मथुरा, 24 अप्रैल 2026। नमामि गंगे योजना के अंतर्गत मथुरा जनपद में निर्माणाधीन सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट (एसटीपी) परियोजनाओं का शुक्रवार को मण्डल आयुक्त नगेन्द्र प्रताप ने निरीक्षण किया। इस दौरान संयुक्त विकास आयुक्त उमेशमणि त्रिपाठी, जिलाधिकारी सी. पी. सिंह, जलनिगम ग्रामीण के परियोजना प्रबंधक रविन्द्र प्रताप सिंह एवं उपजिलाधिकारी वैभव गुप्ता सहित अन्य अधिकारी मौजूद रहे।
सबसे पहले आयुक्त ने वृन्दावन स्थित एसटीपी का निरीक्षण किया। अधिकारियों ने बताया कि यह 13 एमएलडी क्षमता का प्लांट है, जिसमें नगर के 13 में से 11 नालों को पहले ही टैप किया जा चुका है। शेष दो नालों—चैतन्य बिहार (सुनरख) एवं कालीदह क्षेत्र—के लिए एसटीपी का निर्माण पूर्ण हो चुका है और वर्तमान में तीन माह का ट्रायल चल रहा है। इस परियोजना का संचालन एवं अनुरक्षण आगामी 15 वर्षों तक कार्यदायी संस्था द्वारा किया जाएगा।
निरीक्षण के दौरान आयुक्त ने निर्माण गुणवत्ता पर विशेष ध्यान देते हुए पिलर व प्लिंथ में पाई गई खामियों (हनीकॉम्बिंग) को सुधारने, भवन की फिनिशिंग व रंगाई कार्य पूरा करने तथा फर्श व सीढ़ियों पर लगी इंटरलॉकिंग टाइल्स में गैप को ठीक कराने के निर्देश दिए।
इसके बाद छाता स्थित एसटीपी का निरीक्षण किया गया। यहां 14 नालों को टैप कर 6 एमएलडी क्षमता का प्लांट प्रस्तावित है, जिसकी वर्तमान प्रगति लगभग 13 प्रतिशत है। आयुक्त ने निर्देश दिए कि परियोजना सुनसान क्षेत्र में होने के कारण एक अभियंता की स्थायी तैनाती की जाए तथा उपजिलाधिकारी छाता साप्ताहिक निरीक्षण सुनिश्चित करें। साथ ही यमुना नदी की बाढ़ से सुरक्षा हेतु रिटेनिंग वॉल का निर्माण कर दिसंबर 2026 तक कार्य पूर्ण करने के निर्देश दिए।
अंत में कोसी कलां स्थित 12 एमएलडी क्षमता के एसटीपी का निरीक्षण किया गया, जिसकी भौतिक प्रगति लगभग 42.65 प्रतिशत बताई गई। आयुक्त ने निर्देश दिए कि वर्षा ऋतु से पूर्व सभी भूमिगत कार्य पूर्ण कर लिए जाएं तथा जुलाई 2026 तक परियोजना को पूरा कर ट्रायल शुरू किया जाए।
आयुक्त ने यह भी निर्देशित किया कि सभी एसटीपी से प्राप्त शोधित जल का उपयोग वनों की सिंचाई, कुंड/तालाबों को भरने और अन्य उपयोगों में सुनिश्चित करने हेतु विस्तृत कार्ययोजना तैयार की जाए।

