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सच्ची भक्ति के लिए आत्मा की शुद्धि जरूरी : गोविंदानंद

March 17, 2026

सच्ची भक्ति के लिए आत्मा की शुद्धि जरूरी : गोविंदानंद

Posted on 17.03.2026 Tuesday, Time 07.19 PM, Mathura Vrandavan, Atul Kumar
मथुरा। बलदेव कस्बा स्थित रीढ़ा में चल रही श्री मद्भागवत कथा में भागवत प्रवक्ता आचार्य मनीष गर्गाचार्य ने गोवर्धन पूजा की दिव्य कथा विस्तार पूर्वक सुनाई । इस अवसर पर भगवान गिरिराज जी महाराज के समक्ष सुंदर छप्पन भोग के दर्शन कराये गये।कथा में छठवें दिन रुक्मणी विवाह प्रसंग का भावपूर्ण वर्णन किया गया।
इस अवसर पर रमणरेती आश्रम से आए  गोविंदानंद महाराज ने कहा कि भगवान की सच्ची भक्ति के लिए आत्मा की शुद्धि जरूरी है। उन्होंने बताया कि संत के पास जाने का उद्देश्य केवल आत्म कल्याण और ईश्वर प्राप्ति होना चाहिए। सांसारिक चर्चाओं से बचना चाहिए।
इस अवसर पर परीक्षित श्याम सुन्दर अग्रवाल,रेखा अग्रवाल,थाना प्रभारी पुष्पेंद्र सिंह,बंटी पहलवान,अजीत पहलवान,नीरज चौधरी,शैलेंद्र चौधरी,पप्पू सिकरवार,सुदीप बंसल,विकास अग्रवाल,सुनील गर्ग,रवि गर्गाचार्य,शुभम अग्रवाल,देवेंद्र तिवारी,छैलबिहारी,बांकेलाल,धर्मेंद्र उपाध्याय,रवेंद्र सिंह, डॉ.दिलीप,अनिल सोनी, नीटू सोनी,बलदेव सेठ, लक्ष्मण सैनी,शिवम गोस्वामी,बलदेव सेठ,देव अग्रवाल, डॉ.देव परिहार,गुलबीर सिंह,अजय सिकरवार,ओमप्रकाश भगत जी,विष्णु तेहरिया,प्रतीक,अवधेश दुबे,अखिलेश पाठक,अनुज उपमन्यु,राजेश पाठक, डॉ. नत्थी सिंह,प्रदीप कुंतल,हरपाल सिंह,सतेंद्र पहलवान,सुरेन्द्र चौधरी,विनय अग्रवाल,शिवा उपाध्याय,युवा समाजसेवी सुजीत वर्मा आदि प्रमुख रूप से उपस्थित रहे।

डम्फर की टक्कर से दम्पति की मौत, आक्रोशित भीड ने किया हाइवे जाम

Posted on 17.03.2026 Tuesday, Time 07.13 PM
मैनपुरी 17 मार्च 2026 (उप्र समाचार सेवा)। किशनी मैनपुरी मार्ग पर गांव डांडेहार के सामने अज्ञात डम्फर ने बाइक सवार के टक्कर मार दी।जिससे दम्पति की मौके पर ही मौत हो गयी।स्थानीय लोगों ने रास्ते से निकल रहे दूसरे डम्फर को मार्ग पर ही खड़ा कर जाम लगा दिया।जाम खुलवाने गयी पुलिस से स्थानीय लोगों ने जमकर नोकझोंक व धक्का मुक्की कर दी। एक घण्टे बाद जाम खुलवाया जा सका।लेकिन शव उनके परिजनों के आने तक नही उठने दिए।
मंगलवार को सुबह  किशनी की ओर से अपनी बहन के यहां जा रहे दम्पति ध्रुव 45 पुत्र ज्ञानी चौहान व संतोषी देवी 43 निवासी नगरिया थाना भरथना इटावा बाइक से अपनी बहन सतोसे अलीगंज एटा के यहां जा रहे थे।10.30 बजे मैनपुरी की ओर से आ रहे डम्फर ने बाइक में टक्कर मार दी।स्थानीय लोगो ने जाम लगा दिया ।सूचना पर पहुंचे प्रभारी निरीक्षक छत्रपाल सिंह मौके पर पहुंच गए और जाम खुलवाने व शव उठाने का प्रयास किया।स्थानीय लोग भड़क गए जमकर पुलिस से नोकझोंक कर धक्का मुक्की की । एक घण्टे जाम लगने के बाद में काफी समझाने पर जाम खोला जा सका।मौके पर पहुंचे परिजनों ने शव को भाजपा नेता राहुल राठौर के कहने पर भी नही उठने दिया।

कार न मिलने पर मारपीट और जान से मारने की धमकी, ससुराल पक्ष पर केस दर्ज

हाथरस। क्षेत्र में एक विवाहिता ने 15 मार्च रविवार देर रात अपने पति, ससुर और सास के खिलाफ दहेज उत्पीड़न, मारपीट और जान से मारने की धमकी देने का गंभीर आरोप लगाया है। पुलिस ने पीड़िता की तहरीर पर मुकदमा दर्ज कर मामले की जांच शुरू कर दी है।
कोतवाली में तहरीर देते हुए पीड़िता भूमिका दीक्षित ने बताया कि उनकी शादी 16 फरवरी 2021 को दिल्ली निवासी अक्षय भारद्वाज के साथ हुई थी। शादी में पीड़िता के परिवार ने अपनी सामथ्र्य के अनुसार नकदी और सोने के आभूषण तथा अन्य सामान दिया था। लेकिन दहेज लालची ससुराल वालों की भूख इससे भी शांत नहीं हुई। आरोप है कि शादी के महज एक सप्ताह बाद ही उसे यह कहकर प्रताड़ित किया जाने लगा कि शादी में कार नहीं दी गई। पीड़िता का आरोप है कि उसका पति अक्षय अक्सर शराब के नशे में धुत होकर उसके साथ बेरहमी से मारपीट करता था। ससुर द्वारा भी मानसिक और शारीरिक उत्पीड़न और बढ़ गया। पीडिता ने पुलिस को बताया कि ससुराल वालों ने उसे डरा-धमक कर एक खाली कागज पर जबरन हस्ताक्षर भी करा लिए थे। अपनी जान को खतरे में देख, पीड़िता 22 फरवरी को किसी तरह घर से भागकर अपनी मौसी के यहां सासनी पहुंची और आपबीती सुनाई। कोतवाली प्रभारी अवधेश कुमार ने बताया कि पीड़िता की तहरीर पर पुलिस ने पति अक्षय भारद्वाज, ससुर उपेन्द्र भारद्वाज और सास मिथिलेश के खिलाफ संबंधित धाराओं में मामला दर्ज कर लिया है। पुलिस मामले की गहनता से जांच कर रही है और दोषियों के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई का आश्वासन दिया है।

बीवी ने मिटाया सिंदूर: प्रेमी का प्यार पाने के लिए कातिल बनी सुनीति

अवैध संबंध में रोड़ा बना पति, पत्नी ने रची हत्या की साजिश
मैनपुरी 16 मार्च 26,  किशनी इलाके के गांव सुल्तानपुर निवासी डेयरीकर्मी कमलेश यादव की हत्या का पुलिस ने खुलासा कर दिया है। अवैध संबंध में रोड़ा बने पति को रास्ते से हटाने के लिए पत्नी ने ही हत्या की साजिश रची थी।
दरअसल, मैनपुरी के किशनी इलाके के गांव सुल्तानपुर निवासी कमलेश यादव कासगंज स्थित डेयरी पर काम करता था, उधर कमलेश की गैर मौजूदगी में 28 साल का सिथलेश घर पर आता था। कमलेश की पत्नी सुनीति(40) उम्र में सिथलेश से 12 साल बड़ी थी। उससे प्रेम संबंध हो गए थे।
यह सिलसिला चार साल से चल रहा था, मगर। सब कुछ जानते हुए भी कमलेश कुछ भी नहीं कर पा रहा था। इसके पीछे जो वजह बताई जा रही है वह थी कि सिथलेश और कमलेश का साथ उठना बैठना और शराब पीना था।
सिथलेश अच्छा खासा कमाता था और कमलेश को भी अपने साथ रखने के लिए कहता रहता था। कमलेश ने कुछ समय से पत्नी पर सख्ती कर दी थी, जिससे वह प्रेमी सिथलेश से नहीं मिल पा रही थी।
इसके बाद सुनीति ने 12 साल छोटे प्रेमी सिथलेश से कमलेश को रास्ते से हटाने के लिए कहा। इसके बाद सिथलेश ने अपने दो दोस्तों के साथ मिलकर कमलेश की हत्या की साजिश रची थी।
तीन बार नाकाम हो चुका था आरोपी
एसपी सिटी ने बताया कि 14 फरवरी और 15 फरवरी को आरोपी सिथलेश कासगंज की डेयरी पर गया था। उसने हत्या करने के इरादे से कमलेश को बुलाया था। मगर वह नहीं आया। 16 फरवरी को जब कमलेश आया तो उसके साथ डेयरी का एक कर्मी था। इस वजह से आरोपी कामयाब नहीं हो सका। 20 फरवरी को कमलेश छुट्टी लेकर घर आ रहा था। इस पर आरोपी और उसके साथियों ने घर छोड़ने की बात कहते हुए उसे कार में बैठाया और रास्ते में हत्या कर डाली।
आपस में व्हाट्सएप कॉल पर बात करते थे आरोपी
प्रभारी निरीक्षक छत्रपाल सिंह ने बताया कि कमलेश की हत्या करने के बाद सभी आरोपी सतर्क हो गए थे। वे आपस में बात करने के लिए व्हाट्सएप कॉल का प्रयोग करते थे। हत्या कर शव को जब खेत में फेंका गया, तब सभी के मोबाइल बंद थे।
आरोपियों के कब्जे से कार, मोबाइल और अन्य सामान बरामद
पुलिस ने कमलेश हत्याकांड में पत्नी और प्रेमी सहित चार लोगों को गिरफ्तार किया है। उनके कब्जे से वारदात में प्रयुक्त कार, तमंचा-कारतूस, तीन मोबाइल फोन व अन्य सामान बरामद किया है। सभी को जब्त कर पुलिस साक्ष्य के तौर पर पेश करेगी।
अवैध संबंध में रोड़ा बना पति, पत्नी ने रची हत्या की साजिश
गांव सुल्तानपुर निवासी डेयरीकर्मी कमलेश यादव की हत्या अवैध संबंध में रोड़ा बनने पर पत्नी ने कराई थी। इस वारदात को प्रेमी ने दो साथियों के साथ मिलकर अंजाम दिया था। किशनी पुलिस ने हत्याकांड का खुलासा किया है। पत्नी सहित सभी चारों आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेजा गया है।

शहीद अविनाश यादव की अंतिम यात्रा में उमड़ा देश भक्ति का सैलाब

मैनपुरी, 16 मार्च 26 जनपद के लाल सूबेदार अविनाश यादव जम्मू कश्मीर में सेना के ऑपरेशन मेघदूत के दौरान शहीद हो गए। रविवार को शहीद सूबेदार का शव गांव पहुंचा। यहां शहीद की अंतिम यात्रा में शामिल हजारों की भीड़ ने शहीद के जयकारे लगाए। पैतृक गांव करुआमई नगरिया में सैन्य सम्मान के साथ शहीद का अंतिम संस्कार किया गया।
बेवर क्षेत्र के गांव करुआमई नगरिया निवासी सेवानिवृत्त हवलदार गिरीश चंद्र का छोटे पुत्र अविनाश यादव मई 2003 में सेना में भर्ती हुए थे। वर्तमान में सियाचिन में उनकी तैनाती थी। यहां सेना के ऑपरेशन मेघदूत के दौरान आठ मार्च की देर शाम उनकी हालत बिगड़ गई। सेना के अधिकारियों के अनुसार उन्हें हार्टअटैक आया, जिसके चलते पहले उनका लेह स्थित अस्पताल में उपचार चला। सुधार न होने पर उन्हें मिलिट्री हॉस्पिटल चंडीगढ़ में भर्ती कराया गया। यहां उपचार के दौरान 13 मार्च को उनका निधन हो गया। जैसे ही यह दुखद सूचना उनके परिवार और गांव तक पहुंची, पूरे इलाके में शोक की लहर दौड़ गई। रविवार की दोपहर जैसे ही सेना के जवान उनका पार्थिव शरीर लेकर पैतृक गांव पहुंचे। हजारों की संख्या में ग्रामीण, रिश्तेदार और आसपास के लोग अंतिम दर्शन के लिए उमड़ पड़े। लोगों ने भारत माता की जय और शहीद अविनाश यादव अमर रहें के नारों के साथ उन्हें श्रद्धांजलि दी। सेना के जवानों ने शहीद के शव को सशस्त्र सलामी दी। बेटे कर्तव्य यादव ने शहीद के शव को मुखाग्नि दी।
डीएम, एसपी सहित जन प्रतिनिधियों ने दी श्रद्धांजलि
शहीद सूबेदार अविनाश यादव के शव को गांव करुआमई नगरिया में आगरा से सेना के अधिकारी कैप्टन अनुभव सुमन और कैप्टन एसपी मन्हास के नेतृत्व में सेना की टुकड़ी लेकर पहुंची। यहां श्रद्धांजलि देने वालों में भोगांव से भाजपा विधायक रामनरेश अग्निहोत्री, जिलाधिकारी अंजनी कुमार सिंह, एसपी गणेश प्रसाद साहा, सपा जिलाध्यक्ष आलोक शाक्य, जिला सैनिक कल्याण अधिकारी ग्रुप कैप्टन आरके शर्मा, नरेंद्र यादव व सैनिक कल्याण बोर्ड का स्टाफ मौजूद रहा।
ऑपरेशन सिंदूर का हिस्सा भी रहे अविनाश यादव
सूबेदार अविनाश यादव अप्रैल 2025 में हुए पहलगाम हमले के बाद मई 2025 में भारतीय सेना द्वारा चलाए गए ऑपरेशन सिंदूर का भी हिस्सा रहे थे। भाई आलोक ने बताया कि ऑपरेशन सिंदूर में अविनाश यादव सेना के ज्वाइंट ऑपरेशन के सदस्य थे। आलोक के आंसू नहीं थम रहे थे बार-बार वह यही कह रहे थे कि भाई हमेशा कहता था कि देश हित के लिए कभी पीछे नहीं हटूंगा और वह अपने कर्तव्य का पालन करते हुए शहीद हो गया।
मां से किया था 20 मार्च को छुट्टी पर आने का वादा
शहीद अविनाश की पत्नी साधना अपनी बेटी अंशिका यादव और बेटा कर्तव्य यादव उर्फ कृष्णा के साथ वर्तमान में जयपुर में निवास करते हैं। साधना दोनों बच्चों की वहां पढ़ाई करा रही थी। दो फरवरी को बेटी का झांसी में बीईएमएस में एडमिशन कराने के लिए अविनाश अपने बड़े भाई आलोक के साथ झांसी पहुंचे थे। इसी दौरान मां बीना देवी से फोन पर बात हुई तो अविनाश ने कहा था कि वह 20 मार्च को छुट्टी पर घर आएंगे। ईश्वर को कुछ और ही मंजूर था दिए गए समय से पांच दिन पहले तिरंगे में लिपटकर अविनाश का शव गांव पहुंचा। मां बीना देवी बार-बार रो-रोकर यही कह रही थी कि बेटा तुम्हें तो 20 मार्च को घर आना था पांच दिन पहले कैसे आ गए।
फोटो परिचय- शहीद को श्रद्धांजलि देते हुए अधिकारी व अन्य
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