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गोरखपुर को मिले नए एसपी सिटी

March 16, 2026

गोरखपुर को मिले नए एसपी सिटी

Patil Nimish Dashrath IPS, Sp City Gorakhpur

Santosh Kumar Singh
Gorakhpur
16/03/2026

* पाटिल निमिष दशरथ ने संभाला पदभार, बोले—जनकेंद्रित पुलिसिंग होगी प्राथमिकता*

*ईद के मद्देनज़र ड्रोन से होगी निगरानी, फरियादियों की शिकायतों का होगा तत्काल निस्तारण*

गोरखपुर। जनपद गोरखपुर को नया एसपी सिटी मिल गया है। 2020 बैच के आईपीएस अधिकारी पाटिल निमिष दशरथ ने सोमवार को कार्यालय पहुंचकर विधिवत रूप से एसपी सिटी का पदभार ग्रहण किया। मूल रूप से महाराष्ट्र के सोलापुर निवासी पाटिल इससे पहले गाजियाबाद में डीसीपी ट्रामा सेंटर के पद पर तैनात थे और वहां करीब तीन वर्षों तक ईमानदारी से अपनी सेवाएं दीं।
पदभार ग्रहण करने के बाद एसपी सिटी पाटिल निमिष दशरथ ने कहा कि गोरखपुर में जनकेंद्रित पुलिसिंग (People Centric Policing) को प्राथमिकता दी जाएगी, ताकि आम जनता को पुलिस से बेहतर सहायता मिल सके। उन्होंने स्पष्ट किया कि फरियादियों की शिकायतों का तत्काल निस्तारण किया जाएगा, जिससे किसी भी शिकायतकर्ता को बार-बार थाने या कार्यालय के चक्कर न लगाने पड़ें।
उन्होंने कहा कि पुलिस का उद्देश्य केवल घटना के बाद कार्रवाई करना नहीं, बल्कि घटना होने से पहले ही अपराध पर लगाम लगाना है। इसके लिए पुलिस टीम को सक्रिय और संवेदनशील तरीके से काम करने के निर्देश दिए जाएंगे।
एसपी सिटी ने बताया कि हर शिकायत की गंभीरता से जांच की जाएगी और यदि कोई अपराधी पाया जाता है तो उसके खिलाफ सख्त और सत्य कार्रवाई की जाएगी। वहीं उन्होंने यह भी कहा कि कई बार शिकायतें आपसी या जमीनी विवाद से जुड़ी होती हैं, जिनमें प्रशासन और न्यायालय की प्रक्रिया भी अहम होती है। इसलिए ऐसे मामलों में तथ्यों के आधार पर ही कार्रवाई की जाएगी।
उन्होंने कहा कि “पांचों उंगलियां बराबर नहीं होती हैं”, इसलिए पुलिस हर मामले की निष्पक्ष जांच करेगी। यदि कोई शिकायतकर्ता गलत जानकारी देता है तो उस पर भी उचित कार्रवाई की जाएगी।
आगामी ईद के त्योहार को देखते हुए शहर में सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत किया जाएगा। एसपी सिटी ने बताया कि संवेदनशील क्षेत्रों में ड्रोन कैमरों के माध्यम से निगरानी की जाएगी और पुलिस की गश्त बढ़ाई जाएगी, ताकि त्योहार शांतिपूर्ण और सुरक्षित वातावरण में संपन्न हो सके।

ट्रक चालक ने ही उड़ाया 45 लाख से अधिक का माल, पर्दाफाश

Santosh Kumar Singh
Gorakhpur
16/03/2026

*कैंट पुलिस व स्वॉट टीम ने 352 गत्ता फिलिप्स एलईडी बल्ब के साथ आरोपी को दबोचा*

गोरखपुर। थाना कैंट पुलिस और स्वॉट टीम ने संयुक्त कार्रवाई करते हुए करीब 45.64 लाख रुपये मूल्य के फिलिप्स एलईडी बल्ब की चोरी का खुलासा किया है। पुलिस ने इस मामले में ट्रक चालक गुलशन शाह कानू को गिरफ्तार करते हुए उसके कब्जे से 352 सीलबंद गत्ता एलईडी बल्ब बरामद किए हैं।
इस संबंध में पुलिस लाइन स्थित व्हाइट हाउस सभागार में पुलिस अधीक्षक नगर पाटिल निमिष दशरथ ने प्रेस वार्ता कर जानकारी दी। उन्होंने बताया कि वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक गोरखपुर के निर्देश पर चोरी की घटनाओं पर अंकुश लगाने और अपराधियों की गिरफ्तारी के लिए अभियान चलाया जा रहा है। इसी क्रम में क्षेत्राधिकारी कैंट के नेतृत्व में प्रभारी निरीक्षक कैंट और स्वॉट टीम ने कार्रवाई करते हुए आरोपी को गिरफ्तार किया।
गिरफ्तार आरोपी गुलशन शाह कानू पुत्र नंदी शाह कानू निवासी मैनाटाड़ थाना मैनाटाड़, जिला पश्चिमी चंपारण (बिहार) है। उसके पास से फिलिप्स कंपनी के विभिन्न मॉडल के कुल 352 सीलबंद गत्ता एलईडी बल्ब बरामद किए गए हैं, जिनकी कीमत करीब 45,64,914 रुपये आंकी गई है।
पुलिस के अनुसार वादिनी का ट्रांसपोर्ट कार्य मारुती इंटरनेशनल ट्रांसपोर्ट, त्रिपाठी कॉम्प्लेक्स ठूठीबारी चौराहा, महराजगंज के माध्यम से संचालित होता है। फरीदाबाद-पलवल (हरियाणा) से सोनौली के रास्ते काठमांडू भेजने के लिए एलईडी बल्ब के 374 गत्ता (करीब 3.18 टन) माल की ढुलाई के लिए आरोपी ट्रक चालक को तय किया गया था। आरोपी ने माल लोड करने के बाद भाड़े के रूप में 80 हजार रुपये भी प्राप्त कर लिए।
इसके बाद उसने फोन कर गाड़ी खराब होने की बात कहकर गीडा क्षेत्र में ट्रक खड़ा होने और मरम्मत के लिए 20 हजार रुपये और मंगाने की बात कही। जब वादिनी के पति मौके पर पहुंचे तो वहां न ट्रक मिला और न ही चालक। इसके बाद आरोपी का मोबाइल भी बंद हो गया।
तहरीर के आधार पर थाना कैंट में मु0अ0सं0 78/2026 धारा 303(2) बीएनएस के तहत मुकदमा दर्ज किया गया था। जांच के दौरान सामने आया कि आरोपी ट्रक चालक ने अपने साथी के साथ मिलकर माल चोरी कर लिया था। गिरफ्तारी और बरामदगी के आधार पर मुकदमे में धारा 317(2) व 318(4) बीएनएस की बढ़ोत्तरी की गई है।
प्रेस वार्ता के दौरान सहायक पुलिस अधीक्षक/सीओ कैंट अरुण कुमार एस और इंस्पेक्टर कैंट संजय सिंह भी मौजूद थे।

March 15, 2026

गोरखपुर में उप निरीक्षक भर्ती परीक्षा शांतिपूर्ण संपन्न,

Santosh Kumar Singh
Gorakhpur
15/03/2026

24 केंद्रों पर दो दिनों में 36 हजार अभ्यर्थियों ने दी परीक्षा*

*हर दिन दो पालियों में 18 हजार और प्रत्येक पाली में 9 हजार परीक्षार्थी हुए शामिल, वरिष्ठ अधिकारी रहे लगातार भ्रमणशील*

गोरखपुर। उत्तर प्रदेश पुलिस उप निरीक्षक भर्ती परीक्षा 14 और 15 मार्च को गोरखपुर जनपद के 24 परीक्षा केंद्रों पर कड़ी सुरक्षा व्यवस्था और प्रशासनिक निगरानी के बीच सकुशल संपन्न हो गई। दो दिनों तक चली इस परीक्षा में कुल 36 हजार अभ्यर्थियों ने भाग लिया। प्रत्येक दिन दो पालियों में परीक्षा आयोजित की गई, जिसमें हर दिन लगभग 18 हजार अभ्यर्थी शामिल हुए, जबकि प्रत्येक पाली में करीब 9 हजार परीक्षार्थियों ने परीक्षा दी। परीक्षा शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न होने के बाद प्रशासन और पुलिस अधिकारियों ने राहत की सांस ली।
परीक्षा को निष्पक्ष, पारदर्शी और नकलविहीन बनाने के लिए जिला प्रशासन और पुलिस विभाग ने व्यापक तैयारियां की थीं। सभी 24 परीक्षा केंद्रों पर कड़ी निगरानी रखी गई और सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए गए थे। हर परीक्षा केंद्र पर स्टैटिक मजिस्ट्रेट और सेक्टर मजिस्ट्रेट की तैनाती की गई थी, जो परीक्षा के दौरान पूरे समय केंद्रों की गतिविधियों पर नजर बनाए हुए थे।
परीक्षा के दौरान किसी भी प्रकार की गड़बड़ी को रोकने के लिए प्रशासनिक और पुलिस अधिकारी लगातार भ्रमणशील रहे। एडीजी जोन गोरखपुर मुथा अशोक जैन ,डीआईजी रेंज एस. चनप्पा, मंडलायुक्त अनिल कुमार, जिलाधिकारी दीपक मीणा और वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक डॉ कोस्तुभ स्वयं विभिन्न परीक्षा केंद्रों का निरीक्षण करते रहे और व्यवस्थाओं का जायजा लेते रहे। अधिकारियों ने केंद्रों पर पहुंचकर सुरक्षा व्यवस्था, अभ्यर्थियों की जांच प्रक्रिया, सीसीटीवी निगरानी और प्रवेश व्यवस्था का निरीक्षण किया तथा संबंधित अधिकारियों को आवश्यक निर्देश भी दिए।
परीक्षा के नोडल अधिकारी एडीएम सिटी अंजनी कुमार सिंह ने बताया कि परीक्षा को पूरी तरह पारदर्शी और व्यवस्थित तरीके से संपन्न कराने के लिए प्रशासन द्वारा पहले से ही विस्तृत कार्ययोजना तैयार की गई थी। सभी केंद्रों पर मजिस्ट्रेटों की तैनाती के साथ-साथ पुलिस बल को भी सतर्क रखा गया था, जिससे परीक्षा के दौरान किसी प्रकार की अव्यवस्था की स्थिति उत्पन्न न हो।
परीक्षा केंद्रों पर अभ्यर्थियों के प्रवेश से पहले सघन जांच व्यवस्था की गई थी। अभ्यर्थियों के प्रवेश पत्र और पहचान पत्रों की बारीकी से जांच की गई। इसके अलावा मेटल डिटेक्टर और मैन्युअल चेकिंग के माध्यम से भी तलाशी ली गई। परीक्षा केंद्रों के अंदर मोबाइल फोन, स्मार्ट वॉच और अन्य इलेक्ट्रॉनिक उपकरण ले जाने पर पूरी तरह प्रतिबंध लगाया गया था।
पुलिस प्रशासन की ओर से परीक्षा केंद्रों के आसपास भी कड़ी सुरक्षा व्यवस्था की गई थी। प्रत्येक केंद्र पर पर्याप्त संख्या में पुलिस बल की तैनाती की गई थी। संवेदनशील केंद्रों पर अतिरिक्त पुलिस बल लगाया गया था और स्थानीय थानों की पुलिस लगातार गश्त करती रही। इसके अलावा संदिग्ध गतिविधियों पर नजर रखने के लिए खुफिया तंत्र को भी सक्रिय रखा गया था।
अभ्यर्थियों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए परीक्षा केंद्रों के आसपास यातायात व्यवस्था को भी सुचारु रखा गया। ट्रैफिक पुलिस की तैनाती कर यातायात को नियंत्रित किया गया, जिससे बाहर से आने वाले परीक्षार्थियों को अपने केंद्रों तक पहुंचने में किसी प्रकार की परेशानी न हो।
दोनों दिनों में आयोजित परीक्षा के दौरान कहीं से भी किसी प्रकार की गड़बड़ी या अव्यवस्था की सूचना नहीं मिली। परीक्षा केंद्रों पर व्यवस्थाएं संतोषजनक रहीं और अभ्यर्थियों ने शांतिपूर्वक परीक्षा दी।
जिला प्रशासन और पुलिस अधिकारियों ने बताया कि सभी विभागों के बेहतर समन्वय, सतर्कता और कड़ी निगरानी के चलते इतनी बड़ी परीक्षा पूरी तरह शांतिपूर्ण और व्यवस्थित तरीके से संपन्न कराई जा सकी। परीक्षा समाप्त होने के बाद अधिकारियों ने व्यवस्थाओं की समीक्षा करते हुए संबंधित अधिकारियों और कर्मचारियों के सहयोग की सराहना भी की।
प्रशासन का कहना है कि आगे भी इसी प्रकार की पारदर्शी व्यवस्था और कड़ी निगरानी के साथ सभी प्रतियोगी परीक्षाओं को संपन्न कराया जाएगा, ताकि परीक्षाओं की निष्पक्षता और विश्वसनीयता बनी रहे।

ऑनलाइन ट्रेडिंग के नाम पर साइबर ठगी, चिलुआताल पुलिस ने पीड़ित के 57,310 रुपये वापस कराए

Santosh Kumar Singh
Gorakhpur
15/03/2026

गोरखपुर। जिले में बढ़ते साइबर अपराधों के बीच चिलुआताल थाना पुलिस ने तत्परता दिखाते हुए ऑनलाइन ठगी के शिकार युवक की पूरी धनराशि वापस दिलाने में सफलता हासिल की है। पुलिस की त्वरित कार्रवाई के चलते पीड़ित के खाते में 57,310 वापस कराए गए, जिससे उसे बड़ी राहत मिली है।
मिली जानकारी के अनुसार नितेश यादव ने थाना चिलुआताल में प्रार्थना पत्र देकर बताया कि साइबर अपराधियों ने ऑनलाइन ट्रेडिंग का झांसा देकर उसके मोबाइल में एक फर्जी एपीके (APK) एप्लीकेशन इंस्टॉल करा दिया। इसी एप्लीकेशन के माध्यम से उसके बैंक खाते से कुल 57,310 निकाल लिए गए। कुछ समय बाद जब उसे अपने साथ हुई धोखाधड़ी की जानकारी हुई तो उसने तुरंत थाना चिलुआताल पुलिस से संपर्क कर शिकायत दर्ज कराई।
मामले को गंभीरता से लेते हुए चिलुआताल पुलिस ने तत्काल कार्रवाई शुरू की। राष्ट्रीय साइबर अपराध रिपोर्टिंग पोर्टल पर शिकायत दर्ज कराते हुए संबंधित खाते को होल्ड कराया गया, जिससे धनराशि को आगे ट्रांसफर होने से रोका जा सका। इसके बाद आवश्यक विधिक प्रक्रिया पूरी करते हुए न्यायालय से आदेश प्राप्त किया गया और पीड़ित के खाते में पूरी धनराशि वापस करा दी गई।
इस पूरी कार्रवाई का नेतृत्व थानाध्यक्ष सूरज सिंह ने किया। पुलिस की त्वरित कार्रवाई और सक्रियता से पीड़ित को उसकी पूरी रकम वापस मिल सकी।
पुलिस ने आम जनता से अपील की है कि किसी भी अनजान लिंक, एप्लीकेशन या ऑनलाइन ट्रेडिंग के नाम पर आने वाले प्रस्तावों से सावधान रहें। किसी भी संदिग्ध कॉल, मैसेज या एप को डाउनलोड करने से पहले उसकी सत्यता अवश्य जांच लें। यदि किसी के साथ साइबर ठगी होती है तो तुरंत नजदीकी थाने या राष्ट्रीय साइबर अपराध हेल्पलाइन पर शिकायत दर्ज कराएं, ताकि समय रहते कार्रवाई कर धनराशि को बचाया जा सके।

मोबाइल पर बात करने को लेकर पिता ने बेटी को हंसिया से काटा, मौत

Santosh Kumar Singh
Gorakhpur
15/03/2026

*पिपराइच थाना क्षेत्र का मामला, पुलिस ने आरोपी पिता को किया गिरफ्तार*

गोरखपुर। पिपराइच थाना क्षेत्र के सिंहोरिया गांव में 23 वर्षीय युवती की मौत के मामले में चौंकाने वाला खुलासा हुआ है। युवती की मौत हादसा नहीं बल्कि हत्या थी। पुलिस जांच में सामने आया कि युवती के पिता ने ही गुस्से में आकर उस पर हंसिया से हमला कर दिया था, जिससे गंभीर रूप से घायल युवती की इलाज के दौरान मौत हो गई।
पुलिस के अनुसार 13 मार्च को सिंहोरिया गांव की एक युवती के संदिग्ध परिस्थितियों में घायल होने की सूचना मिली थी। परिजनों ने बताया था कि युवती हंसिया पर गिर गई थी, जिससे उसे गंभीर चोट लग गई। उसे इलाज के लिए अस्पताल ले जाया गया, जहां इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई। सूचना के आधार पर पुलिस ने पंचायतनामा और पोस्टमार्टम की कार्रवाई कराई और मामले की जांच शुरू की।
जांच के दौरान पुलिस को कई बातें संदिग्ध लगीं। पूछताछ में यह सामने आया कि युवती किसी युवक से मोबाइल पर बात करती थी, जिसे लेकर उसके पिता से अक्सर विवाद होता था। घटना के दिन भी इसी बात को लेकर दोनों के बीच कहासुनी हो गई। गुस्से में आकर पिता ने बेटी के साथ मारपीट की और घर में रखे हंसिया से उस पर हमला कर दिया, जिससे वह गंभीर रूप से घायल हो गई।
परिजन उसे इलाज के लिए बीआरडी मेडिकल कॉलेज ले गए, जहां इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई। बाद में परिवार ने घटना को हादसा बताने की कोशिश की, लेकिन पुलिस की गहन जांच और पूछताछ में सच्चाई सामने आ गई।
पुलिस ने साक्ष्यों के आधार पर आरोपी पिता कमलेश पुत्र रामबृक्ष निवासी ग्राम सिंहोरिया थाना पिपराइच को गिरफ्तार कर लिया है। उसकी निशानदेही पर घटना में प्रयुक्त हंसिया भी बरामद कर लिया गया है। पुलिस ने संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज कर आगे की विधिक कार्रवाई शुरू कर दी है।

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