Web News

www.upwebnews.com

रारह गांव में परंपरागत हुरंगे का आयोजन, छड़ी मार होली में उमड़ा उत्साह

March 7, 2026

रारह गांव में परंपरागत हुरंगे का आयोजन, छड़ी मार होली में उमड़ा उत्साह

मथुरा। मथुरा – भरतपुर बॉर्डर के पास स्थित ग्राम रारह में परंपरागत हुरंगे का भव्य आयोजन किया गया। वर्षों से चली आ रही इस परंपरा के अनुसार होली के अंतिम दिनों में गांव में जोरदार हुरंगे का आयोजन किया जाता है, जिसमें ग्रामीण बड़ी संख्या में भाग लेते हैं।
कार्यक्रम के दौरान विशेष छड़ी मार होली का आयोजन किया गया, जिसमें महिलाओं और पुरुषों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। परंपरा के अनुसार महिलाएं रंग और प्रेम का प्रतीक मानकर छड़ी के रूप में पुरुषों पर हल्की प्रहार करती हैं, जो आपसी प्रेम, सौहार्द और रंगोत्सव का संदेश देता है। इस अनोखी परंपरा को देखने के लिए आसपास के क्षेत्रों से भी लोग बड़ी संख्या में पहुंचे।
ग्रामीणों का कहना है कि रारह गांव में यह परंपरा वर्षों से चली आ रही है और हर वर्ष हजारों की संख्या में लोग इसमें भाग लेकर होली के उत्सव को खास बनाते हैं।
कार्यक्रम का आयोजन रारह गांव की पंचायत द्वारा किया गया। इस अवसर पर खिलना कुंतल, घनश्याम कुंतल, कुलदीप कुंतल, घुरे कुंतल, ऋतिक कुंतल, ऋषि कुंतल, दिनेश कुंतल सहित अनेक ग्रामीण मौजूद रहे।

चौमुहां में भव्य हुरंगे का आयोजन, हुरियारिनों को साड़ी देकर किया सम्मानित

समाजसेवी पूरन सिसौदिया के प्रयास से जीवंत हुई ब्रज की परंपरा
मथुरा(चौमुहां)। कस्बे के भरतिया रोड स्थित सरकारी गौशाला के समीप ब्रज की सांस्कृतिक परंपरा के अनुरूप भव्य हुरंगे का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का आयोजन भाजपा नेता एवं समाजसेवी बिहारीलाल उर्फ पूरन सिसौदिया द्वारा किया गया, जो पिछले कई वर्षों से अपनी निजी निधि से इस परंपरा को जीवंत बनाए हुए हैं।
कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में कैबिनेट मंत्री प्रतिनिधि नरदेव चौधरी उपस्थित रहे। हुरंगे के दौरान ब्रज की पारंपरिक होली और लोक संस्कृति का अद्भुत संगम देखने को मिला, जहां हुरियारों और हुरियारिनों के बीच हंसी-ठिठोली और उमंग की बौछारों से माहौल सराबोर हो गया।
आयोजन के अंत में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाली विजेता हुरियारिनों को पुरस्कार देकर सम्मानित किया गया। साथ ही आयोजन की गरिमा बढ़ाते हुए प्रत्येक प्रतिभागी हुरियारिन को एक-एक साड़ी भेंट कर सम्मानित किया गया।
इस अवसर पर मुख्य अतिथि नरदेव चौधरी ने कहा कि ब्रज की होली और हुरंगा केवल उत्सव नहीं बल्कि हमारी गौरवशाली सांस्कृतिक विरासत है। उन्होंने कहा कि पूरन सिसौदिया जैसे समाजसेवी अपनी मेहनत और संसाधनों से इन परंपराओं को संजोए हुए हैं, जो अत्यंत सराहनीय है।
आयोजक समाजसेवी व भाजपा नेता बिहारीलाल उर्फ पूरन सिसौदिया ने कहा कि ब्रज संस्कृति की सेवा करना उनके लिए सौभाग्य की बात है। उन्होंने कहा कि हुरंगा ब्रज की ऐसी लोक परंपरा है जो ऊंच-नीच के भेदभाव को मिटाकर सभी को प्रेम के सूत्र में बांधती है।
इस अवसर पर क्षेत्र के गणमान्य नागरिकों एवं बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं की उपस्थिति रही। कार्यक्रम देर शाम तक उत्साह और उल्लास के साथ चलता रहा।
इस मौके पर सतीश शर्मा, गुड्डू पहलवान, द्वारिकाधीश यादव, पूर्व चेयरमैन ओंकार सिंह, पवन, संजय सिंह, नेत्रपाल, कुलदीप, गिर्राज नेता, रवींद्र सिंह, देवेंद्र पहलवान, मानसिंह आदि मौजूद रहे।

दायित्व का निर्वाह करें जन सूचना अधिकारी : राज्य सूचना आयुक्त

( संजीव गुप्त द्वारा )
शाहजहांपुर। राज्य सूचना आयुक्त डॉ दिलीप अग्निहोत्री ने कहा कि शाहजहांपुर विकास की राह पर निरंतर प्रगति कर रहा है। जन सूचना अधिकारियों को इसमें अपने दायित्व का गम्भीरता के साथ निर्वाह करना चाहिए। उन्हें निर्धारित अवधि में आवेदनों का जवाब प्रेषित करना चाहिए। राज्य सूचना आयुक्त ने कहा कि महान स्वतंत्रता संग्राम सेनानी को यहां अच्छे अर्थों में सम्मान मिला। वर्तमान प्रदेश सरकार ने उनके नाम पर जिले को मेडिकल कॉलेज का उपहार दिया है। मेडिकल कॉलेज का इन्फ्रास्ट्रक्चर और सुविधाएं विश्वस्तरीय हैं। एक जिला एक उत्पाद के साथ ही एक जिला एक मेडिकल कॉलेज योजना यहां चरितार्थ हो रही है। सीमेंट कंपनी समेत कई औद्योगिक कारखाने हैं। जरी-जरदोजी का जो हस्तशिल्प दम तोड़ने के कगार पर पहुंच चुका था, उसे अंतरराष्ट्रीय पहचान मिल रही है। गंगा एक्सप्रेस वे से इस जनपद को व्यापक लाभ मिलेगा। औद्योगिक गलियारा का निर्माण प्रगति पर है।

अन्तर्राष्ट्रीय महिला दिवस के अवसर पर न्यायालय परिसर में सम्मान समारोह आयोजित

Hari Om Gupta

गाजियाबाद 7 मार्च। अन्तर्राष्ट्रीय महिला दिवस के अवसर पर जनपद न्यायालय परिसर में मा0 जनपद न्यायाधीश श्री विनोद सिंह रावत की अध्यक्षता व जिलाधिकारी श्री रविन्द्र कुमार मॉंदड़, सीडीओ श्री अभिनव गोपाल सहित अन्य गणमान्य अतिथियों की गरिमामयी उपस्थिति में महिला सम्मान समारोह कार्यक्रम आयोजित किया गया। मा0अति​थिगणों को पौधा भेंट कर स्वागत किया गया। मा0 जनपद न्यायाधीश श्री विनोद सिंह रावत सहित अन्य गणमान्य अतिथियों ने दीप प्रज्जवलित कर कार्यक्रम का शुभारम्भ किया। कार्यक्रम के दौरान प्रदर्शनी एवं विभागों द्वारा स्टॉल भी लगाये गये, जिसका अतिथिगणों द्वारा अवलोकन किया गया। इसमें आगुन्तकों को सरकार द्वारा संचालित योजनाओं की जानकारी उपलब्ध कराई गयी और आवेदन भी कराये गये। कार्यक्रम में सैकड़ों की संख्या में गणमान्य उपस्थित रहे।

नारी शक्ति: समानता, सम्मान और स्वावलंबन से सशक्त राष्ट्र का आधार

फिरोजाबाद। राज्य महिला आयोग की सदस्या रेनू गौड़ ने कहा कि 8 मार्च को विश्व भर में अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस के रूप में मनाया जाता है। यह दिवस केवल उत्सव का अवसर नहीं, बल्कि समाज में महिलाओं के योगदान, अधिकारों, सम्मान और उनके सशक्तिकरण के संकल्प को पुनः स्मरण करने का महत्वपूर्ण अवसर है।

भारतीय संस्कृति में नारी को सदैव शक्ति, करुणा और सृजन का प्रतीक माना गया है। वह परिवार की आधारशिला होने के साथ-साथ समाज और राष्ट्र के निर्माण में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है। एक माँ के रूप में वह पीढ़ियों को संस्कार देती है, एक शिक्षिका के रूप में ज्ञान का प्रकाश फैलाती है और एक कर्मशील नागरिक के रूप में राष्ट्र के विकास में अपना अमूल्य योगदान देती है।

आज के परिवर्तित समय में महिलाएँ शिक्षा, विज्ञान, प्रशासन, राजनीति, खेल, उद्यमिता और सामाजिक सेवा जैसे प्रत्येक क्षेत्र में अपनी प्रतिभा का परिचय दे रही हैं। यह परिवर्तन केवल महिलाओं की प्रगति नहीं, बल्कि पूरे समाज के विकास का प्रतीक है। जब महिलाएँ सशक्त होती हैं, तब परिवार सशक्त होता है और जब परिवार सशक्त होता है, तब राष्ट्र प्रगति के मार्ग पर अग्रसर होता है।

फिर भी हमें यह स्वीकार करना होगा कि समाज के कुछ हिस्सों में अभी भी महिलाओं को समान अवसर, सुरक्षा और सम्मान प्राप्त करने के लिए संघर्ष करना पड़ता है। बाल विवाह, लैंगिक भेदभाव, शिक्षा से वंचित होना तथा आर्थिक निर्भरता जैसी चुनौतियाँ आज भी अनेक महिलाओं के सामने उपस्थित हैं। इन चुनौतियों का समाधान केवल कानूनों से ही नहीं, बल्कि समाज की सामूहिक सोच और संवेदनशीलता से संभव है।

महिला सशक्तिकरण का वास्तविक अर्थ केवल अधिकार प्रदान करना नहीं, बल्कि महिलाओं को शिक्षा, आत्मनिर्भरता और निर्णय लेने की क्षमता से सशक्त बनाना है। जब समाज महिलाओं को समान अवसर, सम्मान और सुरक्षा प्रदान करता है, तब वे अपनी क्षमता का पूर्ण विकास कर राष्ट्र निर्माण में और अधिक प्रभावी भूमिका निभाती हैं।

इस अवसर पर हम सभी का दायित्व है कि हम नारी सम्मान, सुरक्षा और स्वावलंबन को सुनिश्चित करने के लिए संकल्पित हों। परिवार, समाज और शासन—तीनों स्तरों पर समन्वित प्रयासों से ही एक ऐसा वातावरण निर्मित किया जा सकता है, जहाँ प्रत्येक महिला निर्भीक, आत्मविश्वासी और स्वाभिमानी जीवन जी सके।

अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस हमें यह स्मरण कराता है कि *नारी केवल समाज का एक अंग नहीं, बल्कि उसकी सबसे सशक्त प्रेरणा है।* आइए, इस अवसर पर हम सभी मिलकर ऐसा समाज बनाने का संकल्प लें, जहाँ प्रत्येक महिला को समान अवसर, सम्मान और सुरक्षा प्राप्त हो तथा वह अपने सपनों को साकार कर सके।

*नारी का सम्मान ही राष्ट्र का सम्मान है।*

« Newer PostsOlder Posts »