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विकसित भारत का विजन डॉक्यूमेंट है केंद्रीय बजट: पंकज चौधरी

February 3, 2026

विकसित भारत का विजन डॉक्यूमेंट है केंद्रीय बजट: पंकज चौधरी

UP BJP President Pankaj Chaudhary

भाजपा मुख्यालय पर पत्रकारों से बातचीत करते प्रदेश अध्यक्ष पंकज चौधरी

Posted on 03.02.2026 Tuesday, Time: 06.26 PM, BJP President Press Conference, Lucknow 

लखनऊ 03 फरवरी 2026। भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष एवं केंद्रीय वित्त राज्य मंत्री पंकज चौधरी ने मंगलवार को राजधानी लखनऊ स्थित पार्टी के प्रदेश मुख्यालय पर केंद्रीय बजट 2026-27 को लेकर आयोजित पत्रकार वार्ता को संबोधित किया। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि 01 फरवरी को प्रस्तुत किया गया केंद्रीय बजट केवल आंकड़ों का संकलन नहीं, बल्कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में विकसित भारत-2047 और आत्मनिर्भर भारत के लक्ष्य को प्राप्त करने का एक सशक्त और दूरदर्शी विजन डॉक्यूमेंट है।
श्री पंकज चौधरी ने कहा कि पिछले 11 वर्षों में मोदी सरकार ने आमजन की सुविधाओं, नवाचार, आर्थिक वृद्धि, रोजगार सृजन और समावेशी विकास पर निरंतर फोकस किया है। इसी सोच का स्पष्ट प्रतिबिंब बजट 2026-27 में देखने को मिलता है, जो किसान, युवा, महिला, उद्यमी और मध्यम वर्ग सहित सभी वर्गों को ध्यान में रखकर तैयार किया गया है। उन्होंने बताया कि सरकार ने आधारभूत संरचना को अर्थव्यवस्था की रीढ़ मानते हुए इसके लिए अब तक का सबसे निरंतर और मजबूत निवेश किया है। वर्ष 2014-15 में जहां इन्फ्रा बजट मात्र 2 लाख करोड़ रुपये था, वहीं इसे चरणबद्ध रूप से बढ़ाकर अब 12.2 लाख करोड़ रुपये कर दिया गया है, जो अपने आप में ऐतिहासिक उपलब्धि है।
श्री चौधरी ने कहा कि बजट में देश को सात नए हाई-स्पीड रेल कॉरिडोर की सौगात दी गई है, जिनमें दिल्ली-वाराणसी एवं वाराणसी-सिलीगुड़ी कॉरिडोर विशेष रूप से उत्तर प्रदेश को लाभ पहुंचाएंगे। इन परियोजनाओं से नोएडा, आगरा, लखनऊ, प्रयागराज और वाराणसी जैसे प्रमुख शहरों को तेज़-गति से जोड़ने में मदद मिलेगी, जिससे यात्रा समय घटेगा, पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा और आर्थिक गतिविधियों में तेजी आएगी। इसके साथ ही पूर्व में डांकुनी से पश्चिम में सूरत तक डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर के निर्माण का निर्णय लिया गया है, जिसका एक महत्वपूर्ण हिस्सा उत्तर प्रदेश में होगा। अगले पांच वर्षों में 20 नए वाटरवेज़ शुरू किए जाएंगे, जिससे लॉजिस्टिक्स अधिक किफायती होगी। इसी क्रम में वाराणसी में गंगा जलमार्ग पर जलयान मरम्मत एवं शिप-रिपेयर केंद्र विकसित किए जाने की घोषणा की गई है, जिससे स्थानीय स्तर पर रोजगार के नए अवसर सृजित होंगे।
श्री चौधरी ने बताया कि पांच लाख से अधिक आबादी वाले टियर-2 एवं टियर-3 शहरों में सिटी इकोनॉमिक रीजन विकसित किए जाएंगे, जिन पर अगले पांच वर्षों में प्रति शहर 5000 करोड़ रुपये तक खर्च किए जाएंगे। पर्यटन क्षेत्र में रोजगार की अपार संभावनाओं को देखते हुए पांच प्रमुख टूरिस्ट डेस्टिनेशन विकसित किए जाएंगे। उत्तर प्रदेश में सारनाथ एवं हस्तिनापुर जैसे ऐतिहासिक एवं पर्यावरणीय स्थलों को अनुभवात्मक पर्यटन केंद्र के रूप में विकसित किया जाएगा, जिससे घरेलू और अंतरराष्ट्रीय पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा।
रक्षा क्षेत्र पर बोलते हुए उन्होंने कहा कि ऑपरेशन सिंदूर के बाद यह पहला बजट है, जिसमें रक्षा बजट को 15 प्रतिशत बढ़ाकर 7.85 लाख करोड़ रुपये किया गया है। इसमें से 2.19 लाख करोड़ रुपये रक्षा अवसंरचना के लिए निर्धारित किए गए हैं, जो देश की सैन्य शक्ति और आत्मनिर्भर रक्षा क्षमता को और सुदृढ़ करेंगे।
मैन्युफैक्चरिंग को रोजगार का प्रमुख आधार बताते हुए श्री पंकज चौधरी ने कहा कि मेक इन इंडिया और पीएलआई योजनाओं को लाया गया था। इसी क्रम को बनाये रखते हुए इस बजट में भी ७ स्ट्रेटेजिक निर्माण क्षेत्रों में फोकस किया गया है। बायोफार्मा शक्ति परियोजना के तहत 10,000 करोड़ रुपये का प्रावधान कर भारत को वैश्विक बायोफार्मा हब बनाने का लक्ष्य रखा गया है। इंडिया सेमीकंडक्टर मिशन 2.0, इलेक्ट्रॉनिक मैन्युफैक्चरिंग के लिए 40,000 करोड़ रुपये का प्रावधान तथा केमिकल पार्क, हेवी टूल्स और शिपिंग कंटेनर मैन्युफैक्चरिंग जैसी योजनाएं रोजगार और औद्योगिक विकास को गति देंगी। एमएसएमई क्षेत्र के लिए 10,000 करोड़ रुपये का एमएसएमई ग्रोथ फंड, 200 पुराने औद्योगिक समूहों के पुनरुद्धार की योजना तथा खादी, हथकरघा, रेशम और टेक्सटाइल उद्योगों के लिए विशेष समर्थन का प्रावधान किया गया है, जिससे उत्तर प्रदेश के छोटे और कुटीर उद्योगों की प्रतिस्पर्धा क्षमता और निर्यात को बढ़ावा मिलेगा।
श्री चौधरी ने कहा कि आयुष क्षेत्र में तीन अखिल भारतीय आयुर्वेद संस्थानों की स्थापना का निर्णय लिया गया है। युवाओं और महिलाओं के लिए प्रत्येक जिले में गर्ल्स हॉस्टल की व्यवस्था की गई है, जिसके तहत उत्तर प्रदेश के सभी 75 जिलों को लाभ मिलेगा। औद्योगिक नगरियों के समीप यूनिवर्सिटी टाउनशिप, स्किल डेवलपमेंट मंत्रालय के बजट में 62 प्रतिशत की वृद्धि तथा स्कूलों और कॉलेजों में कंटेंट लैब की स्थापना से युवाओं को रोजगारोन्मुख शिक्षा प्राप्त होगी।
श्री चौधरी ने कहा कि स्वास्थ्य क्षेत्र में जिला अस्पतालों की क्षमता 50 प्रतिशत तक बढ़ाने और प्रत्येक जिले में आपातकालीन एवं ट्रॉमा केंद्र स्थापित करने का प्रावधान किया गया है, जिससे प्रदेश की स्वास्थ्य सेवाएं और अधिक सुलभ एवं सशक्त होंगी।
उन्होंने कहा कि कृषि क्षेत्र के लिए 1.62 लाख करोड़ रुपये का आवंटन किया गया है, जो पिछले वर्ष की तुलना में 7 प्रतिशत अधिक है। उच्च मूल्य एवं विविधीकृत कृषि, एआई आधारित भारत विस्तार योजना और समर्थन मूल्य को मजबूत करने के लिए किए गए प्रावधान किसानों की आय बढ़ाने में सहायक होंगे।
उन्होंने बताया कि केंद्रीय सहायता, टैक्स डिवोल्यूशन और सीएसएस के तहत उत्तर प्रदेश को लगभग 4.18 लाख करोड़ रुपये का वित्तीय समर्थन प्राप्त होगा, जो प्रदेश के विकास कार्यों को नई गति प्रदान करेगा।
श्री पंकज चौधरी ने कहा कि बजट 2026-27 “सबका साथ, सबका विकास, सबका विश्वास और सबका प्रयास” की भावना को साकार करने वाला बजट है, जो उत्तर प्रदेश सहित पूरे देश को एक सशक्त, आत्मनिर्भर और विकसित भारत की दिशा में तेज़ी से आगे ले जाने में निर्णायक भूमिका निभाएगा।

मण्डलायुक्त की अध्यक्षता में मण्डलीय समीक्षा बैठक हुई सम्पन्न

  • 300 बैडेड हास्पिटल को पी.पी.पी मॉडल पर संचालित किये जाने के संबंध में 10 फरवरी को बैठक आयोजित किये जाने के दिये निर्देश
  • बदायूं से दातागंज मार्ग के गडढे भरवाने के दिये गये निर्देश
  • समस्त मुख्य मार्गों पर पर्याप्त संख्या में लगायें जाये साइनेज, जिससे दुर्घटना से हो सके बचाव-मण्डलायुक्त

Posted on: 03.02.2026, Tuesday, Time 06.01 PM, Bareilly

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बरेली, 03 फरवरी । मण्डलायुक्त भूपेन्द्र एस. चौधरी की अध्यक्षता में आज मण्डलीय समीक्षा बैठक विकास भवन स्थित सभागार में सम्पन्न हुई।

बैठक में मुख्यमंत्री डैशबोर्ड की समीक्षा में पाया कि बरेली प्रथम स्थान पर है कृषि विभाग से सम्बंधित फार्मर रजिस्ट्री की प्रगति कम पाये जाने पर नाराजगी जाहिर की जिस पर जिलाधिकारीगण द्वारा अवगत कराया गया कि जो लोग फार्मर रजिस्ट्री का कार्य कर रहे हैं उनके भुगतान की समस्या है जिस पर मण्डलायुक्त ने संयुक्त कृषि निदेशक को निर्देश दिये कि आज शाम तक चारों जनपदों मेंं कितने कर्मी इस कार्य में लगे हैं और कितनों के खातों की समस्या है की रिपोर्ट देते हुए तीन दिन में सभी के खातों में धनराशि प्रेषित करा दें।

बैठक में पूर्व दशम/दशमोत्तर छात्रवृत्ति की समीक्षा में बताया गया कि 9 फरवरी तक यदि किसी स्कूल में डाटा पेंडिंग है तो उसे निस्तारित करना होगा तत्पश्चात लाभार्थियों के खाते में छात्रवृत्ति सीधे भेज दी जायेगी।

बैठक में बताया गया कि मण्डल स्तर पर ट्रामा सेण्टर/क्रिटिकल कारिडोर प्रस्तावित है बरेली में 10, बदायूं में 8, पीलीभीत में 10, तथा शाहजहांपुर में 8 का निर्माण कराया जायेगा हैं, जिस पर मण्डलायुक्त ने कहा कि हर जनपद में कम से कम एक आर्थोपेडिक सर्जन की व्यवस्था की जाये। बैठक में उन्होनें निर्देश देते हुए कहा कि ब्लैक स्पाटस के निकट ए.एल.एस युक्त एम्बुलेन्स की व्यवस्था तथा निकटतम चिकित्सा संस्थानों (प्राइवेट/सरकारी) उसमें उपलब्ध चिकित्सा सुविधाओ का ब्यौरा बनाकर प्रस्तुत किया जाए।

इसके पश्चात बैठक में एम.बी.बी.एस डाक्टर्स की एग्रीमेन्ट के आधार पर नियुक्ति, टी.बी. रोग उन्मूलन कार्यक्रम, सिजेरियन प्रसव केन्द्र की समीक्षा की गयी जिसमें यह पाया गया कि नवाबगंज में स्थिति अच्छी है, लेकिन कुछ स्थानों पर कर्मियों की कमी है जिस कारण आपेक्षित प्रगति नही हो पा रही है। बैठक में निर्देश दिये गये कि विकास खण्डों के स्तर पर डिलीवरी बढाई जाए। प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना के अन्तर्गत 70 वर्ष से अधिक आयु वालों का अयुष्मान कार्ड बनाने के लक्ष्य के सापेक्ष प्रगति लाये जाने के भी निर्देश दिये गये।
बैठक में 300 बैडेड हास्पिटल को पी.पी.पी मॉडल पर संचालित किये जाने के बारे में भी समीक्षा की गयी और 10 फरवरी को इस सन्दभ में पूरी जानकारी के साथ पुनः बैठक आयोजित किये जाने के निर्देश दिये गये। इसके पश्चात शहरी आयुष्मान आरोग्य मंदिरों की क्रियाशीलता, नेत्र ज्योती अभियान के अंतर्गत चश्मों के वितरण, 102 तथा 108 एम्बुलेंस का निरीक्षण किये जाने व मलेरिया संक्रमण की विस्तृत समीक्षा की समीक्षा की गयी। टीकाकरण के ऐसे सेशन पर चर्चा की गयी जो नियोजित किये गये थे परन्तु सम्पादित नही किये गये। मंडलायुक्त द्वारा समस्त मुख्य चिकित्सा अधिकारियो को अपने अपने जनपद के मेडिकल कालेजों का निरीक्षण किये जाने के निर्देश दिये।

बैठक में जिलाधिकारी पीलीभीत को निर्देश दिये गये कि फैमिली आई.डी में जनपद की स्थिति पीछे चल रही है जिस पर सुधार करने की आवश्यकता है। बैठक में बाल विकास एवं पुष्टाहार विभाग की समीक्षा में बताया गया कि वजन नापने व लम्बाई नापने की मशीन कई आंगनबाड़ी केन्द्रों पर उपलब्ध नहीं है, जिस पर जिलाधिकारी बरेली द्वारा बताया गया कि 15 लाख रु फण्ड दिया गया था जिससे उपयुक्त उपकरण मुख्य चिकित्साधिकारी के माध्यम से क्रय कराया गया है शीघ्र रिसीव करा दिया जायेगा। विभाग द्वारा बताया गया कि लगभग 5 वर्ष पूर्व राज्य सरकार द्वारा उपकरण उपलब्ध कराये गये थे काफी संख्या में खराब हो गये हैं। जिस पर मंडलायुक्त ने विकास खण्डवार उन उपकरणों को प्रयोग करने व फीडिंग करने का प्रशिक्षण कराने व प्रशिक्षण उपरांत निरीक्षण कर कार्य की जानकारी लेने के भी निर्देश दिये गये। उन्होंने कहा कि अगले माह की 15 तारीख तक प्रशिक्षण करायें। इसके पश्चात उद्योग विभाग के अंतर्गत ओ.डी.ओ.पी, मुख्यमंत्री युवा रोजगार अभियान, प्रधानमंत्री श्रम सम्मान योजना, निर्माणाधीन कार्यों की समीक्षा में पाया कि पशुपालन विभाग के अन्तर्गत निर्माणाधीन गौशालाओं की समीक्षा की गयी जिसमें यह पाया गया कि बरेली में 2 गौशालाएं हैण्डओवर हो चुकी हैं उसमें विद्युत कनेक्शन भी हो चुका है और गौवंश संरक्षित होने भी आरम्भ हो गये हैं।

सैटेलाईट बस स्टेशन, इज्जतनगर में निर्माणाधीन बस स्टैण्ड की समीक्षा की गयी जिस पर बताया गया कि इज्जतनगर बस स्टैण्ड का निर्माण कार्य पूर्ण करने की मई 2026 की तिथि पुर्ननिर्धारित करा ली गयी है। 200 करोड़ रु से अधिक लागत में निर्माण कार्यों की समीक्षा की गयी जिसमें गर्रा नदी पर सेतु निर्माण, कस्तूरबा विद्यालय में हास्टल निर्माण, बदायूं में जय प्रकाश नारायण सर्वोदय विद्यालय में हास्टल निर्माण, राजकीय महाविद्यालय दातागंज बदायूं, के निर्माण कार्य के बारे में बताया गया कि फायर/विद्युत एन.ओ,सी के लिये आवेदन किया गया है। विद्युत/भवन पर से 33 हजार के.वी की लाइन गयी है जिसकी शिफटिंग करायी जानी है। जल निगम (नगरीय) द्वारा शीशगढ़ परियोजना की हैण्ड ओवर की कार्यवाही की जा रही है।
शाहजहांपुर में नर्सिंग कालेज की कार्यदायी संस्था द्वारा बताया गया कि कार्य एक सप्ताह में पूर्ण करा लिया जाएगा। सी.एन.डी.एस के कुल 11 कार्य विलम्ब से चल रहे हैं जिस पर बताया गया कि इसका मुख्य कारण है कि विभिन्न निर्माण कार्यो में धनराशि प्राप्त न हो है। भावलखेड़ा में कस्तूरबा गॉधी विद्यालय में निर्माण कार्य मार्च तक पूर्ण हो जायेगा। पी.डब्लू.डी के निर्माण कार्यो की जॉच रिपोर्ट के बारे में जानकारी ली गयी जिस पर जॉच अधिकारियों द्वारा बताया गया कि भोजीपुरा से अगरास से शंखापुल तक मार्ग के कार्य की जांच करायी गयी कार्य ठीक है पटरी का कार्य अवशेष था जिस पर बताया गया कि पूर्ण करा लिया जायेगा। बरेली से आंवला अलीगंज गैनी मार्ग के बारे में बताया गया नाली आदि का कार्य चल रहा है।

जिलाधिकारी बदायूं ने जानकारी दी कि बदायूं से दातागंज मार्ग खराब स्थिति में है जिस पर मण्डलायुक्त ने उसे ठीक कररवाने के निर्देश दिये। उन्होंने कहा कि समस्त मार्गों मुख्यतः बहेड़ी, चौबारी, दातागंज, आदि मार्गों पर साइनेज आदि पर्याप्त संख्या में लगाया जाए जिससे कि दुर्घटना से बचाव हो सके ।

कर करेत्तर की समीक्षा में दिसम्बर के माह में समीक्षानुसार बताया गया कि आबकारी विभाग बरेली व पीलीभीत की स्थिति अच्छी नहीं थी जनवरी में पर्याप्त सुधार कर लिया है। बैठक में बताया गया कि निर्विवाद उत्तराधिकार के मामलों में कार्य करने की आवश्यकता है, सभी संबंधित इस ओर ध्यान दें। आई.जी.आर.एस की समीक्षा में बताया गया कि में किसी भी विभाग को सी नही मिला है तथा संतोष का स्तर भी बढा है। मंडलायुक्त ने निर्देश दिये कि 10 से 12 जनसुनवाई में सभी अधिकारी अपने कार्यालयों में बैठें, उक्त समयावधि में कोई मीटिंग आयोजित ना की जाये ।

बैठक में जिलाधिकारी बरेली अविनाश सिंह, जिलाधिकारी बदायूं अवनीश राय, जिलाधिकारी शाहजहांपुर धर्मेन्द्र प्रताप सिंह, जिलाधिकारी पीलीभीत ज्ञानेन्द्र सिंह, समस्त मुख्य विकास अधिकारी व मुख्य चिकित्सा अधिकारी सहित मण्डल स्तरीय अधिकारीगण उपस्थित रहे।

एटा में मेडिकल कालेज बना सफेद हाथी, हजारों बीमार रोज लड़ रहे हैं पर्चा बनवाने की जंग

Etah Medical College

Posted on: 03.02.2026 Tuesday, Time : 05.48, by Anuj Mishra, UP Samachar Sewa Correspondent Etah

एटा 03 फरवरी (उप्रससे)। जनपद के वीरांगना अवंतीबाई लोधी स्वशासी राज्य चिकित्सा महाविद्यालय में डाक्टरों को दिखाने के लिए बीमार हजारों लोग रोजाना पर्चा बनवाने की जंग लड़ते हुए दिखाई देते हैं। लेकिन सबकुछ जानते और देखते हुए भी मेडिकल कालेज प्रशासन मूकदर्शक बना हुआ है। क्योंकि मरीजों को पंजीकरण की लाइन में उलझाए रखना मेडिकल कालेज के प्रिंसिपल की सोची समझी नीति है। प्रतिदिन बहुत से मरीज जब तक पर्चा बनवा पाते हैं तब तक एक बज जाता है और वह डाक्टर को दिखा पाते हैं तब तक फार्मासिस्ट दो बजे दवा वितरण बंद कर चला जाता है।

मेडिकल कॉलेज में प्रतिदिन मरीजों को पंजीकरण (पर्चा) की लाइन में इसलिए उलझाकर रखा जाता है ताकि डाक्टरों के सामने मरीजों की भीड़ इकट्ठी न होने पाये, इसलिए सिर्फ एटा मेडिकल कालेज में पर्चा बनवाने के लिए आधार कार्ड और मोबाइल लाना जरूरी कर दिया गया है। पर्चा बनाने वाला पहले आधार कार्ड मांगता है उसके बाद मोबाइल पर ओटीपी भेजता है। ओटीपी भेजने, आने और बताने में दस मिनट एक पर्चा पर लगना साधारण सी बात है। प्रतिदिन हजारों मरीजों की भीड़ के बीच एक पर्चा पर दस मिनट लगेंगे तो दो से तीन हजार मरीजों को समय से आसानी पूर्वक पर्चा कैसे मिल सकेगा? कभी कभी कुछ लोग दूसरे लोगों का पर्चा बनवाने पहुंच जाते हैं। मरीज घर (गांव) से चला भी नहीं है और परिचित पर्चा बनवा रहे होते हैं। पर्चा पर मरीज का मोबाइल नंबर डलवाते हैं, गांव में किसी कारणवश ओटीपी नंबर नहीं पहुंचता है अथवा नेटवर्क की कमी के कारण मोबाइल से बात नहीं होती है तब तक पर्चा (पंजीकरण) की लाइन रूकी रहती है। ऐसे एक व्यक्ति के कारण सैकड़ों व्यक्ति बेबस होकर लाइन में खड़े रहते हैं। क्या कसूर है इन बेबस मरीजों का जिन्हें आधार कार्ड और ओटीपी नंबर के नाम पर उलझाकर उनकी गरीबी का फायदा मेडिकल कालेज का प्रशासन उठा रहा है?
जवाहरलाल मेडिकल कालेज अलीगढ़, एस एन मेडिकल कालेज आगरा, गुरु तेग बहादुर हास्पीटल (जीटीबी) दिल्ली आदि में कहीं भी पर्चा बनवाने के लिए आधार कार्ड और ओटीपी की जरूरत नहीं होती है तो एटा मेडिकल कालेज के प्रिंसिपल ही क्यों “तीन लोक से मथुरा न्यारी” वाली कहावत चरितार्थ कर रहे हैं। कहीं उनका मकसद इलाज के लिए प्रतिदिन आने वाले हजारों मरीजों को परेशान कर मेडिकल कालेज आने से रोकना तो नहीं है?
इतना ही नहीं, एटा मेडिकल कालेज में तीन दिन की दवा का नियम भी सभी मेडिकल कालेजों से अलग है। एस एन मेडिकल कालेज सहित आस पास के जनपदों में मरीज को 7 दिन की दवा डाक्टर द्वारा लिखी जाती है, कभी कभी ज्यादा चलने वाली दवा को 15 दिन तक के लिए भी लिखते हैं, लेकिन एटा मेडिकल कालेज में डाक्टरों को 3 दिन की ही दवा लिखने का निर्देश दिया गया है जिससे मेडिकल कालेज में मरीजों की संख्या कम नहीं हो पा रही है। कोई भी डाक्टर चाहकर भी 3 दिन से अधिक की दवा नहीं लिख रहे हैं।
आखिर मेडिकल कालेज के प्रिंसिपल की इस मनमानी के पीछे मंशा क्या है? सरकार जब मरीजों को सहज उपचार सुलभ कराना चाहती है तो फिर मेडिकल कालेज प्रशासन सरकार की सुविधा को असुविधा बनाने में क्यों लगा हुआ है। पर्चा बनाना अति सरल किया जाना चाहिए ताकि वरिष्ठ महिला और पुरुष को लाइन में घंटों खड़े नहीं रहना पड़े।

ऋषिकेश में उमड़ा जनसैलाब, 35 हजार लोगों ने घर बचाने को निकाली महा रैली

Rishikesh Railly

ऋषिकेश में घर बचने को सड़कों पर उतरे लोग

Posted on 03.02.2026 Tuesday, Time : 05.32 PM , Rishikesh Uttarakhand, Railly 

ऋषिकेश, 3 फरवरी 2026। (उप्रससे) तीर्थनगरी ऋषिकेश Rishikesh में सोमवार को एक ऐतिहासिक दृश्य देखने को मिला, जब राज्य गठन के बाद पहली बार सत्तारूढ़ भाजपा और धामी सरकार के खिलाफ हजारों लोग सड़कों पर उतरे। अपने घरों और जमीनों को बचाने की मांग को लेकर आयोजित इस महा रैली ने सरकार और प्रशासन को स्पष्ट संदेश दे दिया । “अब देरी बर्दाश्त नहीं की जाएगी।” सोमवार सुबह 10 बजे तक आइडीपीएल हाकी मैदान में करीब 10 हजार से ज्यादा लोग एकत्र हो चुके थे। 15 से 20 मिनट के बाद कई वार्डों से रैली के रूप में लोग हाकी मैदान पहुंचते रहे, जिसके बाद पूरा हाकी मैदान लोगों से खचाखच भरा नजर आया।

इस विशाल जनआंदोलन में करीब 30 से 35 हजार लोगों की उपस्थिति दर्ज की गई। रैली में बच्चे, महिलाएं, युवा, बुजुर्ग, वरिष्ठ और सुपर सीनियर सिटीजन तक शामिल रहे। लोगों ने अपने परिवारों के साथ लगभग 5 से 6 किलोमीटर की पदयात्रा कर शांतिपूर्ण लेकिन दृढ़ विरोध दर्ज कराया। यह रैली सिर्फ एक विरोध नहीं, बल्कि अपने अस्तित्व और भविष्य की लड़ाई का प्रतीक बनकर सामने आई।

बापूग्राम, बीसबीघा, मीरानगर सहित आसपास के कई क्षेत्रों के निवासी हाथों में तख्तियां और बैनर लेकर सड़कों पर उतरे। प्रदर्शनकारियों का कहना है कि वन विभाग की कार्रवाई और सरकारी नीतियों के कारण दशकों से बसे उनके घर उजड़ने की कगार पर हैं। लोगों ने साफ शब्दों में कहा कि वे किसी भी कीमत पर अपने आशियानों को टूटने नहीं देंगे।

रैली के दौरान गूंजते नारों और जनसमूह की एकजुटता ने यह स्पष्ट कर दिया कि यह आंदोलन किसी एक व्यक्ति या संगठन का नहीं, बल्कि पूरे क्षेत्र की सामूहिक आवाज है। प्रदर्शनकारियों ने सरकार से मांग की कि उनके क्षेत्रों को राजस्व ग्राम घोषित किया जाए और विस्थापन से जुड़ी नीतियों पर तत्काल पुनर्विचार किया जाए।

आंदोलनकारियों ने चेतावनी दी कि यदि सरकार ने समय रहते ठोस निर्णय नहीं लिया, तो यह आंदोलन और व्यापक रूप ले सकता है। रैली के समापन पर एक प्रतिनिधिमंडल ने प्रशासन को ज्ञापन सौंपकर अपनी मांगें औपचारिक रूप से दर्ज कराईं।

पूरी रैली शांतिपूर्ण रही, हालांकि इसका संदेश बेहद सख्त और स्पष्ट था। यह महा रैली न सिर्फ ऋषिकेश, बल्कि उत्तराखंड की राजनीति और जनभावनाओं के लिए एक टर्निंग पॉइंट मानी जा रही है। जनता ने यह जता दिया है कि घर केवल दीवारें नहीं होते, बल्कि पीढ़ियों की मेहनत और सपनों की नींव होते हैं—और उनकी रक्षा के लिए वे हर स्तर पर संघर्ष को तैयार हैं।

एटा में विराट हिंदू सम्मेलन का आयोजन, संस्कारों पर जोर, श्रेष्ठ भारत निर्माण का आह्वान

Hindu Sammelan Etah

एटा में हिंदू सम्मेलन

एटा 03 फरवरी उप्रससे। जनपद में अलीगंज विकासखंड क्षेत्र के अंतर्गत ससौता गही मंडल की ग्राम पंचायत सुमौर में हिंदू सम्मेलन आयोजित किया गया। हिंदू सम्मेलन समिति की ओर से आयोजित इस सम्मेलन में हिंदू समाज को संगठित होकर श्रेष्ठ भारत के निर्माण की दिशा में आगे बढ़ने का आह्वान किया गया। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में लोगों ने भाग लिया।
कार्यक्रम का शुभारंभ भारत माता के चित्र के समीप दीप प्रज्वलित कर किया गया। आयोजन समिति ने मुख्य अतिथियों को शॉल व पटका ओढ़ाकर सम्मानित किया।

सम्मेलन के दौरान मातृशक्ति वक्ता के रूप में ममता सिंह विश्व हिंदू परिषद ने पंच परिवर्तन के विषय में विशेष रूप से पर्यावरण के ऊपर अपनी बात कही। डा. अनूप सिंह राठौर ने सज्जन शक्ति वक्ता के रूप में विकसित भारत और उसकी चुनौतियों के बारे में उद्बोधन देते हुए कहा कि अर्थशास्त्री एंगस मेडिसिन द्वारा लिखा गया था कि 2000 वर्षों के इतिहास में भारत विश्व का 46 प्रतिशत आर्थिक उत्पादों में योगदान देने वाला देश रहेगा। आज भारत में जातिगत भेदभाव व्यवस्था जैसे नैरेटिव समाज में खड़े करने की कोशिश की जा रही है। युवाओं में नशे का प्रचलन अत्यधिक बढ़ता जा रहा है। शिवम गुप्ता जिला उपाध्यक्ष विश्व हिंदू परिषद ने हिंदुत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि विभिन्न प्रकार से हिंदुत्व के प्रति आज समाज में भ्रम उत्पन्न करने का कार्य और कुचक्र रचे जा रहे हैं। राम को मानने वाला हो या कृष्ण को या मीराबाई को, सब हिंदू हैं। कोई भी उपासना पद्धति होगी, कोई भी परंपरा होगी, हमारा खान पान वेशभूषा अलग होने के बाद भी हम हिंदू हैं।

हिंदुत्व केवल पूजा पद्धति नहीं, समग्र जीवन व्यवस्था है, इसलिए हिंदुत्व वर्तमान में संसार का मार्गदर्शन है।
मुख्य वक्ता के रूप में आए डा. कृष्णवीर प्रांत सह बौद्धिक शिक्षण प्रमुख ने संघ की 100 वर्षों की यात्रा से लेकर अब तक की उपलब्धियों पर अपना विषय रखा। हिंदू सम्मेलन में सुशील खंड व्यवस्था प्रमुख, देवेंद्र मिश्रा खंड संचालक, सत्यम खंड कार्यवाह विकास, खंड प्रचारक फेरु सिंह, वीरेंद्र प्रताप, कुशल पाल, फूलवती, रचना रेखा सहित सैकड़ों की संख्या में हिंदू समाज के लोग उपस्थित रहे।

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