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एटा में नहर की पटरी टूटने से 100 बीघा तंबाकू-गेहूं की खड़ी फसल जलमग्न, ग्रामीणों ने खुद संभाला मोर्चा

March 18, 2026

एटा में नहर की पटरी टूटने से 100 बीघा तंबाकू-गेहूं की खड़ी फसल जलमग्न, ग्रामीणों ने खुद संभाला मोर्चा

एटा 18 मार्च उप्रससे। जनपद के थाना राजा का रामपुर क्षेत्र के ग्राम लालपुर बुजुर्ग में नहर की पटरी कटने से किसानों पर आफत टूट पड़ी। तेज बहाव के साथ खेतों में घुसे पानी ने करीब 100 बीघा फसल को जलमग्न कर दिया। जब किसान खेतों पर पहुंचे तो सामने बर्बादी का मंजर देख उनके होश उड़ गए।

बताया जा रहा है कि अज्ञात कारणों से नहर की पटरी टूट गई, जिससे पानी का रुख सीधे खेतों की ओर हो गया। कुछ ही घंटों में तंबाकू, गेहूं और अन्य तैयार खड़ी फसल पानी में डूब गई। कई किसानों की पूरी फसल नष्ट होने की कगार पर पहुंच गई है।

ग्राम प्रधान ने बताया कि सूचना मिलते ही ग्रामीण मौके पर पहुंचकर नहर जोड़ने में जुट गए और हालात काबू करने के लिए खुद ही प्रयास शुरू कर दिए। ग्रामीणों ने जेसीबी मशीन बुलाकर कटी पटरी को जोड़ा तब जाकर पानी का बहाव रोका जा सका। हालांकि तब तक बड़ा नुकसान हो चुका था।

किसानों ने कहा खेत पर पहुंचे तो चारों तरफ पानी ही पानी था, पूरी मेहनत बर्बाद हो गई। अगर समय पर नहर की मरम्मत होती तो यह नौबत नहीं आती। अब हमारे सामने परिवार चलाने का संकट खड़ा हो गया है।

ग्रामीणों का आरोप है कि नहर की लंबे समय से देखरेख और मरम्मत नहीं हुई, जिससे यह हादसा हुआ। किसानों ने प्रशासन से मामले की जांच कर दोषियों पर कार्रवाई और तत्काल मुआवजे की मांग की है।
इस घटना के बाद पूरे इलाके में किसानों के बीच गहरी चिंता और आक्रोश है। मेहनत की फसल डूबने से आर्थिक संकट गहरा गया है। प्रभावित किसान अब प्रशासन से जल्द राहत की आस लगाए बैठे हैं।

March 17, 2026

एटा की अवागढ़ नगर पंचायत में तीन सभासद मनोनीत, बढ़ा प्रतिनिधित्व बढ़ाया

एटा 17 मार्च उप्रससे। भारतीय जनता पार्टी ने जनपद एटा की नगर पंचायत अवागढ़ में तीन सभासदों को मनोनीत किया है। इन मनोनीत सभासदों में वेदप्रकाश (कठेरिया), नीतेश गुप्ता और किरन देवी लोहार शामिल हैं।

इन तीनों नामों पर संगठन और स्थानीय नेतृत्व के बीच सहमति बनने के बाद अंतिम मुहर लगाई गई। इस मनोनयन के बाद क्षेत्र में राजनीतिक गतिविधियां तेज हो गई हैं, और समर्थकों में उत्साह देखा जा रहा है।
स्थानीय निवासियों का मानना है कि इन नए सभासदों के मनोनयन से नगर पंचायत के विकास कार्यों को गति मिलेगी। साथ ही विभिन्न समाजों का प्रतिनिधित्व भी सुनिश्चित होगा।
पार्टी पदाधिकारियों ने विश्वास व्यक्त किया है कि सभी मनोनीत सभासद अपने दायित्वों का ईमानदारी से निर्वहन करेंगे और क्षेत्र के विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे

एटा में भूसे से भरी ट्रैक्टर-ट्रॉली पलटने से अधेड़ की मौत, चार घायल

एटा 17 मार्च उप्रससे। जिले के मलावन थाना क्षेत्र के हरचंदपुर के पास भूसे से भरी ट्रैक्टर-ट्रॉली पलटने से एक व्यक्ति की मौत हो गई। और चार अन्य लोग घायल हुए हैं।

राहगीरों ने तत्काल एंबुलेंस और पुलिस को सूचना दी। सूचना मिलते ही पुलिस ने मौके पर पहुंचकर घायलों को एटा वीरांगना अवंतीबाई मेडिकल कॉलेज में भर्ती कराया। जहां डॉक्टरों ने एक व्यक्ति को मृत घोषित कर दिया।

मृतक राकेश पुत्र गयाप्रसाद 55 नगला बाबन थाना एका फिरोजाबाद का निवासी है। घायलों में नगला भी, फिरोजाबाद निवासी 52 वर्षीय देवदत्त पुत्र सियाराम, 30 वर्षीय राजा पुत्र अंगद, 50 वर्षीय नंदकिशोर पुत्र गया प्रसाद और 60 वर्षीय रामबकील पुत्र कन्हीलाल शामिल हैं। सभी घायलों का उपचार जारी है।
पुलिस ने घटनास्थल का निरीक्षण कर मृतक के शव को कब्जे में लेकर पंचनामा भर पोस्टमार्टम कराया है।

मृतक के भतीजे संदीप ने बताया कि राकेश छछैना की ओर से ट्रैक्टर पर सवार होकर एटा आ रहे थे, तभी ट्रैक्टर-ट्रॉली दुर्घटनाग्रस्त हो गई। इस हादसे में उनके ताऊ राकेश की मौत हो गई और गांव के चार अन्य लोग भी घायल हुए हैं।

मलावन थाना प्रभारी आरके सिंह ने बताया कि सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और तत्काल राहत एवं बचाव कार्य शुरू किया गया। घायलों को एंबुलेंस की मदद से मेडिकल कॉलेज पहुंचाया गया, जहां एक व्यक्ति को मृत घोषित कर दिया गया। चार अन्य घायलों का उपचार चल रहा है। मृतक के शव का पोस्टमार्टम कराया है साथ ही हादसे के कारणों का पता लगाया जा रहा है।

तानाशाही के नाम पर: युद्ध नियंत्रण की आवश्यकता : डाॅ०राकेश सक्सेना

Rakesh Saxena

Posted on 17.03.2026, Tuesday

एटा 17 मार्च उप्रससे। युद्ध आक्रामक कृत्य है जो किसी भी राष्ट्र की अस्मिता के विनाश से जोड़ता है। इस विचार को दृष्टिगत रखते हुए मानव सभ्यता के इतिहास में युद्ध एक जटिल पक्ष रहा है। समय बदलाव के साथ युद्ध की प्रवृत्ति, साधन, उद्देश्य व परिणाम में व्यापक परिवर्तन हुए। प्राचीन युद्धों में तलवार, भाला, धनुष-बाण, गदा आदि अस्त्र-शस्त्रों का प्रयोग होता था किन्तु आधुनिक युद्धों में टैंक, मिसाइलें, लड़ाकू विमान, परमाणु बम, ड्रोन और साइबर तकनीक जैसे अत्याधुनिक साधनों का प्रयोग होता है। प्राचीन काल में युद्ध के कुछ नैतिक नियम और मर्यादाएँ थीं। दिन में युद्ध और रात्रि में विश्राम, निहत्थे व शरणागत पर आक्रमण न करना, स्त्रियों, बच्चों व निर्दोष नागरिकों की रक्षा करना आदि नियमों का पूर्णरूपेण पालन किया जाता था किन्तु आधुनिक युद्धों में ये मर्यादाएँ तार-तार हो चुकीं हैं। युद्ध किसी भी समस्या के समाधान नहीं होते। आज के युग में युद्ध अत्यधिक विनाशकारी हो गए हैं, इसकी विभीषिका, इसका दुष्प्रभाव समूचे समाज, संस्कृति और मानव जीवन पर पड़ता है, हजारों-लाखों लोग अपने प्राण ग॔वा बैठते हैं, परिवार उजड़ जाते हैं, माताएँ अपने पुत्रों को खो देतीं हैं, बच्चे अनाथ हो जाते हैं, उद्योग धंधे नष्ट हो जाते हैं, जनता अभाव का जीवन जीने को विवश हो जाती है, भय, असुरक्षा और अशान्ति का वातावरण समाज में फैल जाता है, हिंसा व घृणा का वातावरण पनपता है।
आज भारत-पाकिस्तान, अफगान-पाकिस्तान, यूक्रेन-रूस, इजरायल-फिलिस्तीन, अमेरिका-ईरान, इजरायल-ईरान आदि देशों के युद्धों से दृष्टिगोचर हो रहा है कि दुनिया तीसरे विश्वयुद्ध के मुहाने पर खड़ी है। वैश्विक राजनीति में ऊर्जा संसाधनों विशेषकर तेल का महत्वपूर्ण स्थान है। औद्योगिक विकास, सैन्य शक्ति और वैश्विक अर्थव्यवस्था का बहुत बड़ा भाग तेल पर निर्भर करता है, इसी कारण तेल -समृद्ध क्षेत्रों पर नियंत्रण को लेकर विश्व की महाशक्तियों के बीच प्रतिस्पर्धा रही है। अमेरिका की विदेश नीति में तेल राजनीति की बड़ी भूमिका रही है, जिसके कारण आज वह अपनी तानाशाही दिखा रहा है। ट्रम्प नाम का पक्षी जो अमेरिका में पाया जाता है, वह सारी दुनिया पर अपनी चोंच मारना चाहता है, इसलिए उसने वेनेजुएला के राष्ट्रपति निकोलस मादुरो को रातों-रात उठा लिया, ईरान के सर्वोच्च नेता खामनेई को मार दिया और इसी की प्रजाति वाले ने कुछ वर्षों पूर्व ईराक के सद्दाम हुसैन को मार दिया था, फिर भी दुनिया चुप है। सन् 2025 में आयोजित ब्रिक्स बैठक में अमेरिका- इजरायल के ईरान पर हमलों को लेकर निंदा की गई थी लेकिन आज संयुक्त राष्ट्र संघ से लेकर अन्य अंतरराष्ट्रीय मंचों व संगठनों की ओर से इस तानाशाही का विरोध नहीं हो रहा है, जो चिंता का विषय है।
मध्य पूर्व विश्व का सबसे बड़ा तेल भंडार क्षेत्र है। इस क्षेत्र के सऊदी अरब, ईराक, ईरान, कुवैत, संयुक्त अरब अमीरात के पास विशाल तेल संसाधन हैं, इसलिए तानाशाह अमेरिका इन क्षेत्रों पर अपना प्रभाव जमाए हुए है। परस्पर इन देशों में एकजुटता का अभाव है, महाशक्तियाँ पीड़ित देशों के सहयोग हेतु आगे नहीं आ रहीं हैं, नाटो, ब्रिक्स, एससीओ पीस मिशन, शंघाई संगठन मौन साधे दूरी बनाए हुए हैं। डालर में अमेरिका के प्राण बसते हैं, उसके रक्षार्थ वह कुछ भी करता रहे, इस अहंकार को तोड़ना आवश्यक है। अमेरिका ने ईरान पर हमला करके विश्व अर्थव्यवस्था के समक्ष संकट बढ़ा दिया है और यदि युद्ध लम्बा खिचता है तो वह स्वयं भी इस संकट के घेरे में आ जाएगा। वैश्विक तेल कारोबार पर आधिपत्य जमाना किसी भी दृष्टि से न्यायोचित नहीं है। वेनेजुएला की भाँति ईरान भी अपना तेल डालर में नहीं बेच रहे थे। डालर का वर्चस्व अमेरिका कायम न रख पाए इसलिए उस पर अंकुश लगाने के लिए दुनिया के देशों को आगे आना ही होगा।

March 16, 2026

कानपुर में निरंकारी संत संगम 22 से

Nirankari Sant Sudhiksha

एटा के हजारो अनुयाई उत्तर प्रदेश के कानपुर में राज्य स्तरीय निरंकारी संत समागम में संदेशों का करेंगे श्रवण

एटा 16 मार्च उप्रससे। सतगुरु माता सुदीक्षा एवं निरंकारी राजपिता रमित की दिव्य एवं करुणामयी छत्रछाया में 22 मार्च को कानपुर के निराला नगर स्थित रेलवे ग्राउंड (पराग डेयरी के समीप) में उत्तर प्रदेश का भव्य राज्य स्तरीय निरंकारी संत समागम श्रद्धा, समरसता और आध्यात्मिक उल्लास के साथ आयोजित किया जाएगा। यह पावन आयोजन मानवता, विश्वबंधुत्व और आध्यात्मिक जागृति का प्रेरणास्रोत बनेगा।

मीडिया सहायक अमित कुमार ने बताया कि प्रातः 11:00 बजे से दोपहर 4:00 बजे तक चलने वाले इस दिव्य समागम में उत्तर प्रदेश के इस राज्य स्तरीय संत समागम में जिला एटा के अवागढ़, कलियान पुर, जलेसर, धुमरी जैथरा अलीगंज, निधौली कला आदि विभिन्न क्षेत्रों से हजारों श्रद्धालु भक्त एकत्रित होकर सतगुरु के अमृतमय संदेशों का श्रवण करेंगे। सत्संग की इस पावन वाणी से मानव जीवन में प्रेम, सहअस्तित्व, करुणा और वैश्विक भाईचारे की भावना को नया आलोक प्राप्त होगा। समागम स्थल पर श्रद्धालुओं की सुविधा को सर्वोपरि रखते हुए लंगर, प्याऊ, चिकित्सा सेवा, पार्किंग तथा अन्य आवश्यक व्यवस्थाएँ अत्यंत सुव्यवस्थित रूप से सुनिश्चित की जा रही हैं। सभी भक्तजन सेवा-भाव, अनुशासन और समर्पण के साथ स्थल को स्वच्छ, सुंदर और भक्तिमय वातावरण से परिपूर्ण बनाने में निरंतर सक्रिय हैं। आयोजन की सफलता हेतु स्थानीय प्रशासन भी सहयोग प्रदान कर रहा है।

इस दिव्य समागम की पूर्व बेला में युवाओं की ऊर्जा को सकारात्मक और रचनात्मक दिशा प्रदान करने के उद्देश्य से 20 एवं 21 मार्च को ‘निरंकारी यूथ सिम्पोजियम’ का आयोजन किया जाएगा, जिसका मुख्य विषय ‘द सिक्स एलीमेंट्स’- छः तत्व रहेगा। इस प्रेरणादायी मंच पर लघु नाटक, भक्ति-गीत, पैनल चर्चा और संवादात्मक गतिविधियों के माध्यम से युवाओं को आध्यात्मिकता, अनुशासन, आत्मिक संतुलन, मानवीय मूल्यों, सकारात्मक चिंतन तथा रचनात्मक नेतृत्व के प्रति प्रेरित किया जाएगा।
निसंदेह, प्रेम, एकता, सहअस्तित्व और विश्वबंधुत्व के दिव्य संदेश से ओत-प्रोत यह संत समागम श्रद्धालुओं के जीवन में नई प्रेरणा, आत्मिक शांति और आनंद का आलोक प्रस्फुटित करेगा। इस पावन अवसर पर सभी श्रद्धालु भक्तों, नगरवासियों, बुद्धिजीवियों तथा प्रभुप्रेमी जनों को सादर आमंत्रित किया गया है कि वे इस आध्यात्मिक संगम में सहभागी बनकर सतगुरु कृपा का लाभ प्राप्त करें।

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