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ऑपरेशन ‘वज्र’ बना अपराधियों पर काल, 841 वांछित अभियुक्तों की गिरफ्तारी

April 23, 2026

ऑपरेशन ‘वज्र’ बना अपराधियों पर काल, 841 वांछित अभियुक्तों की गिरफ्तारी

Santosh Kumar Singh Gorakhpur
23/04/2026

इनामी बदमाशों पर भी कसा शिकंजा, 245 एनबीडब्ल्यू वारंटों का हुआ प्रभावी निस्तारण

गोरखपुर। जनपद में कानून व्यवस्था को सुदृढ़ बनाए रखने और अपराधियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई के उद्देश्य से वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक डॉ. कोस्तुभ के नेतृत्व में चलाया जा रहा विशेष अभियान “ऑपरेशन वज्र” वर्ष 2026 में बेहद प्रभावी साबित हुआ है। इस अभियान के तहत पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए अब तक 841 वांछित अभियुक्तों को गिरफ्तार कर जेल भेजा है, जिससे अपराधियों में भय का माहौल बना है और आमजन में सुरक्षा की भावना मजबूत हुई है।
अभियान के दौरान पुलिस ने लंबे समय से फरार चल रहे और विभिन्न आपराधिक मामलों में वांछित 28 इनामी अपराधियों को भी गिरफ्तार किया है। ये ऐसे अपराधी थे जिन पर पुलिस द्वारा इनाम घोषित किया गया था और जिनकी गिरफ्तारी पुलिस के लिए बड़ी चुनौती बनी हुई थी। इनके पकड़े जाने से कई मामलों का खुलासा भी हुआ है।
इसके अतिरिक्त, न्यायालयों द्वारा जारी 245 गैर जमानती वारंट (NBW) का भी प्रभावी तरीके से निस्तारण किया गया है। पुलिस टीमों द्वारा लगातार दबिश देकर वारंटियों को गिरफ्तार किया गया और न्यायालय के समक्ष प्रस्तुत किया गया। इससे न्यायिक प्रक्रिया को गति मिली है और फरार चल रहे अभियुक्तों पर भी शिकंजा कसा है।
एसएसपी डॉ. कोस्तुभ ने बताया कि “ऑपरेशन वज्र” के तहत प्रत्येक थाना स्तर पर विशेष टीमें गठित कर वांछित अपराधियों की गिरफ्तारी के लिए निरंतर अभियान चलाया जा रहा है। पुलिस द्वारा तकनीकी साक्ष्यों, सर्विलांस और मुखबिर तंत्र का प्रभावी उपयोग कर अपराधियों तक पहुंच बनाई जा रही है। उन्होंने स्पष्ट किया कि अपराध के प्रति जीरो टॉलरेंस की नीति अपनाई गई है और किसी भी अपराधी को बख्शा नहीं जाएगा।

ऑपरेशन ‘मिलाप’ में गोरखपुर पुलिस की बड़ी सफलता, 313 लड़कियों की सकुशल बरामदगी

Gorakhpur Samachar UP Web News

Santosh Kumar Singh Gorakhpur
23/04/2026

बहला-फुसलाकर ले जाई गई अपहृताओं को खोजकर परिजनों से कराया मिलान, परिवारों में लौटी खुशियां

गोरखपुर। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक डॉ. कोस्तुभ के निर्देशन में गोरखपुर पुलिस द्वारा चलाया जा रहा “ऑपरेशन मिलाप” मानवीय संवेदनाओं का एक सशक्त उदाहरण बनकर सामने आया है। इस अभियान के तहत वर्ष 2026 में अब तक 313 अपहृत/लापता लड़कियों को सकुशल बरामद कर उनके परिजनों से मिलाया गया है, जिससे सैकड़ों परिवारों में फिर से खुशियां लौट आई हैं।
पुलिस अधिकारियों के अनुसार, इन मामलों में अधिकांश लड़कियों को बहला-फुसलाकर या झांसा देकर घर से दूर ले जाया गया था। कई मामलों में उन्हें अन्य जनपदों या राज्यों तक पहुंचा दिया गया था। ऐसे मामलों को गंभीरता से लेते हुए गोरखपुर पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए विशेष टीमों का गठन किया और खोजबीन अभियान शुरू किया।
ऑपरेशन मिलाप के तहत पुलिस ने तकनीकी साक्ष्यों, मोबाइल सर्विलांस, सीसीटीवी फुटेज और मुखबिर तंत्र का सहारा लेकर लापता लड़कियों का पता लगाया। टीमों ने लगातार संभावित स्थानों पर दबिश दी और कई जटिल मामलों का सफलतापूर्वक खुलासा किया।
एसएसपी डॉ. कोस्तुभ ने सभी थाना प्रभारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि अपहरण एवं गुमशुदगी के मामलों में तत्काल मुकदमा दर्ज कर तेजी से कार्रवाई की जाए। साथ ही पीड़ित परिवारों से नियमित संवाद बनाए रखते हुए उन्हें प्रगति की जानकारी दी जाए।
पुलिस की तत्परता और सक्रियता का ही परिणाम है कि बड़ी संख्या में लड़कियों को सकुशल बरामद कर उनके परिजनों को सौंपा गया। कई मामलों में परिजनों ने अपनी बेटियों के सुरक्षित वापस मिलने पर भावुक होकर पुलिस का आभार व्यक्त किया।
इस अभियान के तहत न केवल अपराधियों पर प्रभावी कार्रवाई की गई, बल्कि समाज में सुरक्षा और विश्वास का माहौल भी मजबूत हुआ है। पुलिस द्वारा लगातार यह संदेश दिया जा रहा है कि महिलाओं और बेटियों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है और ऐसे मामलों में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
गोरखपुर पुलिस का “ऑपरेशन मिलाप” आगे भी इसी तरह जारी रहेगा, ताकि हर लापता बेटी को सुरक्षित उसके परिवार तक पहुंचाया जा सके और समाज में कानून व्यवस्था के प्रति विश्वास और अधिक मजबूत हो।

सीएम योगी ने 1054 करोड़ की 470 परियोजनाओं का किया लोकार्पण-शिलान्यास

Santosh Kumar Singh Gorakhpur
23/04/2026

राप्ती ईको पार्क समेत स्मार्ट सड़कों व विकास कार्यों की दी सौगात

गोरखपुर। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने गुरुवार को गोरखपुर में करीब 1054 करोड़ रुपये की 470 विकास परियोजनाओं का लोकार्पण व शिलान्यास किया। इस दौरान एकला बांध स्थित नव विकसित राप्ती ईको पार्क को जनता को समर्पित किया गया, जो पहले कूड़ा डंपिंग स्थल था।
कार्यक्रम में 173 परियोजनाओं का लोकार्पण और 297 कार्यों का शिलान्यास किया गया। इसमें सड़कों, नालियों, जल निकासी, ग्रीन बेल्ट और अन्य शहरी विकास से जुड़ी योजनाएं शामिल हैं। साथ ही सीएम ग्रिड योजना के तहत 6 स्मार्ट सड़कों के निर्माण की भी शुरुआत की गई।
मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर स्वच्छ स्कूल अभियान का भी शुभारंभ किया, जिसके माध्यम से छात्रों में स्वच्छता, पर्यावरण संरक्षण और जिम्मेदारी की भावना विकसित करने पर जोर दिया जाएगा।
इस दौरान जनप्रतिनिधि व अधिकारी मौजूद रहे।

April 22, 2026

ईको पार्क सहित 470 विकास परियोजनाओं की मिलेगी सौगात

Santosh Kumar Singh Gorakhpur
22/04/2026

सीएम योगी गुरुवार को करेंगे 1054 करोड़ रुपये की परियोजनाओं का लोकार्पण और शिलान्यास

ईको पार्क के सामने सड़क का होगा लोकार्पण, सीएम ग्रिड के तहत 6 स्मार्ट सड़कों का होगा शिलान्यास

गोरखपुर, 22 अप्रैल। गुरुवार (23 अप्रैल) को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ गोरखपुर को ईको पार्क सहित 470 विकास परियोजनाओं की सौगात देंगे। सीएम, करीब 1054 करोड़ रुपये की लागत वाली परियोजनाओं का लोकार्पण और शिलान्यास करेंगे। इनमें ईको पार्क के सामने सड़क सहित 173 विकास कार्यों का लोकार्पण और सीएम ग्रिड के तहत 6 स्मार्ट सडकों समेत 297 कार्यों का शिलान्यास शामिल है।

लोकार्पण और शिलान्यास के लिए समारोह का आयोजन एकला बांध पर विकसित और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के हाथों जनता को समर्पित होने जा रहे ईको पार्क में होगा। यह पार्क जहां बनाया गया है, वहां कभी कूड़े का पहाड़ हुआ करता था। महापौर डॉ. मंगलेश श्रीवास्तव बताते हैं कि नगर निगम ने 2.26 लाख मीट्रिक टन लिगेसी वेस्ट का वैज्ञानिक विधि से निस्तारण करने के बाद कूड़ा मुक्त हुई 40 एकड़ भूमि को ईको पार्क के रूप में विकसित कर दिया है। नेशनल क्लीन एयर प्रोग्राम के अंतर्गत ईको पार्क बनाने में करीब 5 करोड़ रुपये की लागत आई है। ईको पार्क में वाकिंग ट्रैक और फुटपाथ बनाए गए हैं, जहां लोग सुबह और शाम सैर कर सकेंगे। योग और ध्यान के लिए अलग स्थान हैं। बच्चों के लिए भी सुरक्षित किड्स जोन का विकास किया गया है।

मुख्यमंत्री, गुरुवार को ही एकला बंधा पर 8.35 करोड़ रुपये की लागत से कराए गए सड़क चौड़ीकरण व सुदृढ़ीकरण कार्य, राजघाट पुल से कारकस प्लांट तक 7.71 करोड़ रुपये से कराए गए सड़क सुधार कार्य का भी लोकार्पण करेंगे। 304.68 करोड़ रुपये की लागत से लोकार्पित होने वाले 173 कार्यों में विभिन्न वार्डों में सड़क व नाली निर्माण के 87 कार्य (लागत 95.77 करोड़ रुपये), जल निकासी के लिए नाला निर्माण के 83 कार्य (लागतन 129.85 करोड़ रुपये) तथा 58 करोड़ रुपये के महापौर/पार्षद वरीयता कार्य शामिल हैं।

सीएम ग्रिड की स्मार्ट सड़कों का होगा विस्तार

समारोह स्थल से मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ, सीएम ग्रिड (चीफ मिनिस्टर ग्रीन रोड इंफ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट) योजना के तहत स्मार्ट सड़कों के विस्तार को भी गतिमान करेंगे। वह सीएम ग्रिड के तहत स्मार्ट बनने जा रही 6 सड़कों से जुड़ी परियोजनाओं का शिलान्यास करेंगे। सीएम ग्रिड तृतीय चरण में 45.68 करोड़ रुपये से गणेश चौक से विश्वविद्यालय चौक एवं अलंकार ज्वेलर्स से एचपी स्कूल, डीएम आवास होते हुए हरिओम नगर तिराहा तक, 23.43 करोड़ रुपये से स्पोर्ट्स कॉलेज रोड से जायसवाल मार्ट होते हुए पुलिया तक तथा 21.60 करोड़ रुपये से कचहरी चौक से शास्त्री चौक होते हुए बेतियाहाता चौक सड़क को स्मार्ट बनाया जाएगा। जबकि तृतीय अनुपूरक चरण में 63.94 करोड़ रुपये की लागत से बेतियाहाता चौक से अलहदादपुर तिराहा, टीडीएम तिराहा से टीपीनगर तक एवं रैन बसेरा रोड से एनएच 28 तक, 62.94 करोड़ रुपये से टीडीएम तिराहा से पांडेयहाता पुलिस चौकी होते हुए बर्फखाना रोड से हाबर्ट बंधा तक और 25.45 करोड़ रुपये से अलहदादपुर तिराहा से रायगंज होते हुए घंटाघर तक सड़क का कायाकल्प किया जाएगा।

शिलान्यास की अन्य प्रमुख परियोजनाएं

-उपवन योजना के तहत तीन पार्कों का सौंदर्यीकरण, लागत 6.44 करोड़ रुपये।
-विभिन्न वार्डों में जलनिकासी के लिए नाला निर्माण के 83 कार्य, लागत 107.44 करोड़ रुपये।
-गुलरिहा थाने से चिलुआताल तक आरसीसी स्टॉर्म वाटर ड्रेन निर्माण, लागत 123.81 करोड़ रुपये।
-विभिन्न वार्डों में ग्रीन बेल्ट एवं मिनी फॉरेस्टेशन के कार्य, लागत 35.01 करोड़ रुपये।

स्वच्छ स्कूल अभियान का शुभारंभ करेंगे मुख्यमंत्री

ईको पार्क एवं फोरलेन सड़क के लोकार्पण अवसर पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ स्वच्छ स्कूल अभियान का भी शुभारंभ करेंगे। यह अभियान, स्वच्छ भारत मिशन 2.0 के तहत सिटी लीडरशिप का विशेष कार्यक्रम है। महापौर डॉ. मंगलेश श्रीवास्तव का कहना है कि स्वच्छ स्कूल अभियान केवल स्वच्छता का कार्यक्रम मात्र नहीं है बल्कि यह आने वाली पीढ़ी को जिम्मेदार नागरिक बनाने का भी माध्यम है। स्वच्छ स्कूल अभियान के जरिये स्थायी व्यवहार परिवर्तन के उद्देश्य से ठोस अपशिष्ट प्रबंधन, स्वच्छता एवं सफाई, रिड्यूस, रियूज, रिसाइकिल, मासिक धर्म स्वच्छता और जल संरक्षण जैसे विषयों पर जागरूकता बढ़ाई जाएगी। इस अभियान में विद्यार्थियों की भागीदारी को प्रोत्साहित करने के लिए वार्ड, जोन और नगर स्तर पर वेस्ट टू आर्ट, निबंध, क्विज, रील्स जैसी प्रतियोगिताएं आयोजित की जाएंगी। इस कार्यक्रम के तहत स्कूल स्टार रेटिंग प्रणाली के माध्यम से स्कूलों को 1 स्टार, 3 स्टार या 5 स्टार स्वच्छ स्कूल का दर्जा प्रदान किया जाएगा। इसके मूल्यांकन के लिए तृतीय पक्ष से आकलन कराया जाएगा।

प्रश्न एवं संदर्भ समिति की बैठक में अधिकारियों से मांगा गया जवाब

 

Santosh Kumar Singh Gorakhpur
21/04/2026

विकास योजनाओं पर हुई गहन समीक्षा

सभापति ध्रुव कुमार त्रिपाठी की अध्यक्षता में एनेक्सी सभागार में हुई बैठक, डीएम-एसएसपी समेत कई जनपदों के अधिकारी रहे मौजूद

गोरखपुर। उत्तर प्रदेश विधान परिषद की “प्रश्न एवं संदर्भ समिति” के तहत मंगलवार को एनेक्सी सभागार में महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। समिति के सभापति ध्रुव कुमार त्रिपाठी की अध्यक्षता में आयोजित इस बैठक में गोरखपुर सहित महाराजगंज और देवरिया जनपद के अधिकारियों से विभिन्न बिंदुओं पर विस्तृत जानकारी ली गई और कई मामलों में जवाब तलब किया गया। बैठक में जिलाधिकारी दीपक मीणा, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक डॉ. कोस्तुभ, विधायक राम सूरत राजभर, विजय बहादुर पाठक, महाराजगंज के जिलाधिकारी संतोष शर्मा, सीडीओ महाराजगंज महेन्द्र सिंह सहित संबंधित विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।
बैठक के दौरान समिति ने शासन की विभिन्न योजनाओं, विभागीय कार्यों और जनहित से जुड़े मुद्दों की गहन समीक्षा की। सभापति ध्रुव कुमार त्रिपाठी ने अधिकारियों से स्पष्ट और तथ्यात्मक जानकारी प्रस्तुत करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि शासन द्वारा संचालित योजनाओं का लाभ आम जनता तक प्रभावी ढंग से पहुंचे, यह सुनिश्चित करना प्रशासन की जिम्मेदारी है।
समिति द्वारा आबकारी राजस्व वसूली, लंबित राजस्व, विद्युत आपूर्ति की स्थिति, लोक निर्माण विभाग द्वारा कराए गए कार्यों, अधूरे परियोजनाओं, स्वास्थ्य सेवाओं की स्थिति, मेडिकल कॉलेज, सीएचसी और पीएचसी में चिकित्सकों व कर्मचारियों के रिक्त पदों सहित कई महत्वपूर्ण विषयों पर सवाल उठाए गए। अधिकारियों से पूछा गया कि रिक्त पदों को भरने के लिए अब तक क्या प्रयास किए गए और दवाओं की उपलब्धता व जांच सुविधाओं की वर्तमान स्थिति क्या है।
शिक्षा विभाग से संबंधित बिंदुओं पर भी समिति ने विस्तार से जानकारी ली। परिषदीय विद्यालयों, प्राथमिक व उच्च प्राथमिक विद्यालयों में विद्युत व्यवस्था, पेयजल की उपलब्धता, स्कूलों में निर्धारित शुल्क से अधिक वसूली, बिना मान्यता संचालित विद्यालयों की जांच, स्कूल बसों के परमिट व फिटनेस की स्थिति जैसे मुद्दों पर अधिकारियों से जवाब मांगा गया।
इसके अलावा समिति ने यह भी पूछा कि कितने विद्यालय अभी तक विद्युत सुविधा से वंचित हैं और वहां व्यवस्था सुनिश्चित करने के लिए क्या कदम उठाए गए हैं। मिड-डे मील की गुणवत्ता, विद्यालयों में बुनियादी सुविधाओं की स्थिति और शिक्षा विभाग में कर्मचारियों के स्थानांतरण व कार्यप्रणाली पर भी चर्चा हुई।
परिवहन विभाग से संबंधित मामलों में बिना परमिट चल रहे वाहनों, 15 वर्ष से अधिक पुराने स्कूल वाहनों की स्थिति और ड्राइवर-कंडक्टर के सत्यापन पर भी सवाल उठाए गए। समिति ने स्पष्ट निर्देश दिए कि नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।
बैठक में जिलाधिकारी दीपक मीणा ने जनपद में संचालित योजनाओं और विकास कार्यों की विस्तृत जानकारी प्रस्तुत की। उन्होंने बताया that शासन की प्राथमिकता वाली योजनाओं को तेजी से आगे बढ़ाया जा रहा है और सभी विभागों को समयबद्ध तरीके से कार्य पूर्ण करने के निर्देश दिए गए हैं। एसएसपी डॉ. कोस्तुभ ने कानून-व्यवस्था और सुरक्षा से संबंधित बिंदुओं पर जानकारी दी।
महाराजगंज के जिलाधिकारी अमित शर्मा और वहां के अधिकारियों ने भी अपने जनपद की योजनाओं और प्रगति रिपोर्ट समिति के समक्ष रखी। समिति ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि जिन बिंदुओं पर जानकारी अधूरी है, उसे शीघ्र उपलब्ध कराया जाए और लंबित कार्यों को प्राथमिकता के आधार पर पूरा किया जाए।
सभापति ध्रुव कुमार त्रिपाठी ने कहा कि इस प्रकार की बैठकें केवल औपचारिकता नहीं हैं, बल्कि शासन की योजनाओं की जमीनी हकीकत जानने का माध्यम हैं। उन्होंने अधिकारियों को चेतावनी दी कि लापरवाही या उदासीनता बर्दाश्त नहीं की जाएगी और कार्यों में पारदर्शिता व जवाबदेही सुनिश्चित करनी होगी।
बैठक के अंत में समिति ने सभी विभागों को निर्देशित किया कि वे मांगी गई सूचनाएं निर्धारित समय सीमा के भीतर उपलब्ध कराएं और जनहित से जुड़े मामलों में तेजी लाएं। इस दौरान संबंधित विभागों के जिला स्तरीय अधिकारी बड़ी संख्या में मौजूद रहे।

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