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आजम खां के नाम से संदेश देने वाले युसुफ मलिक के खिलाफ मुकदमा

March 16, 2026

आजम खां के नाम से संदेश देने वाले युसुफ मलिक के खिलाफ मुकदमा

काले कपड़े पहन ईद मनाने संबंधी बयान में फंसा सपाई
-रामपुर के गंज थाना क्षेत्र में मुकदमा कायम

Post on 16.3.26
Monday, Moradabad
Rajesh Bhatia

मुरादाबाद।(उप्र समाचार सेवा)।
रामपुर में जेल में बंद सपा नेता
आजम खां का पैगाम बताकर बयान देना युसुफ मलिक को भारी पड़ा। ईद के नाम पर बयान देने में युसुफ मलिक के खिलाफ मुकदमा कायम किया गया है। पुलिस ने आरोपी की गिरफ्तारी में जुटी है।

दो दिन पहले मुरादाबाद के सपाई यूसुफ मलिक ने आजम खां के नाम पर संदेश बताकर बयान दिया। निजी चैनल व सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर युसुफ मलिक का बयान वायरल होते ही चर्चा में आ गया। युसुफ मलिक बयान में कहा कि जिला कारागार में आजम खां व उनके बेटे अब्दुल्ला आजम से मुलाकात की। जेल में बंद आजम खां का संदेश बताकर सपाई नेता ने कहा कि पूर्व सांसद ने ईरान में स्कूल में बच्चों की मौत पर ईद काले कपड़े पहनकर मनाने को कहा।आजम खां ने सुन्नी मुसलमानों से यह अपील की। जेल से मिले संदेश में अपील की कि ईद पर नमाज के दौरान काले कपड़े पहनें व बांह पर काली पट्टी बांधकर ईद मनाएं। बयानों की वीडियो व खबरें वायरल होते ही पुलिस में हड़कंप मच गया। खुफिया तंत्र भी जानकारी जुटाने में जुट गया। इसके बाद रामपुर के गंज थाने की पुलिस ने गलत बयानी के आरोप में यूसुफ मलिक के खिलाफ केस दर्ज कर लिया है।अब पुलिस आरोपी की तलाश कर रहीं हैं।

किराने की दुकान में लगी आग, मां और बेटे की हुई मौत

मृतिका के पिता ने लगाया सास,ससुर और भसुर पर प्रताड़ित करने का आरोप। आग की लाइव तस्वीर हुई वायरल।
रिपोर्ट – संजय कुमार तिवारी
स्थान – बलिया यूपी
डेट – 16/03/2026
खबर यूपी के बलिया से है जहां बलिया के गड़वार थाना क्षेत्र के चिलकहर मटही मार्ग पर लगभग तीन बजे सुबह किराने की दुकान में अज्ञात कारणों से आग लग गई। आग का वीडियो वायरल हो रही है जहां दुकान के ऊपर घर में सो रही मां और पांच साल के बेटे की दम घुटने से दो लोगों की मौत हो गई। आनन फानन में ग्रामीणों ने दुकान की सट्टर तोड़कर सो रही मां और बेटे को निकाला और घर से बाहर निकाला गया।बाहर निकालकर रसड़ा सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पर भर्ती कराया गया।जहां डॉक्टरों मृत घोषित कर दिया है।वही पुलिस शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है। वही मौके पर प्रत्यक्ष दर्शी शैलेंद्र सिंह ने बताया कि मौके पर पहुंचे और घर से दो लाशें निकाली गई और प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र पर भर्ती कराया गया जहां डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया। वही मृतिका रिंकी के पिता पुरुषोत्तम चौरसिया ने बताया कि चिलकहर में अपनी बेटी की शादी 2020 में नीरज चौरसिया से किए थे हमारी बेटी काफी डिप्रेशन में रहती थी सास,ससुर झूलन चौरसिया , और बड़े भसुर दीपक चौरसिया हमेशा प्रताड़ित करते है।अपने बेटी के लिए पिता ने जमीन खरीद कर घर भी बनवाया हमारा बहुत बड़ा सहयोग रहा।रिंकी देवी की सास अपने बेटे नीरज चौरसिया के खिलाफ गड़वार थाने लिखित शिकायत भी किया था कि घर को खाली कर दो।वही मृतका के पिता ने आरोप लगाया कि बेटी रिंकी का ससुर झूलन चौरसिया रात के समय दुकान में आग लाकर और बाहर से ताला बंद कर फरार हो गए।दीपक और मां के कहने पर काफी प्रताड़ित किया जा रहा था।

मुरादाबाद: ईंटों से भरी ट्रैक्टर-ट्रॉली में घुसी कार, चार दोस्तों की मौत

सड़क दुघर्टना।
–दिल्ली-लखनऊ हाईवे पर हुआ भीषण सड़क हादसा
Post on 16.3.26
Monday, Moradabad
Rajesh Bhatia

मुरादाबाद।(उप्र समाचार सेवा)।
दिल्ली लखनऊ नेशनल हाईवे (National Hiway) पर हादसे में चार लोगों की मौत हो गई।
सोमवार सुबह 6 बजे सड़क हादसा हुआ। ईंटो से भरी ट्रैक्टर ट्रॉली में एक कार बेकाबू होकर घुस गई।
हाईवे पर मूंढापांडे थाने में मनकरा मोड़ के पास हुआ।रामपुर की दिशा से आती एक कार अपने आगे चल रही ईंटों से भरी ट्रैक्टर-ट्राली में जा घुसी ।
हादसा इतना भयानक था कि कार बुरी तरह से क्षतिग्रस्त हो गई। हादसे की सूचना पर पहुंची पुलिस ने मशक्कत कर घायलों को कार से निकाला। सभी घायलों को लेकर पुलिस तुरंत मूंढापांडे सीएचसी लेकर पहुंची पर डॉक्टर ने कार सवार 4 युवकों में से 3 को तत्काल मृत घोषित कर दिया। जबकि चौथे युवक को घायल अवस्था में तुरंत जिला अस्पताल रेफर किया गया है। यहां भी उसके दम तोड़े जाने की सूचना है।
पुलिस का कहना है कि मरने वालों में से एक की पहचान उसकी जेब से मिले आधार कार्ड के आधार पर हुईं हैं। मृतक दयाल सिंह रावत पुत्र कुवंर पाल निवासी अपर माल बर्ड जयनिवास बीमिला कंपाउंड पालीवाल, नैनीताल के रूप में हुई है। अन्य घायल युवक यशदीप उत्तराखंड के हल्द्वानी का बताया गया है। पुलिस हादसे के कारणों की जांच कर रही है।

मुरादाबाद रत्न से सम्मानित हुए वयोवृद्ध शिक्षक पाती राम शर्मा

Posted on 16.03.2026 Monday Time 09.31 AM, Moradabad, Kala Bharati Samman samaroh

कला भारती ने किया मुरादाबाद रत्न से सम्मानित

मुरादाबाद, 16 मार्च 2026, कला एवं साहित्य का अखिल भारतीय संगठन कला भारती द्वारा शिक्षा के क्षेत्र में अभूतपूर्व योगदान देने वाले वयोवृद्ध शिक्षक नेता एवं समाज सेवक रहे पंडित पाती राम शर्मा जी को मुरादाबाद रत्न से मंगल तिलक, अंग वस्त्र, दुशाला, पुष्प हर, मान पत्र, स्मृति चिह्न समर्पित करते हुए आज सम्मानित किया गया.

वयोवृद्ध शिक्षक पाती राम शर्मा

वयोवृद्ध शिक्षक पाती राम शर्मा

ग्राम लडावली में आयोजित सम्मान समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित स्नातक विधायक डॉ जयपाल सिंह व्यस्त ने पाती राम शर्मा जी के जीवन पर प्रकाश डालते हुए कहा कि उन्होंने जहां एक ओर 42 वर्षों तक शिक्षा की अलख जगाए रखी वहीं दूसरी ओर शिक्षक साथियों के लिए, उनके अधिकारों की रक्षा हेतु प्रदेश स्तर तक संगठन में उनका नेतृत्व किया तथा संगठन में प्रदेश कोषाध्यक्ष के रूप में नए प्रतिमान स्थापित किए. कार्यक्रम की अध्यक्षता कर रहे बाबा संजीव आकांक्षी ने कहा की प्राथमिक शिक्षा किसी भी बालक के जीवन में अत्यधिक महत्त्वपूर्ण होती है। कच्ची मिट्टी की तरह प्राथमिक विद्यालय के बालकों के मन पर जो भी लिख दो वह जीवन भर के लिए अमिट होता है एवं जीवन पर्यन्त प्रभावित करता है। ऐसे कच्ची मिट्टी से बालमन को 42 वर्षों तक अपने आचरण-व्यवहार एवं संदेशों से अभिसिंचित, पुष्पित एवं शिक्षित करने का महत्त्वपूर्ण कार्य पंडित पातीराम शर्मा जी के द्वारा निरन्तर किया जाता रहा। 42 वर्ष, सक्रिय-समर्पित शिक्षक, 17 वर्ष-प्रधानाचार्य-प्राथमिक विद्यालय, 12 वर्ष प्रधानाचार्य-उच्च प्राथमिक विद्यालय में विद्यार्थी रूपी पौधों को अभिसिंचित किया।
10 वर्ष प्राथमिक शिक्षक संघ के जिला अध्यक्ष, 8 वर्ष उत्तर प्रदेश प्राथमिक शिक्षक संघ के कोषाध्यक्ष के रूप में रहते हुए अपने शिक्षक साथियों के अधिकारों के लिए प्रदेश स्तर तक की आवाज बने। वहीं राजनीति क्षेत्र में जिला पंचायत सदस्य के रूप में आपकी सक्रियता का काल 2000-2005 आज भी सबको प्रेरणा एवं ऊर्जा प्रदान करता है। पाती राम शर्मा जी न केवल एक उत्कृष्ट शिक्षक, एक शिक्षक नेता, समाजसेवी और राजनीतिज्ञ ही नहीं एक बहुत सरल हृदय, समर्पित एवं मृदभाषी व्यवहार के धनी रहे हैं. उन्होंने अपने परिवार में भी अधिकांश बालकों संतानों को भी शिक्षा के क्षेत्र में ही सेवा देने के लिए अभिप्रेरित किया और उनकी प्रेरणा से ही परिवार की महिलाएं शिक्षा के क्षेत्र में अपनी सेवाएं दे रही हैं.
कार्यक्रम में विशिष्ट अतिथि के रूप में उपस्थित प्रख्यात शिक्षाविद डॉक्टर बृजपाल सिंह यादव ने कहा की समाज में किसी व्यक्ति के जीवन में विभिन्न प्रकार के संबंध कई प्रकार के लोगों से बनते हैं, लेकिन उन संबंधों को जीवित और जीवंत रखने की प्रेरणा, संबंधों में मान-सम्मान के साथ-साथ संबंधों का गौरव बनाए रखने की प्रेरणा सदैव पातीराम शर्मा जी के आचरण एवं व्यवहार से मिलती है. आपने जीवन में जो भी संबंध बनाया उसे सारा जीवन निभाया और जीवंत भी रखा है.
ग्रामीण क्षेत्र में निवास होने के बावजूद भी आपने उच्च विचारों को आत्मसात करते हुए शहर के विकास से भी प्रभावित हो बालकों को उच्च शिक्षा प्रदान की है. मुरादाबाद नगर ही नहीं पूरे क्षेत्र में आपका विशिष्ट स्थान है. प्राथमिक शिक्षकों एवं उच्च प्राथमिक शिक्षकों के मध्य आपका विशिष्ट स्थान है.

Kala Bharati Samman samaroh Moradabad

वयोवृद्ध शिक्षक पाती राम शर्मा को सम्मानित करते हुए कला भारती के पदाधिकारी और एमएलसी डॉ जय पाल सिंह व्यस्त

कार्यक्रम में उपस्थित राज्यपाल पुरस्कार से सम्मानित शिक्षक राधेश्याम शर्मा जी ने कहा की कला भारती द्वारा भव्य समारोह में आपको सम्मानित करना जहां समाज में अपने बड़ों के प्रति आदर और सम्मान प्रदर्शित करता है, वहीं युवाओं को ऐसे कार्यक्रमों से प्रेरणा एवं मार्गदर्शन भी प्राप्त होता है. उन्होंने कहा कि कला भारती के राष्ट्रीय महामंत्री बाबा संजीव आकांक्षी का चिंतन एवं कार्य पद्धति बड़ों को सम्मान और बालकों को प्रेरणा देने की रही है.
कला भारती द्वारा पूर्व के वर्षों में भी कला जगत के गुरुजनों, कलाकारों एवं समाज के प्रतिष्ठित लोगों का सम्मान समय-समय पर किया जाता रहा है.

इस अवसर पर कार्यक्रम में प्रेमनाथ यादव, एयरफोर्स ऑफिसर पंकज शर्मा, निर्यातक सुरेंद्र सिंह, शिक्षाविद श्रीमती उषा यादव, अनिल कुमार शर्मा, विनय गौड़, हर्ष गौड़, हेमलता, अनीता शर्मा, आकांक्षा गौड़, रघुवर सिंह, मयंक गौड़, समय सिंह, करमवीर सिंह, काले सिंह आदि उपस्थित रहे.

वीर भूमि में योगी आदित्यनाथ की दहाड़

  • भारत की नींव को कमजोर कर रही जातिवाद की राजनीतिः मुख्यमंत्री
  • चित्तौड़गढ़ में जौहर स्मृति संस्थान द्वारा आयोजित ‘जौहर श्रद्धांजलि समारोह’ में शामिल हुए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ
  • सनातन की मर्यादा अमर है और रहेगी, बाबर-औरंगजेब और अकबर के खानदान का पता नहीं, महाराणा प्रताप के वंशज मंच पर बैठे हैं: सीएम योगी
  • उत्तर प्रदेश में बेटियां अब नाइट शिफ्ट में भी काम करके सकुशल घर वापस आती हैः योगी
  • गोरक्षपीठाधीश्वर ने वीरभूमि से जोड़ा नाता, कहा- मेरे दादा गुरु इसी भूमि से गोरखपुर गए थे

चित्तौड़गढ़, 15 मार्च। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने जातिवाद फैलाने वालों को चित्तौड़गढ़ की धरती से दो टूक संदेश दिया। उन्होंने रामधारी सिंह दिनकर की पंक्तियां सुनाईं –
“मूल जानना बड़ा कठिन है नदियों का-वीरों का
धनुष छोड़कर और गोत्र क्या होता रणधीरों का
पाते हैं सम्मान तपोबल से भूतल पर शूर
जाति-जाति का शेर मचाते केवल कायर, क्रूर”
मुख्यमंत्री ने कहा, जिन्हें कुछ नहीं करना है, वे जातिवाद के आधार पर सामाजिक एकता को छिन्न-भिन्न करने का पाप कर रहे हैं। जातिवाद ने समाज की नींव को दरका दिया था, इसलिए देश कमजोर हुआ। जातिवाद की राजनीति भारत की नींव को कमजोर कर रही है। बांटने की राजनीति फिर से हम सबको गुलामी की तरफ धकेल रही है। इससे बचने के लिए हमें एकजुटता के भाव से बढ़ना होगा। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ रविवार को ईनाणी सिटी सेंटर, चित्तौड़गढ़ में जौहर श्रद्धांजलि समारोह में जनसमूह को संबोधित कर रहे थे। मुख्यमंत्री ने सराहनीय कार्य करने वालों को सम्मानित भी किया। उन्होंने पंजाब के पूर्व राज्यपाल वीपी सिंह की पुस्तक का विमोचन भी किया।

Yogi Adityanath in Chittorgarh, Rajasthan

*रामसेतु तोड़ने को उतावले लोग राम मंदिर निर्माण का विरोध करते रहे*
सीएम योगी ने जनसमूह से पूछा कि वे कौन लोग हैं, जो जातिवाद के आधार पर समाज को बांट रहे हैं। अफवाह के आधार पर विश्वास का संकट खड़ा कर रहे हैं। भारत-भारत न बना रहे, इसके लिए दुष्चक्र कर रहे हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि ये वही लोग हैं, जिन्होंने कहा था कि राम-कृष्ण हुए ही नहीं। राम मंदिर आंदोलन में विरोधी पक्ष के साथ मिले और फैसला न होने देने के लिए एड़ी-चोटी का जोर लगाया था। ये लोग रामसेतु तोड़ने के लिए उतावले दिखाई देते हैं, राम मंदिर निर्माण का विरोध करते हैं। ये लोग देश में अविश्वास का वातावरण पैदा कर रहे हैं और संवैधानिक संस्थाओं को कठघरे में खड़ा कर रहे हैं। इनका मकसद भारत को कठघरे में खड़ा करके अविश्वसनीय बना देना है। इन्हें देश की चिंता नहीं है। इनके अपने अस्तित्व पर संकट है, इसलिए भारत की अस्मिता से खिलवाड़ करने पर उतारू हैं।

CM Yogi Adityanath in Chittorgarh Rajasthan

*वीरभूमि ने दी भारत को पहचान*
सीएम योगी ने कहा कि उत्तर प्रदेश में परिवर्तन के पीछे प्रधानमंत्री मोदी जी का मार्गदर्शन है तो तेज राजस्थान, चित्तौड़गढ़ का है। इसके पीछे राजस्थान की वीरभूमि का भी योगदान है, क्योंकि मेरे पूज्य दादा गुरु इसी भूमि से गोरखपुर गए थे। राजस्थान, चित्तौड़गढ़, मेवाड़ के वीरों के शौर्य-पराक्रम, वीरांगनाओं के जौहर और मीराबाई की भक्ति की धुन से भारत अभिभूत होता है। नारी अस्मिता, सम्मान, स्वावलंबन की अमर गाथा हमें प्रेरणा प्रदान कर रही है। वीरभूमि ने भारत को पहचान दी है। चित्तौड़गढ़ का किला केवल पत्थरों से बना दुर्ग नहीं, बल्कि भारत की अस्मिता का प्रहरी है। हर सच्चे भारतीय के मन में इस वीरभूमि और यहां के राणाओं के शौर्य व राष्ट्र के लिए उनके बलिदान के प्रति श्रद्धा का भाव है।

*देश-धर्म के लिए था महाराणा प्रताप, छत्रपति शिवाजी व गुरु गोबिंद सिंह का संघर्ष*
सीएम योगी ने महाराणा प्रताप, छत्रपति शिवाजी महाराज व गुरु गोविंद सिंह जैसे राष्ट्रनायकों को याद किया। उन्होंने कहा, इन लोगों ने अपने, परिवार या सत्ता के लिए बलिदान नहीं दिया था, बल्कि इनका संघर्ष देश-धर्म और भारत की स्वाधीनता के लिए था। हर संघर्ष में चट्टान की तरह सामने खड़े हुए और उसे नेस्तनाबूद भी किया। गुरु गोविंद सिंह के चार पुत्र बलिदान हुए, लेकिन उन्होंने उफ नहीं किया। महाराणा प्रताप, महाराणा सांगा, महारानी पद्मिनी, महाराणा कुंभा, बप्पा रावल के लिए मन में श्रद्धा का भाव है, क्योंकि जो भी राष्ट्र के प्रति योगदान देगा, उसका स्मरण सदैव होता है।

UP CM Yogi Adityanath in Chittorgarh Rajasthan

*माता सीता का जो संकल्प था, वही संकल्प महारानी पद्मिनी ने दिखाया*
सीएम योगी ने कहा कि यह श्रद्धांजलि समारोह प्रेरित कर रहा है कि आने वाले समय में किसी बेटी-बहन को उस दौर से न गुजरना पड़े। 1303, 1535 और 1568 में तीन बड़े जौहर यहां देखने को मिले। भारत का इतिहास वीरांगनाओं के जौहर से भरा पड़ा है। शत्रु हमेशा धोखे से ही वीरों का मुकाबला कर पाए। आमने-सामने की लड़ाई में वे कहीं नहीं टिके। अलाउद्दीन खिलजी के धोखे से महाराणा रत्न सिंह वीरगति को प्राप्त हुए। उनके सेनापति गोरा-बादल भी लड़ते हुए वीरगति को प्राप्त हुए तो महारानी पद्मिनी के नेतृत्व में हजारों वीरांगनाओं ने नारी अस्मिता की रक्षा के लिए जौहर व्रत लिया था, क्योंकि वह उस समय की परिस्थिति थी। माता सीता ने धरती मां से कहा था कि अगर मेरा सतीत्व अखंड है तो मुझे अपनी गोद में समाहित करो। माता सीता का जो संकल्प था, वही संकल्प धर्म जौहर के नाम पर महारानी पद्मिनी ने यहां दिखाया था। यह संकल्प नारी गरिमा का प्रतीक था। यह भारत माता को विधर्मियों से मुक्त करने का संकल्प था।

*25 करोड़ के उत्तर प्रदेश में बेटियां अब नाइट शिफ्ट में भी काम करके सकुशल घर वापस आती हैं*
मुख्यमंत्री ने कहा कि यूपी में जब हमारी सरकार बनी तो प्रदेशवासियों से कहा कि अपराध-अपराधियों, नारी गरिमा-सुरक्षा के मामले में सरकार जीरो टॉलरेंस के तहत काम करेगी। किसी ने बहन-बेटी की सुरक्षा पर हाथ डाला तो अगले चौराहे पर यमराज उसका इंतजार कर रहे होंगे। 25 करोड़ वाले उत्तर प्रदेश में बेटियां अब स्कूल भी जाती हैं, नाइट शिफ्ट में काम भी करती हैं और सकुशल घर आती हैं। हर नारी को सुरक्षा, सम्मान व स्वावलंबन की गारंटी हर भारतीय नारी का अधिकार होना चाहिए।

*महाराणा सांगा ने घाव पर घाव सहे, लेकिन विधर्मियों को घुसने नहीं दिया*
सीएम योगी ने भारत की अस्मिता को अक्षुण्ण बनाए रखने के लिए महाराणा सांगा के शौर्य का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा, महाराणा सांगा के शरीर पर 80 घाव थे। लेकिन, उन्हें स्वयं की नहीं, बल्कि राष्ट्र की अस्मिता की चिंता थी। घाव पर घाव सहते गए पर विधर्मियों को घुसने नहीं दिया। महाराणा प्रताप ने महज 27 वर्ष की आयु में ही अकबर के खिलाफ युद्ध लड़ा था। उन्होंने अकबर को नाकों चने चबाने पर मजबूर कर दिया था। भारत के इतिहास ने हमेशा उनके शौर्य का स्मरण किया है।

*अयोध्या में राम मंदिर भी बना और गुलामी का कोई चिह्न भी नहीं बचा*
सीएम योगी ने कहा कि श्रीराम परमपिता परमेश्वर हैं, लेकिन वह राम तब बन पाए, जब उन्होंने कहा कि मैं इस धरती को राक्षसविहीन कर दूंगा। वह भी केवल यह कहते कि मैं अयोध्या का राजा हूं, मुझे कुछ नहीं करना है तो वह राम जैसा सम्मान नहीं पाते। राजस्थान के लाखों नौजवान राम मंदिर आंदोलन में कूद पड़े थे। जब पूर्वजों के प्रति मन में भाव होता है तो परिणाम आने में देर नहीं लगती। अयोध्या में भव्य राम मंदिर बन गया, वहां गुलामी का कोई चिह्न नहीं बचा। देश एकजुट होकर एक दिशा में चलता है और जाति के नाम पर बांटने वाले नेताओं से सावधान रहता है तो हर भारतवासी को राम मंदिर जैसा सम्मान प्राप्त होता है। कंस के अत्याचार से त्रस्त मथुरा को अभय प्रदान करने के लिए श्रीकृष्ण को संकल्प लेना पड़ा था कि सज्जन शक्ति का संरक्षण करूंगा, लेकिन दुर्जनों के संहार में संकोच नहीं करूंगा।

*नेताजी होते तो पापी पाकिस्तान नहीं होता*
सीएम योगी ने कहा कि भारत के महापुरुषों ने शौर्य व पराक्रम के साथ जुड़ने का आह्वान किया था। आजादी के आंदोलन में झांसी की रानी लक्ष्मीबाई ने 26 वर्ष की आयु में 1857 में अंग्रेजों के विरुद्ध शंखनाद किया था। 27 वर्ष की आयु में उनका बलिदान हो गया। नेताजी सुभाष चंद्र बोस ने आह्वान किया था कि तुम मुझे खून दो, मैं तुम्हें आजादी दूंगा। नेताजी होते तो पापी पाकिस्तान भी नहीं होता। उनका आह्वान भारत की अस्मिता, आजादी और नौजवानों के लिए था। जापान, सिंगापुर, पोर्ट ब्लेयर, म्यांमार में उनके योगदान का स्मारक हमारा आह्वान करता है। सीएम ने काकोरी के नायकों के अलावा वीर सावरकर, स्वामी विवेकानंद को भी याद किया। कहा कि 1893 में शिकागो की धर्मसभा में स्वामी विवेकानंद ने कहा कि गर्व से कहो, हम हिंदू हैं। यह उद्घोष भारत को एकता के सूत्र में बांधता है। नेपाल में भी हिंदुओं का यह भाव हर व्यक्ति को जोड़ता है।

*हमेशा प्रेरणा प्रदान करता है भारत का वैभव*
सीएम योगी ने कहा कि भारत का वैभव हमेशा प्रेरणा प्रदान करता है। वैदिक कालीन भारत, आदर्श भारत, ग्रामीण अर्थव्यवस्था पर आधारित भारत, जहां किसान उत्पादक था, कारीगर उद्यमी और व्यापारी राष्ट्र को जोड़ने का सेतु। ग्राम स्वराज हमारी पहचान थी। आक्रांता साम्राज्य नारी अस्मिता के साथ खिलवाड़ और संस्कृति, परंपरा व बौद्धिक संपदा को रौंदते-लूटते हैं। उन्होंने शोषण की जो प्रवृत्ति पैदा की, उसका दुष्परिणाम था कि किसान उत्पादक से उपभोक्ता और उपभोक्ता से कर्जदाता हो गया। कारीगर श्रमिक होकर बेरोजगार हो गया। व्यापारी कर्ज के बोझ से आजीविका के लिए भटकने लगा। औपनिवेशिक कालखंड के शोषण के इस दुष्चक्र को समाप्त करने के लिए आजादी के बाद वर्ष दर वर्ष बीतते गए, लेकिन भारत की अस्मिता को पहचानने का प्रयास नहीं किया गया। अब आत्मनिर्भर व विकसित भारत की नींव को मजबूत बनाने की आधारभूत इकाई ग्राम पंचायतें, ग्राम सभाएं व कस्बे बनेंगे।

*बाबर, औरंगजेब और अकबर के खानदान का पता नहीं, महाराणा प्रताप के वंशज मंच पर बैठे हैं*
मुख्यमंत्री ने कहा कि वीरभूमि चित्तौड़गढ़ को देखकर मुझे यूपी के साहित्यकार श्याम नारायण पांडेय की रचना हल्दीघाटी की पंक्तियां याद आती हैं – “एकलिंग का आसन है, इस पर न किसी का शासन है…”। खिलजी के नाम पर भारत में आज कोई नमूना दिखाई नहीं देता। बाबर, औरंगजेब और अकबर के खानदान का अतापता नहीं है, लेकिन महाराणा प्रताप की वंशावली महाराजा साहब मंच पर उपस्थित हैं। रानी पद्मिनी की वंशावली सैकड़ों वर्ष बाद आज भी है। सनातन की मर्यादा सदैव अमर है और रहेगी। सनातन धर्म कभी पददलित नहीं होगा। हमने अनेक चुनौतियां का मुकाबला किया और करेंगे, लेकिन हमारी अमरता पर कोई अंगुली नहीं उठा सकता। मातृशक्ति का साहस अजेय था और रहेगा। स्वाभिमान की ज्वाला भी शाश्वत बनी रहेगी।

इस अवसर पर मेवाड़ के महाराणा विश्वराज सिंह, केंद्रीय मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत, राजस्थान सरकार के मंत्री कर्नल राज्यवर्धन सिंह राठौड़, गौतम दक, सांसद सीपी जोशी, विधायक रविंद्र सिंह भाटी, श्रीचंद कृपलानी, चंद्रभान सिंह आक्या, अर्जुन जिंगर, हमीर सिंह, दिलीप सिंह परिहार, वीरेंद्र सिंह, स्वामी निरंजन नाथ, जौहर स्मृति संस्थान के अध्यक्ष रावत नरेंद्र सिंह, महामंत्री तेजपाल सिंह आदि मौजूद रहे।

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