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संस्थागत डिलीवरी कराए, गर्भावस्था के समय दवाओ से करे परहेज- डॉ आरती यादव (मनो चिकित्सक)

February 15, 2026

संस्थागत डिलीवरी कराए, गर्भावस्था के समय दवाओ से करे परहेज- डॉ आरती यादव (मनो चिकित्सक)

Dr Arti Yadav, Barabanki

डा आरती यादव से भरता करते हुए वरिष्ठ पत्रकार दिलीप कुमार श्रीवास्तव

Posted on 15..02.2026 Sunday, Time 10.33 AM Barabanki, Dr Arti Yadav, Dilip Kumar Shrivastava

बाराबंकी। उत्तर प्रदेश की जनसंख्या बहुत अधिक है और 18 वर्ष से कम आयु के बच्चों की संख्या भी बड़ी है, इसलिए सीपी प्रभावित बच्चों की संख्या भी अन्य राज्यों की तुलना में अधिक होने की संभावना व्यक्त की जाती है।
सेरेब्रल पाल्सी (CP) बच्चों की संख्या में वृद्धि होने के कारण प्रतिदिन बाराबंकी जिला अस्पताल में स्थित मनो चिकित्सा विभाग की ओपीडी में 25 से 30 CP बच्चे इलाज के लिए आते हैं। शनिवार को हमारे संवाददाता दिलीप कुमार श्रीवास्तव ने मनोचिकित्सक डॉ आरती यादव से सेरेब्रल पाल्सी CP बच्चों के बारे में वार्ता की और इसके कारण निवारण की को समझा उसी के कुछ अंश प्रस्तुत है। मनो चिकित्सक डॉ आरती यादव से जो पूछा गया कि सीपी बच्चों का जन्म किन कारणो से होता है, तो उन्होंने बताया कि सेरेब्रल पाल्सी (CP) मुख्य रूप से जन्म से पहले, या तुरंत बाद मस्तिष्क के अविकसित रहने या क्षति पहुँचने के कारण होती है। प्रमुख कारणों में ऑक्सीजन की कमी, संक्रमण, समय से पहले जन्म, कम वजन, भ्रूण आघात और जेनेटिक म्यूटेशन ढशामिल हैं, जो बच्चे की हलचल और मांसपेशियों के नियंत्रण को प्रभावित करती है। उन्होंने बताया कि मां को रूबेला, ज़ीका वायरस, या अन्य गंभीर संक्रमण होना.
मस्तिष्क का असामान्य विकास गर्भ में बच्चे के मस्तिष्क का सही से विकसित न हो पाना।
जेनेटिक उत्परिवर्तन में बदलाव जो मस्तिष्क विकास को रोकते हैं ।
जन्म के समय दम घुटना या ऑक्सीजन न पहुंचना, गर्भनाल गले में फंसना,डिलीवरी के दौरान मस्तिष्क में चोट लगना आदि कारण हो सकते है। मेनिन्जाइटिस या एन्सेफलाइटिस जैसे गंभीर इन्फेक्शन,शिशु के सिर में आघात, गिरने या दुर्घटना से चोट. मस्तिष्क में रक्त प्रवाह बाधित होना.
मुख्य जोखिम कारण होते है।
समय से पहले पैदा हुए बच्चो का
जन्म के समय वजन 1.5 कि0ग्रा से कम होना.गर्भ मे एक से अधिक बच्चो का होना CP का कारण हो सकता।
डॉक्टर यादव बताती है कि सीपी का कारण हमेशा स्पष्ट नहीं होता और कई मामलों में यह जन्मजात मस्तिष्क विकृतियों से जुड़ा होता है।
जब उनसे पूछा गया की क्या सावधानी बरती जाए कि CP बच्चों का जन्म रोका जा सके। तो उन्होंने बताया कि संस्थागत डिलीवरी ही कराई जाए,गर्भावस्था में बिना चिकित्सक की सलाह के किसी भी दवा का प्रयोग न किया जाए, गर्भावस्था में अगर मां को तेज बुखार आ रहा है साथ ही शरीर में दाने निकले हुए हैं तो तत्काल डॉक्टर की सलाह लेनी चाहिए। जिन माताओ गर्भावस्था के समय थायराइड या शुगर की समस्या होती है, उन्हें सेरेब्रल बच्चे होने की संभावनाएं अधिक होती है।
डॉ आरती यादव रहती हैं कि सेरेब्रल बच्चों को दवाओ से अधिक योगा ,सर्जरी तथा फिजियोथैरेपी की आवश्यकता होती है जिससे तमाम बच्चे चलने,समझने, अपना कार्य स्वयं करने में सक्षम पाए जाते हैं।
ऐसे बच्चों को पारिवारिक, सामाजिक प्यार सम्मान तथा देख-रेख की अत्यधिक आवश्यकता होती है। और अब तो सरकार भी इन बच्चों पर अधिक ध्यान दे रही है, इनके इलाज की समुचित व्यवस्था के साथ ही इन्हें समझ में जोड़ने के लिए कई योजना चल रही है।

Virbhadra महाशिवरात्रि पर वीरभद्र मंदिर में आस्था का सैलाब, प्राचीन मेले का शुभारंभ

Virbhadra Shiv Mandir

वीरभद्र ऋषिकेश शिव मंदिर

*उप्र समाचार सेवा (UPSS)
**दिनांक: 14 फरवरी 2026 | स्थान: वीरभद्र, ऋषिकेश (उत्तराखंड)**

ऋषिकेश स्थित पौराणिक वीरभद्र मंदिर में महाशिवरात्रि के पावन अवसर पर लगने वाले वार्षिक मेले का विधिवत शुभारंभ हो गया। लगभग 1300 वर्ष पुराने इस ऐतिहासिक मंदिर में दूर-दराज़ से श्रद्धालु भगवान शिव के दर्शन और जलाभिषेक के लिए पहुंच रहे हैं, जिससे पूरे क्षेत्र में भक्तिमय वातावरण बना हुआ है।

मेले के दौरान मंदिर परिसर और आसपास के क्षेत्रों में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ देखने को मिल रही है। हर-हर महादेव और बम-बम भोले के जयकारों से गूंजते इस आयोजन में स्थानीय लोगों के साथ-साथ अन्य जनपदों और राज्यों से आए श्रद्धालु भी बड़ी संख्या में भाग ले रहे हैं।

### प्रशासन अलर्ट, एसडीएम ने किया निरीक्षण

मेले की व्यवस्थाओं का जायजा लेने के लिए एसडीएम ऋषिकेश ने मौके पर पहुंचकर सुरक्षा, यातायात, पेयजल, स्वच्छता और चिकित्सा सुविधाओं का निरीक्षण किया। उन्होंने संबंधित विभागों को निर्देश दिए कि श्रद्धालुओं को किसी प्रकार की असुविधा न हो और सभी व्यवस्थाएं सुचारु रूप से संचालित हों।

पुलिस और प्रशासन द्वारा भीड़ प्रबंधन के लिए विशेष इंतजाम किए गए हैं। मंदिर परिसर में बैरिकेडिंग, सीसीटीवी निगरानी, स्वास्थ्य शिविर और खोया-पाया केंद्र स्थापित किए गए हैं, ताकि मेले का आयोजन शांतिपूर्ण और सुरक्षित ढंग से संपन्न हो सके।

### आस्था, संस्कृति और परंपरा का संगम

वीरभद्र मेला न केवल धार्मिक आस्था का प्रतीक है, बल्कि क्षेत्र की सांस्कृतिक विरासत को भी प्रदर्शित करता है। मेले में स्थानीय हस्तशिल्प, पारंपरिक व्यंजन और ग्रामीण बाजार श्रद्धालुओं के आकर्षण का केंद्र बने हुए हैं।

महाशिवरात्रि के अवसर पर आयोजित यह मेला देवभूमि उत्तराखंड की समृद्ध धार्मिक परंपरा और लोक आस्था का जीवंत उदाहरण है, जहां श्रद्धा, संस्कृति और सामाजिक सहभागिता का अनूठा संगम देखने को मिल रहा है।

महाशिवरात्रि की हार्दिक शुभकामनाएं

Posted on 15.02.2026 Sunday Time 09.30 AM Maha Shivaratri 

उत्तर प्रदेश समाचार सेवा और यूपी वेब न्यूज के सभी संवाददाताओं, पाठकों और विज्ञापनदाताओं को महाशिवरात्रि पर्व की हार्दिक शुभकामनाएं 

Sarvesh Kumar Singh Senior Journalist, Lucknow Uttar Pradesh

Sarvesh Kumar Singh
Senior Journalist, Lucknow Uttar Pradesh

सर्वेश कुमार सिंह 

निदेशक/संपादक

ब्रेकिंग बलिया —हत्या में शामिल फरार चला रहे दो बदमाशों और पुलिस के बीच हुई मुठभेड़

  • मुठभेड़ के दौरान दोनों बदमाशों के पैर में लगी गोली।
  • चेकिंग के दौरान बाइक पर दो संदिग्ध वुआक्तियों को पुलिस ने रोकने का किया प्रयास।
  • बाइक सवार व्यक्तियों ने बाइक लेकर भागने का प्रयास के दौरान पुलिस ने घेरा।
  • Posted on: 15.02.2026 Time 09.24 AM

बलिया। बाइक सवार बदमाशों ने अपने को घिरा देख पुलिस और एसओजी पर फायर के दिया। पुलिस की जवाबी फायरिंग में दो बदमाश घायल हो गए।

जवाबी कार्यवाही करते हुए दोनो बदमाश सुंदरम सिंह उर्फ सत्या सिंह संवारा, राज सिंह उर्फ राजा सिंह सावंरा थाना रसड़ा के दाहिने पैर में मारी गोली। वही दो और बाइक सवार बदमाश पुलिस को देख भागने लगे जिसको पुलिस ने दौड़कर पकड़ा। अनुज सिंह निवासी बड़ी पकवल,थाना सराय लखंसी जनपद मऊ, अजय खरवार निवासी चकिया थाना रानीपुर, मऊ बताया जा रहा है।

आरोप है कि संवारा में 14 फरवरी को शराब ठेके के पास एक व्यक्ति को चाकू मारकर हत्या कर दी थी। दोनो घायल बदमाशों का इलाज जिला अस्पताल में चल रहा इलाज। पकड़े गए बदमाशों के पास से एक तमंचा 315 बोर, एक खोखा जिंदा कारतूस 315 बोर, दो जिंदा कारतूस 303 बोर, दो बाइक और हत्या में शामिल एक चाकू को पुलिस ने बरामद किया है।

चरित्र की पूजा होती है चित्र की नहीं: स्वामी

Swami Chinmayanand

#महाविद्यालय में शादी के लिए बच्चे पढ़ाए जाते थे
#चौराहे की भाषा देश की सर्वोच्च संसद में बोली जा रही है
#बोलने की इतनी आजादी मिल गई है कि हम बदतमीज हो गए हैं
#वाइस चांसलर बनने को कहा गया मैंने मना कर दिया
#डॉ आकुल स्मृति सम्मान समारोह में बोले पूर्व गृहराज्यमंत्री स्वामी चिन्मयानंद
#शाहजहांपुर।
#स्वामी शुकदेवानंद विश्वविद्यालय के सभागार में शनिवार की दोपहर सम्मान समारोह आयोजित किया गया। यह समारोह जिले के कीर्तिशेष साहित्यकार डॉ गिरिजानंदन त्रिगुणायत “आकुल” की स्मृति में आयोजित किया गया। परिक्रमा प्रजेंट्स के बैनर तले आयोजित समारोह में चार विशिष्ट जनों को “आकुल सम्मान” प्रदान किया गया।
#मुख्य अतिथि स्वामी चिन्मयानंद सरस्वती ने रंगकर्म से वरिष्ठ रंगकर्मी मनोज मंजुल, कानूनविद ब्रजेश पांडे एडवोकेट, सीए जीसी वर्मा और समाजसेवा से लायन संजय चोपड़ा को अंगवस्त्र, प्रशस्ति पत्र और स्मृति चिन्ह प्रदान किए। इस मौके पर स्वामी चिन्मयानंद ने विस्तृत भाषण में चित्र और चरित्र पर खुलकर बात की। कहा, यह देश उसी चित्र की पूजा करता है, जिसका कोई चरित्र होता है। राम सबके लिए थे, इसलिए उनको पूजा जाता है। इतिहास के पन्नों में स्वर्णिम अक्षर में नाम लिखा जाए, ऐसा कुछ काम किया जाना चाहिए, चिता में चित्र ही जले और चरित्र अमर हो जाए। ऐसा जीवन जिया जाना चाहिए।

#अधिष्ठाता ने व्यंग्यात्मक लहज़े में कहा, पहले इस महाविद्यालय में शादी कराने के लिए बच्चे पढ़ाए जाते थे। सात कमरे, पौने तीन सौ विद्यार्थी से शुरू हुआ सफ़र अब विश्विद्यालय तक पहुंच गया है। अधिकतर लोग अपने और परिवार के लिए ही जिया करते हैं। याद वह किए जाते हैं, जो समाज और देश को कुछ दे जाते हैं।

#उन्होंने कहा, गुलज़ारी लाल नंदा, स्वामी शुकदेवानंद शाहजहांपुर में पैदा नहीं हुए, लेकिन उन्होंने जो समाज की सेवा की है। वह अनुकरणीय है। इन्होंने अपने लिए कुछ अर्जित नहीं किया। तभी इनको आज भी याद किया जाता है। दधीचि की हड्डी की तरह शुकदेवानंद ने सभी कुछ दिया। 1964 में गुलज़ारी लाल नंदा ने कहा था कि स्वामी शुकदेवानंद ने जो पौधा लगाया है, वह प्रयागराज के वट वृक्ष की तरह फलीभूत होगा। वह आज परिलक्षित है। कोई कुछ दे सकता है, पर शिक्षा से ज़्यादा कुछ नहीं दे सकता। उन्होंने बताया, उनसे कहा गया वाइस चाइंसलर बनिए…मना कर दिया। उन्हें खुशी है कि शाहजहांपुर जब तक रहेगा स्वामी शुकदेवानंद विश्वविद्यालय का नाम रहेगा।

#केंद्रीय गृह राज्यमंत्री रहे स्वामी चिन्मयानंद ने संसद में हो रही बहस पर अपनी पीड़ा व्यक्त की। कहा, देश की सर्वोच्च संसद में क्या हो रहा है ? ये छिपा नहीं है। कौन से जनहित के मुद्दे पर बात हो रही है ? कहने का अधिकार इतना मिल गया है कि हम बदतमीज बन गए हैं। देश के मुखिया को चोर, चांडाल भी कह रहे हैं। चौराहे की भाषा संसद में बोली जा रही है। शब्द का अपना महत्व है। अच्छे शब्दों में भी आलोचना की जा सकती है। उन्होंने पूर्व प्रधानमंत्री राव का एक संस्मरण भी सुनाया। जिसमें उन्होंने संसद में दिए 90 मिनट के भाषण का जिक्र किया।

#वह बोले, उनके लिए सौभाग्य की बात है जो आकुल जी जैसे साहित्यकार के बारे में अकिंचन संन्यासी को बोलने का मौका मिला। उन्होंने ये भी कहा, संन्यासी 70 फीसदी भगोड़े होते हैं। लेकिन एक संन्यासी ही देश, समाज के लिए जीता है। तभी प्रधानमंत्री मोदी को कहना पड़ा, योगी बड़ा उपयोगी। दूसरों के दिल के दर्पण में आपकी योग्यता दिखनी चाहिए। भाषण के दौरान बातचीत करने पर उन्होंने टिप्पणी की, छात्रों का मुंह बंद किया जा सकता है, शिक्षकों का नहीं। यहां सब शिक्षक बैठे हैं।

#उन्होंने भावुक होकर कहा। शरीर की आयु निश्चित है। जो रक्तदान किया जाता है, वह व्यक्ति के मरने तक प्रवाहित रहता है। जीवनकाल में जो अर्जित किया वह ही स्मरणीय होता है। यहां से पढ़ने वाले देश समाज के लिए योगदान दे सकें, ऐसा कार्य करना चाहिए। शहीदों के सपने को साकार करने का मौका मिला है। आने वाली पीढ़ी के लिए यह बहुत सार्थक रहेगा।

#डॉ सुरेश मिश्रा ने डॉ आकुल के बारे में विस्तार से प्रकाश डाला। सम्मानित श्री मंजुल ने इस पुरस्कार का श्रेय अपने कलाकारों को दिया। लायन संजय चोपड़ा ने संस्था की ओर से कराए जा रहे रक्तदान अभियान के बारे में बताया। एडवोकेट बृजेश पांडे ने विस्तृत भाषण अपने परिवार के बारे में दिया।

#इससे पहले डॉ कविता भटनागर, डॉ प्रतिभा सक्सेना ने स्वागत गीत प्रस्तुत किया। कवयित्री सुमन पाठक ने सरस्वती वंदना का पाठ किया। मनोज मिश्रा एडवोकेट और राजेश मिश्रा ने डॉ आकुल के गीत प्रस्तुत किए। समाजसेवी राजू बग्गा, पत्रकार रागिनी श्रीवास्तव, पूनम पांडे, सोनी राजवंशी, गर्ग, डॉ दीप्ति भटनागर ने सांस्कृतिक कार्यक्रम पेश करने वाली छात्रा मोहिनी, खुशी, दिव्यांशी, हिमांशी, राखी को पुरस्कृत किया। संचालन डॉ अनुराग अग्रवाल ने किया। आभार वरिष्ठ पत्रकार ओंकार मनीषी ने व्यक्त किया।

#वृत्तचित्र ” लास्ट कॉल” का हुआ शो
परिक्रमा प्रजेंट्स के निर्देशक प्रमोद प्रमिल निर्देशित सड़क हादसे पर आधारित वृत्तचित्र लास्ट कॉल का शो हुआ। इसके निर्माता इंस्पेक्टर विनय पांडे, कलाकार डॉ पुनीत मनीषी, विकास पांडे, अनूप धवन को पुरस्कृत किया गया।

#ये लोग थे मौजूद
समाजसेवी रमेश भैया, डॉ अवनीश मिश्रा, ओंकार मनीषी, डॉ प्रभात शुक्ला, जेएस ओझा, पत्रकार कुलदीप दीपक, डॉ राजीव सिंह भारत, डॉ विकास खुराना, राकेश अग्रवाल, मुरारी लाल, कमल गुप्ता, प्रमोद अग्रवाल, ऐश्वर्य अवस्थी, जीतू शर्मा, मनोरमा त्रिगुणायत, प्रतीक त्रिगुणायत, प्रसून गुप्ता, प्रदीप बेदार, रऊफ खान, सुशील विचित्र, सुहेल संन्यासी, नरेंद्र सक्सेना, चित्रकार कमर, नक़ीबुद्दीन खान, राकेश पांडे, डॉ आलोक पांडे, रामेंद्र मिश्रा एडवोकेट, अनिल गुप्ता, भूपेंद्र सिंह होरा डिंपल, पत्रकार अजय अवस्थी, इरफान ह्यूमन, पूनम पांडे, पवन सिंह आदि मौजूद रहे।

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