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किशोर न्याय एवं बाल संरक्षण पर गोरखपुर में आयोजित हुआ एकदिवसीय जोनल प्रशिक्षण कार्यक्रम*

February 28, 2026

किशोर न्याय एवं बाल संरक्षण पर गोरखपुर में आयोजित हुआ एकदिवसीय जोनल प्रशिक्षण कार्यक्रम*

Santosh Kumar Singh
Gorakhpur
28/02/2026

डीजीपी उत्तर प्रदेश ने वर्चुअल माध्यम से किया संबोधन, एडीजी गोरखपुर जोन मुथा अशोक जैन रहे मुख्य अतिथि*

गोरखपुर। किशोर न्याय अधिनियम के तहत बालकों की देखरेख एवं संरक्षण को प्रभावी बनाने के उद्देश्य से गोरखपुर स्थित सर्किट हाउस के समीप बाबा गंभीर नाथ प्रेक्षागृह में एकदिवसीय जोनल स्तरीय प्रशिक्षण कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम को उत्तर प्रदेश के पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) द्वारा गूगल मीट के माध्यम से संबोधित किया गया, जबकि कार्यक्रम के मुख्य अतिथि गोरखपुर जोन के अपर पुलिस महानिदेशक (एडीजी) मुथा अशोक जैन रहे।
कार्यक्रम का शुभारंभ एडीजी मुथा अशोक जैन द्वारा दीप प्रज्वलित कर किया गया। अपने संबोधन में उन्होंने कहा कि वर्तमान समय में समाज तेजी से बदल रहा है और हम 21वीं सदी में प्रवेश कर चुके हैं, ऐसे में पुलिस एवं सुरक्षा एजेंसियों को भी समय के अनुरूप अपनी कार्यप्रणाली में बदलाव लाना आवश्यक है। उन्होंने कहा कि सोशल मीडिया का प्रभाव बच्चों और किशोरों के व्यवहार पर स्पष्ट रूप से दिखाई दे रहा है, जिसका असर अपराध की प्रकृति और पुलिस के दैनिक कार्यों में भी देखने को मिल रहा है।
उन्होंने कहा कि आज मोबाइल, इंटरनेट और सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म बच्चों की सोच और व्यवहार को प्रभावित कर रहे हैं। कई मामलों में बच्चे घर छोड़कर दूसरे शहरों की ओर चले जाते हैं, जिससे परिवार और प्रशासन दोनों के सामने गंभीर चुनौतियां उत्पन्न हो जाती हैं। ऐसी परिस्थितियों में पुलिस, एसएसबी, जीआरपी, आरपीएफ तथा सामाजिक संगठनों के बीच समन्वय अत्यंत आवश्यक है।
एडीजी ने कहा कि यह प्रशिक्षण कार्यक्रम एक ऐसा मंच है जहां बच्चों से जुड़े सभी विभाग एवं एजेंसियां मिलकर विचार-विमर्श कर सकती हैं। भारत युवा देश है और आज के बच्चे ही आने वाले वर्षों में देश का भविष्य तय करेंगे, इसलिए उनके साथ संवेदनशील व्यवहार और उचित मार्गदर्शन बेहद जरूरी है।
उन्होंने जेजे एक्ट (Juvenile Justice Act) और पॉक्सो एक्ट का उल्लेख करते हुए कहा कि कानून का उद्देश्य बच्चों को दंडित करना नहीं बल्कि उनका संरक्षण करना अधिक महत्वपूर्ण है। कई मामलों में पीड़ित और आरोपी दोनों ही बच्चे होते हैं, इसलिए पुलिस को कानून के साथ संवेदनशील दृष्टिकोण अपनाते हुए कार्य करना चाहिए।
एडीजी अशोक जैन ने सभी अधिकारियों से खुलकर प्रश्न पूछने और प्रशिक्षण का अधिकतम लाभ लेने का आह्वान किया। उन्होंने सुझाव दिया कि जोन स्तर पर पुलिस, जीआरपी और आरपीएफ का संयुक्त व्हाट्सएप ग्रुप बनाया जाए, जिसमें सभी जनपदों के थाना प्रभारी भी जुड़े रहें, ताकि बच्चों से संबंधित मामलों में त्वरित सूचना एवं समन्वय स्थापित किया जा सके।
उन्होंने कहा कि अक्सर घर से निकले बच्चे दूसरे जिलों या राज्यों में पहुंच जाते हैं, ऐसे में अंतरजनपदीय समन्वय अत्यंत आवश्यक हो जाता है। आपसी सहयोग और सूचना साझा करने की व्यवस्था मजबूत होने से बच्चों की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सकती है।
इस अवसर पर डीआईजी एस. चन्नप्पा, जिलाधिकारी दीपक मीणा, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक डॉ. कौस्तुभ, एसपी सिटी अभिनव त्यागी, एसपी नॉर्थ ज्ञानेंद्र , एसपी साउथ दिनेश पुरी, अपर पुलिस अधीक्षक दिनेश गोदारा सहित गोरखपुर जोन के विभिन्न जनपदों से आए पुलिस अधिकारी, सुरक्षा एजेंसियों के प्रतिनिधि एवं संबंधित विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।

February 27, 2026

होली से पहले विरासत गलियारे से हर हाल में हटे मलबा : मंडलायुक्त*

Santosh Kumar Singh
Gorakhpur
27/02/2026

10 करोड़ से अधिक लागत की निर्माण परियोजनाओं की समीक्षा, कार्यों में तेजी लाने के निर्देश*

गोरखपुर। मंडलायुक्त अनिल ढींगरा ने आयुक्त सभागार में 10 करोड़ रुपये से अधिक लागत वाली विभिन्न निर्माण परियोजनाओं की समीक्षा बैठक आयोजित कर संबंधित विभागों के अधिकारियों को कार्यों में तेजी लाने के निर्देश दिए।
बैठक के दौरान लोक निर्माण विभाग द्वारा कराए जा रहे विरासत गलियारा निर्माण कार्य की समीक्षा करते हुए मंडलायुक्त ने स्पष्ट निर्देश दिया कि आगामी होली पर्व के दौरान निकलने वाली शोभायात्रा को देखते हुए गलियारे में पड़े समस्त मलबे को हर हाल में आज शाम तक हटाया जाए। उन्होंने कहा कि निर्माण कार्य में आ रही सभी समस्याओं का तत्काल समाधान कर कार्य की प्रगति सुनिश्चित की जाए, ताकि आमजन को किसी प्रकार की असुविधा न हो।
मंडलायुक्त ने नौसड़–पैडलेगंज 6 लेन मार्ग, जिला जेल बाईपास, एच.एन. सिंह चौराहे से गोरखनाथ मंदिर तक प्रस्तावित 2/4 लेन सड़क निर्माण सहित अन्य महत्वपूर्ण परियोजनाओं की समीक्षा करते हुए कार्यों को निर्धारित समय सीमा में पूर्ण करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि सड़कों के निर्माण पूर्ण होने से शहरवासियों को बेहतर और सुगम आवागमन की सुविधा प्राप्त होगी।
सेतु निगम के अधिकारियों से निर्माणाधीन पुलों की प्रगति की जानकारी लेते हुए मंडलायुक्त ने अवशेष कार्यों को शीघ्र पूरा कराने पर जोर दिया। इसके साथ ही एसएसएफ मार्ग, रामजानकी मार्ग, भटहट–बांसस्थान फोरलेन, गोरखपुर–पिपराईच फोरलेन सहित विभिन्न सड़क परियोजनाओं की प्रगति की समीक्षा करते हुए संबंधित अधिकारियों को कार्यों में गति लाने के निर्देश दिए।
बैठक में जिलाधिकारी दीपक मीणा, नगर आयुक्त गौरव सिंह सोगरवाल, प्रभागीय वनाधिकारी विकास यादव, अपर जिलाधिकारी (वित्त) विनीत सिंह, मुख्य राजस्व अधिकारी हिमांशु वर्मा, उपजिलाधिकारी सदर दीपक गुप्ता सहित संबंधित विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।

पत्रकार अग्निवेश सिंह की मौत पर जिला अस्पताल में उमड़ा पत्रकारों का जनसैलाब*

Santosh Kumar Singh
Gorakhpur
27/02/2026

*दोषियों व लापरवाह अधिकारियों पर कार्रवाई की मांग, मेडिकल टीम गठित कर पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया शव*

गोरखपुर। बांसगांव क्षेत्र में नाली विवाद के दौरान गंभीर रूप से घायल हुए गोरखपुर जर्नलिस्ट प्रेस क्लब के आजीवन सदस्य अग्निवेश सिंह की मौत के बाद जिला अस्पताल परिसर में शोक और आक्रोश का माहौल देखने को मिला। घटना की सूचना मिलते ही बड़ी संख्या में पत्रकार जिला अस्पताल पहुंच गए और पूरे मामले की विधिक प्रक्रिया को स्वयं निगरानी में पूरा कराया।
गोरखपुर जर्नलिस्ट प्रेस क्लब के अध्यक्ष ओंकार धर द्विवेदी, उपाध्यक्ष धनेश, मंत्री पंकज श्रीवास्तव, संयुक्त मंत्री महेंद्र गौड़, कोषाध्यक्ष दुर्गेश यादव, सदस्य डॉ. मनोज मिश्रा, रजनीश त्रिपाठी , संतोष कुमार सिंह सहित मान्यता प्राप्त पत्रकार समिति के अध्यक्ष अरविंद राय, पूर्व अध्यक्ष रितेश मिश्रा, वरिष्ठ पत्रकार टी.पी. शाही, रामचंद्र शाही, राजू सैनी, राजेश कुमार, शिवहर्ष द्विवेदी प्रिंस पांडेय वेद पाठक निखलेश प्रताप समेत तमाम पत्रकार जिला अस्पताल पहुंचे।
पत्रकारों की मौजूदगी में मृतक अग्निवेश सिंह के शव का पंचनामा कराया गया तथा आवश्यक कानूनी प्रक्रिया पूरी कर शव को पोस्टमार्टम हेतु बीआरडी मेडिकल कॉलेज भेजा गया। पत्रकार प्रतिनिधिमंडल ने मुख्य चिकित्सा अधिकारी (सीएमओ) से वार्ता कर मेडिकल टीम गठित कराए जाने की मांग की, जिस पर तत्काल संज्ञान लेते हुए मेडिकल टीम का गठन किया गया और शव को पोस्टमार्टम हाउस रवाना किया गया।
इस दौरान जिला अस्पताल परिसर में पत्रकारों का भारी हुजूम मौजूद रहा। सभी ने एक स्वर में घटना की निष्पक्ष जांच, आरोपियों की तत्काल गिरफ्तारी तथा पूर्व में दिए गए प्रार्थना पत्रों पर कार्रवाई न करने वाले जिम्मेदार अधिकारियों के विरुद्ध भी कठोर कार्रवाई की मांग उठाई।
पत्रकारों ने कहा कि यदि समय रहते प्रशासन द्वारा शिकायतों पर प्रभावी कार्रवाई की गई होती तो आज एक सक्रिय पत्रकार को अपनी जान नहीं गंवानी पड़ती। उन्होंने चेतावनी दी कि दोषियों एवं लापरवाह अधिकारियों पर कार्रवाई नहीं हुई तो पत्रकार समाज आंदोलन के लिए बाध्य होगा इस दुखद घटना से पत्रकार जगत में शोक व्याप्त है।

Gorakhpur. A pall of gloom descended on the district hospital premises following the death of Agnivesh Singh, a life member of the Gorakhpur Journalists Press Club, who was critically injured during a drain dispute in the Bansgaon area. As soon as the news of the incident was received, a large number of journalists reached the district hospital and completed the legal process of the entire case under their own supervision. Gorakhpur Journalists Press Club President Onkar Dhar Dwivedi, Vice President Dhanesh, Minister Pankaj Srivastava, Joint Minister Mahendra Gaur, Treasurer Durgesh Yadav, Members Dr. Manoj Mishra, Rajneesh Tripathi, Santosh Kumar Singh, President of Recognized Journalists Committee Arvind Rai, Former President Ritesh Mishra, Senior Journalist T. P. Shahi, Ramchandra Shahi, Raju Saini, Rajesh Kumar, Shivharsh Dwivedi Pandey Prince Ved Pathak Nikhlesh Pratap and many journalists reached the district hospital.

गीडा क्षेत्र में अवैध रूप से खड़े टैंकरों पर दर्ज होगा मुकदमा : मंडलायुक्त

Santosh Kumar Singh
Gorakhpur
27/02/2026

*उद्योग बंधुओं की समस्याओं के समाधान को लेकर मंडलायुक्त अनिल ढींगरा की अध्यक्षता में बैठक*


गोरखपुर। मंडलायुक्त सभागार में मंडलायुक्त अनिल ढींगरा की अध्यक्षता में उद्योग बंधुओं के साथ समीक्षा बैठक आयोजित की गई, जिसमें गीडा (गोरखपुर औद्योगिक विकास प्राधिकरण) क्षेत्र की विभिन्न समस्याओं पर विस्तार से चर्चा की गई।
बैठक के दौरान उद्योग बंधुओं द्वारा गीडा क्षेत्र में अवैध रूप से टैंकर खड़े किए जाने की समस्या उठाई गई। इस पर मंडलायुक्त ने कड़ा रुख अपनाते हुए निर्देश दिया कि सड़क किनारे या औद्योगिक क्षेत्र में अवैध तरीके से टैंकर खड़ा करने वालों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया जाए। उन्होंने कहा कि टैंकरों के खड़े रहने से उद्योगों की बड़ी मालवाहक गाड़ियों के आवागमन में गंभीर दिक्कतें उत्पन्न होती हैं, जिससे औद्योगिक गतिविधियां प्रभावित होती हैं।
मंडलायुक्त ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि उद्योग बंधुओं को किसी प्रकार की असुविधा न हो, इसके लिए नियमित निगरानी एवं प्रभावी कार्रवाई सुनिश्चित की जाए। साथ ही औद्योगिक क्षेत्र की अन्य समस्याओं एवं व्यवस्थाओं पर भी चर्चा करते हुए उनके शीघ्र समाधान के निर्देश दिए गए।
बैठक में गीडा के मुख्य कार्यपालक अधिकारी (सीईओ) अनुज मलिक सहित संबंधित विभागों के अधिकारी एवं उद्योग बंधु उपस्थित रहे।

February 26, 2026

भारी मात्रा में फफूंद लगी मिठाई नष्ट, खाद्य विभाग की छापेमारी में कई प्रतिष्ठानों से लिए गए नमूने

Santosh Kumar Singh
Gorakhpur
26/02/2026

गोरखपुर। जनपद में मिलावटखोरी एवं असुरक्षित खाद्य पदार्थों की बिक्री पर अंकुश लगाने के लिए खाद्य सुरक्षा विभाग द्वारा चलाए जा रहे विशेष अभियान के तहत गुरुवार को विभिन्न औद्योगिक एवं व्यापारिक क्षेत्रों में सघन छापेमारी अभियान चलाया गया। सहायक आयुक्त (खाद्य)-II डॉ. सुधीर कुमार सिंह के निर्देशन में की गई इस कार्रवाई के दौरान भारी मात्रा में दूषित खाद्य सामग्री नष्ट कराई गई तथा कई प्रतिष्ठानों से नमूने संग्रहित किए गए।
खाद्य सुरक्षा विभाग की टीम ने निरीक्षण के दौरान अलग-अलग प्रतिष्ठानों पर खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता की जांच की। अभियान के तहत जे.पी. ट्रेडर्स/इंडस्ट्रीज से मैदा का नमूना लिया गया। गुणवत्ता संदिग्ध पाए जाने पर कैंपियरगंज क्षेत्र में लगभग 21 हजार रुपये मूल्य का मैदा सीज किया गया।
इसी क्रम में सहजनवा क्षेत्र के भगवानपुर स्थित वैभव गृह उद्योग से ‘मोटी सेवई’ का नमूना जांच के लिए संकलित किया गया। वहीं समृद्धि इंटरप्राइजेज से कन्फेक्शनरी उत्पाद का नमूना लिया गया तथा बाजार में विक्रय के लिए उपलब्ध चाउमीन का भी नमूना गुणवत्ता परीक्षण हेतु संग्रहित किया गया।
छापेमारी के दौरान टीम को कई स्थानों पर बड़ी मात्रा में ऐसी मिठाइयां मिलीं जिनमें फफूंद लगी हुई थी तथा उनकी वैधता अवधि भी समाप्त हो चुकी थी। जनस्वास्थ्य को गंभीर खतरा मानते हुए विभागीय टीम ने लगभग 10 क्विंटल (करीब 1000 किलोग्राम) दूषित मिठाइयों को मौके पर ही नष्ट कराया। नष्ट की गई सामग्री की अनुमानित कीमत करीब दो लाख रुपये बताई गई है।
सहायक आयुक्त (खाद्य) डॉ. सुधीर कुमार सिंह ने बताया कि अभियान के दौरान लिए गए सभी नमूनों को परीक्षण के लिए प्रयोगशाला भेजा जा रहा है। जांच रिपोर्ट प्राप्त होने के बाद संबंधित प्रतिष्ठानों के विरुद्ध खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम, 2006 के तहत कठोर विधिक कार्रवाई की जाएगी।
उन्होंने कहा कि आमजन के स्वास्थ्य के साथ किसी प्रकार का खिलवाड़ बर्दाश्त नहीं किया जाएगा तथा खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता सुनिश्चित करने के लिए जिले में ऐसे अभियान निरंतर जारी रहेगा।

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