Web News

www.upwebnews.com

ब्रेकिंग न्यूज: विमान दुर्घटना में महाराष्ट्र के डिप्टी सीएम अजीत पवार समेत 6 का निधन

January 28, 2026

ब्रेकिंग न्यूज: विमान दुर्घटना में महाराष्ट्र के डिप्टी सीएम अजीत पवार समेत 6 का निधन

    Ajit Pawar, NCP leader अजित पवार, उप मुख्यमंत्री, महाराष्ट्र
Posted on : 28.01.2026, Wednesday Time: 10:08 AM,  Source:  Social Media

मुंबई, 28 जनवरी 2026, (यूपी समाचार).। महाराष्ट्र में आज सुबह हुई विमान दुर्घटना में उप मुख्यमंत्री अजित पवार और उनके सहयोगियों समेत 6 लोगों का निधन हो गया। दुर्घटना पुणे जिला अंतर्गत बारामती में हुई।

जानकारी के अनुसार अजित पवार आज सुबह बारामती में एक मीटिंग के लिए गए थे। सुबह 8 बजकर 45 मिनट पर उनका प्राइवेट चार्टर विमान लैंडिंग करते समय दुर्घटना ग्रस्त हो गया। दुर्घटना में गंभीर रूप से घायल हुए अजित पवार, उनके पीएसओ, सहयोगी, दो क्रू मेंबर और एक अन्य को गंभीर रूप से घायल अवस्था में चिकित्सालय लाया गया, जहां चिकित्सकों ने सभी को मृत घोषित कर दिया।

#अजित पवार #Ajit Pawar #Planecresh

 

January 27, 2026

यूजीसी विनियम, 2026 का उद्देश्य महत्वपूर्ण, परंतु विनियमों में स्पष्टता और संतुलन आवश्यक : अभाविप।

    UGC Regulations 2026यूजीसी ने जारी किए नए नियम

नई दिल्ली, 27 जनवरी 2026, विश्वविद्यालय अनुदान आयोग द्वारा जारी अधिसूचना “विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (उच्च शिक्षा संस्थानों में समता के संवर्धन हेतु) विनियम, 2026” का उद्देश्य महत्वपूर्ण है, परंतु इन विनियमों में स्पष्टता और संतुलन अत्यंत आवश्यक है।अभाविप मानती है कि यूजीसी तथा सभी शैक्षणिक संस्थानों को लोकतंत्र में अंतर्निहित भावना को अक्षुण्ण रखना चाहिए, जहाँ प्रत्येक नागरिक के पास समान अधिकार हों और भारत भेदभाव मुक्त तथा समता युक्त बने।

अभाविप सदैव ही शैक्षिक परिसरों में सकारात्मक और समतायुक्त परिवेश बनाने की दिशा में कार्य करती रही है और लोकतांत्रिक मूल्यों के संवर्धन की पक्षधर रही है। आगामी वर्षों में ‘विकसित भारत’ की संकल्पना को सिद्ध करने के लिए हम सभी को सामूहिक प्रयास करने की आवश्यकता है। यूजीसी के इस समता संबंधी विनियम के कुछ प्रावधानों और शब्दावली को लेकर समाज, विद्यार्थियों एवं अभिभावकों के बीच जो अस्पष्टता और भ्रांतियाँ उत्पन्न हो रही हैं, इनपर यूजीसी को त्वरित संज्ञान लेते हुए तत्काल कार्यवाही करनी चाहिए ताकि किसी भी प्रकार की विभाजनकारी स्थिति उत्पन्न न हो सके। ध्यातव्य हो, यह विषय वर्तमान में न्यायालय में विचाराधीन है अतः अभाविप मानती है कि यूजीसी को इस संदर्भ में अपना पक्ष स्पष्ट करते हुए न्यायालय में शीघ्र हलफनामा दाखिल करना चाहिए।

अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद के राष्ट्रीय महामंत्री डॉ. वीरेंद्र सिंह सोलंकी ने कहा कि, “शैक्षणिक परिसरों में सौहार्द एवं समानता सुनिश्चित किया जाना अनिवार्य है, जिसके लिए अभाविप ने सदैव प्रयास किए हैं। शैक्षणिक परिसरों में सभी वर्गों के लिए सामाजिक समानता होनी चाहिए तथा परिसरों में किसी भी प्रकार के भेदभावों के लिए कोई स्थान नहीं हैं। इस विनियम को लेकर विद्यार्थियों, अभिभावकों एवं हितधारकों के मध्य भ्रांतियाँ व्याप्त हैं, जिन पर यूजीसी को सभी हितधारकों से संवाद करते हुए संबंधित भ्रांतियों को दूर करने हेतु तत्काल स्पष्टीकरण देना चाहिए। लोकतांत्रिक मूल्यों को सुदृढ़ करने तथा सभी विद्यार्थियों के लिए भेदभाव-मुक्त वातावरण सुनिश्चित करने हेतु समाज के सभी वर्गों के सामूहिक प्रयास आवश्यक हैं।

Letter ABVP

जिला निर्वाचन अधिकारी जसजीत कौर द्वारा ईवीएम स्ट्रांग रूम एवं वीवीपेट वेयरहाउस का किया गया निरीक्षण

जिला निर्वाचन अधिकारी जसमीत कौर

बिजनौर 27 जनवरी, 2026:- जिला निर्वाचन अधिकारी/जिलाधिकारी जसजीत कौर द्वारा आज दोपहर 12:00 बजे कलेक्ट्रेट परिसर स्थित ईवीएम संरक्षित एवं झंडापुर स्थित वीवीपेट वेयरहाउस का मासिक निरीक्षण किया गया। सर्वप्रथम जिलाधिकारी द्वारा कलेक्ट्रेट स्थित ईवीएम स्ट्रांग रूम के बाहर लगे तालों की सील्ड्स का निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान उन्होंने ईवीएम सुरक्षा, अग्नि सुरक्षा, विद्युत व्यवस्था एवं अन्य सभी प्रकार की व्यवस्थाएं सुचारू रूप से संचालित पाई गईं। स्ट्रांग रूम स्थित गार्ड रूम के निरीक्षण के दौरान उन्होंने सहायक जिला निर्वाचन अधिकारी को सफाई व्यवस्था एवं रंगाई-पुताई कराने के निर्देश दिए।
तदोपरांत जिलाधिकारी श्रीमती कौर ने झंडापुर स्थित वीवीपेट वेयरहाउस का विस्तृत निरीक्षण किया। उन्होंने यहां भी भूतल स्थित विभिन्न विधानसभा क्षेत्रों के वीवीपेट कक्षों में लगे तालों की सील्ड्स आदि का मुआयना किया। निरीक्षण के दौरान उन्होंने सिक्योरिटी, विद्युत व्यवस्था, साफ सफाई सहित अन्य व्यवस्थाओं का जायजा लिया, जो मानक के अनुरूप संचालित पाई गईं। निरीक्षण के दौरान ईवीएम के रख रखाव व सुरक्षा के दृष्टिगत सभी राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों ने अपनी सहमति जताई और सुरक्षा के इंतजाम देख कर संतोष व्यक्त किया।
निरीक्षण के दौरान सहायक जिला निर्वाचन अधिकारी प्रमोद कुमार, राजनीतिक दलों के प्रतिनिधि कांग्रेस से अनिल कुमार एवं क़ाज़ी आतिफ़, बसपा से मुहम्मद सिद्दीक तथा सपा से अख़लाक़ पप्पू सहित अन्य अधिकारी एवं कर्मचारी मौजूद थे।

परिवहन मंत्री ने 21 करोड़ की परियोजना का किया भूमिपूजन

बलिया यूपी, 27/01/2026,  नगर पालिका परिषद के कटहल नाले की आज भूमि पूजन और शिलान्यास का कार्यक्रम किया गया। जहां कार्यक्रम के दौरान यूपी सरकार के परिवहन मंत्री दयाशंकर सिंह,बीजेपी जिलाध्यकाश संजय मिश्रा और जिलाधिकारी मंगला प्रसाद सिंह मौजूद रहे।वही यूपी सरकार के परिवहन मंत्री दयाशंकर सिंह ने बताया कि कटहल नाला एक एतिहासिक नाला है जो राजा सूरथ थे उन्होंने प्राचीन काल में सुरहाताल का निर्माण कराया था पुरानी में बताया जाता है कि कुष्ठ रोग से पीड़ित लोग आते थे और ताल में स्नान करते थे तो उनको मुक्ति मिल जाती थी और यह ताल एशिया का सबसे बड़ा ताल है यह 36 किलो मीटर और 3400 हेक्टेयर मीटर में है गंगा नदी और सुरहा ताल कटहल नाले से जुड़ा हुआ है 21 किलो मीटर कटहल नाला गंगा नदी से सूरहाताल को जोड़ता है जब बाढ़ आती है तो बाढ़ को रोकने में सुरहा ताल में जाकर पानी स्टोर हो जाता है।यह दोनो तरफ बहाने वाला एक मात्र नाला है देश का पहला यह नाला है जो दिनों तरफ से बहता है बाढ़ की भी सुरक्षा करता है और 28 गांवों में पानी हो जाता है तो पानी निकालने का काम करता है।शहर के बीचों बीच पांच किलो मीटर यह नाला होकर गुजरता है बलिया में किसी चीज से अगर गंदगी होती है तो वह है कटहल नाला।मैंने चुनाव के समय कहा था कि जो सबसे बड़ी गंदगी है वही से हम लोग शूरुवात करेंगे और इसको हम लोग जूहू चौपाटी जैसा बनाएंगे।मैं मुख्य मंत्री को धन्यवाद देता हूं कि इसकी सुंदरीकरण के लिए 19 करोड़ रुपए और सिंचाई विभाग इसकी सफाई के लिए निर्गत करके हम बलिया वासियों को सम्मान दिया है आज उसका शिलान्यास हुआ है। वही यूजीसी को लेकर यूपी सरकार के परिवहन मंत्री दया शंकर सिंह से सवाल किया गया तो उन्होंने टाल मटोल करने लगे।

एटा में सवर्ण समाज ने यूजीसी कानून के विरोध में सड़क पर पैदल मार्च कर उपजिलाधिकारी को ज्ञापन सौंपा

एटा 27 जनवरी उप्रससे। जनपद में सवर्ण समाज के सैकड़ों लोगों ने यूजीसी कानून के विरोध में प्रदर्शन करते हुए शहीद पार्क से कलेक्ट्रेट तक पैदल मार्च निकाला और उपजिलाधिकारी सतीश कुमार को राष्ट्रपति तथा प्रधानमंत्री के नाम एक लिखित ज्ञापन सौंपा। प्रदर्शनकारियों ने कानून वापस लेने की मांग की।

यूजीसी विरोध में रैली

यूजीसी के विरोध में दिया ज्ञापन

यह प्रदर्शन अखिल भारतीय क्षत्रिय महासभा के जिलाध्यक्ष गजेंद्र सिंह चौहान, मनोज पचौरी और करणी सेना के पदाधिकारियों के संयुक्त नेतृत्व में किया गया। सैकड़ों की संख्या में सवर्ण समाज के लोग शहीद पार्क से कलेक्ट्रेट तक पहुंचे, जहां उन्होंने सरकार विरोधी नारे लगाए। युवाओं ने हाथों में ‘यूजीसी एक्ट बायकॉट’ के पोस्टर थाम रखे थे। प्रदर्शनकारियों ने चेतावनी दी कि यदि कानून वापस नहीं लिया गया तो उग्र आंदोलन किया जाएगा।

अखिल भारतीय क्षत्रिय महासभा के जिलाध्यक्ष गजेंद्र सिंह चौहान ने कहा कि सरकार ने यह कानून बनाकर सवर्ण समाज के बच्चों को ‘स्वघोषित अपराधी’ बना दिया है। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार सवर्ण समाज को कुचलने का काम कर रही है। चौहान ने मांग की कि इस कानून को वापस लिया जाए या इसमें संशोधन किया जाए। उन्होंने यह भी सुझाव दिया कि कानून संशोधन समिति में सवर्ण समाज के लोगों को शामिल किया जाए और सवर्ण अभ्यर्थियों के लिए अलग शैक्षणिक संस्थान बनाए जाएं।

« Newer PostsOlder Posts »