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साधु के वेश में रह रहे इंजीनियर पति की बीच सड़क धुनाई

March 15, 2026

साधु के वेश में रह रहे इंजीनियर पति की बीच सड़क धुनाई

पत्नी ने लगाए गंभीर आरोप
मथुरा। जनपद के राया क्षेत्र में उस समय हाई-वोल्टेज ड्रामा देखने को मिला, जब एक महिला ने साधु के वेश में जा रहे एक व्यक्ति को अपना पति बताते हुए बीच सड़क पर उसकी पिटाई कर दी। घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है।
महिला का दावा है कि साधु के वेश में रह रहा व्यक्ति उसका पति है, जो करीब 15 वर्ष पहले उसे छोड़कर लापता हो गया था। महिला के अनुसार उसका पति पहले सॉफ्टवेयर इंजीनियर था। पीड़िता ने आरोप लगाया कि उसका पति साधु बनकर भक्ति का ढोंग कर रहा है और किसी अन्य महिला के साथ रह रहा है। साथ ही उसके पास आलीशान फ्लैट और गाड़ी होने का भी आरोप लगाया गया है।
घटना की सूचना मिलने पर मौके पर पहुंची पुलिस ने साधु के वेश में रह रहे व्यक्ति को हिरासत में ले लिया। थाना प्रभारी के अनुसार वायरल वीडियो और महिला द्वारा लगाए गए आरोपों के आधार पर मामले की गंभीरता से जांच की जा रही है।

कड़ी निगरानी में हुई उप निरीक्षक भर्ती परीक्षा, डीएम-एसएसपी ने किया केंद्रों का निरीक्षण

मथुरा। उ०प्र० पुलिस भर्ती एवं प्रोन्नति बोर्ड, लखनऊ द्वारा आयोजित उप निरीक्षक नागरिक पुलिस एवं समकक्ष पदों की सीधी भर्ती-2025 की लिखित परीक्षा को सकुशल, निर्विघ्न, नकलविहीन एवं निष्पक्ष रूप से सम्पन्न कराने के लिए जिला प्रशासन पूरी तरह मुस्तैद रहा।
जिलाधिकारी चंद्र प्रकाश सिंह एवं वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक श्लोक कुमार ने विभिन्न परीक्षा केंद्रों का निरीक्षण कर व्यवस्थाओं का जायजा लिया। इस दौरान उन्होंने सीसीटीवी कंट्रोल रूम, सुरक्षा व्यवस्था और अभ्यर्थियों की प्रवेश प्रक्रिया का निरीक्षण किया तथा केंद्र व्यवस्थापकों को निर्देश दिए कि सभी सुरक्षा मानकों का शत-प्रतिशत पालन सुनिश्चित किया जाए। साथ ही अभ्यर्थियों का बायोमेट्रिक सत्यापन कड़ाई से कराने के निर्देश भी दिए गए।
यह परीक्षा 14 एवं 15 मार्च 2026 को दो पालियों में आयोजित की जा रही है। पहली पाली प्रातः 10 बजे से 12 बजे तक तथा दूसरी पाली दोपहर 3 बजे से सायं 5 बजे तक आयोजित होगी।
जनपद मथुरा में यह परीक्षा 17 परीक्षा केंद्रों पर आयोजित की जा रही है, जिसमें लगभग 6000 अभ्यर्थी परीक्षा में शामिल हो रहे हैं। परीक्षा को शांतिपूर्ण और निष्पक्ष रूप से सम्पन्न कराने के लिए प्रशासन द्वारा व्यापक सुरक्षा एवं निगरानी व्यवस्था की गई है।

जलालाबाद में भव्य सामूहिक विवाह: 150 जोड़ों का बंधन पवित्र बंधन में बंधा

( संजीव कुमार गुप्त की _ रपट )
शाहजहाँपुर, माँ वैष्णोधाम मैरिज लॉन, जलालाबाद में मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना के तहत सामूहिक विवाह कार्यक्रम भव्य रूप से संपन्न हुआ। मुख्य अतिथि विधायक हरिप्रकाश वर्मा की गरिमामयी उपस्थिति में 150 जोड़ों (144 हिंदू और 6 मुस्लिम) का विवाह संपन्न कराया गया।कार्यक्रम में क्षेत्र पंचायत मिर्जापुर, कलान एवं जलालाबाद की अध्यक्षें, नगर पालिका जलालाबाद, अल्हागंज एवं कलान के अध्यक्ष, जिला पंचायत राज अधिकारी, संबंधित बीडीओ, ईओ एवं जिला स्तरीय अधिकारी उपस्थित रहे। मंच संचालन इंदु अजनबी ने किया। सभी अतिथियों ने नवविवाहित जोड़ों को सुखमय दांपत्य जीवन की शुभकामनाएं दीं।कार्यक्रम में खंड विकास अधिकारी जलालाबाद, मिर्जापुर, कलान, नगर पालिकाओं एवं जिला समाज कल्याण कार्यालय के कर्मचारियों ने सहयोग किया। जिला समाज कल्याण अधिकारी ने सभी का धन्यवाद ज्ञापित किया।

गोरखपुर में गैस वितरण पर उठे सवाल, उपभोक्ता ने CM के IGRS पोर्टल पर दर्ज कराई शिकायत

Santosh Kumar Singh
Gorakhpur
14/03/2026

गोरखपुर में घरेलू गैस वितरण को लेकर एक बार फिर सवाल खड़े हो गए हैं। शहर के एक उपभोक्ता ने गैस एजेंसी पर बिना सिलेंडर दिए वितरण दिखाने का आरोप लगाया है और इसकी शिकायत मुख्यमंत्री के IGRS पोर्टल पर दर्ज कराई है।

दरअसल गोरखपुर के जाफरा बाजार निवासी अहमद हसन ने आरोप लगाया है कि उन्होंने फरवरी 2026 में गैस सिलेंडर बुक कराया था, लेकिन उन्हें सिलेंडर नहीं मिला। जब वे 14 मार्च को गैस लेने के लिए धर्मशाला बाजार स्थित ओम गणपति इंडियन गैस सर्विस एजेंसी पहुंचे तो उन्हें बताया गया कि 23 फरवरी को ही उनके नाम से गैस वितरित कर दी गई है।
उपभोक्ता का कहना है कि उन्होंने 16 नवंबर 2025 के बाद कोई गैस नहीं ली है, इसके बावजूद रिकॉर्ड में सिलेंडर वितरण दिखाया जा रहा है। इसको लेकर उपभोक्ता ने मुख्यमंत्री के IGRS पोर्टल पर शिकायत दर्ज कराते हुए मामले की जांच और दोषियों पर कार्रवाई की मांग की है।
उपभोक्ता ने प्रशासन से मांग की है कि गैस एजेंसी की जांच कराई जाए और उन्हें जल्द से जल्द गैस सिलेंडर उपलब्ध कराया जाए, ताकि आम उपभोक्ताओं को इस तरह की परेशानियों का सामना न करना पड़े।

बरौली में सड़क सीमांकन पर बड़ा खेल!

Santosh Kumar Singh
Gorakhpur
14/03/2026

लेखपाल पर मिलीभगत के आरोप, 40 कड़ी सड़क को दिखाया आधा—अवैध कब्जा बरकरार*

गोरखपुर। सदर तहसील क्षेत्र के ग्राम सभा बरौली में सड़क सीमांकन को लेकर बड़ा खेल सामने आने का आरोप लगा है। ग्रामीणों का कहना है कि राजस्व विभाग की टीम, खासकर स्थानीय लेखपाल की कथित मिलीभगत के कारण 40 कड़ी चौड़ी सड़क पर वर्षों से चला आ रहा अवैध कब्जा आज भी जस का तस बना हुआ है। आरोप है कि रसूखदारों के दबाव में सीमांकन की प्रक्रिया को ही बदल दिया गया, जिससे सरकारी जमीन पर कब्जा करने वालों को सीधा फायदा मिल गया और सड़क का दायरा सिमट कर रह गया।
ग्रामीणों के अनुसार ग्राम सभा बरौली की लगभग 40 कड़ी चौड़ी सड़क पर कई स्थानों पर अवैध कब्जा कर लिया गया है। इससे सड़क संकरी हो गई है और आवागमन में लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ता है। इस मामले को लेकर वर्ष 2025 में ग्रामीणों ने ज्वाइंट मजिस्ट्रेट को प्रार्थना पत्र देकर सड़क का सीमांकन कर अवैध कब्जा हटाने की मांग की थी। शिकायत को गंभीरता से लेते हुए 30 अप्रैल 2025 को राजस्व विभाग की टीम को मौके पर सीमांकन करने का निर्देश दिया गया था।
ग्रामीणों का आरोप है कि 7 मई 2025 को जब राजस्व टीम सीमांकन के लिए गांव पहुंची और पैमाइश की प्रक्रिया शुरू हुई, तभी अवैध कब्जेदार भी मौके पर पहुंच गए। आरोप है कि इसके बाद स्थानीय लेखपाल और टीम के कुछ कर्मियों से उनकी बातचीत हुई और कथित रूप से रसूख के बल पर सीमांकन की दिशा ही बदल दी गई। जहां सड़क की चौड़ाई लगभग 40 कड़ी होनी चाहिए थी, वहां सीमांकन को कम चौड़ाई में दिखाकर ग्रामीणों को गुमराह कर दिया गया।
ग्रामीणों का कहना है कि सीमांकन का दायरा तुर्रा नाला पर बने पुल के एप्रोच मार्ग तक किया जाना था, लेकिन राजस्व टीम अधूरा सीमांकन दिखाकर ही वापस लौट गई। इससे अवैध कब्जेदारों को खुली छूट मिल गई और सड़क के किनारों पर कब्जा बरकरार रहा।
इधर, राजस्व विभाग की अधूरी कार्रवाई का फायदा उठाते हुए लोक निर्माण विभाग द्वारा तुर्रा नाला के पुल से जुड़े एप्रोच मार्ग पर सड़क निर्माण का काम भी करा दिया गया। आरोप है कि सड़क निर्माण में भी मानकों की अनदेखी की गई और पुरानी कच्ची सड़क पर ही गिट्टी डालकर पीचिंग कर दी गई। इससे सड़क की वास्तविक चौड़ाई बढ़ने के बजाय और सिमट गई।
ग्रामीणों का कहना है कि यदि पहले सही तरीके से पैमाइश कर अवैध कब्जा हटाया गया होता, तो सड़क अपने निर्धारित आकार में बन सकती थी। लेकिन सीमांकन में कथित गड़बड़ी के कारण सड़क के दोनों ओर कब्जे बरकरार हैं और आज भी सड़क पतली होकर रह गई है।
स्थानीय लोगों में इस पूरे मामले को लेकर काफी आक्रोश है। ग्रामीणों का आरोप है कि लेखपाल ने उपजिलाधिकारी सदर के निर्देशों की भी अनदेखी की। उनका कहना है कि यदि आदेशों का सही तरीके से पालन किया गया होता तो अब तक सड़क से अवैध कब्जा हट चुका होता।
ग्रामीणों ने जिलाधिकारी से मांग की है कि पूरे प्रकरण की निष्पक्ष जांच कराई जाए, दोबारा राजस्व टीम भेजकर सड़क की सही पैमाइश कराई जाए और सरकारी जमीन पर किए गए सभी अवैध कब्जों को हटाया जाए। ग्रामीणों का कहना है कि जब तक निष्पक्ष कार्रवाई नहीं होगी, तब तक सड़क की समस्या का समाधान संभव नहीं है और लोगों को रोजाना परेशानी झेलनी पड़ेगी।

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