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राप्ती इको पार्क के सौंदर्यीकरण कार्यों का निरीक्षण

March 21, 2026

राप्ती इको पार्क के सौंदर्यीकरण कार्यों का निरीक्षण

Santosh Kumar Singh Gorakhpur
21/03/2026


*नगर आयुक्त ने दिए एंट्री गेट, लाइटिंग व पौधारोपण सुधार के निर्देश*

गोरखपुर। राप्ती नदी के किनारे विकसित किए जा रहे राप्ती इको पार्क में चल रहे सौंदर्यीकरण कार्यों का निरीक्षण नगर आयुक्त गौरव सिंह सोगरवाल द्वारा किया गया। निरीक्षण के दौरान पार्क में चल रही विभिन्न व्यवस्थाओं और निर्माण कार्यों की प्रगति का जायजा लिया गया।
निरीक्षण के समय अधिशासी अभियंता अशोक भाटी, अवर अभियंता दीपक शाह सहित अन्य संबंधित अधिकारी मौजूद रहे। अधिकारियों के साथ पार्क परिसर का भ्रमण करते हुए नगर आयुक्त ने एंट्री गेट, पार्क के अंदर प्लांटेशन, लाइटिंग व्यवस्था, सेल्फी प्वाइंट, हाईमास्ट लाइट, गेट के सौंदर्यीकरण तथा डिवाइडर पर पौधारोपण से जुड़े कार्यों की समीक्षा की।
उन्होंने संबंधित अधिकारियों को निर्देशित किया कि पार्क को आकर्षक और व्यवस्थित बनाने के लिए सभी कार्यों को तय मानकों के अनुरूप और समयबद्ध तरीके से पूरा किया जाए। विशेष रूप से एंट्री गेट के सौंदर्यीकरण, पर्याप्त प्रकाश व्यवस्था और हरियाली बढ़ाने पर जोर दिया गया, ताकि आने वाले लोगों को बेहतर अनुभव मिल सके।
नगर आयुक्त ने कहा कि राप्ती इको पार्क शहर के प्रमुख आकर्षण स्थलों में विकसित किया जा रहा है, इसलिए इसके सौंदर्यीकरण में गुणवत्ता और साफ-सफाई का विशेष ध्यान रखा जाए। साथ ही उन्होंने निर्देश दिया कि डिवाइडर और पार्क परिसर में अधिक से अधिक पौधारोपण कर हरित वातावरण को बढ़ावा दिया जाए।
निरीक्षण के दौरान अधिकारियों को यह भी सुनिश्चित करने को कहा गया कि सभी कार्यों में किसी प्रकार की लापरवाही न हो और नियमित मॉनिटरिंग के माध्यम से कार्यों की गुणवत्ता बनाए रखी जाए।

पिपराईच पुलिस की तत्परता, एक घंटे में गुमशुदा बालक को परिजनों से मिलाया

Santosh Kumar Singh Gorakhpur
21/03/2026

फैमिली मार्ट के पास भटक रहा था 9 वर्षीय बच्चा, पुलिस ने सोशल मीडिया व पूछताछ से ढूंढे परिजन

गोरखपुर। पिपराईच थाना पुलिस की तत्परता और सक्रियता का एक सराहनीय उदाहरण सामने आया है। थाना क्षेत्र में भटक रहे एक 9 वर्षीय गुमशुदा बालक को पुलिस ने मात्र एक घंटे के भीतर उसके परिजनों का पता लगाकर सकुशल उन्हें सौंप दिया। इस कार्य से बालक के परिवार ने राहत की सांस ली और पुलिस की प्रशंसा की।
पुलिस के अनुसार, शुक्रवार को थाना पिपराईच पर सूचना प्राप्त हुई कि थाना क्षेत्र के अंतर्गत स्थित फैमिली मार्ट के पास एक छोटा बालक भटक रहा है, जो अपना नाम और पता स्पष्ट रूप से नहीं बता पा रहा है। सूचना मिलते ही पुलिस तत्काल सक्रिय हो गई और मौके पर पहुंचकर बालक को सुरक्षित अपने संरक्षण में लिया।
यह कार्रवाई वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक गोरखपुर के निर्देशन में, पुलिस अधीक्षक उत्तरी के मार्गदर्शन तथा क्षेत्राधिकारी चौरी चौरा के पर्यवेक्षण में की गई। प्रभारी निरीक्षक पिपराईच अतुल कुमार श्रीवास्तव के नेतृत्व में पुलिस टीम ने तेजी से काम करते हुए बालक के परिजनों की तलाश शुरू कर दी।
पुलिस टीम ने सबसे पहले आसपास के दुकानदारों और स्थानीय लोगों से बालक के बारे में जानकारी जुटाई। साथ ही क्षेत्र में पूछताछ अभियान चलाया गया, ताकि यह पता लगाया जा सके कि बालक किस इलाके का रहने वाला है। इसके अलावा पुलिस ने सोशल मीडिया का भी सहारा लिया और बालक के बारे में जानकारी साझा कर संभावित परिजनों तक सूचना पहुंचाने का प्रयास किया।
पुलिस की सक्रियता और समन्वित प्रयासों का परिणाम यह रहा कि महज एक घंटे के भीतर बालक के परिजनों के बारे में जानकारी मिल गई। इसके बाद पुलिस ने नियमानुसार आवश्यक कार्रवाई करते हुए बालक को उसके परिवार के सुपुर्द कर दिया। अपने बच्चे को सुरक्षित पाकर परिजनों की आंखों में खुशी और राहत साफ दिखाई दे रही थी।
इस सराहनीय कार्य में थाना पिपराईच के प्रभारी निरीक्षक अतुल कुमार श्रीवास्तव और कांस्टेबल सुनील कुमार की महत्वपूर्ण भूमिका रही। कांस्टेबल सुनील कुमार ने मौके पर पहुंचकर बालक को सुरक्षित रखा और उसके परिजनों की जानकारी जुटाने में सक्रिय भूमिका निभाई।
पुलिस अधिकारियों ने बताया कि गुमशुदा बच्चों की तलाश और उनकी सुरक्षा पुलिस की प्राथमिकता में शामिल है। ऐसे मामलों में पुलिस त्वरित कार्रवाई करते हुए बच्चों को सुरक्षित उनके परिवार तक पहुंचाने का हर संभव प्रयास करती है।
स्थानीय लोगों ने भी पिपराईच पुलिस की इस तत्परता की सराहना की और कहा कि समय रहते पुलिस की सक्रियता से एक परिवार को बड़ी चिंता से राहत मिली। इस घटना ने यह भी संदेश दिया कि पुलिस और समाज के सहयोग से ऐसे मामलों को जल्दी सुलझाया जा सकता है।

March 20, 2026

डंपरों की रफ्तार पर लगेगा ब्रेक, हादसों पर सख्ती

Santosh Kumar Singh Gorakhpur
20/03/2026

**मंडलायुक्त, डीआईजी, एसएसपी व डीएम का कड़ा निर्देश—नियम तोड़ने पर कार्यदाई संस्थाएं होंगी जिम्मेदार*

 

गोरखपुर। जनपद में चल रहे विभिन्न विकास कार्यों में मिट्टी ढोने वाले डंपरों से लगातार बढ़ रही सड़क दुर्घटनाओं को लेकर प्रशासन अब पूरी तरह सख्त नजर आ रहा है। बीते कुछ दिनों में डंपरों की चपेट में आकर कई लोगों की जान जाने की घटनाओं ने शासन-प्रशासन को गंभीर चिंता में डाल दिया है। इसी क्रम में मंडलायुक्त अनिल ढींगरा की अध्यक्षता में एक उच्चस्तरीय बैठक आयोजित की गई, जिसमें डीआईजी रेंज एस. चनप्पा, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक डॉ. कौस्तुभ और जिलाधिकारी दीपक मीणा सहित संबंधित विभागों के अधिकारी एवं कार्यदाई संस्थाओं के प्रतिनिधि उपस्थित रहे।
बैठक का मुख्य उद्देश्य डंपरों के संचालन में हो रही अनियमितताओं, ओवरस्पीडिंग और सुरक्षा मानकों की अनदेखी को रोकना तथा आमजन की सुरक्षा सुनिश्चित करना था। मंडलायुक्त अनिल ढींगरा ने बैठक में बेहद कड़े शब्दों में कहा कि विकास कार्यों के नाम पर किसी भी प्रकार की लापरवाही अब बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने स्पष्ट किया कि कार्यदाई संस्थाओं को अपने अधीन संचालित सभी वाहनों पर सख्त निगरानी रखनी होगी और यह सुनिश्चित करना होगा कि सभी नियमों का पालन किया जाए।
मंडलायुक्त ने कहा कि यह लगातार देखने में आ रहा है कि मिट्टी ढोने वाले डंपर तेज रफ्तार में सड़कों पर दौड़ रहे हैं, जिससे आम नागरिकों की जान जोखिम में पड़ रही है। कई मामलों में यह भी पाया गया है कि वाहन चलाने वाले चालक प्रशिक्षित नहीं होते या उनके पास वैध हैवी ड्राइविंग लाइसेंस नहीं होता। इस तरह की लापरवाही सीधे-सीधे हादसों को न्योता देती है।
डीआईजी रेंज एस. चनप्पा ने कहा कि यातायात नियमों का उल्लंघन किसी भी स्थिति में स्वीकार नहीं किया जाएगा। उन्होंने पुलिस अधिकारियों को निर्देश दिया कि डंपरों के खिलाफ विशेष अभियान चलाकर ओवरस्पीडिंग, गलत रूट पर संचालन और नियमों की अनदेखी करने वालों पर सख्त कार्रवाई की जाए। उन्होंने कहा कि सड़क सुरक्षा सुनिश्चित करना पुलिस की प्राथमिक जिम्मेदारी है और इसमें किसी प्रकार की ढिलाई नहीं बरती जाएगी।
वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक डॉ. कौस्तुभ ने बैठक में कहा कि पिछले पांच दिनों में डंपरों की चपेट में आकर लोगों का मौत होना अत्यंत गंभीर और चिंताजनक विषय है। उन्होंने कहा कि सभी कार्यदाई संस्थाएं अपने वाहनों की नियमित जांच कराएं और यह सुनिश्चित करें कि वाहन तकनीकी रूप से फिट हों।
वहीं जिलाधिकारी दीपक मीणा ने ड्राइवरों की योग्यता और जिम्मेदारी पर विशेष जोर देते हुए कहा कि केवल 18 वर्ष से अधिक आयु के और वैध हैवी लाइसेंस धारक ही डंपर चलाएं। उन्होंने स्पष्ट रूप से कहा कि कई मामलों में यह देखा गया है कि डंपर चालक बगल में बैठा रहता है और खलासी वाहन चला रहा होता है, जो न केवल अवैध है बल्कि अत्यंत खतरनाक भी है। ऐसी प्रवृत्ति पर तत्काल रोक लगाने के निर्देश दिए गए हैं।
जिलाधिकारी ने यह भी कहा कि सभी डंपर निर्धारित रूट पर ही संचालित होंगे। यदि कोई वाहन निर्धारित मार्ग से हटकर अन्य रास्तों पर चलता पाया जाता है तो उसके खिलाफ तत्काल कार्रवाई की जाएगी। इससे न केवल ट्रैफिक व्यवस्था प्रभावित होती है बल्कि दुर्घटनाओं की संभावना भी बढ़ जाती है।
बैठक में यह महत्वपूर्ण तथ्य भी सामने आया कि अधिकांश डंपर चालकों को “चक्कर” (ट्रिप) के आधार पर भुगतान किया जाता है, जिसके कारण वे अधिक कमाई के लालच में तेज गति से वाहन चलाते हैं और अधिक से अधिक चक्कर लगाने का प्रयास करते हैं। यही प्रवृत्ति सड़क हादसों का एक प्रमुख कारण बन रही है। इस पर मंडलायुक्त ने कार्यदाई संस्थाओं को अपनी भुगतान प्रणाली की समीक्षा करने और सुरक्षित ड्राइविंग को प्राथमिकता देने के निर्देश दिए।
मंडलायुक्त अनिल ढींगरा ने सख्त चेतावनी देते हुए कहा कि यदि भविष्य में किसी भी डंपर से दुर्घटना होती है और उसमें किसी व्यक्ति की मृत्यु होती है, तो उसकी पूरी जिम्मेदारी संबंधित कार्यदाई संस्था की होगी। ऐसे मामलों में न केवल एफआईआर दर्ज होगी, बल्कि संस्था के खिलाफ कड़ी प्रशासनिक कार्रवाई भी की जाएगी, जिसमें ब्लैकलिस्टिंग तक शामिल हो सकती है।
बैठक में एडीएम (वित्त) विनीत कुमार सिंह, पीडब्ल्यूडी के नोडल अधिकारी ए.के. सिंह, जिला खनन अधिकारी सहित अन्य संबंधित विभागों के अधिकारी मौजूद रहे। सभी को निर्देश दिया गया कि वे अपने-अपने स्तर पर निगरानी व्यवस्था को और मजबूत करें तथा समय-समय पर औचक निरीक्षण कर यह सुनिश्चित करें कि सभी निर्देशों का पालन हो रहा है।
अधिकारियों ने यह भी स्पष्ट किया कि आने वाले दिनों में जनपद भर में विशेष चेकिंग अभियान चलाया जाएगा, जिसमें डंपरों की गति, चालक की योग्यता, वाहन की फिटनेस और रूट परमिट की गहन जांच की जाएगी। नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ सख्त दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी।
प्रशासन के इस कड़े रुख से यह स्पष्ट संदेश दिया गया है कि अब सड़क सुरक्षा के साथ कोई समझौता नहीं किया जाएगा। आम नागरिकों की सुरक्षा सर्वोपरि है और इसके लिए हर आवश्यक कदम उठाया जाएगा।

सहजनवा पुलिस की तत्परता, 1 घंटे में गुमशुदा बच्ची बरामद*

Santosh Kumar Singh Gorakhpur
20/03/2026

 

*सीसीटीवी व त्वरित कार्रवाई से 3 वर्षीय मासूम सकुशल परिजनों को सौंपा*

गोरखपुर। सहजनवा थाना क्षेत्र में पुलिस की मुस्तैदी से एक गुमशुदा 3 वर्षीय बच्ची को मात्र एक घंटे के भीतर सकुशल बरामद कर परिजनों को सौंप दिया गया। इस त्वरित कार्रवाई से परिजनों ने राहत की सांस ली और पुलिस की सराहना की।
वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक के निर्देशन, पुलिस अधीक्षक उत्तरी के मार्गदर्शन तथा क्षेत्राधिकारी गीडा के पर्यवेक्षण में थानाध्यक्ष सहजनवा के नेतृत्व में पुलिस टीम ने यह सराहनीय कार्य किया।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, गुरुवार को एक महिला अपनी 3 वर्षीय बच्ची के साथ बाजार गई थी, जहां भीड़ के दौरान बच्ची उनसे बिछड़कर लापता हो गई। घबराई मां ने तत्काल थाना सहजनवा में सूचना दी।
सूचना मिलते ही पुलिस टीम सक्रिय हो गई और आसपास के क्षेत्रों में तलाश शुरू की गई। सीसीटीवी फुटेज व अन्य माध्यमों की मदद से महज एक घंटे के भीतर बच्ची को सकुशल बरामद कर लिया गया। इसके बाद नियमानुसार कार्रवाई करते हुए बच्ची को उसके परिजनों के सुपुर्द कर दिया गया।
इस त्वरित और प्रभावी कार्रवाई के लिए स्थानीय लोगों ने सहजनवा पुलिस की प्रशंसा की है।

गोवंश तस्करी से जुड़े संगठित गिरोह पर शिकंजा, आरोपी पर कई संगीन मुकदमे दर्ज

Santosh Kumar Singh Gorakhpur
20/03/2026

*गगहा पुलिस की कार्रवाई, गैंगस्टर एक्ट का वांछित अभियुक्त गिरफ्तार*

गोरखपुर। संगठित अपराधों पर अंकुश लगाने के लिए चलाए जा रहे अभियान के तहत गगहा थाना पुलिस ने गैंगस्टर एक्ट के एक वांछित अभियुक्त को गिरफ्तार कर बड़ी सफलता हासिल की है।
वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक के निर्देशन, पुलिस अधीक्षक दक्षिणी के मार्गदर्शन एवं क्षेत्राधिकारी बांसगांव के पर्यवेक्षण में प्रभारी निरीक्षक गगहा के नेतृत्व में यह कार्रवाई की गई। पुलिस ने थाना गगहा पर पंजीकृत मु0अ0सं0-061/2026 धारा 2(b)(xi), 2(b)(xvii), 3(1) उत्तर प्रदेश गैंगस्टर एक्ट से संबंधित वांछित अभियुक्त विनोद पाल को गिरफ्तार किया है।
पुलिस के अनुसार, अभियुक्त विनोद पाल एक संगठित गिरोह का सदस्य है, जो आर्थिक व भौतिक लाभ के उद्देश्य से गोवंशीय पशुओं की तस्करी में लिप्त रहा है। इस संबंध में प्राप्त तहरीर के आधार पर मुकदमा पंजीकृत कर कार्रवाई की जा रही थी।
गिरफ्तार अभियुक्त विनोद पाल पुत्र खुबलाल पाल, निवासी उज्जरपार थाना गगहा जनपद गोरखपुर का रहने वाला है। उसके खिलाफ पहले से ही कई गंभीर आपराधिक मामले दर्ज हैं, जिनमें हत्या (धारा 302), साक्ष्य मिटाने (धारा 201) सहित गोवध निवारण अधिनियम और पशु क्रूरता अधिनियम के तहत मुकदमे शामिल हैं।
पुलिस ने अभियुक्त को गिरफ्तार कर आगे की विधिक कार्रवाई शुरू कर दी है। अधिकारियों का कहना है कि जनपद में अपराध और अपराधियों के खिलाफ अभियान लगातार जारी रहेगा।

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