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ऋषि दयानंद सरस्वती एयरपोर्ट जेवर नामकरण का आग्रह

March 8, 2026

ऋषि दयानंद सरस्वती एयरपोर्ट जेवर नामकरण का आग्रह

एटा 08 मार्च उप्रससे। जनपद में जवाहरलाल नेहरू महाविद्यालय के पूर्व हिंदी विभागाध्यक्ष एवं साहित्यकार डाॅ० राकेश सक्सेना ने उत्तर प्रदेश व केन्द्र सरकार से यमुना एक्सप्रेस वे गौतमबुद्धनगर जेवर में बन रहे अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डे का नाम ऋषि दयानंद सरस्वती एयरपोर्ट, जेवर रखने का विनम्र आग्रह किया है। उन्होंने नामकरण की सार्थकता पर तर्क प्रस्तुत करते हुए कहा कि स्वामी दयानंद सरस्वती ने वैदिक ज्ञान की पुनर्स्थापना के प्रयास में अनेक विषयों पर विचार व्यक्त किए जिनमें विमान विद्या का उल्लेख भी मिलता है। उनकी मान्यता थी कि वैदिक साहित्य केवल आध्यात्मिक ही नहीं अपितु उसमें विज्ञान और तकनीक से जुड़े अनेक संकेत भी समाहित हैं।
डाॅ० राकेश ने कहा कि स्वामी दयानंद सरस्वती ने अपने ग्रंथ ऋग्वेदादिभाष्य भूमिका एवं सत्यार्थ प्रकाश में यह विचार व्यक्त किया था कि वेदों में वर्णित विमान केवल कल्पना नहीं, उन्नत यांत्रिक साधनों का संकेत है। उनका मत था कि प्राचीन ऋषियों के पास प्रकृति और यांत्रिकी का गहरा ज्ञान था। आकाशयान की कल्पना केवल वैदिक साहित्य तक ही सीमित नहीं है बल्कि पुराणों और महाकाव्यों में भी इसका उल्लेख मिलता है। राम और रावण द्वारा पुष्पक विमान उपयोग किए जाने की कथा सर्वविदित है। इसी संदर्भ में डाॅ० सक्सेना ने विनम्र आग्रह करते हुए प्रदेश व केन्द्र सरकार से विमान विद्या सम्बन्धी अवधारणा को जन-जन तक पहुँचाने वाले ऋषि दयानंद सरस्वती के नाम पर जेवर हवाई अड्डे का नामकरण रखने हेतु अपील की है।

दिशा समिति की बैठक में विकास योजनाओं की समीक्षा, गुणवत्ता पर सख्त हुए केंद्रीय वित्त राज्य मंत्री कमलेश पासवान

Santosh Kumar Singh
Gorakhpur
08/03/2029

*5 वर्ष के भीतर टूटी सड़कों की मरम्मत न कराने वाली कार्यदायी संस्थाओं को ब्लैकलिस्ट करने के निर्देश*

 

गोरखपुर। जिले में संचालित केंद्र सरकार की विभिन्न विकास योजनाओं की प्रगति की समीक्षा के लिए रविवार को एनेक्सी सभागार में जिला विकास समन्वय एवं निगरानी समिति (दिशा) की बैठक आयोजित की गई। बैठक की अध्यक्षता बांसगांव सांसद एवं केंद्रीय वित्त राज्य मंत्री कमलेश पासवान ने की। बैठक में जिले में चल रही प्रधानमंत्री आवास योजना, प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना, जल जीवन मिशन सहित अन्य योजनाओं की विस्तृत समीक्षा की गई और अधिकारियों को योजनाओं को समयबद्ध और पारदर्शी तरीके से पूरा करने के निर्देश दिए गए।
बैठक के दौरान प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के अंतर्गत बनी सड़कों के समय से पहले क्षतिग्रस्त होने का मुद्दा प्रमुखता से उठाया गया। इस पर सांसद कमलेश पासवान ने नाराजगी जाहिर करते हुए संबंधित अधिकारियों और कार्यदायी संस्थाओं को सख्त निर्देश दिए। उन्होंने स्पष्ट कहा कि प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के अंतर्गत बनने वाली सड़कों की गुणवत्ता से किसी प्रकार का समझौता बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। यदि कोई सड़क निर्माण के पांच वर्ष के भीतर ही टूट जाती है तो उसकी मरम्मत संबंधित कार्यदायी संस्था द्वारा ही कराई जानी चाहिए।
सांसद ने कहा कि सड़क निर्माण में लापरवाही या घटिया सामग्री के उपयोग की शिकायतें लगातार मिल रही हैं, जो गंभीर चिंता का विषय है। उन्होंने अधिकारियों से कहा कि ऐसे मामलों में जिम्मेदार कार्यदायी संस्थाओं के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाए। उन्होंने निर्देश दिया कि यदि कोई संस्था पांच वर्ष की अवधि के भीतर खराब हुई सड़क की मरम्मत कराने में लापरवाही बरतती है तो उसे ब्लैकलिस्ट किया जाए और उसके खिलाफ नियमानुसार कठोर कार्रवाई की जाए।
बैठक में सांसद कमलेश पासवान ने कहा कि केंद्र सरकार की योजनाओं का उद्देश्य अंतिम पंक्ति में खड़े व्यक्ति तक विकास का लाभ पहुंचाना है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देशभर में विकास कार्य तेजी से हो रहे हैं और गांवों को बेहतर सड़क, आवास, पेयजल और अन्य बुनियादी सुविधाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं। ऐसे में योजनाओं के क्रियान्वयन में किसी भी प्रकार की लापरवाही या भ्रष्टाचार स्वीकार नहीं किया जाएगा।
उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि सभी विकास योजनाओं की नियमित निगरानी की जाए और जनता से मिलने वाली शिकायतों का त्वरित समाधान सुनिश्चित किया जाए। साथ ही उन्होंने कहा कि योजनाओं के क्रियान्वयन में पारदर्शिता बनाए रखते हुए लाभार्थियों को समय पर लाभ पहुंचाना प्रशासन की प्राथमिक जिम्मेदारी है।
बैठक के दौरान प्रधानमंत्री आवास योजना की भी समीक्षा की गई। सांसद ने अधिकारियों से कहा कि जिन पात्र परिवारों को अभी तक योजना का लाभ नहीं मिल पाया है, उन्हें चिन्हित कर शीघ्र लाभान्वित किया जाए। उन्होंने यह भी कहा कि आवास निर्माण की गुणवत्ता और समय सीमा का विशेष ध्यान रखा जाए ताकि लाभार्थियों को किसी प्रकार की परेशानी न हो।
इसके अलावा जल जीवन मिशन के तहत गांवों में घर-घर नल से जल पहुंचाने की योजना की प्रगति की भी समीक्षा की गई। सांसद ने कहा कि स्वच्छ पेयजल उपलब्ध कराना सरकार की प्राथमिकताओं में शामिल है और इस योजना को पूरी गंभीरता के साथ लागू किया जाए। उन्होंने अधिकारियों से कहा कि जिन क्षेत्रों में अभी तक योजना का कार्य अधूरा है, वहां तेजी से काम कराते हुए निर्धारित समय सीमा के भीतर पूरा किया जाए।
बैठक में जिलाधिकारी दीपक मीणा ने जिले में संचालित विभिन्न योजनाओं की प्रगति के बारे में विस्तृत जानकारी दी। उन्होंने बताया कि जिले में केंद्र और राज्य सरकार की योजनाओं को प्रभावी ढंग से लागू किया जा रहा है और अधिक से अधिक पात्र लोगों को इन योजनाओं का लाभ दिलाने का प्रयास किया जा रहा है। जिलाधिकारी ने आश्वस्त किया कि बैठक में दिए गए सभी निर्देशों का गंभीरता से पालन कराया जाएगा।
महापौर डॉ. मंगलेश श्रीवास्तव ने भी बैठक में नगर क्षेत्र से जुड़ी समस्याओं और विकास कार्यों पर अपने सुझाव रखे। उन्होंने शहर में सड़कों की गुणवत्ता और अन्य बुनियादी सुविधाओं को बेहतर बनाने के लिए संबंधित विभागों से समन्वय बनाकर काम करने की आवश्यकता पर जोर दिया।
बैठक में विधायक सरवन निषाद, विधायक राजेश त्रिपाठी, विधायक डॉ. महेंद्र पाल सिंह और विधायक प्रदीप शुक्ला ने भी अपने-अपने क्षेत्रों से संबंधित समस्याओं और विकास कार्यों को लेकर सुझाव दिए। जनप्रतिनिधियों ने कई स्थानों पर सड़क, पेयजल और अन्य योजनाओं से संबंधित समस्याओं की जानकारी देते हुए उनके समाधान की मांग की।
सांसद कमलेश पासवान ने अधिकारियों से कहा कि जनप्रतिनिधियों द्वारा उठाए गए मुद्दों को गंभीरता से लिया जाए और प्राथमिकता के आधार पर उनका समाधान सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने कहा कि विकास योजनाओं का लाभ तभी सार्थक होगा जब आम जनता को उसका वास्तविक लाभ मिले।
बैठक के अंत में सांसद ने सभी विभागीय अधिकारियों को निर्देश दिया कि वे योजनाओं के क्रियान्वयन में पूरी पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित करें। साथ ही उन्होंने कहा कि विकास कार्यों की गुणवत्ता पर विशेष ध्यान दिया जाए ताकि जनता को बेहतर सुविधाएं मिल सकें।
इस अवसर पर जिलाधिकारी दीपक मीणा, महापौर डॉ. मंगलेश श्रीवास्तव, विधायक सरवन निषाद, विधायक राजेश त्रिपाठी, विधायक डॉ. महेंद्र पाल सिंह, विधायक प्रदीप शुक्ला सहित विभिन्न विभागों के जिला स्तरीय अधिकारी और संबंधित कार्यदायी संस्थाओं के प्रतिनिधि मौजूद रहे। बैठक में जिले के विकास कार्यों को गति देने और योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन को लेकर कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए।

अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस पर जिला कारागार में लगा निःशुल्क दंत चिकित्सा शिविर

Santosh Kumar Singh
Gorakhpur
08/03/2026

*गोरखपुर।* अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस के अवसर पर इंडियन डेंटल एसोसिएशन की टीम द्वारा जिला कारागार गोरखपुर में निरुद्ध महिला बंदियों के लिए एक वृहद निःशुल्क स्वास्थ्य एवं दंत चिकित्सा शिविर का सफलतापूर्वक आयोजन किया गया।

शिविर में जेल में निरुद्ध महिला बंदियों एवं उनके साथ रह रहे बच्चों के दांतों की स्वास्थ्य जांच की गई तथा आवश्यक उपचार के साथ उन्हें दवाइयां और हाइजीन किट भी उपलब्ध कराई गई। शिविर में इंडियन डेंटल एसोसिएशन की टीम ने अपनी सेवाएं देते हुए बंदियों के दांतों का सूक्ष्म परीक्षण किया। इस दौरान डॉ. प्रियंका वर्मा, डॉ. अंकिता श्रीवास्तव, डॉ. मीनाक्षी राय, डॉ. शालिनी शर्मा और डॉ. गरिमा श्रीवास्तव सहित महिला चिकित्सकों की टीम मौजूद रही।

परीक्षण के दौरान जिन महिला बंदियों में पायरिया, कैविटी व अन्य संक्रमण पाए गए, उन्हें मौके पर ही उपचार दिया गया।
इस टीम में डॉ. प्रीति अग्रवाल, डॉ. शिप्रा सिंह, डॉ. मनमीत आनंद, डॉ. शिल्पा सिंह, डॉ. शिवांगी श्रीवास्तव, डॉ. पल्लवी तिवारी एवं डॉ. एच.एन. शर्मा भी सक्रिय रूप से शामिल रहे।
चिकित्सकों ने महिला बंदियों को दांतों की साफ-सफाई के प्रति जागरूक करते हुए बताया कि दांतों की स्वच्छता न केवल चेहरे की सुंदरता बल्कि पूरे शरीर के स्वास्थ्य के लिए भी आवश्यक है। उन्होंने दिन में दो बार ब्रश करने और तंबाकू उत्पादों से दूर रहने की सलाह दी।

जेल अधीक्षक दिलीप कुमार पाण्डेय ने इंडियन डेंटल एसोसिएशन की इस पहल की सराहना करते हुए कहा कि जेल में निरुद्ध बंदियों के लिए समय-समय पर ऐसे स्वास्थ्य शिविरों का आयोजन बेहद जरूरी है, ताकि उन्हें जेल परिसर में ही विशेषज्ञ डॉक्टरों की सेवाएं मिल सकें। उन्होंने इस सराहनीय कार्य के लिए पूरी टीम का आभार भी व्यक्त किया।

इस अवसर पर जेल अधीक्षक दिलीप कुमार पाण्डेय, जेलर अरुण कुमार कुशवाहा, उप जेलर विजय कुमार, श्रीमती कृष्णा कुमारी, श्रीमती अनीता श्रीवास्तव, वरिष्ठ परामर्शदाता डॉ. विनय कुमार, फार्मासिस्ट शेष कुमार शर्मा सहित अन्य कारागार कर्मी उपस्थित

बाढ़ समस्या के स्थायी समाधान हेतु ‘हाइड्रोडायनामिक प्रवाह मॉडलिंग’ का सहारा लेगा प्रशासन

शाहजहाँपुर में गर्रा एवं खन्नौत नदियां
( संजीव गुप्त द्वारा )
राष्ट्रीय जल विज्ञान संस्थान (NIH), रुड़की के वैज्ञानिकों ने जिलाधिकारी के साथ की बैठक; बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों का शुरू हुआ 02 दिवसीय स्थलीय निरीक्षण।

शाहजहाँपुर 06 मार्च। जनपद के शहरी क्षेत्र में गर्रा एवं खन्नौत नदियों से आने वाली बाढ़ की विभीषिका को नियंत्रित करने और भविष्य की योजनाओं के लिए सटीक वैज्ञानिक डेटा तैयार करने हेतु जिला प्रशासन ने बड़ी पहल की है। जिलाधिकारी धर्मेंद्र प्रताप की अध्यक्षता में कैंप कार्यालय में राष्ट्रीय जल विज्ञान संस्थान (NIH), रुड़की के विषय विशेषज्ञ वैज्ञानिकों के साथ एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई।

बैठक में NIH रुड़की से आए वरिष्ठ वैज्ञानिक डॉ. एल. एन. ठकुराल एवं डॉ. पी. सी. नायक द्वारा एक विस्तृत प्रस्तुतीकरण (Presentation) दिया गया। वैज्ञानिकों ने बताया कि: शहरी क्षेत्र में हाइड्रोडायनामिक प्रवाह मॉडलिंग (Hydrodynamic Flow Modeling) के माध्यम से नदियों के जल स्तर, प्रवाह की गति और जल भराव वाले क्षेत्रों का सटीक मानचित्रण किया जाएगा।
डॉ. ठकुराल ने हरिद्वार में की गई सफल केस स्टडी का उदाहरण देते हुए बताया कि किस प्रकार वैज्ञानिक मॉडलिंग से वहाँ बाढ़ प्रबंधन में व्यापक सुधार हुआ है। इसी तर्ज पर शाहजहाँपुर की बाढ़ की समस्या का विश्लेषण कर समाधान निकाला जाएगा।
जिलाधिकारी के निर्देश दिए कि वर्ष 2024 की बाढ़ के कारणों पर विशेष फोकस रहे।
जिलाधिकारी ने बैठक में वैज्ञानिकों और विभागीय अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि: बदले हुए पैटर्न का अध्ययन: वर्ष 2024 से पहले स्थिति सामान्य थी, लेकिन 2024 के बाद बाढ़ की प्रवृत्ति में आए बदलावों का गहन अध्ययन किया जाए।

क्षेत्र विस्तार: अध्ययन का दायरा केवल शहर तक सीमित न रहकर जनपद पीलीभीत के दियूनी डैम से लेकर शाहजहाँपुर के अंतिम छोर तक रखा जाए, ताकि पानी के डिस्चार्ज और रास्ते का सटीक आकलन हो सके।

नदी का सुदृढ़ीकरण: वैज्ञानिक यह भी जांचें कि क्या नदियों में चैनल इक्विपमेंट लगाने या ड्रेजिंग (नदी की खुदाई/सफाई) की तत्काल आवश्यकता है।

विभागीय समन्वय और तत्काल कार्रवाई
सिंचाई विभाग: जिलाधिकारी ने सिंचाई विभाग को निर्देशित किया कि हाइड्रोडायनामिक मॉडलिंग के लिए आवश्यक समस्त तकनीकी डेटा वैज्ञानिकों को तत्काल उपलब्ध कराया जाए।

नगर निगम: काशीराम कॉलोनी और मनफूल कॉलोनी के नालों पर बाढ़ आने से पूर्व गेट (Sluice Gates) लगवाने के निर्देश दिए गए, ताकि नदियों का बढ़ा हुआ पानी बस्तियों में वापस (Backflow) न आ सके।

विकास प्राधिकरण: शाहजहाँपुर विकास प्राधिकरण (SDA) के पुराने मास्टर प्लान का भी अध्ययन करने को कहा गया ताकि शहरी ड्रेनेज और निर्माण कार्यों का तालमेल बिठाया जा सके।

02 दिवसीय स्थलीय निरीक्षण
NIH रुड़की के वैज्ञानिकों की यह टीम 06 से 07 मार्च तक जनपद के विभिन्न बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों का स्थलीय निरीक्षण करेगी। इस दौरान वे नदियों के तटबंधों, शहरी ड्रेनेज आउटलेट्स और संवेदनशील इलाकों का जायजा लेंगे।

बैठक में उपस्थिति:
बैठक में मुख्य विकास अधिकारी (CDO), नगर आयुक्त, अपर जिलाधिकारी (वित्त एवं राजस्व), बरेली से आए सीनियर हाइड्रोलॉजिस्ट, NIH रुड़की के वैज्ञानिकगण एवं सिंचाई व राजस्व विभाग के अन्य संबंधित अधिकारी उपस्थित रहे।
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कार्यशील पूंजी ने छुआ 1000 करोड़ का ऐतिहासिक आंकड़ा: जितिन प्रसाद

जिला सहकारी बैंक शाहजहांपुर की 87वीं वार्षिक बैठक संपन्न,
शाहजहांपुर।( संजीव गुप्त की रिपोर्ट ), 07 मार्च 26,
जिला सहकारी बैंक लिमिटेड, शाहजहांपुर की 87वीं वार्षिक सामान्य निकाय बैठक शनिवार को पूरे हर्षोल्लास के साथ संपन्न हुई। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में पहुंचे भारत सरकार के राज्यमंत्री श्री जितिन प्रसाद ने बैंक की शानदार वित्तीय उपलब्धियों की सराहना करते हुए किसानों से कृषि में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) जैसी आधुनिक तकनीक अपनाने का आह्वान किया। उन्होंने प्रधानमंत्री और सहकारिता मंत्री के ‘सहकार से समृद्धि’ विजन को रेखांकित करते हुए कहा कि केंद्र और प्रदेश की डबल इंजन सरकार सहकारिता आंदोलन को पारदर्शी, जवाबदेह और जीवित बनाने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है।
बैंक के 87 वर्षों के लंबे और सफल सफर को जनता के प्रति अटूट निष्ठा का प्रमाण बताते हुए श्री प्रसाद ने वित्तीय वर्ष 2024-25 के शानदार आंकड़े प्रस्तुत किए। उन्होंने बताया कि यह बैंक और जिले के लिए बड़ी उपलब्धि है कि बैंक की कार्यशील पूंजी ने पहली बार 1000 करोड़ रुपये का ऐतिहासिक आंकड़ा पार कर लिया है और यह 1004.36 करोड़ रुपये तक पहुंच गई है। किसानों और जमाकर्ताओं के बढ़ते विश्वास के चलते बैंक की अंशपूंजी 27.95 करोड़ रुपये से भारी उछाल के साथ 41.48 करोड़ रुपये हो गई है। लाभप्रदता के मोर्चे पर भी बैंक ने उल्लेखनीय प्रदर्शन किया है; बैंक का शुद्ध लाभ पिछले वर्ष के 1.02 करोड़ रुपये से सीधे दोगुना होकर 2.07 करोड़ रुपये हो गया है। इसके अलावा, 75.03% के सुधरे हुए रिकवरी रेट और मात्र 0.84% के नेट एनपीए (NPA) के सुरक्षित स्तर के साथ बैंक ने अपना ‘A’ श्रेणी का ऑडिट वर्गीकरण बरकरार रखा है। वर्तमान में बैंक की 22 में से 20 शाखाएं मुनाफे में संचालित हो रही हैं।
किसानों को संबोधित करते हुए मुख्य अतिथि ने खेती में आधुनिक तकनीक, विशेषकर आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) की बढ़ती उपयोगिता पर विशेष जोर दिया। उन्होंने कहा कि आज के समय में कृषि को केवल पारंपरिक तरीकों तक सीमित नहीं रखा जा सकता। AI तकनीक के माध्यम से मौसम का सटीक पूर्वानुमान, मिट्टी की गुणवत्ता का वैज्ञानिक विश्लेषण, सही समय पर बुवाई और फसल में लगने वाले रोगों की पहले से पहचान करना अब संभव हो गया है। उन्होंने अन्नदाताओं से अपील की कि वे उपज बढ़ाने, लागत कम करने और अपनी आय दोगुनी करने के लिए खेती में इन उन्नत AI तकनीकों और स्मार्ट समाधानों को तेजी से अपनाएं।
उत्तर प्रदेश सहकारिता विभाग की अभिनव पहलों का जिक्र करते हुए राज्यमंत्री ने बताया कि राज्य में समितियों को बहुउद्देशीय (B-PACS) बनाकर उन्हें ‘कॉमन सर्विस सेंटर’ (CSC) के रूप में विकसित किया जा रहा है। अब तक पूरे प्रदेश में 3000 से अधिक बी-पैक्स का कंप्यूटरीकरण किया जा चुका है ताकि किसानों को गांव में ही बैंकिंग और सरकारी सुविधाएं मिल सकें। इसके साथ ही, खाद वितरण में पारदर्शिता लाने और चोरी रोकने के लिए सरकार ने बेहद सख्त नियम लागू किए हैं, जिसके तहत वितरण में खाद की फटी बोरी मिलने पर सीधे ट्रांसपोर्ट फर्म का लाइसेंस रद्द करने का प्रावधान किया गया है।
अपने संबोधन के अंत में श्री प्रसाद ने ऋण की समय पर वापसी को एक ‘संस्कार’ बताते हुए कहा कि इससे बैंक की ऋण देने की क्षमता (Lending Capacity) और बढ़ती है, जिसका सीधा लाभ नए किसानों को मिलता है। उन्होंने बैठक में उपस्थित सभी संचालक मंडल के सदस्यों, पैक्स प्रतिनिधियों, अधिकारियों और किसानों से आह्वान किया कि वे सब मिलकर संकल्प लें कि जिला सहकारी बैंक शाहजहांपुर को पूरे देश में सहकारिता का एक बेहतरीन मॉडल बनाकर उभारेंगे।

कार्यक्रम में विशिष्ट अतिथि के रूप में राज्यसभा सांसद मिथलेश कुमार ने कहा कि यह प्रगति शाहजहांपुर के किसानों के सशक्तिकरण का प्रमाण है। लोकसभा सांसद अरुण कुमार सागर ने कहा कि ‘बी-पैक्स’ के कंप्यूटरीकरण से किसानों को बिचौलियों से मुक्ति मिली है।

जिला सहकारी बैंक के सभापति श्री डी.पी.एस. राठौर ने सभी अतिथियों का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि संचालक मंडल और बैंक के अधिकारी किसानों की सेवा के लिए सदैव तत्पर हैं।
गुरगवाँ पैक्स सभापति आयुष सिंह एवं नियामतपुर पैक्स सभापति तनु यादव ने मुख्य अतिथि को स्मृति चिह्न देकर स्वागत किया ।
आकाशवाणी लखनऊ में कार्यरत बिंदु जैन के संचालन में हुए कार्यक्रम में कटरा विधायक वीर विक्रम सिंह ‘प्रिंस’, तिलहर विधायक सलोना कुशवाहा, ददरौल विधायक अरविंद सिंह, जिला पंचायत अध्यक्ष ममता यादव, महापौर अर्चना वर्मा, जिलाधिकारी धर्मेंद्र प्रताप सिंह, पुलिस अधीक्षक राजेश द्विवेदी, भाजपा जिलाध्यक्ष केसी मिश्रा, भाजपा महानगर अध्यक्ष शिल्पी गुप्ता, पैक्सफ़ेड उपाध्यक्ष आलोक कुमार सिंह, जिला सहकारी संघ अध्यक्ष रमाकांत मिश्रा, केंद्रीय उपभोक्ता भंडार अध्यक्ष मुकेश राठौर, पूर्व उपाध्यक्ष कैंट बोर्ड अवधेश दीक्षित,विनीत मिश्रा, पूर्व अध्यक्ष डीसीबी भूपेन्द्र सिंह भन्नू, सिंधौली ब्लॉक प्रमुख मुनेश्वर सिंह, ब्लॉक प्रमुख कांट श्रीदत्त शुक्ला, खुटार ब्लॉक प्रमुख नामित दीक्षित, मिर्जापुर ब्लॉक प्रमुख प्रियांशु रघुवंशी, ज़लालाबाद ब्लॉक प्रमुख लता सिंह, एआर कोआपरेटिव अखिलेश प्रताप सिंह , मुख्य कार्यपालक अधिकारी डीसीबी सौरभ द्विवेदी आदि उपस्थित रहे ।

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