव, शिव शांति आश्रम, आर्ट ऑफ लिविंग, संत निरंकारी आश्रम, संत कृपाल आश्रम, कबीर मिशन, गोरक्षा पीठ, आर्य समाज, संत रविदास पीठ, दिव्यानंद आश्रम, ब्रह्म विद्या निकेतन, सहित विभिन्न वर्गों के प्रतिनिधि सम्मिलित हुए।

Facebook link- https://www.facebook.com/share/p/17ELFXTfLC/
#लखनऊ #सामाजिक_सद्भाव_बैठक #मोहन_भागवत_जी

February 16, 2026

कांग्रेस 17 को घेरेगी विधान सभा

लखनऊ, 16 फरवरी। मनरेगा की बहाली समेत कई मांगों को लेकर कांग्रेस ने कल 17 फरवरी को विधान सभा घेरने का ऐलान किया है। घेराव के लिए प्रदेश कांग्रेस कमेटी ने प्रदेश भर से कार्यकर्ताओं को आमंत्रित क्या।

कांग्रेस के घेराव के मद्देनजर पुलिस ने राजधानी कड़ी चौकसी शुरू कर दी है। विधान मंडल का सत्र जारी रहने के कारण पुलिस प्रशासन ने अतिरिक्त सुरक्षा व्यवस्था की है। उधर कांग्रेस का आरोप है कि इसके बड़े नेताओं को घरों में नजरबंद किया जा रहा है।

« Newer PostsOlder Posts »