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विधान सभा अध्यक्ष ने विधायक के निधन पर व्यक्त किया शोक

January 4, 2026

विधान सभा अध्यक्ष ने विधायक के निधन पर व्यक्त किया शोक

लखनऊ। उत्तर प्रदेश विधान सभा के अध्यक्ष सतीश महाना ने जनपद बरेली के फरीदपुर विधान सभा निर्वाचन क्षेत्र–122 से विधायक प्रो. श्याम बिहारी लाल जी के आकस्मिक निधन पर गहरा शोक व्यक्त किया है।
अध्यक्ष ने कहा कि प्रो. श्याम बिहारी लाल जी दो बार विधान सभा के सदस्य निर्वाचित होकर जनसेवा में सक्रिय रहे। वे अपने निर्वाचन क्षेत्र के विकास, जनसमस्याओं के समाधान तथा सामाजिक सरोकारों के प्रति सदैव सजग और प्रतिबद्ध जनप्रतिनिधि थे। उनकी सरलता, सौम्य व्यवहार और कर्मठता के कारण वे जनमानस में विशेष सम्मान रखते थे। अध्यक्ष जी ने कहा कि प्रो श्याम बिहारी लाल जी का निधन न केवल उनके परिजनों एवं समर्थकों, बल्कि प्रदेश की राजनीति और सामाजिक जीवन के लिए भी एक अपूरणीय क्षति है, जिसकी भरपाई लंबे समय तक संभव नहीं हो सकेगी।
अध्यक्ष जी ने ईश्वर से दिवंगत पुण्यात्मा को अपने श्रीचरणों में स्थान प्रदान करने तथा शोकाकुल परिजनों एवं समर्थकों को इस असहनीय दुःख को सहन करने की शक्ति एवं संबल देने की प्रार्थना की है।

खालिद की रिहाई को अमेरिकी सांसदों का पत्र

नई दिल्ली, 04 जनवरी 2026, दिल्ली दंगों के आरोपी जे एन यू के पूर्व छात्र उमर खालिद की रिहाई के लिए अमेरिकी कांग्रेस के 8 सांसदों ने पत्र लिखा है। ये पत्र 30 दिसंबर 2025 को अमेरिका में भारत के राजदूत विनय मोहन क्वात्रआ को लिखा गया है।

पत्र में सांसदों ने खालिद को जमानत नहीं मिलने और केस का ट्रायल शुरू नहीं होने पर चिंता व्यक्त की है।

इस्लामी एजेण्डे पर ममदानी

न्यूयार्क के मेयर जोहरान ममदानी के कुरान पर हाथ रखकर शपथ लेने के एक दिन बाद ही उनका इस्लामी एजेण्डा उजागर हो गया है। ममदानी ने दिल्ली हिंसा के आरोपी उमर खालिद से सहानुभूति दिखाकर और उसके लिए कुछ करने की मंशा जाहिर करके अपने सेकुलर चेहरे से नकाब हटा दिया है। ममदानी अमेरिका के सबसे बड़े शहर के पहले मुसलमान मेयर बनने के बाद भारत के अलगवादी और दिल्ली हिंसा के आरोपी उमर खालिद के पिता सैयद कासिम रसूल से 9 दिसम्बर को मिले थे। इस दौरान उन्होंने उमर के विचारों का समर्थन करते हुए एक पत्र लिखा था। यह पत्र मेयर पद की शपथ लेने के दिन ही वायरल हुआ है। मेयर ममदानी का हस्तलिखित ये पत्र जिसमें खालिद की तारीफ की गई है, बनो ज्योत्सना लाहिड़ी ने जारी किया है जोकि उमर की साथी है।  पत्र से जाहिर होता है कि मेयर का चुनाव जीतने के तुरंत बाद  वे अब पूरी तरह से एक मुसलमान नेता के तौर पर अपने एजेण्डे पर आ गए हैं। उनकी इस हरकत ने जहां वैश्विक इस्लामी सोच को उजागर किया है, वहीं उन भारतवंशी न्यूयार्कवासियों की भी आंखें खोल दी हैं, जिन्होंने मेयर के चुनाव में ममदानी का इसलिए समर्थन किया था, क्योंकि वे भारतीय मूल के मुसलमान हैं। वे उनमें एक अच्छे नेक, सच्चे, सेकुलर मुसलमान की छवि देख रहे थे। यदि भारतवंशी हिन्दू और सिखों ने न्यूयार्क मेयर के चुनाव में ममदानी का समर्थन नहीं किया होता तो वे इस अमरीकी सबसे बड़े शहर के मेयर शायद नहीं बनते। भारतवंशियों को सबसे पहला झटका तब लगा जब ममदानी ने एक जनवरी को कुरान पर हाथ रखकर शपथ ली। दूसरा झटका अगले ही दिन लगा, जब ममदानी का  दिल्ली हिंसा के मास्टरमाइंड जेल में बंद जवाहरलाल विश्वविद्यालय के पूर्व छात्र उमर खालिद को सहानुभूति में लिखा पत्र वायरल हुआ। बनो ज्योत्सना लाहिड़ी ने एक्स पर पोस्ट किया है। उमर खालिद का समर्थन सिर्फ इसलिए किया गया है क्योंकि वह मुसलमान है। ममदानी को इससे कोई मतलब नहीं है कि दिल्ली के जिन दंगों में वह आरोपी है, उनमें 53 लोग मारे गए थे और 700 से अधिक घायल हुए थे। इन दंगों में एक आईबी अधिकारी अंकित शर्मा की भी हत्या हुई थी। इतने बड़े दंगे के आरोपी का समर्थन और उससे सहानुभूति व्यक्त करने का सिर्फ एक मात्र कारण वैश्विक इस्लामी एडेण्डा है। यह एजेण्डा हर स्तर पर चलाया जा रहा है चाहे वह पाकिस्तान हो, बंगलादेश हो, यूरोप या अमेरिका। इनका एकमात्र उद्देश्य इस्लामी वर्चस्व कायम करना है चाहे वह कैसे भी हो, वोट से हो या बुलेट से। बस इस्लामी राज्य कायम होने चाहिए। लेकिन, भारत के सेकुलर बने बहुसंख्यक आज भी इस एजेण्डे को समझने को तैयार नहीं हैं। वे इससे अपनी आंखें मूंदे हैं। आसन्न खतरे का भी कोई एहसास उन्हें नहीं है। जरूरत ऐसे छद्म सेकुलर ममदानियों से सावधान रहने की है। वे चाहे अमेरिका, यूरोप में हों या भारत में हों। उन्हें उनकी अपनी भाषा में ही उत्तर समझ में आता है।

January 3, 2026

प्रयागराज में माघ मेले शुरु, कई लाख श्रद्धालुओं ने पहले दिन किया स्नान

प्रयागराज, 03 जनवरी 2026, प्रयाग संगम तट पर माघ मेला 2026 का शुभारंभ आज पूर्णिमा को हो गया। भोर से संगम पर उमड़े लाखों की संख्या में कल्पवासी और श्रद्धालुओं का तांता लग गया।

माघ मेले का शनिवार 3 जनवरी को पहला प्रमुख स्नान पर्व शुरू हुआ है, माघ मेला कुल 44 दिनों तक चलेगा। प्रशासन के मुताबिक करीब 20 लाख कल्पवासी 3 जनवरी से 1 फरवरी तक संगम तट पर रहकर कल्पवास करेंगे। इसके लिए संगम के सभी प्रमुख घाटों को तैयार कर लिया गया है। श्रद्धालुओं की सुरक्षा और सुचारु व्यवस्था के मद्देनजर मेला क्षेत्र में केवल आपात सेवाओं के वाहनों को ही प्रवेश की अनुमति दी गई है। अन्य श्रद्धालुओं को निर्धारित पार्किंग स्थलों पर वाहन खड़े कर पैदल मार्गों से स्नान घाटों तक पहुंचने की व्यवस्था की गई है।

पूरे मेला क्षेत्र की निगरानी ड्रोन और सीसीटीवी कैमरों के जरिए की जा रही है। मेला प्रशासन के अनुसार, आज 25 से 30 लाख साधुओं और श्रद्धालुओं के संगम में पवित्र डुबकी लगाने और स्नान करने की संभावना है।

यूपी के सीएम से मिले सीआईआई के प्रतिनिधि, बतायीं उद्योग जगत की समस्याएं

लखनऊ, 03 जनवरी : बेहतर कानून व्यवस्था और स्थिर प्रशासनिक माहौल के चलते उत्तर प्रदेश अब देशभर के उद्योग जगत की पहली पसंद बनता जा रहा है। सुरक्षा, अनुशासन और निष्पक्ष शासन ने निवेशकों का भरोसा प्रदेश में मजबूत किया है। इसके परिणामस्वरूप बड़े, मध्यम और छोटे तीनों सेगमेंट के उद्योग तेजी से उत्तर प्रदेश की ओर रुख कर रहे हैं। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से मुलाकात के दौरान उद्योग प्रतिनिधियों ने स्पष्ट रूप से अपनी बात रखी। मुख्यमंत्री से भारतीय उद्योग परिसंघ (सीआईआई) के अध्यक्ष श्री राजीव मेमानी, नई दिल्ली,  श्री उमाशंकर भरतिया, अध्यक्ष सह प्रबंध निदेशक, इण्डिया ग्लाइको लि०, दिल्ली / नोएडा व श्री सुनील मिश्रा ने मुलाकात कर निवेश, इंफ्रास्ट्रक्चर और औद्योगिक विस्तार को लेकर विस्तृत विचार-विमर्श किया। प्रतिनिधियों ने कहा कि सीएम योगी के नेतृत्व में प्रदेश का सिस्टम और गवर्नेंस मॉडल पूरी तरह बदला है। अब जमीन पर काम करना पहले की तुलना में कहीं अधिक आसान हुआ है और परियोजनाएं समयबद्ध तरीके से आगे बढ़ रही हैं।

 

प्रतिनिधिमंडल ने कहा कि उत्तर प्रदेश को एक ट्रिलियन अर्थव्यवस्था बनाने के विजन में उद्यमी सहयोग करना चाह रहे हैं। सीएम योगी के साथ इंडस्ट्रियल डेवलपमेंट बढ़ाने के लिए भी विचार विमर्श किया गया। उत्तर प्रदेश में डिक्रिमिनलाइजेशन विधेयक लागू होने के बाद इंडस्ट्री का भरोसा और बढ़ा है। इसके साथ ही प्रदेश की निवेश अनुकूल नीतियों और प्रोत्साहन के कारण ग्लोबल इन्वेस्टमेंट बढ़ रहा है।

 

एक्सप्रेसवे, औद्योगिक कॉरिडोर, एयरपोर्ट और लॉजिस्टिक्स हब से औद्योगिक इकोसिस्टम को मिली मजबूती

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से मिलकर प्रतिनिधिमंड ने स्पष्ट रूप से कहा कि सख्त कानून-व्यवस्था ने उत्तर प्रदेश का औद्योगिक वातावरण पूरी तरह बदल दिया है। निवेश निर्णयों के लिए आवश्यक सुरक्षा और प्रशासनिक स्थिरता प्रदेश में स्पष्ट रूप से दिखाई दे रही है। एक्सप्रेसवे, औद्योगिक कॉरिडोर, एयरपोर्ट, लॉजिस्टिक्स हब तथा बिजली-पानी जैसी बुनियादी सुविधाओं के तेज विकास ने राज्य के औद्योगिक इकोसिस्टम को नई मजबूती प्रदान की है।

 

सिंगल-विंडो सिस्टम और डिजिटल प्रक्रियाओं से उद्योग स्थापना हुई आसान

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के साथ हुए विचार-विमर्श में यह भी सामने आया कि ईज ऑफ डूइंग बिजनेस अब केवल नीति तक सीमित नहीं रहा, बल्कि वह जमीन पर प्रभावी रूप से लागू हो रहा है। प्रदेश सरकार की सिंगल-विंडो सिस्टम सेवा निवेश मित्र जहां वर्तमान में 43 विभागों की 525 से अधिक सेवाएं उपलब्ध है, जहा भौतिक हस्तक्षेप के बिना समयबद्ध डिजिटल स्वीकृतियों के चलते प्रदेश में उद्योग स्थापना की प्रक्रिया को सरल और पारदर्शी बनाया है। राज्य सरकार की प्रो-इंडस्ट्री नीति और त्वरित निर्णय क्षमता निवेश को निरंतर प्रोत्साहित कर रही है। इसी क्रम में उच्चीकृत निवेश मित्र 3.0 को जल्द लांच किया जायेगा जिसमें एआई व चैटबाट जैसी सुविधाओं से निवेशकों की निवेश यात्रा और आसान होगी ।

 

 

यूपी में नए निवेश और विस्तार योजनाओं को लेकर उद्यमी उत्साहित

प्रतिनिधियों ने कहा कि समग्र रूप से बेहतर कानून व्यवस्था, सशक्त इंफ्रास्ट्रक्चर, पारदर्शी प्रशासन और उद्योगों को मिल रहे सहयोग के चलते उत्तर प्रदेश एक विश्वसनीय और स्थिर निवेश राज्य के रूप में उभर रहा है। यही कारण है कि देशभर के विभिन्न क्षेत्रों के उद्योगपति आने वाले समय में यूपी में नए निवेश और विस्तार योजनाओं को लेकर बेहद उत्साहित हैं। इसके साथ ही प्रदेश में औद्योगिक इकाइयों की संख्या में उल्लेखनीय वृद्धि तय मानी जा रही है।

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