महिलाओं की भागीदारी उनका अधिकार, विरोध करने वालों को चुनाव में मिलेगा जवाब
मथुरा, 26 अप्रैल 2026। प्रभारी मंत्री एवं राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) बेसिक शिक्षा विभाग संदीप सिंह ने वृंदावन स्थित गीता शोध संस्थान (यमुना एक्सप्रेस-वे औद्योगिक विकास प्राधिकरण के क्षेत्रीय कार्यालय) में नारी शक्ति वंदन अधिनियम-2023 और महिला जन-आक्रोश के संबंध में प्रेस वार्ता की।
उन्होंने कहा कि 16 और 17 अप्रैल 2026 को संसद में महत्वपूर्ण विधेयकों का विरोध कर विपक्षी दलों ने देश की आधी आबादी के साथ विश्वासघात किया है और अपनी महिला-विरोधी मानसिकता को उजागर किया है। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के वक्तव्य का उल्लेख करते हुए कहा कि नीति-निर्माण में महिलाओं की भागीदारी उनका स्वाभाविक अधिकार है, कोई उपकार नहीं।
मंत्री संदीप सिंह ने कहा कि जो दल इस ऐतिहासिक अवसर में बाधा बने हैं, उन्हें आने वाले चुनावों में महिलाओं के आक्रोश का सामना करना पड़ेगा। उन्होंने केंद्रीय गृहमंत्री श्री अमित शाह के बयान का हवाला देते हुए कहा कि परिसीमन से किसी भी राज्य को नुकसान नहीं होगा, बल्कि संतुलित प्रतिनिधित्व सुनिश्चित होगा।
उन्होंने आरोप लगाया कि विपक्षी दल कोटा के भीतर धर्म आधारित आरक्षण की मांग उठाकर प्रक्रिया को टालने की कोशिश कर रहे हैं, जो तुष्टिकरण की राजनीति का हिस्सा है। उन्होंने कहा कि केंद्र एवं प्रदेश सरकार महिला सशक्तिकरण और लोकतंत्र को मजबूत करने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है।
प्रेस वार्ता में राज्यसभा सांसद तेजवीर सिंह, जिला पंचायत अध्यक्ष किशन चौधरी, विधायक गोवर्धन मेघश्याम सिंह, एमएलसी ठाकुर ओम प्रकाश सिंह और महानगर अध्यक्ष हरिशंकर राजू यादव सहित कई जनप्रतिनिधि मौजूद रहे।
