
( संजीव गुप्त द्वारा )
शाहजहांपुर 19 मार्च। जिलाधिकारी धर्मेन्द्र प्रताप सिंह की अध्यक्षता में *भारत की जनगणना-2027* से संबंधित जनगणना-2027 के प्रथम चरण मकान सूचीकरण एवं मकानों की गणना से संबंधित चार्ज अधिकारियों का दो दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम के तहत आज द्वितीय दिवस पर प्रशिक्षण का आयोजन कलेक्ट्रेट सभागार में किया गया।
प्रशिक्षण के दौरान मास्टर ट्रेनरों द्वारा जनगणना के प्रथम चरण अंतर्गत मकान सूचीकरण एवं मकानों की गणना से संबंधित महत्वपूर्ण बिंदुओं पर विस्तारपूर्वक जानकारी प्रदान की गई। चार्ज अधिकारियों को जनगणना कार्य की प्रक्रिया, दायित्वों तथा तकनीकी प्रावधानों के संबंध में विस्तार से प्रशिक्षित किया गया।
भारत की जनगणना 2027 के लिए समय सीमा, फ्रेम, जनगणना दो चरणों में आयोजित की जाएगी।
जिलाधिकारी ने निर्देश दिए कि कि जनगणना से जुड़े सभी कार्य निर्धारित समयसीमा के भीतर गुणवत्ता एवं पारदर्शिता के साथ पूर्ण किए जाएं। उन्होंने जनगणना बिंदुओं पर शीघ्र कार्य प्रारंभ करने के निर्देश भी दिए।
एचएलबी काटने का कार्य 25 मार्च तक अनिवार्य रूप से पूर्ण कर लिया जाए। उन्होंने अधिकारियों को समयबद्ध एवं व्यवस्थित ढंग से कार्य संपादित करने के निर्देश दिए, ताकि जनगणना संबंधी तैयारियों में किसी प्रकार की देरी न हो। साथ ही उन्होंने संबंधित अधिकारियों को निर्देशित किया कि निर्धारित स्थलों का पूर्व में स्थलीय निरीक्षण अवश्य कर लिया लें। निरीक्षण उपरांत वार्ड की सीमाओं एवं सड़कों का भली-भांति चिन्हांकन सुनिश्चित करें तथा सड़क सीमांकन के पश्चात ही इन्यूमरेटरों का निर्धारण किया, जिससे समस्त कार्य सुव्यवस्थित, पारदर्शी एवं त्रुटिरहित रूप से संपादित हो सके।
जिलाधिकारी ने निर्देश दिए कि इन्यूमरेटरों के प्रशिक्षण के लिए प्रत्येक बैच में 50 कार्मिकों को प्रशिक्षण दिया जाए तथा प्रत्येक बैच हेतु दो फील्ड ट्रेनरों को नामित किया जाए। उन्होंने यह भी निर्देश दिए कि प्रशिक्षण प्रारंभ होने से पूर्व सभी इन्यूमरेटरों के नियुक्ति पत्र तैयार कर लिए जाएं, तत्पश्चात प्रशिक्षण प्रदान किया जाए। उन्होंने यह भी निर्देशित किया कि इन्यूमरेटरों का समस्त प्रशिक्षण कार्यक्रम दिनांक 1 अप्रैल से 10 अप्रैल तक अनिवार्य रूप से पूर्ण कराया जाए। इसके अतिरिक्त सभी कार्मिकों को शीघ्र ड्यूटी आवंटित करने के भी निर्देश दिए गए। उन्होंने कहा कि यह भी सुनिश्चित करे, कि एक इन्यूमरेटर को दो वार्डों में तैनात न किया जाए तथा इस व्यवस्था का विशेष रूप से पालन सुनिश्चित किया जाए।
साथ ही, सेल्फ एन्यूमरेटर व्यवस्था को लागू करने हेतु पृथक एवं विस्तृत कार्ययोजना तैयार की जा रही है, जिससे अधिक से अधिक नागरिक स्वयं ऑनलाइन माध्यम से प्रपत्र भर सकें।
अपर जिलाधिकारी (वित्त एवं राजस्व) ने अवगत कराया कि चार्ज अधिकारियों, सुपरवाइजरों एवं इन्यूमरेटरों की यूजर आईडी CMMS Portal पर बनाई जाएगी। ड्यूटी नामांकन से लेकर ड्यूटी आवंटन तक की समस्त प्रक्रिया CMMS Portal के माध्यम से ही संपन्न की जाएगी। इस हेतु एक टेस्ट साइट तैयार की गई है, जिसके माध्यम से चार्ज अधिकारियों को प्रशिक्षण प्रदान किया जाएगा। टेस्ट साइट test.census.gov.in है, जिसमें यूजर आईडी एवं पासवर्ड के माध्यम से लॉगिन कर प्रशिक्षण प्राप्त किया जा सकता है। उन्होंने बताया कि आधिकारिक पोर्टल census.gov.in है, जिस पर वास्तविक कार्य संपादित किए जाएंगे।
अपर जिलाधिकारी (वित्त व राजस्व) द्वारा जनपद के समस्त चार्ज अधिकारियों को जनगणना-2027 को सफलता पूर्वक संपन्न कराए जाने हेतु निर्देशित किया गया। प्रशिक्षण कार्यक्रम के दौरान प्रशिक्षक अधिकारियों द्वारा जनपद में जनगणना किए जाने से संबंधित समस्त बिंदुओं पर विस्तार से चर्चा की गई।
इस अवसर पर अपर जिलाधिकारी वित्त एवं राजस्व /जिला गणना अधिकारी श्री अरविंद जी की उपस्थित में समस्त चार्ज अधिकारियों को प्रशिक्षण प्रदान किया गया|
हाथरस। प्रदेश सरकार के नौ वर्ष पूर्ण होने तथा नवरात्रि के प्रथम दिवस के अवसर पर कलेक्ट्रेट परिसर में बाल विकास एवं पुष्टाहार, महिला कल्याण और समाज कल्याण विभाग द्वारा लगाई गई प्रदर्शनी का उद्घाटन नगर पालिका अध्यक्ष श्वेता चौधरी ने फीता काटकर किया।इस अवसर पर उन्होंने पांच गर्भवती महिलाओं को पोषण पोटली वितरित की और शिशुओं का अन्नप्राशन कराया। साथ ही प्रदर्शनी का अवलोकन कर विभिन्न विभागीय योजनाओं की जानकारी ली।कलेक्ट्रेट सभागार में आयोजित कार्यक्रम के दौरान बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ अभियान के तहत कन्याओं का पूजन कर उन्हें चुनरी ओढ़ाई गई और उपहार भेंट किए गए।दिव्यांगजन विभाग की ओर से पांच बच्चों को श्रवण यंत्र वितरित किए गए, वहीं पिछड़ा वर्ग कल्याण विभाग के तहत ओ-लेवल के छात्र-छात्राओं को प्रमाण पत्र भी दिए गए।कार्यक्रम में मौजूद अधिकारियों, कर्मचारियों और लाभार्थियों को नवरात्रि की शुभकामनाएं भी दी गईं।इस दौरान अपर जिलाधिकारी न्यायिक, जिला विकास अधिकारी, जिला समाज कल्याण अधिकारी, जिला प्रोबेशन अधिकारी, जिला कार्यक्रम अधिकारी, जिला दिव्यांगजन सशक्तिकरण अधिकारी सहित अन्य अधिकारी एवं लाभार्थी उपस्थित रहे।
मुरादाबाद, तीर्थंकर महावीर यूनिवर्सिटी, मुरादाबाद के फिजियोथेरेपी विभाग की ओर से मास्टर ऑफ फिजियोथेरेपी- एमपीटी के 22 स्टुडेंट्स ने नई दिल्ली स्थित स्पोर्ट्स ऑथोरिटी ऑफ इंडिया- साई के इंदिरा गांधी इंडोर स्डेडियम स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स का शैक्षिक भ्रमण किया। इस एजुकेशनल विजिट का मुख्य उद्देश्य स्टुडेंट्स को राष्ट्रीय स्तर के खेल प्रशिक्षण एवम् पुनर्वास व्यवस्था का व्यावहारिक अनुभव प्रदान करना, खेल विज्ञान के फिजियोथेरेपी और एथलीट मैनेजमेंट में अनुप्रयोग की समझ को विकसित करना रहा। विजिट के दौरान हाई परफॉर्मेंस एनालिस्ट डॉ. प्रहलाद प्रियदर्शनी और फिजियोथेरेपिस्ट डॉ. ज्ञान ने खेल मूल्यांकन, पुनर्वास एवम् प्रदर्शन वृद्धि के क्षेत्र में अपने व्यावसायिक अनुभव साझा किए। इस दौरान चोटों की रोकथाम, वैज्ञानिक प्रशिक्षण सिद्धांत, रिकवरी प्रोटोकॉल और एलीट स्पोर्ट्स में बहु-विषयक टीम के महत्व पर विशेष चर्चा की गई। साथ ही साइकिलिंग, कुश्ती, जिम्नास्टिक और अन्य इंडोर खेलों से जुड़े खिलाड़ियों के साथ व्यावहारिक प्रदर्शन भी कराया गया, जिससे स्टुडेंट्स को सैद्धांतिक ज्ञान को वास्तविक परिस्थितियों से जोड़ने का अवसर मिला।
नेशनल सेंटर फॉर स्पोर्ट्स साइंसेज एंड रिसर्च- एनसीएसएसआर के निदेशक ब्रिगेडियर डॉ. बिभु कल्याण नायक, मेडिकल ऑफिसर डॉ. शुभ्रा चटर्जी, एक्सरसाइज फिजियोलॉजिस्ट डॉ. शुभोजीत चटर्जी और स्पोर्ट्स साइकोलॉजिस्ट डॉ. शत्रुपा चक्रवर्ती ने स्टुडेंट्स को खेल विज्ञान में अंतर-विषयक सहयोग के महत्व से अवगत कराया।बायो मैकेनिकल एनालिस्ट डॉ. अजय पंडित ने बायोमैकेनिक्स विभाग का अवलोकन कराया, जहां उन्नत मोशन एनालिसिस सिस्टम, फोर्स प्लेट्स एवम् गेट एनालिसिस तकनीकों का प्रदर्शन किया गया, जिनका उपयोग मूवमेंट पैटर्न के अध्ययन एवम् चोटों की रोकथाम में किया जाता है। एंथ्रोपोमेट्री विभाग में बॉडी कंपोजीशन एनालिसिस, सोमैटोटाइपिंग एवं प्रतिभा पहचान तथा प्रदर्शन मॉनिटरिंग से संबंधित मापन तकनीकों की जानकारी दी गई, जिसने खिलाड़ी मूल्यांकन एवम् प्रशिक्षण के वैज्ञानिक आधार को स्पष्ट किया।
भ्रमण में स्टुडेंट्स ने रेसलिंग एरीना, बास्केटबॉल कोर्ट और साइक्लिंग प्रशिक्षण क्षेत्र का भी निरीक्षण किया, जहां उन्होंने राष्ट्रीय स्तर के खिलाड़ियों के लिए उपलब्ध आधुनिक सुविधाओं एवम् संरचित प्रशिक्षण सत्रों को नजदीक से देखा। सत्र में विद्यार्थियों को एक्सरसाइज फिजियोलॉजी विभाग का भी भ्रमण कराया गया, जहां वी2 मैक्स परीक्षण, सहनशक्ति मूल्यांकन एवं मेटाबोलिक मॉनिटरिंग जैसे आधुनिक प्रदर्शन मूल्यांकन उपकरणों का प्रदर्शन किया गया। इससे स्टुडेंटस को यह समझने में सहायता मिली कि किस प्रकार शारीरिक मानकों का आकलन और मॉनिटरिंग कर खिलाड़ियों के प्रदर्शन को बेहतर बनाया जाता है तथा रिकवरी रणनीतियों को प्रभावी बनाया जाता है। भ्रमण का संयोजन फिजियोथैरेपी की फैकल्टी डॉ. हरीश शर्मा और डॉ. समर्पिता सेनापति ने किया।