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भारत विरोधी ताकतों के प्रवक्ता हैं राहुल गांधी:ब्रजेश पाठक

February 25, 2026

भारत विरोधी ताकतों के प्रवक्ता हैं राहुल गांधी:ब्रजेश पाठक

लखनऊ 24 फरवरी 2026। भाजपा के वरिष्ठ नेता व प्रदेश के उपमुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक ने आज मंगलवार को भाजपा राज्य मुख्यालय, लखनऊ में आयोजित प्रेस वार्ता को संबोधित करते हएु कहा कि राहुल गाँधी की तथाकथित मुहब्बत की दुकान में केवल और केवल ‘नफरत, अराजकता, दंगा और भारत विरोध‘ का सामान मिल रहा है।
श्री पाठक ने कहा कि कांग्रेस पार्टी और राहुल गांधी ने झूठ की राजनीति के उस स्तर को छू लिया है, जहाँ से वापसी संभव नहीं है। जिस प्रकार के अनर्गल और तथ्यहीन आरोप राहुल गांधी हर दिन प्रधानमंत्री मोदी जी और भारत सरकार पर लगाते हैं और सोशल मीडिया पर विष-वमन करते हैं, वह न केवल निंदनीय हैं बल्कि ‘राष्ट्रद्रोह‘ की श्रेणी में आता है। आज देश देख रहा है कि राहुल गांधी की राजनीति का स्तर किस कदर गिर चुका है। उनका एकमात्र उद्देश्य अब झूठ पर झूठ बोलना, जनता को उकसाना, अराजकता फैलाना और भारत की ताकत को नीचा दिखाना रह गया है।

उपमुख्ममंत्री ने कहा कि जब भारत दुनिया का नेतृत्व कर रहा है, तब एआई ग्लोबल समिट में कांग्रेस नेताओं ने नंगा नाच कर न केवल देश की गरिमा को तार-तार किया, बल्कि देश को दुनिया में बदनाम करने की साजिश रची। आज राहुल गाँधी ने इस ‘नंगा नाच‘ का समर्थन कर इन नंगे कांग्रेसियों को बब्बर शेर कहा है। राहुल गांधी द्वारा इस कृत्य का समर्थन करना यह सिद्ध करता है कि इस पूरी पटकथा के सूत्रधार वही हैं।
उपमुख्यमंत्री श्री ब्रजेश पाठक ने कहा कि विरोध लोकतंत्र का हिस्सा है, लेकिन विरोध के नाम पर ‘नग्नता‘ और ‘अराजकता‘ का सहारा लेना भारतीय संस्कृति और भारत की महान विरासत के खिलाफ है। राहुल का मतलब रा-रार, हु – हुड़दंग, ल- लफंगई। देश की जनता अराजकता फैलाने वाली इस नकारात्मक राजनीति को कभी स्वीकार नहीं करेगी।
श्री पाठक ने कहा कि विदेशी प्रोपेगेंडा मशीनों के कंधे पर बंदूक रखकर भारत के प्रधानमंत्री पर कीचड़ उछालना राहुल गाँधी की पुरानी आदत है। लेकिन याद रखिए, सूरज पर थूकने से खुद का चेहरा ही गंदा होता है। देश की जनता अराजकता फैलाने वाली इस नकारात्मक राजनीति को कभी स्वीकार नहीं करेगी। उन्होंने कहा कि राहुल गाँधी खुद को ‘बब्बर शेर‘ होने का दावा करते हैं, लेकिन हकीकत यह है कि आप केवल ‘विदेशी शक्तियों के प्यादे‘ बनकर रह गए हैं। राहुल गांधी का एजेंडा स्पष्ट है-भारत की बढ़ती इकोनॉमी को रोकना और दुनिया भर में भारत की छवि को धूमिल करना।

उपमुख्यमंत्री ने कहा कि राहुल गांधी देश में भारत विरोधी ताकतों के राष्ट्रीय प्रवक्ता बन गए हैं। राहुल गांधी देश में नकारात्मक राजनीति के सबसे बड़े ब्रांड एम्बेसडर हैं। देश में अराजकता फैलाना, दंगे कराना, विदेशी मंचों पर भारत को बदनाम करना, फेक न्यूज फैलाकर लोगों को उकसाना, अफवाह फैला कर आंदोलन कराना ही राहुल गांधी की राजनीति का परिचय है। राहुल गांधी गालियां देकर सुर्खियों में बने रहना चाहते हैं। कल जिस तरह से राहुल गांधी ने फिर अनर्गल प्रलाप किया है, झूठ का प्रपंच किया है, उससे स्पष्ट है कि राहुल गांधी अब अराजकता पर उतर आए हैं। देश को हर दिन बदनाम करना और मोदी जी को गाली देना राहुल गांधी का पैशन और फैशन, दोनों बन चुका है। सच्चाई यह है कि राजीव गांधी फाउंडेशन में चीन से फंड लेने वाले लोग आज हमें ‘देश रक्षा‘ का पाठ पढ़ा रहे हैं। जनता सब देख रही है और कांग्रेस तथा राहुल गांधी के ‘झूठ के साम्राज्य‘ को बहुत जल्द जमींदोज कर देगी।

February 24, 2026

अब विधायिका को लेकर धारणा सकारात्मक: सतीश महाना

Sathish Mahana

Posted on 24.02.2026 Tuesday, Time 07.48 PM, Vidhan Sabha Adhyaksh Satish Mahana
लखनऊ। उत्तर प्रदेश विधानसभा के अध्यक्ष सतीश महाना ने कहा कि पिछले चार वर्षों में प्रदेश की विधायिका को लेकर समाज में बनी नकारात्मक धारणा में उल्लेखनीय सकारात्मक परिवर्तन आया है। श्री महाना ने कहा कि लोकतांत्रिक व्यवस्था में सभी को अपनी सीमाओं में रहकर अपनी भूमिका का निर्वहन करना चाहिए।
उत्तर प्रदेश विधानसभा के बजट सत्र के सफलतापूर्वक संपन्न होने के उपरांत आयोजित प्रेस वार्ता में अध्यक्ष ने सत्र की उपलब्धियों और सदन के बदलते स्वरूप पर विस्तार से प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि एक समय था जब विधानसभा की कार्यवाही को लेकर आमजन के मन में शंका और निराशा का भाव था, किंतु आज वही सदन गंभीर, सार्थक और परिणाममुखी चर्चाओं का केंद्र बन चुका है।
अध्यक्ष ने कहा कि 18वीं विधानसभा ने लोकतांत्रिक मूल्यों को सहेजते हुए नवाचार, पारदर्शिता और आधुनिक तकनीक को अपनाकर कार्यसंस्कृति में व्यापक सुधार किया है। उत्तर प्रदेश विधानसभा अब केवल एक ऐतिहासिक भवन नहीं, बल्कि उत्तरदायित्व, अनुशासन और जन-आकांक्षाओं की अभिव्यक्ति का सशक्त मंच बन चुकी है। इन सुधारात्मक प्रयासों के कारण प्रदेश की विधानसभा को देश की अग्रणी विधानसभाओं में प्रतिष्ठित स्थान प्राप्त हुआ है।


उन्होंने बताया कि बजट सत्र अनेक दृष्टियों से महत्वपूर्ण, विचारोत्तेजक और परिणाममुखी रहा। वित्तीय वर्ष के बजट पर विस्तृत, गंभीर और सारगर्भित चर्चा की गई। विभिन्न विभागों की अनुदान मांगों पर क्रमबद्ध विचार-विमर्श हुआ तथा जनहित से जुड़े अनेक महत्वपूर्ण विधेयकों को सदन की स्वीकृति प्राप्त हुई। प्रश्नकाल के माध्यम से शासन-प्रशासन की जवाबदेही सुनिश्चित की गई, जबकि शून्यकाल में जनसरोकार के विविध विषय प्रभावी ढंग से उठाए गए। इससे स्पष्ट है कि सदन जनता की आवाज को सरकार तक पहुँचाने का सशक्त माध्यम है।
उन्हेंने संतोष व्यक्त किया कि पूरे सत्र के दौरान पक्ष और विपक्ष दोनों ने संसदीय मर्यादाओं का सम्मान किया। मतभेद लोकतंत्र का स्वाभाविक अंग हैं, किंतु संवाद, संयम और शालीनता उसकी मूल आत्मा हैं। इस सत्र में स्वस्थ बहस, तार्किक प्रतिपादन और सकारात्मक सहभागिता देखने को मिली, जो प्रदेश की संसदीय परंपराओं के लिए अत्यंत उत्साहवर्धक है। विभिन्न दलों के सदस्यों द्वारा विधानसभा के बदलते स्वरूप की सराहना भी की गई।
पत्रकारिता को लोकतंत्र का चौथा स्तंभ बताते हुए अध्यक्ष ने मीडिया प्रतिनिधियों का विशेष आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश विधानसभा की सकारात्मक छवि को जन-जन तक पहुँचाने में मीडिया की महत्वपूर्ण भूमिका रही है। अंत में उन्होंने सभी सदस्यों, संसदीय कार्य मंत्री, नेता प्रतिपक्ष तथा विभिन्न दलों के नेताओं का धन्यवाद ज्ञापित करते हुए कहा कि सदन की गरिमा, पारदर्शिता और उत्तरदायित्व को सर्वोपरि रखते हुए भविष्य में भी स्वस्थ और सार्थक संवाद की परंपरा को और सुदृढ़ किया जाएगा।

February 23, 2026

होली पर रोडवेज चलाएगा बसें, सभी मार्गों पर मिलेंगी सुविधा

मुरादाबाद, 23 फरवरी(उप्र समाचार सेवा)।
होली पर यात्री सुविधा को लेकर रोडवेज ने व्यापक तैयारी की है। विभिन्न मार्गों पर विभाग ने बसें चलाने का शेड्यूल तैयार किया है। 28 फरवरी से नौ मार्च तक भारी संख्या में यात्रियों को सफर के लिए देखते हुए अलग-अलग रूटों पर 274 ट्रिप में बसें चलेंगीं।
मुरादाबाद रोडवेज के क्षेत्रीय प्रबंधक अनुराग यादव ने जानकारी दी। बताया कि इस बार दो मार्च से चार मार्च तक होली का पर्व मनेगा। इसे लेकर बड़ी संख्या में यात्रियों का आवागमन होगा। बसों को उनके गंतव्य तक पहुंचाने के लिए 28 फरवरी से 9 मार्च तक कई फेरों में बसें चलेंगी।
दिल्ली-कौशांबी-रामनगर के अलावा दिल्ली -कौशांबी -हल्द्वानी, दिल्ली-कौशांबी -टनकपुर आदि रूटों पर पर्याप्त संख्या में बसें चलाई जाएंगी।
दिल्ली-गोरखपुर, दिल्ली- लखनऊ, दिल्ली-संभल, कौशांबी-मुरादाबाद, दिल्ली – रायपुर के अलावा धामपुर – कालागढ़ रूट पर भी बसें संचालित होगी।
आरएम के अनुसार हरिद्वार -रुपईडीहा, हरिद्वार -लखनऊ, हरिद्वार से बरेली, कानपुर के लिए मंडल के विभिन्न डिपो से बसें चलेंगीं।
उन्होंने बताया कि बस डिपो पर त्योहार के चलते विभागीय अधिकारियों को प्रभारी और पर्यवेक्षको व स्टाफ की ड्यूटियां लगाई गई है।
बस संचालन के लिए सभी सूचनाएं व्हाट्सएप ग्रुप बनाकर साझा की जाएगी।

पूर्वांचल एक्सप्रेसवे पर भीषण हादसा, तेज रफ्तार बस पलटी, सात लोगों की मौत

 

लखनऊ। राजधानी लखनऊ के गोसाईगंज क्षेत्र में सोमवार शाम एक दर्दनाक सड़क हादसा हो गया। जौखंडी गांव के पास पूर्वांचल एक्सप्रेसवे पर तेज रफ्तार बस अनियंत्रित होकर पलट गई। यह हादसा शाम करीब 4:30 बजे हुआ, जिससे मौके पर अफरा-तफरी मच गई।
हादसे में अब तक सात लोगों की मौत की सूचना है। घटना की जानकारी मिलते ही गोसाईगंज पुलिस मौके पर पहुंची और राहत-बचाव कार्य शुरू किया। पुलिस कर्मियों ने कड़ी मशक्कत के बाद बस में फंसे यात्रियों को बाहर निकाला।
पुलिस के अनुसार हादसे में कई लोग गंभीर रूप से घायल हुए हैं, जिन्हें इलाज के लिए नजदीकी अस्पतालों में भर्ती कराया गया है। घायलों की हालत नाजुक बताई जा रही है। हादसे के कारणों की जांच की जा रही है।
गौरतलब है कि यह दुर्घटना लखनऊ जिले के अंतर्गत जौखंडी गांव के पास हुई, जहां तेज रफ्तार और संतुलन बिगड़ने को हादसे की संभावित वजह माना जा रहा है।

February 21, 2026

लखनऊ मेट्रो में सीएजी में बड़ा घोटाला पकड़ा है.

मेट्रो शोर ज्यादा करती है.. मेट्रो के टेंडर में अफसरों और ठेकेदारों ने मिलीभगत कर खूब वारे न्यारे किये..
लखनऊ। सीएजी ने अमौसी से मुंशी पुलिया तक बने लखनऊ मेट्रो कॉरिडोर के डीपीआर से लेकर टेंडर प्रक्रिया, निर्माण कार्य, खरीद की प्रक्रिया, सुरक्षा के मानक और संचालन के तरीकों पर गंभीर सवाल खड़े किए हैं.. सीएजी रिपोर्ट के मुताबिक 6,928 करोड़ रुपए लागत वाले इस प्रोजेक्ट में मेट्रो के अफसरों ने संबंधित विभागों और सक्षम व्यक्तियों की अनुमति नहीं ली.. निर्धारित प्रक्रिया का पालन नहीं किया.. टेंडर ने मनमाने फैसले लिए.. यहां तक की दस्तावेजों की जांच भी नहीं कराई..
मेट्रो के लिए पटरी बिछाने का ठेका मेसर्स कालिंदी रेल निर्माण लिमिटेड को मिला था. आईआईटी कानपुर से पटरियों की जांच कराई गई तो खुलासा हुआ कि पटरियों की कठोरता भारतीय रेलवे के निर्धारित मानकों से कम थी.. इससे न सिर्फ पटरियों बल्कि ट्रेन के पहियों के जल्दी घिसने या टूटने का खतरा बना हुआ है.
सीएजी रिपोर्ट के मुताबिक मेट्रो के लिए 24 फर्मों ने दिलचस्पी दिखाई थी जिसमें से 8 फर्म टेंडर प्रक्रिया में शामिल हुईं.. इसमें से 5 फर्म लार्सन एंड टुब्रो लिमिटेड, एफकांस इंफ्रास्ट्रक्चर लिमिटेड, गैमन इंडिया लिमिटेड, सिंपलेक्स इंफ्रास्ट्रक्चर लिमिटेड और पीएलएल सीआर 19 बी ने टेक्निकल बिड में क्वालीफाई किया. फाइनेंसियल बिड में मेसर्स गैमन इंडिया लिमिटेड को फाइनेंसियल बिड से बाहर कर दिया गया.. बाकी जो चार फर्म फाइनेंशियल बिड में शामिल हुईं, उसमें मेसर्स लार्सन एंड टुब्रो के साथ एग्रीमेंट कर लिया गया.. ऐसा क्यों किया गया!! इसका जवाब किसी के पास नहीं है..

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