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हरिद्वार पहुंचे पूर्व राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद

February 4, 2026

हरिद्वार पहुंचे पूर्व राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद

Posted on: 04.02.2026 Wednesday, Time : 05.53 PM Haridwar Samachar

Haridwar Samachar

हरिद्वार समाचार सेवा

हरिद्वार, 04 फरवरी 2026, भारत गणराज्य के 14वें राष्ट्रपति रामनाथ कोविन्द का जूना अखाड़ा की आचार्यपीठ श्री हरिहर आश्रम, कनखल, हरिद्वार में शुभ आगमन हुआ।

हरिद्वार स्थित सप्तऋषि मैदान में ब्रह्मलीन करुणामूर्ति, भगवद्पादाचार्य परम्परा के दिव्य संवाहक, वैदिक सनातन धर्म-संस्कृति के तेजस्वी प्रवक्ता, पद्मभूषण अलंकरण से विभूषित, निवृत्त शंकराचार्य, परम पूज्य श्रीमत्परमहंस परिव्राजकाचार्य, श्रोत्रिय-ब्रह्मनिष्ठ अनन्तश्रीविभूषित परम गुरुदेव श्री स्वामी सत्यमित्रानन्द गिरि जी महाराज की पुण्य-स्मृतियों को अक्षुण्ण एवं चिरस्थायी स्वरूप प्रदान करने हेतु आगामी 04, 05 एवं 06 फरवरी 2026 को आयोजित होने वाले “गुरुदेव समाधि मन्दिर-मूर्ति स्थापना महोत्सव” के आयोजन में भारत गणराज्य के 14वें राष्ट्रपति रामनाथ कोविन्द जी का जूना अखाड़ा की आचार्यपीठ श्री हरिहर आश्रम, कनखल, हरिद्वार में शुभ आगमन हुआ।

भारत माता मन्दिर-समन्वय सेवा ट्रस्ट एवं भारत माता जनहित ट्रस्ट के अध्यक्ष – श्रीमत्परमहंस परिव्राजकाचार्य श्रोत्रिय-ब्रह्मनिष्ठ अनन्तश्रीविभूषित जूनापीठाधीश्वर आचार्यमहामण्डलेश्वर परम पूज्य स्वामी अवधेशानन्द गिरि जी महाराज “पूज्य आचार्यश्री जी” के पावन सान्निध्य में यह सम्पूर्ण त्रिदिवसीय कार्यक्रम आयोजित किया जा रहा है।

आज पूर्व राष्ट्रपति रामनाथ कोविन्द जी के आगमन पर श्री हरिहर आश्रम, कनखल हरिद्वार में उनका भव्य स्वागत किया गया। विदित हो कि कल 04 फरवरी, 2026 को महामहिम जी के कर-कमलों से इस कार्यक्रम का भव्य शुभारम्भ किया जायेगा।

इसी क्रम में, “मूर्ति स्थापना समारोह” पर कार्यक्रम स्थल सप्तऋषि मैदान में “पूज्य आचार्यश्री जी” ने पवित्र धर्मध्वज का आरोहण किया गया। साथ ही, भण्डारे-प्रसाद में “माँ अन्नपूर्णा” का विधिवत पूजन किया गया।

“गुरुदेव समाधि मन्दिर-मूर्ति स्थापना महोत्सव” के सफल आयोजन के लिए भारतमाता मन्दिर-समन्वय सेवा ट्रस्ट, भारत माता जनहित ट्रस्ट के वरिष्ठ न्यासियों के साथ “पूज्य आचार्यश्री जी” ने बैठक की।

इस अवसर पर, पूज्य महामण्डलेश्वर श्री स्वामी अखिलेश्वरानन्द गिरि जी महाराज, पूज्य महामण्डलेश्वर श्री स्वामी ललितानन्द गिरि जी महाराज, पूज्य श्री स्वामी शिवात्मानन्द गिरि जी, भारतमाता जनहित – समन्वय सेवा ट्रस्ट के सचिव श्री आई.डी. शास्त्री जी सहित अनेक पूजनीय सन्तगण, संस्था के वरिष्ट न्यासीगण श्री मुकेश शुक्ला, मनोज कुमार अग्रवाल , भूपेन्द्र कौशिक, सुरेश मोठ , ब्रजेन्द्र वाजपेयी , अधिकारी गण तथा बड़ी संख्या में साधक गण उपस्थित रहे।

Varanasi मुठभेड़ में एक लाख का इनामी बदमाश बनारसी यादव ढेर

UP Web News

यूपी वेब न्यूज

वाराणसी, 04 फरवरी। सारनाथ इलाके में 21 अगस्त 2025 को कॉलोनाइजर महेंद्र गौतम की गोली मारकर हत्या के मामले में फरार चल रहे एक लाख रुपये के इनामी बदमाश बनारसी यादव को यूपी एसटीएफ ने मुठभेड़ में मार गिराया। यह कार्रवाई मंगलवार देर रात वाराणसी के चौबेपुर क्षेत्र में हुई।
यूपी एसटीएफ के एक्स (पूर्व ट्विटर) हैंडल पर दी गई जानकारी के अनुसार, सूचना मिली थी कि बनारसी यादव चौबेपुर क्षेत्र में मौजूद है। इसके बाद पुलिस और एसटीएफ की टीमों ने संयुक्त रूप से इलाके की घेराबंदी शुरू की। खुद को घिरता देख बनारसी यादव ने एसटीएफ टीम पर फायरिंग शुरू कर दी।
आत्मरक्षा में एसटीएफ को भी जवाबी फायरिंग करनी पड़ी, जिसमें बनारसी यादव गोली लगने से घायल हो गया। उसे तत्काल अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया।
पुलिस के मुताबिक, बनारसी यादव महेंद्र गौतम हत्याकांड समेत कई गंभीर आपराधिक मामलों में वांछित था और लंबे समय से फरार चल रहा था। एसटीएफ ने मुठभेड़ की पुष्टि करते हुए कहा कि आगे की कानूनी कार्रवाई की जा रही है।

Ghaziabad: गेम से रोकने पर तीन बहनों ने दे दी जान

Posted on : 04.02.2026, Wednesday

UP Web News

गाजियाबाद, 04 फरवरी 2026, नगर की एक सोसाइटी में 3 सगी बहनों ने एक साथ 9वीं मंजिल से कूद कर आत्महत्या कर ली। तीन बहनों की सामूहिक आत्महत्या से सनसनी फैल गई है।

तीनों एक गेम ऐप की आदी हो चुकी थीं। मिले सुसाइड नोट से पता चला है कि उन्हें पिता ने गेम चलाने के लिए डाटा था। इससे क्षुब्ध होकर उन्होंने जान दे दी। जान देने वाली तीनों 16 वर्षीय निशिका, 14 वर्षीय प्राची और 12 वर्षीय पाखी हैं।

पुलिस सूत्रों के अनुसार भारत सिटी सोसाइटी में रात 2 बजे घटना हुई।

पुलिस ने एक सुसाइड नोट रिकवर किया

बच्चियों ने माता-पिता को सॉरी लिखा है, जिस गेम को आप छुड़वाना चाहते थे- अब समझेंगे हम उसे कितना प्यार करते थे। सुसाइड नोट से गेमिंग ऐप की लत सामने आई है। परिवार द्वारा गेम को लेकर डांटने की आशंका।

सीता मइया के दिव्य चरित का ज्ञान करायेगी ‘वैदेही आर्ट गैलरी’: मुख्यमंत्री

मुख्यमंत्री का निर्देश, अयोध्या में वरिष्ठ भवन परिसर में तैयार होगी ‘वैदेही आर्ट गैलरी

मिथिला की संस्कृति, लोकपरंपरा और कला के विविध आयामों को गैलरी में प्रमुखता से दर्शाएं

लखनऊ, 04 फरवरी, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने श्रीअयोध्या धाम में माता सीता के जीवन-चरित पर केंद्रित ‘वैदेही आर्ट गैलरी’ की स्थापना के निर्देश दिए हैं। बुधवार को आवास एवं शहरी नियोजन विभाग की बैठक में उन्होंने कहा कि सीता मइया भारतीय संस्कृति, मर्यादा और नैतिक आदर्शों की अनुपम प्रेरणा हैं, और नई पीढ़ी को उनके उज्ज्वल चरित्र से गहराई से परिचित कराना समय की आवश्यकता है।
आर्ट गैलरी की परिकल्पना साझा करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि यह अत्याधुनिक गैलरी केवल एक कला-संग्रहालय न होकर, सीता माता के जीवन, त्याग, करुणा, मर्यादा, धैर्य और शक्ति का आधुनिक तकनीक के माध्यम से पुनर्पाठ प्रस्तुत करने वाली एक जीवंत सांस्कृतिक अनुभव-स्थली होनी चाहिए।

उन्होंने निर्देश दिया कि इस गैलरी की कथा-वस्तु, डिजाइन, विज़ुअल भाषा, कला और तकनीक सहित सभी आयाम इस भावना को प्रकट करे कि हम एक दिव्य विरासत का पुनर्पाठ कर रहे हैं, जिसे नई पीढ़ी के सामने प्रेरणास्रोत के रूप में स्थापित किया जाना है। मुख्यमंत्री ने कहा कि वैदेही आर्ट गैलरी की मूल भावना यही हो कि आगंतुक सीता माता के जीवन-संदेश को केवल देखें नहीं, बल्कि उसे अनुभव करें, समझें और आत्मसात करें।

अयोध्या विकास प्राधिकरण के साथ संवाद करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि यह परियोजना अयोध्या में श्री राम जन्मभूमि मंदिर के निकट वशिष्ठ भवन परिसर में विकसित की जा सकती, जहां प्रतिदिन लाखों श्रद्धालु पहुंचते हैं। उन्होंने कहा कि इस गैलरी का विकास अयोध्या के वैश्विक सांस्कृतिक नगर के रूप में उभरने के प्रयासों का एक महत्वपूर्ण चरण होगा। मुख्यमंत्री ने विशेष रूप से निर्देश दिया कि मिथिला की संस्कृति, लोकपरंपरा और कला के विविध आयामों को गैलरी में प्रमुखता से प्रदर्शित किया जाए।

लंबित आवास मामलों के निस्तारण हेतु ‘एकमुश्त समाधान योजना’ लागू करें: मुख्यमंत्री

  • सभी पात्र आवंटियों तक ओटीएस योजना की जानकारी पहुंचे, मुख्यमंत्री ने व्यापक प्रचार-प्रसार के निर्देश दिए
  • लंबित देयों का मानवीय व न्यायसंगत समाधान सुनिश्चित करें
  • डिफॉल्टर मामलों के निस्तारण में गति लाएं, प्रक्रिया को पूरी तरह यूजर-फ्रेंडली बनाएं
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने की प्रवेश द्वार को लेकर समीक्षा बैठक

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ आवास पर अधिकारियों के साथ बैठक करते हुए

लखनऊ, 04 फरवरी,  मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बुधवार को आवास एवं शहरी नियोजन विभाग की बैठक में लंबित आवासीय और व्यावसायिक आवंटनों के त्वरित निस्तारण के लिए एक नई ‘एकमुश्त समाधान योजना (ओटीएस-2026)’ लागू करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि वर्षों से लंबित देयों और विवादित मामलों के कारण न केवल योजनाओं की प्रगति प्रभावित होती है, बल्कि आम नागरिकों को भी अनावश्यक परेशानी का सामना करना पड़ता है। सरकार का उद्देश्य ऐसी व्यवस्था लागू करना है, जिसमें समाधान तेज, पारदर्शी और सभी के लिए व्यावहारिक हो।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश की किसी भी योजना में लंबित भुगतान या विवादित आवंटन राज्य की विकास गति को धीमा करते हैं। इसलिए आवास विभाग को ऐसी समाधान-प्रधान व्यवस्था लागू करनी चाहिए, जिससे विभाग को आवश्यक राजस्व प्राप्त हो और आवंटियों को भी राहत मिले। उन्होंने कहा कि यह योजना जन-केंद्रित होनी चाहिए, जिसमें हर वास्तविक आवंटी को स्पष्ट और सरल विकल्प उपलब्ध हों। बैठक में बताया गया कि वर्ष 2020 में लागू की गई ओटीएस-2020 योजना से बड़ी संख्या में मामलों का निस्तारण हुआ था, लेकिन कोविड-19 के कारण कई आवंटी अंतिम भुगतान नहीं कर पाए। विभाग द्वारा प्रस्तुत आंकड़ों में प्रदेश के विभिन्न आवासीय और व्यावसायिक परिसरों में मौजूद ऐसे सभी डिफॉल्ट मामलों का विस्तृत विवरण प्रस्तुत किया गया।

मुख्यमंत्री ने कहा कि ओटीएस-2026 योजना को अधिक व्यावहारिक और लाभकारी स्वरूप दिया जाए। एकमुश्त भुगतान करने वाले आवंटियों को देयों पर उपयुक्त छूट दी जाए। साथ ही, किस्तों में भुगतान की सुविधा हो। उन्होंने कहा कि योजना के प्रावधानों को अंतिम रूप देते समय यह ध्यान रहे कि योजना के मूल में आम आदमी को राहत देने का ही भाव निहित हो। मुख्यमंत्री ने कहा कि यह सुनिश्चित किया जाए कि विभाग द्वारा प्रत्येक आवेदन का निस्तारण निर्धारित समयसीमा में कर दिया जाए। मुख्यमंत्री ने कहा कि नई योजना लागू होने से हजारों आवंटियों को राहत मिलेगी और विभाग को राजस्व भी प्राप्त होगा।

मुख्यमंत्री ने विभाग को निर्देश दिया कि योजना के व्यापक प्रचार-प्रसार की विशेष व्यवस्था की जाए, ताकि अधिक से अधिक लोग इससे अवगत हो सकें। उन्होंने कहा, ‘एकमुश्त समाधान योजना’ के बारे में आम जनता के बीच सक्रिय रूप से जानकारी पहुंचाई जाए, ताकि सभी पात्र लोग इसका लाभ प्राप्त कर सकें। उन्होंने यह भी कहा कि योजना की संपूर्ण प्रक्रिया ऑनलाइन, पारदर्शी और उपयोगकर्ता-अनुकूल होनी चाहिए।

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